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Author: Star Daily

  • लड़की को जोश कब आता है Real Reletive my family love

    स्वागत है आपको हमारे इस बेहद दिलचस्प कहानी में, जिसका है लड़की को जोश कब आता है? पुरुष एक बार जरूर देखें।

    आज हम बात करेंगे उन खास पलों की, जब किसी भी महिला के मन में शारीरिक और मानसिक जोश अपने चरम पर होता है। क्यों आता है यह जोश? कौन सी बातें इसे और बढ़ा देती हैं? कौन सी गलती पुरुष कर देते हैं जिससे लड़की का मूड खराब हो जाता है? वीडियो पूरा जरूर देखें। आपको ऐसे सीक्रेट्स पता चलेंगे जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे। तो चलिए शुरू करते हैं। सबसे पहले हमें समझना होगा कि एक लड़की या महिला के अंदर जोश या उत्साह केवल फिजिकल इच्छा से जुड़ा नहीं होता। उसके पीछे उसकी भावनाएं, मूड,

    परिस्थितियां और उसके पार्टनर का व्यवहार बहुत बड़ा रोल निभाता है। महिला का शरीर पुरुष के मुकाबले बहुत ज्यादा सेंसिटिव होता है। उसे माहौल, खुशबू, बातें, स्पर्श सब कुछ महसूस होता है। जब माहौल सही होता है, लड़की अपने पार्टनर के साथ कनेक्ट फील करती है, तब उसमें नेचुरली एक जोश जागता है। वैसे तो हर लड़की अलग होती है। लेकिन आमतौर पर देखा गया है कि 20 से 25 साल की उम्र में। इस उम्र में लड़कियां नई-नई चीजें एक्सप्लोर करना चाहती हैं। उनमें जिज्ञासा बहुत रहती है। अगर पार्टनर उन्हें इमोशनली सिक्योर

    फील कराए तो वह जल्दी कनेक्ट हो जाती है। 25 से 35 साल की उम्र में इस समय पर लड़की या महिला रिश्ते में स्थिरता चाहती है। अगर उसे पार्टनर का प्यार, इज्जत और पूरा ध्यान मिलता है तो वह शारीरिक तौर पर भी खुलकर एंजॉय करती है। 35 साल के बाद इस उम्र में अगर शादीशुदा लाइफ अच्छी चल रही हो, तो महिला में आत्मविश्वास और अनुभव दोनों होते हैं। उसका जोश बहुत हद तक उसके पार्टनर के रोमांटिक रवये पर निर्भर करता है। अब जानते हैं वह खास मौके जब लड़की के अंदर जोश अपने आप बढ़ जाता है।

    एक, प्यार भरी बातें सुनकर महिलाओं को रोमांटिक बातें बहुत पसंद आती हैं। जब आप उन्हें खूबसूरत, सेक्सीी या स्पेशल फील कराते हैं, तो वह नेचुरली फील करने लगती हैं कि आप उन्हें चाहते हैं। दो, लंबे समय बाद मिलना। अगर आप किसी रिलेशन में दूर रहते हैं और लंबे समय बाद मिलते हैं तो उस एक्साइटमेंट में भी लड़की का जोश बहुत हाई होता है। थ्री माहौल का बड़ा रोल, साफ सुथरा कमरा, हल्की खुशबू, धीमी लाइट, रोमांटिक गाना। यह सब लड़की के दिमाग में रोमांस के सेंसर को ऑन कर देते हैं। फोर, प्राइवेट टाइम। जब कोई डिस्टर्ब ना करे जब आप दोनों को पूरा वक्त मिले तब लड़की खुलकर अपने इमोशंस शेयर करती है और

    जोश भी बढ़ता है। पांच मूड बनाने वाला स्पर्श सीधा शारीरिक संबंध बनाने की बजाय पहले हल्की छेड़खानी रोमांटिक बातें गले लगाना। यह सब धीरे-धीरे महिला को जोश दिलाते हैं। अब बात करते हैं उन गलतियों की जो कई पुरुष कर बैठते हैं। जिससे लड़की का जोश तो छोड़िए पूरा मूड ही खराब हो जाता है। एक जल्दबाजी। कई बार पुरुष बिना मूड बनाए सीधे आगे बढ़ना चाहते हैं। महिला को समय चाहिए होता है। आप फॉर प्ले पर ध्यान दें। एक साफ सफाई का ध्यान ना रखना। गंदे कपड़े, पसीने की बदबू। यह सब लड़की के मन में नकारात्मकता ला देता है। साफ सुथरे रहें, अच्छी खुशबू वाला परफ्यूम लगाएं। थ्री, पार्टनर की फीलिंग्स को नजरअंदाज करना। कभी भी अपनी मर्जी ना चलाएं। लड़की से पूछें, उसकी भी पसंद का ख्याल रखें। चार,

    माहौल में डिस्टरबेंस, फोन की घंटी, बाहर का शोर यह सब मूड बिगाड़ सकते हैं। थोड़ी देर के लिए फोन साइलेंट कर दें। कमरे का दरवाजा बंद कर दें। एक आत्मविश्वास रखें। महिलाएं कॉन्फिडेंट पुरुष को पसंद करती हैं। अगर आप नर्वस दिखेंगे तो उसका असर के मूड पर भी पड़ेगा। दो तारीफ करें। उसकी ड्रेस, बाल, खुशबू जो भी अच्छा लगे उसे बोलें। छोटी-छोटी बातें लड़की को स्पेशल फील कराती हैं। तीन हल्के रोमांटिक मैसेज। दिनभर काम के बीच अगर आप उसे रोमांटिक मैसेज भेजें, तो वह आपके बारे में सोचती रहेगी। चार,

    नई जगह पर टाइम स्पेंड करें। कभी-कभी घर से बाहर लॉन्ग ड्राइव, होटल या रोमांटिक ट्रिप प्लान करें। नया माहौल नया रोमांस लाता है। फाइव, धीरे-धीरे बढ़ें। जितना धीरे आप रोमांस करेंगे, उतना ज्यादा लड़की आपको रिस्पांस देगी। गहरी बातें। फिजिकल रिलेशन के साथ-साथ इमोशनल बॉन्ड भी जरूरी है। उसे दिल की बात शेयर करें। उसके सीक्रेट जाने। उसे अपना सीक्रेट बताएं। सपोर्ट देना। कभी अगर लड़की दुखी हो, परेशान हो तो उसे प्यार से गले लगाएं। उसकी बात सुने। उसके बाद वह आपके और करीब आती है। फ्लर्टिंग थोड़ी शरारत भरी फ्लर्टिंग भी मूड को मजेदार बना देती है।

    लेकिन हद से ज्यादा ना करें। शादी के कुछ सालों बाद कई कपल्स की लाइफ बोरिंग हो जाती है। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपकी बीवी हमेशा आपके साथ वही जोश बनाए रखें तो कभी-कभी उसे गिफ्ट दें। सरप्राइज करें, डिनर डेट पर ले जाएं। बच्चों को कभी-कभी रिश्तेदारों के यहां भेजकर खुद प्राइवेट टाइम निकालें। नई-नई पोजीशंस ट्राई करें। कभी-कभी रोमांटिक फिल्म साथ देखें। याद रखिए लड़की का दिल जीते बिना आप उसका जोश नहीं जगा सकते। आपका प्यार, इज्जत

    और केयर ही उसकी असली जरूरत है। लड़की के लिए सेफ और सिक्योर फीलिंग सबसे बड़ी चीज है। आपका स्पर्श तभी खास लगेगा जब उसके दिल में आपके लिए इमोशन होंगे। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इस कहानी को शेयर जरूर कीजिए ताकि ज्यादा लोग इसे समझ सकें। अगर आप चाहते हैं कि मैं ऐसे और रोमांटिक और हेल्दी रिलेशनशिप पर स्टोरी बनाऊं तो कमेंट में जरूर बताएं।

  • कुंआर लड़की देने के लिए तैयार कब होता है 🫀 Love Male and Female Real Story

    स्वागत है आपको हमारे इस Star Daily Website पर जहां हम बात करते हैं हेल्थ, एजुकेशन और सेक्स एजुकेशन से जुड़े ऐसे विषयों पर, जिनके बारे में अक्सर लोग खुलकर बात नहीं कर पाते। आज का टॉपिक थोड़ा संवेदनशील है, लेकिन बहुत जरूरी भी है। आखिर किस उम्र में लड़की को शारीरिक संबंध बनाने का मन होता है? बहुत से लड़के और लड़कियां दोनों इस सवाल के जवाब में गलतफहमियों का शिकार होते हैं। कई लोग सोचते हैं कि यह कोई गंदी बात है जबकि यह एक

    नेचुरल चीज है। आज हम इसी को आसान भाषा में विस्तार से समझेंगे। सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि लड़की के शरीर में बदलाव कब शुरू होते हैं। लड़कियों में प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था की शुरुआत आमतौर पर 10 से 14 साल के बीच होती है। कुछ लड़कियों में यह जल्दी यानी 9 साल से भी शुरू हो सकता है और कुछ में थोड़ा देर से भी। इस उम्र में कुछ बड़े बदलाव होते हैं। ब्रेस्ट डेवलप होना शुरू होते हैं। पीरियड्स आना शुरू होता है। शरीर में हेयर ग्रोथ जैसे बगल और प्राइवेट पार्ट के आसपास शरीर का आकार

    बदलता है। हिप्स चौड़े होने लगते हैं। यह सब बदलाव इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन नाम के हार्मोन की वजह से होते हैं। यह हार्मोन ही लड़की के शरीर में सेक्स ड्राइव यानी शारीरिक इच्छा को भी धीरे-धीरे जागृत करते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लड़की को तुरंत ही शारीरिक संबंध बनाने का मन करने लगे। इस उम्र में वह बस अपने शरीर को समझ रही होती है। अब बात करते हैं असली सवाल की। लड़की को पहली बार शारीरिक इच्छा कब महसूस होती है? हर लड़की अलग होती है। ज्यादातर रिसर्च के अनुसार 13 – 16 साल के बीच लड़की को पहली बार अट्रैक्शन यानी किसी लड़के की तरफ

    आकर्षण महसूस होता है। 15 और 18 साल के बीच हार्मोनल पीक होता है। यानी सेक्स ड्राइव का लेवल बढ़ने लगता है। बहुत सी लड़कियां अपने फ्रेंड सर्कल, फिल्मों या इंटरनेट से भी इस बारे में जानती हैं। वे कभी-कभी मास्टरबेशन यानी स्वयं सुख भी ट्राई करती हैं जो कि एकदम नॉर्मल है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह तुरंत सेक्स करना चाहती हैं। कई बार यह सब चीजें सिर्फ फेंटसी होती हैं। असली में संबंध बनाने से डर भी लगता है क्योंकि वह इमोशनली तैयार नहीं होती। कई साइकोलॉजिस्ट कहते हैं कि लड़कियों के लिए शारीरिक इच्छा के साथ-साथ भावनात्मक कनेक्शन ज्यादा जरूरी होता है। लड़के कई बार सिर्फ फिजिकल जरूरत देखते हैं। लेकिन लड़की के लिए ट्रस्ट, प्यार और इमोशनल सेफ्टी जरूरी होती है। अब थोड़ा साइंस भी समझ लेते हैं। लड़की के शरीर में दो मुख्य सेक्स हार्मोन होते हैं। एक एस्ट्रोजन, यह ब्रेस्ट डेवलपमेंट, पीरियड्स और फीमेल बॉडी शेप के लिए जिम्मेदार होता है। दो प्रोगेस्टेरोन। यह पीरियड्स और प्रेगनेंसी में बड़ी भूमिका निभाता है। ओवुलेशन यानी जब एग निकलता है उस समय लड़की की सेक्स ड्राइव बढ़ सकती है क्योंकि शरीर उस वक्त गर्भधारण के लिए तैयार होता है। यही कारण है कि कुछ महिलाएं पीरियड्स के कुछ दिन पहले या बीच में ज्यादा डिजायर महसूस कर सकती हैं। साथ ही डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन जैसे हैप्पी हार्मोन भी इसमें रोल निभाते हैं। कभी-कभी इमोशनल अटैचमेंट बढ़ जाने पर लड़की को इंटिमेसी यानी शारीरिक नजदीकी का मन ज्यादा करता है। हमारे समाज में लड़कियों की इच्छाओं को लेकर बहुत सारी गलत बातें फैली हुई हैं। कुछ लोग कहते हैं कि लड़की को सेक्स का मन नहीं होता यह झूठ है। हर इंसान को नेचुरली होता है। कुछ लोग कहते हैं कि शादी के बाद ही लड़की को इच्छा होती है। यह भी जरूरी नहीं। शादी सिर्फ एक सोशल परमिशन है। लेकिन शरीर के नेचुरल बदलावों से इसका कोई सीधा लेना देना नहीं। कुछ लोग इसे गंदी नजर से देखते हैं। जबकि यह एकदम सामान्य और हेल्दी चीज है। जरूरत है सही एजुकेशन की ताकि लड़कियां भी अपनी इच्छाओं को समझ सकें और गलत लोगों से बच सकें। यह बहुत जरूरी पॉइंट है। ज्यादातर लड़कियां चाहती हैं उनकी इच्छाओं का सम्मान हो। कोई जबरदस्ती ना करें। प्यार और ट्रस्ट वाला रिलेशन हो। सेक्स सिर्फ फिजिकल ना होकर इमोशनल भी हो। इसलिए अगर आप किसी लड़की से प्यार करते हैं तो उसकी भावनाओं को समझें। उससे खुलकर बात करें। उस पर प्रेशर ना बनाएं। अगर वह तैयार नहीं है तो कभी भी जबरदस्ती ना करें। कंसेंट यानी सहमति सबसे जरूरी है। कानूनी रूप से भारत में 18 साल से कम उम्र में शारीरिक संबंध बनाना अवैध है। क्यों? क्योंकि इस उम्र तक शरीर और दिमाग दोनों पूरी तरह मैच्योर नहीं होते। वैज्ञानिक रूप से भी देखा जाए तो 18 से 21 साल के बीच लड़की शारीरिक और मानसिक रूप से मैच्योर होती है। पहले वह कई बार कंफ्यूज रहती हैं। वह अपनी भावनाओं को पहचान नहीं पाती। इसलिए अगर कोई लड़का या लड़की रिलेशन में है तो जिम्मेदारी से सोें। दोनों बालिग हो। 18 प्लस कंसेंट यानी सहमति हो। कोई दबाव या लालच ना हो। प्रोटेक्शन का सही इस्तेमाल हो। ताकि कोई प्रेगनेंसी या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज ना हो। अक्सर मां-बाप इस विषय पर बात करने से डरते हैं। लेकिन अगर पेरेंट्स अपनी बेटियों से खुलकर बात करेंगे तो वह गलतफहमियों का शिकार नहीं होंगी। अपनी बेटियों को प्यूबर्टी, पीरियड्स और सेफ सेक्स के बारे में सही एजुकेशन दें। उन्हें बताएं कि उनके शरीर में बदलाव क्यों हो रहे हैं। अगर कोई लड़का उन्हें परेशान कर रहा है तो खुलकर बताएं। उम्मीद है दोस्तों, आपको

    यह स्टोरी पसंद आई होगी। अगर आपको ऐसे ही एजुकेशनल कंटेंट चाहिए तो इस कहानी को , शेयर करें और कमेंट में बताएं कि आपको अगला टॉपिक किस पर चाहिए। याद रखिए सेक्स एजुकेशन कोई गंदी चीज नहीं है। यह आपके जीवन के लिए जरूरी जानकारी है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। मिलते हैं बाद में। धन्यवाद।

  • औरत को देने का मन कब करता है, Real Story Crime in Hindi Love Kahani

    दोस्तो आज हम एक बहुत दिलचस्प और जरूरी टॉपिक पर बात करेंगे। क्या आपको पता है कि अगर किसी औरत को सेक्स करने का मन हो, तो वह सीधे कभी बोलती नहीं है। लेकिन वह अपने हावभाव और इशारों से सब कुछ बता देती है। पर ज्यादातर पुरुष इन इशारों को समझ ही नहीं पाते। तो आज हम आपको बताएंगे कि औरत के दिल का हाल आप कैसे समझ सकते हैं। अगर आप शादीशुदा हैं या आपकी कोई पार्टनर है तो यह वीडियो आपके लिए बहुत काम का है। इसे आखिरी तक जरूर देखिए क्योंकि हम आपको वह सभी बातें बताएंगे जो हर आदमी को जरूर पता होनी चाहिए।

    सबसे पहले समझिए औरतें अपने दिल की बात सीधे क्यों नहीं कह पाती? क्योंकि हमारे समाज में औरतों को बचपन से शर्म और संकोच सिखाया जाता है। वह सोचती हैं कि अगर वह खुद कहेंगी तो कहीं आदमी उन्हें गलत ना समझे। इसलिए वह अपने हावभाव से सब कुछ कह देती हैं। अब बात करते हैं कि वह इशारे क्या होते हैं। पहला अचानक ज्यादा प्यार जताना। अगर आपकी पार्टनर अचानक आपको बहुत प्यार से देखे, बातें करें, गले लगे तो समझिए उसका मूड रोमांटिक है।

    दूसरा शरारती बातें करना। अगर वह आपसे फ्लर्टी बातें करती है, पुरानी रोमांटिक बातें याद दिलाती है तो वह चाहती है कि आप उसके करीब आए। तीसरा शारीरिक टच। वो बार-बार आपका हाथ पकड़ती है, आपके सीने पर हाथ रखती है, बालों में हाथ फराती है। यह सब साफ संकेत हैं। चौथा सजना संवरणा। अगर वह रात को नहाकर अच्छे कपड़े पहनती है, परफ्यूम लगाती है, सेक्सीी नाइटटी पहनती है तो वह इशारों में कह रही है कि उसका मूड बना है। कई बार उसकी आंखें बहुत कुछ कह देती हैं। वो आपको देखकर शर्माती है, मुस्कुराती है तो समझ लीजिए कुछ खास चल रहा है। छठा रोमांटिक माहौल बनाना, अचानक से रोमांटिक गाना चलाना, रोमांटिक मूवी लगाना यह सब भी संकेत हैं। सातवां बिस्तर पर करीब आना रात को वह आपके करीब

    आकर लेटती है। आपको बाहों में भर लेती है। मतलब वह चाहती है कि आप उसके और करीब आए। आठवां अपने एक्सप्रेशन से बताना, बालों से खेलना, होठों को हल्का काटना यह सब भी उसके इशारे होते हैं। अब सवाल यह कि जब आप यह इशारे देख लें तो आपको क्या करना चाहिए? प्यार से रिसोंड करें। उसे स्पेस दें। माहौल रोमांटिक बनाएं। म्यूजिक, लाइट, परफ्यूम धीरे-धीरे उसके करीब जाए। जबरदस्ती बिल्कुल ना करें। अगर कभी वह मना कर दे तो बुरा ना माने। हो सकता है वह थकी हो या किसी वजह से मूड बदल गया हो। प्यार से उसे समझिए। दोस्तों, याद रखिए प्यार और विश्वास से ही रिश्ता मजबूत होता है। औरतें भी चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी भावनाओं को समझे। अगर आप

    उसके इशारों को पढ़ना सीख गए तो आपका रिश्ता और भी खूबसूरत होगा। तो दोस्तों, उम्मीद है कि आपको आज की जानकारी पसंद आई होगी। अगर हां, तो इस कहानी को अपने दोस्तों और भाइयों के साथ शेयर करें ताकि वह भी अपनी पार्टनर को अच्छी तरह समझ सकें। और हां, ऐसी ही सच्ची और काम की बातें हम आपके लिए लाते रहते हैं। मिलते हैं अगले स्टोरी में। तब तक के लिए प्यार बांटी खुश रहिए। धन्यवाद।

  • सात भाई ने एक बहन को क्यो मार डाला 😭 The real crime stories in hindi love

    क्यों खाया सात भाइयों ने अपनी बहन के

    शरीर का मांस गांव में सात भाई और उनकी एक

    बहन रहते थे उनके माता-पिता का निधन बचपन

    में ही हो गया था लेकिन भाइयों और बहन ने

    जिम्मेदारियों को समझते हुए एक दूसरे का

    सहारा बनना सीख लिया था भाई प्रतिदिन जंगल

    में शिकार के लिए जाते थे जबकि बहन घर पर

    रहकर भोजन बनाती थी एक दिन जब बहन हरी

    सब्जी काट रही थी तो गलती से उसकी उंगली

    तेज चाकू से कट गई खून बहने लगा और उसने

    सोचा कि अगर भाइयों को इसका पता चला तो वह

    बहुत चिंतित होंगे उसने खून रोकने की बहुत

    कोशिश की लेकिन जब वह सफल नहीं हुई तो

    अनजाने में वह खून उसी सब्जी में मिल गया

    जो वह पका रही थी शाम को जब भाई शिकार से

    लौटे और भोजन किया तो उन्हें साग का स्वाद

    असाधारण रूप से लजीज लगा वे बहन की खूब

    तारीफ करने लगे और बोले कि उन्होंने ऐसा

    स्वादिष्ट साग पहले कभी नहीं खाया अगले

    दिन भी वे जंगल में शिकार के दौरान उसी

    साग की चर्चा करते रहे रात को जब वे घर

    लौटे तो उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने

    बहन से पूछ लिया कि उसने भोजन में ऐसा

    क्या डाला था जिससे स्वाद इतना बेहतरीन हो

    गया जब बड़े भाई ने बहन से उस असाधारण रूप

    से स्वादिष्ट साग के बारे में पूछा तो

    पहले वह टालती रही लेकिन फिर झिझकते हुए

    बताया कि सब्जी काटते समय उसकी उंगली चाकू

    से कट गई थी और उसका खून साग में मिल गया

    था यह सुनते ही बड़े भाई के मन में एक

    भयानक विचार आया वह तुरंत अपने बाकी छह

    भाइयों के पास गया और बोला “अगर इसकी कुछ

    बूंदे ही खाने को इतना स्वादिष्ट बना सकती

    हैं तो सोचो इसका मांस कितना लजीज होगा “

    उसके इस विचार से बाकी भाई भी सहमत हो गए

    उन्होंने एक खतरनाक योजना बनाई वे बहन को

    शादी का लालच देकर जंगल ले जाएंगे और फिर

    उसकी हत्या करके उसका मांस पका कर खाएंगे

    लेकिन सबसे छोटा भाई यह सब सुनकर बेचैन हो

    उठा वह अपनी बहन को बचाना चाहता था लेकिन

    अकेले छह भाइयों के सामने उसकी कोई नहीं

    सुनने वाला था वह असमंजस में था कि क्या

    करें अगले दिन बड़े भाई ने मुस्कुराते हुए

    बहन से कहा “मने तुम्हारे लिए एक अच्छा वर

    ढूंढा है चलो तुम्हें उससे मिलवाने ले

    चलते हैं ” यह सुनकर बहन बहुत खुश हो गई

    शादी की बात से उत्साहित होकर वह तुरंत

    तैयार हो गई और अपने भाइयों के साथ जंगल

    की ओर चल पड़ी रास्ते में लंबा सफर तय

    करने के बाद बहन थक गई उसने भाइयों से

    पूछा भैया मेरा ससुराल अभी और कितना दूर

    है बड़े भाई ने मुस्कुरा कर जवाब दिया बस

    थोड़ी दूर और फिर पहुंच जाएंगे आखिरकार वे

    एक ऊंचे टीले पर पहुंच गए वहां पहुंचते ही

    भाइयों ने अचानक बहन को पकड़ लिया और एक

    खंभे से बांध दिया अब बहन को समझ आ गया कि

    वे उसकी हत्या करने वाले हैं डर और बेबसी

    से उसकी आंखों से आंसू बहने लगे वह रोते

    हुए भगवान को पुकारने लगी बड़ा भाई सबसे

    पहले धनुष उठाकर तीर चलाने को तैयार हुआ

    लेकिन तभी बहन बोली मारो मारो भैया छाती

    पर निशाना साधो तुम्हारा तीर जंगल में चला

    जाए यह सुनकर बड़े भाई ने तीर छोड़ा लेकिन

    निशाना चूक गया फिर दूसरे भाई ने प्रयास

    किया लेकिन उसका तीर भी गलत दिशा में निकल

    गया इसी तरह एक-एक कर छह भाइयों ने तीर

    चलाए पर हर बार निशाना चूकते रहे तीर

    चलाने की बारी छोटे भाई की थी वह अपनी बहन

    को मारना नहीं चाहता था लेकिन उसके छह

    भाइयों ने उसे धमकाया अगर तेरा निशाना

    चूका तो तुझे भी मार देंगे बहन अपने छोटे

    भाई की बेबसी को समझ गई वह नहीं चाहती थी

    कि उसकी वजह से उसके सबसे प्रिय भाई की

    जान भी खतरे में पड़ जाए इसलिए उसने भारी

    मन से कहा मारो भैया छाती पर निशाना लगाना

    ताकि तीर सीधे मेरे हृदय में उतर जाए छोटे

    भाई की आंखों में आंसू भरा कांपते हाथों

    से उसने धनुष उठाया और तीर छोड़ दिया इस

    बार निशाना नहीं चुका तीर सीधा बहन की

    छाती में जा वह दर्द से करा उठी और कुछ ही

    पलों में प्राण त्याग दिए छह भाइयों ने

    मिलकर अपनी ही बहन के शरीर के टुकड़े किए

    और उसका मांस पकाने लगे लेकिन छोटा भाई इस

    घिनौने कृत्य में शामिल नहीं होना चाहता

    था वह अपनी बहन का मांस नहीं खा सकता था

    इसलिए उसने चुपके से कढ़ाई में कुछ

    मछलियां और केकड़े डाल दिए जब खाना परोसा

    गया तो उसने बहन के मांस को गुप्त रूप से

    एक गड्ढे में दबा दिया कुछ वर्षों बाद

    जहां बहन का मांस दफनाया गया था वहां एक

    बांस का पौधा उगाया समय के साथ वह पौधा

    बढ़ते-बढ़ते घने बांसों के झुंड में बदल

    गया कई साल बीत गए एक दिन एक महात्मा उस

    रास्ते से गुजरे उनकी नजर उस बांस के

    झुरमुट पर पड़ी और उन्होंने महसूस किया कि

    यह कोई साधारण बांस नहीं था इसमें एक

    अनोखी दिव्य ऊर्जा महसूस हो रही थी जो

    बाकी बांसों से अलग थी महात्मा ने सोचा

    क्यों ना इस बांस से एक बांसुरी बना ली

    जाए मैं इसे बजाकर गांव-गांव जाकर भिक्षा

    मांग सकूंगा यह सोचकर उन्होंने बांस की एक

    टहनी काटी और उससे एक सुंदर बांसुरी बना

    ली फिर भिक्षा मांगने के लिए एक गांव की

    ओर निकल पड़े नसीब का खेल देखिए महात्मा

    उसी गांव में पहुंच गए जहां सातों भाई

    रहते थे इस समय तक छह भाइयों की शादी हो

    चुकी थी जबकि सातवां भाई कुंवारा था जब वे

    सबसे बड़े भाई के घर के दरवाजे पर पहुंचे

    तो बांसुरी बजाते हुए भिक्षा मांगने लगे

    जैसे ही बांसुरी बजी उसमें से एक

    अजीबोगरीब आवाज निकलने लगी यही है सबसे

    बड़ा गुनहगार इसी ने बहन का किया शिकार

    बड़े भाई के घर मत बजाओ इसने प्रेम ममता

    सब ठुकराया यह सुनते ही बड़े भाई के

    रोंगटे खड़े हो गए बांसुरी से आती इस अजीब

    आवाज को सुनकर महात्मा चौंक गए लेकिन सबसे

    ज्यादा हैरानी बड़े भाई को हुई क्योंकि वह

    तुरंत पहचान गया कि यह आवाज उसकी उस बहन

    की है जिसे उन्होंने सातों भाइयों ने

    मिलकर जंगल में मार डाला था बड़े भाई को

    डर था कि कहीं उसकी सच्चाई सबके सामने

    उजागर ना हो जाए उसने महात्मा से कहा आप

    आगे बढ़ जाइए यहां भिक्षा मांगना व्यर्थ

    है इसके बाद जब जब महात्मा दूसरे भाइयों

    के घर भिक्षा मांगने गए बांसुरी से वही

    सच्चाई भरी आवाज निकलती जो उनके मन में डर

    भर देती भाइयों को डर सताने लगा कि उनकी

    घिनौनी करतूत कहीं सबके सामने ना आ जाए इस

    भय से उन्होंने महात्मा को गांव से भगा

    दिया लेकिन जब महात्मा सबसे छोटे भाई के

    घर पहुंचे और बांसुरी बजाई तो उसमें से

    मधुर स्वर गूंज उठा बजाओ रे बांसुरी सबसे

    छोटे भाई के घर जिसने मन की बात छुपाई

    युगों से रखा सहेज कर इस मधुर धुन को

    सुनते ही छोटा भाई भावुक हो उठा उसके दिल

    में एक अजीब सी हलचल हुई मानो कोई भूली

    बिसरी यादें जाग उठी हो उसने महात्मा से

    निवेदन किया महात्मा जी कृपया यह बांसुरी

    मुझे दे दीजिए मुझे लगता है कि इसमें मेरी

    कोई पुरानी यादें समाई हैं महात्मा ने

    उसकी भावनाओं को समझते हुए बांसुरी उसे

    सौंप दी छोटा भाई बांसुरी को घर ले आया और

    उसे एक साफ स्थान पर रखकर धूप दीप जलाकर

    उसकी पूजा की वह उस बांसुरी को श्रद्धा से

    देखने लगा मानो वह अपने खोए हुए अतीत को

    उसमें तलाश रहा हो कुछ दिनों के बाद उसे

    अपने घर में एक अजीब आहट महसूस हुई मानो

    कोई उसके साथ उस घर में रह रहा हो जब वह

    घर पर नहीं होता तो उसके घर की सफाई हो

    जाती वस्त्र सही ढंग से तह लगाए रहते और

    दीपक भी प्रज्वलित रहता यह देखकर वह चकित

    रह गया आखिरकार उसने यह जानने का निश्चय

    किया कि यह रहस्यमई काम कौन करता है एक

    दिन वह चुपचाप घर के एक कोने में छिप गया

    इस बारे में पता लगाने के लिए तभी उसकी

    आंखों के सामने चौंकाने वाला दृश्य आया

    बांसुरी से उसकी बहन की आत्मा बाहर निकलती

    घर की सफाई करती कपड़े को तह लगाती दीपक

    जलाती और फिर वापस बांसुरी में समा जाती

    यह देखकर छोटा भाई स्तब्ध रह गया अगले दिन

    उसने अपनी बड़ी भाभी से इस रहस्य को साझा

    किया बड़े भाई ने अपनी भाभी को बताया भाभी

    जब मैं घर पर नहीं होता तो बांसुरी से

    मेरी छोटी बहन की आत्मा निकलती है वह सारा

    कामकाज करती है और फिर वापस उसी बांसुरी

    में समा जाती है यह सुनकर भाभी भी हैरान

    रह गई उन्होंने गंभीरता से कहा जब अगली

    बार तुम्हारी बहन की आत्मा बांसुरी से

    बाहर आए तो तुरंत बांसुरी को अग्नि में

    डाल देना और उस पर गंगाजल का छिड़काव करना

    लेकिन ध्यान रहे कि तुम्हारे भाइयों को इस

    बारे में जरा भी भनक ना लगे और यह सब

    बातें सबसे बड़ा भाई बाहर खड़े होकर सुन

    रहा था वह तुरंत अपने बाकी पांच भाइयों के

    पास गया और उन्हें सब बातें बता दी सभी

    भाई डर गए कि जो नीच हरकत उन्होंने कई

    वर्षों पहले की थी वह कहीं सभी गांव वालों

    के सामने ना आ जाए सभी ने मिलकर एक

    षड्यंत्र रचा और चालाकी से जब छोटा भाई

    बांसुरी को जलाने के लिए जंगल में लकड़ी

    लेने जा रहा था तभी उसे वहां कैद कर लिया

    और उसके घर जाकर बांसुरी चुरा ली और सभी

    भाइयों ने बांसुरी को तोड़कर नदी में

    फेंकने का सोचा तभी वहां वहीं संत प्रकट

    हो गए जिन्होंने छोटे भाई को बांसुरी दी

    थी भाइयों और संत के बीच कहासनी इतनी बढ़

    गई कि उन्होंने संत को पानी में फेंक दिया

    इसी बीच मौका पाते ही छोटे भाई ने बांसुरी

    चुरा ली और भागते हुए अपनी भाभी के पास

    गया और वहां पहुंचते ही आग जलाकर बांसुरी

    को आग में रख दिया और ऊपर से गंगाजल का

    छिड़काव कर दिया जैसे ही बांसुरी में

    गंगाजल पड़ा उसमें से एक तेज रोशनी बाहर

    आने लगी और देखते ही देखते उसकी बहन की

    आत्मा पूरी तरीके से बांसुरी के बाहर आ गई

    और जीवित हो गई अपनी बहन को इतने सालों

    बाद जीवित देखना छोटे भाई के लिए कोई

    चमत्कार से कम ना था उसने रोते हुए अपनी

    बहन को गले लगा लिया बहन के पुनर्जीवित

    होने की खबर पूरे गांव में जंगल की आग की

    तरह फैल गई लोग इस चमत्कार को सुनकर

    स्तब्ध रह गए कि एक मृत लड़की कैसे फिर से

    जीवित हो सकती है जब गांव के लोग इकट्ठा

    हुए तो छोटे भाई ने खुद सभी के सामने आकर

    पूरी सच्चाई बयां की उसने भारी मन से कहा

    मेरे छह भाइयों ने अपनी स्वाद की लालसा

    में आकर मेरी मासूम बहन की बेरहमी से

    हत्या कर दी थी उन्होंने उसे जंगल में ले

    जाकर पहले धोखे से बंधक बनाया और फिर उस

    पर वार करने की योजना बनाई जब उनका निशाना

    चूकने लगा तो उन्होंने मुझे मजबूर किया कि

    मैं अपनी ही बहन पर तीर चलाऊं चाहकर भी

    मैं उनकी बातों का विरोध नहीं कर सका और

    आखिरकार अपनी बहन के सीने में तीर मार

    दिया इतना ही नहीं मेरे भाइयों ने उसके शव

    को टुकड़ों में काटा और उसका मांस पकाकर

    खा लिया मैं इस अपराध में शामिल नहीं था

    लेकिन मजबूरी में मैं भी उस भयावह घटना का

    गवाह बना जैसे ही छोटे भाई ने गांव वालों

    को पूरी सच्चाई बताई उनके रोंगटे खड़े हो

    गए उनके दिलों में आक्रोश की ज्वाला फूट

    पड़ी उन्होंने कहा ऐसे लोगों को जीने का

    कोई अधिकार नहीं जिन्होंने अपनी बहन के

    साथ ऐसा अत्याचार किया इधर जब छव भाई मौज

    मस्ती कर अपने घर वापस लौट रहे थे तब

    उन्हें गांव का वातावरण कुछ बदला हुआ लगा

    सभी लोग उन्हें घृणा और आक्रोश भरी नजरों

    से देख रहे थे पहले तो उन्हें मामला कुछ

    समझ नहीं आया लेकिन जैसे ही उन्होंने अपने

    छोटे भाई को अपनी बहन के साथ गांव के

    बाजार में देखा वह आश्चर्यचकित हो गए और

    डर के मारे कांपने लगे और उन्हें मामला

    समझते देर ना लगी उन्हें पता चल गया कि

    छोटे भाई ने गांव वालों को पूरी घटना बता

    दी है और वह सब अब मिलकर उन्हें बीच

    चौराहे में पेड़ के साथ बांधकर जलाकर खाक

    कर देंगे सभी भाइयों ने सोचा कि वह जंगल

    की ओर भागकर अपनी जान बचाएंगे और बचा हुआ

    जीवन जंगल में ही बिताएंगे इतना सोच वह घर

    पहुंच अपना सारा सामान बांधने लग गए लेकिन

    उनके घर के बाहर खड़ा एक गांव वाला सब देख

    रहा था वह जल्दी से बाकी लोगों के पास गया

    और सब कुछ बता दिया सभी लोग मशाल लाठी

    रस्सी आदि लेकर भाइयों के घर गए और उनके

    घर को घेर कर सभी भाइयों को बंदी बनाकर

    घसीटते हुए गांव के चौक में ले जाकर एक

    पेड़ के साथ बांध दिया इसके बाद सभी गांव

    वालों ने सोचा कि अब इन्हें जलाकर खाक कर

    दिया जाए परंतु उसी समय छोटा भाई और उसकी

    बहन वहां आ पहुंचे और गांव वालों को ऐसा

    करने से मना कर दिया उन्होंने कहा ऐसा

    करने से इनमें और हम सब में क्या फर्क रह

    जाएगा आप सब इन्हें गांव से निकाल दीजिए

    और जंगल में रहने के लिए छोड़ दीजिए और

    कोई भी इन्हें संपर्क ना करें यही इनकी

    सजा रहे इतना कहने पर गांव वालों ने छहों

    भाइयों को जंगल में छोड़ दिया छहों भाई

    जंगल में रात दिन भटकते रहे घूमते-घूमते

    एक दिन वह उसी बांस के पेड़ के पास पहुंचे

    जहां उनकी बहन का मांस दफनाया गया था वह

    उसी पेड़ के पास रहने लग गए उन्होंने उसी

    बांस के पेड़ से रहने के लिए तंबू बनाया

    और जब भी बारिश होती तब उस बांस में पानी

    ईखा हो जाता जो छहों भाइयों के काम आता

    कुछ समय बाद सभी भाई एक-एक कर एक लालाज

    बीमारी का शिकार हुए और चल बसे इधर छोटा

    भाई अपनी बहन के लिए अत्यंत खुश था

    क्योंकि इतने वर्ष बाद अपनी बहन को जीवित

    देखना उसके लिए कोई चमत्कार से कम ना था

    उसने एक नए जीवन की शुरुआत की और अपनी बहन

    के साथ एक सुखी जीवन व्यतीत करने लगा और

    अपने बीते हुए कल को दोनों ने भुला दिया

    ऐसी रोमांचक और दिलचस्प कहानियां हमारे

    Website पर आती रहती हैं

  • औरत को मजा कब आता है Unmarried not 🚭 open Love story hindi

    आज हम इस कहानी में जानेंगे कि महिलाओं को

    कब सबसे ज्यादा संबंध बनाने की इच्छा होती

    है और कैसे एक पति को अपनी पत्नी के दिल

    और दिमाग को समझना चाहिए। यह जानकारी पूरी

    तरह एजुकेशनल है और आपके रिश्ते को बेहतर

    बनाने में मदद करेगी। सबसे पहले यह बात

    अच्छे से समझ लीजिए। महिलाएं भी इंसान ही

    होती हैं। उनके शरीर में भी वही हार्मोंस

    होते हैं जो पुरुषों में होते हैं। बस

    फर्क इतना है कि महिलाएं अपनी बातों को

    खुलकर नहीं कहती। वह सोचती हैं लोग क्या

    कहेंगे कहीं बुरा ना मान जाए इस वजह से

    उनकी इच्छाएं दब जाती हैं। लेकिन अंदर से

    उनका दिल और दिमाग भी वैसे ही काम करता

    है। उन्हें भी प्यार, स्पर्श और अपनापन

    चाहिए होता है। तो अगर आप यह सोचते हैं कि

    महिलाओं को मन नहीं करता तो यह एक बहुत

    बड़ी गलतफहमी है। महिलाओं में हर महीने

    पीरियड्स का चक्कर चलता है। इसमें एक वक्त

    ऐसा आता है जिसे हम कहते हैं ओवुलेशन

    टाइम। यह वही समय होता है जब महिला के

    शरीर में गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा

    होती है। वैज्ञानिक कहते हैं कि ओवुलेशन

    के आसपास ही महिलाओं में इच्छा ज्यादा हो

    सकती है। इसका कारण है हार्मोनल बदलाव,

    मूड का अच्छा रहना, शरीर में ज्यादा ऊर्जा

    महसूस होना। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा

    कि कुछ महिलाओं को पीरियड साइकिल के मिड

    में ज्यादा रोमांटिक महसूस होता है। लेकिन

    सिर्फ हार्मोन ही सब कुछ नहीं करते।

    महिलाओं के लिए प्यार, अपनापन और भरोसा

    सबसे जरूरी है। अगर आप अपनी पार्टनर को

    दिल से प्यार करते हैं, उनकी बातें सुनते

    हैं, उनका ख्याल रखते हैं, तो वह खुद ब

    खुद आपके करीब आना चाहती हैं। महिलाएं जब

    भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस करती हैं,

    तब उनके लिए संबंध बनाना और भी खास हो

    जाता है। ऐसे में पुरुषों को भी समझदारी

    दिखानी चाहिए। कभी भी महिला को जबरदस्ती

    मजबूर मत करो। उसके मन का ध्यान रखो। बहुत

    लोग पूछते हैं, किस उम्र में महिलाओं की

    इच्छा सबसे ज्यादा होती है? देखिए इसका

    सीधा जवाब है यह हर महिला के शरीर और सोच

    पर निर्भर करता है। वैज्ञानिक रिसर्च

    बताती है कि 20 से 40 साल के बीच महिलाओं

    की इच्छा सबसे ज्यादा रहती है। खासकर शादी

    के कुछ साल बाद जब रिश्ते में समझदारी आ

    जाती है और आत्मविश्वास बढ़ जाता है। कई

    बार बच्चे बड़े हो जाते हैं तो

    जिम्मेदारियां थोड़ी कम हो जाती हैं। ऐसे

    में महिलाएं अपनी इच्छाओं को खुलकर महसूस

    कर पाती हैं। महिलाओं के लिए माहौल बहुत

    मायने रखता है। पुरुषों की तरह महिलाएं

    तुरंत मूड में नहीं आती। उनके लिए माहौल

    बनाना पड़ता है। जैसे साफ सुथरा कमरा,

    हल्की लाइट या कैंडल लाइट, रोमांटिक गाने,

    खुशबूदार, परफ्यूम प्यार भरी बातें। इन सब

    चीजों से महिला का मूड बनता है और वह आपके

    करीब आना चाहती हैं। महिलाएं सीधा बोलेंगी

    नहीं। चलो संबंध बनाते हैं। वह इशारों में

    बताती हैं। कई बार वह आपसे ज्यादा नजदीक

    बैठती हैं। आपका हाथ पकड़ती हैं। आंखों

    में देखकर मुस्कुराती हैं। आपको छूकर

    बातें करती हैं। यह उनके मन का इशारा होता

    है कि वह भी आपके साथ समय बिताना चाहती

    हैं। ऐसे में पुरुष को ध्यान से समझना

    चाहिए और प्यार से आगे बढ़ना चाहिए।

    महिलाएं दिन भर घर, बच्चे और काम में लगी

    रहती हैं। उन्हें सिर दर्द, थकावट या

    स्ट्रेस हो सकता है। इस वजह से उनका मूड

    बिगड़ सकता है। अगर पत्नी परेशान है तो

    उसका मन भी नहीं करेगा। ऐसे में पति को

    चाहिए कि वह उनकी मदद करें, बातें शेयर

    करें, कोई टेंशन ना दें। इससे महिला

    रिलैक्स महसूस करेगी और आपका रिश्ता भी

    मजबूत रहेगा। पत्नी की इज्जत करें। उसकी

    मर्जी सबसे जरूरी है। जबरदस्ती बिल्कुल मत

    करें। रोमांटिक बातें करें। तारीफ करें।

    महिलाएं तारीफ सुनना पसंद करती हैं। गंदे

    कपड़े और बदबू से बचें। महिलाएं साफ सफाई

    पर ध्यान देती हैं। कुछ लोग मानते हैं कि

    महिलाएं कभी पहल नहीं करती। यह गलत है। जब

    सही माहौल और भरोसा होता है तो महिलाएं भी

    चाहत जाहिर करती हैं। कुछ लोग सोचते हैं

    कि उम्र के साथ इच्छा खत्म हो जाती है। यह

    भी जरूरी नहीं। जब तक शरीर और मन से

    स्वस्थ हैं तब तक महिला को भी नजदीकी की

    जरूरत होती है। कभी-कभी महिलाओं को लगे कि

    उनमें इच्छा कम हो रही है तो डरने की बात

    नहीं है। पहले डॉक्टर से सलाह लें।

    हार्मोन टेस्ट कराएं। योग, मेडिटेशन और

    हेल्दी खाना खाएं। रिलेशन में खुलकर बात

    करें। अक्सर बातें छुपाने से समस्या बढ़

    जाती है। याद रखिए शारीरिक संबंध सिर्फ

    शरीर का खेल नहीं है। यह दिल और दिमाग से

    भी जुड़ा होता है। महिलाओं को भरोसा,

    सम्मान और प्यार चाहिए। अगर यह सब होगा तो

    रिश्ता मजबूत रहेगा और दोनों खुश रहेंगे।

    रोमांटिक डेट प्लान करें। कभी फूल दें,

    कभी सरप्राइज गिफ्ट दें। बच्चों से अलग

    कुछ टाइम निकालें। पार्टनर को सुने और

    समझें। हमेशा पॉजिटिव बातें करें। इन सब

    बातों से प्यार बढ़ता है और नजदीकी भी। तो

    दोस्तों, आज आपने जाना कि औरत को कब सबसे

    ज्यादा संबंध बनाने का मन होता है। अब यह

    बात आपके दिमाग में साफ हो गई होगी कि

    महिलाओं में भी उतनी ही इच्छा होती है

    जितनी पुरुषों में। बस फर्क इतना है कि वह

    अपने मन को खुलकर कह नहीं पाती। आप अगर

    अपनी पत्नी या पार्टनर को समझोगे, सपोर्ट

    करोगे और प्यार दोगे तो वह भी खुलकर अपनी

    बातें कहेंगी। अगर आपको यह जानकारी पसंद

    आई हो तो इस कहानी को अपने

    दोस्तों और फैमिली में शेयर करें ताकि

    गलतफहमियां दूर हो। और हां अगर

    कोई सवाल हो तो कमेंट में जरूर बताना। मैं

    हर सवाल का जवाब दूंगा। रिश्ते में प्यार,

    भरोसा और इज्जत हमेशा बनाए रखिए।

    धन्यवाद

  • एक राजा की तीन झूठी कहानियां 😂 The Hindi Best Real Kahani in emotional crime story

    एक राजा को झूठी कहानियां सुनने का शौक था वह बिना कहानियां सुने दरबार का काम शुरू नहीं करता धीरे-धीरे दरबारियों और प्रजा के पास कहानियां खत्म हो गई लेकिन राजा की जिद कम नहीं हुई राजा ने घोषणा की कि जो उसे तीन झूठी कहानियां सुनाएगा उसे इनाम मिलेगा इनाम के लालच में लोग कहानियां लेकर आने लगे लेकिन राजा सारी कहानियां पहले ही सुन चुका था नई कहानियां सुनते ही वह पहचान लेता फिर राजा ने एक और घोषणा की कि जो उसे तीन झूठी कहानियां सुनाएगा उसे आधा राज्य और अपनी बेटी चंद्रप्रभा का हाथ में लेगा राजा ने यह घोषणा तो कर दी लेकिन उसे डर था कि अगर कोई सच में तीन झूठी कहानियां सुना देगा तो उसे वादा निभाना पड़ेगा इस डर से राजा ने दरबारियों को आदेश दिया कि जैसे ही तीसरी कहानी सुनाई जाए सभी कहें यह सच्ची है इसके बाद राजा उस व्यक्ति को राजद्रोह के आरोप में जेल भेज देता इससे लोग डर गए कोई कहानियां सुनाने को तैयार नहीं था अब राजा बेचैन हो गया उसने अपने खास दरबारी को आदेश दिया कि वह व्यवस्था करे अगर दो दिन तक कोई कहानी नहीं सुनाई गई तो दरबारी को 100 कोड़े मारे जाएंगे राजा के दरबारी को आदेश में मिला था कि किसी तरह तीन झूठी कहानियां सुनाने वाला व्यक्ति ढूंढे लेकिन दरबारी जानता था कि राजा की चाल थी कि तीसरी कहानी को सच्चा बताकर वह सुनाने वाले को जेल में डाल देता था अपने राज्य में कोशिश करने के बाद जब उसे कोई नहीं मिला तो वह दूसरे राज्य में भी गया वहां भी राजा की चाल के बारे में सुनकर कोई तैयार नहीं हुआ थक हार कर दरबारी एक पेड़ के नीचे बैठ गया तभी एक लकड़हारा वहां आया और उससे पूछा कि आप उदास क्यों बैठे हैं दरबारी ने कहा कि उसका दुख जानने से क्या होगा लेकिन लकड़हारे ने मदद का भरोसा दिया दरबार ने राजा की समस्या बताई कि वह झूठी कहानियां सुनने का शौकीन है लेकिन तीसरी कहानी को सच्चा बताकर सुनाने वाले को जेल में डाल देता है लकड़हारे ने मुस्कुराते हुए कहा बस इतनी सी बात आप चिंता मत कीजिए कल मैं राजा को तीन झूठी कहानियां सुनाने आऊंगा दरबारी ने कहा तुम युवा हो अपना जीवन क्यों खतरे में डाल रहे हो लकड़े ने कहा आप निश्चिंत रहें दरबारी उसकी बात मानकर दरबार लौट आया और राजा को खबर दी अगले दिन राजा उस व्यक्ति का बेसब्री से इंतजार करने लगा नियत समय पर युवक आया और राजा से कहा महाराज मैं आपको तीन झूठी कहानियां सुनाने आया हूं राजा ने कहा तुम्हें नियम मालूम ही होंगे अगर तुम तीन झूठी कहानियां सुना दोगे तो मेरी बेटी से विवाह और आधा राज्य तुम्हें मिलेगा लेकिन अगर कोई कहानी सच्ची निकली तो तुम्हें राष्ट्रद्रोह के आरोप में जेल या 1000 कोड़े मारने की सजा मिलेगी युवक ने कहा मुझे सजा मंजूर है लेकिन पहले मेरी कहानियां सुन लीजिए राजा ने अनुमति दी और युवक ने अपनी पहली कहानी सुनानी शुरू की महाराज मैं एक किसान हूं एक दिन जब मैं खेत में हल जोत रहा था मेरी मां खाना लेकर आई खाने में आम थे मैंने आम खाए और गुठलियों बैलों की पीठ पर रख दी तभी बारिश होने लगी और उन गुठलियों से बड़े-बड़े बरगद के पेड़ उगाए पेड़ इतने विशाल थे कि उनकी छाया में मैं बिना भीगे पूरा खेत जोतता रहा सारी सभा ठहाके लगाने लगी दरबारियों ने कहा आम की गुठलियों से बरगद और वो भी बैलों की पीठ पर यह तो पूरी तरह झूठ है राजा ने मुस्कुराते हुए कहा अगली कहानी सुनाओ उस युवक ने राजा से पूछा महाराज क्या आप मानते हैं कि मेरी पहली कहानी झूठी थी राजा ने कहा हां मैं मानता हूं अब दूसरी कहानी सुनाओ युवक ने कहानी शुरू की महाराज एक बार हमारे गांव में बारिश नहीं हो रही थी मेरी मां ने कहा कि कुछ करो मैंने एक डंडा उठाया और बादलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया बादल मुझसे डर कर भागने लगे लेकिन मैंने उन्हें पकड़कर इतना पीटा कि वे रोने लगे उनके आंसू बारिश बनकर हमारे गांव में बरसने लगे वह बारिश इतनी तेज थी कि पूरा गांव डूब गया लेकिन मेरा कुत्ता बिल्ली खिलौने और मेरा घर सब सूखे रहे मैं अपनी एक अंगुली से सबको बचाकर रखे हुआ था मेरी अंगुली के नीचे मेरा घर और आसपास के चार पड़ोसियों के घर भी थे दरबारियों ने ठाके लगाते हुए कहा बादलों को पीटकर बारिश और एक अंगुली के नीचे पूरा घर ये तो पूरी तरह झूठ है राजा भी हंसते हुए बो बोला हां यह कहानी झूठी है अब तीसरी सुनाओ युवक ने मुस्कुरा कर कहा महाराज तीसरी कहानी मैं कल सुनाऊंगा राजा ने लड़के के जाने के बाद दरबारियों को आदेश दिया कल वह चाहे कैसी भी कहानी सुनाए तुम सबको कहना है कि यह कहानी सच्ची है उधर रात को दरबारी को चिंता होने लगी वह लड़के के पास गया और बोला बेटा तुम अभी यहां से भाग जाओ राजा ने आदेश दिया है कि तुम जो भी तीसरी कहानी सुनाओ ग उसे सच्ची बता दिया जाएगा इसके बाद तुम्हें राजद्रोह के आरोप में जेल भेज दिया जाएगा या तुम्हें 1000 कोड़े मारने की सजा दी जाएगी लड़के ने शांत रहते हुए कहा आप चिंता मत करें कल देखना या तो राजा अपनी झूठी कहानियां सुनने की आदत छोड़ देगा या फिर मैं यहां नहीं रहूंगा दरबारी ने समझाने की कोशिश की बेटा मैं जानता हूं तुम बुद्धिमान हो लेकिन राजा के दरबारी नीच और चालाक लोग हैं वे राजा के आदेश के अनुसार ही काम करेंगे अपनी जान बचाने के लिए भाग जाओ लड़के ने दृढ़ता से कहा आप मुझ पर भरोसा करें कल मैं ना केवल सुरक्षित रहूंगा बल्कि राजा को उसकी आदत भी छुड़वा दूंगा अगली सुबह दरबारियों ने राजा के इशारे का इंतजार किया राजा ने मुस्कुराते हुए लड़के से कहा अब अपनी तीसरी कहानी सुनाओ लड़के ने कहा महाराज जैसा कि आप जानते हैं आपके दादाजी और मेरे दादाजी बहुत अच्छे मित्र थे इतना सुनते ही सभी दरबारी बोल उठे हां यह सच है हमने सुना है कि वे बहुत अच्छे मित्र थे लड़के ने हाथ जोड़कर निवेदन किया महाराज कृपया मुझे पहले कहानी पूरी करने दें इसके बाद निर्णय लें कि यह सच्ची है या झूठी राजा ने दरबारियों को शांत कराया और लड़के से कहा ठीक है अपनी कहानी पूरी करो लड़का बोला महाराज एक बार आपके राज्य में अकाल पड़ा था तब आपके दादाजी ने मेरे दादाजी से मदद मांगी मेरे दादाजी ने 10000 बैल गाड़ियां सोने की मोहरों से भर कर भेजी थी जिससे अकाल का सामना किया गया लेकिन आपके दादाजी ने वादा किया था कि वे इस रकम का ब्याज के साथ लौट आएंगे लेकिन लौट आए नहीं मेरे दादाजी ने मरते समय मेरे पिताजी से कहा था और मेरे पिताजी ने मरते समय मुझसे कहा कि अब वह रकम 15500 बैल गाड़ियां सोने की हो चुकी है महाराज कृपया वह रकम मुझे लौटा दें इतना सुनते ही राजा सोच में पड़ गया इधर सभी दरबारी चिल्ला रहे थे यह कहानी सच्ची है यह कहानी सच्ची है राजा ने लड़के की तीसरी कहानी सुनकर सोचा अगर यह कहानी सच्ची है तो मुझे इसे 15500 बैल गाड़ियां सोने की देनी होंगी लेकिन मेरे पूरे राज्य में इतना सोना भी नहीं है यहां तक कि अगर मैं प्रजा से सब कुछ इकट्ठा करूं तब भी संभव नहीं होगा इसलिए मुझे यह कहानी झूठी माननी ही पड़ेगी उधर दरबारी चिल्ला रहे थे यह कहानी सच्ची है राजा गुस्से में अपनी गद्दी से खड़ा हुआ और बोला चुप हो जाओ यह कहानी झूठी है मैं खुद कहता हूं यह झूठी है दरबार में सन्नाटा छा गया दरबारियों को समझ नहीं आया कि राजा ने ऐसा क्यों कहा राजा ने कहा आज मुझे समझ में आ गया है कि सनक और जिद गलत होती है मैंने अपनी सनक में अपना आधा राज्य और समय बर्बाद किया फिर राजा ने लड़के से कहा युवक तुम्हारी बुद्धिमानी और चतुराई ने मुझे प्रभावित किया है मैं अपनी बेटी चंद्रप्रभा का विवाह तुमसे करूंगा लड़के ने मुस्कुरा कर कहा महाराज मैं मनोहर गढ़ का राजकुमार मनोहर सिंह हूं मैं आपकी सनक दूर करने और चंद्र प्रभा को देखने आया था वह सच में सुंदर और गुणी है राजा ने कहा आज मैंने सीखा कि राजा वही है जो प्रजा हित में सोचता है अब मैं हमेशा प्रजा की भलाई के लिए काम करूंगा

  • यह औरत नेवला को क्यों जन्म दिया 😱 The Real Crime in Hindi Story

    देव शर्मा नाम के ब्राह्मण के घर एक पुत्र का जन्म हुआ उसी दिन उनके घर में रहने वाली नेवली ने भी एक नेवले को जन्म दिया देव शर्मा की पत्नी दयालु स्वभाव की थी इसलिए उसने नेवले के बच्चे को भी अपने पुत्र के समान प्यार और स्नेह से पाला नेवला और बच्चा हमेशा साथ खेलते और दोनों में गहरी मित्रता थी किंतु देव शर्मा की पत्नी के मन में एक शंका हमेशा

    बनी रहती थी कि नेवला पशु होने के कारण मूर्खता वश कभी उसके पुत्र को नुकसान ना पहुंचा दे वह अक्सर इसे लेकर चिंतित रहती थी एक दिन मण की पत्नी ने अपने पुत्र को वृक्ष की छाया में सुलाया और पास के जलाशय में पानी भरने के लिए जा रही थी जाते समय उसने अपने पति देव शर्मा से कहा स्वामी आप यही ठहर कर बच्चे की देखभाल करें और विशेष रूप से नेवले से सावधान रह पत्नी के जाने के बाद देव शर्मा ने सोचा कि नेवला और बच्चे के बीच गहरी मित्रता है इसलिए नेवला बच्चे को

    कोई हानि नहीं पहुंचाएगा यह सोचकर वह अपने पुत्र और नेवले को वृक्ष के नीचे छोड़कर भिक्षा के लिए निकल पड़ा दैव योग से उसी समय एक काला नाग पास के बिल से बाहर निकला ने नेले ने नाग को देखा और डर गया कि कहीं यह उसके मित्र को दस ना ले नेवले ने अपनी सारी ताकत और हिम्मत लगाकर सांप पर हमला कर दिया दोनों के बीच जोरदार लड़ाई हुई आखिर में नेवले ने सांप को मार

    डाला लेकिन इस लड़ाई में उसका मुंह और पंजे खून से भर गए कुछ समय बाद ब्राह्मण की पत्नी जल लेकर वापस लौटी उसने दूर से देखा कि नेवला दौड़ता हुआ उसकी ओर आ रहा है और उसके मुंह पर खून लगा हुआ है ब्राह्मण पत्नी का मन उन्हीं पुरानी आशंकाओं से भर गया कि कहीं इसने उसके पुत्र की हत्या ना कर दी हो यह विचार ार आते ही उसने क्रोध से हाथ में लिए घड़े को नेवले पर फेंक दिया छोटा सा नेवला जल से भारी घड़े की चोट खाकर वहीं मर गया जल्दी-जल्दी अपने पुत्र के पास

    पहुंचकर उसने देखा कि बच्चा बड़ी शांति से सो रहा है पास ही एक मरा हुआ नाग पड़ा था यह देख ब्राह्मण की पत्नी को सारी सच्चाई समझ में आ गई वह पछतावे से रोने लगी और अपने मूर्खता पूर्ण कार्य के लिए नेवले के शव के पास बैठकर विलाप करने लगी उसने कहा मैंने अपने ही रक्षक को मार डाला मेरी जल्दबाजी और शंका ने एक निर्दोष की जान ले ली निष्कर्ष बिना सोचे समझे किए गए निर्णय जीवन में दुख और पश्चाताप ही लाते हैं

    Thanks 🙏

  • बिहार में हुआ बिजली फ्री हर माह 125 यूनिट का लाभ

    बिहार में हुआ बिजली फ्री हर माह 125 यूनिट का लाभ

    बिहार सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। राज्य में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अब हर महीने 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। इस कदम से राज्य के लगभग 1.86 करोड़ उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा।

    खास बात यह है कि करीब 1.67 करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी मासिक औसत खपत 125 यूनिट या उससे कम है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं का बिजली बिल अब पूरी तरह से शून्य हो जाएगा।

    प्री-पेड और पोस्ट-पेड उपभोक्ताओं के लिए कैसे काम करेगी यह योजना:

    60 लाख से अधिक स्मार्ट प्री-पेड मीटर धारकों के लिए, जब भी वे अपना मीटर रिचार्ज करेंगे, पहले 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं कटेगा। रिचार्ज की गई राशि तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक खपत 125 यूनिट से अधिक न हो। मुफ्त यूनिट्स खत्म होने के बाद ही निर्धारित दरों के अनुसार दैनिक कटौती शुरू होगी।

    पोस्ट-पेड उपभोक्ताओं को भी यही लाभ मिलेगा। उनके मासिक बिल में जुलाई महीने की खपत पर पहली 125 यूनिट की सब्सिडी अपने आप समायोजित हो जाएगी।

    एक उदाहरण से समझते हैं: यदि कोई उपभोक्ता महीने में 200 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो उसमें पहली 125 यूनिट मुफ्त होगी और शेष 75 यूनिट पर ही बिल लगेगा।

    मौजूदा टैरिफ दरें लागू रहेंगी:

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई नई दर नहीं जोड़ी गई है, यानी पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। 125 यूनिट से अधिक खपत पर मौजूदा टैरिफ दरें इस प्रकार हैं:

    * 100 यूनिट तक: ₹4.12 प्रति यूनिट

    * 100 यूनिट के ऊपर: ₹5.52 प्रति यूनिट

    योजना का क्रियान्वयन और सूचना:

    यह योजना जुलाई महीने की खपत से ही लागू हो चुकी है। यानी, 1 अगस्त को आने वाले बिजली बिल में जुलाई माह की खपत पर 125 यूनिट की सब्सिडी एडजस्ट कर दी जाएगी।

    इस योजना की जानकारी उपभोक्ताओं को SMS के जरिए दी जा रही है। ये संदेश सीधे मुख्यमंत्री की ओर से भेजे जा रहे हैं, ताकि सभी लाभार्थियों तक इसकी सूचना समय पर पहुंच सके।

    बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि, “यह सुविधा सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लागू है। इसका उद्देश्य आमजन को बिजली बिल में राहत देना है।”

  • नहीं मिलेगा 20वी किस्त 20th Installment का डेट हुआ खत्म Pm Kisan live news

    किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े 9 करोड़ से अधिक किसानों को 20वीं किस्त का इंतजार है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है जो हर 4 महीने में 2000 रुपये की किस्त के रूप में दी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को वाराणसी दौरे पर 20वीं किस्त जारी कर सकते हैं।

    पीएम किसान की 20वीं किस्त के 2000 रुपये कब आएंगे

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। देशभर के 9 करोड़ से ज्यादा किसान इस समय प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं, जिसकी 20वीं किस्त का अब किसानों को बेसब्री से इंतजार है। दरअसल, इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जो हर 4 महीने में 2000 रुपये की किस्त के रूप में दी जाती है।

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    आपको बता दें कि आखिरी किस्त 24 फरवरी 2025 को जारी की गई थी, तब से 4 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और ऐसे में कई किसानों के मन में सवाल है कि अगली किस्त कब आएगी, तो आज हम आपको इस बारे में अपडेट देंगे। साथ ही किस्त कब आएगी इसकी संभावित तारीख क्या हो सकती है, इसके बारे में भी आपको बताएंगे…

    पीएम किसान की 20वीं किस्त कब आएगी?
    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को वाराणसी दौरे पर रहेंगे। उम्मीद है कि वहीं से पीएम किसान की 20वीं किस्त जारी हो सकती है। पिछले साल भी पीएम मोदी ने खरीफ सीजन में वाराणसी से ही 17वीं किस्त का ऐलान किया था।
    इसलिए अब उम्मीद है कि इस बार भी 2 अगस्त के आसपास किसानों के खाते में 2000 रुपये की किस्त भेजी जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई डेट अनाउंस नहीं की गई है।

    ये जरूरी काम निपटा लें वरना रुक सकता है पैसा
    सबसे पहले तो e-KYC जरूर करवाएं। बिना e-KYC के आपकी किस्त ट्रांसफर नहीं होगी।
    बैंक अकाउंट को आधार से लिंक भी करवा लें नहीं तो ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है।
    इसके साथ ही DBT यानी Direct Benefit Transfer ऑप्शन को भी ऑन रखें तभी पैसा सीधे अकाउंट में आएगा।
    वहीं बैंक डिटेल्स जैसे नाम, अकाउंट नंबर और IFSC कोड में कोई गलती न हो इसे भी अच्छे से देख लें।

    पीएम किसान लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम भी पहले ही चेक कर लें। इस लिस्ट में अगर आपका नाम नहीं है तो आपको किस्त नहीं मिलेगी।
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  • लड़की को लगी ब्लू फिल्म की लत कूते से बनाया संबंध love me

    16 साल की लड़की को ब्लू फिल्म देखने की लत लग जाती है और इस लत के चलते वह अपने ही घर के कुत्ते के साथ संबंध बनाने लगती है दोस्तों आइए बताते हैं आपको पूरी कहानी अगर आप इस कहानी को देख रहे हैं तो पूरी देखिएगा क्योंकि इस प्रकार की घटनाएं किसी के भी साथ हो सकती है आपके आस पड़ोस में दाएं बाएं इधर-उधर कहीं भी इस प्रकार की घटनाक्रम घटित हो सकता है इसलिए इस प्रकार की घटनाओं को आपको ध्यान में रखना

    चाहिए जिससे कि आने वाले समय में यदि कोई ऐसी घटना होने को हो तो आप उसको पहले से पहले रोक सके चाहे वो आपके खुद के घर में हो चाहे हमारे घर में हो या किसी और के घर में हो या पड़ोसी पड़ोसी के हो चलिए दोस्तों पूरी कहानी आपको सुनाते हैं घटना है जम्मू कश्मीर की जम्मूकश्मीर में रहने वाला एक कुशल परिवार पिता का एक बहुत अच्छा व्यापार था माता भी एक सरकारी सर्विसमैन थी और एक ही लड़की थी जिसका नाम था मीना मीना पढ़ने में बड़ी होशियार थी और अपने क्लास में टॉप आया करती थी लेकिन दोस्तों कहते हैं ना कि हवा लगने में देर नहीं लगती यह उम्र ही ऐसी होती है जिसमें आने के बाद अगर कोई

    दूसरा व्यक्ति अगर कुछ समझा दे तो वो बात जल्दी समझ में आ जाती है अपने माता-पिता की समझ में नहीं आती है तो दोस्तों होता क्या है कॉलेज में एक लड़की जिसका नाम माया था वो एक दिन रीना से कहती है कि तुम अपने फोन पर कुछ देखती नहीं हो क्या क्या तुम अपने फोन में कुछ उस टाइप की पिक्चर्स नहीं देखती वो लड़की कहती है नहीं मुझे इस टाइप का कोई शौक नहीं है मैं इस टाइप का शौक नहीं रखती लेकिन वो जो उसकी फ्रेंड होती है वो कहती है कि कि जब तुम एक बार इस तरह की पिक्चर देख लोगी तो तुम्हारा दिल खुद उसको ही करने को करेगा तुम्हें ऐसा लगेगा

    कि दुनिया में इसके अलावा सब कुछ बेकार है तुम एक बार मेरे कहने से इसको ट्राई करके देखो वो लड़की कहती है कि मैं इस तरह की नहीं हूं और मुझे ये सब पसंद नहीं है लेकिन उसकी जो सहली थी वो बड़ा बिगड़े हुए टाइप की थी तो वो कहती है कि चलो एक बार तो ट्राई करो जीवन में कुछ भी काम एक बार ट्राई करना चाहिए दोस्तों मैं यहां पर ये कहना चाहता हूं कि ऐसे लोगों से ऐसे बच्चों से अपने बच्चों को हमेशा बचा के रखें क्योंकि क्या पता इस टाइप का बच्चा आपके बच्चे को कब बिगाड़ दे चाहे वो आपका भाई बहन हो चाहे वो हमारा भाई बहन हो ऐसे बच्चों से अपने

    बच्चों को हमेशा बचा कर रखें फिर वो कहती है कि एक बार देखो मन करेगा तुम्हारा हमेशा के लिए अब वो कहती है चल ठीक है दे दे किस तरह से देखनी है मुझे बता दे वो लड़की उसके फोन में एक वेबसाइट का लिंक भेज देती है और लिंक भेजने के बाद में वो लड़की घर जाके अपने माता-पिता के साथ खाना पीना खाती है खाना खाने के बाद उसे याद आता है कि उसकी फ्रेंड ने उसे एक लिंक दिया था जो वीडियो उसको देखनी है अब वो अपने घर में आ जाती है खाना पना खाके आराम से बिस्तर पर लगा के लेटी होती है फिर वो वीडियो खोलती है और देखती है तो उसे बड़ा अजीब सा लगता है बड़ा घिनौना जैसा लगता है अगले दिन स्कूल जाती है अपनी फ्रेंड से कहती है ये तूने मुझे किस प्रकार

    की पिक्चरें दे दी बड़ी ही गंदगी उसमें फैला रखी थी इस टाइप की पिक्चर मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी मुझे देखकर बड़ा घिन स लगी अच्छा नहीं लगा उसकी सहेली कहती है अरे पागल तू अब जवान हो चुकी है तुझे इन सब चीजों से घिल लग रही है तुझे बुरा लग रहा है तो इसको रोज देख धीरे-धीरे देखना तुझे इतना आनंद आएगा इसमें इतना मजा आएगा तुझे लगेगा कि दुनिया ही यही है वह कहती है चलो ठीक है एक बार और ट्राई करती हूं अब वो घर पर अकेली रहती थी तो उसके पास सिर्फ एक कुत्ता था वो घर में अपने रहती थी एक कुत्ता एक मोबाइल माता-पिता पर चले जाते थे तो इसलिए अकेली रह जाती थी तो वो अब वो लगातार अपने घर पे वही पिक्चरें देखती रहती थी दोस्तों अब धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा था और अब

    इसी क्रिया क्रम को इसी चीज को होते-होते एक महीना गुजर चुका था और जब एक महीना गुजरने को आया दोस्तों तो उसके मन में अजीब अजीब तरह की उत्तेजना जागृत होने लगी और अब वो इस चीज को करने के लिए बहुत ज्यादा उतावली होने लगी उसको अब ये लग रहा था कि अब जैसे इन पिक्चर्स में हो रहा है वैसे मैं भी असलियत में करूं अब घर में कोई और तो था नहीं सिर्फ एक कुत्ता था तो वह अपने कुत्ते को ही पकड़ लेती है अपने पास लिटाल लेती है और टालने के बाद उसके साथ निर्वस्त्र हो जाती है और काफी कोशिश करती है लेकिन कुत्ता तो कुत्ता है वो ठीक से कुछ कर नहीं पाता तो उसकी जो उत्तेजना थी जो उसकी भावनाएं थी वो अधूरी रह जाती है वो अगले दिन अपने स्कूल जाती है और अपनी उसी सहेली से कहती है कि यार मेरा अब यह पिक्चर देखने के बाद वही सब करने का मन करता है अब कोई व्यवस्था करो जिससे कि मेरा कुछ हो सके वो लड़की कहती है तुम एक काम करो तुम एक

    अपना बॉयफ्रेंड बना लो और मैं तुम्हें एक लड़के का नंबर देती हूं तुम उससे बात कर लो लड़का हट्टा कट्टा तंदुरुस्त लड़का है उसकी उम्र लगभग 25 26 साल है और वह तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी करेगा बहुत अच्छा लड़का है अब जो है वो उसको नंबर दे देती है मीना घर पर अपने आ जाती है घर आने के बाद अपने फोन से फोन लगाती है और उधर से वो लड़का बोलता है हेलो मैं विमल बात कर रहा हूं वह कहती है ठीक है मैं आपका नाम जानती हूं और मैं आपको अच्छी तरह से जानती हूं लड़का कहता है कि आप मुझे कैसे जानती हैं आपको मेरे बारे में कैसे पता व कहती है कि मैं आपके बारे में सब कुछ जानती हूं लड़के को थोड़ा घुमा है धीरे-धीरे लड़का पूछने लगता है कि आपको मेरा नंबर किसने दिया तो व कहती है कि आपका नंबर मुझे एक मेरी फ्रेंड ने दिया है और मैं आपसे फ्रेंडशिप करना चाहती हूं यह सुनकर वह लड़का तुरंत राजी हो जाता है क्योंकि आप तो जानते ही हैं लड़के अगर कोई लड़की किसी लड़के के पास फोन करे तो लड़का तुरंत राजी हो जाता है अब वो राजी हो गया दोनों

    लोगों बातें होने लगी कॉल प बात होती थी पूरे पूरे दिन ये लोग कॉलिंग प बात करते रहते थे लगातार कॉल चलती रहती थी क्योंकि घर प कोई रहता नहीं था मम्मी पापा काम पे लड़का भी पूरे दिन लगातार लगा रहता था अब कॉल पर बात करते करते धीरे धीरे ये लोग ीडियो कॉल पे आ गए वीडियो कॉल पे तो फिर इन लोगों ने एक नया ही खेल शुरू कर दिया जो कि आजकल सभी प्रेमी प्रेमिका प्रेम के नाम पर जो कर रहे हैं कपड़े उतार कर न्यूट वीडियो कॉलिंग शुरू हो जाती है दोस्तों अब इन लोगों के बीच में न्यूड वीडियो कॉल एक दूसरे को देखना निर्वस्त्र इस प्रकार के वीडियो कॉल्स और अब इन लोगों के बीच कोई पर्दा नहीं रहा था अब कमी रह गई थी सिर्फ मिलने की और वो जगह तलाशने की जिस जगह पर ये मिल सके विमल ने एक दिन कह दिया कि यार फोन पर बात करते करते वीडियो कॉल करते करते बहुत ज्यादा टाइम हो गया अब किसी दिन हम लोग मिल लेते हैं मीना भी कहने लगी मैं भी यही सोच रही थी क्यों ना किसी ना दिन मिल लिया जाए अब होता क्या है एक दिन मीना के

    मम्मी पापा तो घर पर रहते ही नहीं थे एक दिन वो उसे फोन करती है और कहती है कि तुम मेरे घर पर ही आ जाओ विमल तुरंत उसके घर पहुंच जाता है क्योंकि नजदीक में ही रहता था विमल घर पहुंचता है जब वो घर के अंदर जाता है तो मीना उसको चाय नाश्ता बिस्कुट और नाश्ता वगैरह उसका कराती है थोड़ी देर यही सब होने के बाद में विमल और मीना कमरे में चले जाते हैं मीना उसको निर्वस्त्र करके और उसके साथ संबंध स्थापित करने लगता है अब जबक पहली बार था तो मीना को इस बड़ा दिक्कत हो रही थी बहुत परेशानी हो रही थी लेकिन वो 25 26 साल का लड़का उसको कहां छोड़ने वाला था मीना मना कर रही थी लेकिन वो जो है अपने मन की हसरत पूरी करता रहा जब तक कि उसका मन नहीं भर गया उसको एकदम 16 साल की नई जवान लड़की मिल गई तो इस प्रकार व लड़का कहां छोड़ने वाला था अब दोनों के बीच संबंध स्थापित हो जाते हैं और संबंध स्थापित होने के बाद में विमल अपने घर आ जाता है मीना अपने घर में आराम से रहती है फर्स्ट टाइम था तो उसको भी उसमें अच्छा लगा पसंद आया यह सब अब यह

    तो एक बार हुआ था लेकिन अब ये रोजाना का शुरू हो गया अब यह सिलसिला रोजाना का शुरू हो चुका था दोस्तों उधर माता-पिता जॉब पर जाते और यह लड़की अपने घर पर अपने बॉयफ्रेंड को बुला लेती थी वो आता था पूरे पूरे दिन रुका रहता था जब मम्मी पापा के जाने का समय होता था तभी घर से जाता था अब अगर घर पर कोई व्यक्ति आएगा तो अड़ोस पड़ोस के लोग तो देखते ही है पड़ोस के लोगों ने देख लिया और यह बात मीना के पिता महेंद्र को बताई महेंद्र ने जब अपनी बेटी से पूछा कि बेटा यह सब क्या हो रहा है मोहल्ले वाले इस तरह की बातें कह रहे हैं क्या तुम इस प्रकार किसी लड़के को को बुलाती हो या कोई लड़का इस तरह से घर पर आता है तो मीना कहने लगती है नहीं नहीं पिताजी यह सब लोग झूठ बोल रहे हैं ये लोग हमारी तरक्की और हम लोग कुशल है इसीलिए ये लोग हम लोगों से चिड़ते हैं इसलिए मेरे बारे में अफवाह उड़ा रहे हैं ऐसा कुछ भी नहीं है हमारे घर पर कोई भी लड़का नहीं आता है और मैं अपने घर पर अकेली रहती हूं और मेरे साथ में अपना ये डॉगी रहता है मेरे पास समय बिताने के लिए एक ही डॉगी और मेरा

    मोबाइल ही काफी है मुझे किसी और की कोई जरूरत नहीं नहीं है अब यह बात मीना की मम्मी को ही पता लगती है मीना की मम्मी तो इस चीज को मान जाती है लेकिन मीना के पिताजी के मन में यह बात बैठ जाती है वो समझ जाते हैं कि कहीं ना कहीं कुछ जरूर होगा तभी ये मोहल्ले वाले सब लोग इस बात को कह रहे हैं अगले दिन मीना के पिताजी काम पर निकलते हैं मीना की मम्मी भी काम पर निकलती है मीना की मम्मी तो अपने काम पर चली जाती है लेकिन मीना के पिताजी अपने काम पर नहीं जाते हैं वो पड़ोस में ही रहने वाले अपने एक दोस्त के घर पे जाकर उसके घर में जाकर बैठ जाते हैं और उस समय का इंतजार करने लगते हैं जब वो लड़का उनके घर पर आएगा अब मीना को तो लगा मम्मी पापा गए वो तुरंत उसको फोन करती है और अपने घर बुला लेती है मीना के पिताजी भी पीछे-पीछे पहुंचते हैं कमरे का दरवाजा खोलते हैं

    और दरवाजा खोलकर एंट्री करते हैं तो यह दोनों लोग संबंध बनाने की तैयारी ही कर रहे थे तब इनको पकड़ लिया जाता है जब पिताजी रंगे हाथ पकड़ लेते हैं तो मीना झेप जाती है और विमल तो वहां से रफूचक्कर हो जाता है मीना को उसके पिताजी बहुत डांटते हैं और समझाते हैं कि बेटा इस तरह की हरकतें अच्छी नहीं है मीना माफी मांगने लगती है अपने पिता के पैरों में गिर जाती है और कहती है पिताजी आज जो गलती हुई वो आज के बाद दोबारा कभी नहीं होगी अब पिता तो पिता होते हैं पिता का दिल बहुत बड़ा होता है पिता इस चीज को मान जाते हैं और कहते हैं चलो बेटा कोई बात नहीं लेकिन अब तुम आज के बाद इस प्रकार की कोई भी हरकत मत करना इससे हमारे परिवार पर बहुत गंदा असर जाएगा लोग सोचेंगे कि एक लड़की को भी ठीक से पाल ना सके मीना कहती है पिताजी आज के बाद आपको कोई बात सुनने को नहीं मिलेगी लेकिन कहते हैं ना दोस्तों जिसको इस प्रकार का चस्का लग चुका हो उसको अब कुछ भी रास नहीं आएगा मीना भी कुछ दिन तो शांत रहती है फिर उसके कुछ दिन बाद फिर विमल को फोन करती है और अपने घर बुलाने

    को कहती है विमल कहता है कि तुम्हारे पिताजी आ गए तो वो कहती है कि पिताजी दिन में काम प रहते हैं दिन में ममी भी काम प रहती है और हो सकता है मम्मी पापा दिन में छापा मार दे और हम पकड़े जाए तो अब एक काम करते हैं तुम अब रात में आ जाया करो मैं रात में अपने माता-पिता को नशे की दवाई दे दिया करूंगी वो तुम मुझे एक मेडिकल सेला करर दो अब होता क्या है वो जो लड़का विमल था वो मेडिकल प जाता है और नशीली दवाइयां लाकर मीना को दे देता है मीना रात में अपने पिता को और माता को वो दवा खाने में मिलाकर खिला देती थी और दोनों लोग वो सो जाते थे उसके बाद य विमल को बुलाकर उसके साथ पूरी पूरी रात शारीरिक संबंध स्थापित करती थी एक दिन अचानक से मीना के पिता की आंख खुल गई और उन्होंने विमल और मीना को रंगे हाथ निर्वस्त्र संबंध बनाते हुए पकड़ लिया अब यह देखकर एक पिता को कितना बुरा लगा होगा यह चीज आप खुद भी समझ सकते हैं दोस्तों विमल को उन्होंने बहुत डांटा और समझाया कि तुम देखो मेरी बेटी का साथ छोड़ दो इस तरह की हरकत बहुत गलत है मीना भी कहने लगी

    कि पिताजी अब ये आखिरी बार है अब मैं आज के बाद ऐसा कुछ नहीं करूंगी पिता भी कहते हैं बेटी की गलती है लड़के से ज्यादा कुछ कह नहीं सकते तो वह विमल को जाने देते हैं और मीना को भी माफ कर देते हैं और अब मीना कुछ दिन तक सही रहती है लेकिन एक नई उमर हाथ में मोबाइल और इस तरह की पिक्चर देखना तो उत्तेजना पर कंट्रोल कर पाना फिर भी उसके बस की बात नहीं थी अब मीना कहती है कि विमल देखो हम लोगों का मिलना पॉसिबल नहीं रहा है अब तुम जब भी मेरे घर पर आओगे तो तुम एक धारदार हथियार लेकर आना जिससे कि मैं अपने माता-पिता को रास्ते से हटा सकूं क्योंकि यदि यह दोनों रहेंगे तो हम दोनों का मिलना पॉसिबल नहीं है विमल लड़की की बातों में आकर जब उसके घर पे जाता है तो एक धारदार हथियार लेकर जाता है

    धारदार हथियार लेकर जाने के बाद मीना उससे कहती है कि जाओ मैंने अपने माता-पिता को नशे की दवा खिला रखी है तुम जाकर उन पर हमला कर दो और उनको हमारे रास्ते से हटा दो विमल भी नया नया भूत जाता है और उन दोनों को धारदार हथियार से प्रहार करके तब तक प्रहार करता है जब तक कि व दम नहीं तोड़ देते और उसके बाद वो दोनों घर में माता-पिता की लाश पड़ी हुई है और व दोनों संबंध स्थापित करते हैं और सुबह के जब चार बज जाते हैं तब मीना विमल को तो अपने घर से निकाल देती है और शोर मचाने लगती है कि अरे देखो देखो किसी ने मेरे माता पिता को मार दिया और रोने लगती है बहुत बुरी तरह से चीक चीख कर रोने लगती है रोने का ड्रामा करती है अब अड़ोस पड़ोस के लोग आ जाते हैं वो देखते हैं पूरा दृश्य तो सब लोगों की आंखें फटी की फटी रह जाती है फिर जब पड़ोसी होते हैं वो मीना से पूछते हैं कि मीना जब यह सब हुआ तब तुम क्या कर रही थी मीना कहती है कि मैं जब मीना कहती है जब मैं क इधर आई तो एक व्यक्ति मेरे माता-पिता पर हमला कर रहा था लगातार हमला कर रहा था मैं ये देखकर डर गई और मैं दूसरे कमरे में

    जाकर छुप गई अगर मैं वहां उसके सामने रहती तो सकता था वो मुझे भी मार देता इसलिए मैं कमरे में जाकर छुप गई और फिर मैंने शोर मचाना शुरू कर दिया और जैसे ही वो निकला तो मैंने शोर मचाना शुरू कर दिया अब माता-पिता की मृत्यु हुई थी रात के 12 बजे के लगभग और मीना जो बात बता रही थी वो सुबह 4:00 बजे के लगभग पड़ोसियों को मीना पर शक तो था ही एक पड़ोसी ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया और पुलिस आ जाती है पुलिस पूछती है कि मीना बताओ जिस समय तुम्हारे माता-पिता की मृत्यु ई तब क्या हो रहा था क्या कर रही थी मीना ने फिर से वही कहानी बताई पुलिस को उस समय तो यकीन सा हुआ और नहीं हुआ पुलिस तो पुलिस होती जब पुलिस यह सब पूछ रही थी जो मीना का जो कुत्ता था वो लगातार मीना पर भौक रहा था पुलिस को कहीं ना कहीं शक तो हो ही चुका था कि इसमें कहीं ना कहीं मीना इवॉल्व जरूर है लेकिन अकेली लड़की रह गई थी तो उस समय उसे गिरफ्तार नहीं किया गया कुछ जब दो जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें समय मृत्यु का था 12:00 बजे लेकिन ला ने जो समय बताया था वो 400 बजे के आसपास पुलिस मीना को उठाकर लाती है और उससे पूछती है सक्ति से पूछती है और कहती है कि यह

    बताओ तुम्हें यह सब करने की क्या जरूरत थी मीना कहती है मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है मैं इस तरह अपने माता-पिता के हत्या नहीं कर सकती मीना कहती है मैंने कुछ भी नहीं किया है मैं इस तरह से अपने माता-पिता की हत्या नहीं कर सकती आप लोगों को गलतफहमी हुई है काफी शक्ती करने के बाद जब मीना टूट नहीं रही थी तो पुलिस को भी लगता है क्या पता कुछ हम लोगों से भी गलती हो रही हो लेकिन फिर मीना की कॉल डिटेल निकाली जाती है तो उसमें सबसे ज्यादा बात होने वाला नंबर विमल का पाया जाता है अब इन दोनों की कॉल डिटेल निकाली जाती है कॉल डिटेल मैच करने के बाद में जब लोकेशन मैच करी जाती है तो उस रात विमल और मीना घर पर ही थे इस बात से पुलिस तुरंत हरकत में आ जाती है और इन दोनों को उठाकर सीधे थाने लाया जाता है थाने में लाकर जब शक्ति से इ लोगों से पूछा जाता है तो दोनों लोग पुलिस के सामने ज्यादा टिक नहीं पाते हैं और अपना जुर्म कर लेते हैं दोस्तों इस कहानी को सुनाने का मतलब दोस्तों माता-पिता को अपने बच्चों पर ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चे अपने फोन में क्या देख रहे हैं क्या कर रहे हैं और क्या सर्च कर रहे हैं फोन चला रहे हैं तो बाकी फोन में फोन ही चला रहे हैं या कुछ ऐसी वैसी गंदी चीज तो नहीं देख रहे हैं यदि गेम खेल रहे हैं तो गेम ही खेल

    रहे हैं कहीं वो किसी और वेबसाइट पर तो नहीं जा रहे हैं बीच-बीच में फोन चेक करते रहना चाहिए सर्च हिस्ट्री चेक करते रहना चाहिए कि बच्चों ने क्या क्या देखा है क्या-क्या सर्च किया है और उनके मन में किस प्रकार के ख्याल चल रहे हैं किस प्रकार के भाव चल रहे हैं इन चीजों को बीच-बीच में जांच रहना चाहिए दोस्तों किसी भी बच्चे को बिगड़ने में जरा देर नहीं लगती क्योंकि उम्र का जो तकाजा होता है ये कच्ची उम्र जो होती है इस उम्र में किसी भी बच्चे को बिगड़ने में देर नहीं लगती है दोस्तों आप ये कहानी कौन से शहर से देख रहे थे अपने शहर का नाम कमेंट में जरूर लिखिए आपको कहानी कैसी लगी यस या नो में कमेंट दीजिएगा दोस्तों हम आपको नई कहानी में मिलते हैं इसी प्रकार की तब तक के लिए नमस्कार इस कहानी का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है किसी के दिल को ठेस पहुंचाना नहीं है

    किसी भी प्रकार की अनैतिकता या अश्लीलता को बढ़ावा देना नहीं है यह कहानी केवल शिक्षा के उद्देश्य से समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एक सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से और आपका मनोरंजन करने के लिए सुनाई गई है इस कहानी में दिखाए गए सभी पात्र उनके नाम बदल दिए गए हैं मित्रों मिलते मित्रों मिलते हैं आपसे किसी और नई कहानी में तब तक के लिए Thankyou ❤️