
बहुत से लोग कहते हैं अंडे नहीं बन रहे हैं। स्पर्म क्वालिटी यह है, वह है। कुछ ट्रीटमेंट कराओ, दवा कराना पड़ेगा। कहीं दिखाते हैं यहां अच्छी डॉक्टर नहीं है। डॉक्टर ढूंढना पड़ेगा। अरे रुकिए। सबसे पहले ना अपना एफर्ट ठीक कीजिए। आप अपना एफर्ट ही नहीं ठीक कर रहे हैं। यही तो मैं आपको समझाना चाहती हूं कि
आपका डाइट जो है ना उसमें दवाओं से ज्यादा ताकत छुपी हुई है। दवाएं तब ली जाए जब जो चीजें हैं वो बहुत ज्यादा आगे बढ़ गई हैं। आप इजीली कंट्रोल नहीं है तो दवा का सहारा भी लेना होगा आपको। लेकिन डाइट में सब कुछ है। मैं यहां थेरेपेटिक न्यूट्रिशन से इनफर्टिलिटी सॉलशंस बताती हूं।
आज मैं आपके डाइट के छुपे हुए पांच प्रोटीन सोर्सर्सेस बताऊंगी जिससे कि एक क्वालिटी, स्पर्म क्वालिटी, हॉर्मोन बैलेंस, वेट मैनेजमेंट, पीसीओएस कंट्रोल, इंसुलिन रेजिस्टेंस बहुत कुछ आप ठीक कर सकते हो। लेकिन हां, देखने के साथ एक पॉजिटिविटी और एक प्लेज ले लेनी है कि मुझे इसको फॉलो करना है। तभी तो फर्क आएगा। केवल सुनने से फर्क नहीं आएगा। चलिए कहानी शुरू करते हैं।
जानते हैं इन पांच अमेजिंग, नेचुरल, इजी टू गो प्रोटीन के बारे में जो क्लीनिकली प्रूवन भी हैं। कई लोग की डाइट में प्रोटीन एब्सेंट होता है। दे आर वेरी कैजुअल। और कुछ लोग डाइट से प्रोटीन लेते हैं लेकिन जरूरत है 60-70 ग्राम की लेकिन डाइट से भाई जोड़तोड़ कर भी 40 ग्राम से ऊपर नहीं हो पा रहा है। देन उनको सप्लीमेंट्स लेना
होगा प्रोटीन का। लेकिन सबसे जरूरी डाइट है। मैं हमेशा फोकस ये करती हूं डाइट लीजिए। बहुत लोग फैंसी-फैंसी डाइट प्लान की डिमांड करते हैं। लेकिन बस वो डाइट कागज में रह जाती है। रूटीन में उनकी उतरती नहीं है। क्रेज तब तक रहता है जब तक हम उनको डाइट प्लान दे नहीं देते हैं। तो आज मैं बता रही हूं इंप्लीमेंट करना शुरू कर दीजिए। नतीजे एक महीने में आपको हैरान कर देंगे।
बहुत सारी फीमेल्स हैं 1 महीने शिद्दत से क्योंकि सालों साल कंसीव नहीं होने से उनको बहुत परेशानी थी। एक महीना शिद्दत से फॉलो किया एंड रिजल्ट बहुत अच्छे रहे। एक क्वालिटी बहुत अच्छी हुई एंड कॉनसेप्शन इजी हो गया। यस यह पॉसिबल है। चलिए जानते हैं। एक्वालिटी हॉर्मोन और ओवुलेशन से प्रोटीन बहुत ज्यादा
लिंक है। स्टडीज कहती है 95% ओवुलेटरी डिस्फंक्शन जो है ठीक हो जाता है। अगर आप अच्छा फ्लाट बेस्ड प्रोटीन अपनी डाइट से खाते हो। वो कौन से हैं? सबसे पहली चीज है सबसे अमेजिंग है काले चने। काला चना में आयरन भी है, फाइबर भी है, प्रोटीन भी है। तो काला चना भिगोकर कच्चा, बॉईल करके और काला चना के और फॉर्म्स हैं। ड्राई फॉर्म में भुना चना भी होता है। सत्तू
भी होता है उसको पीस लिया जाए तो। और हां, चने से बेसन भी तो बनता है। तो, यह सारे फॉर्म्स अलग-अलग डेज में आप यूज़ कर सकते हैं। आपको बोरियत नहीं होगी। बट काला चना बहुत इंपॉर्टेंट है। जैसे अगर एक इसका चीज़ मानते हैं। प्रोटीन कितना है? तो अगर 20 ग्राम चने का सत्तू हम लेते हैं ना तो 5 ग्राम उसमें प्रोटीन आपको मिलता है। है ना अमेजिंग? तो उसका ड्रिंक
बनाकर ले लीजिए। इसका मसाला बना के पराठे बना लीजिए। तो यह बहुत इजी है यूज करने में और बहुत ही फायदेमंद है और सस्ता भी है। तो पॉकेट फ्रेंडली भी है और बहुत ही हेल्दी भी है। आयरन भी इंप्रूव करता है। तो चने से दोस्ती कर लीजिए। और हां, यह सारे फूड सुनने के बाद में कमेंट में आपको लिखना है कि इनमें से क्या-क्या चीजें अभी तक आप फॉलो कर रही थी। और अब
आगे आप और क्या-क्या करने वाली हैं। काला चना जो है आपके फॉलिकुलर डेवलपमेंट को सपोर्ट करता है। तो हर दिन एक मुट्ठी किसी भी फॉर्म में एक मुट्ठी बराबर चने या चने की चीजें जरूर जरूर यूज़ करनी है आपको। पीरियड हो चाहे इंप्लांटेशन हो यह ऑल टाइम के लिए हिट है। सुपर हिट है। दूसरा जो प्रोटीन है वो है पनीर। हाई क्वालिटी केसीन प्रोटीन होता है। लेकिन एक
सजेशन दूं मार्केट से पनीर खरीद के मत खाना। घर में आपके दूध आता है ना बस आप आधा किलो दूध ले लीजिए और उसमें थोड़ा सा विनेगर या नींबू का रस डाल के फाड़ लीजिए और उसको आप जिस भी फॉर्म में यूज़ करना चाहे पनीर के फॉर्म में क्यूब्स बनाकर सेटल करके जैसे भी बहुत इजी है। थोड़ा सा जब दूध बॉईल हो जाए तो बस उसमें आपको उसका छेना बनाना है और शेप
देना है, मोल्ड में डालना है। बहुत इजी है। लेकिन यकीन मानिए शरीर को बहुत फायदा होगा। बाजार के प्रोटीन पे हम रिलाई नहीं कर सकते। एडल्ट्रेशन अपने पीक पर हैं और मैं आपको सजेस्ट यह करूंगी घर में पनीर बनाकर खाइए और यह मेरी तो सालों की हैबिट है। तो जो पनीर है ना लो फैट मिल्क से बनाएंगे तो फैट कम रहेगा और जैसे भैंस के दूध का बना रहे हैं तो उसमें फैट थोड़ा ज्यादा रहेगा। कौन सा चूज़ करना है ये आपके ऊपर डिपेंड करता है। लेकिन ये हॉर्मोन स्टेबिलिटी के लिए
जरूरी है। काफी फिलिंग होता है। नाश्ते में सैंडविच में बनाना हो, पराठे में बनाना हो आपको या ऐसे ही पनीर क्यूब्स, काली मिर्च, नमक, नींबू लगा के आप एज अ स्नैक्स खा सकती हैं। सब्जी बना कर खा सकती हैं। तो पनीर को किसी भी तरीके से खाया जा सकता है। पर हां, घर का यूज़ करेंगे तो ज्यादा फायदा होगा। तीसरी अमेजिंग प्रोटीन सोर्स है आमरत। राजगीरा जिसको बोलते हैं ना और यह कंप्लीट प्रोटीन होता है। यह एग
क्वालिटी के लिए बहुत अमेजिंग होता है। तो राजगीरे की आप रोटी भी बना सकते हैं। राजगीरे के लड्डू तो मार्केट में भी मिलते हैं। पर मैं सजेस्ट करूंगी कि लड्डू को कम तवज्जो दें। रोटी को ज्यादाेंस दीजिए। तो राजगीरे का आटा पीस के रख लें। मिक्सिंग करके भी बना सकते हैं और होल भी बना सकते हैं। यह आपके अंडों को बहुत अच्छी क्वालिटी देगा और आपका एनर्जी लेवल भी बूस्ट करेगा और साथ ही ग्लूटेन फ्री है। वेट लॉस में हेल्प
करेगा। डायबिटिक पीसीओस में भी बहुत ज्यादा हेल्प करेगा। तो अमरंत भी आपकी प्रोटीन लिस्ट में होना चाहिए। अगला है पंपकिन सीड। यह प्रोटीन भी है इसके अंदर और जिंक भी है। फर्टिलिटी के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। जिंक फ्रेशेस में चाहिए लेकिन चाहिए भाई। बहुत जरूरी है। मेल फीमेल दोनों के लिए बहुत इंपॉर्टेंट होता है। और यहां पर मेल के लिए फर्टिलिटी के लिहाज से थोड़ा सा ज्यादा ही इंपॉर्टेंट होता है। तो आप दो चम्मच पंपकिन सीड हर दिन खा लीजिए। कुछ लोग कहते हैं यह तो बहुत महंगा है। तो आप जो ट्रीटमेंट लेते हैं,
कॉस्टली दवाएं लेते हैं वो सस्ती तो नहीं होती। तो पंपकिन सीड तो खा सकते हैं। वो तो डाइट है। आपको टेस्ट भी लगेगा। पांचवा अमेजिंग प्रोटीन सोर्स है मूंग का स्प्राउट। बहुत अमेजिंग है। और एक बार हफ्ते में तैयार कर लेते हो ना तो पांच छ दिन सात दिन। संडे टू संडे बना के स्टोर कर लो और हर दिन यूज़ करो। जैसे पोहा बना रहे हो तो पोहे में हाफ स्प्राउट और हाफ पोहा आपने ऐड किया तो पोहे की वैल्यू बहुत बढ़ जाती है। स्प्राउट को स्टीम कर लिया और उसमें चाट की तरह उसको बना के खा लिया। दही में स्प्राउट ऐड करके उसको खा लिया।
स्प्राउट को बॉईल करके मैश करके मसाला बना के पराठे की स्टफिंग भर ली। तो कई तरीके हैं। स्प्राउट की दाल बना ली। स्प्राउट का चीला बना लिया। बहुत सारे तरीके हैं। पर मूंग स्प्राउट बनाएंगे तभी तो कुछ बना पाएंगे। इसलिए वीकली प्रैप रखिए आप। मूंग स्प्राउट बनाकर स्टोर कर दीजिए पूरे एक हफ्ते के लिए और हर दिन थोड़ा-थोड़ा आप इसको इस्तेमाल कीजिए। जिंक इसमें भी बहुत अच्छा होता है। बहुत सारे डाइजेस्टिव एंजाइम्स
होते हैं। पार्शियली डाइजेस्टेड होता है। तो पचने में भी हल्का रहता है और प्रोटीन आपको मिलता रहता है। वेजिटेरियन लोगों के लिए बहुत ही अमेजिंग चीजें हैं। अब आपको कमेंट करना है कि आप क्या-क्या यूज़ कर रही थी अब तक और अब आगे क्या यूज करने वाली हैं। प्रोटीन की कमी से जो अमाइनो एसिड्स नहीं चाहिए बॉडी को नहीं मिल पाते हैं। तो एग पुअर क्वालिटी के बनते हैं। हॉर्मोन भी इम्बैलेंस होता है। तो प्रोटीन डाइट में शामिल कीजिए। फर्टिलिटी के लिए सबसे पहली तैयारी
यही है कि डाइट अच्छी की जाए। और यह पहला स्टेप है। आशा करती हूं आपको वीडियो अच्छा लगा होगा। कमेंट सेक्शन में अपनी राय लिखिए ताकि मुझे पता तो चले कि आप क्या कर रही हैं और उसी आधार पर मैं आपको आगे के चीजें सिखा सकूं और टिप्स दे सकूं। थैंक यू।
