
रवि की दो पत्नियां थी मीना और रेखा मीना खूबसूरत थी उसका रूप गांव में चर्चा का विषय था वहीं रेखा साधारण दिखने वाली मगर बेहद समझदार और सहनशील थी रवि का झुकाव हमेशा मीना की तरफ रहता क्योंकि उसकी खूबसूरती उसे मोह लेती थी मीना को अपनी सुंदरता पर घमंड था वह रवि का प्यार पाने के लिए झूठी बातें करती और उसे रेखा से दूर
रहने को कहती रेखा ने कभी शिकायत नहीं की वह चुपचाप घर और रवि का ख्याल रखती एक दिन रवि बीमार पड़ गया मीना ने बहाना बनाकर रवि की सेवा करने से मना कर दिया जबकि रेखा दिन रात उसके पास बैठकर उसकी देखभाल करती रही धीरे-धीरे रवि ठीक हो गया उसने महसूस किया कि
मीना की सुंदरता केवल बाहरी थी जबकि रेखा का प्यार और दया उसकी असली ताकत थी रवि ने मीना से कहा तुम्हारी खूबसूरती केवल आंखों को भाती है लेकिन रेखा का प्यार मेरे दिल को सुकून देता है निष्कर्ष सच्ची सुंदरता शरीर में नहीं मन के भीतर होती है ऐसे ही और भी Story पढ़ने के लिए
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