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एक महिला पुलिस ने कैदी का आखिरी ख्वाहिश कैसे पूरा किया || This is Real Story a Prisoner Love

एक पुलिस महिला होती है जिसका नाम संतोषी होती है। उसे पुलिस का जॉब करते एक साल भी नहीं हुआ होता है। वह अपने थाने का एक बड़े पुलिस अधिकारी होती है। वह बड़े निडर और साहसी पुलिस महिला होती है। उनके क्षेत्र में जितने भी गलत काम करते थे, उन लोगों को ढूंढकर थाने में डाल देती थी। एक दिन पुलिस महिला को सूचना मिलती है कि एक गांव में किसी ने अपने मां को ही जैसा ही पुलिस महिला को सूचना मिलती है, वह तुरंत

उस स्थान में पहुंच जाती है। वहां पर देखती है तो एक मां जमीन में लेटी हुई है और उसके सामने एक लड़का जिसका उम्र करीब 21 साल था, वह खड़ा होकर अपने मां की तरफ देख रहा था और उनके हाथों में एक बड़ी सी लाठी था। पुलिस महिला उस लड़के से कहता है, अपने हाथ से लाठी को फेंक दो और हमारे साथ थाना चलो। वह लड़का अपने हाथ से लाठी फेंक देता है और पुलिस महिला उसे गिरफ्तार करके थाना ले जाती है। पुलिस महिला को 24 घंटे के अंदर में वकालत में पहुंचना था। पुलिस महिला उस लड़के को कुछ घंटे के लिए थाने में रखती है। पुलिस महिला उस लड़के

से उस समय कुछ नहीं कहती है। कुछ घंटा बीतने के बाद उस लड़के को वकालत में दाखिला किया जाता है। वहां पर लड़के का नाम पूछते हैं। लड़का अपना नाम अमित बताता है। अमित से अपनी गलती के बारे में पूछने लगते हैं। मगर अमित कुछ भी जवाब नहीं दे रहा होता है। तभी उन्हें फांसी की सजा सुना देते हैं। इस बात को सुनकर अमित घबराते नहीं है। अमित के पास कुछ महीने का समय होता है। पुलिस महिला अमित को लेकर के थाना चली जाती है। उसे एक रूम में बंद कर देते हैं। एक दिन एक महिला थाना आती है और पुलिस महिला से कहती है किसी ने हमारे घर

में आकर के सब कुछ चोरी कर लिया। पुलिस महिला औरत की बात को सुनकर के अपने पुलिस दोस्तों से कहती है, जाओ और इसके घर में कोई सबूत इकट्ठा करो। जब सबूत मिल जाए तो मुझे कॉल करके बता देना। कुछ देर में ही उस औरत के साथ चले जाते हैं। थाने में केवल पुलिस महिला और वह कैदी केवल थे। पुलिस महिला टहलते हुए उस लड़के के पास चली जाती है। लड़के से पूछता है, तुम्हें इस बात से दुख नहीं हो रहा कि तुम्हें फांसी की सजा सुनाई गई है। पुलिस महिला फिर से कहती है, तुम बोलते क्यों नहीं हो? तुमने अपना कबूल भी ठीक से नहीं बताया।

लेकिन यह गलती तो तुम्हारा ही है। इस तरह की गलती से कोई भी तुम्हें बचा नहीं सकता। वह लड़का पुलिस महिला की बात को सुनकर मुस्कुराने लगता है। तभी महिला डांटते हुए कहती है, तुम्हें हंसी आ रहा है। तुम्हें इतना भी दुख नहीं हो रहा कि तुम्हारे मां तुम्हारे चलते इस दुनिया में नहीं है। दोस्तों, जब पुलिस महिला उसे लड़के से बात कर रही थी, उसी समय कॉल आ जाता है। पुलिस महिला कुछ ही देर में उस औरत के घर पहुंच जाती है। वहां पहुंचने के बाद पता चलता है कि औरत के बेटे ही अलमारी से पैसा निकाल कर ले लिया था। इस मामला को वहीं पर सॉल्व

करके आ जाते हैं। पुलिस महिला को ऊपर से ऑर्डर आती है। यदि उस लड़के का कोई अंतिम इच्छा है तो उस लड़के से पूछकर बता दो। पुलिस महिला उस लड़के के लिए चाय लेकर जाती है। लड़के को चाय देते हुए कहती है तुम्हारे पास केवल 2 महीने बाकी है। यदि तुम्हारा कोई आखिरी ख्वाहिश है तो बता दो ताकि हम तुम्हारा ख्वाहिश पूरा कर सकें। वह लड़का बड़े आत्मविश्वास के साथ कहने लगता है, मेरा आखिरी ख्वाहिश यही है कि मैं एक कुंवारी लड़की के साथ हर रात बिताना चाहता हूं। ऐसी बात को सुनकर पुलिस महिला गुस्सा हो जाती है। मगर धीरज रखते

हुए कहने लगती है, तुम्हारा ख्वाहिश बहुत ही बड़ा है और यह सही नहीं है। फिर से वह लड़का कहता है, मेरा यही आखिरी ख्वाहिश है। महिला पुलिस फिर से कहती है, ऐसा करना गलत होगा। अगर तुम्हारा कोई और ख्वाहिश है तो बताओ। दोस्तों, फिर भी से वह लड़का वही बात करते रहता है। पुलिस महिला कहती है, कोई भी लड़की करना नहीं चाहेगी। तभी वह लड़का हंसते हुए कहने लगता है, आप भी तो एक लड़की ही हैं। देखकर पता चलता है कि आपका शादी भी नहीं हुआ होगा। आप मेरा आखिरी ख्वाहिश पूरा क्यों नहीं कर देते? जब ऐसी बात को पुलिस महिला सुनती है

तो एकदम से घबरा जाती है। पुलिस महिला नहीं चाहती थी कि किसी दूसरी लड़की को इस काम में लाए। पुलिस महिला लड़के को रात में मिलेंगे बोल करके वहां से चली जाती है। जैसा ही रात होता है महिला पुलिस का ड्रेस को बदलकर लड़के के पास पहुंच जाती है। पुलिस महिला लड़के के पास साड़ी पहनकर गई होती है। लड़का देखकर खुश हो जाता है। कुछ ही देर के उराते हुए कहता है, जब आपने मेरा आखिरी ख्वाहिश के लिए पूछा, आप मुझे अच्छे लगने लगे क्योंकि आपके जैसा पुलिस अधिकारी नहीं देखा था। जैसे मैंने कहा वैसा ही आपने किया। तभी पुलिस महिला कहती

हैं, मैंने इसलिए ऐसा किया क्योंकि हर किसी का आखिरी ख्वाहिश पूरा किया जाता है। तभी लड़का कहता है, यदि मेरे जैसे ही हर कैदी अपना आखिरी ख्वाहिश मांगे तो क्या आप पूरा कर देंगे? महिला इस बात को सुनकर थोड़ा सोचने में पड़ जाती है। तभी महिला लड़के के गलती के बारे में पूछने लगती है। तुम्हारे मां के साथ क्या हुआ? क्या वह सब तुमने ही किया? तभी लड़का कहता है, भला मैं अपने मां के साथ ही ऐसा कैसे कर सकता हूं? मैंने तो अपने मां को बचाने के लिए एक लाठी उठाया था, लेकिन उतना तक में देर हो चुका था। तभी वह पुलिस महिला डिटेल के

साथ में लड़के से पूछने लगती है। लड़के के बात को सुनकर पुलिस महिला उस लड़के की मदद करती है। वह फिर से अमित को वकालत लेकर जाती है। वहां पर अमित जो कुछ भी हुआ था, उसके बारे में सब कुछ बता देता है। अमित से कहते हैं, तुम उस दिन क्यों नहीं बताया? अमित कहता है मैं उस दिन घबराया हुआ था। अमित को फांसी होने वाला था। मगर सही समय में पुलिस महिला अमित की मदद करती है। कुछ महीने के बाद उस मुजरिम को पकड़ कर वहीं सजा दिया जाता है। पुलिस महिला और अमित कुछ दिनों में ही शादी कर लेते हैं। जबकि पुलिस महिला अमित से 3 साल बड़ी थी।

फिर भी से अमित से शादी कर लेता है। मेरे प्यारे दोस्तों, यह घटना यहीं पर समाप्त होती है। यदि आपको हमारे स्टोरी पसंद आया हो तो like comment में बताए .

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