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Author: Star Daily

  • Seat 11A Miracle: How Ramesh Vishwas Kumar Survived the Deadly Crash? | Air India Plane Crash. ( अहमदाबाद प्लेन क्रैश हादसे में सिर्फ एक यात्री बचाः रमेश विश्वास कुमार की तस्वीर आई सामने, चलते हुए नजर आए; कहा- ये करिश्मे से कम नहीं )🇮🇳

    अहमदाबाद में 12 जून 2025 को दिल दहला देने वाली घटना होती है लंदन के लिए उड़ान भर रहे एयर
    इंडिया का बोइंग 787 अहमदाबाद के सरदार
    वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे
    से टेक ऑफ करता है और थोड़ी ही देर में
    मेघानी नगर के एक रिहाइशी इलाके में क्रैश

    हो जाता है 242 लोग सवार होते हैं 230
    यात्री और 12 क्र मेंबर आग का गोला बन क्रू
    चुका विमान मलबे में तब्दील हो गया
    रहे हैं कि 11A सीट पर बैठा एकमात्र
    यात्री जिंदा बचा है कोई कह रहा है कि

    शायद वह आपातकालीन खिड़की के पास है इसलिए
    बच गया कोई कहता है कि वो कूद कर बाहर चला
    गया इसलिए बच गया विश्वास को स्थानीय
    लोगों ने मलबे से निकाला अस्पताल में
    भर्ती करवाया डॉक्टर जो उनका इलाज कर रहे
    हैं वो बता रहे हैं कि उनके सीने में

    थोड़ी चोट आई है आंखों के पास चोट है
    पैरों में चोट है हालांकि वो खतरे से बाहर
    खासतौर पर दीव में अपने भाई अजय कुमार
    रमेश के साथ उनके भाई साहब अजय वह भी उसी
    फ्लाइट में बैठे थे दूसरी पंक्ति में विश्वास की सीट का नंबर 11A था आपातकाल
    खिड़की जो होती है ठीक उनके बगल में थी एक
    ऐसी जगह जो उनकी जिंदगी का टिकट बन गई

    विश्वास के बचने की कहानी इसलिए भी हैरान करती है
    क्योंकि फ्लाइट के उड़ने के 59 सेकंड के
    बाद ही यह हादसा हुआ था और
    59 सेकंड सोचने समझने के लिए बहुत कम होता
    है इसीलिए दुनिया इसे चमत्कार कह रही है कि क्या ईश्वर ने खुद कान में फुसफुसाकर उन्हें छोड़ दिया कि जाओ अभी
    नहीं विश्वास कहते हैं कि 30 सेकंड फ्लाइट

    उड़ती है उसके बाद धमाका होता है वो कहते
    हैं मैं गिर पड़ा चारों तरफ चीख पुकार थी
    जब होश आया तो दिखाई पड़ा चारों तरफ लाशें
    थी वो कहते हैं मुझे नहीं पता मैं कैसे
    बाहर निकला मुझे नहीं पता कि कैसे मलबे से
    खींचा गया एंबुलेंस से पहुंचा यह सब कुछ
    इतना जल्दी हुआ कि मुझे कुछ नहीं पता
    हालांकि इस घटना के बाद उन्होंने अपनी
    फैमिली को कॉल किया बताया कि प्लेन क्रैश
    हो गया और उनका भाई कहां पर है उन्हें
    नहीं पता उनके भाई इसी फ्लाइट में उनके

    साथ थे अजय की कोई जानकारी नहीं और संभवत
    वह भी अब इस दुनिया में नहीं है पुलिस
    प्रशासन लोग मीडिया सब हैरान है सब यही कह
    रहे हैं कि 11 ए सीट पर बैठा एकमात्र
    यात्री जिंदा बचा है कोई कह रहा है कि
    शायद वह आपातकालीन खिड़की के पास है इसलिए
    बच गया कोई कहता है कि वो कूद कर बाहर चला

    गया इसलिए बच गया विश्वास को स्थानीय
    लोगों ने मलबे से निकाला अस्पताल में
    भर्ती करवाया डॉक्टर जो उनका इलाज कर रहे
    हैं वो बता रहे हैं कि उनके सीने में
    थोड़ी चोट आई है आंखों के पास चोट है
    पैरों में चोट है हालांकि वो खतरे से बाहर
    itc वो खतरे से बाहर है बिस्तर पर वो बैठ सकते
    हैं दर्द के बीच अपनी कहानी को बयां कर
    सकते हैं और विश्वास की कहानी सोशल मीडिया
    पर वायरल हो रही है विश्वास जब मलबे से
    लंगड़ाते हुए बाहर निकले कपड़े फटे थे

    चेहरा खून और धुएं से सना हुआ था तो वह
    चमत्कार से कम नहीं था लोगों ने कहा कि
    जाखोर आखे साइयां मार सके ना कोई किसी ने
    कहा यह प्रकृति का चमत्कार है किसी ने कहा
    कि मानो खुद यमराज ने मना कर दिया
    जिंदगी की उम्मीद की प्रतीक बन गई है उनकी
    सीट किसी ने कहा कि 11 ए सीट शायद अब बुक

    करने के लिए लोग तत्पर हो जाएंगे
    लेकिन विश्वास की कहानी सिर्फ चमत्कार की
    नहीं है उनके भाई की कोई खबर नहीं है उनके
    दोस्त दीव से अहमदाबाद पहुंचे हैं उम्मीद
    और डर के बीच विश्वास कहते हैं कि मैं
    अपने भाई को खोजना चाहता हूं मुझे नहीं
    पता मैं क्यों बचा हूं लेकिन अगर मैं
    जिंदा हूं तो शायद कोई वजह है अब सवाल यह
    है कि वो क्यों बचे हैं क्या कहते हैं

    एक्सपर्ट्स सीट नंबर 11A विमान विशेषज्ञ
    कहते हैं कि 11A उम्मीद की सीट इसलिए बनी क्योंकि यह सीट ना सिर्फ एग्जिट के करीब होती है बल्कि
    खिड़की के पास होने की वजह से बाहर का
    रास्ता तलाशने में मदद करती है इसलिए शायद
    एक मौका बने लेकिन इन सबसे आगे एक्सपर्ट्स
    ये कहते हैं कि वो बचे इसलिए हैं क्योंकि
    शायद उन्होंने तुरंत फैसला ले लिया
    मनोवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार संकट के
    समय मैक्सिमम लोग जो होते हैं वह शॉक में
    चले जाते हैं चीखते हैं चिल्लाते हैं डरते हैं घबरा जाते हैं
    लेकिन शायद ये उन 0.01% लोगों में से थे जो तुरंत एक्टिव मोड में आ गए थे सीट 11A में शायद विश्वास साहब वही

    यात्री थे जो पल भर में फैसला ले लिया खिड़की तोड़ो निकलो बाहर निकलो और यही रहा शारीरिक क्षमता भी मैटर करती है बाहर निकलने के लिए ना सिर्फ दिमाग बल्कि शरीर
    की ताकत भी चाहिए मलबे को हटाना आग की
    गर्मी को झेलना धुएं के बीच सांस लेना यह सब आसान नहीं होता और विश्वास के बारे में कहा जा रहा है शायद वो फिजिकली चुस्त थे शायद इच्छाशक्ति जो थी वो ताकत दे रही थी लेकिन सबसे बड़ा रीजन जो एक्सपर्ट्स भी दे
    रहे हैं वो कह रहे हैं कि यह किस्मत का साथ है क्योंकि फिजिकल ताकत की बात हो तुरंत दिमाग लगाने की बात हो
    ये सारी बातें बेईमानी हो जाती है अगर किस्मत का साथ ना हो 12 क्रू मेंबर जो रोज फ्लाइट पर सफर करते हैं जो हर पैसेंजर को पहले बताते हैं कि कोई घटना हो जाए तो

    आपको क्या करना है उनमें से एक भी नहीं बचा विश्वास बचे और इसीलिए लोग मान रहे हैं कि इसमें किस्मत तकदीर का साथ था यह शायद किसी ऐसी ताकत का हाथ था जिसे हम और आप समझ नहीं सकते अगर आग एक सेकंड पहले फैल
    जाती अगर धमाका एक पल पहले हो जाता तो
    शायद यह सीट भी राख हो जाती और इसीलिए 11A सीट पर बचे हुए यात्री का सवाल जो है वो सवाल सिर्फ तथ्यों से नहीं उलझता यह सवाल जिंदगी और मौत के उस अनजाने
    दायरे में ले जाता है जहां जवाब गायब हो जाते हैं
    क्या यह सिर्फ संयोग था कि सही सीट सही समय सही फैसला क्या यह सब एक साथ आए और
    उसे बचा लिया विमान हादसों के इतिहास में कई ऐसे वाक्य रहे हैं जहां कुछ लोग बच निकले हैं सिर्फ इसलिए क्योंकि वह सही जगह पर थे लेकिन क्या यह इतना आसान है

    या क्या विश्वास को तकदीर ने चुन लिया कुछ
    लोग मानते हैं कि हर इंसान का एक समय लिखा
    हुआ होता है क्या सीट 11 एक के यात्री का
    समय नहीं आया था क्या उसकी जिंदगी में कोई ऐसी अधूरी कहानी थी जिसे ईश्वर ने मौका दिया पूरा करने का
    क्या कोई बड़ा मकसद था जो शायद उसे रोक गया जो बाद विश्वास भी कह रहे हैं कि अगर भगवान ने बचाया है तो कुछ
    वजह तो होगी कई बार जो लोग ऐसे हादसों में बचते हैं

    उनकी जिंदगियां बदल जाती है वो दुनिया को
    कुछ देना चाहते हैं कोई संदेश कोई बदलाव क्या सीट 11 एक का यात्री अब कुछ करेगा ऐसा क्या उसकी कहानी हमें कुछ सिखाएगी पता नहीं लेकिन जो कुछ है वह समझ से परे है कोई इसे चमत्कार का नाम दे रहा है कोई
    किस्मत का कोई अनदेखी ताकत का खेल बांध
    रहा है जो जिंदगी और मौत का हिसाब रखती है
    लेकिन जो कुछ है यह हमारी समझ से परे है
    विश्वास की कहानी सिर्फ एक हादसे से बचने
    की नहीं बल्कि एक ऐसी त्रासदी की है जिसने

    देश को झकझोड़ दिया 30 सेकंड के अंदर टेक ऑफ के बाद जो धमाका हुआ था मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जाकर
    गिरा 241 यात्रियों की मौत हो गई
    कितने लोग मारे गए हैं कोई अंदाजा नहीं है
    मेडिकल हॉस्टल में लोग मारे गए हैं इस दशक
    का सबसे भयावह विमान हादसा बताया जा रहा
    है लेकिन वहां पर इनका जिंदा बचना हैरान
    करता है हैरान करता है विश्वास कहते हैं
    उन्हें कुछ भी याद नहीं है उन्हें नहीं
    याद है कि किसने दरवाजा खोला उन्हें नहीं
    याद है वह कैसे बचे
    लेकिन दुनिया ने उन्हें उस आग की लपटों के
    बीच में धुएं से सना हुआ देखकर बाहर
    निकलते देखा लाशों राख के बीच में उन्हें

    चलते हुए देखा विश्वास की हालत को देखकर
    यह कहना मुश्किल है क्या वो पूरी तरह ठीक
    है क्योंकि शारीरिक चोटों के अलावा मानसिक
    सदमा इतना गहरा है कि वह बार-बार अपने भाई
    अजय का जिक्र करते हैं उनकी आंखों के
    सामने कहीं उनका भाई खो गया उनके परिवार
    ने लंदन में एक बयान जारी किया कि हमें
    नहीं पता विश्वास कैसे बचा लेकिन हम अजय
    की खोज कर रहे हैं सोशल मीडिया पर चमत्कार

    का जिक्र हो रहा है कुछ इसे ईश्वर की कृपा
    मान रहे हैं लेकिन सवाल यह भी है कि क्या
    हुआ अफवाहें बहुत सारी चल रही हैं हालांकि
    अफवाहों पर कोई सबूत नहीं है विश्वास अस्पताल में है उनकी कहानी दुनिया भर में
    चर्चा का केंद्र है लेकिन विश्वास कहते हैं चमत्कार अधूरा है मैं जिंदा हूं मेरा भाई कहां है उनका यह सवाल हर उस शख्स के
    दिल को छू रहा है जो इस राजी खबर को सुन छू
    रहा है सीट 11 ए अब सीट नहीं यह उस जिंदगी
    की नाजुक डोर का प्रतीक है जो आग राख और

    मौत के बीच नहीं डूबती आप इसे कैसे देखते हैं सही समय पर सही सीट पर होना किस्मत का
    होना यमराज का मना कर देना ईश्वर का
    आशीर्वाद होना किसी अनोखी ताकत का आना या
    केवल इत्तेफाक का होना जो कुछ है यह हैरान करने वाला है हमारी आपकी सोच से परे है काश जैसे एक जिंदगी बची है ऐसे 241 जिंदगियां बच जाती लेकिन उन 241 जिंदगियों के बीच में उम्मीद की एक रोशनी विश्वास की जिंदगी

    से नजर आती है ईश्वर उन तमाम आत्माओं को शांति दे जिन्होंने अपनी जान गवाई इस
    हादसे से उभरने में हिंदुस्तान को समय लगेगा क्योंकि इस हादसे ने हर हिंदुस्तानी के सीने में घर कर लिया है हर हिंदुस्तानी डरा है मां-बाप डरे हैं लोग डरे हैं आने
    जाने में डर लगेगा वो फ्लाइट में काम करने
    हादसे से उभरने में हिंदुस्तान को समय
    लगेगा क्योंकि इस हादसे ने हर हिंदुस्तानी

    के सीने में घर कर लिया है हर हिंदुस्तानी डरा है मां-बाप डरे हैं लोग डरे हैं आने जाने में डर लगेगा वो फ्लाइट में काम करने वाले लोग हर रोज डरेंगे लेकिन उस डर के
    बीच में विश्वास का बचना एक उम्मीद जताता
    है और यह सवाल उठाता है कि 241 जिंदगियों
    के बीच में सिर्फ विश्वास कैसे बचा .

    आप अपनी कीमती बाते जरूर बताए इस AIR Crass हादसे के मामले में।

  • Air india plain crass in Ahmedabad Black Box

    Air India Plane Crash in Ahmedabad – Kya Hota Hai Black Box 🚫 12_06_2025 ✅ 1 : 40 pm 🙏

    देखिए जब कोई व्यक्ति की मौत हो जाती है तो मौत का कारण पता करने के लिए पोस्टमार्टम किया जाता है। उसी तरह हेलीकॉप्टर या हवाई जहाज में अक्सर यह देखा गया है कि बहुत कम लोग सर्वाइवर होकर बच पाते हैं। तो एक ही रास्ता है उसको उसके अंदर बताने के लिए क्योंकि कोई जिंदा ही नहीं बचा। तो उसमें एक मशीन लगी होती है जिसे ब्लैक बॉक्स कहते हैं। एक्चुअली ये ऑरेंज कलर का होता है। इसलिए ऑरेंज बनाया जाता है ताकि अगर ये विमान दुर्घटना के बाद इसे ढूंढना आसान हो जाए ऑरेंज कलर के होने के वजह से। ब्लैक बॉक्स जो होता है उसमें दो चीज होते हैं। एक होता है

    कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। कॉकपिट उसे बोलते हैं जहां पायलट बैठता है। जहाज का वह हिस्सा जहां पायलट की केबिन होती है उसे कॉकपिट कहते हैं। तो कॉकपिट में कौन सी बाती हुई है? उसे कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर सीवीआर फाइल करता है। और जहाज में कितना फ्यूल एयर प्रेशर ये सब था। ये फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर करता है। तो इन दोनों को जब मिला देते हैं तो वो बनता है हमारा कॉक ब्लैक बॉक्स। अब इसमें जो पहला होता है कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। तो ये देखिए ये जहाज का केबिन है जहां पे कॉकपिट में जहाज बैठते हैं। ये कॉकपिट है उसका। यहां पायलट बैठते हैं।

    ये आपस में क्या बात कर रहे हैं। कभी-कभी इमरजेंसी होने पर ये पैसेंजर्स को भी बताते हैं कि ऐसी इमरजेंसी आ रही है। ये एटीसी से संपर्क करते हैं एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से कि क्या प्रॉब्लम आ रहा है। तो अगर इससे भी पता चल जाता है कि लास्ट मोमेंट पर क्या बातें हुई थी। आपस में ये लोग क्या बात कर रहे थे? एटीसी को क्या बोले थे? पैसेंजर को कौन सा वार्निंग दिए थे? इससे बहुत सहूलियत हो जाती है। साथ में यह लोग डिस्ट्रेस सिग्नल भी देते हैं। देखिए जहाज का जब एक इंजन फेल हो जाता है तो यह लोग वार्निंग के तौर पे पैन पैन पैन सिग्नल देते हैं।

    तीन बार बोलेंगे पैन पैन पैन मतलब आधी इमरजेंसी है। एक इंजन पे भी जहाज आराम से लैंड कर सकता है। लेकिन यदि दोनों इंजन खराब हो जाता है तो इसमें मेड मेडे का सिग्नल दिया जाता है। मेड मे मतलब एक्सट्रीम इमरजेंसी है। यह हेलीकॉप्टर और मतलब विमान दोनों के लिए होता है। अह दूसरा होता है इसका ब्लैक बॉक्स का दूसरा अंग होता है फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर। फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर में 80 से ज्यादा आंकड़ों को रिकॉर्ड किया जाता है कि ये रोटर ब्लेड कितनी तेजी से घूम रहा था? बाहर हवाएं कितनी तेजी से चल रही थी? कितनी हाइट पर था?

    फ्यूल कितना था? दाहिनी ओर कितना झुका था? बाई ओर कितना झुका था? पीछे का रोटर ब्लेड कितना तेजी से लड़ रहा था? टेंपरेचर कितना था? हवाएं किस दिशा से आ रही थी? कितने प्रेशर थे? फ्यूल काम कर रहा था कि नहीं? कोई दुश्मन का रडार तो नहीं आया था। कोई मिसाइल से अटैक तो नहीं हुआ। जितनी चीजें होती हैं 80 से ज्यादा चीजों को यही बताता है कि यह पीछे से कितना डिग्री उठा हुआ था। आगे से कितना डिग्री था। ऐसे 80 से ज्यादा आंकड़े जो रिकॉर्ड रहते हैं वो फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर में रहते हैं। तो जो कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट फ्लाइट

    डाटा रिकॉर्डर को एक साथ सुनकर हम इस नतीजे पर पहुंच सकते हैं कि आखिर लास्ट मोमेंट पे क्या था। अब एक ही रास्ता बताया ब्लैक बॉक्स। अब ये ब्लैक बॉक्स में ही हर चीज होती है। इसलिए ब्लैक बॉक्स को बहुत ही सुरक्षित बनाया जाता है। इसे सॉलिड स्टील से बनाया जाता है। इतना मजबूत होता है कि अगर कोई हेलीकॉप्टर या जहाज 750 कि.मी./ घंटा की रफ्तार से भी टकराता है तो इसे कुछ नहीं हो सकता है। इसे आप गर्म भट्टी में 200 अक्सर आग लग जाते हैं। तो इसको ध्यान में रखते हुए इसे 260 डिग्री सेल्सियस तापमान सहने वाला भी बनाया जाता है।

    ये उसमें भी गलता नहीं है। अगर यह पानी में गिर गया तो पानी में भी ये 30 दिन तक बिना बैटरी के सिग्नल छोड़ते रहेगा। बीन छोड़ते रहेगा जिससे कि इसे ढूंढने में आसानी हो सके इस ब्लैक बॉक्स को। इस ब्लैक बॉक्स को प्रेशर सहने के लिए भी बनाया जाता है कि हो सकता है कि ब्लैक बॉक्स नीचे गिरे उसके ऊपर पूरे जहाज का लोड आ जाए तो यह ढाई टन का वजन अपने ऊपर रोक सकता है। इसे अगर कहीं स्क्रैच आए कटने पीटने से भी इसे कुछ नहीं हो सकता है। इसे काटा भी नहीं जा सकता है। अतः यह ब्लैक बॉक्स बहुत ही सुरक्षित बनाए जाते हैं।

  • Realme Neo7 Turbo Mobile ( New Lonch Update ) .

    Realme Neo7 Turbo Mobile
                                ( Lonching Update 2025 )

    Realme Neo7 Turbo लॉन्च: 7200mAh बैटरी और ट्रांसपेरेंट बैक डिज़ाइन के साथ, जानिए कीमत और फीचर्स
    स्मार्टफोन की दुनिया में एक और नया धमाका हुआ है।

    Realme ने अपने लेटेस्ट स्मार्टफोन Realme Neo7 Turbo को पेश कर दिया है, जो दमदार फीचर्स और यूनिक डिज़ाइन के साथ मार्केट में एंट्री ले चुका है। सही बात यहपी है कि इस डिवाइस में Nothing Phone जैसा ट्रांसपेरेंट बैक पैनल दिया गया है, जो इसे बाकी स्मार्टफोन्स से अलग बनाता है।

    यह मोबाइल टिकाऊ और मजबूत भी है
    एक बार खरीदिए और 10 साल चलाए
    सस्ता में अच्छा

    Style & Lonch Details .
    Realme ने इस फोन को अपने घरेलू बाजार चीन में लॉन्च किया है। उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही इसे भारत में भी पेश कर सकती है। अगर आप एक प्रीमियम फीचर्स वाला स्मार्टफोन लेने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

    Price and variations.
    Realme Neo7 Turbo को चार स्टोरेज वेरिएंट्स में लॉन्च किया गया है:

    12GB + 256GB: लगभग ₹23,710
    16GB + 256GB: लगभग ₹27,270
    12GB + 512GB: लगभग ₹29,650
    16GB + 512GB: लगभग ₹32,025

    Realme Neo7 Turbo के खास स्पेसिफिकेशन्स
    डिस्प्ले: 6.78 इंच का 1.5K OLED पैनल
    रेजोल्यूशन: 2800×1280 पिक्सल
    रिफ्रेश रेट: 144Hz

    प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 9400e चिपसेट
    रैम और स्टोरेज: 16GB तक रैम और 1TB तक स्टोरेज
    स्टोरेज टाइप: UFS 4.0
    ऑपरेटिंग सिस्टम: Android 15 आउट-ऑफ-द-बॉक्स

    Camera :
    रियर: 50MP + 8MP डुअल कैमरा
    फ्रंट: 16MP सेल्फी कैमरा
    बैटरी: 7200mAh की दमदार बैटरी

    End Chat’s .
    Realme Neo7 Turbo उन यूज़र्स के लिए खास हो सकता है जो दमदार बैटरी, बेहतरीन डिस्प्ले और पावरफुल परफॉर्मेंस के साथ एक स्टाइलिश और यूनिक डिज़ाइन वाला स्मार्टफोन तलाश रहे हैं।

                              Thankyou ❤️

  • Read the story of a cute little bird flying today…🦆 You might have never read a story like this, click quickly.

    प्यारे पंछी जरा बताना। कहाँ तुम्हारा है आना-जाना।।

    दाना चुगते हो धरती पर। फिर क्यों उड़ते रहते हो ऊपर ।।

    कहाँ तुम्हारा है ठौर-ठिकाना। प्यारे पंछी जरा बताना।।

    ढूँढ़ रहा तू हरदम किसको। कभी मिला क्या कोई तुझको ?

    कहाँ तुझे है उड़कर जाना। प्यारे पंछी जरा बताना।।

    दूर-दूर तक उड़ता रहता। लेकिन कभी नहीं तू थकता।।।

    प्यारे पंछी, पास आ जाओ। अपने मन की बात बताओ।।

    मुझको अपने संग ले जाना। आसमान की सैर कराना।

  • Jivan me nasib se Kya milta hai or kya nhi…

    जिंदगी मिलती है हिम्मत वाले को

    खुशियां मिलती है तकदीर वाले को

    प्यार मिलता है दिल वाले को

    और आप जैसा दोस्त मिलता है नसीब वालों को

  • इंसान खुद से पागल क्यो बनता है…🙏

    हर घर में एक ऐसा बेवकूफ बेटा जरूर होता है, जो परिवार का भला करते-करते अपनी उम्र भी खर्च कर देता है और कमाई भी, और मतलब निकलने के बाद बुरा भी उसे ही बनाया जाता है।

  • What did the President of Japan say to India? Know the full truth. And why did he say it? We will tell you everything today in this full story, read below.

    भारत और पाकिस्तान के माहौल को देखकर मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आने वाले समय में, यानी 2026 में, भारत और पाकिस्तान के बीच 100% युद्ध हो सकता है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आज भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया है।

    भारत 2026 में जर्मनी को भी पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। ऐसे में यदि भारत अगले 10 वर्षों तक किसी से युद्ध नहीं करता है, तो वह दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बन सकता है। लेकिन अमेरिका ऐसा होने नहीं देना चाहता, और इसी कारण वह पाकिस्तान से बार-बार हमले करवाता रहता है ताकि युद्ध की स्थिति बनी रहे।

    दोस्तों, भारत माता के लिए एक लाइक तो बनता है

  • राजा रघुवंशी के काण्ड में फसा कौन ?…

    जब विशाल ने राजा रघुवंशी के ऊपर पीछे से बार किया तो सोनम ने चिल्लाकर कहा कि

    ‘मार डालो इसे’

    दरअसल सोनम का प्रेमी राज कुशवाह मेघालय नहीं गया था उसने अपने तीन साथियों को भेजा था जिससे कि कोई शक न करे,

    होम स्टे से सुबह जल्दी निकलने का प्लान सोनम ने ही इस वारदात को अंजाम देने के लिए बनाया था।

    Comments

  • Who does not let India progress?

    इंडियन को किसी भी चीज मे तरक्की नहीं करने दूंगा

    मेरे से कभी मत उलझना।

    मैं हूं ना देखता हु तुम कैसे रोकते हो हमेशा भारत का साथ दूंगा।

    बस हमे आपका ही साथ चाहिए बाकी हमें किसी से उम्मीद नहीं करनी।

    Please 🇮🇳

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