“बदलाव नहीं, क्रांति है ये…” Apple ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तकनीक और डिज़ाइन का मेल जब परफेक्शन तक पहुँचता है, तो उसे कहते हैं – iPhone 16 Pro Max
🔵 Style जो नज़रें चौका दे . टाइटेनियम बॉडी, अल्ट्रा-स्लिम बेज़ल और नया मैट फिनिश – यह सिर्फ फोन नहीं, एक लग्ज़री स्टेटमेंट है।
📸 Camera जो प्रोफेशनल को भी चौंका दे : 48MP का अगला-जेनरेशन ट्रिपल कैमरा सिस्टम नया टेट्राप्रिज़्म 5x ज़ूम लेंस – दूर की चीज़ों को भी पास से देखिए
इमेज प्रोसेसिंग में Apple की AI टेक्नोलॉजी – नाइट मोड, पोर्ट्रेट, एक्शन शॉट्स… सबकुछ और भी बेहतर
💻 चिप जो भविष्य से आया है: A18 Pro चिप – सबसे तेज़, सबसे स्मार्ट, और सबसे पावर-एफिशिएंट। गेमिंग, वीडियो एडिटिंग, या मल्टीटास्किंग – सबकुछ फ्लूड और लैग-फ्री।
🔋 Battery 🔋 दिन भर चलेगा : बेहतर बैटरी लाइफ और फास्ट चार्जिंग – अब पावर कभी कम नहीं पड़ेगी।
🌐 iOS 18 के साथ और भी Smart : नया iOS 18 – AI पावर्ड फीचर्स, स्मार्ट विजेट्स, और पर्सनल असिस्टेंट में Star Daily इंटीग्रेशन।
🔐 Security & Privacy – Apple के अंदाज़ में : Face ID, Secure Enclave और अब ऑन-डिवाइस AI – आपके डेटा की हिफ़ाज़त अब पहले से भी ज़्यादा हो गया है.
🎨 Mobile Colour : टाइटेनियम ब्लैक, नेचुरल, डीप ब्लू और एक्सक्लूसिव ‘लावा रेड’।
💰 Price : भारत में कीमत लगभग ₹1,59,900 से शुरू है.
✨ iPhone 16 Pro Max – सिर्फ एक फोन नहीं, एक अनुभव। “क्योंकि आप सिर्फ अपग्रेड नहीं करते, आप भविष्य को अपनाते हैं।”
Sumsung J15 Prime 5G Mobile सैमसंग ने अपनी नई 5G सीरीज में एक और शानदार स्मार्टफोन Samsung J15 Prime 5G को पेश किया है। यह फोन उन यूज़र्स के लिए खास है जो किफायती दाम में बेहतरीन फीचर्स चाहते हैं।
मुख्य सूचनाएं . Display – 6.5 इंच का फुल HD+ सुपर AMOLED डिस्प्ले, जो शानदार विज़ुअल एक्सपीरियंस देता है। प्रोसेसर: Exynos 1330 या MediaTek Dimensity सीरीज प्रोसेसर (वेरिएंट के अनुसार), जो तेज़ परफॉर्मेंस सुनिश्चित करता है।
Ram ♈ Stores. रैम और स्टोरेज: 6GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज, जिसे माइक्रो SD कार्ड की मदद से बढ़ाया जा सकता है।
📸 Camera : रियर कैमरा: ट्रिपल कैमरा सेटअप (50MP + 8MP + 2MP) फ्रंट कैमरा: 13MP का सेल्फी कैमरा बैटरी: 5000mAh की बैटरी जो 25W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। ऑपरेटिंग सिस्टम: Android 14 One UI Core के साथ। कनेक्टिविटी: 5G, Wi-Fi, Bluetooth 5.2, USB Type-C, और डुअल सिम सपोर्ट।
Future : फिंगरप्रिंट सेंसर (साइड माउंटेड), फेस अनलॉक, नाइट मोड, और डॉल्बी एटमॉस साउंड सपोर्ट। कीमत:भारत में इसकी अनुमानित शुरुआती कीमत ₹13,999 से ₹15,999 तक हो सकती है (वेरिएंट के अनुसार)।
आज तक अगर कोई एरोप्लेन क्रैश होने वाला होता है तो उसमें बैठे पैसेंजर्स का बच पाना लगभग नामुमकिन होता है क्योंकि चाहे बिजनेस क्लास हो या इकॉनमी किसी को भी पैराशूट नहीं दिया जाता। यही वजह है कि प्लेन के आविष्कार से लेकर अब तक लाखों जाने जा चुकी हैं। लेकिन
अब ऐसा नहीं रहेगा क्योंकि यूक्रेन के एयरनॉटिकल इंजीनियर्स की एक टीम ने एक ऐसी तकनीक पर काम शुरू कर दिया है जो एयर ट्रैवल की दुनिया को बदल सकती है। डिटचेबल प्लेन टेक्नोलॉजी। इस टेक्नोलॉजी में प्लेन को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि जैसे ही कोई इमरजेंसी सिचुएशन बने। पायलट एक बटन
दबाएगा और पैसेंजर वाला कैबिन मेन प्लेन बॉडी से अलग हो जाएगा। इसके बाद उस कैबिन को दो सुपर एडवांस पैराशूट्स की मदद से जमीन या पानी की सतह पर सुरक्षित लैंड कराया जाएगा और इस तरह सभी यात्रियों की जान बचाई जा सकेगी। सोचिए अगर यह तकनीक पहले होती तो शायद कई दर्दनाक हादसे टल जाते।
आपके मन में जो भी होगा जरूर बताए फिर मिलते है नेक्स्ट न्यूज़ में तबतक के लिए Thanks 🙏 You ❤️
अगर कोई फ्लाइट हवा में उड़ रहा है और वह क्रैश हो गया यानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया तो 90% विमान दुर्घटना में कोई जिंदा ही नहीं बचता है। तो भैया कोई जिंदा ही नहीं बचा। तो कोई बताने वाला ही नहीं है कि भाई गलती किसकी थी। और अगर हमको यह पता नहीं चलेगा कि किस गलती से यह विमान गिरा तो हो सकता है कि अगली बार फिर हम
वो गलती को दोहरा दें। तो इससे बचने के लिए एक इसमें मशीन लगाई गई। उस मशीन का नाम है ब्लैक बॉक्स। और यह ब्लैक बॉक्स जो होता है यह ऑरेंज कलर का दिखता है। देखिए ध्यान से। यह है ब्लैक बॉक्स। इसी में हर एक चीज
की रिकॉर्डिंग लगी रहती है ब्लैक बॉक्स के अंदर। ब्लैक बॉक्स जो होता है वो किस कलर का हो गया भैया? ऑरेंज कलर का रहता कहां है? पीछे। तो कॉकपिट में कौन-कौन सी वॉइस चल रही थी? यानी रेडियो पर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से क्या बात कर रहा था? उसके माइक्रोफोन में कौन-कौन सी
आवाजें आ रही थी? वो सबको रिकॉर्ड कर लेगा। जिस तरह से कोई आदमी कैसे मरा है? इसको जानने के लिए हम पोस्टमार्टम करते हैं। तो आप समझ जाइए कि यह जहाजों का क्या है? पोस्टमार्टम। कितना भीषण दुर्घटना क्यों ना हो ब्लैक बॉक्स को इतना मजबूत बनाया जाता है कि ना
यह जले ना कुचाए ना थुराए कुछ नहीं हो सकता है। तो यह कहने के लिए ब्लैक बॉक्स है। लेकिन यह होता किस कलर का है? ऑरेंज कलर का होता है।
अहमदाबाद में जो प्लेन क्रैश हुआ है, वह भले ही Air इंडिया का प्लेन AI 787 है, लेकिन उसको बनाने वाली कंपनी Boe है जो एक अमेरिकन कंपनी है। यह प्लेन Being का ड्रीमलाइनर सीरीज का प्लेन था जो हादसे का शिकार हुआ और जिसमें अब तक कुल 241 लोग मारे गए हैं। लेकिन, यह कोई पहला मौका नहीं है जब अपने हादसे या अपने खराब प्लेन की वजह से बोइंग कंपनी पर सवाल उठे हैं। बोइंग पर सवाल उठते रहे हैं और ऐसे ही गंभीर सवाल एक बार अमेरिका में तब के मिसरी के सेनेटर जोश हावले ने बोइंग के तत्कालीन सीईओ डेल कैलहॉन से पूछे थे। सवाल इतने सख्त थे कि बस डेल कैलहान का
रोना ही बाकी रह गया था। 18 जून 2004 को हुई इस पूछताछ की शुरुआत में जोश हावले बोइंग कंपनी के तत्कालीन सीईओ डेल कैलहॉन से उनकी सैलरी के बारे में बात करते हैं और यह भी बताते हैं कि इस साल उनकी सैलरी में बोइंग कंपनी ने कितना इजाफा किया है। देखिए वो सवाल जवाब व्हाट इज इट यू गेट पे? प्रॉक्सी डॉक्यूमेंट्स बिग नंबर सर हेल्प 32.8 मिलियन 45% इसके बाद का लहजा सख्त हो जाता है और वो वो कहते हैं कि क्या सच में क्योंकि आपके खिलाफ आपराधिक जांच चल रही है जिसमें आपने अलास्का एयरलाइंस की 787 फ्लाइट्स का गलत तरीके से निरीक्षण किया। आपके खिलाफ फ़ेडरल
एिएशन इन्वेस्टिगेशन धोखा देने के आरोप में आपराधिक षड्यंत्र की जांच कर रही है और आपके कार्यकाल में मुझे पारदर्शिता दिखती ही नहीं है। इन्वेस्टिगेशन फॉर फाल्स 787 इंस्पेक्शन रिकॉर्ड्स अंडर क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन फॉर दस्का एयरलाइंस फ्लाइट यू आर इन्वेस्टिगेटेड क्रिमिनल टू द एफएस लाइक लॉट ट्रांसपेरेंसी टू मी अबाउट सेफ्टी कंपोनेंट यू नो हैव यू सीन द रिपोर्ट्स दैट द सब्रेज टू मेक डोर पीस द स्काई द एफ वेंट द फैसिलिटी दे वन डोर सील बी लुब्रिकेटेड विन लिक्विड डिश सोप चीज क्लथ एंडर होटल रूम की कार्ड लाइक सेफ्टी
रिलेशनशिप परिकुलर सप्लायर हैज़ बीन वेल डॉक्यूमेंटेड बाय द एफएली एंड आई एम इंटेंप सीईओ डेल कैलहन के इस बयान के बाद तो सीनेटर ह्थे से ही उखड़ गए थे और फिर ऐसी क्लास लगाई थी कि डेल कैलहन को वो को बातचीत ता उम्र याद रहेगी एफए आल्सो सेइंग स्टिल हैज़ नॉट इंप्लीमेंटेड रेमेंडेड स्टेप्स बैक 2019-20 आफ्टर द मैक्स स्टिल हैव नॉट टेकन अप्रोप्रियट सेफ्टी प्रोसीजर्स देन सेफ्टी 33 मिलियन कंपनसेशन पैकेज्ली क्वालिटी क्वालिटी पार्ट ऑफ योर कंपनसेशन पैकेज सेंटर आई आई मीट वि एफए रेगुलरली दे डोंट होल्ड एनीथिंग बैक एंड नॉट अवेयर
ऑफ़ एनीथिंग दैट हैज़ बीन साइडेड रेस्पेक्ट टू दोज़ एक्सीडेंट्स वी हैव टेकन एक्शन। इसके बाद भी दोनों के बीच की बातचीत बेहद तल्ख रही। सेनेटर बार-बार बोइंग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे। अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे। आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे। वहीं बोइंग के सीईओ बार-बार खुद के बचाव में दलील देते रहे। पूरी बातचीत इस नोट पर खत्म हुई कि डेल कैलहॉन का बोइंग सीईओ के पद पर बने रहना एक मजाक है। और इसके बाद 7 अगस्त 2024 डेल कैलहॉन का बतौर बोइंग सीईओ आखिरी दिन बन गया।
लेकिन सवाल है कि क्या भारत में भी ऐसा ही होगा? क्या भारत में भी कोई ऐसा है जो पूछेगा कि 241 लोग कैसे मरे? कोई पूछेगा Tata एयरलाइंस से या फिर बोइंग से या फिर सरकार के किसी नुमाइंदे से कि आखिर उन 241 लोगों का दोष क्या था?
इसका जवाब आपके पास हो तो हमें जरूर बताइएगा। Thank you ❤️
अहमदाबाद में 12 जून 2025 को दिल दहला देने वाली घटना होती है लंदन के लिए उड़ान भर रहे एयर इंडिया का बोइंग 787 अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टेक ऑफ करता है और थोड़ी ही देर में मेघानी नगर के एक रिहाइशी इलाके में क्रैश
हो जाता है 242 लोग सवार होते हैं 230 यात्री और 12 क्र मेंबर आग का गोला बन क्रू चुका विमान मलबे में तब्दील हो गया रहे हैं कि 11A सीट पर बैठा एकमात्र यात्री जिंदा बचा है कोई कह रहा है कि
शायद वह आपातकालीन खिड़की के पास है इसलिए बच गया कोई कहता है कि वो कूद कर बाहर चला गया इसलिए बच गया विश्वास को स्थानीय लोगों ने मलबे से निकाला अस्पताल में भर्ती करवाया डॉक्टर जो उनका इलाज कर रहे हैं वो बता रहे हैं कि उनके सीने में
थोड़ी चोट आई है आंखों के पास चोट है पैरों में चोट है हालांकि वो खतरे से बाहर खासतौर पर दीव में अपने भाई अजय कुमार रमेश के साथ उनके भाई साहब अजय वह भी उसी फ्लाइट में बैठे थे दूसरी पंक्ति में विश्वास की सीट का नंबर 11A था आपातकाल खिड़की जो होती है ठीक उनके बगल में थी एक ऐसी जगह जो उनकी जिंदगी का टिकट बन गई
विश्वास के बचने की कहानी इसलिए भी हैरान करती है क्योंकि फ्लाइट के उड़ने के 59 सेकंड के बाद ही यह हादसा हुआ था और 59 सेकंड सोचने समझने के लिए बहुत कम होता है इसीलिए दुनिया इसे चमत्कार कह रही है कि क्या ईश्वर ने खुद कान में फुसफुसाकर उन्हें छोड़ दिया कि जाओ अभी नहीं विश्वास कहते हैं कि 30 सेकंड फ्लाइट
उड़ती है उसके बाद धमाका होता है वो कहते हैं मैं गिर पड़ा चारों तरफ चीख पुकार थी जब होश आया तो दिखाई पड़ा चारों तरफ लाशें थी वो कहते हैं मुझे नहीं पता मैं कैसे बाहर निकला मुझे नहीं पता कि कैसे मलबे से खींचा गया एंबुलेंस से पहुंचा यह सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि मुझे कुछ नहीं पता हालांकि इस घटना के बाद उन्होंने अपनी फैमिली को कॉल किया बताया कि प्लेन क्रैश हो गया और उनका भाई कहां पर है उन्हें नहीं पता उनके भाई इसी फ्लाइट में उनके
साथ थे अजय की कोई जानकारी नहीं और संभवत वह भी अब इस दुनिया में नहीं है पुलिस प्रशासन लोग मीडिया सब हैरान है सब यही कह रहे हैं कि 11 ए सीट पर बैठा एकमात्र यात्री जिंदा बचा है कोई कह रहा है कि शायद वह आपातकालीन खिड़की के पास है इसलिए बच गया कोई कहता है कि वो कूद कर बाहर चला
गया इसलिए बच गया विश्वास को स्थानीय लोगों ने मलबे से निकाला अस्पताल में भर्ती करवाया डॉक्टर जो उनका इलाज कर रहे हैं वो बता रहे हैं कि उनके सीने में थोड़ी चोट आई है आंखों के पास चोट है पैरों में चोट है हालांकि वो खतरे से बाहर itc वो खतरे से बाहर है बिस्तर पर वो बैठ सकते हैं दर्द के बीच अपनी कहानी को बयां कर सकते हैं और विश्वास की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है विश्वास जब मलबे से लंगड़ाते हुए बाहर निकले कपड़े फटे थे
चेहरा खून और धुएं से सना हुआ था तो वह चमत्कार से कम नहीं था लोगों ने कहा कि जाखोर आखे साइयां मार सके ना कोई किसी ने कहा यह प्रकृति का चमत्कार है किसी ने कहा कि मानो खुद यमराज ने मना कर दिया जिंदगी की उम्मीद की प्रतीक बन गई है उनकी सीट किसी ने कहा कि 11 ए सीट शायद अब बुक
करने के लिए लोग तत्पर हो जाएंगे लेकिन विश्वास की कहानी सिर्फ चमत्कार की नहीं है उनके भाई की कोई खबर नहीं है उनके दोस्त दीव से अहमदाबाद पहुंचे हैं उम्मीद और डर के बीच विश्वास कहते हैं कि मैं अपने भाई को खोजना चाहता हूं मुझे नहीं पता मैं क्यों बचा हूं लेकिन अगर मैं जिंदा हूं तो शायद कोई वजह है अब सवाल यह है कि वो क्यों बचे हैं क्या कहते हैं
एक्सपर्ट्स सीट नंबर 11A विमान विशेषज्ञ कहते हैं कि 11A उम्मीद की सीट इसलिए बनी क्योंकि यह सीट ना सिर्फ एग्जिट के करीब होती है बल्कि खिड़की के पास होने की वजह से बाहर का रास्ता तलाशने में मदद करती है इसलिए शायद एक मौका बने लेकिन इन सबसे आगे एक्सपर्ट्स ये कहते हैं कि वो बचे इसलिए हैं क्योंकि शायद उन्होंने तुरंत फैसला ले लिया मनोवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार संकट के समय मैक्सिमम लोग जो होते हैं वह शॉक में चले जाते हैं चीखते हैं चिल्लाते हैं डरते हैं घबरा जाते हैं लेकिन शायद ये उन 0.01% लोगों में से थे जो तुरंत एक्टिव मोड में आ गए थे सीट 11A में शायद विश्वास साहब वही
यात्री थे जो पल भर में फैसला ले लिया खिड़की तोड़ो निकलो बाहर निकलो और यही रहा शारीरिक क्षमता भी मैटर करती है बाहर निकलने के लिए ना सिर्फ दिमाग बल्कि शरीर की ताकत भी चाहिए मलबे को हटाना आग की गर्मी को झेलना धुएं के बीच सांस लेना यह सब आसान नहीं होता और विश्वास के बारे में कहा जा रहा है शायद वो फिजिकली चुस्त थे शायद इच्छाशक्ति जो थी वो ताकत दे रही थी लेकिन सबसे बड़ा रीजन जो एक्सपर्ट्स भी दे रहे हैं वो कह रहे हैं कि यह किस्मत का साथ है क्योंकि फिजिकल ताकत की बात हो तुरंत दिमाग लगाने की बात हो ये सारी बातें बेईमानी हो जाती है अगर किस्मत का साथ ना हो 12 क्रू मेंबर जो रोज फ्लाइट पर सफर करते हैं जो हर पैसेंजर को पहले बताते हैं कि कोई घटना हो जाए तो
आपको क्या करना है उनमें से एक भी नहीं बचा विश्वास बचे और इसीलिए लोग मान रहे हैं कि इसमें किस्मत तकदीर का साथ था यह शायद किसी ऐसी ताकत का हाथ था जिसे हम और आप समझ नहीं सकते अगर आग एक सेकंड पहले फैल जाती अगर धमाका एक पल पहले हो जाता तो शायद यह सीट भी राख हो जाती और इसीलिए 11A सीट पर बचे हुए यात्री का सवाल जो है वो सवाल सिर्फ तथ्यों से नहीं उलझता यह सवाल जिंदगी और मौत के उस अनजाने दायरे में ले जाता है जहां जवाब गायब हो जाते हैं क्या यह सिर्फ संयोग था कि सही सीट सही समय सही फैसला क्या यह सब एक साथ आए और उसे बचा लिया विमान हादसों के इतिहास में कई ऐसे वाक्य रहे हैं जहां कुछ लोग बच निकले हैं सिर्फ इसलिए क्योंकि वह सही जगह पर थे लेकिन क्या यह इतना आसान है
या क्या विश्वास को तकदीर ने चुन लिया कुछ लोग मानते हैं कि हर इंसान का एक समय लिखा हुआ होता है क्या सीट 11 एक के यात्री का समय नहीं आया था क्या उसकी जिंदगी में कोई ऐसी अधूरी कहानी थी जिसे ईश्वर ने मौका दिया पूरा करने का क्या कोई बड़ा मकसद था जो शायद उसे रोक गया जो बाद विश्वास भी कह रहे हैं कि अगर भगवान ने बचाया है तो कुछ वजह तो होगी कई बार जो लोग ऐसे हादसों में बचते हैं
उनकी जिंदगियां बदल जाती है वो दुनिया को कुछ देना चाहते हैं कोई संदेश कोई बदलाव क्या सीट 11 एक का यात्री अब कुछ करेगा ऐसा क्या उसकी कहानी हमें कुछ सिखाएगी पता नहीं लेकिन जो कुछ है वह समझ से परे है कोई इसे चमत्कार का नाम दे रहा है कोई किस्मत का कोई अनदेखी ताकत का खेल बांध रहा है जो जिंदगी और मौत का हिसाब रखती है लेकिन जो कुछ है यह हमारी समझ से परे है विश्वास की कहानी सिर्फ एक हादसे से बचने की नहीं बल्कि एक ऐसी त्रासदी की है जिसने
देश को झकझोड़ दिया 30 सेकंड के अंदर टेक ऑफ के बाद जो धमाका हुआ था मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जाकर गिरा 241 यात्रियों की मौत हो गई कितने लोग मारे गए हैं कोई अंदाजा नहीं है मेडिकल हॉस्टल में लोग मारे गए हैं इस दशक का सबसे भयावह विमान हादसा बताया जा रहा है लेकिन वहां पर इनका जिंदा बचना हैरान करता है हैरान करता है विश्वास कहते हैं उन्हें कुछ भी याद नहीं है उन्हें नहीं याद है कि किसने दरवाजा खोला उन्हें नहीं याद है वह कैसे बचे लेकिन दुनिया ने उन्हें उस आग की लपटों के बीच में धुएं से सना हुआ देखकर बाहर निकलते देखा लाशों राख के बीच में उन्हें
चलते हुए देखा विश्वास की हालत को देखकर यह कहना मुश्किल है क्या वो पूरी तरह ठीक है क्योंकि शारीरिक चोटों के अलावा मानसिक सदमा इतना गहरा है कि वह बार-बार अपने भाई अजय का जिक्र करते हैं उनकी आंखों के सामने कहीं उनका भाई खो गया उनके परिवार ने लंदन में एक बयान जारी किया कि हमें नहीं पता विश्वास कैसे बचा लेकिन हम अजय की खोज कर रहे हैं सोशल मीडिया पर चमत्कार
का जिक्र हो रहा है कुछ इसे ईश्वर की कृपा मान रहे हैं लेकिन सवाल यह भी है कि क्या हुआ अफवाहें बहुत सारी चल रही हैं हालांकि अफवाहों पर कोई सबूत नहीं है विश्वास अस्पताल में है उनकी कहानी दुनिया भर में चर्चा का केंद्र है लेकिन विश्वास कहते हैं चमत्कार अधूरा है मैं जिंदा हूं मेरा भाई कहां है उनका यह सवाल हर उस शख्स के दिल को छू रहा है जो इस राजी खबर को सुन छू रहा है सीट 11 ए अब सीट नहीं यह उस जिंदगी की नाजुक डोर का प्रतीक है जो आग राख और
मौत के बीच नहीं डूबती आप इसे कैसे देखते हैं सही समय पर सही सीट पर होना किस्मत का होना यमराज का मना कर देना ईश्वर का आशीर्वाद होना किसी अनोखी ताकत का आना या केवल इत्तेफाक का होना जो कुछ है यह हैरान करने वाला है हमारी आपकी सोच से परे है काश जैसे एक जिंदगी बची है ऐसे 241 जिंदगियां बच जाती लेकिन उन 241 जिंदगियों के बीच में उम्मीद की एक रोशनी विश्वास की जिंदगी
से नजर आती है ईश्वर उन तमाम आत्माओं को शांति दे जिन्होंने अपनी जान गवाई इस हादसे से उभरने में हिंदुस्तान को समय लगेगा क्योंकि इस हादसे ने हर हिंदुस्तानी के सीने में घर कर लिया है हर हिंदुस्तानी डरा है मां-बाप डरे हैं लोग डरे हैं आने जाने में डर लगेगा वो फ्लाइट में काम करने हादसे से उभरने में हिंदुस्तान को समय लगेगा क्योंकि इस हादसे ने हर हिंदुस्तानी
के सीने में घर कर लिया है हर हिंदुस्तानी डरा है मां-बाप डरे हैं लोग डरे हैं आने जाने में डर लगेगा वो फ्लाइट में काम करने वाले लोग हर रोज डरेंगे लेकिन उस डर के बीच में विश्वास का बचना एक उम्मीद जताता है और यह सवाल उठाता है कि 241 जिंदगियों के बीच में सिर्फ विश्वास कैसे बचा .
आप अपनी कीमती बाते जरूर बताए इस AIR Crass हादसे के मामले में।
Air India Plane Crash in Ahmedabad – Kya Hota Hai Black Box 🚫 12_06_2025 ✅ 1 : 40 pm 🙏
देखिए जब कोई व्यक्ति की मौत हो जाती है तो मौत का कारण पता करने के लिए पोस्टमार्टम किया जाता है। उसी तरह हेलीकॉप्टर या हवाई जहाज में अक्सर यह देखा गया है कि बहुत कम लोग सर्वाइवर होकर बच पाते हैं। तो एक ही रास्ता है उसको उसके अंदर बताने के लिए क्योंकि कोई जिंदा ही नहीं बचा। तो उसमें एक मशीन लगी होती है जिसे ब्लैक बॉक्स कहते हैं। एक्चुअली ये ऑरेंज कलर का होता है। इसलिए ऑरेंज बनाया जाता है ताकि अगर ये विमान दुर्घटना के बाद इसे ढूंढना आसान हो जाए ऑरेंज कलर के होने के वजह से। ब्लैक बॉक्स जो होता है उसमें दो चीज होते हैं। एक होता है
कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। कॉकपिट उसे बोलते हैं जहां पायलट बैठता है। जहाज का वह हिस्सा जहां पायलट की केबिन होती है उसे कॉकपिट कहते हैं। तो कॉकपिट में कौन सी बाती हुई है? उसे कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर सीवीआर फाइल करता है। और जहाज में कितना फ्यूल एयर प्रेशर ये सब था। ये फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर करता है। तो इन दोनों को जब मिला देते हैं तो वो बनता है हमारा कॉक ब्लैक बॉक्स। अब इसमें जो पहला होता है कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। तो ये देखिए ये जहाज का केबिन है जहां पे कॉकपिट में जहाज बैठते हैं। ये कॉकपिट है उसका। यहां पायलट बैठते हैं।
ये आपस में क्या बात कर रहे हैं। कभी-कभी इमरजेंसी होने पर ये पैसेंजर्स को भी बताते हैं कि ऐसी इमरजेंसी आ रही है। ये एटीसी से संपर्क करते हैं एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से कि क्या प्रॉब्लम आ रहा है। तो अगर इससे भी पता चल जाता है कि लास्ट मोमेंट पर क्या बातें हुई थी। आपस में ये लोग क्या बात कर रहे थे? एटीसी को क्या बोले थे? पैसेंजर को कौन सा वार्निंग दिए थे? इससे बहुत सहूलियत हो जाती है। साथ में यह लोग डिस्ट्रेस सिग्नल भी देते हैं। देखिए जहाज का जब एक इंजन फेल हो जाता है तो यह लोग वार्निंग के तौर पे पैन पैन पैन सिग्नल देते हैं।
तीन बार बोलेंगे पैन पैन पैन मतलब आधी इमरजेंसी है। एक इंजन पे भी जहाज आराम से लैंड कर सकता है। लेकिन यदि दोनों इंजन खराब हो जाता है तो इसमें मेड मेडे का सिग्नल दिया जाता है। मेड मे मतलब एक्सट्रीम इमरजेंसी है। यह हेलीकॉप्टर और मतलब विमान दोनों के लिए होता है। अह दूसरा होता है इसका ब्लैक बॉक्स का दूसरा अंग होता है फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर। फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर में 80 से ज्यादा आंकड़ों को रिकॉर्ड किया जाता है कि ये रोटर ब्लेड कितनी तेजी से घूम रहा था? बाहर हवाएं कितनी तेजी से चल रही थी? कितनी हाइट पर था?
फ्यूल कितना था? दाहिनी ओर कितना झुका था? बाई ओर कितना झुका था? पीछे का रोटर ब्लेड कितना तेजी से लड़ रहा था? टेंपरेचर कितना था? हवाएं किस दिशा से आ रही थी? कितने प्रेशर थे? फ्यूल काम कर रहा था कि नहीं? कोई दुश्मन का रडार तो नहीं आया था। कोई मिसाइल से अटैक तो नहीं हुआ। जितनी चीजें होती हैं 80 से ज्यादा चीजों को यही बताता है कि यह पीछे से कितना डिग्री उठा हुआ था। आगे से कितना डिग्री था। ऐसे 80 से ज्यादा आंकड़े जो रिकॉर्ड रहते हैं वो फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर में रहते हैं। तो जो कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट फ्लाइट
डाटा रिकॉर्डर को एक साथ सुनकर हम इस नतीजे पर पहुंच सकते हैं कि आखिर लास्ट मोमेंट पे क्या था। अब एक ही रास्ता बताया ब्लैक बॉक्स। अब ये ब्लैक बॉक्स में ही हर चीज होती है। इसलिए ब्लैक बॉक्स को बहुत ही सुरक्षित बनाया जाता है। इसे सॉलिड स्टील से बनाया जाता है। इतना मजबूत होता है कि अगर कोई हेलीकॉप्टर या जहाज 750 कि.मी./ घंटा की रफ्तार से भी टकराता है तो इसे कुछ नहीं हो सकता है। इसे आप गर्म भट्टी में 200 अक्सर आग लग जाते हैं। तो इसको ध्यान में रखते हुए इसे 260 डिग्री सेल्सियस तापमान सहने वाला भी बनाया जाता है।
ये उसमें भी गलता नहीं है। अगर यह पानी में गिर गया तो पानी में भी ये 30 दिन तक बिना बैटरी के सिग्नल छोड़ते रहेगा। बीन छोड़ते रहेगा जिससे कि इसे ढूंढने में आसानी हो सके इस ब्लैक बॉक्स को। इस ब्लैक बॉक्स को प्रेशर सहने के लिए भी बनाया जाता है कि हो सकता है कि ब्लैक बॉक्स नीचे गिरे उसके ऊपर पूरे जहाज का लोड आ जाए तो यह ढाई टन का वजन अपने ऊपर रोक सकता है। इसे अगर कहीं स्क्रैच आए कटने पीटने से भी इसे कुछ नहीं हो सकता है। इसे काटा भी नहीं जा सकता है। अतः यह ब्लैक बॉक्स बहुत ही सुरक्षित बनाए जाते हैं।
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