” खुशी ने ग़म से पूछा ” तकलीफ़ ” किसे कहते हैं ?
ग़मः-
जब दिल में बहुत कुछ कहने को हो, और जुबान ख़ामोश हो, ना कोई सुनने वाला हो, और ना कोई समझने वाला हो
इसे ही तकलीफ़ कहते हैं
” खुशी ने ग़म से पूछा ” तकलीफ़ ” किसे कहते हैं ?
ग़मः-
जब दिल में बहुत कुछ कहने को हो, और जुबान ख़ामोश हो, ना कोई सुनने वाला हो, और ना कोई समझने वाला हो
इसे ही तकलीफ़ कहते हैं