
बचा होने के बाद कैसे अपनी इंटिमेट लाइफ को वापस लाएं? बहुत सारे कपल्स के साथ जब मैं बात करती हूं तो सबसे ज्यादा बड़ा रीजन जिससे हमारी सेक्स लाइफ खराब होती है या स्पार्क नहीं रहता या रोमांटिक नहीं रहती वो बच्चा होने के बाद है। क्योंकि बेबी होना एक ऐसा फज़ है जहां औरत और आदमी दोनों ही इमोशनली, मेंटली, फिजिकली बहुत सारे चेंजेस से गुजरते
हैं। पारिवारिक इनवॉल्वमेंट बढ़ जाती है। प्राइवेसी की वाट लग जाती है। हमारी बॉडी उस लेवल पर रेडी नहीं होती कि वो लव, इंटिमसी या [संगीत] सेक्स के लिए तैयार हो। धीरे-धीरे इतना ज्यादा डर बन जाता है कि हमें ऐसा लगता है शायद यह पॉसिबल नहीं है। फिर जब बच्चा होने के बाद हमारी रातें अजीब हो जाती हैं। हम सो नहीं पाते, खुद को रिवाइव नहीं कर पाते, एनर्जी नहीं रहती तो यह एक ऐसा टॉपिक होता है जिसके बारे
में हमें बात भी नहीं करना पसंद होता। एक पार्टनर शायद उसे चाहता है और दूसरा पार्टनर उसे मना कर देता है और फिर यह लाइफ एक ऐसी पटरी पे आ जाती है जहां ट्रेन शायद ही कभी दौड़ी थी। तो अल्टीमेटली हमें बेबी होने के बाद मैरिड लाइफ को रिवाइव कैसा करना है टॉपिक पर डिस्कशन डॉक्टर निभा को करना बहुत जरूरी है।
स्पेशली उन कपल्स को जरूर शेयर करें जो कि बेबी होने के बाद अपनी मैरिज लाइफ की रिस्पांसिबिलिटी लेकर इसे बेटर करना चाहते हैं। और यह अंत तक इसलिए भी पढ़ना है क्योंकि मैं आपको एक ऐसा प्रोडक्ट देने वाली हूं जो बेबी होने के बाद आपकी सेक्स लाइफ को बेटर करने में हेल्प करने वाला है। तो चलिए शुरू करेंगे।
सबसे पहला जानना जरूरी है कि हम किस-किस लेवल पे बेबी होने के बाद कॉम्प्रोमाइज करते हैं। पहला फैक्टर बहुत इंपॉर्टेंट है आपका हॉर्मोन लेवल। बहुत बार हम जिस एक्साइटमेंट में बेबी प्लान करते हैं या जिस एक्साइटमेंट में उस फेस से गुजरते हैं, वह धीरे-धीरे उस 9 महीने में कम होने लगती है। बहुत बार हॉर्मोनल चेंजेस, डॉक्टर के प्रिस्रिपशंस, यह समय एक्टिविटी का
नहीं है। बॉडी में आ रही वीकनेस धीरे-धीरे हमारी ड्राइव को लो करेगी और उसके बाद बेबी होने का फेस अपने आप में ही एक और स्लोनेस की तरफ हमें ले जाता है। तो यह सारे हॉर्मोनल चेंजेस हमारे अंदर फील गुड हॉर्मोंस अच्छा फीलिंग आने वाले फेसेस से हमें बहुत दूर ले जाते हैं। उस समय शायद यही फीलिंग होती है कि यह पल निकले या अच्छे से हो जाए। बेबी ठीक रहे और
हम अपने आप को शायद प्रायोरिटाइज ही नहीं करना चाहते। तो हॉर्मोंस वहां पर बहुत बुरी तरह डिफ्लेक्ट होते हैं। टेस्टोस्टरॉन बहुत कम हो जाता है। फीमेल की बॉडी में एस्ट्रोजन प्रोजेस्टॉन काफी लेवल पर इंपैक्ट होते हैं और स्ट्रेस के कारण दोनों ही पार्टनर्स के हैप्पी हॉर्मोंस भी ब्लॉक होते हैं। फिर बात करूंगी फिजिकल रिकवरी की। फिजिकल लेवल पे भी आप काफी सारे चेंजेस से गुजर
रहे हो जिसमें सबसे बड़ा चेंज है मे बी वेट गेन। बहुत सारी मैरिजेस ऐसे भी हैं जहां फीमेल नहीं पुरुष भी इस फेज में वेट गेन करते हैं। क्योंकि काफी सारी एक्टिविटीज हमारी इनवॉल्वड होती हैं। फूड की क्रेविंग है तो दोनों उस फूड को ले रहे हैं। इमोशनल प्रॉब्लम्स है तो दोनों बराबर स्ट्रगल कर रहे हैं। फिजिकल रेस्ट की जरूरत है तो एक दूसरे को सपोर्ट कर रहे हैं। ऐसे टाइम
पे फिजिकली आप बहुत सारे चेंजेस से गुजर रहे हैं। इमोशनल लेवल को भी हम दूर नहीं रख सकते। जहां पर किसी थर्ड पार्टी का कुछ भी कह देना, उसकी दी हुई एडवाइसेस आपको काफी लेवल पर इंपैक्ट करती है और आप ना चाहते हुए भी वह काम करते हो और ओवरथिंकिंग और स्ट्रेस से गुजरते हो। सो अब करना क्या है इस बारे में बात करूंगी। पॉइंट नंबर वन स्टार्ट विद
इंटिमेसी कडल्स। बहुत जरूरी है कि आप शुरू-शुर में सिर्फ एक दूसरे के साथ सोना शुरू करो। मुझे पता है यह फेस कोई एक या दो दिन में रिवाइव नहीं होगा। इसमें वक्त लगता है। बच्चा भी अपना टाइम लेता है। सिचुएशंस भी उस हिसाब से नहीं होती। प्राइवेसी बहुत बार इंपैक्ट करती है। तो जितना समय आपको साथ लगे जरूरी नहीं है कि इसके लिए कमरा बंद ही हो। जो वक्त
मिले आप बाहर जा रहे हैं, डॉक्टर विजिट्स पे जा रहे हैं। आप खुद के लिए वक्त निकाल रहे हैं। कैसा भी फेज हो उसमें अपनी इंटिमेसी को एक्सप्लोर करो। लकीली आज हम एक ऐसे एरा में हैं जहां इनलॉस सपोर्टिव हैं। जहां कहीं ना कहीं आपको नैनीस प्रोवाइड हो जाती हैं। आपकी हेल्प के लिए लोग हैं। लेकिन उस हेल्प में भी अगर हम इंटिमेसी को देखना ही नहीं चाहेंगे या फिर उसके लिए स्टेप्स नहीं लेना चाहेंगे तो वो मुश्किल है।
यहां बात करने वाली इंटिमेमिसी सिर्फ सेक्स नहीं है। क्योंकि उस समय आपको डर है कि शायद मेरी बॉडी सपोर्ट नहीं करेगी। स्टिचेस हैं या फिर अभी मैं उस चीज के लिए रेडी नहीं हूं। मैं उतनी अच्छी दिख नहीं रही। मैं मेंटली उतना अवेलेबल नहीं हूं। ऐसे बहुत सारे फैक्टर्स जो आपको पीछे रोकेंगे लेकिन उस फेज में वो जो छोटी-छोटी इंटिमेसीज हैं मे बी हाथ पकड़ने से लेकर कडल्स करना, किस करना, लव लैंग्वेज को ट्रैप करने की
कोशिश करना, एक दूसरे को गिफ्ट्स देना, साथ सोना, साथ नहाना जैसी बहुत सारी इंटिमिसीज [संगीत] जिससे आपको धीरे-धीरे प्रैक्टिस करना जरूरी है। इंटिमिसी सिर्फ फिजिकल नहीं होती है। वर्बल भी होती है। ऐसी बातें जिससे आप एक दूसरे को एप्रिशिएट कर पाओ। उस महत्वपूर्ण पल को जहां आपकी लाइफ में एक तीसरा पार्टनर है उससे रिलेटेड एक दूसरे को एप्रिशिएट करना उसके लिए रेडी होना भी इंटिमेसी के फैक्टर्स हैं।
तो उसे भी शुरू-शुर में स्टार्ट करना जरूरी है। दूसरा अपने लिए वक्त निकालें। जब आपकी बॉडी रेडी होने लगेगी तो सेक्स मेरे लिए आपके लिए पेनफुल होने जैसा आभास देने वाला है। तो ऐसे में अपनी बॉडी को रेडी कर रखना और उसको वक्त देना। चाहे वो ग्रूमिंग के लेवल्स हैं, चाहे लुब्रिकेशन का इस्तेमाल हो सकता है, चाहे सेक्स को बेटर करने के लिए बेटर फोर प्ले टिप्स हो सकती हैं।
या फिर आप चाहें तो मे बी कुछ टॉयज के साथ शुरू कर सकते हैं। तो धीरे-धीरे यह आप दोनों को आराम की अनुभूति देगा और सेक्स को एटलीस्ट शुरू करेगा। इनिशिएट करेगा। तो आप नेक्स्ट स्टेप उसकी तरफ लेके जा सकते हैं। कम्युनिकेशन इंपॉर्टेंट है कि आपको क्या इस समय कंफर्टेबल रह रहा है और कौन सी चीज आपको पेन कर रही है। तो कंसेंट और कम्युनिकेशन भी इस समय जरूरी है। जब हम बड़े ऑपरेशंस की बात
करते हैं तो उसमें थोड़ा वक्त ज्यादा लग सकता है। फीडिंग शेड्यूल्स में भी हिल जाते हैं। तो ऐसे टाइम पे जरूरी यह है कि एक दूसरे से कम्युनिकेट कर कर ही इंटिमेसी को प्रैक्टिस करें। लेकिन इसे प्रायोरिटाइज जरूर करें। इसे ठंडे बस्ते में ना डालें। इंटिमेसी को बेटर करने के लिए पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज जरूर करें। ऐसे टाइम पर वाइना मे बी उस लेवल पर हैप्पी नहीं होता कि आप एक अच्छा लॉन्ग टर्म सेक्स प्रैक्टिस
कर पाएं। तो होगा क्या कि आपको बहुत ज्यादा लूजनेस की फीलिंग आएगी या आप लुब्रिकेट ही नहीं हो रहे होंगे। बहुत ज्यादा वार्म आपको नीचे फील हो सकता है। तो ऐसे में पेल्विक स्ट्रेचेस करने से आपकी वही इलास्टिसिटी नेचुरली वापस आने लगेगी और आपकी बॉडी रिकवरी फेस में चली जाएगी। पेल्विक एक्सरसाइजज़ कौन सी होती हैं वो भी मैं आपको अभी बताऊंगी। ध्यान से इन
पेल्विक एक्सरसाइज को मेल और फीमेल दोनों कर सकते हैं और अपने वाइना हेल्थ, अपने पेनिस हेल्थ को डेफिनेटली वापस रिवाइव कर सकते हैं। यह पूरा प्रेगनेंसी से लेकर बच्चा होने का फेस कई कपल्स में 6 महीने से लेकर कितने साल निकल जाते हैं और हम बेबी होने के बाद अपनी इंटिमेसी को प्रायोरिटाइज नहीं करते। इसलिए स्टेप आज से और अभी से लेने जरूरी हैं। अगर आपका भी बेबी होने के बाद पेल्विक फ्लोर या वलवा
बहुत ज्यादा लूज हो गया है तो मैं यहां रेकमेंड कर रही हूं नेचर मेनिया टाइट अप जेल। एक ऐसा जेल जो आयुर्वेदिक इंग्रेडिएंट से भरा है जो कि आपके वलवा और पेल्विक मसल्स को स्ट्रांग करेगा ताकि आप वो वाली इंटमसी एंजॉय कर सके जो बेबी होने से पहले करते [संगीत] थे। अगर आपको लुब्रिकेशन की, परफॉर्मेंस की, लूजनिंग की प्रॉब्लम है तो यह जेल आपका लाइफ सेवर हो सकता है। तो यह वीडियो हर
उस कपल को भेजें जो कहीं ना कहीं बेबी होने के बाद मायूस हो गया है या स्पार्क फिनिश कर रहा है।