
दोस्तों अगर आपने भी सोशल मीडिया पर वायरल वह 19 मिनट 34 सेकंड वाला वीडियो देखा है या फिर देखने की इच्छा रखते हैं तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। कुछ वक्त से लगातार वायरल हो रही इस वीडियो को लेकर हरियाणा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हरियाणा एनसीबी साइबर सेल के अधिकारी अमित यादव ने एक वीडियो जारी कर लोगों को चेतावनी दी है कि इस वायरल क्लिप को देखना डाउनलोड करना या फिर शेयर करना कानूनन अपराध है। सबसे पहले आप उनका यह मैसेज पढ़िए।
19 मिनट की वीडियो वायरल हो रही है आज के टाइम में Instagram पे, WhatsApp पे और Twitter के ऊपर। तो मैं लोगों की जानकारी के लिए बताना चाहता हूं। पहली तो वो एक एआई जनरेटेड वीडियो है। अगर आप भी यह चेक करना चाहते हैं कि कोई वीडियो फोटो एआई जनरेटेड है
तो एक वेबसाइट है site इंजन.com आप उसके ऊपर जाइए। वहां आप चेक कर सकते हो। दूसरा अगर आप किसी की ऐसी वीडियो को किसी के साथ शेयर करते हैं तो आईटी एक्ट सेक्शन 67, 67 ए और 66 के तहत आपके ऊपर मुकदमा दर्ज हो सकता है जिसमें आपको ₹ लाख तक का जुर्माना या 3 साल तक की सजा हो सकती है। तो यह रील उन दोस्तों के साथ भेज दीजिए जिन्होंने आपको यह वीडियो शेयर की थी।
क्योंकि किसी की प्राइवेसी को ब्रीच करना, किसी की पर्सनल फोटो को ऐसे शेयर करना आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकता है। तो जब तक आप यह वेरीफाई ना कर ले कि न्यूज़ किस सोर्स से आ रही है। या फिर sin.com इंजन.com उसके ऊपर आप जाकर चेक कर सकते हैं कि कोई वेबसाइट एआई कोई भी फोटो एआई जनरेटेड है या नहीं है। दरअसल बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स और
Instagram पर एक वीडियो कथित एमएमएस वायरल हो रहा है। ना जाने इस पर कितने मीम्स बने, और लड़कों ने तो हद ही कर दी थी। हर रील पर कमेंट करके लिंक मांगना शुरू कर दिया। यहां तक कि इसकी वजह से ना जाने कितनी लड़कियों को परेशान किया गया क्योंकि लोगों के हिसाब से उनकी शक्ल उस वीडियो वाली लड़की से मिलती थी। यहां तक कि एक
लड़की के एक्सट्रीम स्टेप उठा लेने की भी बात सामने आई थी। दावा किया जा रहा था कि यह वीडियो एक यंग कपल का है और इसमें कुछ आपत्तिजनक बातें भी सुनाई देती हैं। वीडियो वायरल होते ही कई महिलाओं को गलत तरीके से इसमें पहचाना जाने लगा। कई लड़कियों को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, गालियां और धमकियों का भी सामना करना पड़ा। साइबर सेल अधिकारी अमित यादव ने कहा कि यह पूरा वीडियो
एआई से तैयार किया गया है। यानी कि असलियत में ऐसा कोई वीडियो मौजूद है ही नहीं। आप वीडियो में जिन लोगों को देख रहे हैं वो असल दुनिया में है ही नहीं। यह सब कुछ एi जनरेटेड है। उन्होंने यह भी बताया कि लोग किसी भी वीडियो की सत्यता का पता लगाने के लिए sn.com जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपको पता चल सकता है कि कोई वीडियो
एआई जनरेटेड है या फिर नहीं है। अमित यादव ने साफ कहा कि इस तरह के वीडियो को देखना, डाउनलोड करना, फॉरवर्ड करना, सेव रखना सब कुछ कानूनन अपराध है। ऐसा करने पर आईपीसी 67, आईपीसी 67A, आईपीसी 66, आईटी एक्ट इन धाराओं के तहत केस हो सकता है। इसकी वजह से ₹ लाख तक का जुर्माना और 3 लाख तक की जेल भी हो सकती है। इस वीडियो ने इंटरनेट पर हंगामा मचा दिया था और यह
बहुत चिंताजनक भी था। एआई जनरेटेड फेक वीडियो की वजह से कई निर्दोष महिलाओं को बिना वजह बदनाम किया जा रहा है। इस तरह के डीप फेक कंटेंट समाज में भय, शर्मिंदगीगी और मानसिक उत्पीड़न बढ़ा रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि लोग इस वीडियो को बिल्कुल भी ना देखें और ना ही किसी तरह से फैलाएं और ऐसी चीजों से जितना दूर रह सकते हैं उतना दूर रहें। सिर्फ आपके लिए ही नहीं बल्कि यह आपके
आसपास के लोगों के लिए भी बेहतर होगा। कई लोग इन सब चीजों के जरिए फ्रॉड करने की भी कोशिश करते हैं। तो इन सब चीजों से आप फ्रॉड वगैरह में भी फंस सकते हैं। इसलिए ध्यान रखें। फिलहाल के लिए मेरे साथ इस खबर में इतना ही।
