
दोस्तों, राष्ट्रपति पुतिन ने भारत का खाना नहीं खाया। वह अपना राशन पानी का इंतजाम खुद लेकर आए थे। उनके साथ उनकी फूड टेस्टिंग लैब चलती है, जिसमें रूस के शेफ खाना बनाते हैं। पुतिन भारत दौरे पर हैं, लेकिन इस दौरे से अलग उनकी कहानियां काफी फेमस हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन के लिए स्पेशल
प्राइवेट डिनर ऑर्गेनाइज किया था। लेकिन इस डिनर में भी पुतिन ने अपनी लैब में बना खाना ही खाया है और इसकी वजह काफी दिलचस्प है। पुतिन की सिक्योरिटी में लगातार इजाफा होता रहा है। 2010 में यह नियम बनाया गया कि पुतिन विदेश में किसी भी बैंकवेट का खाना नहीं खाएंगे। उनके साथ पूरा मोबाइल फूड लैबोरेटरी जाता है जिसमें शेफ, टेस्टर और साइंटिस्ट भी
होते हैं। हर चीज पानी से लेकर सलाद तक पहले लैब में टेस्ट होती है। उसके बाद परोसी जाती है। उनके आईएल96 प्लेन में एक अलग कंपार्टमेंट में उनका खाना होता है। जैसे रूसी त्वरोग, रूसी आइसक्रीम, रूसी शहद और रूसी बोतलब बंद पानी। पुतिन ने हर बार की तरह इस बार भी भारतीय शेफ के हाथों के खाने से परहेज किया है। दिसंबर 2014 में जब पुतिन भारत आए थे तो मुंबई के ताज होटल के एक पूरे फ्लोर को
रूसी सिक्योरिटी एजेंसी एफएसओ ने कब्जे में ले लिया था। होटल के किचन से सारा भारतीय मसाला हटा दिया गया था। 2018 में भी भारत रूस समिट के दौरान भी रूसी शेफ ने ही हैदराबाद हाउस के किचन में अपना स्टोफ लगाया था। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि राष्ट्रपति भवन में बिरयानी और गलौटी कबाब तैयार हुए थे। लेकिन पुतिन ने सिर्फ अपना रूसी सलाद और थरो खाया था। 2022 में समरकंत की एसइओ समिट
के बाद उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोव ने पुतिन को प्लोज खिलाने की कोशिश की थी। लेकिन पुतिन ने मना कर दिया था। क्रमलन ने भी एक बार कहा था कि राष्ट्रपति के पास खास भोजन और सिक्योरिटी नियम है। विदेश में हम अपने प्रोडक्ट ही इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि पुतिन को बाहर के पानी पर भी कोई भरोसा नहीं है। जब वह किसी देश में पहुंचते हैं तो प्लेन से फटाफट उनकी पानी की बड़े पैमाने पर लदी बोतलें
निकाली जाती हैं। जो सुरक्षा के बीच उस होटल में पहुंचाई जाती है जहां वह रुकते हैं। दिन भर के उनके कार्यक्रमों जैसे कि मीटिंग्स में और बाकी सभी चीजों के दौरान उनकी टीम उनका खास पानी भी साथ रखती है। जहां वह जरूरत महसूस करते हैं, वहां वह पानी पी सकते हैं। वह पानी उन्हीं का होता है। उनकी पब्लिक और इंटरनेशनल मीटिंग्स में लगातार पानी रखा जाता है। वह बहुत कम मात्रा में छोटे-छोटे स्टिप लेते देखे जाते हैं। खाना पकाने में और खाना परोसने में भी उनकी निजी
टीम रूसी राशन और रूसी बॉटल्ड वाटर का ही इस्तेमाल करती है। यानी कि रूस के पानी का ही इस्तेमाल करती है। इस काम में होटल और उस देश के पानी का उपयोग पूरी तरह से वान है। हाइजीन सफाई और रोज के जरूरी कामों के लिए जैसे कि बर्तन ग्लास की सफाई, प्लंबिंग में, टूथब्रश करने, मुंह साफ करने में भी अपना ही पानी इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि अगर उनको हाथ भी धोना है तो अपना पानी इस्तेमाल करते हैं। अगर उनके सुरक्षा टीम ने शावर और टैप के
पानी को क्लियर कर दिया हो तो इस काम में होटल के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। पुतिन चाय कॉफी नहीं पीते अमूमन सूप पीते हैं। उनके साथ उनके किचन सेटअप और फूड टेस्टिंग लैब भी साथ चलती है। कहीं भी पहुंचते ही फटाफट किचन सेट हो जाता है। रूस से लाई हारी की चीजें सेट हो जाती हैं। रूसी बोतल सील्ड बंद पानी रख दिया जाता है। हालांकि एक टीम और साथ चलती है जो इन सारी चीजों की निगरानी करती है और वेस्ट का एक भी तिनका बाहर नहीं निकलने देती
है। उसे नष्ट कर देती है। यानी कि पुतिन ने भारत का ना कुछ खाया और ना ही यहां अपना इस्तेमाल किया कोई सामान छोड़ कर जाएंगे। फिलहाल के लिए मेरे साथ इस खबर में इतना ही। आप देखते रहिए
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