यूरोप की मदद से यूक्रेन ने सटीक निशाने से हमला किया और रूसी तेल और गैस ठिकानों को टारगेट किया। क्रीमिया में रूस की एक रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया गया। क्रीमिया में एक बिजली स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। ड्रोन हमले के बाद से बिजली सप्लाई बंद है। क्रीमिया में यूक्रेन ने फिर से रूसी सैन्य
ठिकानों पर निशाना साधा है। क्रीमिया में एयर डिफेंस से 10 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट कर दिए गए हैं। बेलगरो में एक गैस स्टेशन पर ड्रोन अटैक किया गया। यूक्रेनी ड्रोन की वजह से गैस स्टोरेज टैंकर में ब्लास्ट हो गया और आग लग गई। गैस स्टेशन पर धमाके से कई गाड़ियों में आग लग गई। हमले के बाद गैस स्टेशन को बंद करना पड़ गया। देखिए आप रिपोर्ट। बोलस में रूसी सेना के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हमला किया गया। यूक्रेन के ड्रोन हमले से डोरस के कब्जे वाले इलाके में अंधेरा छा गया। रिपोर्ट के
मुताबिक यूक्रेनी सेना ने डोलस के पावर सबस्टेशन को निशाना बनाया। यूक्रेनी सेना ने डोरस के चार इलाकों में हमला किया। चार इलाकों के बिजली सप्लाई सिस्टम को ठप कर दिया गया। यूक्रेनी सेना ने बिजली ट्रांसफार्मर्स को ड्रोन से नष्ट कर दिया। क्रीमिया के फदोसिया में भी यूक्रेन ने हमलों की शुरुआत कर दी। एयर डिफेंस की वजह से यूक्रेन के कई ड्रोन नष्ट हो गए। लेकिन एक ड्रोन टारगेट तक पहुंचने में कामयाब रहा। यूक्रेन ने रियाजान तक ड्रोन हमले किए। रूस के
नुकसान का आंकड़ा सामने नहीं आया। यूक्रेनी सेना ने बड़ी कामयाबी का दावा किया है। प्रयांस में भी यूक्रेन के हमले जारी हैं। माना जा रहा है कि यूरोप अगले 48 घंटे में रूस में बड़ी तबाही चाहता है ताकि पुतिन शांति वार्ता के बीच यूक्रेन पर बड़े हमले के लिए मजबूर हो जाए। यूरोप को डर है कि ट्रंप और पुतिन की डील से यूक्रेन को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है और यूरोप की कोशिशों पर पानी फिर सकता है। यूक्रेनी ड्रोन की ताकत लगातार बढ़ती जा रही है। पहली बार यूक्रेन ने ड्रोन से रूसी हेलीकॉप्टर को गिराया। हमले में एफपी1 ड्रोन का
इस्तेमाल किया गया। रूस का हेलीकॉप्टर ड्रोन हमले में तबाह हो गया। यूक्रेन ने 180 कि.मी. दूर रूस के रस्तोफ में हमला किया। जंग में पहली बार ड्रोन से हेलीकॉप्टर गिराया गया। दो दिनों में दो रूसी हेलीकॉप्टर नष्ट कर दिए गए। रस्तोफ से पहले क्रीमिया में भी हेलीकॉप्टर पर हमला किया गया। डोनिस्क में भी यूक्रेन ने अपने ड्रोन शक्ति का परिचय दिया है। यूक्रेन ने डोनिस्क में रूसी सेना पर पलटवार किया। चार बमबर ड्रोन से रूसी सेना पर हमला किया गया। यूक्रेन के
टारगेट पर रूसी काफिला था। ड्रोन से सेना पर बमबारी की गई। हमले में रूस के कई सैनिकों की मौत हो गई। देखिए आप रूस और यूक्रेन दोनों एक दूसरे की आर्टिलरी को भी निशाना बना रहे हैं ताकि फ्रंट लाइन पर बढ़त हासिल हो सके। जेपुरीजिया में यूक्रेन का एक टैंक नष्ट हो गया। वहीं नीप्रो के पास रूस के दो टैंक नष्ट हो गए। खैरसोन में भी रूस के वाहन नष्ट कर दिए गए। रिपोर्ट के मुताबिक नीपो में रूस अपने क्षतिग्रस्त टैंक को वापस ले जाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन यूक्रेनी सेना ने ड्रोन से दुश्मन के बख्तरबंद वाहन को भी नष्ट
कर दिया। में यूक्रेन ने भीषण हमलों की शुरुआत कर दी है। ड्रोन से रूसी सेना का शिकार किया जा रहा है। रूसी बंकर में ड्रोन से हमले हो रहे हैं। रात में यूक्रेनी ड्रोन से कई धमाके हुए। रूसी सेना के लिए ड्रोन बड़ा खतरा बन चुके हैं। यूरोप से यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि शांति वार्ता के दौरान पुतिन यूक्रेन पर बड़े हमले नहीं करेंगे। इसलिए यूक्रेन के पास बदला लेने का यह अच्छा मौका है।
नमस्कार दोस्तों! आज हम बात करने वाले हैं OnePlus के अगले मॉडल OnePlus 15R की — इस फोन में क्या नया आने वाला है, अपडेट से जुड़ी जानकारियाँ और हमें क्या-क्या उम्मीदें हैं। तो चलिए शुरू करते हैं!”
1 – क्या है 15R? “OnePlus ने हाल ही में अपना फ्लैगशिप मॉडल OnePlus 15 लॉन्च किया है और अब इसके बाद आने वाला मॉडल है 15R। कंपनी ने इस 15R को जल्द भारत में पेश करने की घोषणा की है। Gadgets 360+291mobilehub+2 यह मॉडल हमारी उम्मीदों के मुताबिक एक ‘सब-फ्लैगशिप’ या मिड-प्रिमियम श्रेणी का विकल्प हो सकता है, जिसमें कुछ हाई-एंड फीचर्स होंगे लेकिन कीमत थोड़ी कम हो सकती है। Navbharat Times+1”
2 – अपडेट और सॉफ़्टवेयर “जब 15R आएगा, संभावना है कि इसमें नवीनतम सॉफ़्टवेयर होगा — अर्थात् OxygenOS 16 (जो कि एंड्रॉइड 16 आधारित है)। 91mobilehub इसका मतलब यह है कि आपको मिलेगा:
बेहतर यूआई/अनिमेशन, स्लाइडिंग के दौरान स्मूद अनुभव
नए AI-टूल्स और फंक्शन्स जो OnePlus ने अपने लेटेस्ट मॉडल में पेश किए हैं
बेहतर सिक्योरिटी और अपडेट सपोर्ट तो अगर आप 15R लेते हैं, तो यह पहले से ही नया सॉफ्टवेयर संस्करण के साथ आने की उम्मीद है।”
3 – अन्य अनुमानित फीचर्स “कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 15R में यह-यह हो सकता है:
8,000mAh बैटरी + तेज चार्जिंग सपोर्ट (100W या 120W) Navbharat Times
हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले (उदाहरण के लिए 165Hz) Android Headlines+1
हाई-एंड चिपसेट/प्रोसेसर (उदाहरण के लिए स्नैपड्रैगन 8 Gen 5 या Elite वर्जन) Android Authority इन सभी के साथ यह उम्मीद है कि उपयोगकर्ता को अच्छा परफॉरमेंस और बैटरी बैक-अप मिलेगा।”
4 – ध्यान देने योग्य बातें / सुझाव “जब भी नया फोन आता है और अपडेट आता है, तो कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है:
अपडेट से पहले बैकअप अवश्य लें — आपके महत्वपूर्ण डेटा को सुरक्षित रखें।
अपडेट के बाद फोन को कुछ समय दें ताकि ‘इंडेक्सिंग’ आदि पूरी हो जाए, जिससे बैटरी और परफॉरमेंस बेहतर बने।
यदि किसी ऐप या गेम में समस्या आए, तो अपडेट डिवाइस और ऐप्स दोनों को चेक करें।
भारत या आपके क्षेत्र में उपलब्धता और नेटवर्क सपोर्ट की जाँच करें — कभी-कभी वेरियंट/नेटवर्क में छोटे बदलाव हो सकते हैं।”
तो दोस्तों, यह थी हमारी झलक OnePlus 15R के आने वाले अपडेट्स और फीचर्स की। अगर आपका कोई सवाल है — जैसे लॉन्च डेट, कीमत, उपलब्धता, या स्किप करने वाले फीचर्स — तो कमेंट में जरूर लिखिएगा।
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान ग्रेजुएशन पास 500 राशि को लेकर के। एक बड़ी अपडेट है जितने भी यूनिवर्सिटीज की छात्राएं हैं अगर आपका यूनिवर्सिटी चेकर और मेकर पेंडिंग पड़ा हुआ था तो काइंडली चेक योर फॉर्म स्टेटस नाउ और आप जो है हमारे वीडियो के कमेंट बॉक्स में दिए गए लिंक से डायरेक्टली अपना फॉर्म का स्टेटस जांच सकती हैं। जिससे कि आपको पता चल पाएगा कि
आपका यूनिवर्सिटी चेककर मेकर क्लियर हुआ कि नहीं। अभी आपको जो जैसा कि मैंने पूर्व में रिपोर्ट दिया था और बताया था कि जितने भी बिहार के विश्वविद्यालय हैं इलेक्शन रिजल्ट्स के आने के बाद जब नई गवर्नमेंट फॉर्मेशन हो जाएगी उसके बाद जो है आपका यूनिवर्सिटी चेककर मेकर क्लियर कर दिया जाएगा। जैसा कि आपको अभी स्क्रीन पे देखने को मिल रहा है। यूनिवर्सिटी चेककर मेकर बहुत सारी
छात्राओं का क्लियर हो चुका है। पेमेंट स्टेटस में रेडी फॉर पेमेंट सब्जेक्ट टू अवेलेबिलिटी ऑफ़ फंड दिख रहा है। रेडी फॉर पेमेंट कहने का मतलब कि अब आपका फॉर्म जो है पेमेंट के लिए तैयार हो चुका है। बस फंड जैसे ही अवेलेबल होगा आपके अकाउंट के लिए क्रेडिट कर दिया जाएगा। इसके लिए जो है पेमेंट लिस्ट बनाने की जो कवायद है वह अगले महीने से शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग ने जो है वित्त विभाग से 1000 करोड़ जो है सेंशन करने के
लिए फिर से कहा है। मतलब कि जो बची हुई छात्राएं हैं उनको पेमेंट देने के लिए कहा है और उसके लिए फिलहाल अभी शिक्षा विभाग के अकाउंट में कोई फंड नहीं है जिसके वजह से पेमेंट अभी नहीं किए जा रहे हैं। इक्कादुक्का जो भी छात्राओं को फंड्स आ रहे हैं तो वह वैसी छात्राएं हैं जिनका बहुत टाइम से इन प्रोसेस जो है स्टेटस दिख रहा था और शिक्षा विभाग के पास जो पेमेंट रिफंड गया रिफंड इन द सेंस कि जिनका भी डीवीटी नहीं हो रखा था और पेमेंट अगर उनका किया गया शिक्षा विभाग की तरफ से तो
उनका डीवीटी डीसीडेड होने की वजह से पेमेंट शिक्षा विभाग के अकाउंट में वापस रिफ्लेक्ट हो गया। तो वैसे बचे हुए जो फंड है वो छात्राओं को दिए जा रहे हैं और बाकी आगे जो फंड सेंक्शन होंगे उसमें बची हुई जो छात्राएं हैं जिनका ऐसा स्टेटस दिख रहा होगा उनको फंड्स मिलेंगे। तो अगर आपका जो है यह यूनिवर्सिटी चेकर और मेकर क्लियर नहीं है और आप बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी
मुजफ्फरपुर से हैं तो आप हमसे कांटेक्ट कर सकती हैं और आपको जो है यूनिवर्सिटी चेकर मेकर क्लियर करने में मदद किया जा सकता है। इसके लिए हो सकता है आपको देर से रिप्लाई मिले लेकिन आपको रिप्लाई की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी और आप अगर दूसरे यूनिवर्सिटी से हैं तो आप कृपया करके प्रतीक्षा कीजिए। अगले महीने भी आपका यूनिवर्सिटी चेककर मेकर क्लियर हो सकता है क्योंकि हर यूनिवर्सिटी का जो है अपना नियम होता है। अपने
समय से ही जो है वह यूनिवर्सिटी चेकर मेकर क्लियर करती है। फिलहाल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी ने जिन छात्राओं का फाइनलाइज स्टेटस यस हो रखा था उनका जो है यूनिवर्सिटी चेककर मेकर क्लियर कर दिया है। आपका भी अगर यस हो गया था और काफी टाइम से चेकर मेकर पेंडिंग था तो अभी चेक करिए चेकर मेकर क्लियर हो गया होगा। अगर नहीं हुआ है तो फिर कांटेक्ट कीजिए और देखिए जिनका भी इस प्रकार से स्टेटस दिखा था
जिसमें कि सब कुछ मैच मैच मैच अगर था तो उनका सब कुछ यस हो गया था और जिनका पेमेंट हो जाता है बहुत लोगों का कहना यह है कि भैया किस अकाउंट में पेमेंट गया हमको नहीं पता है तो शिक्षा विभाग ने अच्छा काम यह कर रखा है कि आपके कौन से बैंक खाते में पैसा गया है यह स्टेटस में अपडेट कर दे रही है। हालांकि बीच में अपडेट होना बंद हो गया था। वेबसाइट में कई दिक्कतें आ रही थी लेकिन अभी इसे सही कर दिया गया है। तो जिनको पेमेंट क्रेडिट हो चुका है उनका इस प्रकार का स्टेटस दिख रहा होगा जिसमें आपका यूटीआर नंबर आपका अकाउंट नंबर अकाउंट होल्डर नेम कौन से बैंक
अकाउंट में क्रेडिट किया गया यह सब सारा डिटेल्स जो है आपको मिल जाएगा। कई छात्राओं ने कहा कि भैया हम बीच में अगर डीवटी बदलवा लेते हैं तो क्या होगा? तो डीबीटी बदलवाइएगा तो जिस दिन भी पेमेंट चलेगा उस दिन आपके बैंक अकाउंट तक पेमेंट नहीं पहुंच पाएगा। अब ऐसा क्यों? कि जब आपका सब कुछ यस हो जाता है तो शिक्षा विभाग के पास एक फाइल रिकॉर्ड हो जाता है जिसमें आपका अकाउंट का डिटेल्स जो है एक्सट्रैक्ट कर लिया जाता है। मतलब कि आपके जो अकाउंट नंबर है
आईएफएससी कोड है कौन से बैंक में आपका अकाउंट है ये सब कुछ जो है डिटेल्स फाइल के अंदर बंद करके रखा जाता है और उस बीच आप जैसे ही डीबीटी चेंज करती हैं तो अब शिक्षा विभाग के पास जो पुराना रिकॉर्ड है वह उस रिकॉर्ड के अकॉर्डिंग आपका पेमेंट प्रोसेस करेगी। अब उसमें डीसीडिंग होने की वजह से पेमेंट शिक्षा विभाग के पास रिफ्लेक्ट हो जाता है। तो ऐसी चीजें करने से कृपया करके बचें नहीं तो आपको आने वाले समय में
परेशानी होगी। जिनका भी फाइनलाइज स्टेटस नो है वो कृपया करके यूनिवर्सिटी जाकर के अपना डेट ऑफ़ बर्थ सही कराने की कोशिश करें या आपका फादर नेम गड़बड़ होगा। सही कराने की कोशिश करें। अगर आप बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं। अगर आपका यस नहीं हो पा रहा है फाइनलाइज़ वाला तो आप हमसे कांटेक्ट करें। हम आपका यस कराने में मदद कर सकते हैं। बट द
सर्विसेस आर मे बी चार्जजेबल। ठीक है? तो आपको इसके ऊपर फोकस रखना पड़ेगा। पहले आप जो है देख लें उसके बाद ही मैसेज करें और देखिए यूनिवर्सिटी चेककर मेकर अगर पेंडिंग है और अगर आप दूसरे यूनिवर्सिटी से हैं तो बार-बार इस चीज के लिए मुझे मैसेज मत कीजिएगा। अगर आप बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के हैं तो आप मैसेज कीजिएगा। वह हम आपको एक तो चीज़
पहले बता दे रहे हैं कि आप या तो अगले मंथ तक का वेट कर लो। मतलब यह मंथ खत्म होगा। अगले मंथ आपका क्लियर हो जाएगा। और नहीं अगर वेट हो रहा है तो फिर आप हमसे कांटेक्ट कर सकती हैं। तो दूसरे यूनिवर्सिटीज की जो छात्राएं हैं आप प्लीज वेट करिएगा। इस हफ्ते भी आपका जो है क्लियर होगा। मतलब नेक्स्ट जो वीक आने वाला है उसमें क्लियर हो जाएगा चेककर मेकर। बाकी जो अपडेट्स रहेगा हम आपको बताते रहेंगे और जनवरी के मंथ में आपका पेमेंट क्रेडिट होने के चांसेस है। लेकिन
जनवरी के मंथ में जब जनवरी एंड हो रहा होगा उस समय पे आपको पेमेंट क्रेडिट होना कहीं दिखाई देता नजर आएगा। उसके बाद जो है फरवरी में जो नए बजट है वो डिसाइड होंगे। उसके अकॉर्डिंग फिर आगे फंड एलोकेट होंगे। इसमें समय लग सकता है। बाकी जो अपडेट होगा ओ हमारे इस Star Daily Website पर आपको मिलता रहेगा। तब तक के लिए हम धन्यवाद 💐
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का नाम स्थायित्व और राजनीतिक दाव पेच का दूसरा नाम है और आज उन्होंने 10वीं बार बिहार का पदभार संभाला है। लेकिन नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर के पीछे एक ऐसी दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी है जिसने उन्हें फर्श से अर्श तक पहुंचाया। यह कहानी है उनकी पत्नी मंजू कुमारी सिन्हा की जिनका साथ उन्हें बहुत कम समय के लिए मिला था। अब
कैसे एक विद्रोही इंजीनियर ने दहेज लेने से साफ इंकार कर दिया और शादी के कार्ड तक बदलवा दिए और कैसे चुनाव हारने पर उनकी पत्नी ने अपनी ढाई साल की सैलरी उन्हें सौंप दी और क्यों शादी के बाद भी एक जाली ही उनके मिलन का जरिया बनी। आज हम आपको नीतीश कुमार की इस पूरी लव स्टोरी से जुड़ी हर इमोशनल मोड़ के बारे में बताएंगे। जिसने
उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया। यह कहानी शुरू होती है 1967 में जब नीतीश कुमार पटना कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लेते हैं। पढ़ाई में तेज नीतीश को उनका परिवार इंजीनियर बनाना चाहता था। इंजीनियरिंग के आखिरी साल में परिवार ने नीतीश कुमार का रिश्ता पटना की मंजू कुमारी सिन्हा से तय कर दिया। लेकिन यह उनकी
लव स्टोरी में एक बड़ा मोड़ लाता है। नितीश के दोस्तों को जब पता चला कि मंजू भी पटना यूनिवर्सिटी में ही पढ़ती हैं तो वह उन्हें देखने के लिए सोशियोलॉजी विभाग तक पहुंच गए। नितीश के दोस्तों ने वहां शरारत की और मंजू को रोकने की कोशिश की जिससे मंजू शर्माकर वहां से भाग गई। दोस्त वापस आए और नितीश को बताया कि उन्होंने मंजू को पास कर दिया है। नितीश इस बात से बेहद खुश हुए।
लेकिन खास बात यह रही कि दोस्तों ने भले ही मंजू को देख लिया था लेकिन नितीश ने खुद उन्हें शादी के मंडप में ही पहली बार देखा था। शादी की तारीख तय हो गई कार्ड बट गए। लेकिन तभी नीतीश को पता चला कि तिलक में ₹22,000 लेनदेन की बात तय हुई है। नीतीश कुमार ने बहुत पहले ही दहेज ना लेने की कसम खाई थी। जब उन्हें तिलक में पैसे लेने की बात पता चली तो वह बहुत नाराज हुए। उन्होंने अपने
और मंजू के परिवार से साफ कह दिया कि वह तिलक या दहेज के नाम पर कोई भी पैसा नहीं लेंगे। नीतीश ने अपनी शादी के लिए जो दो शर्तें रखी थी। पहली सबसे जरूरी शर्त यह थी कि जैसे उनसे सहमति ली गई है वैसे ही मंजू से भी उनके बारे में सहमति पूछी जाए। तो वहीं दूसरी शर्त थी कि अगर मंजू को कोई आपत्ति ना हो तो बिना बारात और बिना किसी बड़े दिखावे के सिर्फ करीबियों की
मौजूदगी में सादगी से शादी होगी। तो वहीं मंजू को इनमें से कोई भी चीजों में आपत्ति नहीं थी। इसके बाद पुराने कार्ड वापस लिए गए और नए कार्ड छपवाए गए। जिन पर एक बड़ा संदेश लिखा था तिलक दहेज एवं शोषण युक्त कुप्रथाओं से मुक्त। अब शादी के बाद नितीश की दांपत्य जिंदगी शुरू हुई। लेकिन राजनीति का रास्ता उन्हें सीधा जेल ले गया। नीतीश ने इंजीनियरिंग के बाद नौकरी करने से मना कर दिया और जेपी आंदोलन में कूद पड़े। इसी
आंदोलन के दौरान उन्हें जेल जाना पड़ा। वहीं पत्नी मंजू अक्सर उन्हें जेल में मिलने आया करती थी। लेकिन गया सेंट्रल जेल का सुपरिटेंडेंट बहुत सख्त था। नितीश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि हफ्ते में एक बार मिलने देता था वो भी जाली के आर-पार से। जाली इतनी घनी थी कि उससे छोटी उंगली तक निकल नहीं पाते थे। नितीश चाहते थे कि मंजू अपनी पढ़ाई जारी रखें। इसलिए मंजू वापस पटना लौटी
और जीडी हॉस्टल में रहकर अपना बीए, बीएड और एमए की पढ़ाई पूरी की। तो वहीं नितीश अक्सर उन्हें रिक्शे पर फिल्म दिखाने के लिए ले जाते थे और रोमांटिक गाने भी मंजू के लिए गुनगुनाते थे। शादी के बाद के 12 साल नीतीश कुमार के लिए बहुत मुश्किल थे। वह राजनीति में व्यस्त थे और लगातार दो चुनाव हार चुके थे। शादी से पहले मंजू ने कभी पैसों की कमी नहीं देखी थी। लेकिन अब घर चलाना मुश्किल हो गया था। वहीं साल 1982 में मंजू ने घर चलाने के लिए बिहार सरकार में शिक्षिका की नौकरी शुरू कर
दी। हालांकि नौकरी के कारण मंजू और बेटा निशांत सेवदा में रहते थे और नितीश पटना में जिससे परिवार बट गया था। वही 1985 में विधानसभा चुनाव में नितीश ने फैसला किया कि यह उनका आखिरी चुनाव होगा। यह उनकी आखिरी कोशिश होगी। चुनाव लड़ने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। तो वहीं तब उनकी पत्नी मंजू ने अपनी ढाई साल की पूरी
सैलरी यानी कि करीब ₹00 उन्हें सौंप दिए। यह पैसा उस वक्त नितीश के लिए डूबते को तिनके का सहारा साबित हुआ। अब पैसे मिलने के बाद नीतीश कुमार ने 1985 में लोकदल की तरफ से हरनौत विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की। चुनाव जीतने के बाद जब नीतीश बख्तियारपुर अपने घर पहुंचे, तो उनकी आंखें सिर्फ पत्नी मंजू को खोज रही थी। जो उस वक्त अपने मायके सेवह में थी। अब पत्नी से मिलने के लिए अतुर नितीश आधी रात को ही एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सेवह के लिए निकल पड़े। उनके
दोस्त बताते हैं कि मंजू रात से ही उनका इंतजार कर रही थी। तो वहीं 5 साल तक साथ रहने के बाद 1989 में जब नीतीश लोकसभा का चुनाव जीतकर दिल्ली पहुंचे तो उन्हें फिर से पत्नी से दूर रहना पड़ा। मंजू ने भी अपनी डेपुटेशन बिहार सूचना केंद्र नई दिल्ली में करा ली ताकि वह पति के साथ रह सके। अब जैसे ही यह खबर बिहार के अखबारों में छपी
वही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया। नीतीश कुमार पर पत्नी को दिल्ली बुलाने के लिए नियम तोड़ने और पद का गलत इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे। इन आरोपों से परेशान होकर नीतीश कुमार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को खुद पत्र लिखकर मंजू जी की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी। तो वहीं आरोप से बचने के लिए मंजू को फिर पटना लौटना पड़ा। नीतीश को जब भी दिल्ली से दिल्ली के कामों से फुर्सत मिलती थी, वह पत्नी और बेटे से मिलने के लिए पटना चले आते थे। वहीं
राजनीति में कदम रखने के बाद नीतीश और मंजू को एक दूसरे से बार-बार दूर रहना पड़ा और यही दूरी उनकी कहानी का सबसे दुखद हिस्सा बनी। वहीं साल 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने तब भी स्थिति बिल्कुल नहीं बदली। मुख्यमंत्री आवास उन्हें 4 महीने बाद अलॉट किया गया और इस दौरान भी मंजू बेटे निशांत के साथ मायके में ही रह रही थी और नीतीश कुमार को सरकारी इंतजाम वाले घर में अकेले रहना पड़ा। तो वहीं 2007 में मंजू जी को निमोनिया
हो गया था। जिसके बाद नितीश उन्हें तुरंत दिल्ली के मैक्स अस्पताल ले आए और इलाज के दौरान पूरे समय उनके साथ ही रहे। अस्पताल में नितीश अक्सर मंजू के पास बैठकर इस बात का अफसोस करते थे कि वह उन्हें ज्यादा समय नहीं दे पाए। तब मंजू ने उन्हें तसल्ली देते हुए कहा था मेरे रिटायरमेंट के बाद हम सभी साथ रहेंगे। वहीं मंजू जी 2012 में रिटायर होने वाली थी, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया। रिटायरमेंट के 5 साल पहले ही यानी कि 14 मई
2007 को मंजू जी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक अपनी जीवन संगनी की मौत पर नीतीश कुमार फूट-फूट कर रोए थे क्योंकि राजनीति के चलते उन्होंने अपना सबसे कीमती समय खो दिया था। और आज भी नीतीश कुमार हर साल अपनी पत्नी की पुण्यतिथि पर उनके नाम पर बने मंजू कुमारी स्मृति पार्क जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जैसे वह कोई वादा निभा रहे हो। तो वहीं नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा की यह कहानी
दिखाती है कि एक बड़े नेता के राजनीतिक संघर्ष में उनकी पत्नी और परिवार का बल-ब बलिदान कितना बड़ा होता है। पैसों की तंगी हो या जेल की जाली। मंजू जी का टूट साथ ही नीतीश कुमार को 10वीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक ले आया है। यह कहानी हमेशा याद दिलाएगी कि सत्ता की बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।
नमस्कार दोस्तों! आज हम बात करने जा रहे हैं एक बहुत ही बजट-फ्रेंडली स्कूटी की — यानी सस्ती, नई, और खास तौर पर उन लोगों के लिए जिनकी जेब में बहुत भारी बोझ न हो। चलिए देखते हैं, कौन-कौन सी स्कूटी आप कम दाम में ले सकते हैं, और उनमें क्या फीचर्स हैं।
1 – मार्केट में सस्ती स्कूटी क्यों ट्रेंड कर रही है
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग बढ़ रही है और बहुत सी कंपनियां मिड-बजट EV स्कूटर ला रही हैं। Daily Kiran+2Times Bull+2
कई नए मॉडल 1 लाख रुपये या उससे भी कम कीमत में उपलब्ध होने की घोषणा कर रहे हैं ताकि ज्यादा लोग उन्हें खरीद सकें। Times Bull+1
सरकार-सब्सिडी, टेक्नोलॉजी में सुधार और बैटरी बेहतर होने की वजह से EV स्कूटर पहले से किफायती हो गए हैं।
2 – एक प्रमुख उदाहरण: Ola S1 X
Ola S1 X इलेक्ट्रिक स्कूटर का 2 kWh वेरिएंट अब ₹69,999 (ex-showroom) में मिल रहा है। The Indian Express+1
इसमें तीन बैटरी वेरिएंट हैं: 2 kWh, 3 kWh और 4 kWh। AutoX+1
रेंज (IDC सर्टिफाइड) — 2 kWh में ~108 किमी, 3 kWh में ~176 किमी, और 4 kWh मॉडल में ~242 किमी। Ola Electric+1
टॉप स्पीड और पावर: Peak Power 7 kW (कुछ वेरिएंट्स में) और फ्रंट डिस्क ब्रेक + सिंगल ABS भी है। Ola Electric
चार राइड मोड: Hyper, Sports, Normal, Eco — जिससे आप अपनी स्पीड और रेंज के बीच बराबरी बना सकते हैं। Ola Electric+1
वारंटी: स्कूटर के लिए 3 साल / 40,000 किलोमीटर, और बैटरी की एक्सटेंडेड वारंटी भी मिल सकती है (8 साल तक)। Ola Electric
3 – और भी बजट मॉडल
Odysse HyFy: एक लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर जिसकी कीमत सिर्फ ₹42,000 है और रेंज लगभग 70 किमी है।
इस तरह का स्कूटर उन लोगों के लिए बहुत उपयुक्त है जो सिर्फ लोकल सिटी ट्रिप्स के लिए स्कूटर चाहते हैं और चार्जिंग सुविधा हो।
4 – फायदे और सीमाएंफायदे:
बहुत कम शुरुआती निवेश (कुछ मॉडल 40-70 हजार के बीच) — पारंपरिक पेट्रोल स्कूटर से कॉम्पेटिटिव।
लाब-एमीशन और पर्यावरण-फ्रेंडली।
इसमें कम मेंटेनेंस लागत हो सकती है अगर आप चार्जिंग घर पर करते हैं।
राइड मोड की वजह से आप अपनी ज़रूरत (रेंज या स्पीड) के हिसाब से चुन सकते हैं।
सीमाएं / ध्यान देने योग्य बातें:
कुछ मॉडल लो-स्पीड EV हैं — बहुत तेज़ नहीं चलेंगे, इसलिए हाईवे-रोड ट्रिप्स के लिए उपयुक्त न हों।
चार्जिंग इन्फ़्रास्ट्रक्चर: हर जगह चार्जिंग स्टेशन नहीं हो सकते, इसलिए घर पर चार्जिंग व्यवस्था होनी चाहिए।
बैटरी लाइफ और वारंटी चेक करना ज़रूरी है — जैसे Ola S1 X के एक्सटेंडेड बैटरी वारंटी ऑप्शन हैं। Ola Electric
खरीदी से पहले टेस्ट राइड लेना बेहतर है — रियल-वर्ल्ड रेंज अक्सर “क्लेम” की गई IDC रेंज से कम होती है।
तो दोस्तों, यह थी हमारी जानकारी उन नए और सस्ते स्कूटी मॉडलों के बारे में जो आज-कल EV मार्केट में ट्रेंड कर रहे हैं। अगर आप बजट-फ्रेंडली और पर्यावरण-सुरक्षित स्कूटर खोजना चाहते हैं, तो Ola S1 X या Odysse HyFy जैसे मॉडल बहुत बढ़िया ऑप्शन हो सकते हैं। अगर आप चाहें, तो मैं 2025 की टॉप 5 सबसे सस्ती EV स्कूटर्स की लिस्ट + तुलना नेक्स्ट बार ला सकता हूँ —
खालिक को हरा दिया। रेस पूरी होने के बाद उस वक्त पाकिस्तान के राष्ट्रपति अय्यूब खान ने कहा, मिल्खा सिंह तुम तो सच में उड़ते हो। तुम फ्लाइंग सिख हो। और यहीं से उनका नाम इतिहास के पन्नों में अमर हो गया। इसके बाद
भी उन्होंने कई इंटरनेशनल कंपटीशन में इंडिया का नाम रोशन किया। उन्हें पद्मश्री अवार्ड दिया गया और इंडियन एथलेटिक्स में उन्होंने अपना एक नाम बनाया। रिटायरमेंट के बाद वह युवाओं को सिखाते कि हर दौड़ सिर्फ मैदान में नहीं होती। असली दौड़ तो जिंदगी में होती है
और उसे जीतने के लिए जुनून और अनुशासन चाहिए होता है। मिल्खा सिंह ने अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी। उन्होंने गरीबी, दर्द और असफलता हर किसी को हार दी। उन्होंने हम सबको सिखाया कि अगर इंसान अपना मन बना ले तो कोई दीवार इतनी ऊंची नहीं जो उसे रोक सके।
एक औरत कितना अंदर ले शक्ति है बहुत बार यह क्वेश्चन पूछा जाता है की मैं कितना बड़ा ले लगी ना एक औरत क्या कितना इंटेंसिटी होना चाहिए क्या साइज सही होना चाहिए की वूमेन प्लेजर करें व्हाट इस दी एग्जैक्ट डेप्ट और
फीमेल में जाना बहुत आम क्वेश्चंस आएंगे क्यों है की इसलिए ये भी मुझे डाउट राहत है बट डेफिनिटीली इसके बड़े में बात करते हैं नमस्कार मैं हूं डॉक्टर शिवानी रानी एक्स काफी सालों से प्रैक्टिस कर रही हूं अपनी हर कहानी के मध्य से सेक्सी वीडियोके बारे में सही जानकारी आप तक देने की कोशिश है अगर आपको भी लगता
है की आई वांट आई वांट तू नो आईएफ अगर आपको इसे क्यूरोसिटी रहती है तो चलिए इसके बड़े में बात करते हैं और मुझे पता है आप ये कहानी पढ़ने वाले हो इसलिए ना कान और अपना दिमाग दोनों इसमें पूरा रखना अंत तक पढ़ना तो चलिए बात करते हैं की हो दीप एन वूमेन कैन टेक पेनिस और एनीथिंग डेट
एक्साइट्स फीमेल के बजाएं ना की जो लेंथ है जो हम डेप्थ बोलते हैं वो फीमेल बजाने काफी लंबी है कैनाल का मतलब यह नहीं है की वो पूरा 1 मी ग जा रही है शुरू का सिर्फ 2 1/2 इंच है कैसा एरिया है जहां पर उसको हाली सेंसेशंस फूल होती है मतलब अगर मैं ये फीमेल वेजिना के होल की बात करूं तो उसके ऊपर का एरिया आपके क्लीटोरिस को टच करता है मतलब
यानी को जिसको हम देख का रहे हैं बलवा जैसे हम कहते हैं तो अगर आप पेनिट्रेट कर रहे हो तो सिर्फ ये ऐसा पर्टिकुलर एरिया है ये 2 1/2 इंच मोरओवर मेरा हाथ ये 2 1/2 इंच के करीब कुछ पद जाएगा तो यही पर्टिकुलर एरिया है जी पे पेनिट्रेशन की रिटायरमेंट सबसे ज्यादा है
मेल्स को लगता है की जितनी मेरा लेंथ होगा ना उतना प्लेजर मिलेगा जबकि लेंथ में प्लेजर है ही नहीं प्लेजर है इस 2.5 इंच में सही से पेनिट्रेशन करना अगर आप इस ढाई इंच को बार-बार सहलाते हो नए-नए तरीके डालते हो नए नए त्रिकोण से इसे मसलने की कोशिश करते हो तो डेट गिव्स प्लेजर इसलिए वूमेन को अगर आप
पेनिट्रेट नहीं भी कर रहे हो और फिंगर से सला रहे हो या फिर आपको टॉय उसे कर रहे हो टॉय कभी भी बहुत लंबे नहीं लाइफ सीन डी टॉयज ओके और मोर ओवर कई फीमेल को टांग सेंसेशंस बहुत पसंद होती हैं तो वो भी शुरू का जो ढाई इंच के आसपास अगर आप रोते कर रहे हैं तो उसे ज्यादा प्लेजर देता है इसलिए
अगर आप इस चीज के बड़े में बात करते हो की वो कितनी लंबी होती है ये कितनी डेप्ट होती है हो सकता है वो डेप्ट ज्यादा हो आपके पेनिस के अनुसार लेकिन वो डेप्थ आपके लिए इंपॉर्टेंट नहीं है वो डेप्थ बच्चा होने के लिए इंपॉर्टेंट होती
है और वो कैनाल कहानी ना कहानी आपके आ जो बॉडी में वेस्ट आता है या जो डिस्चार्ज होते हैं उसके लिए इंपॉर्टेंट है इसलिए उसकी डेथ आपके लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं है इंपॉर्टेंट है की वह शुरू का जो ढाई इंच है उसको कितना अच्छे से प्लेजर टेबल कर सकते हैं
दोस्तो मैं आप सभी लोगों को यह बताने वाले हूं की जिनकी भी फर्स्ट टाइम शादी हो रही है या फिर जिनकी शादी हो चुकी है या फिर जिनको फर्स्ट टाइम सुहागरात मानना है जिनको फर्स्ट टाइम सेक्स करना है जिनको फर्स्ट टाइम से बंद बनाना है उन सभी लोगों के लिए ये स्टोरी है यहां बहुत ही जबरदस्त बहुत ही रोमांटिक और
बहुत ही मोटिवेट भी स्टोरी होने वाली तो प्लीज आप लोग दिल थम के और बहुत दिलचस्प से कहानी पढ़े तो इसको अच्छे से पढ़े और एंजॉय करें यहां पे जो chijen मैं आपको बताऊंगी ना इसे आपके कन्फ्यूजन आपके डाउट जो है आपके मैन और सारी chijen यहां पे क्लियर भी हो जाएंगे और इसके साथ में आपको बता देती हूं अगर आपके अंदर जैसे की बहुत ही दर
लग रहा है की मैं फर्स्ट टाइम कैसे सेक्स करूं मेरी फर्स्ट टाइम सुहागरात है मैं फर्स्ट टाइम सुहागरात मनाने जाओ तो कैसे मनाऊं वहां पे क्या करना पड़ेगा किस तरीके से करना पड़ेगा अपने जोश को कैसे badhaen हिम्मत को कैसे badhaen तो आपको डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है फर्स्ट टाइम सुहागरात कैसे मनाई जाती है इस टॉपिक पर ऑलरेडी मैं
वीडियो बना चुकी हूं उसका लिंक यहां पे दल देती हूं आप देख लीजिएगा और हान मैं आपको ये बता देती हूं की अंदर के जोश को बढ़ाने के लिए मर्दाना ताकत को बढ़ाने के लिए पावर को बढ़ाने के लिए जो चीज की जरूरत पड़ने वाली वो चीज मैं आपको यहां पे बता रही हूं आप उसे चीज को फॉलो करें उससे आपके
अंदर हिम्मत डालकर जोश मर्दाना ताकत सब कुछ ऑटोमेटिक बढ़ जाएगा लेकिन एक कम ये करना है की आपको इस वीडियो को एंड तक देखना पड़ेगा जो चीज मैं आपको यहां पे बताने में आपको उसको फॉलो करना पड़ेगा तभी आपके पास नहीं आता है इसे दूर हो पाएगी अगर आप भी ऐसा चाहते हैं की आपको संबंध बनाने में कोई भी प्रॉब्लम हो आप अच्छे से
हिम्मत जोर से लगन से अच्छे से एंजॉय करके करें लंबे समय तक टिकरा के कार्य जल्दी ना हो आपका पेनिस से जल्दी ढीलापन ना आए usmein और पेनिस में कोई भी दर्द प्रॉब्लम ना हो जैसे की बहुत लोगों को ऐसा क्या होता है की जब भी सेक्स करते हैं तो लंबे समय से जैसे की जब ज्यादा टाइम सेक्स करने लग गए तो उनके पेनिस में जो दर्द होने लगता है या फिर
पेनिस में जो लाल ड्रेसेस निकल जाते हैं या फिर खुजली जैसा होने लगता है तो ऐसी प्रॉब्लम ना हो ऐसी कंडीशन आपके साथ ना आए इसीलिए टॉपिक पे मैं यहां पे स्टोरी बना रही हूं और एक ऐसा चीज बताऊंगी जिससे की आपके समस्या आसानी से दूर हो जाए आपको बता देती हूं की मर्दाना ताकत सेक्स पावर की कमी इम्यूनिटी की कमी जोश की कमी अगर आपके अंदर ये सब है इसके साथ अगर आप
टाइमिंग की कमी आप अपने को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं तो इस सारी समस्या दूर हो जाएगी बस इस नुस्खे को लेने से लेना है इसमें हिंग जी हान हिंग जो की आप सभी के घरों में बहुत ही आसानी से मिल जाता है की आपको हिंग लेना है लेकिन ज्यादा नहीं सिर्फ जो मटर होती है ना जो छोटी मटर आती है हरि कलर का जो छोटी मटर आती है उसी के बराबर यानी की आप
समझ लीजिए की चुटकी भर आपको हिंग लेना है हिंग लेना है और एक गिलास गुनगुना दूध लेना है वही दूध में आप चाहे तो बोल कर पी सकते हैं या फिर उसे हिंग को खाकर पी सकते हैं तो मैं अपनी बताऊं को खाकर ही पीना सबसे बेस्ट रहेगा क्योंकि usmein घोल कर बिना बहुत ही कड़वा हो जाएगा तो मेरी वजह
से मानिए तो आप उसको हिंग को खाने के बाद ही को pienge तो बहुत ही अच्छा रहेगा ठीक है अगर इसी तरीके से आपको रोजाना सोने से पहले करना है ले गैज ये नुस्खा मैं आप लोगों को फिर से लेकर आई हूं ताकि आप लोग अपने लाइफ को अच्छे से एंजॉय कर सकें अपने लाइव में चैनल लगा सके जिनके भी लाइफ में अच्छे से खुशियां नहीं ए रही है आए दिन कोई
एन कोई प्रॉब्लम आती रहती तो आप बहुत ही छोटी-छोटी नुस्खे से आप अपने प्रॉब्लम को आसानी से दूर कर सकते हैं बस मेरा एक ही मकसद है की मैं आप लोगों को जो भी जानकारी डन वो सारी जानकारी आप लोगों के लिए अच्छी हो बेस्ट हो और आप लोग अपने प्रॉब्लम को आसानी से दूर कर सके तो दोस्तों आज के जानकारी आपको कैसी लगी प्लीज मुझे नीचे कमेंट करके जरूर bataiyega
दोस्तों आज के लिए इतना ही फिर मिल गए किसी एक अलग नए दिलचस्प जानकारी के साथ तब तक के लिए लव यू दोस्तों dhanyvad
एक समय की बात है। भारत के एक छोटे से गांव में बिरजू नाम का आदमी रहता था। लोग उसे चोर के नाम से जानते थे। सालों तक उसने गांव और आसपास के इलाकों में चोरी की थी। खेतों से अनाज, घरों से सामान और यहां तक कि कभी-कभी मवेशी तक चुराना उसकी
आदत बन गई थी। हर दिन वह डर और लालच के बीच जीता। चोरी करने के बाद छिपकर सोना, पुलिस और गांव वालों से बचना यही उसकी जिंदगी थी। लेकिन धीरे-धीरे उसके भीतर अपराध बोध भरने लगा। उसे समझ आने लगा कि यह रास्ता सिर्फ उसे और गहरे अंधेरे में ले जा रहा है। फिर एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने उसकी जिंदगी बदल दी। चोरी
करते हुए वह पकड़ा गया। गांव वालों ने उसे खूब कोसा। अपमानित किया और उसके परिवार तक को ताने दिए। उस रात उसने खुद से वादा किया। अब कभी चोरी नहीं करूंगा। क्योंकि उस रात उसके भीतर इंसानियत जाग उठी थी। उसने तय किया कि मेहनत से जीना होगा। अगले ही दिन उसने गांव के एक किसान के खेत में मजदूरी शुरू कर दी। पसीना बहा
भूख सही लेकिन मन को पहली बार सुकून मिला। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। हर जगह लोग उसके अतीत को उसके सामने फेंकते और उसे कहते अरे यह तो वही चोर है। सावधान रहना कहीं जेब ना काट ले। बिरजू कभी सुधर नहीं सकता है। ऐसा कई दिन तक चलता रहा। बिरजू रोज गांव वालों के ताने सुनता। इन तानों ने उसके दिल पर बोझ डाल
दिया। भले ही उसने चोरी छोड़ दी थी पर उसका अतीत उसकी छाया बनकर उसके पीछे चलता रहा। वह अपने आप से सवाल करता क्या मैं सच में बदल सकता हूं? या मैं हमेशा चोर ही कहलाऊंगा। बिरजू हर समय उदास रहने लगा। तभी एक दिन खेत के किनारे उसे गांव का एक बुजुर्ग मिला। सफेद दाढ़ी, झुकी
कमर और आंखों में गहरी चमक। उन्होंने बीरजू से पूछा क्यों उदास बैठा है बेटा? बीरजू ने आंसू भरकर अपनी कहानी कह दी। बाबा मैंने चोरी छोड़ दी है। अब मेहनत करता हूं लेकिन लोग मुझे मेरा अतीत बार-बार याद दिलाते हैं। मैं चाहे कितना भी बदल जाऊं मेरे पुराने कर्म मेरा पीछा नहीं छोड़ते। बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा, बेटा जब बैल खेत जोतता है तो उसके पैरों के पीछे मिट्टी बिखरती है। अगर वह बार-बार पीछे मुड़कर देखेगा तो आगे बढ़ नहीं पाएगा। जिंदगी भी ऐसी ही है। तेरे कदमों के पीछे तेरा अतीत
है। पर तुझे देखना आगे है। फिर उन्होंने अपनी हथेली पर थोड़ी मिट्टी उठाई और बोले, “यह देख यह मिट्टी बीते हुए कल की तरह है। अगर इसे मुट्ठी में पकड़े रहोगे, तो यह भारी लगने लगेगी। लेकिन अगर इसे छोड़ दोगे तो हाथ खाली और हल्का हो जाएगा। अपने कल को छोड़ो। तभी जीवन आसान होगा। यह शब्द बीरजू के दिल में उतर गए। उसने महसूस किया कि लोग चाहे जो कहें असली आजादी तब है
जब इंसान खुद अपने अतीत को ढोना छोड़ दे। उस दिन के बाद बीरजू ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसने पूरी लगन से खेतों में काम किया। गांव के कामों में हाथ बंटाया और धीरे-धीरे लोग भी उसे सम्मान देने लगे। कुछ सालों बाद वही लोग जो उसे चोर कहते थे अब उसे बीरजू भैया कहकर पुकारने लगे क्योंकि उसने
अपने कल का बोझ छोड़ दिया था। अपने कल को भूल जाओ अतीत तुम्हें रोकने के लिए है। लेकिन भविष्य तुम्हें आगे बढ़ाने के लिए है। जब तक तुम अपने पुराने कर्मों का बोझ ढोते रहोगे। आज का सुख और आने वाला कल तुम्हारे हाथ से फिसल जाएगा।
मंगल ग्रह एक ऐसा प्लेनेट है जो कभी पृथ्वी की तरह ही हैबिटेबल प्लेनेट हुआ करता होगा और इंसानों की तरह ही मंगल ग्रह पर लोग रहा करते होंगे ऐसा इस ग्रह पर मिले कुछ जगहों के आधार पर कहा जाता है ऐसा ही इस ग्रह पर
एक वोल्केनो माउंटेन मौजूद है जो आखिरी बार 25 मिलियन साल पहले फूटा था इस पहाड़ की ऊंचाई करीब 22 किमी है जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई से लगभग ढाई गुना ज्यादा है और यह पूरे सोलर सिस्टम का सबसे ऊंचा पहाड़ है इस पहाड़ को सबसे पहले 19वीं में टेलिस्कोप के
जरिए खोजा गया था और इसकी पहली तस्वीर को 1972 में नासा के मेनर नाइन स्पेस करप्ट ने खींची थी सोलर सिस्टम के इस सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पहाड़ की ऊंचाई को मार्स ऑर्बिटर लेजर अल्टीमेट द्वारा मापा गया था इस पहाड़ का नाम ओलंपस मंस है
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