
नीतीश का गृह विभाग भाजपा के पास जाते ही बिहार में बुलडोजर एक्शन की शुरुआत हो गई है और जिन महिलाओं के दम पर नीतीश कुमार जीतकर मुख्यमंत्री बने उन्हीं महिलाओं पर लाठियां बरसाई जा रही है। आप खुद इस तस्वीर को देखिए। इस तस्वीर में आपको नजर आ रहा होगा कि पुलिस जो है वो लगातार उनके आसपास मौजूद तमाम लोगों पर लाठियां बरसा रही है। इसी दौरान एक कोने में एक महिला खड़ी होती है।
उसके पास से जैसे ही पुलिसकर्मी गुजरता है, पुलिसकर्मी की नजर उस महिला पर पड़ती है, वह पुलिसकर्मी महिला पर एक डंडा मारता है और फिर उस महिला को धक्का दे देता है। सोशल मीडिया यूज़र्स के मुताबिक जिस महिला को धक्का दिया गया है, वह महिला गर्भवती थी यानी प्रेग्नेंट थी और उसे इस तरीके से पुलिस वाले ने धक्का दे दिया। दोस्तों, संविधान के मुताबिक एक महिला से महिला पुलिसकर्मी ही डील
करती है। लेकिन यहां पर वैसा कुछ भी होता नहीं दिख रहा है। यह वही महिलाएं हैं जिन्होंने बिहार चुनाव में बढ़-चढ़कर बंपर वोटिंग की थी। इस आस में कि नीतीश कुमार दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे तो उनको फायदा होगा, महिलाओं को फायदा होगा। लेकिन फायदा क्या हो रहा है आप इन तस्वीरों में देख पा रहे हैं। इसके अलावा और जो तमाम तस्वीरें सामने आई हैं, हम उस पर भी बात कर लेते हैं। उससे पहले आपको बता दें कि यह जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, यह जो बुलडोजर एक्शन जिस
पर हम बात कर रहे हैं, यह बेगुरसराय का बुलडोजर एक्शन है जो कि लोहिया नगर झोपड़पट्टी से जेल तक चलाया गया है। इस बुलडोजर एक्शन के दौरान तमाम महिलाओं पर मेल पुलिसकर्मियों के डंडे बरसाए गए हैं। पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं पर डंडे बरसाए हैं। उन्हें जबरदस्ती हाथ पकड़ कर घसीटा है। हालांकि इस दौरान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिलाओं ने पुलिसकर्मियों को गालियां भी दी हैं। लेकिन जिस तरीके से पुलिसकर्मी ने एक महिला पर डंडा मारा और बाद में
उसे धक्का दे दिया। अब यह वीडियो वायरल हो रहा है और इस पर एक्शन लेने की मांग की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ जो और भी तमाम तस्वीरें निकल कर सामने आई हैं आप उसमें देखेंगे तो पुलिसकर्मी तमाम लोगों को पकड़ के घसीटते हुए किसी का बाल किसी का हाथ पकड़ कर घसीटते हुए ले जाते हुए दिख रहे हैं। इस दौरान तमाम जो महिलाएं वहां पर मौजूद हैं, वह पुलिसकर्मियों से गुहार लगा रही हैं ऐसा ना करने की। लेकिन पुलिसकर्मी और नगर निगम के तमाम अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। अब इसके पीछे की कहानी क्या है?
तमाम लोग जो भाजपा के सपोर्टर हैं, वह आ जाएंगे कहने कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है। वहां पर जबरन कब्जा किया गया था। तो आपको बता दें कि कहीं पर भी अगर बुलडोजर एक्शन लिया जाता है या फिर इस तरीके की कार्यवाही की जाती है तो उन्हें पहले सूचना दी जाती है, जानकारी दी जाती है। लेकिन वैसा यहां पर बिल्कुल देखने को नहीं मिला। भाजपा की पुलिस वहां पहुंचती है और ताबड़तोड़ एक के बाद एक तमाम जो झोपड़ियां बनी हुई थी उन्हें हटाना शुरू कर देती है। वहां पर रह रहे तमाम लोगों के मुताबिक उन्हें पहले से ना ही
इस बात की जानकारी थी और ना ही किसी प्रकार का सूचना भी उन्हें मिला था। ठंड के दिनों में उनके सर से छत छीन ली गई। ठंड के दिनों में अब तमाम यह जो परिवार हैं, वह खुले आसमान के नीचे अपनी रात बिताने पर मजबूर हैं। अपने दिन काटने पर मजबूर हैं। तमाम लोगों ने पाईपाई जोड़कर जो अपने घर में अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए चीजें इकट्ठा की थी, रजाई गद्दे का इंतजाम किया था, अपने बच्चों के लिए स्वेटर मोजो का इंतजाम किया था, वह सारी चीजें बुलडोजर एक्शन के साथ मलबे में दबकर रह गई हैं। जब यह
तस्वीरें सामने आती हैं, तो यह तस्वीरें इस बात की गवाह हैं कि भाजपा जब सरकार में आती है और उसको सत्ता मजबूत मिल जाती है। उसके नंबर गेम ज्यादा हो जाते हैं। तो इसी तरीके से तानाशाही करती है और जो हमने बिहार की पुलिस को भाजपा की पुलिस बताया वह भी इसलिए क्योंकि मौजूदा समय में बिहार में जो गृह विभाग है वह भाजपा के नेता सम्राट चौधरी के पास है जो कि डिप्टी सीएम भी हैं। पहले यही गृह विभाग जो है नीतीश कुमार के पास हुआ करता था। नीतीश कुमार के कार्यकाल में महिलाओं में इस तरीके से ज्यातियां नहीं
की जाती थी। लेकिन जैसे ही यह विभाग सम्राट चौधरी के पास आता है, वैसे ही महिलाओं पर इस तरीके से पुलिस लाठियां बरसाने लगती है और जो तमाम नेता हैं, जो जिम्मेदार हैं, जो इस चीज पर जिनको बोलना चाहिए, वो चुप्पी साध लेते हैं। सत्ता पक्ष अब इस वायरल वीडियो पर कोई भी जवाब देने के लिए राजी नहीं है और वह इस वायरल कहानी का जिक्र आते ही बगले झांकने लगते हैं। इस कहानी में तमाम जो
जानकारियां सामने आ रही हैं उस पर अगर हम बात करें तो लोहिया नगर गुमटी के पास 100 से अधिक झोपड़ अह झोपड़ पट्टी नुमा दुकान और घर को हटाया गया है। इस दौरान सबसे ज्यादा महिलाएं भड़की हैं। महिलाओं का कहना था कि हमें पहले से जानकारी दी जानी चाहिए थी ताकि हम अपना इंतजाम अपने बच्चों का इंतजाम कहीं और कर पाते। प्रशासन महिलाओं का कहना है कि प्रशासन तमाम अधिकारियों के साथ तमाम बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंचता है और घर हटाना
शुरू कर देता है। इससे उन्हें मौका नहीं मिल पाता अपने घर की सामान अपने बच्चों को सुरक्षित करने का। इस दौरान महिलाओं ने अधिकारियों से झड़प भी की और ऐसा ना करने की भी मांग की। लेकिन अधिकारी वहां पर ज्यादा संख्या में थे। पूरे दलबल के साथ पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। तो उन्होंने वहां मौजूद तमाम लोगों की नहीं सुनी। जो करने आए थे वह करके गए हैं। जानकारी के मुताबिक इसी तरीके से तमाम जगहों पर बुलडोजर एक्शन लिया जा रहा है सम्राट चौधरी के कहने पर
क्योंकि डिप्टी सीएम होने के साथ-साथ उनके पास गृह विभाग की भी जिम्मेदारी है। अब इसको लेकर के आक्रोश उठने लगा है। विपक्षी दल के जो तमाम नेता हैं उनका कहना यह है कि भाजपा के पास पावर आते ही भाजपा इस तरीके से आम लोगों पर ज्यादतियां करने लगती है। विपक्षी दल के नेता नीतीश कुमार से भी सवाल पूछ रहे हैं और कह रहे हैं कि जिन महिलाओं के खाते में ₹10 ₹1ज़ दिए थे और उन महिलाओं ने
आपको बंपर वोट किया तो सरकार आने के बाद आपने उन महिलाओं को इस तरीके से उनके जो वोट थे उसके बदले में इनाम दिया है। क्या वोट के बदले डंडा मिलेगा आम जनता को? इस तरीके से भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। फिलहाल यह जो महिला पर पुलिसकर्मी का डंडा बरसाते हुए वीडियो सामने आया है, यह सिर्फ इकलौता ऐसा वीडियो है, जबकि तमाम तस्वीरें और ऐसी ही निकल कर सामने आ रही हैं। जहां पर पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ इसी तरीके से
ज्यादती की है। उन्हें घसीटने की कोशिश की है और उन पर जबरन लाठी डंडे बरसाने की भी कोशिश की है। और अब इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी तमाम लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इन तस्वीरों को देखकर आप क्या कहना चाहते हैं? आप क्या सोचते हैं? और जिस तरीके से भाजपा राज में महिलाओं पर ऐसे आक्रमण किए जा रहे हैं, महिलाओं पर ऐसे हमले किए जा रहे हैं, उसको लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में बताइएगा।












