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Delhi Air Pollution : दिल्ली-NCR में हट गया ग्रैप-3 लेकिन AQI अभी भी 400 के पार ।

दिल्ली में प्रदूषण फिर से बढ़ रहा है। गैब का तीसरा चरण हटने के बाद भी राहत नहीं है। नमस्कार, मैं हूं आपके साथ रुचिका राज और आप देख रहे हैं न्यूज़ 18 बिहार झारखंड का डिजिटल प्लेटफार्म। देखिए कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट यानी कि सीएम की ओर से ग्रैब का तीसरा चरण हटाने के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और भी ज्यादा बढ़ गया है। शहर का ईक्यूआई लेवल 377 दर्ज किया गया जो कि बहुत खराब श्रेणी में

आता है। पूर्वानुमान है कि आने वाले सप्ताह में भी राहत की उम्मीद नहीं है। वाहनों के धुएं का प्रदूषण भी बड़ा योगदान है। जबकि पराली जलाने का योगदान कम है। आपको बता दें कि कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट प्रदूषण का लेवल कम होने के बाद ग्रैब के तीसरे स्टेज को हटाने का ऐलान किया। लेकिन अगले ही दिन एक्यूआई फिर से बढ़ गया और इस वजह से दिल्ली की एयर क्वालिटी लगातार 14वें दिन बहुत खराब कैटेगरी में रही है। शहर का एक्यूआई 377 रिकॉर्ड

किया गया। अनुमान है कि आने वाले हफ्ते में कोई राहत नहीं मिलेगी। इस बीच आपको बता दें कि सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल यानी कि सीपीसीबी का समीर ऐप जो कि दिल्ली भर के मॉनिटरिंग स्टेशनों से रियल टाइम प्रदूषण रेटिंग दिखाता है ने अपना डाटा अपडेट नहीं किया था जैसे कि इससे पहले किया गया था। दिल्ली के लिए एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक आने वाले हफ्ते में एयर क्वालिटी बहुत खराब रहने की

संभावना है। आपको बता दें कि आईआईटी एम्मा पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक दिल्ली के प्रदूषण में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का हिस्सा 19.5% था। और पराली जलाने की अगर हम बात कर लें तो पराली जलाने से प्रदूषण सिर्फ 0.7% ही था। शुक्रवार को गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का हिस्सा 18.7% और पराली जलाने से 1.5% रहने का अनुमान है।

मौसम की अगर हम बात कर लें तो मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का ज्यादा से ज्यादा तापमान 25.7° सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि नॉर्मल से 0.3° कम है। जबकि कम से कम तापमान 8.3° सेल्सियस था जो कि नॉर्मल से 2° कम है। आपको बता दें कि ह्यूमिडिटी का लेवल 100 से 48% के बीच रहा। मौसम विभाग ने हल्के से मीडियम कोहरे का अनुमान लगाया है। ज्यादा से ज्यादा और कम से कम तापमान क्रम में 24 और 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की

उम्मीद है। दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप भी निकलेगी। आपको बता दें कि दिल्ली में ग्रैब थ्री हटने के बाद प्रदूषण फिर से बढ़ गया है। राजधानी का एक्यूआई 377 दर्ज किया गया। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 पार कर गया। इसके साथ ही स्मोग भी लौट आया है और स्कूलों को ऑफलाइन कर दिया गया है। सड़क मरम्मत से प्रदूषण में 32% की कमी आई है। दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के स्टेज थ्री प्रतिबंध हटाने

के साथ दिल्ली के स्कूल भी ऑफलाइन मोड में अब आ गए हैं। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सर्कुलर जारी किया है और पुराने हाइब्रिड मोड के दिशा निर्देश को वापस ले लिया है। आपको बता दें कि तीन दिनों से प्रदूषण स्तर में सुधार होने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने ग्रैब थ्री हटा दिया है। सड़क के रिपेयरिंग वर्क के बाद उस जगह के प्रदूषण के स्तर में 32% की कमी आई है। हालांकि इस जगह से 50 मीटर की दूरी पर प्रदूषण स्तर बढ़ा नजर आया और यह स्टडी

आईएलआई दिल्ली ने की है। आपको बता दें कि आईआईटी ने 2024 में जहांगीरपुरी आश्रम जैसी जगहों पर यह स्टडी की। इसके साथ ही डीपीसीसी के साथ मिलकर के यह स्टडी यह जानने के लिए की गई थी कि गड्ढे अगर भर जाएं तो प्रदूषण में कितनी कमी आएगी। आईआईटी दिल्ली के रिस्चर प्रोफेसर ने यह बताया है डॉक्टर सोफिया ने यह स्टडी की थी और दिसंबर के पहले सप्ताह तक ठंड बढ़ने के आसार नहीं है। आपको बता दें कि तापमान लगभग स्थिर ही बना

रहेगा और अगले छह से सात दिनों में तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होने वाला है। आसमान इस दौरान अधिकांश दिन साफ रहेगा। दो-तीन दिन हल्के बादल रह सकते हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.7° सेल्सियस रहा और यह सामान्य से 0.3° कम है। न्यूनतम तापमान की बात कर लें तो 8.3° रहा जो कि सामान्य से 2° कम है। जहरीली हवा का सबसे ज्यादा खामियाजा बुजुर्गों और बच्चों और जो भी अस्थमा के पेशेंट हैं सांस लेने में जिन्हें दिक्कत हो रही है उन सबको ही उठाना पड़ रहा है। आपको बता दें कि

एक्सपर्ट ने जो कहा है कि लोगों को घर में ही रहने की नसीहत एक्सपर्ट की तरफ से भी दी जा रही है। N 18 भी आपसे अपील कर रहा है कि आप घर में ही रहें। एयर प्यूरीिफायर के इस्तेमाल और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह एक्सपर्ट ने दी है। कहा है कि घर में अगर हो सके तो एयर प्यूरीिफायर लगाइए ताकि आप शुद्ध हवा ले सके और घर से कम से कम बाहर निकलिए। देखिए केंद्र प्रदूषण या नियंत्रण बोर्ड के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से कई जगह तो हालत इससे

भी ज्यादा गंभीर है। विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार एक्यूआई के इस स्तर पर लगातार सांस लेने से सांस संबंधित बीमारियां तेजी से बढ़ सकती हैं। फेफड़ों की क्षमता कमजोर हो सकती है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में इजाफा हो सकता है। इसके साथ ही सीपीसीबी ने भी चेतावनी जारी की है और यह सलाह दी है कि N95 मास्क के बिना घर से बाहर ना निकलें। सरकारी और संस्था संस्थागत उपाय अब तक राहत

दिलाने में नाकाम रहे हैं। इसलिए सीपी सीबी के अनुसार अगले कुछ दिनों में भी एक्यूआई 300 से 500 के बीच रहने का अनुमान है और इसके पीछे दो बड़ी वजह हैं। हवा की बेहद धीमी रफ्तार बारिश की पूरी तरीके से कमी।

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