
Love jija ji and sali ji
मेरा नाम खुशी है और मैं 19 साल की हूं मेरी दीदी की शादी 3 साल पहले गुजरात में हुई थी मैं दिखने में अपनी बहन से कुछ ज्यादा ही सुंदर हूं एक दिन की बात है दीदी का कॉल मम्मी के पास आया मैं प्रेग्नेंट हूं अब मुझसे काम नहीं हो पा रहा है और यह भी परेशान हो रहे हैं मम्मी आप खुशी को गुजरात भेज दो मम्मी मान गई और उन्होंने मुझे ट्रेन से
गुजरात के लिए रवाना कर दिया गुजरात स्टेशन पर जीजा जी मुझे लेने आ गए मेरे जीजा जी बहुत ही हैंडसम है जो भी लड़की एक बार उन्हें देख ले तो नजर नहीं हटा पाती जीजा जी मुझे घर ले गए उस दिन हम तीनों ने खूब बातें की मैंने दीदी के घर का सारा काम संभाल लिया इससे दीदी और जीजा जी बहुत खुश थे उस दिन बात करते-करते बहुत रात हो गई थी दीदी का सिर्फ एक कमरे का फ्लैट था तो जीजा
जी बोले तुम दोनों बहने रूम में सो जाओ मैं बाहर सोफे पर सो जाऊंगा सुबह दीदी जल्दी उठकर नीचे टहलने चली गई और मैं अकेले सो रही थी इतने में जीजा जी अंदर आए और बिना कुछ बोले ब्लैंकेट में घुस गए वे नींद में ही बोल रहे थे सोनम सर्दी ज्यादा है जीजा जी ने दीदी समझकर मुझे बाहों में भर लिया और अपना एक पैर मेरे ऊपर रखकर सो गए थोड़ी देर में उनकी बाहों में दबी बेड पर लेटी रही सच बताऊं
तो उस दिन पहली बार मैंने किसी मर्द को टच किया था क्या बता यार वह एहसास कुछ अलग था फिर मुझे जीजा जी का ख्याल आया तो मैं हल्के से नीचे को खिसक कर बेड से उतर गई और बाहर सोफे पर आकर लेट गई कुछ देर बाद दीदी आ गई और मुझे जगाने लगी उन्होंने जीजा जी को चाय बना कर दी और जीजा जी फ्रेश होकर कुछ देर बाद ऑफिस के लिए निकल गए उनके जाने के बाद दीदी और मैं मिलकर घर का काम करने लगे कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा जीजा जी
रोज कमरे में आते और मुझ से लिपट कर सो जाते मैं भी जीजा जी के स्पर्श का सुख लेकर उनसे अलग हो जाती थी फिर एक दिन जीजा जी मुझे बाहर घुमाने ले गए बाइक चलाते समय जीजा जी जैसे ही ब्रेक मारते मेरे उनकी पीठ से टच हो जाते पहले पहल तो मुझे थोड़ा अजीब सा लगा पर बाद में मुझे भी मजा आने लगा दो घंटा बाद हम दोनों वापस आ गए अब दीदी का नौवा महीना चल रहा था वे अपने हाथ से नहा नहीं पा रही थी तो एक दिन मैं उन्हें ला रही थी उनको
नहला करर मैं बस बाहर आ रही थी कि मेरा अचानक से पैर स्लीप हो गया दीदी ने जीजा जी को आवाज दी और बोली जरा जल्दी आकर देखो खुशी गिर गई है जीजा जी भाग कर आए और उन्होंने मुझे उठा लिया वे अपनी गोद में ही मुझे अपने कमरे में ले गए दीदी जब तक बाथरूम में ही थी मेरी कमर में बहुत जोर से चोट लगी थी जीजा जी बोले मैं सोनम को भेजता हूं वह तुम्हें दर्द की क्रीम लगा देगी दीदी अभी भी
बाथरूम में ही थी मैं मैंने जीजा जी से कहा जीजा जी दर्द बहुत है आप ही थोड़ी सी क्रीम लगा दीजिए जीजा जी ने मेरी कमर पर क्रीम लगाना शुरू किया उस समय जो भी मेरी हालत देख लेता तो उसका वही पानी निकल जाता जीजा जी ने भी शायद अपना संयम तोड़ दिया था वह मुझे खा जाने वाली नजरों से घड़ रहे थे मैं समझ गई कि जीजा जी का भी मन है मैंने कहा जीजा जी यह दर्द तो ठीक हो जाएगा पर एक बहुत पुराना दर्द है उसे आप ही ठीक कर सकते हो प्लीज उसे भी दूर कर दो तो मानो कि आप कुछ है जीजा जी हंस कर
बोले बताओ कहां दर्द है अभी ठीक कर देता हूं मैंने अपना हाथ नीचे ले जाते हुए कहा यहां मेरा इतना कहते ही जीजा जी ने एक स्माइल पास की और मुझे चूमने लगे मैंने भी उन्हें नहीं रोका इससे पहले कि हम कुछ और करते इतने में दीदी के कमरे में आने की आवाज आई मैंने अपने कपड़े ठीक कर लिए और जीजा जी भी चले गए बस फिर क्या था हम दोनों मौके की तलाश में थे दूसरे ही दिन हमें मौका मिल गया दीदी को पड़ोस के घर जाना था तो मैं उनको उधर छोड़कर आई
उस दिन संडे था तो जीजा जी भी घर पर ही थे दीदी ने कहा जब मुझे आना होगा मैं तुझे फोन करके बुला लूंगी मैं दीदी को उधर छोड़कर वापस आ गई सबसे पहले तो मैंने दरवाजा अच्छे से लॉक किया फिर जीजा जी को आवाज दी अरे मेरे प्यारे जीजा जी आइए अब आप अपनी साली को भी जरा टाइम दे दीजिए जीजा जी बोले सोनम कहां है मैं बोली मैंने उनको पड़ोसी के घर में छोड़ दिया है अब अपने पास शाम
तक का समय है बस फिर क्या था जीजा जी मुझे अपने कमरे में ले गए और उसके बाद हम दोनों जन्नत का मजा लेने लगे उसके बाद जब तक मैं दीदी के घर रही तब तक जीजा जी से अपनी सेवा करवाती रही दोस्तों उम्मीद है आप लोगों को हमारी यह प्यारी सी काल्पनिक कहानी पसंद आई होगी तो Comment जरुर कीजिएगा धन्यवाद
