
आपके पीरियड एंड हो गए। पांचवा छठा सातवां दिन है। अब आपकी तैयारी है कि ओवुलेशन अच्छे से हो जाए। यही सोचते हैं ना। लेकिन इस समय सबसे इंपॉर्टेंट चीज क्या होती है? जिससे आपका ओवुलेशन मजबूत होगा। क्योंकि आप हेल्दी तो खा रहे हो लेकिन क्यों ओवुलेशन कमजोर रह जा रहा है हर बार। क्यों हर साइकिल
आपकी हाथ से फिसल जा रही है। तो आज मैं एक बहुत इंपॉर्टेंट फ़ूड बताने वाली हूं। बहुत इंपॉर्टेंट टिप बताने वाली हूं। ट्राई जिसने किया है उसके नतीजे अच्छे हुए। एक महीने में लोगों को कंसीव हो गया है। लेकिन केवल वीडियो को सुनना ही नहीं है। उसको इंप्लीमेंट कर लेना है। मेरी टिप्स इजी टू डू होती है और वकेबल होती है। आपके अंदर भी थोड़ी विल पावर होनी चाहिए।
वेलकम टू ब्रेनर्स फर्टिलिटी केयर। यहां हम थेरेपेटिक न्यूट्रिशन से फर्टिलिटी सॉल्यूशन की बात कर रहे हैं। ओवुलेशन की बात करें, फॉलिकुलर डेवलपमेंट की बात करें, हॉर्मोन बैलेंस की बात करें, एक क्वालिटी की बात करें, अगर इन सबकी बात करते हैं तो एक बात जरूर होगी प्रोटीन। यस। एसेंशियल अमाइनो एसिड्स कुछ बॉडी में बनते हैं। कुछ नहीं बनते हैं। हमें डाइट से लेने पड़ते हैं। सो प्रोटीन बहुत इंपॉर्टेंट हो जाता है ओवुलेशन मजबूत करने के लिए, एक क्वालिटी के लिए और मां
बनने के लिए। स्पर्म क्वालिटी के लिए भी। तो पीरियड के बाद एटलीस्ट पीरियड्स के बाद इन चीजों को खाना शुरू कर दीजिए जो मैं बता रही हूं। इनके इफेक्ट इतने पावरफुल है और रिसर्च एंड स्टडीज इसको बहुत फेवर करती है। स्टडीज ये कहती है कि 95% ओवुलेशन अच्छा हो जाता है। आप सोच सकते हैं रेशियो कितना बड़ा है कि 95% चांसेस बेस्ट होते हैं ओवुलेशन कि अगर आप यह चीजें खाते हैं, प्रोटीन लेते हैं तो क्यों ना इसको फॉलो किया जाए। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि ऐसी
चीजें आप लोग के लिए डिज़ करूं जो बहुत सरल हो करने में। आपको बिजी से बिजी रूटीन में कम से कम रिसोर्सेज में आप उसे फॉलो कर सकें। सो चैनल सब्सक्राइब कर दीजिए ऐसे ही अपडेट्स के लिए और आगे बढ़ते हैं। वेलकम अगेन। आप प्रेगनेंसी के लिए ट्राई कर रहे हो लेकिन हर महीने बस गेस वर्क चल रहा है। सोचिए जरा कि अगर आपकी बॉडी आपको खुद बता दे कि अब आपके फर्टाइल डेज हैं तो कैसा रहेगा और यही काम करता है प्रेनास फर्टिलिटी ट्रैकर गाइड। जी हां, यहां
पर आप जानती हैं अपना बीबीटी ट्रैकिंग, एलएच टेस्टिंग, फर्टिलिटी न्यूट्रिशन, आयुर्वेदिक रिचुअल्स एंड मेनी मोर पॉइंट्स इन वन ट्रैकिंग गाइड। तो लिंक बायो में दिया हुआ है। वहां जाइए, प्रोसेस फॉलो कीजिए, डाउनलोड कीजिए और अपनी एक नई साइकिल के साथ एक नई शुरुआत कीजिए जो कि सफलता की शुरुआत होगी। सबसे पहले हम इसका क्लीनिकल एंगल समझेंगे कि इस वीडियो को मैं क्यों आपको बता रही हूं। आप भी
जानते हो प्रोटीन बहुत अच्छी चीज है। लेकिन फर्टिलिटी के लिए कौन सा प्रोटीन खाना है और क्यों खाना है ये समझ लीजिए। तो जब पीरियड्स के सेकंड थर्ड डे से फॉलिकल डोमिनेंट फॉलिकल में एग डेवलप होने लग जाता है देन उसको जरूरत होती है अमाइनो एसिड्स की जो प्रोटीन से मिलते हैं उसके ब्रेकडाउन से मिलते हैं और इसी से आपकी एक क्वालिटी निर्धारित होती है। एग कैसा बनेगा इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी निर्धारित होती है और आपके हॉर्मोन बैलेंस भी निर्धारित होता है। तो प्रोटीन केवल एक्वालिटी नहीं कर रहा। आपकी पूरे
बॉडी को टोन रख रहा है जिससे प्रेगनेंसी के चांसेस बढ़ जाए। यूट्रस अच्छा हो जाए तो प्रोटीन इसलिए इंपॉर्टेंट होता है क्लीनिकली इट इज वेरीेंट पार्ट ऑफ योर फूड फॉर कंसेप्शन। तो आज मैं पांच घरेलू प्रोटीन सोर्सेस बता रही हूं जो कि आप इजीली तैयार कर सकते हो। घर में सबके दूध आता है। जो भी सोर्सेस से आता है अच्छा दूध लेने की कोशिश करें और आप उसे घर में पनीर बनाइए। आधा किलो दूध ले लीजिए। सिरका डाल लीजिए। नींबू का रस डाल लीजिए। बॉईल करके डालना है। फिर वो
फट जाएगा प्रॉपर जब अच्छे तरीके से तब उसको छलनी में सीव में छान लेना है। थोड़ा साफ पानी से वॉश करना है ताकि उसके अंदर का एसिड कंटेंट निकल जाए और उसको आप मोल्ड में डाल दो ताकि स्ट्रक्चर तरीके से खा सको और क्यूब्स काट लो। सिंपल प्रोटीन खाने का तरीका है सिंपलेस्ट तरीका ये पनीर के क्यूब्स काटी फ्राई नहीं करना है पनीर को। आप उसमें काली मिर्च, नमक और थोड़ा नींबू। क्योंकि देखिए प्रोटीन डाइजेस्ट होने के लिए नींबू बहुत जरूरी होता है। एसिड बहुत जरूरी है
उसके प्रॉपर ब्रेकडाउन के लिए। तो लेमन जरूर डालें आप। प्रोटीन जब भी खाते हैं दाल में भी हम प्रोटीन होता है तो हम नींबू डालना सिखाते हैं। तो पनीर में चीजें लगाइए और एक मील में स्नैकिंग के तौर पे ये आपके काम आएगा। इसको फिलिंग बनाकर क्रश करके आप सैंडविच तैयार कर सकते हो। अब यह क्या करेगा? डेली आप ले सकते हो। हफ्ते में दो-तीन बार भी ले सकते हो तो चलेगा। यह आपके फॉलिकल डेवलपमेंट को सपोर्ट
करेगा और हॉर्मोन को स्टेबल रखेगा। वेट मैनेजमेंट शुगर क्रेविंग्स को कंट्रोल करेगा क्योंकि शुगर हम बंद करते हैं। शुगर सफेद शक्कर बंद की जाती है। कार्ब्स आप बहुत खाते हो उसे हम नहीं रोक पाते हैं। लेकिन हम डायरेक्ट जो वाइट शुगर होती है उसको रोकते हैं। तो क्रेविंग होती है। बहुत लोग कहते हैं कि क्रेविंग बहुत हो रही है मीठा खाने की। जब शुगर बंद है तो प्रोटीन अच्छा खाओगे तो क्रेविंग तो आपको होगी ही नहीं। सबसे अच्छा टाइम है पनीर खाने का। ब्रेकफास्ट, लंच और बच के अगर
ब्रेकफास्ट लंच में नहीं खा पाए ना, किसी दिन खाना है आपको तो आप 4:00 बजे तक स्नैकिंग कर लीजिए। दूसरा जो बेस्ट घरेलू प्रोटीन है आपके ओवुलेशन के लिए, एग बनने के लिए, हार्मोन बैलेंस के लिए वो है मूंग और चने का स्प्राउट्स। चाहे मूंग का ले लो, चाहे चने का ले लो, चाहे मिक्स ले लो, स्प्राउट लेना है आपको इन दोनों का। आप इन्हें स्टीम कर लीजिए। कच्चा स्प्राउट नहीं खाना है। स्टमक अपसेट कर देगा आपको। और इसकी चाट बना लो। इसका चीला बना लो। बहुत सारी चीजें
बना सकते हो आप इसका। लेकिन याद रखें पकौड़ी अब ना तलने लगे। बहुत सारे लोग हेल्दी चीज को भी अनहेल्दी तरीके से बना के खा लेते हैं। तो यह काम ना करें। कुछ सब्जियां मिलाएं। चाट बनाएं इसका और नाश्ते में इसको आप जरूर यूज़ करें। इसका फायदा है नाश्ते में। बहुत बेहतरीन। वेट मैनेज होता है। क्रेविंग कंट्रोल होती है। एग क्वालिटी को बूस्ट मिलता है जब आप सुबह ब्रेकफास्ट में खाते हो। जो लोग एग्स यूज कर सकते हैं वो एक दिन में दो बॉयल्ड एग यूज़ करें। तो
इसमें कोलिन होता है। पनीर और एग में बहुत ज्यादा सिमिलरिटी है। लेकिन इसमें एडिशनली होता है कोलिन और कोलिन बहुत अच्छा होता है एग क्वालिटी के लिए। क्वालिटी को बूस्ट करने के लिए तो आप बॉयल्ड एग खा सकते हो नाश्ते में, लंच में आप इसे यूज [संगीत] कर सकते हो। अगला घर का प्रोटीन है दही। फुल फैट दही उन लोगों को नहीं खानी चाहिए जिनको थोड़ा पेट पाचन कमजोर है। गैस बनती है, भारीपन होता है। लो फैट दही आप ले सकते हो। दही नहीं तो छाछ ले सकते हो।
प्रोटीन एंड प्रोबायोटिक मिल्क काफी फायदा करते हैं ग में। एंटी इनफ्लेममेटरी होती है दही। तो दही आप यूज़ कीजिए। कोशिश करें कि भुना जीरा नमक डाल लें। खाने से तुरंत पहले शुगर ऐड ना करें। और दही का श्रीखंड बना के ना खाएं। दही का जो पानी होता है उसमें बहुत कैल्शियम रहता है। तो आपको ध्यान रखना है कि दही के क्या तरीका है। लंच में दही ले लेना, नाश्ते में दही ले लेना बहुत अच्छा है। छाछ सुबह से शाम तक एक या दो बार आप पी सकते हो। पांचवा है दालें। जहां औसत
भारतीय के लिए बहुत सारी चीजें अफोर्ड करना मुश्किल होता है। वहां एक बहुत अफोर्डेबल प्रोटीन होता है दालें। तो दालें आप हर दिन कुक कीजिए। कई घरों में रोज नहीं दाल बनती। लेकिन फर्टिलिटी जर्नी में डेली दाल का सूप लेना ही है। दिन में नहीं लिया तो रात में ले लीजिए। दाल का सूप जब आप बनाते हैं तो कोशिश करें अगर घर में है तो थोड़ी सब्जियां ऐड कर दीजिए उसमें। और सर्विंग के बाद खाना शुरू करने से पहले थोड़ा नींबू का रस डाल दीजिए। अरहर की दाल मैं मना करती हूं क्योंकि डाइजेशन में कई लोगों को यह प्रॉब्लम करती है।
मेजरिटी ऑफ़ पपुलेशन को ट्रबल करती है डाइजेशन में। लेकिन मसूर और मूंग बेस्ट है। आप उनको खूब यूज कीजिए। हर दिन यूज कीजिए। प्रोटीन हॉर्मोंस के बिल्डिंग ब्लॉक है। प्रोटीन खाना हर दिन चाहिए। हर दिन आपके एग्स थोड़े-थोड़े ग्रो हो रहे हैं। तो हर दिन प्रोटीन की आवश्यकता है उसको। इसलिए प्रोटीन हर दिन खाइए। इनमें से जो चीजें आपको मिलती हैं एक या दो चीज हर दिन आपकी प्रोटीन में होना चाहिए। चने का
सत्तू एक बहुत ही पॉपुलर चीज है। इस पे मैं पहले भी बात कर चुकी हूं। तो चने का सत्तू भी आप ले सकते हैं इनके साथ में या एज अ ड्रिंक। तो इन चीजों को फॉलो करेंगे तो क्वालिटी अच्छी होगी और पीरियड्स के दौरान और पीरियड्स के बाद आप इनको चालू कर दीजिए और इसे आप पूरे महीने ले सकते हो। इंप्लांटेशन में इनमें से किसी चीज से प्रॉब्लम नहीं होती है। अगर कोई चीज आपको स्टमक में डाइजेशन में हैवी करती है तो आप उसे स्किप कर सकते हैं।