दोस्तो, अगर आप एक ऐसा स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं जो स्टाइल में भी नंबर वन हो और परफॉर्मेंस में भी तगड़ा… तो आपका इंतजार खत्म! पेश है नया Oppo Reno Series Smartphone!
Design & Display
सबसे पहले बात करते हैं इसके शानदार डिजाइन की… Oppo Reno अपनी प्रीमियम मैट फिनिश और अल्ट्रा-स्लिम बॉडी के साथ हाथ में पकड़ते ही VIP फील देता है। और इसका 6.7 इंच का AMOLED Punch-Hole Display आपको देता है Ultra HD वीडियो और गेमिंग का मजेदार अनुभव।
Performance – RAM & Storage
अब बात करते हैं पावर की… इसमें मिलता है आपको 👉 8GB / 12GB तक RAM 👉 और 128GB / 256GB तक बड़ा Storage, जो आपके फ़ोन को रखता है सुपर-फास्ट। चाहे गेमिंग हो या मल्टीटास्किंग—Oppo Reno कभी स्लो नहीं होता!
Battery & Charging
[Battery Animation] “और सबसे खास—इसकी दमदार 5000mAh की बैटरी। पूरा दिन चलेगा और फिर भी थकेगा नहीं! साथ में SUPERVOOC Fast Charging, जो सिर्फ कुछ ही मिनटों में फोन को कर दे तैयार!
Camera Quality
Oppo की Reno Series कैमरा के लिए मशहूर है। आपको मिलता है 📸 64MP / 50MP का Ultra Clear Main Camera जो Day हो या Night—हर फोटो को बना देता है सुपर शार्प और सुपर क्लियर!
Ending
तो दोस्तो, अगर आपको चाहिए एक Stylish, Powerful और Long Battery वाला Smartphone… तो Oppo Reno आपके लिए एक Perfect Choice हो सकता है!
दोस्तो, अगर आप एक ऐसा लैपटॉप ढूंढ रहे हैं जो स्टाइल में भी टॉप हो और परफॉर्मेंस में भी सबसे आगे… तो Apple का नया MacBook है आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट!
Design
Apple का MacBook अपने Ultra-Slim और Premium Metal Body के लिए जाना जाता है। इसे हाथ में लेते ही एक प्रोफेशनल और लग्ज़री फील आती है।
Display
इसमें मिलता है आपको शानदार Retina Display, जो वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक्स वर्क और Netflix देखने के लिए किसी जादू से कम नहीं। कलर्स इतने जीवंत कि हर चीज़ उभर कर सामने आती है!
Performance – RAM & Storage
अब आते हैं परफॉर्मेंस पर… MacBook में मिलता है 👉 8GB / 16GB / 24GB तक RAM, 👉 और 256GB से 1TB तक SSD Storage, जो आपके हर काम को बनाता है तेज, स्मूथ और बिना किसी लैग के। चाहे Video Editing हो, Coding हो या Heavy Multitasking— MacBook हर चीज़ को करता है आसानी से हैंडल!
Battery Backup
और इसकी Battery… बस कमाल! एक बार चार्ज करने पर आपको मिलता है 👉 15 से 20 घंटे तक का बैकअप, यानि पूरा दिन काम करो, चार्जर की चिंता खत्म!
Chipset Power (M-Series)
Apple का M-Series Chip इस लैपटॉप को बनाता है सुपरफास्ट। ये बिजली की तरह तेज है और Power Consumption भी बहुत कम करता है। Result? High Performance + Long Battery Life!
Camera & Mic
फुल HD कैमरा और Studio-Quality Mic आपकी Video Calls को बनाते हैं बिल्कुल Clear और Professional.
Sound Quality
इसके speakers देते हैं आपको Clean, Loud और Balanced Sound, यानि Movie देखने का मज़ा दोगुना!
Ending
तो दोस्तो, अगर आपको चाहिए एक Powerful, Stylish और Long Battery Backup वाला Laptop— तो Apple MacBook है आपके लिए One of the Best Choice! काम भी, क्रिएटिविटी भी और स्टाइल भी… सब एक जगह!
अगर आप युद्ध चाहते हैं तो रूस तुम्हें ऐसी हार देगा कि शांति समझौता कराने के लिए भी कोई नहीं बचेगा। यूरोपीय शक्तियों की हार इतनी पक्की और मुकम्मल होगी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन के इन शब्दों को चेतावनी समझिए या धमकी। मॉस्को में इन्वेस्टमेंट फोरम के दौरान पुतिन ने साफ कर दिया कि कोई भी रूस को हल्के में लेने की कोशिश बिल्कुल ना करें। और अगर
नाटो देश मिलकर कुछ ऐसा करने की सोच भी रहे हैं तो एक बार फिर से जरूर सोच लें। हैरानी की बात यह है कि भारत दौरे से ठीक पहले पुतिन ने यूरोप के नेताओं को यह धमकी दी। पुतिन ने साफ शब्दों में बोल दिया कि अगर यूरोप युद्ध चाहता है तो रूस इसके लिए तैयार है और ना सिर्फ तैयार है बल्कि रूस यूरोप को ऐसी हार देगा कि कोई समझौता कराने वाला भी नहीं होगा। बता
दें कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन 4 दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। इससे पहले मॉस्को में यूक्रेन युद्ध पर कूटनीति की तेज कोशिशें चल रही हैं। पुतिन ने यह बात तब कही जब अमेरिकी राष्ट्रपति के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेड कोरी कुशनर यूक्रेन युद्ध पर बात करने के लिए मॉस्को में है। पुतिन ने मॉस्को के
इन्वेस्टमेंट फोरम में जब यह बात कही तो विटक और कुशनर रूस यूक्रेन पीस प्लान की डिटेल्स पर बात करने के लिए मॉस्को के दूसरे हिस्से में उनका इंतजार कर रहे थे। हालांकि पुतिन ने यह भी कहा कि उन्हें लड़ाई की कोई इच्छा नहीं। लेकिन अगर यूरोप अचानक हमारे साथ युद्ध करना चाहता है तो फिर हम तुरंत तैयार हैं।
पुतिन ने कहा कि युद्ध की ओर यूरोप का कोई भी कदम ऐसी स्थिति पैदा कर सकता है जिससे फिर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। इसी दौरान पुतिन ने पत्रकारों से भी कह दिया कि उनके पास शांति का कोई एजेंडा नहीं। वो युद्ध के पक्ष में है। पुतिन का आरोप है कि यूरोप शांति प्रस्ताव में बदलाव कर रहा है। इसमें ऐसी मांगे शामिल हैं जो रूस को किसी भी कीमत पर मंजूर
नहीं और इसी वजह से पूरी शांति प्रक्रिया को रोक दिया गया। पुतिन यह भी कहते हैं और इसके बाद में रूस को दोषी ठहरा दिया गया। हालांकि पुतिन ने साफ किया है कि रूस का यूरोप पर हमला करने का कोई प्लान नहीं जो चिंता यूरोपीय देशों को अक्सर सताती है। लेकिन अगर यूरोप अचानक हमारे साथ युद्ध करता है तो इसमें कोई शक नहीं कि हम एकदम तैयार हैं। बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद से यह संघर्ष यूरोप का सबसे बड़ा युद्ध का मैदान
बन चुका है। रर्स के मुताबिक अब तक दोनों देशों के 12 लाख से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं। हालांकि ना तो रूस और ना ही यूक्रेन अपने हताहत सैनिकों की आधिकारिक संख्या बता रहा है। यूरोप और यूक्रेन कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि अगर पुतिन यूक्रेन में जीत गए तो वो किसी नाटो देश पर हमला भी कर सकते हैं। हालांकि पुतिन ने इस दावे को बकवास बताया था।
लेकिन इस बीच अब पुतिन ने यूरोपीय देशों को सख्त लहजे में धमकी दे दी है कि अगर गलती से भी उन्होंने रूस पर तुरंत या अचानक हमला करने की कोशिश की तो इसका अंजाम बेहद घातक होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन की मुलाकात में इस बार कूटनीति के साथ एक विशेष सांस्कृतिक गर्माहट भी देखने को मिली। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में अनुवादित भागवत गीता की प्रति भेंट की जिसने भारत रूस संबंधों में एक नई आध्यात्मिक परत जोड़ दी। यह भेंट सिर्फ
एक पुस्तक नहीं बल्कि भारतीय दर्शन जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक थी जो दोनों देशों की पुरानी मित्रता को और अधिक गहराई देती है। पीएम मोदी ने कहा कि भागवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन का मार्गदर्शन देने वाली अमूल्य शिक्षा है जिसका संदेश दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि गीता हर युग में मानवता को दिशा दिखाने का काम करती है और इसका ज्ञान
सार्वभौमिक है। राष्ट्रपति पुतिन जब दिल्ली पहुंचे तो प्रधानमंत्री मोदी खुद एयरपोर्ट पर उनके विमान के पास पहुंचे और गर्मजशी से स्वागत किया। इस कदम ने दुनिया भर में चर्चा बटोरी। क्रमलीन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पीएम मोदी का विमान के पास जाना अप्रत्याशित था और रूसी अधिकारियों को इसकी पूर्व जानकारी नहीं थी। यह प्रधानमंत्री मोदी और
राष्ट्रपति पुतिन की व्यक्तिगत दोस्ती और आपसी सम्मान को दर्शाता है। विशेषकर यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन की यह पहली भारत यात्रा है जिसने वैश्विक नजरों को इस मुलाकात पर टिका दिया है। स्वागत के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्ट्स पर लिखा मुझे अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का दिल्ली में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। मैं आज शाम और कल हमारी बैठकों को लेकर आशान्वित हूं। भारत और रूस की दोस्ती समय की
कसौटी पर खरी उतरी है। इससे हमारे लोगों को अपार लाभ हुआ है। यह संदेश सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि भारत रूस की दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी का प्रतिबिंब था। भारत दौरी के दूसरे दिन राष्ट्रपति पुतिन का औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति भवन में किया जाएगा। इसके बाद वे राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगी। इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षी
और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताएं होंगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और परमाणु सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। कई बड़े उद्योगपति भी प्रतिनिधिमंडल वार्ता में शामिल हो सकते हैं। शुक्रवार को दोनों नेता भारत रूस बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। जहां दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। इसके बाद राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में पुतिन शामिल होंगे। भूज के बाद
राष्ट्रपति पुतिन मॉस्को के लिए रवाना हो जाएंगे और दौरे का समापन होगा। पुतिन की यह यात्रा और पीएम मोदी का गीता भेंट करना दोनों देशों के राजनीतिक, सामरिक और आर्थिक रिश्तों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी नई रोशनी देता है। यह मुलाकात बताती है कि भारत रोज संबंध सिर्फ रणनीति पर नहीं बल्कि गहराई से जुड़े विश्वास और परंपरा पर भी आधारित है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन दो दिन के भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद एयरपोर्ट जाकर पुतिन का स्वागत किया। उनको गर्मजशी से गले भी लगाया और इस दौरान दोनों नेता एयरपोर्ट से कार में सवार होकर एक कार में सवार होकर निकले। एयरपोर्ट पर जब पुतिन कार में लेफ्ट साइड बैठने जा रहे थे तो पीएम
मोदी ने उन्हें रोका और अपनी दाहिनी तरफ बिठाया। डिप्लोमेटिक प्रोटोकॉल में इसे गोल्डन रूल कहा जाता है। तो डिप्लोमेसी की दुनिया में इसे प्लेस ऑफ ऑनर के रूप में भी देखा जाता है। इस वक्त आठ तस्वीरें आपकी टीवी स्क्रीन पर हैं। पुतिन के भारत आने को लेकर दर्शाती हुई हर एक दृश्य को आपके सामने रखती हुई हर एक पल को बयान करती हुई यह तस्वीरें हैं। पुतिन का विमान लैंड होना, पुतिन का विमान से बाहर आना,
प्रधानमंत्री का रेड कारपेट पर उनके स्वागत के लिए खुद जाना, गर्मजोशी से गले लगाकर उनका स्वागत करना और फिर भारतीय संस्कृति की एक झलक भी एयरपोर्ट पर दिखी और उसके बाद प्रधानमंत्री खुद एक कार में राष्ट्रपति पुतिन के साथ रवाना हुए। दोनों ने इसी बीच उस कार में फोटो खिंचवाया और उसके बाद प्रधानमंत्री आवास पर जब दोनों नेता पहुंचे तो वह तस्वीर भी आप देख रहे हैं। इन तमाम तस्वीरों के जरिए राष्ट्रपति पुतिन
का किस तरीके से स्वागत किया गया और उनके डिनर का जो आयोजन किया गया उस तक हर तस्वीर आप देख रहे हैं। पीएम आवास से राष्ट्रपति पुतिन निकल चुके हैं। यह भी आपको बता दें यह बड़ी खबर। प्रधानमंत्री आवास से निकले हैं राष्ट्रपति पुतिन। तो आज की यह मुलाकात बेहद खास, यह तस्वीरें बेहद खास। एक कार में दोनों नेताओं का सवार होकर जाना और कैसे इस
रोशनी से नहाया हुआ पीएम आवास नजर आया और डिनर डिप्लोमेसी भी लगातार बात हो रही है। एक खास आयोजन यहां पर राष्ट्रपति पुतिन के लिए किया गया। जाहिर है कि कल जिस तरीके से इस सम्मेलन में शामिल होना है दोनों देशों को और रक्षा के क्षेत्र में ऊर्जा के क्षेत्र में विकास के क्षेत्र में कैसे आगे इन तमाम
एमओयूस पर साइन होना है उसको लेकर बातचीत की गई। जहां भक्ति है हर शब्द कथाओं में छिपे हैं दिव्य रहित और ज्योतिष देता है जीवन को दिशा। धर्म से जुड़ी हर बातों को जानने के लिए हमारे stardaily.in को follow करें
4 दिसंबर 2025 जगह दिल्ली एयरपोर्ट जब रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन का विमान लैंड हुआ तो उनके स्वागत के लिए कोई विदेश राज्य मंत्री या अधिकारी नहीं बल्कि खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां मौजूद थे। हर तरफ आज इसी बात की चर्चा है कि आखिर पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल क्यों तोड़ा? आमतौर पर जब
कोई राष्ट्राध्यक्ष भारत आता है तो प्रोटोकॉल के मुताबिक उनके स्वागत के लिए विदेश मंत्रालय के किसी वरिष्ठ मंत्री को भेजा जाता है। प्रधानमंत्री का खुद एयरपोर्ट जाना एक रेयर केस यानी दुर्लभ घटना मानी जाती है। लेकिन आज पीएम मोदी ने सिर्फ प्रोटोकॉल ही नहीं तोड़ा बल्कि एयरपोर्ट पर पुतिन को गले लगाकर
अमेरिका और यूरोप को भी एक सीधा संकेत दे दिया। यह स्वागत सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है। यह भारत और रूस की उस स्पेशल फ्रेंडशिप का सबूत है जो तमाम वैश्विक दबावों के बावजूद चट्टान की तरह खड़ी है। सवाल यह है कि ऐसा क्यों किया गया? इसके पीछे की कहानी सिर्फ दोस्ती नहीं बल्कि जियोपॉलिटिक्स है। यह भारत और रूस का 23वां वार्षिक शिखर सम्मेलन
है। लेकिन यह सम्मेलन ऐसे वक्त में हो रहा है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। और पश्चिमी देश लगातार भारत पर दबाव बना रहे हैं कि वह रूस से दूरियां बनाएं। ऐसे माहौल में पीएम मोदी का खुद एयरपोर्ट जाना और पुतिन का गर्मजशी से स्वागत करना यह बताता है कि भारत अपनी विदेश नीति किसी के
दबाव में तय नहीं करता। यह कदम औपचारिक स्वागत से ऊपर उठकर व्यक्तिगत सम्मान का है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह जेस्चर यह बताता है कि भारत के लिए रूस आज भी एक भरोसेमंद और रणनीतिक साथी है। चाहे वह रक्षा का क्षेत्र हो या एनर्जी सिक्योरिटी। भारत ने साफ कर दिया है कि पुराने दोस्तों को वो मुश्किल वक्त में अकेला नहीं छोड़ता। यह संदेश वाशिंगटन और लंदन तक बहुत स्पष्ट रूप से आज पहुंच गया होगा। हमें इस
बात को भी समझना होगा कि 2025 का साल सामान्य नहीं है। पुतिन की वॉर मशीन को लेकर यूरोप भारत की आलोचना कर रहा है। ऐसे में अगर भारत लो प्रोफाइल स्वागत करता तो शायद दुनिया को लगता कि भारत दबाव में है। लेकिन पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल से हटकर स्वागत किया। जिसे डिप्लोमेसी की भाषा में एक्सेप्शनल ऑनर कहा जाता है। यह स्वागत बताता है कि भारत अपनी शर्तों पर रिश्ते निभाता है। यह एक बोल्ड स्टेटमेंट है कि हम शांति के पक्षधर जरूर हैं। हम युद्ध के
खिलाफ भी हैं लेकिन हम अपने रणनीतिक हितों और पुराने दोस्तों की कीमत पर किसी गुट का हिस्सा नहीं बनेंगे। कुल मिलाकर आज एयरपोर्ट पर जो हुआ वह सिर्फ एक स्वागत नहीं था। वो भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का एक ट्रेलर था। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर यह साबित कर दिया कि भारत रूस के रिश्तों की गहराई किसी तीसरे देश की नाराजगी या खुशी से तय नहीं होगी। अब सबकी निगाहें हैदराबाद हाउस में
होने वाली बैठक पर हैं। जहां इन दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में बात होगी। लेकिन इतना तय है कि स्वागत की इस तस्वीर ने बैठक के नतीजों की भूमिका पहले ही तय कर दी। मैं अब सीम आपसे विदा लेता हूं। फिर मिलूंगा एक नए चैट में। तब तक के लिए अपना बहुत ध्यान रखिए
दोस्तों, संसद सत्र के बीच विपक्ष की बड़ी जीत हुई है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी लगातार सरकार के जिस फैसले के खिलाफ सवाल खड़े कर रहे थे, वह फैसला सरकार को वापस लेना पड़ गया है। मोदी सरकार ने अपना एक फैसला वापस ले लिया है और विपक्ष के प्रदर्शन की वजह से ऐसा हुआ है। दोस्तों, कुछ दिनों
पहले ही हमने आपको खबर बताई थी कि सरकार अब आपकी जासूसी करेगी। सरकार जासूसी करने के लिए एक संचार साथी ऐप लाती है। कहती है अपनी जो कंपनियां हैं निर्माता कंपनियां यानी कि जो फोंस बनाती हैं उन कंपनियों को कहा जाता है कि आप इस ऐप को सभी फोंस में मैंडेटरी करिए। यानी कि यह ऐप सभी
फोंस में होनी चाहिए। इसे ना आप डिसेबल कर पाएंगे और ना ही आप इस ऐप को अपने फोन से डिलीट कर पाएंगे। यह जो एक निर्देश है वह दिया जाता है कंपनियों को और इसके बाद प्रियंका गांधी और विपक्ष समेत जितने भी लोग हैं लगातार इस पर प्रदर्शन कर रहे थे। लगातार इस पर विरोध जता रहे थे कि सरकार इसको जासूसी की तरह इस्तेमाल करना चाहती है। सरकार
लोगों की जासूसी करना चाहती है। उनके प्राइवेट चैट्स को पढ़ना चाहती है। उन्हें देखना चाहती है कि आखिर वो क्या करते हैं, क्या नहीं करते हैं। यानी कि एक-एक व्यक्ति की जासूसी करेगी सरकार इस ऐप के जरिए। लगातार इसको लेकर विरोध हो रहा था। प्रियंका गांधी ने क्या कहा था आप वो भी सुनिए। इट्स स्नूपिंग एप। सो इट इज़ अ स्नूपिंग एप। आई मीन क्लियरली इट्स
रेडिक्युलस। नाउ वेयर एल्स डू दे वांट टू यू नो आई मीन सिटीजंस हैव देयर राइट टू प्राइिवसी इवन ऑल ऑफ़ यू मस्ट वी हैव अ राइट टू प्राइिवसी टू सेंड योर ओन मैसेजेस टू फॅमिली फ्रेंड्स विदाउट द गवर्नमेंट लुकिंग एट एव्रीथिंग इट्स इट्स इट्स इट्स नॉट जस्ट वन थिंग इट्स नॉट जस्ट स्नूपिंग ऑन द टेलीफोन्स इट्स इट्स ओवरऑल दे आर टर्निंग दिस कंट्री इंटू अ डिक्टेटरशिप
इन एव्री फॉर्म यू आस्क मी एव्री डे व्हाई पार्लियामेंट इज़ नॉट फंक्शनिंग इट्स नॉट फंक्शनिंग बिकॉज़ दे आर रिफ्यूजिंग टू टॉक अबाउट एनीथिंग। सो इट्स वेरी ईजी टू ब्लेम द अपोजिशन बट द फैक्ट इज़ दे आर नॉट अलाउंग एनी डिस्कशन ऑन एनीथिंग एंड दैट इज़ नॉट डेमोक्रेसी। द अ हेल्थी डेमोक्रेसी डिमांड्स डिस्कशन एंड एवरीबडी हैज़ डिफरेंट व्यूज। यू हियर देम। और जिस
तरीके का विरोध सवाल विपक्ष ने खड़े किए। इस सवाल की वजह से सरकार को अपने फैसले पर यूटर्न लेना पड़ गया। इसके कुछ वक्त बाद ही मोदी सरकार के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सामने आते हैं और कहते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं है। हम ऐसा नहीं कर रहे हैं। यह तो ऐप लोगों पर डिपेंड करता है उन्हें रखनी है या फिर नहीं रखनी है। हालांकि उन्होंने यह बात अपने मौखिक रूप
से कही थी। इसका कहीं आदेश निर्देश नहीं दिया गया था। इस वजह से कहा जा रहा था कि मामले को शांत करने के लिए उन्होंने यह बात बोली है। लेकिन अब एक प्रेस रिलीज करते हुए यह बात कह दी गई है कि इस मैंडेटरी जो बात कही गई थी संचार साथी को करने की उसे हटा दिया गया है। यानी कि अब कंपनी इन्हें मैंडेटरी नहीं करेंगी। लोगों पर डिपेंड करता है। उन्होंने उन्हें ये ऐप डाउनलोड करना है तो करें। नहीं करना है तो मत करें। दोस्तों जब ये ऐप लाया गया था 2023 के
आसपास ये ऐप आया था और इसके जरिए सरकार का ऐसा दावा है कि उन्होंने कई सारे फोंस लोगों के जो चोरी हो गए थे वो पकड़ लिए और बहुत सारे साइबर फ्रॉड को रोक दिया। अब उसके जैसे ही जो डाउनलोड्स है वो बढ़ने लगे थे तो इसके बाद सरकार ने कहा कि हम इसे मैंडेटरी कर देंगे। लेकिन मैंडेटरी करने की जरूरत नहीं थी। सभी लोग यह सवाल पूछ रहे थे कि आप मैंडेटरी क्यों करना चाहते हैं? आप क्यों चाहते हैं कि आपकी एक ऐप किसी फोन में हो और यहां तक कि जो
कंपनियां हैं वो भी लगातार इसके खिलाफ हो गई थी और कह रही थी Google और Apple जैसी कंपनियां इसके पूरी तरह से विरोध में थी कि हम ऐसा नहीं करेंगे। किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को हम अपने फोन में मैंडेटरी नहीं कर सकते हैं। जो उनकी कंपनीज की ऐप होती है। सिर्फ वही होती हैं। बाकी एप्स नहीं होती है।
लेकिन सरकार की तरफ से कहा गया आप ऐसी ऐप डालिए जिससे कि आप ना व्यक्ति डिसेबल कर पाए ना ही डिलीट कर पाए। और इसी वजह से जो कंपनियां हैं वो भी विरोध कर रही थी और साथ ही साथ विपक्ष के अलावा जो आम लोग हैं वो भी इसको लेकर सवाल खड़े कर रहे थे कि आप क्या करना चाहते हैं? आप क्यों इसको इस ऐप को मैंडेटरी करके और सबसे बड़ी बात यह कि जो जो अलाउमेंट ये ऐप चाहती थी यानी कि जिसज चीज को आप आप जब भी किसी ऐप को
डाउनलोड करते हैं तो आप जो ऐप है वो परमिशन मांगती है आपसे और ये ऐप आपसे फोन का डाटा का परमिशन मांग रही थी। आपके कैमरे का परमिशन मांग रही थी। आपके जो गैलरी है उस तक का परमिशन मांग रही थी और इसी वजह से लगातार सवाल उठ रहे थे कि आखिर इतनी सारी परमिशंस की जरूरत क्यों है इस ऐप को? सरकारी ऐप है। इस वजह से लगातार सवाल उठ रहे थे कि आप क्या करना चाहते हैं? और इसी
Pulsar ka aggressive sporty design… दूर से ही अपनी पहचान बना देता है। Muscular tank, sharp graphics aur bold look — सड़क पर बस नज़रें आप पर ही टिक जाएँगी।
Engine & Performance
Iske powerful DTS-i engine se milती है वो performance… जो हर ride ko bana de thrilling. Fast pickup, smooth gear shift aur strong power — Pulsar ka naam hi काफ़ी है!
Mileage + City Ride
Power ke साथ mileage bhi जबरदस्त! Chahe city ride ho ya long highway trip — Pulsar deti hai perfect balance of speed aur fuel efficiency.
Braking + Suspension
Safety ke liye isme milta hai advanced braking system aur smooth suspension… jisse ride hoti hai aur भी stable, aur bhi comfortable.
Night Ride Shot – LED Lights
Night ride ke लिए इसकी stylish headlights road ko kar देती हैं पूरी तरह रोशन… bas throttle घुमाओ और निकल पड़ो adventure पर।
Ending
Pulsar सिर्फ bike नहीं… attitude है, power है, performance का symbol है! Agar aapko चाहिए ek dhamakedar sports bike — toh Pulsar se बेहतर कोई नहीं। 🏍️🔥
Samsung ka premium design… हाथ में लेते ही एक अलग ही क्लास देता है। Ultra-slim body, glossy finish aur strong build… हर angle se शानदार।
Display
Isme milta hai Samsung ka Super AMOLED Display… jisme har रंग ज़िंदा लगता है! Chahe reels देखनी हों, gaming karni ho ya photos edit… sab kuch ekdum HD experience.
Camera
Camera की बात करें तो Samsung ka AI Triple Camera setup deta hai ultra-clear photos. • Din ho ya raat – har shot crystal clear. • Portrait mode me background blur bilkul perfect. • Selfie camera ka detail… बस wow!
Performance
Performance me bhi ये मोबाइल किसी से कम नहीं। Fast processor + smooth RAM management… multitasking ho ya gaming, sab kuch बिना lag ke breeze की तरह चलता है।
Battery
और बात करें battery की… toh ek baar charge karo aur poora din बेफिक्र इस्तेमाल करो. Fast charging ka support — jaldi charge, zyada usage!
Ending
Samsung ka bharosa, premium quality, powerful performance… अगर लेना है ek perfect smartphone — toh Samsung ek best choice है!
दोस्तों रुपया डॉलर के आगे भीख मांग रहा है। अब $1 ₹90 के बराबर हो गया है। रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनता जा रहा है। लेकिन सरकारी इकोसिस्टम आपको यह बताकर खुश करता है कि कोई बात नहीं। अरे पाकिस्तान भूखो मर रहा है। दोस्तों, अमेरिका का ₹1 हमारे ₹90 के बराबर हो गया है। यानी कि जो चीज अमेरिका के लोग ₹1 में खरीद लेंगे, वह हमें खरीदने के लिए ₹90 की जरूरत होगी।
इंटरनेशनलली आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए यह बेहद शर्म का विषय है। कभी नरेंद्र मोदी को यह शर्मनाक लगता था। नरेंद्र मोदी की बेचैनी गिरते रुपए के लिए देखने को मिलती थी। लेकिन आज की तारीख में प्रधानमंत्री को कोई फर्क नहीं पड़ता है। मोदी का यह पुराना बयान सुनिए जरा और समझिए कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार नहीं थी तब
प्रधानमंत्री रुपए की मजबूती के लिए कितने बेचैन हुआ करते थे। ऐसे नहीं होता मित्रों। मैं शासन में बैठा हूं। मुझे मालूम है इस प्रकार से रुपया इतनी तेजी से गिर नहीं सकता। अरे नेपाल का रुपया नहीं गिरता है। बांग्लादेश की करेंसी नहीं गिरती है। पाकिस्तान की करेंसी नहीं गिरती। श्रीलंका की करेंसी नहीं गिरती। क्या कारण है? हिंदुस्तान का रुपैया पतला होता जा रहा है। ये जवाब देना पड़ेगा आपको। देश आपसे जवाब मांग रहा है।
रुपए को लकवा मार गया है। प्रधानमंत्री पिछले 11 साल से सत्ता में हैं। लेकिन अब प्रधानमंत्री के मुंह से रुपए का राह नहीं निकलता है। अरे रुपया जाए चूल्हे भाड़ में। ऐसा लगता है कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री है ही नहीं। प्रधानमंत्री और उनकी प्रचार मशीनरी पूरे देश में ये भ्रम फैलाती है कि उनका पूरी दुनिया में डंका बज रहा है। भारत तो विश्व गुरु बन चुका है। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। आपको बड़ी आसान भाषा में समझाती हूं कि डंका बजना होता क्या है? देखिए दोस्तों आपका आपके नाते रिश्तेदारों में भौकाल कब बनता है? जब आप
मजबूत होते हैं। अब वो मजबूती कैसे आती है? कैसे दिखती है कि आप मजबूत हैं? आपकी मजबूती पैसों से दिखाई देती है। अच्छा घर होता है, अच्छी गाड़ी होती है। रिश्तेदारों की मदद के लिए आपके पास पैसा होता है। तो बाकी के जो रिश्तेदार होते हैं, वह भी आपका लोड लेने लग जाते हैं। रुपया और डॉलर का कोई मुकाबला ही नहीं है। आपकी गरीबी रुपए की कीमत से ही दिखाई देती है और आप कहते हैं कि दुनिया में आपका डंका बज रहा है और सबसे बड़ी बेशर्मी की बात यह है दोस्तों कि रुपए की सेहत ठीक कैसे की जाए इसका कोई
प्लान भी आपके पास नहीं है। वित्त मंत्री मैडम तो ऐसी है जो प्याज महंगा होने पर कह देती हैं कि वह प्याज खाती ही नहीं है। भाई रुपए की इस दुर्दशा पर वह कह सकती हैं कि वह रुपया खर्च करती ही नहीं है। वो तो Google Pay से पेमेंट करती हैं। दोस्तों देश में बादलों में रडार छिपाने से रुपया मजबूत होता। आधी झूठी आधी सच्ची आधी अध कचरी बातें करने से रुपया मजबूत होता। तो प्रधानमंत्री के बस की बात लगती। लेकिन जो प्रधानमंत्री खुद को अनपढ़ बताते हैं वो कैसे रुपया को मजबूत कर पाएंगे? देश को प्रधानमंत्री से
आर्थिक स्तर पर कोई उम्मीद नहीं है। अब कोई कंपनी भी नहीं बची है जिसे बेच के भाई रुपयों को मजबूत किया जा सके। आप प्रज्ञा का पन्ना देख रहे हैं तो यहां पर आपको कम समय में डिटेल एनालिसिस मिलता है और इसीलिए आप प्रज्ञा का पन्ना देखने के लिए आते हैं। आप अपना समय हमको देते हैं। तो अब सवाल ये उठता है दोस्तों कि भारतीय रुपया आखिर गिर क्यों रहा है? उसके कारणों को भी समझ लिया जाए। क्या रुपया नरेंद्र मोदी के हाकने की आदतों से गिर रहा है या कारण
कुछ और है? तो चलिए उसी पर बात कर लेते हैं। दोस्तों रुपया गिरने का कारण यह है कि विदेशी निवेशक जिन्होंने भारतीय बाजारों में पैसा लगा रखा है उनको भारतीय बाजारों पर यकीन नहीं रहा। अब वो इसीलिए अपना पैसा भारतीय बाजारों से निकालकर भाग रहे हैं। भारत से पैसा निकालकर वो दूसरी मार्केट में डाल रहे हैं जिससे डॉलर की मांग बढ़ रही है। दोस्तों केवल इसी साल अक्टूबर 2025 में 1.14 लाख करोड़ और नवंबर में 45,974 करोड़ का नेट आउट फ्ल्लो हुआ है। इसका
कारण अमेरिका, कनाडा जैसे देशों से भारत की कबाड़ा हो चुकी विदेश नीति बताई जा रही है। इकोनॉमिक्स की भाषा में अगर समझें तो अमेरिका भारत व्यापार संबंधों में अनिश्चितता और वैश्विक जोखिम की भावना ने निवेशकों का विश्वास कम कर दिया है। भारत का व्यापार घाटा बढ़ा है। अमेरिकी सरकार ने अगस्त 2025 से भारत से आयातित वस्तुओं पर 50% का टेरिफ लगाया जिसने भारतीय निर्यात को कम कर दिया। इससे व्यापार घाटा बढ़ा और मुद्रा बाजार में अनिश्चितता
पैदा हो गई। लेकिन भारत की सरकार चलाने वालों को इससे कोई लेना देना नहीं है। भारत की सरकार चलाने वालों को देश चलाने से ज्यादा पार्टी चलाने की चिंता है। पिछले दिनों जब भारत ने अपना अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर बताया तो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने भारत की जीडीपी और नेशनल अकाउंट्स यानी आंकड़ों को सी रेटिंग देकर भारतीय
आंकड़ों की गुणवत्ता पर ही सवाल उठा दिए। 26 नवंबर को जारी एक रिपोर्ट में आईएमएफ ने भारत को सी ग्रेड दिया। हैरानी यह भी है दोस्तों कि 8.2% की विकास दर का आंकड़ा आने के बाद भी शेयर बाजार में वह गर्मजशी नहीं दिखाई दी जिसकी उम्मीद की जा रही थी। 2025 से 26 में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 6.19% गिर चुका है। जबकि पिछले 1 महीने में ही यह गिरावट 1.35% की रही है। हाल के दिनों में रुपए में डॉलर के मुकाबले सबसे तेज गिरावट आई है। इस
लिहाज से रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बन गया है। रुपया का कमजोर होना दर्शा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की साख कमजोर हो रही है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के सिर से बिहार की जीत की खुमारी उतर ही नहीं रही है। देखिए इस वीडियो में मेरे साथ फिलहाल इतना ही। मुझे दीजिए इजाजत। लेकिन प्रधानमंत्री को सुनते जाइए। शीतकालीन सत्र से पहले वह देश को संबोधित कर रहे
थे और विपक्ष को बिहार हार के बाद वह चिढ़ा रहे थे। उनको देश की आर्थिक स्थिति, देश की आर्थिक चुनौतियों से कोई फर्क नहीं पड़ता। उनको बिहार जीत से फर्क पड़ता है। कुछ लोग कहते हैं कि देश की गिरती आर्थिक साख से नहीं उनको दो लोगों की आर्थिक मजबूती की चिंता रहती है। केवल एक बार चिंतन करना चाहिए कि पिछले 10 साल से ये जो खेल खेल रहे हैं देश स्वीकार नहीं कर रही है इन पद्धतियों को। तो अब थोड़ा बदले अपनी रणनीति बदले। मैं टिप्स देने के लिए
तैयार हूं। उनको कैसे परफॉर्म करना चाहिए? लेकिन कम से कम सांसदों के हकों पर तरा मत लगाइए। सांसदों को अभिव्यक्ति का अवसर दीजिए। अपनी निराशा और अपने पराजय में सांसदों को बलि मत बनाइए। मैं आशा करता हूं कि इन जिम्मेवारियों के साथ हम सब चले
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