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Author: Star Daily

  • जो नहीं मिला 10000 हजार अब कब आयेगा बाकी वाला नही मिलेगा

    नमस्कार दोस्तों जिन महिलाओं का जीविका का अभी तक ₹10000 नहीं आया है हम आप सभी को बता दें अब आपका पैसा आ जाएगा क्योंकि बिहार सरकार ने जिन महिलाओं के खाते में अभी तक पैसा नहीं भेजी है उनका एक नया लिस्ट जारी की है। इसमें उन महिलाओं का नाम दिया गया है जिन महिलाओं का अभी तक

    पेमेंट नहीं भेजा गया है। तो अब उन महिलाओं के खाते में पैसा भेजा जाएगा। लेकिन आपको सबसे पहले यह जांच करना है कि आपका इसमें नाम है कि नहीं। आपका इसमें नाम जुड़ा है कि नहीं। यदि आपका जीविका का ₹10,000 नहीं आया है तो आपको पहले नाम चेक करना होगा। अगर आप नाम नहीं चेक करते हैं तो कैसे पता चलेगा कि आपका नाम जुड़ा है कि नहीं

    जुड़ा है? आपका नाम लिस्ट में है कि नहीं है। यदि लिस्ट में नाम होगा तो लिस्ट के ही थ्रू आप लोगों का पैसा दिया जा रहा है दोस्तों। क्योंकि सरकार ने बहुत महिलाओं के अकाउंट में ₹10,000 भेज दिए हैं। लेकिन अभी बहुत ऐसी महिलाएं हैं जिनका केवाईसी कारण ऑलरेडी पेंडिंग में पैसा फंसा हुआ है। तो जिनका पैसा अभी तक फंसा हुआ है उन्हीं का दोस्तों एक अलग से लिस्ट जारी

    किया गया है। इस लिस्ट में आप लोग चेक करिए कि किनका-किन का नाम है, किनका-किनका नाम जुड़ा है, किनका-किनका नहीं है। उसके थ्रू आपके अकाउंट में फिर पैसा भेजा जाएगा और उसके बाद से फिर दोस्तों जो भी महिलाएं बचेगी उनका अलग तरीके से फिर से ना पैसा भेजने की कोशिश किया जाएगा। सारे महिलाओं का पैसा भेजा जाएगा। चिंता ना करिएगा।

    पहले जो लिस्ट आया है ना इसमें नाम चेक करिए। यदि आप सभी को नाम चेक करने नहीं आता होगा। बहुत महिलाएं हमारी इस स्टोरी को देखती हैं। बहुत बुजुर्ग लोग भी देखते हैं। आप सभी को मेरा नमस्ते। प्रणाम कर चुके हैं। तो हम आपको बता दें आपके घर में कोई लड़का होगा लड़की जो समझदार होगा तो उसको बता दीजिएगा। ऐसे चेक कर लेगा। मैं बता देता हूं कैसे चेक करना है। ठीक है ना? आप लोग अपनेप मोबाइल में

    Google या क्रrome ब्राउज़र ओपन कर लीजिएगा। जैसे कि अभी हम अपने मोबाइल में Google या Chrome ब्राउज़र ओपन कर लिए हैं। कहिएगा सभी लोग अपने-अपने मोबाइल में Google या Chrome ब्राउज़र ओपन करेंगे और सर्चेंगे तो लिखेंगे स्टडी प्लस स्टडी प्लस। सभी लोग Google या Chrome में आकर स्टडी प्लस सर्च करिएगा। जैसे ये लिखा सर्च करिएगा आपके सामने कुछ इस टाइप का पेज खुल

    जाएगा। इसको बड़ा सा करिएगा ना तो यहां पर स्टडी प्लस ऑफिशियल.com का ऑफिशियल आपको साइट मिल जाएगा। देख लीजिएगा। यहां पर आपको ऑफिशियल वेबसाइट मिल जाएगा। इसी पर आपको दोस्तों क्लिक कर देना है। इस पर क्लिक कर दीजिए। जैसे इस पर क्लिक करिएगा तो अगला पेज आपका खुल जाएगा। अभी दोस्तों खुल जाएगा। देखिए यहां पर खुल गया। तो दोस्तों खुलने के बाद दोस्तों आप जरा सा

    नीचे आइएगा तो बिहार जीविका समूह 2025 जीविका में ना आपका नाम है या नहीं लिस्ट में नाम होगा तो ही ₹2100 तक आपको मिल सकता है। इस पर क्लिक करिएगा। ऐड को बंद कर दीजिएगा। उसके बाद से दोस्तों नीचे आ जाइएगा। देखिए नीतीश कुमार ने क्या ट्वीट किया है। आप लोग यह भी पढ़ लीजिएगा। उसके बाद से नीचे आइएगा। महिला रोजगार योजना न्यू लिस्ट जारी। इस पर क्लिक करिएगा। इस पर क्लिक

    करिएगा। तो यही वाला है लेकिन इसमें लिस्ट नया है। ये इसमें नया अपडेट किया गया। देखो लिस्ट चेक करने का अलग मतलब लिंक नहीं होता है। एक ही होता है और इसी से आप चेक कर पाएंगे। इसी में सबका अपडेट होता रहता है। तो यहां से डिस्ट्रिक्ट सेलेक्ट कर लेना। आप कौन से डिस्ट्रिक्ट से हैं? बिहार से हैं तो बिहार सेलेक्ट कर लेना। सॉरी स्टेट सेलेक्ट कर लेना कि बिहार से हैं तो बिहार सेलेक्ट कर लेना। और डिस्ट्रिक्ट कौन सा आपका? आप बिहार में किस जिला से हैं वो जिला

    सेलेक्ट कर लेना। मैं सिवान से हूं तो सिवान सेलेक्ट कर लेता हूं। ब्लॉक मेरा सिवानी पड़ता है तो सिवान सेलेक्ट कर लेता हूं। ग्राम पंचायत मेरा मकरियार पड़ता है। मकरियार सेलेक्ट कर लेता हूं। विलेज मेरा मकरियार पड़ता है तो मकरहार सेलेक्ट कर लेता हूं। फिर सबमिट पर मैं क्लिक करूंगा तो यहां पर दोस्तों ऑलरेडी नाम दिखा देगा। देखिए यहां पर स्टेट का नाम दिखाएगा। डिस्ट्रिक्ट का नाम, ब्लॉक का नाम, पंचायत का नाम,

    विलेज का नाम और आपके समूह का नाम, जीविका जो ग्रुप होगा उसका नाम दिखाएगा, मेंबर का नाम दिखाएगा और जो भी औरत होगी, जो भी महिला जो भी लड़की जुड़ी होगी उनके फादर या हस्बैंड का नाम दिखेगा। जेंडर दिखेगा, एज दिखेगा, कैटेगरी दिखेगा, सारा चीज दोस्तों इसमें ऑलरेडी दिख जाएगा। ठीक है? तो ऐसे आप लोग चेक कर लीजिए एक बार। फिर हमें कमेंट करके बताइएगा कि आपका नाम इसमें है या नहीं है।

  • NITISH KUMAR ने MODI को पछाड़ा.. AMIT SHAH की प्लानिंग धरी रह गई…!

    दोस्तों, मुख्यमंत्री बनने के महज 18 दिन बाद नीतीश कुमार ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने नीतीश की ताकत छीनने की कोशिश की। उनसे स्पीकर का पद तक छीन लिया और यहां तक कि अब तो बीजेपी अलग पैतरे आजमाने में लगी है। लेकिन नीतीश कुमार ने इस बीच नया रिकॉर्ड बना दिया है। हालांकि नीतीश की नजर इस रिकॉर्ड से ज्यादा

    बीजेपी की हरकतों पर है। बीजेपी की स्ट्रेटजीस पे है कि आखिर बीजेपी क्या करने की कोशिश कर रही है। दरअसल इस वक्त बिहार में दो खबरें सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं। पहली खबर तो नीतीश का रिकॉर्ड ही है जो उन्होंने बनाया है। दरअसल नीतीश कुमार का नाम लंदन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आया है। 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए। यह नीतीश कुमार ने अपना रिकॉर्ड कायम कर दिया है 10 बार मुख्यमंत्री

    पद की शपथ लेकर और जाहिर सी बात है कि यह बात बीजेपी को भला कैसे पसंद आएगी। बीजेपी चाहती थी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री ना बने किसी भी करके कुछ भी करके इस बार उनका मुख्यमंत्री बने, लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री तो नीतीश कुमार ही बनते हैं। 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं। हालांकि बीजेपी फिर अपना प्लान शुरू कर देती है धीरे-धीरे नीतीश कुमार की कुर्सी तक पहुंचने का। सीधे रास्ते से नहीं पहुंच पाई तो अब वो अलग-अलग पैतरे आजमा रही है और अब

    अपने प्लान अपने एक्शन पर काम भी कर रही है जो कि नीतीश कुमार भी देख रहे हैं। दोस्तों सबसे पहले नीतीश कुमार से गृह विभाग छीना गया। उनकी सबसे मजबूत सबसे जरूरी ताकत उनसे छीन ली गई। इसके बाद स्पीकर के पद पर बीजेपी और जेडीयू दोनों के बीच में घमासान मचा रहा। विधायक बार-बार जेडीयू के इस बात को कहते रहे कि स्पीकर का पद तो हम नहीं जाने देंगे। नीतीश कुमार भी चाहते थे कि स्पीकर का पद

    उनके हाथ से ना जाए लेकिन फिर भी बीजेपी उस पद को ले लेती है और अब बीजेपी नया पैतरा आजमा रही है और इसके पीछे संजय झा को आगे किया गया है। संजय झा ने हाल ही में एक बयान दिया है जो इस वक्त सबसे ज्यादा सुर्खियों में दूसरी खबर यही है कि संजय झा बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचलें मच गई है। सबसे पहले आप उनका यह बयान सुनिए। पार्टी के लोग, अब पार्टी के शुभचिंतक, पार्टी के समर्थक, अब पार्टी के सब लोग चाहते हैं कि अब आ के पार्टी में काम

    करें। हम सब लोग चाहते हैं। अब इन्हीं को फैसला लेना है कि तब यह तय करते हैं और पार्टी में काम करें। तो दोस्तों, संजय झा ने निशांत कुमार का नाम लिया और अब अचानक निशांत कुमार का नाम लेकर संजय झा ने कहा कि भाई पार्टी के लोग चाहते हैं कि निशांत कुमार अब पार्टी के लिए काम करना शुरू कर दें। पार्टी का नेतृत्व आगे जाकर वह करें। इसकी बात उन्होंने कही। अब अचानक निशांत कुमार का नाम लेकर बिहार की

    राजनीति में संजय झा ने हलचले बढ़ा दी। क्योंकि संजय झा आजकल अमित शाह के सबसे ज्यादा करीबी हो रहे हैं। वो जेडीयू से ज्यादा नीतीश कुमार से ज्यादा करीबी बीजेपी के होते दिखाई दे रहे हैं और यह बात यहां तक कि जेडीयू के नेता भी अच्छे से जानते हैं और इसीलिए कहा जा रहा है कि संजय झा ने ये जो कुछ भी बयान दिया है यह ऐसे ही नहीं दिया है बल्कि इशारों पर उनसे दिलवाया गया है और यह इशारा आया था अमित शाह

    की तरफ से। केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के चाणक्य कहे जाते हैं। उन्होंने ही संजय झा को यह बयान देने के लिए कहा। राजनीति में बयानों के कई मायने होते हैं और ये बयान बहुत जरूरी होते हैं। किस वक्त पर बयान दिया गया है ये जानना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है। जहां एक और नीतीश की ताकत लगातार कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। बीजेपी अपना कुनबा बढ़ा रही है। आरएलएम के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है और अपने विधायकों की संख्या बढ़ाने की

    कोशिश कर रही है। इस बीच नीतीश कुमार को किस तरीके से कमजोर किया जाए इसका पैतरा उसने निशांत कुमार के जरिए निकाला है। दोस्तों नीतीश कुमार कभी भी परिवारवाद का आरोप अपने ऊपर नहीं चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अपने बेटे को राजनीति में एंट्री नहीं दी। बिल्कुल वो राजनीति से उन्हें दूर रखते हैं। निशांत कुमार दिखाई जरूर दे जाते हैं और कई बार उनसे सवाल जवाब भी होते हैं और वह पार्टी को लेकर बयानबाजी करते हैं। लेकिन निशांत कुमार की कोई

    एक्टिव भूमिका पार्टी में नहीं है और ना ही नीतीश कुमार यह चाहते हैं कि निशांत कुमार मौजूदा वक्त में पार्टी में भूमिका अपनी निभाए। क्योंकि नीतीश कुमार मौजूदा वक्त में बिहार में एक ऐसे नेता हैं जिनके ऊपर किसी भी तरीके का आरोप नहीं है। कोई लांछन उन पर नहीं लगा सकता और इसी वजह से वो मौजूदा वक्त में मुख्यमंत्री बने भी हैं। 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ उन्होंने ऐसे ही नहीं ली है बल्कि कई सैक्रिफाइसेस इस चीज के लिए उन्होंने किए हैं। जिसमें से एक सैक्रिफाइस उनका बेटा

    भी था कि उन्होंने अपने बेटे को अभी तक एंट्री नहीं दी। वरना वह मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली चाहते तो अपने बेटे को कुछ भी बना सकते थे। अब जिस तरह से उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे को मंत्री बना दिया तो वह भी चाहते तो बहुत कुछ कर सकते लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया और अभी अभी भी नीतीश कुमार यह चीज नहीं चाहते हैं। लेकिन संजय झा की तरफ से यह बात क्यों कही गई? यह सबसे बड़ा सवाल है। तो बीजेपी ने चाबी भरी है संजय झा को। संजय झा से यह बयान दिलवाया गया ताकि

    एक जो बिहार में जो जेडीयू को पसंद करने वाले लोग हैं, जो जेडीयू के नेता हैं, कार्यकर्ता हैं, उन तक यह मैसेज चला जाए कि हां, अब निशांत कुमार को आना चाहिए। नीतीश का नाम धीरे-धीरे साइड करने की यह पहली कोशिश है। नीतीश कुमार को किस तरीके से साइडलाइन किया जाए। किस तरीके से मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा जाए, उस कुर्सी तक पहुंचा जाए, इसके लिए प्लानिंग बीजेपी ने शुरू की है। पहले उनसे और यह पैटर्न आप सिर्फ बिहार में नहीं देखेंगे। यह पैटर्न आप अलग-अलग राज्यों में देखेंगे जहां पर ये चीजें

    सक्सेसफुल भी हुई हैं। सबसे बड़ा सबसे पहला उदाहरण महाराष्ट्र का ही सामने आता है। महाराष्ट्र में शिवसेना तोड़ी जाती है। पहले पार्टी को तोड़ा जाता है। इसके बाद जो लोग पार्टी से लाए जाते हैं उन्हें मुख्यमंत्री तक बना दिया जाता है। काफी तवज्जो दी जाती है और इसके बाद चुपचाप धीरे से किनारे लगा दिया जाता है और यही चीज बिहार में होने की कोशिश हो रही है। बीजेपी को लेकर अक्सर यह बातें कही जाती है कि बीजेपी जिसके साथ भी गठबंधन करती है उसे खा

    जाती है। अगर वो क्षेत्रीय पार्टी है तो यह उड़ीसा में भी हुआ और यह बाकी जगहों पर भी हमें देखने को मिला है अलग-अलग राज्यों में और बिहार में भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश हो रही है कि बिहार में जिनका दबदबा है नीतीश कुमार का उन्हें किस तरीके से साइडलाइन किया जाए उनकी जगह पर अपनी बड़ी पिक्चर किस तरीके से की जाए इसके लिए बीजेपी का यह प्लान आज से नहीं बल्कि काफी पहले से काम कर रहा है और वो धीरे-धीरे धीरे-धीरे इस पर अपना जो दबदबा है वह बढ़ाने की भी कोशिश कर रहे हैं। पिछली बार भी जब

    सरकार थी तो उसमें बीजेपी का सरकार में काफी ज्यादा महत्व था। सरकार में उनके कई मंत्री थे। जेडीयू के कम थे, बीजेपी के ज्यादा थे। इस बार भी बिल्कुल वैसा ही है जबकि अंतर सिर्फ चार विधायकों का है। लेकिन फिर भी नीतीश कुमार को इस बार सबसे ज्यादा दबना पड़ रहा है क्योंकि वो चार विधायक उन्हें काफी ज्यादा भारी पड़ रहे हैं। अब नीतीश कुमार भी इन सब चीजों को देख रहे हैं। नीतीश कुमार रिकॉर्ड बना रहे हैं। लेकिन नीतीश

    कुमार की नजर उन रिकॉर्ड से बिल्कुल हटकर इस चीज पर है कि आखिर बीजेपी क्या करने की कोशिश कर रही है। आखिर बीजेपी उन्हें किस तरीके से नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। नीतीश कुमार राजनीति के ऐसे मंजे हुए खिलाड़ी हैं कि वह सब कुछ सिर्फ ऑब्जर्व करते हैं और फिर एकदम झटके में फैसला लेते हैं। यह बात उनको लेकर कई बार कही गई है और जिस तरह से उन्होंने विधानसभा में बीते दिनों बयान दिया था कहा था कि अब मैं कहीं नहीं जाने वाला हूं तो उससे कई सारी हलचलें बढ़ती हुई दिखाई दी थी| अब बीजेपी यह

    कोशिश कर रही है कि निशांत कुमार का नाम लेकर साइडलाइन किया जाए नीतीश के नाम को और किसी भी तरीके से जो निशांत कुमार है उन्हें अभिमन्यु की भूमिका दे दी जाए। पहले उन्हें अकेला किया जाए और उसके बाद उनकी जो राजनीतिक हत्या है वो भी करने की कोशिश की जाए। यह बातें राजनीतिक विश्लेषक लगातार इस बात को कह रहे हैं और जिस तरह से यह बयान दिया गया है यह बिहार की राजनीति में आने वाले वक्त में काफी बड़ा साबित हो सकता है। अब यह देखना

    होगा कि जिस तरह से बीजेपी जेडीयू को खत्म करने या फिर जेडीयू पर कब्जा करने, मुख्यमंत्री पद पर कब्जा करने या जो भी कोशिशें कर रही है वो उसमें कामयाब हो पाती है या फिर नीतीश कुमार अपनी कोई अलग बुद्धि लगाते हैं। फिलहाल के लिए मेरे साथ इस खबर में इतना ही। आप पढ़ते रहिए

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  • Realme का सबसे महंगा मोबाइल | लगभग 👉 ₹45,000 से ₹60,000 तक | Realme High-Price Phones – RAM, Storage और Camera, Battery

    दोस्तों… Realme का ये नया प्रीमियम मोबाइल सिर्फ फोन नहीं, एक हाई-परफॉर्मेंस मशीन है! पावर, स्पीड और स्टाइल — तीनों का सबसे शानदार कॉम्बिनेशन, सिर्फ Realme में!

    Design

    Realme का यह हाई-प्राइस वाला मॉडल आता है एक प्रीमियम ग्लास फिनिश, मेटल फ्रेम और अल्ट्रा-स्लिम डिजाइन के साथ। लुक्स इतने खूबसूरत कि पहली नज़र में ही ‘फ्लैगशिप’ का एहसास दे दे।

    RAM & Storage

    स्पीड की बात करें तो इसमें मिलता है— ✔ 12GB से 16GB RAM256GB / 512GB UFS Fast Storage

    एप्स, गेमिंग और मल्टीटास्किंग — सबकुछ बिना लैग के स्मूद चलेगा।

    Processor Power

    इस फोन में लगा है एक पावरफुल फ़्लैगशिप चिपसेट — जैसे Snapdragon 8 Gen सीरीज़ या Dimensity 9000+, जो देता है Ultra-Fast Performance, हाई-एंड गेमिंग और सुपरफास्ट App Response.

    Camera Quality

    कैमरा की बात करें तो इसमें मिलता है— 📷 108MP से 200MP तक का Ultra HD Main Camera 📷 Super Night Mode 📷 Ultra Stabilization Video 📷 16MP / 32MP Front Camera

    फोटो और वीडियो दोनों में DSLR जैसी clarity!

    Battery & Charging

    पावर के लिए इसमें दिया गया है— 🔋 5000mAh की बड़ी बैटरी100W से 150W SuperVOOC Fast Charging बस कुछ ही मिनटों में फुल चार्ज!

    Display Technology

    6.7-inch का AMOLED 120Hz Display जिससे हर वीडियो, गेम और कंटेंट लगता है Ultra HD और सुपर स्मूद।

    Price

    Realme के इस हाई-प्राइस मॉडल की कीमत लगभग— 👉 ₹45,000 से ₹60,000 तक जाती है। यानि प्रीमियम लुक, फ्लैगशिप पावर और अल्ट्रा-फास्ट स्पीड — सब कुछ एक ही फोन में।

    Final

    अगर आप ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं जो स्पीड में नंबर 1, कैमरा में दमदार और लुक्स में सबसे प्रीमियम हो… तो Realme का ये हाई-प्राइस मोबाइल आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। 📱✨

  • Mercedes Car खरीदने से पहले ये 5 बातें ज़रूर जानें | पहली बार Mercedes Car खरीद रहे हैं? ये गलती कभी मत करना | Mercedes vs BMW – कौन सी कार खरीदना बेहतर है?

    दोस्तों… जब बात आती है लग्ज़री, पावर और रॉयल क्लास की… तो सिर्फ एक ही नाम सामने आता है — Mercedes-Benz। एक ऐसी कार… जिसे चलाना सिर्फ सफर नहीं, एक एहसास होता है!

    Exterior Premium Shots

    Mercedes की बॉडी हाई-क्वालिटी मेटल और स्ट्रॉन्ग स्ट्रक्चर से बनी होती है। इसका डिज़ाइन इतना शार्प और रॉयल है कि सड़क पर देखते ही सबकी नज़रें रुक जाती हैं।

    Majbooti & Safety

    मजबूती की बात करें… तो Mercedes दुनिया की सबसे सुरक्षित कारों में गिनी जाती है। ABS, Airbags, Lane Assist, Auto Braking — हर फीचर आपकी लाइफ को 100% सेफ बनाने के लिए बनाया गया है। एक्सीडेंट प्रोटेक्शन और स्ट्रॉन्ग बॉडी — इसे बनाती है एक भरोसेमंद कार।

    Engine Power

    Mercedes का इंजन पावर, स्मूदनेस और परफ़ॉर्मेंस – तीनों का बेस्ट कॉम्बिनेशन देता है। दुनिया-स्तरीय German Technology की वजह से इसमें मिलता है:

    • High Power Turbo Engine
    • Hybrids और Petrol/Diesel मॉडल
    • 0 से 100 km/h सिर्फ कुछ ही सेकंड में!

    Interior Luxury

    अब बात करते हैं इसके इंटीरियर की… Mercedes के अंदर बैठते ही आपको मिलता है प्रीमियम लेदर सीट्स, digital dashboard, ambient lights और एक classy लक्ज़री फील… Yani comfort ka level — next level!

    Features

    इसमें आपको मिलते हैं: ✔ Touchscreen Infotainment System ✔ Voice Control ✔ Panoramic Sunroof ✔ Automatic Climate Control ✔ Premium Sound System ✔ AI-Based Driving Assist हर फीचर सिर्फ आपकी ड्राइव को आसान और शानदार बनाने के लिए।

    Price

    Mercedes की कीमत मॉडल के हिसाब से बदलती है, लेकिन इंडिया में इसकी शुरुआती कीमत रहती है लगभग— 👉 ₹45 लाख से शुरू और टॉप मॉडल्स जाते हैं— 👉 ₹1 करोड़ से ₹2.5 करोड़ तक यानि बजट के मुताबिक लक्ज़री भी… और पावर भी!

    Closing Line

    अगर आप एक ऐसी कार चाहते हैं जो मजबूती में भी बुलंद हो… और quality में भी सबसे आगे… तो Mercedes आपके लिए परफेक्ट चॉइस है। क्योंकि Mercedes सिर्फ कार नहीं… एक स्टेटस, एक क्लास… एक लाइफस्टाइल है!

    🚗💎

  • Dhruv Rathee के खिलाफ मानहानि का केस करने वाले BJP नेता पर कोर्ट ने जुर्माना क्यों लगाया?

    Youtuber ध्रुवराटी के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने वाले बीजेपी नेता पर ही कोर्ट ने 5000 का जुर्माना लगा दिया है। बारेन बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेता सुरेश नखुआ के वकील ने इस केस में एक और अड्जर्नमेंट मांगा था। जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट जज प्रीतम सिंह ने उन पर 5000 का जुर्माना लगा दिया। अब यह पूरा मामला क्या है? मानहानि का मुकदमा दर्ज करने

    वाले यह नेता कौन है? बताते हैं। पिछले साल ध्रुव राठी और एल्विश यादव के बीच की टसल तो आपको याद होगी ही। यह कहानी भी वहीं से शुरू होती है। 1 जून 2024 को एल्विश यादव ने एक्सपोजिंग ध्रुव राठी एंड हिज एंटी इंडिया प्रोपगेंडा टाइटल से YouTube पर एक वीडियो अपलोड किया। 7 जुलाई को एल्विश के आरोपों का जवाब भी ध्रुव राठी ने एक वीडियो से ही दिया। आरोप है कि इस वीडियो में ध्रुव राठी ने एक

    बीजेपी नेता को कथित तौर पर हिंसक और गालीज ट्रोल कहा था। यह नेता थे बीजेपी की मुंबई यूनिट में पार्टी के प्रवक्ता सुरेश नखवा। सुरेश नखवा ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया कि 7 जुलाई 2024 को यूबर ध्रुव राठी ने अपने YouTube चैनल पर माय रिप्लाई टू गोदी यूर्स टाइटल से एक वीडियो अपलोड किया। वीडियो में 6 मिनट 13

    सेकंड पर ध्रुव राठी ने उन्हें हिंसक और गालीबाज ट्रोल्स का हिस्सा बताया। लेकिन यह आरोप बिना किसी तर्क या कारण के हैं और इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने दलील दी कि राठी के लगाए गए आरोपों की वजह से उन्हें बहुत ज्यादा बुराई और मजाक का सामना करना पड़ा। इसका जवाब ध्रुव राठी ने Twitter के माध्यम से दिया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखा, एक अब्यूसिव बीजेपी अंकल ने मुझ पर ₹20

    लाख का मुकदमा किया है क्योंकि मैंने उन्हें अब्यूसिव कहा था। क्यों इतनी बेइज्जती कराने का शौक है इनको? अब इन अंकल की पूरी अब्यूसिव हिस्ट्री दोबारा पब्लिक होगी। यह सब चलता रहा और इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंच गया और यहीं से शुरू हुआ नखुआ की गलतियों का सिलसिला। सितंबर 2024 में मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नकुआ के फाइल किए गए एफिडेविट में एक कमी बताई थी और उनसे इस कमी

    को ठीक करने के बाद एक नया एफिडेविट फाइल करने को कहा था। इसके बाद नखुआ ने एक बदला हुआ एफिडेविट फाइल किया था। हालांकि राठी के वकील ने इस बदले हुए एफिडेविट में भी गलतियां बता दी। इसके चलते कोर्ट ने नकुआ के एफिडेविट को सर्टिफाई करने वाली नोटरी को तलब किया। बारिन बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक नोटरी आज तक पेश नहीं हुआ है क्योंकि

    उसकी हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। 4 दिसंबर की सुनवाई में नकवा की ओर से एक नए वकील एडवोकेट जगदीश त्रिवेदी पेश हुए। एडवोकेट त्रिवेदी ने कोर्ट से केस को आगे बढ़ाने की रिक्वेस्ट की ताकि उनका वकालतनामा रिकॉर्ड में लाया जा सके। ध्रुव राठी की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सात्विक वर्मा और एडवोकेट नकुल गांधी ने इसका विरोध किया। उन्होंने नकुआ के अब तक के बर्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा, यह करीब 2 साल से चल रहा है। कोर्ट एक-दो गलतियों को नजरअंदाज

    कर सकता है। लेकिन यह सातवीं गलती है। अब आज यह आदमी बिना वकालत के कौन पेश हो रहा है? पिछली बार भी यहां कोई नहीं था। कोर्ट के प्रोसेस को हल्के में लिया गया है। वकालतनामा फाइल करने में एक महीना भी नहीं लगता। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च 2026 को होगी। इस खबर में फिलहाल इतना ही। इस खबर से जुड़ी जो भी अपडेट्स होंगी हम आप तक यूं ही पहुंचाते रहेंगे।

  • ठुकराए जाने से मत डरो – Story of Young Man | Motivational Story

    सोचिए दरवाजे पर दस्तक देते ही हर बार वही आवाज आती है। नहीं आप अपनी पूरी मेहनत लगाते हैं। पूरी तैयारी करते हैं। लेकिन नतीजा हमेशा वही होता है। अस्वीकृति यह चुभती है। यह दिल को तोड़ती है। यह आपको यह सोचने पर मजबूर करती है। क्या मैं सच में लायक हूं? क्या मैं कभी सफल हो पाऊंगा? यह कहानी है आदित्य की। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने वाला

    एक साधारण नौजवान। हाल ही में आदित्य ने कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरी करी थी और अब उसका सपना था किसी अच्छी कंपनी में नौकरी हासिल करने का और अपने परिवार को गर्व महसूस कराने का। हर सुबह आदित्य साफ सुथरे कपड़े पहनकर और अपना बायोडाटा लेकर इंटरव्यू देने निकल पड़ता। लेकिन हर बार उसे एक ही जवाब मिलता। सॉरी आपको सिलेक्ट नहीं किया गया। शुरुआत में आदित्य ने अपने आप को समझाया। कोई बात नहीं अगली बार हो जाएगा। लेकिन जब वह

    लगातार 10वीं बार रिजेक्ट हुआ तो उसका मन टूट गया। रात को अपने कमरे में अकेले बैठकर उसने अपने आप से कहा शायद मैं काबिल नहीं हूं। शायद मैं सफल नहीं हो पाऊंगा। थका हुआ और निराश आदित्य अगले दिन ट्रेन में बैठकर वाराणसी चला गया। वहां उसने गंगा किनारे एक पुराना मंदिर देखा। मंदिर के आंगन में एक बुजुर्ग साधु बैठे थे जो पत्ते उठा रहे थे। आदित्य ने जाकर उनसे पूछा, क्या मैं यहां कुछ देर बैठ सकता हूं? साधु मुस्कुराए और बोले बिल्कुल बेटे यह आंगन हमेशा

    परेशान लोगों का स्वागत करता है। और फिर आदित्य ने अपना सारा दुख साधु को सुना दिया और बोला मैंने इतनी बार कोशिश की लेकिन हर जगह रिजेक्ट हो रहा हूं। अब मैं अपने आप को बेकार महसूस करता हूं। साधु ने आराम से अपना सिर हिलाया और फिर मुस्कुराते हुए बोले बेटे रिजेक्शन अंत नहीं होता। यह तो एक दिशा परिवर्तन है। देखो जब किसान खेत में बीज बोता है तो कुछ बीज सूखी जमीन पर गिरकर मर जाते हैं। कुछ-कु कीड़े-मकोड़े खा लेते हैं। लेकिन कुछ बीज सही मिट्टी में

    जाकर अंकुरित होते हैं और आगे जाकर पेड़ बनते हैं। किसान उन बीजों पर रोता नहीं जो नष्ट हो गए। वह तो बस बीज बोता रहता है क्योंकि उसे इस बात का यकीन है कि एक दिन उसे अच्छी फसल मिलेगी। तुम भी उस किसान जैसे हो। हर इंटरव्यू एक नया बीज है। कुछ नहीं उगेंगे, कुछ बेकार हो जाएंगे। लेकिन एक दिन एक अच्छा बीज अंकुरित होगा। आदित्य उनकी बातें पूरे मन से सुन रहा था। साधु ने आगे कहा, क्या तुम बांस के पेड़ का रहस्य जानते हो? आदित्य ने सिर हिलाया, नहीं।

    साधु ने कहा, बांस का पेड़ पहले कुछ सालों तक जमीन के ऊपर दिखाई नहीं देता। लोग हंसते हैं, मजाक उड़ाते हैं और यह कहते हैं यह पौधा बेकार है। लेकिन असल में शुरुआत के साल वह जमीन के अंदर अपनी जड़े मजबूत करता है और फिर अचानक कुछ साल के बाद इतनी तेजी से पढ़ता है कि कुछ ही महीनों में बहुत ऊंचाई तक पहुंच जाता है। तुम भी उसी बांस के पेड़ जैसे हो। यह हार तुम्हारे वो साल हैं जो तुम्हें अंदर से

    मजबूत बना रहे हैं और जब अच्छा समय आएगा तो तुम भी बांस के पेड़ की तरह ऊंचाई पर जाओगे। आदित्य की आंखों में आंसू आ गए। लेकिन इस बार यह आंसू दुख के नहीं थे। इस बार उसके अंदर उम्मीद की लौ जल उठी थी। उसने साधु को प्रणाम किया और उनसे बोला धन्यवाद गुरु जी अब से मैं हार नहीं मानूंगा। बस अपनी जड़ों को मजबूत करूंगा। साधु मुस्कुराए और बोले याद रखना बेटे हर हार तुम्हारी जिंदगी का दरवाजा बंद नहीं करती। वो तुम्हें अच्छे मौके की तरफ ले जाती है।

    आदित्य नई ऊर्जा के साथ लखनऊ लौटा। इंटरव्यू अब भी मुश्किल थे। अभी भी उसे रिजेक्शन मिलते थे। लेकिन अब उसका नजरिया बदल चुका था। उसे किसान के बीज याद आते हैं। बांस के पेड़ का रहस्य याद आता और आखिरकार एक दिन उसे एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिल गई। लेकिन उससे भी बड़ी बात यह थी आदित्य को जिंदगी जीने का नजरिया मिल गया। अस्वीकृति अंत नहीं है। यह तो केवल नया मोड़ है। यह

    यह साबित करने नहीं आती कि तुम बेकार हो। यह तो बस तुम्हें सही दिशा देने आती है। हर नहीं सिर्फ रास्ता साफ कर रहा है ताकि तुम्हें सही हां मिल सके। तो याद रखो किसान की तरह अपना बीज बोते रहो। बांस की तरह चुपचाप अपनी जड़े मजबूत करते रहो। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी है तो आपको यह कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।

  • Conspiracy behind Indigo Flight Cancellation ?

    नमस्कार दोस्तों। 2000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गई। हवाई अड्डों पर हाहाकार है। इंटरेस्टिंग यह जानना है कि सरकार क्या कर रही है? दोस्तों सरकार ने देश भर में चार स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। क्या सरकार की इतनी ही जिम्मेदारी थी? एक वक्त था जब ज्यादा गर्मी पड़ने पर भी लोग सरकार को कोसते थे। भाई शेर पालने की यही दिक्कत है कि आप शेर से शिकायत नहीं कर सकते।

    वरना खा जाएगा आपको। भारत के वर्ग ने शेर पाला है। शेर को लोगों की परेशानी से कोई मतलब नहीं है। एक तारीख से आज छ तारीख आ गई है। छ दिन से लोग परेशान हैं। लेकिन सरकार ने लोगों की मदद के लिए चार स्पेशल ट्रेनें चला दी हैं। कई ट्रेनों में बोगी बढ़ाई हैं। इससे ज्यादा इंतजाम सरकार ने बिहार में वोटरों को ले जाने के लिए कर दिया था। आप सोच कर देखिए कि कैसी निकम्मी सरकार है जो फ्लाइटें शुरू नहीं करवा पा

    रही है। इंडिगो के आगे सरकार घुटनों पर आ गई है और ट्रेनें चलवा रही है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि देश में इंडिगो शासन लगा दें। अब बात आती है इंडिगो के अलावा भी दूसरी एयरलाइंस है। तो फिर इंडिगो की इतनी चिरौली करने की क्या जरूरत है? और इंडिगो के आगे सरकार भी घुटने पर क्यों बैठ गई? तो दोस्तों इंडिगो के पास सबसे ज्यादा 434 विमान हैं। एक दिन

    में 2300 से ज्यादा उड़ाने हैं। देश की 60% से ज्यादा घरेलू उड़ाने इसी के पास है। अभी इसके पास 5456 पायलट और 10,212 केबिन क्रू मेंबर्स हैं। 41,000 से ज्यादा स्थाई कर्मचारी हैं। इंडिगो का कहना है कि नए फ्लाइट टाइम लिमिटेशन नियमों के कारण पायलट और क्रू की कमी हुई है। नए नियमों में पायलटों के उड़ान भरने के नियमों को घटाकर रोजाना 8 घंटे कर दिया

    गया है। नाइट लैंडिंग छ से घटाकर दो कर दी गई है। क्रू के लिए 24 घंटे में 10 घंटे आराम का समय रखा गया है। दोस्तों लगातार छठे दिन भी फ्लाइटें रद्द हैं। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक देश के चार बड़े एयरपोर्ट समेत कई शहरों से आज भी इंडिगो की 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल की जा चुकी हैं। इसी बीच सिविल एिएशन मिनिस्ट्री ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि वो बिना देर के सभी यात्रियों के पैसे वापस करें। रविवार 7 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक सबके पैसे वापस हो

    जाने चाहिए। जो प्रधानमंत्री दो देशों का युद्ध रुकवा देते हैं, जिनका पूरी दुनिया में डंका बजता है, वो इंडिगो के आगे सरेंडर है। जहाज उड़वाने के बजाय पैसे वापस करवा रहे हैं। सरकार कह रही है कि रिफंड में देरी और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इंडिगो कहता है कि पायलट ही नहीं है तो जहाज कैसे उड़ाएं? डीजीसीए ने इंडिको को 10 फरवरी 2026 तक अस्थाई राहत दी है। वीकली रेस्ट के बदले कोई भी छुट्टी

    नहीं देने के फैसले को वापस ले लिया है। एक थ्योरी यह भी है कि हवाई हादसे सबसे ज्यादा एयर इंडिया के होते हैं। इमरजेंसी लैंडिंग सबसे ज्यादा एयर इंडिया की होती है। शिकायत सबसे ज्यादा एयर इंडिया की आती है। लेकिन डीजीसीए सबसे ज्यादा सख्ती इंडिगो पर दिखा रही है। क्या इंडिगो जैसे बड़े एिएशन प्लेयर को आउट करने की तैयारी हो रही है? सरकार की इस मसले पर चुप्पी कई सवाल पैदा करती है। क्या कोई और सेठ

    अपने जहाज लेकर तैयार बैठा है जो इंडिगो को किनारे करवा कर खुद मार्केट में उतरना चाहता है? क्योंकि सरकार सेठ प्रिय है? कुछ भी हो सकता है। क्या इंडिगो को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है? या फिर इंडिगो का सेठ सरकार से भी बड़ा हो गया। हम पिछले कई दशकों में देख चुके हैं। दर्जनों प्राइवेट एयरलाइंस या तो बंद हो गई या फिर बंद होने की कगार पर हैं। लेकिन इंडिगो का कारोबार बाकी एयरलाइंस के मुकाबले अच्छा चल रहा है। अचानक से यह भूचाल गले के नीचे से

    उतरने वाला नहीं है। राहुल गांधी कहते हैं कि यह एक सेठ को सर्वशक्तिमान बनाने का नतीजा है। यह सिर्फ एयरलाइंस में नहीं है। कल को दूसरा सेठ उठकर खड़ा हो जाए और इंटरनेट देना बंद कर दे, बिजली देना बंद कर दे तो इंडिगो जैसा हाल होगा। सरकार को सेठ के आगे बकरी के बच्चे के जैसे में भी आना पड़ेगा। अगर आप ताकतवर करोगे तो वो सरकार की भी नहीं सुनेंगे। इस तरह का अपहरण इस तरह के जो एक तरीके से बंद कर देना लोगों को। शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की

    होगी। कोई घटना हो जाए बात अलग है। लेकिन अगर कोई जानबूझ के कर रहा है तो अपनी ताकत का एहसास सरकार को दिला रहा है। और सरकार ये समझ लेगी अगर उद्योगपति ताकतवर होंगे तो इसी तरह हमें और आपको फेस करना पड़ेगा। सरकार ताकतवर हो, उद्योगपति ताकतवर ना हो। यह सरकार को सोचना चाहिए। इसीलिए जब आज हम बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी को याद कर रहे हैं। जो उन्होंने संविधान दिया वो हमारी किस्मत की किताब है। वो किस्मत की

    किताब जो हमें समय-समय पर सम्मान दिलाती है। हमारी बेटियों को, माताओं, बहनों को सम्मान दिलाती है। हमें हक दिलाती है। हमें आरक्षण दिलाती है। ये तमाम वो लोग हैं जो हमारे आरक्षण को छीनना चाहते। इंडिगो की फ्लाइटें रद्द होने का सिलसिला अगले कई दिनों तक जारी रहने वाला है और सरकार के हाथ में कुछ नहीं है। ना जहाज ना हवाई अड्डे। सरकार ने टिकट का पैसा यात्रियों को वापस करवाने का आदेश दे दिया

    है। सरकार को समझ ही नहीं आ रहा है कि लोगों को पैसे की चिंता नहीं है। लोगों को सही समय पर सही जगह ना पहुंच पाने का दुख है। मेरे साथ फिलहाल इस कहानी में इतना ही। इस पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में बताइए।

  • भारत का खाना नहीं खाएंगे Vladimir Putin ? खुद लेकर आए राशन.

    दोस्तों, राष्ट्रपति पुतिन ने भारत का खाना नहीं खाया। वह अपना राशन पानी का इंतजाम खुद लेकर आए थे। उनके साथ उनकी फूड टेस्टिंग लैब चलती है, जिसमें रूस के शेफ खाना बनाते हैं। पुतिन भारत दौरे पर हैं, लेकिन इस दौरे से अलग उनकी कहानियां काफी फेमस हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन के लिए स्पेशल

    प्राइवेट डिनर ऑर्गेनाइज किया था। लेकिन इस डिनर में भी पुतिन ने अपनी लैब में बना खाना ही खाया है और इसकी वजह काफी दिलचस्प है। पुतिन की सिक्योरिटी में लगातार इजाफा होता रहा है। 2010 में यह नियम बनाया गया कि पुतिन विदेश में किसी भी बैंकवेट का खाना नहीं खाएंगे। उनके साथ पूरा मोबाइल फूड लैबोरेटरी जाता है जिसमें शेफ, टेस्टर और साइंटिस्ट भी

    होते हैं। हर चीज पानी से लेकर सलाद तक पहले लैब में टेस्ट होती है। उसके बाद परोसी जाती है। उनके आईएल96 प्लेन में एक अलग कंपार्टमेंट में उनका खाना होता है। जैसे रूसी त्वरोग, रूसी आइसक्रीम, रूसी शहद और रूसी बोतलब बंद पानी। पुतिन ने हर बार की तरह इस बार भी भारतीय शेफ के हाथों के खाने से परहेज किया है। दिसंबर 2014 में जब पुतिन भारत आए थे तो मुंबई के ताज होटल के एक पूरे फ्लोर को

    रूसी सिक्योरिटी एजेंसी एफएसओ ने कब्जे में ले लिया था। होटल के किचन से सारा भारतीय मसाला हटा दिया गया था। 2018 में भी भारत रूस समिट के दौरान भी रूसी शेफ ने ही हैदराबाद हाउस के किचन में अपना स्टोफ लगाया था। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि राष्ट्रपति भवन में बिरयानी और गलौटी कबाब तैयार हुए थे। लेकिन पुतिन ने सिर्फ अपना रूसी सलाद और थरो खाया था। 2022 में समरकंत की एसइओ समिट

    के बाद उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोव ने पुतिन को प्लोज खिलाने की कोशिश की थी। लेकिन पुतिन ने मना कर दिया था। क्रमलन ने भी एक बार कहा था कि राष्ट्रपति के पास खास भोजन और सिक्योरिटी नियम है। विदेश में हम अपने प्रोडक्ट ही इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि पुतिन को बाहर के पानी पर भी कोई भरोसा नहीं है। जब वह किसी देश में पहुंचते हैं तो प्लेन से फटाफट उनकी पानी की बड़े पैमाने पर लदी बोतलें

    निकाली जाती हैं। जो सुरक्षा के बीच उस होटल में पहुंचाई जाती है जहां वह रुकते हैं। दिन भर के उनके कार्यक्रमों जैसे कि मीटिंग्स में और बाकी सभी चीजों के दौरान उनकी टीम उनका खास पानी भी साथ रखती है। जहां वह जरूरत महसूस करते हैं, वहां वह पानी पी सकते हैं। वह पानी उन्हीं का होता है। उनकी पब्लिक और इंटरनेशनल मीटिंग्स में लगातार पानी रखा जाता है। वह बहुत कम मात्रा में छोटे-छोटे स्टिप लेते देखे जाते हैं। खाना पकाने में और खाना परोसने में भी उनकी निजी

    टीम रूसी राशन और रूसी बॉटल्ड वाटर का ही इस्तेमाल करती है। यानी कि रूस के पानी का ही इस्तेमाल करती है। इस काम में होटल और उस देश के पानी का उपयोग पूरी तरह से वान है। हाइजीन सफाई और रोज के जरूरी कामों के लिए जैसे कि बर्तन ग्लास की सफाई, प्लंबिंग में, टूथब्रश करने, मुंह साफ करने में भी अपना ही पानी इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि अगर उनको हाथ भी धोना है तो अपना पानी इस्तेमाल करते हैं। अगर उनके सुरक्षा टीम ने शावर और टैप के

    पानी को क्लियर कर दिया हो तो इस काम में होटल के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। पुतिन चाय कॉफी नहीं पीते अमूमन सूप पीते हैं। उनके साथ उनके किचन सेटअप और फूड टेस्टिंग लैब भी साथ चलती है। कहीं भी पहुंचते ही फटाफट किचन सेट हो जाता है। रूस से लाई हारी की चीजें सेट हो जाती हैं। रूसी बोतल सील्ड बंद पानी रख दिया जाता है। हालांकि एक टीम और साथ चलती है जो इन सारी चीजों की निगरानी करती है और वेस्ट का एक भी तिनका बाहर नहीं निकलने देती

    है। उसे नष्ट कर देती है। यानी कि पुतिन ने भारत का ना कुछ खाया और ना ही यहां अपना इस्तेमाल किया कोई सामान छोड़ कर जाएंगे। फिलहाल के लिए मेरे साथ इस खबर में इतना ही। आप देखते रहिए

    stardaily.in

  • 5 तरीके जिससे आपका फोकस अटूट हो जाएगा | Swami Vivekananda

    कई बार हम सबको लगता है कि चाहे पढ़ाई हो, करियर हो या कोई सपना मन स्थिर ही नहीं रहता। हम शुरू तो करते हैं लेकिन कुछ ही देर में ध्यान बट जाता है। यही सवाल लेकर एक दिन एक नौजवान स्वामी विवेकानंद के पास पहुंचा और उनसे कहने लगा स्वामी जी मैं बहुत कोशिश करता हूं पढ़ाई और काम पर ध्यान लगाने की। लेकिन मेरा मन बार-बार भटक जाता है। मुझे समझ

    नहीं आता कि आखिर मैं फोकस कैसे करूं। कृपया मार्गदर्शन दीजिए। स्वामी विवेकानंद ने मुस्कुराते हुए कहा, एकाग्रता ही सफलता की कुंजी है। जिसने मन को साध लिया, उसने जगत को जीत लिया। मैं तुम्हें पांच सरल लेकिन शक्तिशाली सुझाव दूंगा। जिन्हें अपनाकर तुम अपने अंदर गहरी एकाग्रता ला सकते हो। नौजवान ध्यान से स्वामी जी की बात सुनने लगा। स्वामी जी ने कहा, पहला सुझाव लक्ष्य स्पष्ट करो। बिना लक्ष्य के

    इंसान समुद्र में भटकती नाव जैसा है। जब तक तुम्हें यह पता ही नहीं कि जाना कहां है तब तक ध्यान कैसे टिकेगा। सबसे पहले अपना उद्देश्य लिखो। चाहे वह पढ़ाई में अव्वल आना हो। किसी प्रतियोगिता में सफलता पाना हो या जीवन में बड़ा लक्ष्य हासिल करना हो। याद रखो स्पष्ट लक्ष्य ही एकाग्रता की पहली सीढ़ी है। अगर हमारे सामने स्पष्ट लक्ष्य होता है तो हमारे मन को भटकने का कम समय मिलता है। दूसरा सुझाव मन को वर्तमान में लाओ। ज्यादातर लोग या तो अतीत की

    यादों में जीते हैं या भविष्य की चिंता में। जबकि शक्ति तो सिर्फ वर्तमान में है। जब भी मन भटके खुद से पूछो अभी कौन सा काम सबसे ज्यादा जरूरी है? फिर कहो अभी यही काम सबसे महत्वपूर्ण है? पढ़ाई करते समय सिर्फ किताब में डूबो। काम करते समय सिर्फ काम को देखो। धीरे-धीरे मन वर्तमान में टिकना सीख जाएगा। तीसरा सुझाव ध्यान और प्राणायाम। मन को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी साधन है ध्यान और प्राणायाम। रोज कुछ देर आंखें बंद करके गहरी सांस लो और सिर्फ अपनी सांसों को महसूस करो। यह अभ्यास तुम्हारे मन

    को स्थिर करेगा। याद रखो ध्यान मन की तलवार को तेज करने जैसा है। जितना अभ्यास करोगे उतना मन धारदार होगा। चौथा इंद्रियों पर नियंत्रण। फोकस तभी बढ़ेगा जब तुम अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करना सीखोगे। नींद, भोजन और भोग। अगर किसी इंसान के अंदर इन तीनों में से किसी एक चीज का भी प्रेम है तो वह पशु समान है। निरर्थक बातें, बेकार की बात करने की आदतें और घंटों का समय बर्बाद करने वाले काम

    यह सब तुम्हारे ध्यान को चुरा लेते हैं। अगर तुम सच में सफल होना चाहते हो तो तय करो कि कौन सी चीज तुम्हें आगे बढ़ा रही है और कौन सी पीछे खींच रही है। अनुशासन ही एकाग्रता का आधार है। पांचवा आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच। स्वामी जी मन तभी एकाग्र रहता है जब उसमें आत्मविश्वास और सकारात्मकता हो। यदि तुम बार-बार सोचोगे कि मुझसे

    नहीं होगा तो मन कभी स्थिर नहीं होगा। खुद से कहो मैं कर सकता हूं मैं जरूर सफल होऊंगा। यह वाक्य तुम्हारे भीतर ऐसी शक्ति जगाएगा कि बाधाएं भी अवसर लगने लगेंगे। याद रखो विश्वास ही शक्ति है। नौजवान धन्यवाद स्वामी जी। आज आपने मेरे जीवन का रास्ता साफ कर दिया। अब मैं लक्ष्य स्पष्ट करूंगा। वर्तमान में रहूंगा। ध्यान का अभ्यास करूंगा। अपनी आदतों पर नियंत्रण रखूंगा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढूंगा। स्वामी

    विवेकानंद के यह पांच सुझाव ना सिर्फ उस नौजवान के जीवन को बदल गए बल्कि आज भी हर विद्यार्थी हर युवा के लिए अमूल्य मार्गदर्शन है। एकाग्रता ही सफलता की कुंजी है। जिस दिन आपने अपने मन को साध लिया उसी दिन जीवन की हर बाधा छोटी लगने लगेगी।

  • 10 हजार के बाद Bihar की महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये | CM Nitish | Jivika

    CM नीतीश कुमार का ऐलान जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई। अब इसके बाद हम लोगों ने 2000 इसमें 24 में भी किया कि शहरी क्षेत्रों में भी नहीं होता है वो भी हो। अब शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है। आप जान लीजिए कि इसमें लगभग 4 लाख और 34,000 जीविका दीदियों दीदियां हैं और इनका गठन लगातार और भी

    बहुत तेजी से काम हो रहा है शहरी क्षेत्र में भी। तो यह सब काम हो रहा तो वर्तमान में महिलाओं के रोजगार के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की गई है। जिसके तहत हर घर की एक महिला को ₹100 के दर से अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को एक राशि दी जा चुकी है। सिर से शेष महिलाओं को राशि दे दी जाएगी। अब जिन महिलाओं का रोजगार अच्छा चलेगा उन्हें ₹ लाख तक की सहायता दी जाएगी। यह सब काम करना जा रहा है। सरकार ने शुरू से ही

    सभी तबकों का विकास किया है। चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो, सभी के लिए काम किया गया। मुस्लिम समुदाय के लिए भी हमने काफी काम किया। मदरसों को सरकारी मान्यता दी गई है। उनके शिक्षकों को अन्य सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया गया। अब सभी वृद्ध जनों, दिव्यांग जनों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन की राशि ₹400 से

    अभी बढ़ा करके हम लोगों ने कर दिया है। ₹1100 कर दिया गया। जिससे 1 करोड़ 14 लाख लोगों को फायदा हो रहा है। विकास कार्यों में जो कमी रह गई उसे पूरा करने के लिए वर्ष 2024 के दिसंबर एवं 2025 के सरकारी जनवरी फरवरी माह में हम जो गए थे मैंने प्रति प्रगति यात्रा के दौरान सभी जिलों में जाकर विकास

    कार्यों को देखा और जो कमी रही उसे पूरा करने के लिए पूरे बिहार के लिए 430 नई योजनाओं की स्वीकृति दी गई है और हर जिले में जो कुछ भी है उसके लिए काम किया जा रहा। सभी जिलों में इन योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इन सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करा दिया करा लिया गया जाएगा।

    अब इसके अलावे बिहार के विकास में अब केंद्र सरकार ने भी कितना बड़ा सहयोग किया। बिहार के विकास में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 में 24 के बजट में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गई है केंद्र सरकार के द्वारा जुलाई 20 24 में और फिर फरवरी 2025 के बजट में बिहार में मखाना बोर्ड एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए

    वित्तीय सहायता आदि की घोषणा की गई है। और फिर वर्ष 2018 में देश के कुछ राज्यों में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन हुआ था। अब इस वर्ष खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में हुआ है जो गौरव की बात है। इन सब के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हम नमन करते हैं। सब करिए ना नमन। एक बार हाथ उठा के बढ़ाइए। सब सब काम किए। सब काम किए। सब कुछ कर रहे हैं। आप लोग काहे नहीं

    करते? आप लोग भी कहिए सबके लिए काम कर रहे हैं वो सब तरह से तो इसीलिए हम आपको कह रहे हैं तो इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का नमन करते हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी कई बार बिहार आए हैं तथा उनके द्वारा विकास कार्यों का शिलान्यास शुभारंभ किया गया है। बहुत बार हम आते हैं पटना और चारों तरफ देखते हैं और सबके लिए फायदा करते हैं। तो ये सब काम हो रहा है। इन सभी योजनाओं पर अब

    तेजी से काम हो रहा है। तो मतलब जो बिहार के माध्यम से और केंद्र के माध्यम से इतना हो रहा है कि अब जान लीजिए कि इस बार जो हम लोग आए हैं। अब आप समझ लीजिए कि बहुत आगे बढ़ेगा। बहुत विकसित होगा आगे। इस बात को जान लीजिए। हमने आपके सुनो ना भाई सुनो ना पहले था बतवा मेरा सुन बैठे मत बोलिए कर रहे हो प्लीज बैठे मत बोलिए हमने आपको हमने आपको पहले की पहले ही बताया है कि हमारी सरकार ने पिछले 20 वर्षों में विकास के अनेक काम किए हैं। इस क्षेत्र में काम हुआ है। चाहे शिक्षा हो,

    स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कुर्सी हो, महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत काम हुआ है। समाज के हर तबके के लिए सरकार ने काम किया है। इस बार बिहार के लोगों ने भारी बहुमत से एनडीए, नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस को जिताया है। अब विकास की गति को और तेज किया जाएगा। केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। आने वाले 5 वर्षों में विकास के अनेक काम किए जाएंगे। हर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा। इसी बार के बारे में जान लीजिए और तेजी से जो है औद्योगिक विकास किया जाएगा।

    महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। और शिक्षा एवं स्वास्थ्य को और आगे बढ़ाया जाएगा। कृषि रोड मैप के काम को तेजी से किया जाएगा। खेल एवं पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विकास किया जाएगा। और सातवां है गांव के साथ-साथ शहरों का भी तेजी से विकास किया जाएगा। अब हमारा राज्य लगातार विकास कर रहा है। इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अब अगले 5 वर्षों में और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा। जो इस बार का काम है जान लीजिए बहुत आगे बढ़ेगा और

    बिहार के विकास में केंद्र का भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है जो आपको हम बता दिए केंद्र सरकार भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है तो बिहार और विकसित होगा और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान होगा तो मैं अनुरोध करता हूं कि माननीय राज्यपाल महोदय के अभिभाषण के लिए उनके प्रति धन्यवाद का प्रस्ताव सदन सर्वसम्मति से पारित करें। यही हम कह रहे हैं। बहुत चीज उनको जो दिया था वो भी कर दिए हैं और

    यह सब आपको बता दिए हैं कि बहुत सारा काम हो रहा है और तेजी से काम हो रहा है। इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद। आप लोग काहे नहीं कर रहे हैं? काहे नहीं कर रहे हैं? ये सब लोग कर रहे हैं? अरे भाई अरे सबके लिए फायदा है। अरे भाई अब हम तो दो बार थोड़ा-थोड़ा आपको रखे हुए थे तो कितना हम कमा किए थे। आप तो सब मेरा बतवा मान लेते थे। अब बाद में गड़बड़ किए तो हम तो छोड़ दिए। हम कभी नहीं जाएंगे। अब तो हमारा वही रहेंगे।