बिल्कुल पानी जैसा है। यह तीन चीज़ें लीजिए और अपने वीर्य को कड़े गाढ़ा। 2026 में बहुत जरूरी है कि आप अपने स्पर्म हेल्थ का ध्यान दें। और अगर आपका भी बिल्कुल पतला है, पानी जैसा है, बच्चा होने में प्रॉब्लम हो सकती है या देख के भी बहुत ज्यादा शर्मनाक लगता है तो डेफिनेटली ये तीन चीजें अपने किचन से अपने खाने में इंक्लूड करना शुरू करें।
आपकी अपनी सेक्स हेल्थ कोच। तो चलिए हम बात कर रहे थे ऐसी तीन चीजें जिसे आप अपने खाने में इंक्लूड कर सकते हैं। अगर आपका वीर्य बिल्कुल पतला है, उसकी शेप नहीं है, काउंट अच्छा नहीं है और डॉक्टर आपको बोलता है कि भाई उसकी जो डीएनए है वो इतना अच्छा नहीं है कि आप बेबी कंसीव कर पाएं।
मोरवर बहुत बार देखने में भी वह बिल्कुल पतला पानी जैसा लगता है या बहुत जल्दी निकल जाता है। तो ये तीन चीजें अभी इंक्लूड करें। लिस्ट में मैं सबसे ऊपर रखूंगी अखरोट यानी वालनट को। वॉलनट और अखरोट आपके ओवरऑल बोन हेल्थ के लिए, एजिंग के लिए और साथ-साथ स्पर्म क्वालिटी के लिए है बहुत अच्छा। वॉलट के अंदर ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स होते हैं।
विटामिन ई होता है और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह आपकी चाहे स्पर्म की मोबिलिटी है, चाहे उसका डीएनए है, चाहे शेप है, चाहे काउंट है, हर चीज के लिए बहुत अच्छा है। इसलिए रोज पांच से छह वालनट की गिरी को भिगोइए और रोज सुबह उसे डेफिनेटली खाइए। दूसरे नंबर पर मैं बात करूंगी जूस की और जूस भी कैसा आपका अनार का जूस। अनार अब आपको 365 डेज मिल जाता है। पूरे साल भर आता रहता है। अनार का
जूस सिर्फ और [संगीत] सिर्फ आपकी स्पर्म क्वालिटी के लिए नहीं आपके ओवरऑल सेक्स के लिए बहुत अच्छा है। ऐसा रिसर्चेस भी कहती हैं कि अगर आप करने से पहले जूस पीते हैं अनार का या फिर अनार को वैसे भी खाते हैं तो यह आपके स्टैमिना के लिए बहुत अच्छा है। इसलिए वो लोग जो अफोर्ड करते हैं या उनके पास वक्त है क्योंकि अनार छीलने में उसमें बहुत वक्त लग जाता है। या ऐसे करके आप करना चाहे तो अनार को तो आपको
रोज लेना है। यह आपकी दवाइयों से भी ज्यादा अच्छा है। मोरवर कितनी ऐसी स्टैमिना की दवाइयां अनार को बनाकर ही यूज़ कर कर ही बनाई जाती हैं। इसलिए अनार का जूस आपके लिए काफी बेहतर हो सकता है। इसके अंदर है पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स हैं और इसके साथ-साथ यह आपका स्ट्रेस कम करता है। स्पर्म क्वालिटी को बेहतर करता है। तीसरे नंबर पे मैं रखूंगी पंपकिन सीड यानी कि कद्दू के बीज। इसके अंदर जिंक
की क्वांटिटी बहुत अच्छी है। कद्दू के बीज की जो कोटिंग है वह जिंक की है और यह आपके ओवरऑल स्पर्म हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। स्पर्म हेल्थ को बढ़ाने के लिए या वीरे को गाढ़ा करने के लिए डॉक्टर्स जो दवाइयां देते हैं उसके अंदर भी जिंक होता है। जो कि कद्दू के बीज में आपको बहुत आसानी से मिल सकता है। क्या करना है? सिर्फ जहां आप अखरोट रोज भिगो रहे हैं,
वहां साथ में आप कद्दू के बीज भी भिगो दीजिए। चम्मच से पानी निकाल के आप इसको लीजिए और डेफिनेटली [संगीत] यह आपके सुबह की भूख को भी कम करेगा। आपके मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाएगा, डाइजेशन को भी बेटर करेगा और आपके वीर्य के हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। ये तीनों चीजें जरूरी है कि आप तीन और चीजों का ध्यान रखें। सबसे पहला आपको अपनी स्लीप का ध्यान रखना है। [संगीत] अगर आपकी नींद है बहुत ज्यादा परेशान, कच्ची या बहुत जल्दी उठ जाते हैं या
फिर वर्क लोड बहुत ज्यादा है तो वह डेफिनेटली इंपैक्ट करेगा। साथ-साथ आपका स्ट्रेस लेवल नहीं होना चाहिए। अगर आप काम को लेके बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो ये बेचारी ये जितना भी खाना खा लीजिए कितनी भी दवाइयां ले लीजिए ये उसके इंपैक्ट को खराब कर देगी। साथ-साथ अल्कोहल और स्मोकिंग। अगर आप किसी भी तरीके की स्मोकिंग या अल्कोहल लेते हैं जो कि रेगुलर है तो डेफिनेटली आपकी स्पर्म क्वालिटी इंपैक्ट
होने ही वाली है। जितने लोग रेगुलरली अल्कोहल, स्मोकिंग या फिर पुअर लाइफस्टाइल के कारण या फिर बाहर का तला हुआ खाना खाने के कारण भी आप देखेंगे उनका वीर्य बिल्कुल पतला है। इरेक्शन आता नहीं है, निकल जल्दी जाता है और डेफिनेटली चीजें इंपैक्ट होती हैं। अगर आप यह सारी चीजें रूटीन में नहीं ले सकते और कोई कट शॉट आयुर्वेदिक फार्मूला देख रहे हैं तो आप इंक्लूड कर सकते हैं नेचर मेनिया पर्म अप। फर्म
अप नेचुरल आयुर्वेदिक एफएसएसआई और WHO आयुष प्रमाणित आयुर्वेदिक प्रोडक्ट है जिसके अंदर जिंक, मैग्नीशियम और ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स का सही कॉम्बिनेशन है। एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टी के साथ-साथ यह आपको वो सारी चीजें देता है जो आपकी [संगीत] स्पर्म के काउंट के लिए, मोटिलिटी के लिए और मे बी उनकी अच्छी प्रोडक्शन के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। तो आप चाहे तो इसे भी आर्डर कर सकते हैं। दिन में यह कैप्सूल डेफिनेटली लीजिए। चैनल पे नए हैं, फटाफट से
सब्सक्राइब करें और ऐसे और वीडियोस के लिए बने रहें। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि ऐसी कौन सी तीन चीजें हैं जो स्पर्म हेल्थ के लिए बिल्कुल नहीं खानी चाहिए, उसे हम नेक्स्ट story में कवर करेंगे। इसलिए लिखिए थ्री फूड्स टू अवॉयड इन द कमेंट सेक्शन ताकि नेक्स्ट part आपको जल्दी मिल सके।
बहुत लोगों की कंप्लेन होती है मुझे कि मां मैं हल्दी खा रही हूं बट मुझे ओवुलेशन नहीं हो रहा। हेल्दी खा रहे हो लेकिन कब खा रहे हो? कितना खा रहे हो? किस कॉम्बिनेशन में खा रहे हो? डाइट एंड न्यूट्रिशन की यही छोटी-छोटी बातें सीक्रेट आपको फर्टिलिटी को डिक्लाइन भी कर देती हैं और इंप्रूव भी कर देती हैं। तो आज मैं कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बात करूंगी जिसको आप
हेल्दी कंसीडर करते होंगे। [नाक से की जाने वाली आवाज़] लेकिन हो सकता है कि आपके तरीके किसी भी रीज़न से वो फर्टिलिटी को डाउन कर रही है। कंसीव करने में ही प्रॉब्लम क्रिएट कर रही है। सो सात ऐसे फूड है जिसको मैंने एनलिस्ट किया है, कैटेगराइज किया है, स्टडी की है जिस पर कि यह आपके ओवुलेशन को खराब कर रहे हैं। साइंटिफिक पैकिंग है सबके पीछे। आइए इनको जानते हैं और खासतौर से आपको इसे
अवॉइड करना होगा। जस्ट आफ्टर पीरियड्स इनको टोटली खाना बंद करना होगा या इनके तरीके अच्छे करने होंगे। [संगीत] डिअ व्यूअर्स वेलकम टू प्रणास फर्टिलिटी केयर। आप लोगों के लिए हमने फर्टिलिटी गाइड डिजाइन की है। पिन कमेंट में जो है वो इसका लिंक दिया है। फर्टिलिटी गाइड जो है ट्रैकर जो है वो एक स्ट्रक्चरर्ड साइंस है आपकी बॉडी को समझने का। और जब आप बेबी प्लानिंग करते हो तो अपनी बॉडी को जान ही नहीं पाते हो क्योंकि मेरी बॉडी में फौल्ट है कहां?
डॉक्टर पे डॉक्टर बदलते हैं बहुत लोग। लेकिन खुद की जांच नहीं करते। तो अपनी बॉडी को समझने के लिए एक महीने का कम से कम टाइम दीजिए और मैं कहती हूं तीन से छ महीने ट्रैकिंग करते-करते आप में सुधार आ जाएगा। आपको रेमेडीज समझ में आ जाएंगी। आपका डाइट बदल जाएगा। आप खुद इंप्रूव हो जाओगे। तो 16 पॉइंट ट्रैकिंग सिस्टम है। उसमें 30 डे का स्ट्रक्चर साइंस है। उसको लीजिए एंड अपना बॉडी को ट्रैक करना शुरू कीजिए। फर्टिलिटी इंप्रूव होती जाएगी डे बाय डे। आज
के वीडियो में हम जानेंगे सेवन डिजास्टर वाले फूड जो कि ओवुलेशन को आपके खराब कर रहे हैं। गलती से कहीं आप भी ना उसे लेते हों तो वीडियो देखिए और उनको समझदारी से यूज कीजिए। तो इन सात फूड को जानने से पहले एक जादू भरी बात सुनाना चाहूंगी आपको बताना चाहूंगी कि आपको ओवुलेशन ठीक करने के लिए तीन चीजों को समझना है। नंबर वन है आपकी बॉडी में इन्फ्लेमेशन ना हो। नंबर टू है इंसुलिन
स्पाइक ना हो। और नंबर थ्री हॉर्मोंस की सिग्नलिंग बेटर हो। सिग्नलिंग किस पर डिपेंड करती है? इसके [संगीत] लिए आपको मेरे वीडियोस रेगुलर देखने पड़ेंगे। क्योंकि मैं साइंस को थोड़ा-थोड़ा समझाती रहती हूं। जिस चीज से भी ये रिलेट करती है हर वीडियो के अंदर। तो इन डेप्थ नॉलेज के लिए पांच सात मिनट तो आप निकाल सकते हैं। डेली अपडेट्स रहते हैं चैनल पर। नंबर वन सिर्फ दो-प दिन की बात नहीं है। पूरे महीने आपको रिफाइंड शुगर सफेद वाली जो शक्कर है ना जिसको आप कहते हो कि अरे क्या हो गया यार? एक कप चाय तो पी सकते हैं।
एक कप चाय तो मैम ने भी वीडियो में अलऊ किया हुआ है। तो एक कप चाय तो आप पी सकते हो लेकिन वो जो एक कप चाय में जो आप एक डेढ़ या दो चम्मच शुगर डालते हो यह आपके ओवुलेशन को डिस्ट्रप्ट करता है। और क्या करते हो? आप सुबह उठते ही पीते हो या नाश्ते के साथ पीते हो या फिर शाम को पीते हो। यह गड़बड़ मचा रहा है। क्या करना है? देखिए चाय इंडियन की एक हैबिट एक इमोशन भी है। तो चाय फर्टिलिटी में जब नुकसानदायक बन जाता है तब हमें क्या करना है कि
उसको गंदी आदत को छोड़ना है और इसके लिए बेस्ट है सबसे बेस्ट है। साइंटिफिकली प्रूवन है अदरक की चाय। जब आपको यह चाय पीने का मन करे तब आप अदरक को बॉईल करके और वो पी दीजिए। थोड़ी हनी मिला सकते हो। बिकॉज़ यह कॉम्बो जो होता है ना फर्टिलिटी बूस्टर मैं बहुत लोगों को देती हूं डाइजेस्टिव इशज़ के लिए एंड अदर इशूज़ के लिए। तो कभी हनी डाला, कभी नहीं डाला। लेकिन जिंजर टी यह दूध वाली चाय को छुड़ा
देगी। रिफाइंड शुगर से भी आप बच जाओगे। सफेद शक्कर किसी भी चीज में नहीं। सपोज घर में आपने पनीर की कोई मिठाई बनाई एंड उसमें डाल दिया शुगर। अब वो पनीर की मिठाई भी मतलब की नहीं रही। तो आपको वाइट शुगर से बचना है। आइसक्रीम बनाना है तो खजूर डाल दीजिए। मिठास के लिए अंजीर डाल दीजिए। कोई भी चीज बना रही है। नेचुरल चीज थोड़ा डाल दीजिए क्योंकि फाइबर भी तो है। उस शुगर के
रिलीज को तो स्लो कर देगा वो। अगर प्लेन शुगर आप लोगे तो वो आपके ओवुलेशन को बिगाड़ रहा है। फिर आप एक्सक्यूज मत देना कि मैंने केवल एक चाय पीती हूं। बस बाकी पूरे दिन में कुछ नहीं लेती हूं। बस वो एक चाय ही जहर का काम कर रही है। कई लोग कहते हैं हम तो ज्यादा जंक नहीं खाते हैं। बस चाय के साथ दो बिस्किट लेते हैं। आप जो भी बिस्किट खा रहे हो मठरी
खा रहे हो मैदे से बनी हुई है। अब चाहे आपने घर में ही क्यों ना बनाई हो। मैदा अगर आपने यूज़ किया है किसी चीज में क्योंकि देखिए आजकल केक पेस्ट्री जो है सब मैदे की है। मठरी मैदे की है। बिस्किट मैदे का है। ब्रेड मैदे का है। चाहे ब्राउन ब्रेड ही क्यों ना उसको बोला गया हो। तो मैदे जब आप लेंगे इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है और ये इंसुलिन का स्तर बिगाड़ता है और हमने शुरू में ही तीन चीजें समझी थी उसमें से अगर इंसुलिन बिगड़ गया तो ओवुलेशन खत्म वो साइकिल आपकी
बेकार सो मैदे को घर में लाना मना है नहीं लाना है फर्टिलिटी बूस्ट करनी है तो मोमोज वगैरह कुछ नहीं यूज करने है आटे के बनाइए घर में तीसरी चीज है प्रोसेस्ड फूड प्रोसेस्ड फूड में बहुत सारे लोग एक्सक्यूज देते हैं ना जो बाहर खाते कभी कबभार खा लेते हैं। ओके? लेकिन आपकी बॉडी की सिचुएशन आपको देखनी पड़ेगी। आप कभी कबभार खा रहे हो। आपकी बॉडी ऑलरेडी कोमा में चल रही है। और आप कभी कबभार खा ले रहे हो तो उसको आपने और ज्यादा शॉक दे दिया। तो अगर
फर्टिलिटी बूस्ट करनी है तो हेल्दी पे आना पड़ेगा। और यकीन मानिए अगर आप सही तरीके से हेल्दी खाना खा रहे हैं ना तो स्वाद उसमें कम नहीं होगा। बल्कि आपको एक अंदर से प्लेजर और सेटिस्फेक्शन भी होगा। आप स्प्राउट चाट बना सकते हैं। चिकपी चाट बना सकते हैं। बेसन की पपड़ी बना लीजिए एयर फ्राई करके या ओवन में तैयार कर लीजिए। बेसन की पपड़ी तो क्रंची स्नैक्स
बन जाएगा। मखाने रोस्ट करके खा सकते हैं। सारे हेल्दी ऑप्शंस है बजाय कि पिज़्ज़ा, मोमोज़ एंड बर्गर एंड फ्रेंच फ्र्राइ एंड जो भी प्रोसेस्ड फूड मार्केट से आता है उसके। प्रोसेस्ड फूड का जो ट्रांस फैट है वो आपके एग की क्वालिटी को टोटल खराब कर देता है। बचिए उससे। देखिए आप बहुत ज्यादा अगर डेरी प्रोडक्ट्स यूज करते हैं तो एक चीज आप देखना प्रोसेस्ड एक्सेसिवली जो प्रोसेस्ड डेयरी प्रोडक्ट्स होते हैं उनको आपको अवॉइड
करना है क्योंकि [संगीत] वो आपके हॉर्मोन सिग्नलिंग को खराब कर रहे हैं या अगर डेयरी प्रोडक्ट्स आप यूज़ कर रहे हो तो उसकी पोरिटी समझनी होगी। आजकल जो डेरी से जो सप्लाई आती हैं, पैकेजिंग आती है, बॉटल्स भी आती है, जो भी आता है, हाईली प्रोसेस्ड होती है। अब आप डेरी की छांच पीना और घर की छांच पीना। दोनों एक साथ रख के एक-एक सिप दोनों का लेके देखना आपको पता चल जाएगा रियल क्या है उसमें। तो ऐसी चीजों को समझिए। एक्सेसिव डेयरी प्रोडक्ट्स यूज़ मत कीजिए। डेयरी यूज़ कीजिए। करना जरूरी है
फर्टिलिटी के लिए। क्वालिटी के लिए डेरी इंपॉर्टेंट होता है। पनीर, दूध, दही, छांच, चीज अच्छा है लेकिन उसकी शुद्धता की गारंटी हो। नहीं तो कम यूज़ कीजिए। बाकी दूसरे सोर्सेस ले लीजिए प्रोटीन, कैल्शियम के। कई बार हमें लगता है हम काम करते-करते थक गए। एंड एक कप कॉफी हो जाएगी ना। तो आगे बाकी काम निपटा पाऊंगी। ऐसा अगर आप सोचते हैं तो यह जानना कि जब आपने कॉफी पी जब आपने चाय पी वो आपके
हॉर्मोंस का जो फ्लो चल रहा था एक रिदमम में थे हॉर्मोंस उसको डिसरप्ट कर दिया उसने डिस्टरबेंस क्रिएट कर दी तो एक्सेसिव कैफीन और इवन फर्टिलिटी जर्नी में मैंने देखा है कि थोड़ा भी कैफीन जो होता है ना थोड़ा बट रेगुलर इंटरवल्स पे वो बहुत सारे नेगेटिव इंपैक्ट देता है। नंबर वन स्टिमुलेट कर देता है बॉडी को। आपका ब्लड प्रेशर भी अप होता है। थायराइड वालों को तो पीना ही नहीं चाहिए। इसके अलावा डाइजेस्टिव इशूज़ देता है। आयरन अब्सॉर्प्शन कम कर देता है। हार्मोनल सिग्नलिंग को डिस्टरबेंस क्रिएट करता है। क्योंकि बॉडी का
मेटाबॉलिज्म एकदम से वो किक मारता है। तो कैफीन से बचिए आप। है ना? चाय कॉफी से आप बचिए। हेल्दी ड्रिंक्स वार्म या कूल आप ऑप्ट कर सकते हो। और जैसे ही कैफीन आप लेते हो ना जैसे ही कैफीन में ड्रॉप आता है स्ट्रेस हॉर्मोंस बनने लग जाते हैं। तो एक साइकिल बन जाती है। आपको स्ट्रेस कम करने के लिए कैफीन लेने का मन करता है। तब आप अच्छा फील कर पाते हो। तो साइंस को समझिए कि आप अच्छा क्यों फील कर रहे हो। यह एक खड्डा है जिसमें आप गिर रहे हैं। गिर रहे हैं
गिर रहे हैं। तो स्ट्रेस हार्मोन नहीं बढ़ाएं। हम अक्सर क्लाइंट्स को मना करते हैं कि देखिए फ्राइड नहीं खाइए। समोसा कचौड़ी मत खाइए। भाई वो तो घर में पकौड़ियां तलने लग जाते हैं। तो मेरा यह कहना है कि पूरी पकड़ी घर में वो ऑक्सीडाइज्ड सेम ऑयल में अगर आप तल रहे हो या फिर बहुत ज्यादा ऑयली फूड कंज्यूम कर रहे हो। जैसे कई घरों में जलन होता है कि बड़ी बढ़िया दिखने वाली ऊपर तेल तैरना चाहिए सब्जी के तो सब्जी को डिलीशियस माना जाता है। पराठे ही खाने हैं। पराठे में अंदर भी तेल, ऊपर भी तेल, पूरी से भी ज्यादा तेल
पराठे के अंदर। तो ऐसे करके अगर आप बहुत ज्यादा ऑयली एंड फ्राइड चीजें यूज कर रहे हैं। वीक में एक बार भी यूज कर रहे हैं तो भी फर्टिलिटी जर्नी में हार्मफुल है। तो ऑयली चीजों की बजाय आप स्टीमिंग को प्रेफर कीजिए। जैसे स्प्राउट खाना है आपको। एक एग्जांपल देती हूं। स्प्राउट को स्टीम कर लीजिए। जाली आती है कढ़ाई में। उस जाली को रख दीजिए। थोड़ा पानी डाल के कढ़ाई में। उसमें स्प्राउट डाल के स्टीम कर दीजिए। फिर उसकी चाट बना लीजिए। ऑइल का कहीं रोल नहीं है। उसके अंदर प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी चीजें हैं। चाट है,
चटपटा लगेगा, क्रंची लगेगा। आप खूब अच्छा एंजॉय कर सकते हैं। तो हो गया हेल्दी। तो ऑइल को भी एलिमिनेट करना होगा। थोड़ी मात्रा में हेल्दी कुकिंग ऑयल यूज़ करने हैं। जिसके लिए मैं अपडेट्स आपको देती रहती हूं। तो अभी तक जितने फूड मैंने आपको बताए हैं, यह हॉर्मोन सिग्नलिंग को बिगाड़ते हैं। उनमें रुकावट पैदा कर देते हैं। डिस्टर्ब कर देते हैं। हॉर्मोन के रिदमम को इनफ्लामेशन बढ़ा देते हैं और बहुत तेजी से बढ़ाते हैं। आप एक रात बढ़िया से दो-तीन पेस्ट्री खाना। अगर आपको भरोसा ना हो कि यह बातें सच है। और अगली
सुबह वेट देखना और सुबह उठकर शीशे में अपना चेहरा देखना। पफीनेस आ जाता है। हाई शुगर से वाटर रिटेंशन होता है उससे। तो ओवुलेशन क्या? इंप्लांटेशन क्या? पीरियड क्या हर चीज डिस्टर्ब होती है इन चीजों से। तो बचिए। थोड़ा सा संयमित रूटीन पर आ जाइए। होप इट हेल्प्स यू |
बहुत से लोग कहते हैं अंडे नहीं बन रहे हैं। स्पर्म क्वालिटी यह है, वह है। कुछ ट्रीटमेंट कराओ, दवा कराना पड़ेगा। कहीं दिखाते हैं यहां अच्छी डॉक्टर नहीं है। डॉक्टर ढूंढना पड़ेगा। अरे रुकिए। सबसे पहले ना अपना एफर्ट ठीक कीजिए। आप अपना एफर्ट ही नहीं ठीक कर रहे हैं। यही तो मैं आपको समझाना चाहती हूं कि
आपका डाइट जो है ना उसमें दवाओं से ज्यादा ताकत छुपी हुई है। दवाएं तब ली जाए जब जो चीजें हैं वो बहुत ज्यादा आगे बढ़ गई हैं। आप इजीली कंट्रोल नहीं है तो दवा का सहारा भी लेना होगा आपको। लेकिन डाइट में सब कुछ है। मैं यहां थेरेपेटिक न्यूट्रिशन से इनफर्टिलिटी सॉलशंस बताती हूं।
आज मैं आपके डाइट के छुपे हुए पांच प्रोटीन सोर्सर्सेस बताऊंगी जिससे कि एक क्वालिटी, स्पर्म क्वालिटी, हॉर्मोन बैलेंस, वेट मैनेजमेंट, पीसीओएस कंट्रोल, इंसुलिन रेजिस्टेंस बहुत कुछ आप ठीक कर सकते हो। लेकिन हां, देखने के साथ एक पॉजिटिविटी और एक प्लेज ले लेनी है कि मुझे इसको फॉलो करना है। तभी तो फर्क आएगा। केवल सुनने से फर्क नहीं आएगा। चलिए कहानी शुरू करते हैं।
जानते हैं इन पांच अमेजिंग, नेचुरल, इजी टू गो प्रोटीन के बारे में जो क्लीनिकली प्रूवन भी हैं। कई लोग की डाइट में प्रोटीन एब्सेंट होता है। दे आर वेरी कैजुअल। और कुछ लोग डाइट से प्रोटीन लेते हैं लेकिन जरूरत है 60-70 ग्राम की लेकिन डाइट से भाई जोड़तोड़ कर भी 40 ग्राम से ऊपर नहीं हो पा रहा है। देन उनको सप्लीमेंट्स लेना
होगा प्रोटीन का। लेकिन सबसे जरूरी डाइट है। मैं हमेशा फोकस ये करती हूं डाइट लीजिए। बहुत लोग फैंसी-फैंसी डाइट प्लान की डिमांड करते हैं। लेकिन बस वो डाइट कागज में रह जाती है। रूटीन में उनकी उतरती नहीं है। क्रेज तब तक रहता है जब तक हम उनको डाइट प्लान दे नहीं देते हैं। तो आज मैं बता रही हूं इंप्लीमेंट करना शुरू कर दीजिए। नतीजे एक महीने में आपको हैरान कर देंगे।
बहुत सारी फीमेल्स हैं 1 महीने शिद्दत से क्योंकि सालों साल कंसीव नहीं होने से उनको बहुत परेशानी थी। एक महीना शिद्दत से फॉलो किया एंड रिजल्ट बहुत अच्छे रहे। एक क्वालिटी बहुत अच्छी हुई एंड कॉनसेप्शन इजी हो गया। यस यह पॉसिबल है। चलिए जानते हैं। एक्वालिटी हॉर्मोन और ओवुलेशन से प्रोटीन बहुत ज्यादा
लिंक है। स्टडीज कहती है 95% ओवुलेटरी डिस्फंक्शन जो है ठीक हो जाता है। अगर आप अच्छा फ्लाट बेस्ड प्रोटीन अपनी डाइट से खाते हो। वो कौन से हैं? सबसे पहली चीज है सबसे अमेजिंग है काले चने। काला चना में आयरन भी है, फाइबर भी है, प्रोटीन भी है। तो काला चना भिगोकर कच्चा, बॉईल करके और काला चना के और फॉर्म्स हैं। ड्राई फॉर्म में भुना चना भी होता है। सत्तू
भी होता है उसको पीस लिया जाए तो। और हां, चने से बेसन भी तो बनता है। तो, यह सारे फॉर्म्स अलग-अलग डेज में आप यूज़ कर सकते हैं। आपको बोरियत नहीं होगी। बट काला चना बहुत इंपॉर्टेंट है। जैसे अगर एक इसका चीज़ मानते हैं। प्रोटीन कितना है? तो अगर 20 ग्राम चने का सत्तू हम लेते हैं ना तो 5 ग्राम उसमें प्रोटीन आपको मिलता है। है ना अमेजिंग? तो उसका ड्रिंक
बनाकर ले लीजिए। इसका मसाला बना के पराठे बना लीजिए। तो यह बहुत इजी है यूज करने में और बहुत ही फायदेमंद है और सस्ता भी है। तो पॉकेट फ्रेंडली भी है और बहुत ही हेल्दी भी है। आयरन भी इंप्रूव करता है। तो चने से दोस्ती कर लीजिए। और हां, यह सारे फूड सुनने के बाद में कमेंट में आपको लिखना है कि इनमें से क्या-क्या चीजें अभी तक आप फॉलो कर रही थी। और अब
आगे आप और क्या-क्या करने वाली हैं। काला चना जो है आपके फॉलिकुलर डेवलपमेंट को सपोर्ट करता है। तो हर दिन एक मुट्ठी किसी भी फॉर्म में एक मुट्ठी बराबर चने या चने की चीजें जरूर जरूर यूज़ करनी है आपको। पीरियड हो चाहे इंप्लांटेशन हो यह ऑल टाइम के लिए हिट है। सुपर हिट है। दूसरा जो प्रोटीन है वो है पनीर। हाई क्वालिटी केसीन प्रोटीन होता है। लेकिन एक
सजेशन दूं मार्केट से पनीर खरीद के मत खाना। घर में आपके दूध आता है ना बस आप आधा किलो दूध ले लीजिए और उसमें थोड़ा सा विनेगर या नींबू का रस डाल के फाड़ लीजिए और उसको आप जिस भी फॉर्म में यूज़ करना चाहे पनीर के फॉर्म में क्यूब्स बनाकर सेटल करके जैसे भी बहुत इजी है। थोड़ा सा जब दूध बॉईल हो जाए तो बस उसमें आपको उसका छेना बनाना है और शेप
देना है, मोल्ड में डालना है। बहुत इजी है। लेकिन यकीन मानिए शरीर को बहुत फायदा होगा। बाजार के प्रोटीन पे हम रिलाई नहीं कर सकते। एडल्ट्रेशन अपने पीक पर हैं और मैं आपको सजेस्ट यह करूंगी घर में पनीर बनाकर खाइए और यह मेरी तो सालों की हैबिट है। तो जो पनीर है ना लो फैट मिल्क से बनाएंगे तो फैट कम रहेगा और जैसे भैंस के दूध का बना रहे हैं तो उसमें फैट थोड़ा ज्यादा रहेगा। कौन सा चूज़ करना है ये आपके ऊपर डिपेंड करता है। लेकिन ये हॉर्मोन स्टेबिलिटी के लिए
जरूरी है। काफी फिलिंग होता है। नाश्ते में सैंडविच में बनाना हो, पराठे में बनाना हो आपको या ऐसे ही पनीर क्यूब्स, काली मिर्च, नमक, नींबू लगा के आप एज अ स्नैक्स खा सकती हैं। सब्जी बना कर खा सकती हैं। तो पनीर को किसी भी तरीके से खाया जा सकता है। पर हां, घर का यूज़ करेंगे तो ज्यादा फायदा होगा। तीसरी अमेजिंग प्रोटीन सोर्स है आमरत। राजगीरा जिसको बोलते हैं ना और यह कंप्लीट प्रोटीन होता है। यह एग
क्वालिटी के लिए बहुत अमेजिंग होता है। तो राजगीरे की आप रोटी भी बना सकते हैं। राजगीरे के लड्डू तो मार्केट में भी मिलते हैं। पर मैं सजेस्ट करूंगी कि लड्डू को कम तवज्जो दें। रोटी को ज्यादाेंस दीजिए। तो राजगीरे का आटा पीस के रख लें। मिक्सिंग करके भी बना सकते हैं और होल भी बना सकते हैं। यह आपके अंडों को बहुत अच्छी क्वालिटी देगा और आपका एनर्जी लेवल भी बूस्ट करेगा और साथ ही ग्लूटेन फ्री है। वेट लॉस में हेल्प
करेगा। डायबिटिक पीसीओस में भी बहुत ज्यादा हेल्प करेगा। तो अमरंत भी आपकी प्रोटीन लिस्ट में होना चाहिए। अगला है पंपकिन सीड। यह प्रोटीन भी है इसके अंदर और जिंक भी है। फर्टिलिटी के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। जिंक फ्रेशेस में चाहिए लेकिन चाहिए भाई। बहुत जरूरी है। मेल फीमेल दोनों के लिए बहुत इंपॉर्टेंट होता है। और यहां पर मेल के लिए फर्टिलिटी के लिहाज से थोड़ा सा ज्यादा ही इंपॉर्टेंट होता है। तो आप दो चम्मच पंपकिन सीड हर दिन खा लीजिए। कुछ लोग कहते हैं यह तो बहुत महंगा है। तो आप जो ट्रीटमेंट लेते हैं,
कॉस्टली दवाएं लेते हैं वो सस्ती तो नहीं होती। तो पंपकिन सीड तो खा सकते हैं। वो तो डाइट है। आपको टेस्ट भी लगेगा। पांचवा अमेजिंग प्रोटीन सोर्स है मूंग का स्प्राउट। बहुत अमेजिंग है। और एक बार हफ्ते में तैयार कर लेते हो ना तो पांच छ दिन सात दिन। संडे टू संडे बना के स्टोर कर लो और हर दिन यूज़ करो। जैसे पोहा बना रहे हो तो पोहे में हाफ स्प्राउट और हाफ पोहा आपने ऐड किया तो पोहे की वैल्यू बहुत बढ़ जाती है। स्प्राउट को स्टीम कर लिया और उसमें चाट की तरह उसको बना के खा लिया। दही में स्प्राउट ऐड करके उसको खा लिया।
स्प्राउट को बॉईल करके मैश करके मसाला बना के पराठे की स्टफिंग भर ली। तो कई तरीके हैं। स्प्राउट की दाल बना ली। स्प्राउट का चीला बना लिया। बहुत सारे तरीके हैं। पर मूंग स्प्राउट बनाएंगे तभी तो कुछ बना पाएंगे। इसलिए वीकली प्रैप रखिए आप। मूंग स्प्राउट बनाकर स्टोर कर दीजिए पूरे एक हफ्ते के लिए और हर दिन थोड़ा-थोड़ा आप इसको इस्तेमाल कीजिए। जिंक इसमें भी बहुत अच्छा होता है। बहुत सारे डाइजेस्टिव एंजाइम्स
होते हैं। पार्शियली डाइजेस्टेड होता है। तो पचने में भी हल्का रहता है और प्रोटीन आपको मिलता रहता है। वेजिटेरियन लोगों के लिए बहुत ही अमेजिंग चीजें हैं। अब आपको कमेंट करना है कि आप क्या-क्या यूज़ कर रही थी अब तक और अब आगे क्या यूज करने वाली हैं। प्रोटीन की कमी से जो अमाइनो एसिड्स नहीं चाहिए बॉडी को नहीं मिल पाते हैं। तो एग पुअर क्वालिटी के बनते हैं। हॉर्मोन भी इम्बैलेंस होता है। तो प्रोटीन डाइट में शामिल कीजिए। फर्टिलिटी के लिए सबसे पहली तैयारी
यही है कि डाइट अच्छी की जाए। और यह पहला स्टेप है। आशा करती हूं आपको वीडियो अच्छा लगा होगा। कमेंट सेक्शन में अपनी राय लिखिए ताकि मुझे पता तो चले कि आप क्या कर रही हैं और उसी आधार पर मैं आपको आगे के चीजें सिखा सकूं और टिप्स दे सकूं। थैंक यू।
आज आपके बहुत सारे भ्राम टूट जाएंगे इस स्टोरी को देखकर क्योंकि जिन फूड को आप हेल्दी कहते हो ना या आप कहते हो कि इसका साइड इफेक्ट नहीं होता। बहुत फायदेमंद नहीं है बट साइड इफेक्ट भी नहीं होता। उन फूड में से भी कुछ ऐसी छुपी हुई चीजें हैं जो आपकी फर्टिलिटी को नुकसान पहुंचा रही हैं। और एज अ
इंडियन हम सबके घरों में वो चीज यूज़ होती है। सो कहीं यह आपको तो नुकसान नहीं पहुंचा रही। एक्सप्लोर कीजिए इस वीडियो में। 5 मिनट के छोटे से स्टोरी के अंदर आपको बहुत कुछ पता चलने वाला है जिससे कि आप अपने को ठीक कर सकती हैं। अपनी थेरेपी खुद कर सकती हैं। लेकिन इसके साथ आपको अपनी फर्टिलिटी ट्रैक करनी है। मंथली ट्रैकिंग टूल है जिसमें बहुत सारे पॉइंट्स के अकॉर्डिंग आप अपनी बॉडी को चलाते हो। अपने को हील करने का तरीका समझते हो और इसके साथ एक गाइड है। तो यह आपको मिलेगा डिस्क्रिप्शन बॉक्स में और साथ ही पिन कमेंट में।
फर्टिलिटी ट्रैकर कंसीव करने वाली हर मां के लिए सबसे पहला स्टेप होता है। तो यह मैंने साइंटिफिक तरीकों से डिजाइन किया है। हर मिथ को तोड़ता है और साइंटिफिकली आपको मां बनने के लिए तैयार करता है। वेलकम टू प्रेरणा स्पोर्टिलिटी केयर। यहां हम बात करते हैं फूड मेडिसिन कैसे बन सकती है? आपकी फर्टिलिटी कैसे बढ़ा सकती है? लेकिन आज बात करेंगे उन फूड की जो फूड है लेकिन फर्टिलिटी के लिए जहर के जैसा काम कर रहे हैं। जी हां, यह टर्म भी वाजिब है क्योंकि इनका इफेक्ट होता ही ऐसा है। तो कुछ ऐसे छुपी चीजें जो
हमारी फर्टिलिटी को बर्बाद कर रही है। तो, सबसे पहले नंबर पे मैं रखूंगी आपकी कुछ फेवरेट चीजें भी हो सकती हैं। इनमें हाई ग्लाइसेमिक लोड वाले फूड। ये हिडन शुगर सोर्सेस होते हैं। आप कहोगे कि भाई मैं शुगर तो खाती ही नहीं हूं। लेकिन यहां पर भी तो बहुत सारा शुगर है। वो कौन-कौन सी चीजें हैं? वाइट राइस। वाइट राइस अगर आप ज्यादा क्वांटिटी में खा रहे हैं। जैसे कई स्टेट्स हैं जहां पे वाइट राइस चलन में है। वाइट राइस के बिना
खाना ही नहीं होता है। लेकिन अगर यह हैबिट आपकी फर्टिलिटी को डैमेज कर रहा है। तब करेक्शन की जरूरत तो है। अब यहां दवा का क्या काम? यहां तो आपकी आदत ही ठीक करनी होगी। इसकी जगह किनोवा दूसरे मिलेट्स को एज ए राइस ऑप्शन आप ले सकते हो। हफ्ते में दो बार वाइट राइस खाइए। बाकी के चारप बार दूसरी चीजें खाइए। इसी तरह कॉर्नफ्लेक्स
अगर ब्रेकफास्ट में आप लेते हैं या कोई भी फर्टिफाइड सीरियल आप लेते हो ब्रेकफास्ट में दूध में मिक्स करके बंद कर दीजिए प्लीज। इसके अलावा ग्लूकोस बिस्किट्स हुए स्नैकिंग मंचिंग में आप कुछ बिस्किट्स ले लेते हो अगर या फिर कभी कभार बाहर निकलते हो तो बेकरी आइटम्स खा लेते हो देन ये आपको कट करना होगा टोटल स्टॉप करना होगा हेल्दी ऑप्शंस पे आना होगा घर में आप इनके हेल्दी ऑप्शंस तैयार कर सकते हैं इनका
काम है आपके शरीर में इनफ्लेमेशन बढ़ाना एग्स को बनने से रोकना यूट्रस में इंप्लांटेशन को रोकना इंसुलिन स्पाइक एग की गुणवत्ता बनने से रोक देता है यह बहुत डैमेज करते हैं डेली डेली डेली अगर यह चीजें खा रहे हैं तो पहले कम कीजिए, बहुत कम कीजिए और फिर इनको आप बंद भी कर सकते हैं। अदरवाइज बहुत कम फ्रीक्वेंसी पे चलेगा वाइट राइस। दूसरा है आपकी रसोई का कुकिंग ऑयल। रिफाइंड जो टर्म आ जाता है आपके तेल पे वो चीज आपको खरीदनी ही नहीं है। जैसे रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल, रिफाइंड, यह
ऑयल, रिफाइंड वो ऑयल ऐसे बहुत सारे ऑयल होंगे। तो कमेंट में बताइए आप मुझे। मैं जानना चाहती हूं कि क्या अभी तक भी आप रिफाइंड ऑयल्स यूज़ कर रहे हो। लेकिन अगर आप उसे छोड़ना चाहते हो तो क्या यूज करना है? इस पर हाल ही में हमारी कम्युनिटी पे मैंने एक पोस्ट भी शेयर किया था आपसे। तो उसको जाकर जरूर आप देखिएगा। कमेंट भी करिएगा। और जितने रिफाइंड ऑयल्स हैं उनको किचन से हटा दीजिए। अब मत
खरीदिए। कोल्ड प्रेस मस्टर्ड ऑयल यूज़ कर सकते हैं आप। सबसे अच्छी बात है। फैट भी अच्छा होता है उसके अंदर। वो बहुत बढ़िया है। इसके अलावा ब्राउन नट ऑयल आपको यूज नहीं करना है। कैनोला ऑयल लेकिन कोल्ड प्रेस आप यूज कर सकते हैं। सनफ्लावर ऑयल यूज़ कर सकते हैं। लेकिन कोल्ड प्रेस होना चाहिए। तिल का तेल भी जो देसी तरीके से निकाला जाता है। तिल का तेल भी आप कुकिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन तिल के तेल में फ्राइंग आप नहीं
कर सकते हैं। कोकोनट ऑयल भी आपके लिए बेस्ट होगा। घी मैं कुकिंग में अवॉइड करने को कहती हूं क्योंकि घी के न्यूट्रिएंट्स बर्न आउट हो जाते हैं। तो घी को जो उसका जगह बना है वैसे ही खाएं। इंडियन मेथड जो है परफेक्ट है घी के लिए कि खाना सर्व कर दिया। खाने से पहले उसमें थोड़ा घी ऐड किया जाता है। नॉट फॉर कुकिंग। रिफाइंड ऑयल्स इनफ्लेमेशन बढ़ाते हैं। यूट्रस को कमजोर बनाते हैं। आपके लीवर डैमेज करते हैं। इससे हॉर्मोन बैलेंस बहुत तेजी से हॉर्मोन बैलेंस अगर किसी को गिफ्ट करना है तो उसे रिफाइंड ऑयल
खिलाना चालू कर दो। कई बार हम डाइट फूड खाते हैं वेट मैनेज हॉर्मोन बैलेंस के लिए जैसे डाइट कोक वगैरह ऐसी बहुत सारी चीजें तो उनमें आर्टिफिशियल स्वीटनर होते हैं और वो बुरी तरह डैमेज करते हैं आपके गट को इससे एस्ट्रोजन प्रोजेस्ट्रॉन का बैलेंस खत्म हो जाता है। इससे इंप्लांटेशन को भी भारी नुकसान होता है। तो डाइट फूड आपको नहीं खाना है। या कई लोग शुगर छोड़ देते हैं लेकिन शुगर फ्री का इस्तेमाल करते रहते हैं। यह आपके इंटेस्टाइन के लिए और एस्ट्रोजन प्रोजेस्टॉन के तो पक्के दुश्मन हैं। इनको आप छोड़ दीजिए। नेचुरल स्वीटनस
लीजिए और प्रोटीन अच्छी मात्रा में लीजिए ताकि स्वीट क्रेविंग्स आपकी खत्म हो जाए। गठ एंड हार्मोन के दुश्मन होते हैं और हार्मोन को भी इम्बैलेंस करते हैं बहुत ज्यादा कच्चे एंड कोल्ड फूड। रेफ्रिजरेट किया हुआ लेफ्ट ओवर हो चाहे बहुत मात्रा में सैलेड्स हो कि भाई मैं तो वेट लॉस करूंगी साथ में कंसीव हो जाएगा। तो भाई सैलेड खाया जाए। तो उस सैलेड से आपको नहीं पता आपको हॉर्मोन इमंबैलेंस आ रहा है। आपका हॉर्मोन सिग्नलिंग वीक
होती जा रही है। बहुत ज्यादा रॉ फूड फर्टिलिटी के लिए नहीं है। इसके बजाय आप स्टू सूप्स इनका इस्तेमाल कीजिए। सटे करके उनको थोड़ा कुक करके यूज़ कर लीजिए। लेकिन रॉ फूड्स आपकी फर्टिलिटी के लिए हेल्पफुल ज्यादा मात्रा में नहीं है। कई लोग प्रोटीन लेते हैं उसमें रेगुलर जो प्रोटीन कंसमशन करते हैं उसमें बहुत ज्यादा सोए के प्रोडक्ट्स होते हैं। तो वो आपकी फर्टिलिटी को हैंपर कर सकता है। बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड सोय के प्रोडक्ट्स चाहे सोए नगेट्स हो चाहे आपके
सप्लीमेंट के अंदर सोए का पाउडर हो उसको आपको नहीं लेना है। फर्टिलिटी के लिए सोए बहुत ही लिमिटेड कंट्रोल तरीके से एक्सपर्ट गाइडेंस में पर्सनलाइज्ड कंसल्टेशन के साथ ही लेना चाहिए। रैंडमली आप सो यूज़ मत कीजिए। आप अगर इनफर्टिलिटी झेल रहे हैं। यह आपको स्ट्रांग हॉर्मोनल इमंबैलेंस दे सकता है। क्योंकि इससे एस्ट्रोजन इमंबैलेंस होता है। तो यहां मैंने जितनी भी चीजें बताई इनको या तो आप बहुत सीमित मात्रा में यूज़ कीजिए। लेकिन कई लोगों के साथ होता है कि घर में ले आते हैं तो हाथ चला जाता है यूज़ कर लेते
हैं। देन टोटली स्टॉप दैट बाइंग तेल, बिस्किट, बेकरी आइटम, स्नैक्स इन सबको बाय करना बंद कीजिए। इन चीजों से बचिए। यह आपके यूट्रस, ओवेरीज और एग्स को खराब कर रहे हैं। एक महीना बंद करके रिजल्ट तो देखिए। कितना अमेजिंग होगा और फर्टिलिटी ट्रेकर इसमें आपकी हेल्प करेगा। सो, हमारे साथ अगर आप हैं, तो फर्टिलिटी जर्नी बिल्कुल आसान हो जाएगी। थैंक्स फॉर वाचिंग।
नमस्कार दोस्तों, आज हम नमन करते हैं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की उस महान महिला को, जिन्होंने अपने साहस, त्याग और समर्पण से इतिहास रच दिया — कस्तूरबा गांधी।
कस्तूरबा गांधी, जिन्हें प्यार से ‘बा’ कहा जाता था, केवल महात्मा गांधी की पत्नी ही नहीं थीं, बल्कि वे खुद एक मजबूत, जागरूक और साहसी स्वतंत्रता सेनानी थीं।
1869 में जन्मी कस्तूरबा गांधी ने बचपन से ही सामाजिक कुरीतियों और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी थी। उन्होंने महिलाओं को जागरूक करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
जब महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया, तो ‘बा’ हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भाग लिया और कई बार जेल भी गईं।
कस्तूरबा गांधी ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के लिए हर संघर्ष में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकती हैं।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा साहस, त्याग और सेवा ही सबसे बड़ी ताकत है। आज की हर महिला के लिए वे एक प्रेरणा हैं।
आइए, इस जयंती पर हम संकल्प लें कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
कस्तूरबा गांधी जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।
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महारानी रामेश्वरी देवी दारभंगा राज की प्रतिष्ठित महारानी थीं। वे केवल शाही परिवार की सदस्य नहीं, बल्कि महिला शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्र सेवा के लिए जानी जाती थीं। मिथिला क्षेत्र के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
👑 प्रारंभिक जीवन और परिवार
महारानी रामेश्वरी देवी का जन्म एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ
विवाह के बाद वे दारभंगा राज से जुड़ीं
उन्होंने शाही वैभव के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी निभाया
📚 शिक्षा और सामाजिक योगदान
महारानी रामेश्वरी देवी का मानना था कि:
“महिला सशक्तिकरण की शुरुआत शिक्षा से होती है।”
उनके प्रमुख योगदान:
✔️ महिला शिक्षा को बढ़ावा बालिका विद्यालयों की स्थापना विधवाओं और गरीब महिलाओं के लिए सहायता सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज ✔️ राष्ट्रवादी आंदोलनों में नैतिक समर्थन
🏛️ मिथिला और दारभंगा के लिए योगदान
महारानी रामेश्वरी देवी ने मिथिला क्षेत्र में:
शिक्षा संस्थानों को संरक्षण दिया
सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा दिया
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया
उनका जीवन शालीनता, संस्कार और सेवा का प्रतीक था।
📖 “कामा सूत्र” से जुड़ी भ्रांतियां
सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कई बार “दारभंगा की महारानी और कामसूत्र” जैसे दावे किए जाते हैं, लेकिन ऐतिहासिक प्रमाणों में इसका कोई ठोस आधार नहीं मिलता।
📌 कामसूत्र एक प्राचीन साहित्यिक ग्रंथ है, 📌 यह किसी विशेष महारानी की निजी कहानी नहीं है।
🧠 निष्कर्ष
दारभंगा की महारानी रामेश्वरी देवी एक प्रेरणादायक ऐतिहासिक व्यक्तित्व थीं, जिन्होंने शाही जीवन से आगे बढ़कर समाज सेवा और महिला उत्थान को अपना लक्ष्य बनाया।
उनकी कहानी हमें सिखाती है कि 👉 सच्ची महानता सेवा और संस्कार से आती है, न कि अफवाहों से।
हर इंसान अमीर या मशहूर नहीं होता, लेकिन हर इंसान अच्छा और खुशहाल जीवन जरूर जी सकता है। जीवन अच्छा जीने के लिए बड़े सपनों से ज्यादा सही सोच, सही आदतें और संतुलन जरूरी होता है।
यह लेख एक साधारण इंसान के लिए लिखा गया है, जो अपने जीवन को सच्चे अर्थों में बेहतर बनाना चाहता है।
🌱 1. संतोष और कृतज्ञता से शुरुआत करें
जो हमारे पास है, उसी में खुश रहना सीखना ही सच्चे सुख की शुरुआत है।
रोज़ खुद से कहें: जो मिला है, वही काफी है
छोटी खुशियों को नजरअंदाज न करें
हर दिन किसी एक बात के लिए धन्यवाद करें
🧠 2. सोच को सकारात्मक रखें
जैसी सोच होगी, वैसा ही जीवन बनेगा।
नकारात्मक लोगों से दूरी बनाएं
हर समस्या को सीखने का अवसर समझें
असफलता को अंत नहीं, शुरुआत मानें
⏰ 3. समय का सही उपयोग करें
समय सबसे बड़ी पूंजी है।
समय पर सोना और जागना
बेकार मोबाइल और सोशल मीडिया से बचें
रोज़ कुछ नया सीखने की आदत डालें
💪 4. मेहनत और ईमानदारी को अपना धर्म बनाएं
साधारण इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसकी मेहनत होती है।
अपने काम को पूरे मन से करें
ईमानदारी से कभी समझौता न करें
धीरे चलें, लेकिन रुकें नहीं
🏃♂️ 5. शरीर और स्वास्थ्य का ध्यान रखें
अच्छा जीवन बिना अच्छे स्वास्थ्य के संभव नहीं।
रोज़ थोड़ा चलना या योग
सादा और संतुलित भोजन
नशे और बुरी आदतों से दूरी
❤️ 6. रिश्तों को समय दें
पैसा बाद में आता है, रिश्ते पहले जरूरी हैं।
परिवार के साथ समय बिताएं
माता-पिता का सम्मान करें
दूसरों की मदद करने की आदत डालें
📚 7. सीखते रहना कभी न छोड़ें
सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
किताबें पढ़ें
अच्छे लोगों की बातें सुनें
अनुभव से सीखें, गलती से नहीं डरें
🙏 8. सरल जीवन, ऊँची सोच अपनाएं
सादगी ही असली अमीरी है।
दिखावे से दूर रहें
जरूरत और चाहत में फर्क समझें
मन को शांत रखने की कोशिश करें
🌟 निष्कर्ष
एक साधारण मनुष्य भी असाधारण जीवन जी सकता है, अगर वह सही सोच, मेहनत, ईमानदारी और संतोष को अपना ले। खुशी बाहर नहीं, हमारे भीतर होती है। जीवन अच्छा बनाने के लिए बस खुद को बेहतर बनाना जरूरी है।
आज की दुनिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है, लेकिन सवाल यह है— क्या हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं? तकनीक बढ़ रही है, सुविधाएं बढ़ रही हैं, फिर भी तनाव, हिंसा, असमानता और असंतोष क्यों बढ़ रहा है? दुनिया को सही रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सिर्फ विकास नहीं, सोच में बदलाव भी जरूरी है।
🟢 दुनिया के आगे बढ़ने का असली मतलब
दुनिया का आगे बढ़ना सिर्फ ऊँची इमारतें, बड़ी अर्थव्यवस्था या नई मशीनें नहीं हैं। सही मायनों में प्रगति का अर्थ है👇
✔️ इंसानियत का विकास ✔️ समानता और न्याय ✔️ शांति और सहयोग ✔️ प्रकृति का सम्मान
🟢 शिक्षा: बदलाव की नींव
अगर दुनिया को सही दिशा में आगे ले जाना है, तो शिक्षा को सबसे ऊपर रखना होगा।
📘 ऐसी शिक्षा चाहिए जो ✔️ सिर्फ नौकरी नहीं, समझ भी दे ✔️ सही-गलत की पहचान सिखाए ✔️ नैतिकता और जिम्मेदारी पैदा करे ✔️ सोचने और सवाल करने की आदत डाले
🟢 इंसानियत और आपसी सम्मान
दुनिया तब ही सही चलेगी जब इंसान धर्म, जाति, भाषा और देश से ऊपर उठकर इंसान को इंसान समझेगा।
🤝 जरूरी है कि हम👇 ✔️ एक-दूसरे की इज्जत करें ✔️ मतभेद में भी शांति रखें ✔️ कमजोर की मदद करें ✔️ नफरत नहीं, संवाद चुनें
🟢 राजनीति और नेतृत्व की भूमिका
दुनिया की दिशा तय करने में नेताओं की भूमिका अहम होती है।
✔️ ईमानदार नेतृत्व ✔️ जनता के हित में फैसले ✔️ सत्ता से पहले सेवा ✔️ पारदर्शिता और जवाबदेही
जब नेतृत्व सही होगा, तो समाज भी सही दिशा में आगे बढ़ेगा।
🟢 तकनीक का सही उपयोग
तकनीक वरदान भी है और खतरा भी। दुनिया सही चले, इसके लिए👇
📱 तकनीक का इस्तेमाल ✔️ ज्ञान फैलाने में हो ✔️ रोजगार बनाने में हो ✔️ नफरत फैलाने में नहीं ✔️ इंसान को जोड़ने में हो
🟢 पर्यावरण की रक्षा जरूरी
अगर प्रकृति सुरक्षित नहीं, तो भविष्य भी सुरक्षित नहीं।
🌱 हमें चाहिए👇 ✔️ पेड़ों की रक्षा ✔️ पानी और हवा की शुद्धता ✔️ संसाधनों का सही उपयोग ✔️ आने वाली पीढ़ी की चिंता
🟢 हर इंसान की जिम्मेदारी
दुनिया को सही रास्ते पर चलाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार या नेता की नहीं, हर इंसान की है।
अगर हर व्यक्ति👇 ✔️ ईमानदारी से काम करे ✔️ दूसरों के अधिकारों का सम्मान करे ✔️ सही का साथ दे ✔️ गलत का विरोध करे
तो दुनिया खुद-ब-खुद बेहतर हो जाएगी।
🟢 निष्कर्ष
दुनिया सही तरीके से आगे तभी बढ़ेगी, जब विकास के साथ-साथ संवेदनशीलता, समझदारी और इंसानियत भी बढ़ेगी। बदलाव की शुरुआत बड़े मंच से नहीं, हमारी सोच और हमारे व्यवहार से होती है।
🌍 अगर हर इंसान खुद को थोड़ा बेहतर बना ले, तो पूरी दुनिया अपने आप बेहतर बन जाएगी।
धार्मिक आस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर इन दिनों चर्चा में है। बताया जा रहा है कि दुनिया का सबसे ऊँचा शिवलिंग अब बिहार पहुंच चुका है, जिसे देखने और दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। इस खबर के सामने आते ही पूरे राज्य में भक्ति और उत्साह का माहौल बन गया है।
🔱 शिवलिंग की विशेषता क्या है?
इस ऊँचे शिवलिंग को लेकर कहा जा रहा है कि:
🔸 इसकी ऊँचाई सामान्य शिवलिंगों से कहीं अधिक है
🔸 इसे विशेष तकनीक और मजबूत सामग्री से तैयार किया गया है
🔸 शिवभक्ति और भारतीय संस्कृति का प्रतीक माना जा रहा है
🔸 यह शिवलिंग दूर से ही आकर्षण का केंद्र बन रहा है
इसी कारण इसे “दुनिया का सबसे ऊँचा शिवलिंग” कहा जा रहा है।
📍 बिहार में कहां स्थापित किया गया है?
जानकारी के अनुसार, यह भव्य शिवलिंग बिहार के एक प्रमुख धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
🙏 श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
शिवलिंग के बिहार पहुंचते ही:
🕉️ सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें
🕉️ “हर हर महादेव” के जयकारे
🕉️ सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल
लोग इसे बिहार के धार्मिक पर्यटन के लिए भी एक बड़ा अवसर मान रहे हैं।
🛕 धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
शिवलिंग भगवान शिव की ऊर्जा, सृजन और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इतना विशाल और ऊँचा शिवलिंग:
✔️ आस्था को और मजबूत करता है
✔️ युवाओं को संस्कृति से जोड़ता है
✔️ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देता है
📢 प्रशासन और आयोजकों की अपील
आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि:
🔔 दर्शन के दौरान शांति बनाए रखें
🔔 प्रशासन के नियमों का पालन करें
🔔 अफवाहों पर ध्यान न दें
✍️ निष्कर्ष
दुनिया के सबसे ऊँचे शिवलिंग का बिहार पहुंचना राज्य के लिए गौरव और आस्था का विषय बन गया है। यह न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊँचाई देने वाला माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है।
🌿 शरीर हमारा सबसे बड़ा धन है। पैसा, पद और सफलता सब कुछ तभी मायने रखते हैं जब शरीर स्वस्थ और सुरक्षित हो। अगर शरीर सुरक्षित है, तो जीवन में हर मुश्किल का सामना किया जा सकता है।
💪 शरीर की सुरक्षा क्यों जरूरी है?
शरीर सुरक्षित रहेगा तो मन मजबूत रहेगा
मन मजबूत होगा तो फैसले सही होंगे
सही फैसले जीवन को सही दिशा देंगे
👉 इसलिए सबसे पहले खुद की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
🔐 शरीर को सुरक्षित रखने वाली प्रेरणादायक बातें
1️⃣ खुद से प्यार करना सीखिए
जो व्यक्ति खुद के शरीर की कद्र करता है, वही दूसरों की भी कद्र कर पाता है। खुद को कमजोर समझना छोड़िए, आपका शरीर बहुत ताकतवर है।
2️⃣ छोटी आदतें, बड़ा असर
समय पर भोजन
साफ पानी
रोज थोड़ा चलना
पूरी नींद लेना
👉 ये छोटी आदतें शरीर को बड़ी बीमारियों से बचाती हैं।
3️⃣ लापरवाही सबसे बड़ा खतरा है
बीमारी अचानक नहीं आती, वह लापरवाही से आती है। आज जो सावधानी आप बरतते हैं, वही कल आपको सुरक्षित रखती है।
4️⃣ मेहनत करें, लेकिन शरीर तोड़कर नहीं
मेहनत जरूरी है, पर खुद को खत्म कर देना समझदारी नहीं। काम से ज्यादा जरूरी है – आपका जीवन।
5️⃣ डर नहीं, समझदारी अपनाएं
डरकर नहीं, समझदारी से जिएं। सड़क पर, काम पर और घर में – सुरक्षा नियम अपनाना कमजोरी नहीं, समझदारी है।
🧠 मानसिक सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी
ज्यादा तनाव से दूरी
नकारात्मक सोच से बचाव
जरूरत पड़ने पर मदद लेना
👉 शांत दिमाग ही स्वस्थ शरीर की नींव है।
🌞 एक सच्ची प्रेरणा
जिस दिन आप अपने शरीर को बोझ नहीं, भगवान का उपहार मानने लगते हैं, उसी दिन से आप खुद को सुरक्षित रखने लगते हैं।
जीवन मंत्र
“शरीर बचेगा, तभी सपने पूरे होंगे।”
🧾 निष्कर्ष
अगर आप सच में सफल और खुश रहना चाहते हैं, तो 👉 आज से ही अपने शरीर की सुरक्षा को आदत बना लीजिए। क्योंकि आप हैं, तभी आपका भविष्य है।
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