
भारतीय परिवारों में ननद-भौजाई का रिश्ता बहुत खास माना जाता है। कभी यह रिश्ता दोस्ती जैसा होता है, तो कभी तनाव और झगड़े का कारण बन जाता है। अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि 👉 ननद और भौजाई के बीच झगड़ा आखिर बार-बार क्यों होता है? 👉 दोनों आपस में आसानी से क्यों नहीं पटतीं?
इस लेख में हम इसके असली कारण, समाजिक सोच और समाधान को सरल भाषा में समझेंगे।
🟢 ननद-भौजाई में झगड़ा होने के मुख्य कारण
🔸 1. घर पर अधिकार की भावना
शादी से पहले घर पर ननद का एक अलग अधिकार और अपनापन होता है। शादी के बाद भौजाई के आने से कई बार ननद को लगता है कि “घर में उसकी अहमियत कम हो गई है।”
🔸 2. पति पर अधिकार को लेकर टकराव
कई बार ननद को लगता है कि ✔️ भाई अब पहले जैसा नहीं रहा ✔️ भौजाई भाई को अपने अनुसार चला रही है
वहीं भौजाई को लगता है कि ✔️ ननद ज़रूरत से ज्यादा दखल दे रही है
यहीं से मतभेद शुरू होते हैं।
🔸 3. सोच और परवरिश का अंतर
ननद और भौजाई अक्सर ✔️ अलग माहौल ✔️ अलग सोच ✔️ अलग संस्कार
से आती हैं। यही फर्क छोटी-छोटी बातों को बड़े झगड़े में बदल देता है।
🔸 4. तुलना और शिकायतें
घर में अक्सर “भौजाई ऐसे करती है” “ननद ऐसी है” जैसी बातें सुनने को मिलती हैं। यह तुलना रिश्ते में ज़हर घोल देती है।
🔸 5. समाज और कहानियों का असर
फिल्मों, सीरियल और समाज में ननद-भौजाई के रिश्ते को अक्सर नकारात्मक दिखाया जाता है। इससे पहले से ही मन में गलत धारणा बन जाती है।
🟢 ननद-भौजाई क्यों नहीं पट पातीं?
असल में दोनों बुरी नहीं होतीं, बल्कि👇
✔️ संवाद की कमी ✔️ गलतफहमी ✔️ अहंकार ✔️ दूसरों की बातों में आना
रिश्ते को खराब कर देता है।
🟢 ननद-भौजाई का रिश्ता कैसे सुधारा जा सकता है?
✅ 1. खुलकर बात करें
मन में बात दबाने के बजाय शांति से एक-दूसरे से बात करें।
✅ 2. एक-दूसरे की जगह खुद को रखें
अगर दोनों “मैं उसकी जगह होती तो क्या महसूस करती?” यह सोच लें, तो आधी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।
✅ 3. पति / भाई की संतुलित भूमिका
घर के पुरुष को चाहिए कि ✔️ किसी एक का पक्ष न ले ✔️ दोनों को सम्मान दे ✔️ गलतफहमी दूर करे
✅ 4. दूसरों की बातों से दूरी रखें
हर बात पर रिश्तेदारों या पड़ोसियों की बातों में न आएं।
✅ 5. छोटी बातों को नजरअंदाज करना सीखें
हर बात पर प्रतिक्रिया देना रिश्ते को कमजोर करता है।
🟢 क्या ननद-भौजाई का रिश्ता अच्छा हो सकता है?
बिल्कुल हो सकता है। अगर ननद और भौजाई👇
✔️ एक-दूसरे को समझें ✔️ सम्मान दें ✔️ दोस्ती का रिश्ता बनाएं
तो यह रिश्ता बहन जैसी दोस्ती में बदल सकता है।
🟢 निष्कर्ष
ननद-भौजाई में झगड़ा कोई मजबूरी नहीं है, बल्कि यह सोच और व्यवहार का परिणाम है। अगर अहंकार छोड़कर प्यार, समझ और संवाद अपनाया जाए, तो यह रिश्ता भी खूबसूरत और मजबूत बन सकता है।