
नमस्कार दोस्तों! आज हम बात करेंगे एक अहम और विवादित मुद्दे पर — कि क्या बंगाल में Babri Masjid जैसा मस्जिद प्रोजेक्ट बन रहा है, और कोर्ट-ने इस पर क्या फैसला दिया है।
📰 घटना का संक्षिप्त परिचय
- हाल में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में, suspended (निलंबित) विधायक Humayun Kabir ने घोषणा की थी कि वे “Babri Masjid जैसा मस्जिद निर्माण” करेंगे — और इसके लिए नींव रखने (foundation stone laying) की बात कही। (The Indian Express)
- इसके बाद, कई लोगों — विशेष रूप से नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं — ने चिंता जताई कि इस तरह का कदम “कानून-व्यवस्था” और “सामुदायिक सौहार्द” के लिए खतरा हो सकता है। उन्होंने विरोध स्वरूप Public Interest Litigation (PIL) दायर की, जिसमें आग्रह किया गया कि इस निर्माण को रोका जाए। (The Indian Express)
कोर्ट (Calcutta High Court) ने क्या फैसला दिया
- 05 दिसंबर 2025 को, Calcutta High Court ने उस PIL पर सुनवाई की। कोर्ट ने निर्माण को रोकने या stay order देने से इंकार कर दिया। (The New Indian Express)
- यानी, कोर्ट ने कहा कि फिलहाल अदालत इस मस्जिद-निर्माण या नींव रखने के प्रस्ताव में हस्तक्षेप नहीं करेगी। (Lokmat Times)
- लेकिन, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य सरकार और पुलिस सावधानी रखें — यदि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज़रूरत हो, तो कदम उठाएं। पुलिस-प्रशासन को पूरी स्वतंत्रता दी गई है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी तरह की अशांति, दंगा या सांप्रदायिक दिक्कत न हो। (The New Indian Express)
🤳 इस वीडियो को देखें और समझे।
राजनीतिक व सामाजिक परिप्रेक्ष्य
- जिस विधायक ने यह प्रस्ताव रखा, वह अब अपने ही पक्ष (Trinamool Congress) से निलंबित हैं — पार्टी ने कहा था कि उनकी इस घोषणा से “साम्प्रदायिक राजनीति” हो रही है। (India Today)
- यानि, राजनीतिक स्तर पर इस मस्जिद-निर्माण पर असहमति है।
- इसके साथ ही, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है — क्योंकि इस तरह के विवादित फैसले से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। (The New Indian Express)
अभी क्या स्थिति है, क्या मस्जिद बन रही है?
- फिलहाल, कोर्ट ने निर्माण को रोकने से इंकार किया है — इसलिए क़ानूनी तौर पर मस्जिद/नींव-कार्य पर अवरुद्ध नहीं है। (The Indian Express)
- लेकिन “निर्माण = यकीनन बनना” ऐसा नहीं है — क्योंकि निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुमति, भूमि मालिक की सहमति, और अन्य तकनीकी/कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करनी पड़ेंगी।
- राजनीतिक विवाद और सामाजिक प्रतिक्रिया को देखते हुए, आगे क्या होगा — ये अभी साफ नहीं है।
आपका क्या विचार होना चाहिए
तो दोस्तों — इस समय अदालत ने सिर्फ यह कहा है कि “हम रोक नहीं रहे, पुलिस-सरकार देखे कि कानून-व्यवस्था बनी रहे।” लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मस्जिद ज़रूर बनेगी। अगर आप ये जानकारी पढ़ रहे हैं, तो दर्शकों से कहना कि तथ्यों पर ही चर्चा करें, अफवाहों पर नहीं, और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करें।
