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बिहार में नल-जल योजना पर बड़ा एक्शन! मुखिया और वार्ड सदस्य फंसेंगे, जांच तेज

बिहार में नल-जल योजना में गड़बड़ी पर कार्रवाई शुरू। मुखिया और वार्ड सदस्य पर एक्शन, जांच, शिकायत प्रक्रिया और नियमों की पूरी जानकारी हिंदी में।

📰 बिहार में नल-जल योजना पर क्यों हो रहा एक्शन?

बिहार सरकार की हर घर नल का जल योजना ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए शुरू की गई थी। लेकिन कई जिलों से शिकायतें सामने आई हैं कि:

इसी को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

⚠️ किन पर हो सकती है कार्रवाई?

जांच में दोषी पाए जाने पर निम्न लोगों पर एक्शन संभव है:

✅ ग्राम पंचायत के मुखियावार्ड सदस्य ✅ योजना से जुड़े ठेकेदार / एजेंसी ✅ संबंधित पदाधिकारी

👉 नियमों के अनुसार रिकवरी, एफआईआर और पद से हटाने तक की कार्रवाई हो सकती है।

🔍 किस तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं?

जांच में आमतौर पर ये शिकायतें मिल रही हैं:

🏛️ सरकार और विभाग का रुख

सूत्रों के अनुसार:

सरकार का साफ कहना है कि जनता के पैसे से समझौता नहीं होगा

📢 आम जनता कैसे कर सकती है शिकायत?

अगर आपके गांव में नल-जल योजना सही से काम नहीं कर रही है, तो आप:

➡️ प्रखंड कार्यालय में लिखित शिकायत ➡️ जिला प्रशासन / पीएचईडी विभाग ➡️ जन सुनवाई कार्यक्रम ➡️ राज्य सरकार के हेल्पलाइन नंबर

पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या सभी मुखिया और वार्ड पर कार्रवाई होगी?

👉 नहीं, केवल जांच में दोषी पाए जाने पर

Q2. क्या पैसा वापस लिया जा सकता है?

👉 हां, गलत भुगतान की रिकवरी का प्रावधान है।

Q3. क्या योजना बंद हो जाएगी?

👉 नहीं, योजना जारी रहेगी लेकिन सुधार के साथ

निष्कर्ष

बिहार में नल-जल योजना पर सख्ती होना आम जनता के हित में है। अगर योजना में पारदर्शिता आई तो गांव-गांव तक शुद्ध पानी पहुंचना संभव होगा। दोषियों पर कार्रवाई से सिस्टम में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

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