दोस्तों ये भाजपा का मंगल राज है। आगे-आगे बंदूकधारी फायरिंग कर रहे हैं और पीछे-पीछे बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा आ रहे हैं। लखीसराय में विजय सिन्हा का विजय जुलूस निकला और इसमें जमकर हर्ष फायरिंग की गई। अगर आपको याद हो तो पूरे बिहार चुनाव में बीजेपी जंगल राज का जिक्र करती
रही है। सिक्सर के छह गोली गाने का जिक्र तो खुद नरेंद्र मोदी कर रहे थे। कह रहे थे हो देखो कैसे गाने बना रहे हैं। लेकिन वो तो गाने थे। यहां तो सच में दिन दहाड़े भरी भीड़ में फायरिंग की जा रही है। और मजाल है कि कानून कुछ कर पाए। पहले आप यह देखिए।
दोस्तों, बिहार के लोगों को जंगल राज से डराकर उनके सामने ही भर-भर कर गोलियां चलाई जा रही हैं। वीडियो में पीछे विजय सिन्हा जनता को धन्यवाद दे रहे हैं। प्रधानमंत्री चुनाव में लोगों को कट्टे से डरा रहे थे। चुनाव के बाद उन्हीं प्रधानमंत्री के डिप्टी सीएम के जुलूस में बंदूकों से फायरिंग हो रही है। हर्ष फायरिंग के लिए भारत में कानून है कि खुशी का इज़हार करने के लिए
आप गोली बंदूक नहीं चला सकते। आर्म्स एक्ट 1959 या फिर भारतीय न्याय संहिता में हर्ष फायरिंग को अवैध माना गया है। ऐसा करने पर अधिकतम 2 साल तक की कैद ₹1 लाख तक का जुर्माना और दोनों है। अगर हथियार लाइसेंसी है तो लाइसेंस तुरंत रद्द हो जाता है। अवैध हथियार के मामले में सजा और कड़ी हो सकती है। जैसे कि उम्र बिकैद भी दी जा सकती है। लेकिन भाजपा के डिप्टी सीएम के लिए फायरिंग हो रही है।
इसलिए इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। कानून भाजपा नेताओं के आगे घुटने टेक देता है और विपक्ष के नेताओं को बकरी चोरी, मुर्गी चोरी के आरोपों में भी जेल में सड़ा देता है। संविधान की कोई धारा भाजपा के नेताओं पर लागू नहीं होती है। यही फायरिंग अगर विपक्ष के नेता के लिए हुई होती तो पुलिस अब तक इन बंदूक धारियों का घर घेर चुकी होती। कानून इन लोगों के खिलाफ आतंकवादियों जैसा बिहेव करता। मीडिया 24 घंटे की डिबेट आयोजित कर रहा होता। जंगल राज के
बारे में बता रहा होता। कुछ पत्रकार इसे विपक्ष का गुंडा राज भी बता रहे होते। लेकिन क्योंकि यहां पर भाजपा राज है तो सब कुछ मंगल है। हालांकि विजय सिन्हा ने इसके इशारे बहुत पहले ही दे दिए थे। कैसे इशारे इस पर भी बात कर लेते हैं। दरअसल जब लखीसराय में विजय सिन्हा पर गोबर फेंका गया तो विजय सिन्हा ने पहले लोगों की छाती पर बुलडोजर चलाने की बात कही थी और फिर अपने सिक्योरिटी गार्ड को सुनाते हुए कहा था
कि गोली नहीं चला सकते तो फिर लेके क्यों खड़े हो? यानी कि गोबर का जवाब वह गोली से देना चाहते थे। अब दे भी दिया है। बिहार के दूसरे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी कुछ दिनों पहले ही अपराधियों पर नकेल कसने की बात कर रहे थे। उम्मीद है यह फायरिंग का वीडियो उन तक जरूर पहुंचे। अब वीडियो वायरल होते ही विजय सिन्हा को लोगों ने घेरना शुरू कर दिया है। आरजेडी ने पोस्ट करते हुए लिखा चलाओ गोली
दिखाओ दो नाली। हड़काओ पब्लिक को खाली। सुभाष की सरकार आई है। बड़बोले दुशासन की सरकार आई है। अब 5 साल तक 2530 साल पहले की मनगढ़ंत बातों पर प्रवचन सुनते रहिए। क्योंकि इससे अधिक इस सरकार के बस का कुछ भी नहीं है। प्रियंका भारती लिखती हैं, आपको क्या लगता है यह गोलियां बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा जी के स्वागत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चलाई है? नहीं। यह गोलियां हर दलित पिछड़े अति पिछड़े को दिखाने के लिए चलाई जा रही
है। हालांकि इसके इशारे तो विजय सिन्हा जी ने वोटिंग के दौरान ही दे दिए थे। गृह मंत्री सम्राट चौधरी को अगर समय मिले तो जरूर देखिएगा। प्रदीप पटेल लिखते हैं, बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की अभिनंदन यात्रा में जमकर हर्ष फायरिंग किया गया है। जंगल राज का राग अलापने वाले लोग बताएंगे यह क्या है? क्या बिहार पुलिस इन लोगों पर कोई कार्रवाई करेगी? प्रियांशु कुशवाहा लिखते हैं उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा का विजय जुलूस निकला है। सरेआम गोलियां चल रही हैं। प्रशासन नंगा हो चुका है। यह बिहार का
सुशासन राज है। धर्मेंद्र सिंह लिखते हैं, बिहार में कैसे माफिया राज खत्म होगा? कैसे अपराधियों पर नकेल कसा जाएगा? जब डिप्टी सीएम के स्वागत में ही फायरिंग हो रही है। बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के अभिनंदन यात्रा में जमकर हर्ष फायरिंग किया गया है। क्या बिहार पुलिस इन लोगों पर कोई कारवाई करेगी? बोल दे कि यह सब धंधा अब बंद हो। वहीं जब फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ तो हंगामा तो मचना तय था। प्रशासन को जवाबदेही देनी थी। इसलिए फायरिंग करने वालों को धर लिया गया है। एसपी ने
कहा मामला संज्ञान में आया है। हर्ष फायरिंग पर रोक है। जिन लोगों ने ऐसा किया है उन्हें थाने बुलाया गया है। पूछताछ के बाद आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। आगे मामले की जांच की जा रही है। हालांकि आप इस राज को क्या कहेंगे कमेंट में जरूर बताइएगा।
भारत के किसी गांव के पास एक घना और रहस्यमई जंगल था। उस जंगल में एक बहुत ही पुराने पीपल के पेड़ पर एक नन्ही सी गौरैया रहती थी। मिनी, मिनी छोटी थी। मासूम थी और सपनों से भरी हुई थी। लेकिन वो उड़ नहीं पाती थी। जंगल के बाकी पक्षी सुबह होते ही आसमान में ऊंचा उड़ते। कलाबाजियां मारते, बादलों के ऊपर निकल जाते। लेकिन मिनी वो हर किसी को
देखकर चुपचाप अपने घोंसले के कोने में बैठ जाती। उसके दिल में भी यही इच्छा थी। काश मैं भी उड़ पाती। काश मैं भी उन बादलों को छू पाती और सूरज की किरणों में नहा पाती। लेकिन जब भी वह कोशिश करने जाती उसका दिल डर से कांप उठता। जैसे ही वह अपने पंख उठाती और कूदने की हिम्मत जुटाती। तभी उसका संतुलन बिगड़ जाता और वह सीधे जमीन पर आ गिरती। जंगल के बाकी पक्षी उस पर हंसते और उससे कहते अरे तू तो उड़ ही नहीं सकती। डरपोक है तू मिनी। उनकी हंसी से मिनी की आंखों में आंसू आ जाते।
लेकिन वो कभी भी पलट कर कुछ नहीं कहती। चुपचाप सुन लेती। रात को अकेले में मिनी आसमान की ओर देखती और अपने आप से कहा करती शायद मैं कमजोर हूं। लेकिन मेरे इरादे मजबूत हैं और मुझे अपने आप पर यकीन है। अगले दिन एक रंग बिरंगी तोता उसी पेड़ पर आया। उसकी आंखों में चमक और आवाज में आत्मविश्वास झलक रहा था। उसने मिनी से कहा, गिरने से उड़ान नहीं रुकती। असली उड़ान कभी भी पंखों से नहीं होती। वो हमारे हौसलों से होती है और तेरे अंदर
वह हौसला है। याद रख असली जीत उसी की होती है जो हर बार गिरकर भी उठता है। तोते की बातों ने मिनी के दिल में एक उम्मीद की आग जलाई। उस रात वो मुस्कुराई। पहली बार उसके होठों पर विश्वास की मुस्कान थी। उसने अपने आप से कहा हां मैं फिर दोबारा कोशिश करूंगी क्योंकि मुझे अपने आप पर यकीन है। अगली सुबह ना कोई हति की आवाज थी ना ही कोई दूसरा पक्षी था। बस मिनी और उसकी इच्छा। उसने बिना किसी की परवाह किए पंख उठाए और नीचे कूद
गई। इस बार कुछ अलग हुआ। वो कुछ देर तक हवा में टिकी रही। फिर भले ही वह नीचे गिर गई लेकिन वो मुस्कुरा रही थी। उसने महसूस किया हां अब मैं उड़ रही हूं। भले ही चाहे कुछ देर दिन बीतते गए। हर दिन मिनी गिरती उठती और फिर दोबारा उड़ने की कोशिश करती। धीरे-धीरे उसकी उड़ान लंबी होने लगी। हंसी की जगह अब लोग उसकी हिम्मत देखने लगे। फिर एक दिन जंगल में तेज आंधी आई। जंगल के सारे पक्षी अपने-अपने घोंसले में छुप गए। सब डरे हुए थे। लेकिन मिनी उसने सोचा यही वो पल है जब मैं अपने आप को
साबित कर सकती हूं। वो अपने घोंसले से निकली। पंख उठाए और आंधियों के बीच उड़ चली। हवाओं से टकराई। शाकाओं से भिड़ी। कभी नीचे गिरी लेकिन हर बार ऊपर उठ खड़ी हुई। उसका हौसला डगमगाया नहीं। जब आंधी रुकी आसमान निखरा तो हर किसी ने देखा। मिनी अब आसमान के ऊपर उड़ रही थी। वही पक्षी जो कभी उसे डरपोक समझते थे। अब उसकी उड़ान देखकर चुप थे। उनकी आंखों में हैरानी और इज्जत दोनों थी। उसी तोते ने मिनी को देखा और उससे बोला, मिनी तूने अपने आप पर भरोसा किया और यही तेरी
सबसे बड़ी ताकत है। याद रख डर हर किसी को लगता है पर उड़ता वही है जो कोशिश करना नहीं छोड़ता। सालों बाद एक नन्ही चिड़िया उड़ने से डर रही थी। उसने मिनी से कहा, मैं गिर जाऊंगी इसलिए कोशिश नहीं कर रही। मिनी मुस्कुराई और उससे बोली डर तो सबको लगता है पर उड़ता वही है जो नीचे गिरने के बाद भी हार नहीं मानता। कोशिश करने से मत डरो क्योंकि कोशिश ही तुझे तेरी असली उड़ान देगी। दोस्तों गिरने से मत
डरो। तानों से अपनी हार मत मानो क्योंकि कोशिश करने वाला ही एक दिन आसमान की ऊंचाई तक
पहुंचता है। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी है तो आपको यह दूसरी कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।
सबसे पहले बात करते हैं इसके डिजाइन की। यह लैपटॉप आता है एक प्रीमियम मेटल बॉडी के साथ, जो न सिर्फ दिखने में शानदार है बल्कि बेहद हल्का और मजबूत भी है। इसे आप आसानी से कहीं भी लेकर जा सकते हैं — ऑफिस, स्कूल या ट्रैवल।
Display
इसका सबसे बड़ा हाईलाइट है इसका HD Display। क्रिस्टल-क्लियर विजुअल्स, शार्प टेक्स्ट और ब्राइट कलर्स… वीडियो एडिटिंग, मूवी देखने या ऑनलाइन क्लास — हर चीज़ में देता है एकदम मज़ेदार अनुभव।
Performance
परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें मिलता है तेज़ प्रोसेसर, साथ में पर्याप्त RAM और SSD स्टोरेज— जिससे लैपटॉप खुलता भी तेज़, चलता भी तेज़ और हैंग भी नहीं होता! चाहे multitasking हो या heavy work, यह सब संभाल लेता है आसानी से।
Battery & Ports
लंबी बैटरी लाइफ इसे और भी खास बनाती है। एक बार चार्ज करके आप इसे घंटों तक इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही आपको मिलते हैं सारे जरूरी ports — USB, HDMI, Type-C और headphone jack, जिससे आपकी connectivity हमेशा ready रहती है।
Who Should Buy
चाहे आप student हों, office user हों या entertainment lover… यह HD Laptop हर किसी के लिए एक perfect choice साबित हो सकता है।
Call to Action
तो दोस्तों, ये था HD Laptop का पूरा review। अगर आपको ये जानकारी अच्छा लगा हो तो share करना मत भूलिएगा। मिलते हैं अगले सलाह में, धन्यवाद!
अगर आप ढूंढ रहे हैं स्टाइल, पावर और माइलेज का परफेक्ट कॉम्बिनेशन… तो Honda की ये बाइक आपके दिल पर राज करने वाली है!
Design & Look
Honda की ये बाइक आती है एक दमदार स्पोर्टी डिजाइन के साथ। शार्प हेडलाइट, मस्कुलर फ्यूल टैंक और स्टाइलिश ग्राफिक्स इसकी शानो-शौकत बढ़ा देते हैं। देखते ही दिल कह देता है — यही चाहिए!
Engine & Performance
अब बात करते हैं इसके असली दम की — इसके इंजन की। Honda का refined और powerful इंजन आपको देता है स्मूद राइडिंग का मज़ा। चाहे शहर की भीड़ हो या हाइवे की स्पीड — ये बाइक हर जगह परफेक्ट परफॉर्म करती है।
Mileage & Comfort
Honda बाइक की सबसे बड़ी खासियत है इसका बेहतरीन माइलेज। कम पेट्रोल, ज्यादा सफर — यही है Honda का नाम। साथ ही comfortable सीटिंग और soft suspension आपकी राइड को बना देते हैं बेहद आरामदायक।
Safety & Features
सुरक्षा की बात करें तो इसमें मिलता है भरोसेमंद braking system, और modern features जैसे digital meter console, bright indicators और quality tyres। सुरक्षा भी, स्टाइल भी — सब कुछ एक ही बाइक में!
Best For Whom?
अगर आप हैं student, office-goer या daily rider… Honda की ये बाइक हर किसी के लिए एक perfect choice साबित होती है। कम खर्च – ज्यादा प्रदर्शन!
Final – Call to Action
तो दोस्तों, यह था Honda Bike का पूरा review। अगर आपको जानकारी पसंद आए तो share करें मिलते हैं अगले राय सलाह में… जय हिंद!
एक शांत गांव था। उसी गांव में एक साधारण आदमी रहता था। मोहन गांव में लोग उसे सोचू मोहन कहते थे। वजह यह थी कि वह हर बात पर बहुत सोचता था। खेत में काम करे तो सोचता, घर बैठे तो सोचता। यहां तक कि किसी से बात भी करे तो बाद में घंटों उसके शब्दों के बारे में सोचता रहता। गांव वाले हंसकर कह दे। अरे इसे कोई काम मत देना। यह 2 घंटे सिर्फ सोचता ही रहेगा। करेगा कुछ नहीं। मोहन की यही सबसे बड़ी समस्या थी। वह जीवन को बहुत ही मुश्किल मानता था। फसल
अच्छी हो या बेकार, घर में झगड़ा हो या सुकून उसे हर चीज बस बोझ ही दिखाई देती। वो अक्सर अपने आप से पूछता क्यों जिंदगी इतनी मुश्किल है? क्यों मैं चैन से नहीं जी सकता? एक साल की मेहनत के बाद जब मोहन की फसल तैयार हुई तो अचानक ही उस पर कीड़ों ने हमला कर दिया। महीनों का पसीना, मेहनत सब मिट्टी में मिल गया। मोहन का दिल टूट गया। घर लौटकर उसने अपनी पत्नी से कहा, अब मैं और नहीं कर सकता। जिंदगी मुझसे संभलती नहीं है। हर चीज
मुझे भारी लगती है। उसकी पत्नी ने धीरे से उत्तर दिया, “अगर तुम्हें इसका जवाब ढूंढना है, तो दूसरों से मत पूछो। या तो अपने आप से पूछ कर देखो या फिर किसी ऐसे से जो जिंदगी को सच में समझ गया हो।” उस रात मोहन देर तक जागता रहा। उसकी आंखों में अचानक एक नाम चमका। गौतम बुद्ध उसे बचपन में दादी की कहानियां याद आई। कैसे बुद्ध राजमहल त्याग कर
सच्चाई की तलाश में निकल गए थे। मोहन को पता चला कि पास के पहाड़ों के नीचे एक विशाल पीपल का पेड़ है। जहां पर एक महात्मा साधु ध्यान करते हैं। लोगों का यह मानना था कि उन्होंने बुद्ध से ही सीख ली है। मोहन ने यह ठान लिया। अगर कहीं जवाब मिलेगा तो उसी महात्मा के पास मिलेगा। सुबह सूरज निकलते ही उसने सर पर पगड़ी बांधी और निकल पड़ा। रास्ता आसान नहीं था। कांटे, पथरीले पत्थर, धूप लेकिन उसके अंदर
की बेचैनी इन सब मुश्किलों से आगे थी। दोपहर ढल रही थी जब वह आखिरकार उस पीपल के पेड़ के नीचे पहुंचा। वहां पर एक साधु शांत भाव से ध्यान में बैठे थे। उनके चेहरे से शांति टपक रही थी। ना उनके पास कोई वस्तु थी, ना कोई शिष्य, बस गहरी निरवता। मोहन कुछ देर तक बैठा रहा। फिर हिम्मत जुटाकर उनसे बोला, महात्मा जी, मैं एक सवाल लेकर आया। साधु ने आराम से अपनी आंखें खोली और मुस्कुराते हुए मोहन से कहा, “तुम सवाल लेकर नहीं जवाब की तलाश में यहां पर
आए हो। बोलो।” मोहन नीचे बैठ गया। उसकी आंखों से आंसू बहने लगे। उसने कहा जिंदगी मुझे बहुत मुश्किल लगती है। छोटी-छोटी बातें बहुत परेशान करती हैं। रिश्ते टूटते हैं। लोग बदल जाते हैं। मेहनत का हक नहीं मिलता। क्या यही जीवन है? साधु ने मुस्कुरा कर जमीन से एक हल्का सा पत्थर उठाया और बोले, “इसे हाथ में लो।” मोहन ने वो पत्थर उठा लिया। फिर साधु बोले, अब मुट्ठी कसकर बंद करो और इसे जोर से दबाओ।” मोहन
ने वैसा ही किया। 1 मिनट बाद फिर साधु ने पूछा क्या महसूस हो रहा है? मोहन बोला हल्का दर्द हो रहा है। हाथ में झनझनाहट है। साधु ने कहा क्यों? क्योंकि तुमने इस हल्के से पत्थर को कसकर पकड़ा है। यही जिंदगी की हकीकत है। जीवन मुश्किल नहीं होता बल्कि हम उसकी छोटी-छोटी बातों को कसकर पकड़े रहते हैं। जैसे ही तुम इस पत्थर को अपने हाथ से निकाल दोगे, दर्द भी चला जाएगा और तुम्हारा बोझ भी। मोहन जैसे जाग गया। वापस लौटते हुए रास्ते में उसने हर वस्तु को
हल्के में लेना शुरू किया। सूखे पत्ते, धूप की किरण, हवा सब में उसको सुंदरता दिखने लगी। गांव पहुंचा तो उसकी पत्नी ने पूछा, कोई जवाब मिला? मोहन ने मुस्कुरा कर बस इतना कहा। अब मैंने अपने हाथ से पत्थर निकाल लिया है। धीरे-धीरे लोगों ने उसके अंदर बदलाव देखने शुरू किए। अब वह शिकायत नहीं करता था। अगर उसकी फसल बेकार होती तो कहता इस बार मिट्टी को आराम की जरूरत थी। अगर कोई उसे ताना मारता तो वह बस मुस्कुरा देता। लोग हैरान होते। यही वो मोहन है जो पहले हर बात पर दुखी हो जाता था।
अब हर चीज को स्वीकार कर रहा। अब मोहन हर शाम गांव के परगद के नीचे बैठता। कोई भी परेशान होकर वहां से गुजरता तो मोहन बस उससे एक ही बात कहता। जिंदगी की सारी उलझनें मुट्ठी में दबे पत्थर जैसी होती है। बस उसे हाथ से निकालना सीखो। दोस्तों, इस कहानी से हमें यही सीख मिलती है। जिंदगी मुश्किल नहीं है। हम ही उसे अपने विचार और परेशानियों से मुश्किल बना देते हैं। ज्यादा सोचना बंद करो और हल्का जीना सीखो। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी है, तो आपको यह दूसरी कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।
दिल्ली में प्रदूषण फिर से बढ़ रहा है। गैब का तीसरा चरण हटने के बाद भी राहत नहीं है। नमस्कार, मैं हूं आपके साथ रुचिका राज और आप देख रहे हैं न्यूज़ 18 बिहार झारखंड का डिजिटल प्लेटफार्म। देखिए कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट यानी कि सीएम की ओर से ग्रैब का तीसरा चरण हटाने के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और भी ज्यादा बढ़ गया है। शहर का ईक्यूआई लेवल 377 दर्ज किया गया जो कि बहुत खराब श्रेणी में
आता है। पूर्वानुमान है कि आने वाले सप्ताह में भी राहत की उम्मीद नहीं है। वाहनों के धुएं का प्रदूषण भी बड़ा योगदान है। जबकि पराली जलाने का योगदान कम है। आपको बता दें कि कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट प्रदूषण का लेवल कम होने के बाद ग्रैब के तीसरे स्टेज को हटाने का ऐलान किया। लेकिन अगले ही दिन एक्यूआई फिर से बढ़ गया और इस वजह से दिल्ली की एयर क्वालिटी लगातार 14वें दिन बहुत खराब कैटेगरी में रही है। शहर का एक्यूआई 377 रिकॉर्ड
किया गया। अनुमान है कि आने वाले हफ्ते में कोई राहत नहीं मिलेगी। इस बीच आपको बता दें कि सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल यानी कि सीपीसीबी का समीर ऐप जो कि दिल्ली भर के मॉनिटरिंग स्टेशनों से रियल टाइम प्रदूषण रेटिंग दिखाता है ने अपना डाटा अपडेट नहीं किया था जैसे कि इससे पहले किया गया था। दिल्ली के लिए एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक आने वाले हफ्ते में एयर क्वालिटी बहुत खराब रहने की
संभावना है। आपको बता दें कि आईआईटी एम्मा पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक दिल्ली के प्रदूषण में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का हिस्सा 19.5% था। और पराली जलाने की अगर हम बात कर लें तो पराली जलाने से प्रदूषण सिर्फ 0.7% ही था। शुक्रवार को गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का हिस्सा 18.7% और पराली जलाने से 1.5% रहने का अनुमान है।
मौसम की अगर हम बात कर लें तो मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का ज्यादा से ज्यादा तापमान 25.7° सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि नॉर्मल से 0.3° कम है। जबकि कम से कम तापमान 8.3° सेल्सियस था जो कि नॉर्मल से 2° कम है। आपको बता दें कि ह्यूमिडिटी का लेवल 100 से 48% के बीच रहा। मौसम विभाग ने हल्के से मीडियम कोहरे का अनुमान लगाया है। ज्यादा से ज्यादा और कम से कम तापमान क्रम में 24 और 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की
उम्मीद है। दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप भी निकलेगी। आपको बता दें कि दिल्ली में ग्रैब थ्री हटने के बाद प्रदूषण फिर से बढ़ गया है। राजधानी का एक्यूआई 377 दर्ज किया गया। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 पार कर गया। इसके साथ ही स्मोग भी लौट आया है और स्कूलों को ऑफलाइन कर दिया गया है। सड़क मरम्मत से प्रदूषण में 32% की कमी आई है। दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के स्टेज थ्री प्रतिबंध हटाने
के साथ दिल्ली के स्कूल भी ऑफलाइन मोड में अब आ गए हैं। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सर्कुलर जारी किया है और पुराने हाइब्रिड मोड के दिशा निर्देश को वापस ले लिया है। आपको बता दें कि तीन दिनों से प्रदूषण स्तर में सुधार होने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने ग्रैब थ्री हटा दिया है। सड़क के रिपेयरिंग वर्क के बाद उस जगह के प्रदूषण के स्तर में 32% की कमी आई है। हालांकि इस जगह से 50 मीटर की दूरी पर प्रदूषण स्तर बढ़ा नजर आया और यह स्टडी
आईएलआई दिल्ली ने की है। आपको बता दें कि आईआईटी ने 2024 में जहांगीरपुरी आश्रम जैसी जगहों पर यह स्टडी की। इसके साथ ही डीपीसीसी के साथ मिलकर के यह स्टडी यह जानने के लिए की गई थी कि गड्ढे अगर भर जाएं तो प्रदूषण में कितनी कमी आएगी। आईआईटी दिल्ली के रिस्चर प्रोफेसर ने यह बताया है डॉक्टर सोफिया ने यह स्टडी की थी और दिसंबर के पहले सप्ताह तक ठंड बढ़ने के आसार नहीं है। आपको बता दें कि तापमान लगभग स्थिर ही बना
रहेगा और अगले छह से सात दिनों में तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होने वाला है। आसमान इस दौरान अधिकांश दिन साफ रहेगा। दो-तीन दिन हल्के बादल रह सकते हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.7° सेल्सियस रहा और यह सामान्य से 0.3° कम है। न्यूनतम तापमान की बात कर लें तो 8.3° रहा जो कि सामान्य से 2° कम है। जहरीली हवा का सबसे ज्यादा खामियाजा बुजुर्गों और बच्चों और जो भी अस्थमा के पेशेंट हैं सांस लेने में जिन्हें दिक्कत हो रही है उन सबको ही उठाना पड़ रहा है। आपको बता दें कि
एक्सपर्ट ने जो कहा है कि लोगों को घर में ही रहने की नसीहत एक्सपर्ट की तरफ से भी दी जा रही है। N 18 भी आपसे अपील कर रहा है कि आप घर में ही रहें। एयर प्यूरीिफायर के इस्तेमाल और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह एक्सपर्ट ने दी है। कहा है कि घर में अगर हो सके तो एयर प्यूरीिफायर लगाइए ताकि आप शुद्ध हवा ले सके और घर से कम से कम बाहर निकलिए। देखिए केंद्र प्रदूषण या नियंत्रण बोर्ड के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से कई जगह तो हालत इससे
भी ज्यादा गंभीर है। विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार एक्यूआई के इस स्तर पर लगातार सांस लेने से सांस संबंधित बीमारियां तेजी से बढ़ सकती हैं। फेफड़ों की क्षमता कमजोर हो सकती है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में इजाफा हो सकता है। इसके साथ ही सीपीसीबी ने भी चेतावनी जारी की है और यह सलाह दी है कि N95 मास्क के बिना घर से बाहर ना निकलें। सरकारी और संस्था संस्थागत उपाय अब तक राहत
दिलाने में नाकाम रहे हैं। इसलिए सीपी सीबी के अनुसार अगले कुछ दिनों में भी एक्यूआई 300 से 500 के बीच रहने का अनुमान है और इसके पीछे दो बड़ी वजह हैं। हवा की बेहद धीमी रफ्तार बारिश की पूरी तरीके से कमी।
बिहार की महिलाओं को बड़ी सौगात मिल रही है। महिलाओं की आर्थिक प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जेविका से जुड़ी 55,000 महिलाओं के खाते में ₹10 ₹10000 भेजे जा रहे हैं। यह राशि उनके छोटे-छोटे उद्यमों को मजबूती देने और स्वयं का रोजगार शुरू करने में महत्वपूर्ण आधार बनेगी। जीविका की शुरुआत ने ग्रामीण और
शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव किया। पहले जहां अधिकांश महिलाएं घरेलू कार्यों के बाद खाली समय बिताती थी वहीं अब जीविका समूहों से जुड़कर उन्होंने बचत, अनुशासन और सामूहिक विकास की राह पकड़ी है। समूहों के माध्यम से ना केवल अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण हुआ बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता, आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई। जीविका जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य
ममटन ने बताया है कि 55,000 लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यह आर्थिक सहायता उन्हें अपनी पसंद के रोजगार जैसे सिलाई, दुकान, संचालन, पशुपालन, खाद्य प्रसकरण, सब्जी उत्पादन, मछली पालन, रेडी टू ईट फूड, सूक्ष्म उद्योग आदि शुरू करने में मदद करेगी। इस योजना के अंतर्गत इससे पहले भी बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। सरकारी आंकड़ों के
अनुसार अब तक ₹5,8829 महिलाओं के खाते में 10 ₹10000 भेजे जा चुके हैं। कुल मिलाकर 588 करोड़ ₹900000 सीधे लाभार्थी तक पहुंच चुके हैं। इस राशि ने ना केवल हजारों घरों की आर्थिक स्थिति सुधारी है बल्कि महिलाओं को परिवार और समाज में नई पहचान भी दिलाई। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल प्रारंभिक सहायता तक सीमित नहीं रहती। जो महिलाएं अपने रोजगार को बेहतर ढंग से चलाती हैं और जिनका उद्यम सफल सिद्ध होता है उन्हें आगे ₹ 2 लाख तक के अतिरिक्त आर्थिक मदद प्रदान की जाती
है। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं के छोटे उद्यमी से सफल व्यवसाय तक का रास्ता उपलब्ध कराना है। जीविका समूह की महिलाएं सरकारी गैर सरकारी कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, साफ सफाई, टीकाकरण, ग्राम संगठन और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में भी उनका योगदान निरंतर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने इन समूहों को नई दिशा देते हुए उद्यमिता, उत्पादन और मार्केटिंग से जोड़ने का कार्य किया। 55,000 नई
महिलाओं के खाते में राशि भेजे जाने से जिले में आर्थिक गतिविधियों में और वृद्धि होगी। यह उम्मीद की जा रही है कि बड़ी संख्या में महिलाएं इस राशि से अपने रोजगार को गति देंगी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे कदम बढ़ाएंगी।
नमस्कार दोस्तों! आज हम सिर्फ 3 मिनट में दुनिया की 2 से 3 हज़ार साल की इतिहास की पूरी यात्रा करने वाले हैं। ये कहानी है इंसानों के विकास, साम्राज्यों के उदय–पतन और उन घटनाओं की जिन्होंने हमारी दुनिया को बदला। तो चलिए शुरू करते हैं समय की इस रोमांचक यात्रा को!
1. लगभग 3000 साल पहले – प्रारंभिक सभ्यताएँ
करीब 1000 ईसा पूर्व से दुनिया में कई महान सभ्यताएँ उभरने लगीं। भारत में वैदिक सभ्यता का समय था। चीन में झोउ राजवंश, यूनान में ग्रीक सभ्यता का उदय, और मिस्र में फ़िरऔनों का साम्राज्य अपनी चमक पर था। यही वो समय था जब मानव समाज संस्कृति, भाषा, युद्ध कला और धर्मों को आकार दे रहा था।
2. 2500–2000 साल पहले – महान साम्राज्यों का दौर
अब समय आया बड़े-बड़े साम्राज्यों और महान विचारकों का। भारत में मौर्य साम्राज्य और सम्राट अशोक, चीन में क़िन राजवंश और महान दीवार की शुरुआत, यूनान में एलेक्ज़ेंडर द ग्रेट, रोम में शक्तिशाली रोमन साम्राज्य… इसी दौर में बुद्ध, कन्फ्यूशियस जैसे महात्माओं ने दुनिया को नई सोच दी।
3. 1500–1000 साल पहले – धर्म, युद्ध और खोजें
अब दुनिया बदलने लगी। इस्लाम का उदय हुआ, यूरोप में बाइजेन्टाइन साम्राज्य, भारत में गुप्त और फिर दिल्ली सल्तनत। चीन ने बारूद, कागज़ और कंपास जैसे आविष्कार किए। दुनिया छोटे-छोटे राज्यों में बंटी हुई थी और हर जगह व्यापार, युद्ध और बदलाव तेज़ हो रहे थे।
4. 1000–500 साल पहले – मध्ययुग और खोजों का युग
यही वो समय था जब यूरोप में क्रूसेड युद्ध हुए। भारत में मुगल साम्राज्य स्थापित हुआ। अमेरिका में एज़टेक और माया सभ्यताएँ बढ़ रहीं थीं। क्रिस्टोफर कोलंबस ने अमेरिका की खोज की… और दुनिया पहली बार ‘ग्लोबल’ बनने लगी — यानी महाद्वीपों का एक-दूसरे से जुड़ना शुरू।
5. पिछले 500 साल – आधुनिक दुनिया की शुरुआत
औद्योगिक क्रांति ने दुनिया को मशीनों से भर दिया। ब्रिटिश, फ्रेंच और बाकी यूरोपीय देश उपनिवेश बना रहे थे। भारत में अंग्रेजों का राज आया और फिर आज़ादी की लड़ाई।” “दो विश्व युद्ध हुए। दुनिया बदली, सीमाएं बदलीं, सोच बदली।
6. पिछले 100 साल – टेक्नोलॉजी का विस्फोट
गाड़ियों से लेकर जहाज़ों तक, रेडियो से लेकर इंटरनेट तक… मानव इतिहास की सबसे तेज़ प्रगति इसी समय में हुई। आज हम AI, रोबोट्स और अंतरिक्ष यात्राओं की दुनिया में जी रहे हैं।
Conclusion
तो दोस्तों, ये थी हमारी दुनिया की 3 हज़ार साल की पूरी कहानी—सभ्यताओं से लेकर साम्राज्यों तक, और साम्राज्यों से आधुनिक तकनीक तक। अगर आपको ऐसी जानकारी पसंद आई हो तो Comment और Share ज़रूर करें!
अगर आप एक ऐसा लैपटॉप ढूंढ रहे हैं जो पावर भी दे, स्टाइल भी दे और भरोसेमंद प्रदर्शन भी… तो Dell का ये Laptop आपके लिए बना है!
Design & Build
दोस्तों, Dell के इस लैपटॉप का डिज़ाइन एकदम प्रीमियम है। स्लिम बॉडी, मजबूत मेटल फिनिश और सिर्फ कुछ ही सेकंड में खुलने वाला Hinged सिस्टम— इसे देखने के बाद सिर्फ एक ही बात निकलती है… Class!
हाथ में पकड़ते ही इसका प्रीमियम फील समझ में आता है।
Display Quality
इसमें मिलता है हाई-रेज़ोल्यूशन Full HD / IPS Display जिसमें रंग इतने नेचुरल और शार्प दिखते हैं कि वीडियो एडिटिंग, मूवीज़ और कॉलेज प्रोजेक्ट्स सब कुछ क्रिस्टल-क्लियर दिखाई देता है। Anti-glare स्क्रीन धूप में भी शानदार काम करती है।
Performance
Performance की बात करें तो Dell ने यहाँ कोई कमी नहीं छोड़ी। इसमें मिलता है Intel i5 / i7 या Ryzen प्रोसेसर, जिससे Multitasking, Gaming, Coding और Office Work बिल्कुल स्मूथ चलता है।
SSD की वजह से Laptop सिर्फ कुछ ही सेकंड में On हो जाता है। और RAM इतनी तेज़ कि भारी सॉफ़्टवेयर भी बिना अटके चलते हैं।
Battery & Charging
बैटरी बैकअप यहाँ Dell की सबसे बड़ी ताकत है। एक बार चार्ज करने पर 6 से 9 घंटे तक का Backup… और Fast Charging इसे और भी शानदार बना देती है। कहीं भी ले जाइए—बैग में, कॉलेज में, ऑफिस में—हमेशा तैयार।
Keyboard & Features
Dell के Keyboard की बात ही अलग है। Soft Touch Keys, बड़ा Trackpad और Night में काम करने के लिए Backlit Keyboard। इसके साथ आपको मिलते हैं — ✔ Fingerprint Sensor ✔ Multiple USB Ports ✔ HDMI Support ✔ HD Webcam ✔ Powerful Speakers
Best For
ये Laptop उन सभी के लिए बेस्ट है जो चाहते हैं— • Online Classes • Coding • Office Work • YouTube Editing • Blogging • Gaming (Medium Level) • Professional Use
यानि एक All-Rounder Laptop जो हर काम में आपका साथ दे।
नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका आज के एक नए वीडियो में। आज हम आप लोगों के लिए लेकर के आए हैं विधवा पेंशन से जुड़ी महत्वपूर्ण अपडेट होने वाले हैं। साथियों, आज आप लोगों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट यह होने वाले हैं। जैसा कि आप यहां पर देख पा रहे हैं 22 मई यानी कि आज ही के दिन से विधवा पेंशन में बड़ी अपडेट आई हुई है। यानी कि आज आप लोगों के
लिए बड़ी अपडेट आई हुई है। और सरकार देगी आप लोगों को ₹5,000 तक पेंशन। यह सिर्फ और सिर्फ विधवा पेंशन के लिए ही अपडेट आई हुई है। साथियों यहां आप देखिए पेंशन में आए बड़े बदलाव। अभी तक जो पेंशन में आए थे वो और अभी में बहुत ही बड़ी बदलाव आ चुकी है। इसमें कहा गया है कि सिर्फ कुछ लोगों को मिलेगा। यानी कि सिर्फ इन लोगों को मिलेगा। इसमें हम आप लोगों को यह बताने वाले हैं कि जो
विधवा पेंशन है वह किन-किन लोगों को मिलेगा। वही यहां पर आज का अपडेट है वो मैं आप लोगों के बीच में लेकर के आया हूं जो कि मैं आपको पूरा कंप्लीट इस पर जानकारी देने वाला हूं। तो आइए अब जो अपडेट है उस पर चलते हैं साथियों। तो अपडेट जो है वह देखिए विधवा पेंशन योजना विधवाओं और बिना पत्नी वाले पुरुषों को सरकार देगी ₹5000। ठीक है ना? पेंशन जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया। साथियों इसमें यह
अपडेट आप लोगों के लिए आए हुए हैं। यह जो विधवा पेंशन है उसके लिए और साथ ही साथ में जिसका पत्नी डेथ कर गया है वैसे पति को भी यहां पर ₹5000 की पेंशन देने की बात आई है जो कि आज के लिए बड़ी अपडेट होने वाले हैं। साथियों यहां पर देख सकते हैं विधवा पेंशन हमारे देश में ऐसे लाखों लोग हैं जो जिंदगी के किसी मोड़ पर अकेले रह जाते हैं। किसी की पत्नी चल बसी तो कोई महिला अपने पति को खो बैठी। ऐसे लोगों के लिए सरकार समय-समय पर कई योजना
लेकर के आती है ताकि उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके और वे इज्जत से अपने जिंदगी जी सके। साथियों यहां पर यह कहा गया है कि हमारे देश में लाखों ऐसे लोग हैं जिन लोगों का पति डेथ कर गया हो या फिर उनकी वाइफ डेथ कर गया होगा चाहे किसी भी कारण से डेथ कर गया होगा। तो इसीलिए सरकार हमेशा समय-समय पर अपडेट लाते रहते हैं ताकि आप लोगों के आर्थिक सहायता मिल सके। आप लोगों को किसी के ऊपर निर्भर रहने की जरूरत ना पड़े और आप लोग खुद से
अपना काम को कर पाएं। वही यहां सारा कुछ कहा गया है। देखिए साथियों ऐसे ही एक योजना है विधवा पेंशन योजना। साथियों अब जो आप लोगों को पेंशन के बारे में बताया गया है आप लोगों के लिए एक नया पेंशन आया है विधवा पेंशन योजना जिसमें विधवा महिलाओं के लिए साथ-साथ उन पुरुषों को भी 5000 तक पेंशन मिल सकती है जिसकी पत्नी नहीं है। आइए जानते हैं इस योजना की पूरी जानकारी आवेदन की प्रक्रिया और
इससे जुड़ी जमीनी सच्चाई क्या है? साथियों अभी तक आपने यह सुना होगा कि सिर्फ और सिर्फ विधवा महिला को मिलता है। लेकिन यहां पर जो बड़ी अपडेट आए हैं कि जिसके पत्नी डेथ कर गया होगा वैसे पति को भी
यहां मिलने वाला है जो कि बड़ी अपडेट है। आइए देखते हैं। साथियों विधवा पेंशन योजना कौन-कौन लोग लाभ ले सकते हैं। इसके लिए यहां पर अपडेट दिया गया है। ऐसी महिलाएं जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है और वे पुनः विवाह नहीं कर चुकी हैं। इसमें यह कहा गया है साथियों कि ऐसी महिला जिनकी पति की मृत्यु हो गई है और उन्होंने फिर से दोबारा शादी नहीं किया है वैसे लोगों को ₹5000 मिलने वाले हैं। कितना मिलने वाले हैं
साथियों? तो यह जो अपडेट आप लोगों के लिए नया आया हुआ है। इसमें आप लोगों को ₹5000 मिलने वाले हैं जो कि यहां पर आप लोगों के लिए बड़ी अपडेट हो जाते हैं। ठीक है? पर साथियों यह जो चीजें हैं इसमें कुछ राहत मिली हुई है। राहत क्या मिली हुई है? क्योंकि मैंने आप लोगों को इससे पहले वाले वीडियो में बताया था कि ये जो चीजें हैं कुछ-कछ राज्य में अगर आपकी शादी भी हो चुकी है यानी कि दोबारा शादी भी कर लिए हो तो भी आपको यह जो पैसा ₹5000 मिल रहे हैं वो आपको रुकने वाले नहीं है। वह भी मिलते रहेंगे।
आपकी दूसरी शादी हो जाती है तब भी। इसी के साथ-साथ हमारे अपने राज्य झारखंड में यह चीजें कहा गया है कि अगर जिसके पति डेथ कर गए होंगे यानी विधवा महिला अगर चाहे वो पुनः विवाह करना चाहे तो सरकार उसके लिए ₹ लाख तक की सहायता राशि देने की प्रस्ताव बनाई है। जो कि अवर के सत्र में इस चीज़ों पर पूरी तरह से लागू कर दिए गए हैं कि यदि पुनः विवाह करना चाहते हैं तो उसके रखरखाव के लिए सारी
व्यवस्था के लिए ₹2 लाख दे रही है। सरकार दे रही हैं। इसके लिए कैसे आवेदन करना है? उसके बारे में अगर आपको जानना है तो उसके लिए आप हमको कमेंट बॉक्स में कमेंट करिएगा। इस चीजों पर हम आपको पूरी जानकारी देंगे कि आपको आवेदन कहां से करना चाहिए, कैसे फॉर्म मिलेगा। किनसे बातें करने से आपकी जो प्रॉब्लम है वो प्रॉब्लम का सॉल्व हो सकेगा। वो सारी चीजें यह हम झारखंड की बातें सिर्फ बता रहे हैं कि ₹ 2लाख पुनर्विवाह पर मिलने वाले हैं। अन्य राज्यों की बातें हम नहीं कह सकते हैं। आइए और क्या है उस पर
देखते हैं। साथियों ऐसे पुरुष जिनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और वह अकेले जीवन बिता रहे हैं उनको भी यहां पर इस चीजों का लाभ मिलेगा। यानी कि उनको भी ₹5000 मिलने वाले हैं। तीसरा आवेदक की आय सीमित होनी चाहिए। आमतौर पर सालाना 1.5 लाख से कम होनी चाहिए। साथियों इसमें एक बड़ी अपडेट कहा गया है कि विधवा महिला हो या फिर जिसके पत्नी डेथ कर गए हो वैसे पुरुष उनकी सालाना आय जो है वो 1.5 लाख से कम होनी चाहिए जो कि यहां पर आप देख
सकते हैं। ठीक ना? फिर अगला जो अपडेट आ जाता है आवेदक की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए। कई राज्यों में न्यूनतम आयु आयु जो है वह 40 वर्ष रखी गई है। तो साथियों यह आय कोई मैटर नहीं करता है क्योंकि शादी होता है तो 18 से प्लस ही होता है। तो आय कोई यहां पर जो है वो मैटर नहीं किया जा सकता है। बाकी आप लोगों के लिए अपडेट सारे के सारे सेम होने वाले हैं। ठीक ना? आइए अगले अपडेट की ओर चलते हैं। अब साथियों यहां पर आप लोगों का राज्य जो है राजवार से पेंशन राशि की तुलना है वह आप लोग यहां पर देख सकते हैं। अभी जो मासिक पेंशन उत्तर प्रदेश में मिल रहे हैं साथियों वह अभी ₹1500 मिल रहे हैं। उसका 40 वर्ष न्यूनतम उम्र होनी चाहिए और उसका ऑनलाइन का जो माध्यम है वह सीएससी है। ठीक है ना? दूसरा दिल्ली का अगर देखा जाए तो ₹2500
उसका उम्र सीमा जो है वो 18 वर्ष उसको भी ऑनलाइन का माध्यम यहां दे दिया गया। यानी ऑनलाइन भी कर सकते हैं। इसी तरह से राजस्थान की अगर देखा जाए तो यहां ₹1000 मिले हैं। इसकी जो उम्र सीमा है वह 18 वर्ष है। इसका ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। महाराष्ट्र की अगर देखा जाए तो ₹1200 मिलेंगे। उसके लिए उम्र सीमा 40 वर्ष दिया गया है। यहां पर भी ऑनलाइन माध्यम से कर पाएंगे। बिहार में देखा जाए तो ₹1000 हैं। तमिलनाडु में
₹2000 है। पश्चिम बंगाल में ₹750 है। कर्नाटक में ₹5000 हैं। तो यह आप लोगों के सामने सारे का सारा डाटा आप लोगों के बीच में यह रह जाते हैं। आइए अब अगला अपडेट की ओर बढ़ते हैं। साथियों, यह स्कीम है क्या? इसके बारे में जानते हैं। यह एक सरकारी योजना है जो खासतौर पर उन महिलाओं के लिए शुरू की गई है जिनके पति अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन अब कई राज्यों में उन पुरुषों को भी बढ़ावा दिया गया है जिसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और वे अकेले जीवन गुजार रहे हैं। योजना का उद्देश्य यह है कि इन बेसहारा लोगों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरी कर सकें। साथियों कई-कई
राज्यों में यह हर राज्यों में लागू नहीं होते हैं। कुछ-कुछ राज्यों में लागू होते हैं। जो कि यहां पर देख सकते हैं। यह जो विधवा पेंशन है साथियों यह हर एक राज्य में लागू है। लेकिन ये जो पुरुषों की बात है वो अभी कुछ-कुछ राज्यों में दे रहे हैं ताकि वे लोग जो अकेले गुजारा कर रहे हैं बेसहारे लोग हैं उन लोगों को हर महीने कुछ आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि उन लोगों के जो जरूरत की सम्मान हो वह अपनी आवश्यकताओं को पूरी कर सके। अब साथियों आपके मन में एक चीज़ चल रहा होगा। क्या यह जो योजना है वाकई मददगार है या नहीं है? तो आइए देखते हैं। बिल्कुल जिसके पास आमदनी का कोई साधन नहीं है उसके लिए यह पेंशन किसी वरदान से कम नहीं है। खासतौर पर यह बुजुर्ग
विधवाओं और अकेले रह रहे पुरुषों के लिए योजना का उसमें आत्मसम्मान बचाती है। साथियों यह जो कहा गया है वह बिल्कुल सही कहा गया है। क्योंकि जिस तरह से आपके मन में है अगर आप लोगों को मान लीजिए विधवा पेंशन ना मिले तो आप लोगों के ऊपर कोई डिपेंडेंसी नहीं रहेगा। आप जितने कमाओगे उतने ही लेकिन हर महीने अगर सरकार आप लोगों को कुछ पैसे देती है तो आप लोगों को जो आजीवन जीने में बहुत ही ज्यादा आसान होते हैं जो कि यहां पर देखा विधवा पेंशन योजनाएं एक ऐसी स्कीम है जो सीधे समाज के उस वर्ग की मदद करती है जो सबसे ज्यादा असहाय है। साथियों इसमें यह कहा गया है कि सबसे ज्यादा जो जरूरत होते हैं विधवा लोगों को उन्हीं लोगों को मदद मिलता है।
जरूरी है कि हम समाज में ऐसे लोगों को जागरूकता करें और अगर कोई योग्य हैं तो उसे आवेदन के लिए प्रोत्साहित करें। योजना से ना तो सिर्फ वित्तीय राहत मिलती है बल्कि जीने का उम्मीद भी बढ़ती है। साथियों इसमें यह कहा गया है कि वैसे लोग जिन लोगों को विधवा पेंशन के बारे में जानकारी नहीं है तो उन लोगों को यह वीडियो भी शेयर कर दीजिएगा और आप खुद उन लोगों को बता दीजिएगा कि विधवा पेंशन कैसे लिया जाता है? कैसे फॉर्म भरा जाता है? उसके लिए क्या प्रोसेस होते हैं। तो सारे कुछ बता दीजिएगा और उसे आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करिएगा और यह प्रोत्साहन सिर्फ नहीं होगा। उसको फाइनेंसियली यानी कि पैसे भी मिलेंगे और साथ ही साथ में मानसान भी मिलेंगे। साथियों ये अपडेट देखिए अगर आपके
आसपास कोई विधवा महिला हैं ऐसे पुरुष हैं जो अकेले रह रहे हैं तो उनको इस योजना की जानकारी दें। हो सकता है आपकी एक सलाह से उसकी जिंदगी बदल सकता है। वही बातें मैंने जो आपको बताया वही सारी चीजें। अब यहां पर आप देख सकते हैं कि आप लोगों के लिए ये स्कीम में क्या-क्या चीजें मिल रहे हैं। तो सबसे बड़ी बात है कि किन दस्तावेजों की जरूरत होती है। तो साथियों अभी तक जो आप लोगों को यह योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड होने चाहिए, बैंक पासबुक होनी चाहिए, वोटर कार्ड होने चाहिए। आपको एक फॉर्म होना चाहिए। ठीक है ना? वो सारे चीजों लेकर के आप ऑनलाइन भी करवा सकते हैं। नहीं तो फिर
आप ब्लॉक जाकर के भी इन चीजों का लाभ ले सकते हैं। ठीक है ना? राजवार में पेंशन की तुलना जो है वह मैंने आपको बता दिया कि कितना मिलता है 100। क्या यह योजना वाकई मददगार है। मैंने यह चीजें बता दिया कि बिल्कुल मददगार है। तो विधवा पेंशन कौन-कौन ले सकते हैं इसके बारे में भी हमने सारी कुछ बता दिया। तो ये जो चीजें हैं टॉपिक मैंने ये चीजें पहले ही कवर कर लिए हैं। तो आइए और कोई अपडेट छूट जाते हैं उस पर चलते हैं। तो साथियों यही थी हमारे पास आज के लिए अपडेट जो कि मैंने आपके साथ साझा किया। उम्मीद करते हैं ये आपके लिए यूज़फुल साबित हुए
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