कभी एक समय था जब कपिलवस्तु नगरी का राजकुमार सिद्धार्थ अपने वैभव और सुख सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध था। महल के दरवाजे सोने से बने थे और सेवक हमेशा आदेश की प्रतीक्षा में खड़े रहते थे। राजकुमार सिद्धार्थ एक सुंदर बुद्धिमान और करुणामय युवक जिसकी मुस्कान से पूरा महल जगमगा उठता था। लेकिन इस चमकदमक के बीच कहीं ना कहीं उनके
भीतर एक खालीपन था। एक ऐसा प्रश्न जो उन्हें हर दिन परेशान करता था। क्या यही जीवन का सच्चा उद्देश्य है? क्या केवल सुख सुविधा में जीना ही जीना है? राजा शुद्धोधन उनके पिता नहीं चाहते थे कि सिद्धार्थ का मन सन्यास की ओर जाए। उन्होंने अपने बेटे को दुनिया के दुखों से दूर रखने के लिए हर मनोरंजन और हर खुशी उसके आसपास सजाई। महल के बाहर क्या है? यह
सिद्धार्थ को कभी देखने नहीं दिया गया। लेकिन नियति को कौन रोक सकता है? एक दिन जब सिद्धार्थ अपने रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले तो उन्होंने पहली बार जीवन की कठोर सच्चाई देखी। रास्ते में उन्होंने एक बूढ़े व्यक्ति को देखा। झुकी हुई कमर, कांपते हुए हाथ और चेहरे पर थकान की लकीरें। सिद्धार्थ ने सारथी से पूछा, “यह क्या है?” सारथी बोला, “यह बुढ़ापा है राजकुमार।” हर मनुष्य को एक दिन बूढ़ा होना पड़ता
है। सिद्धार्थ स्तब्ध रह गए। पहली बार उन्हें एहसास हुआ कि यौवन सदा नहीं रहता। कुछ दिन बाद उन्होंने फिर बाहर जाने की अनुमति मांगी। इस बार उन्होंने देखा एक बीमार व्यक्ति जो दर्द से करा रहा था। सिद्धार्थ का दिल पसीज गया। उन्होंने पूछा क्या हर व्यक्ति बीमार पड़ सकता है? सारथी ने सिर झुकाकर कहा, हां राजकुमार यह जीवन का हिस्सा है। तीसरी बार उन्होंने देखा एक
मृत व्यक्ति जिसे चार लोग कंधे पर उठाकर श्मशान की ओर ले जा रहे थे। सिद्धार्थ की आंखें नम हो गई। उन्होंने धीरे से पूछा, क्या मृत्यु सबको आती है? सारथी ने उत्तर दिया, हां राजकुमार चाहे राजा हो या रंक मृत्यु से कोई नहीं बच सकता। उस रात सिद्धार्थ बहुत देर तक सो नहीं पाए। उनके मन में बस एक ही प्रश्न गूंजता रहा। यदि जीवन का अंत मृत्यु है तो फिर इसका अर्थ क्या है? और फिर एक दिन जब उन्होंने एक साधु को देखा शांत चेहरा
ना कोई भय ना कोई लालच। बस एक असीम शांति। सिद्धार्थ ने सोचा शायद यही मार्ग है सच्ची शांति का, सच्चे अर्थों में जीवन का। उस रात जब पूरा महल नींद में था। सिद्धार्थ ने एक निर्णय लिया। एक ऐसा निर्णय जिसने इतिहास बदल दिया। उन्होंने अपने नवजात पुत्र राहुल को अंतिम बार देखा। पत्नी यशोधरा की ओर प्यार भरी निगाह डाली। और बिना कुछ कहे चुपचाप महल के द्वार से निकल गए। उनके साथ केवल एक वस्त्र और
एक संकल्प था। सत्य की खोज का संकल्प वो चल पड़े। जंगलों, पहाड़ों और नदियों के बीच भोजन की तलाश में नहीं बल्कि सत्य की तलाश में। उन्होंने कठोर तपस्या की। वर्षों तक भोजन और सुख का त्याग किया। लेकिन उन्हें अभी भी वो उत्तर नहीं मिला जिसकी उन्हें तलाश थी। एक दिन निराश होकर वह बोधगया के पास एक पीपल वृक्ष के नीचे बैठ गए। उन्होंने मन ही मन कहा
जब तक सत्य नहीं मिलेगा। मैं यहां से नहीं उठूंगा। दिन बीतते गए, ध्यान गहराता गया और एक रात जब चारों ओर सन्नाटा था। उन्होंने उस सत्य को पा लिया जिसकी उन्हें वर्षों से खोज थी। वो क्षण वही था जब सिद्धार्थ बुद्ध बने। जागे हुए व्यक्ति। अब उन्हें समझ आ गया था। दुख का कारण इच्छा है और शांति का मार्ग त्याग में है। उन्होंने सीखा कि जब मन से लालच, क्रोध और मोह मिट जाता है तभी सच्चा आनंद मिलता है। उस दिन के बाद उन्होंने अपना जीवन दूसरों को सिखाने में लगा
दिया। उन्होंने कहा सुख बाहर नहीं तुम्हारे भीतर है। जो स्वयं को जीत लेता है वही सच्चा विजेता है। लोग उन्हें गौतम बुद्ध कहने लगे। एक सम्राट जिसने अपने भीतर का राज्य पाया था। उनकी शिक्षा ने पूरी दुनिया को बदल दिया। राजा से लेकर आम इंसान तक हर किसी ने सीखा। जीवन का उद्देश्य सिर्फ जीना नहीं बल्कि समझ कर जीना है। सम्राट से साधु बनने की यात्रा हमें यह
सिखाती है कि असली सुख, धन, दौलत या वैभव में नहीं बल्कि आत्मिक शांति और आत्मबोध में है। जब हम बाहरी चीजों की तलाश छोड़कर भीतर झांकते हैं, तभी हमें सच्ची स्वतंत्रता मिलती है।
नमस्कार दोस्तों, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का ₹10,000 जिन महिलाओं के खाते में आ चुका है, अब वह महिला तैयार हो जाइए। 28 नवंबर से अब आप लोगों के खाते में ₹2 लाख तक रुपया आने वाला है। क्योंकि दोस्तों जो जीविका के अध्यक्ष हैं उन्होंने ₹2 लाख देने को लेकर एक बड़ी बात कही है और उसका
नोटिस उन्होंने जारी किया है। उस नोटिस को पढ़कर हम आपको बताएंगे कि किन-किन महिलाओं को यह ₹ 2लाख 28 नवंबर के बाद से मिलना शुरू हो जाएगा और किन-किन महिलाओं को नहीं मिलेगा। किस बैंक में आएगा और किसका कितना जल्दी आ जाएगा सब कुछ हम आपको जानकारी बताएंगे। ठीक है ना? और जिन महिलाओं का लिस्ट में नाम होगा उन्हीं को मिलेगा। ठीक है ना? तो आइए हम आपको संपूर्ण जानकारी बताते हैं। आप लोग देख लीजिएगा। बहुत महिलाएं दोस्तों ना
₹10,000 का लाभ उठा चुकी है। बहुत खुश है। कोई महिला मतलब ना निराश नहीं है। सभी महिला खुश है और इसमें बहुत बड़ा योगदान हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी का भी है। मोदी जी का भी बहुत बड़ा योगदान है दोस्तों। ठीक है ना? तो आइए हम आपको दोस्तों यहां पर जो आपको यही वो वो व्यक्ति हैं जीविका का अध्यक्ष जिन्होंने इसकी घोषणा की है कि जल्द से जल्द
महिलाओं के खाते में 2 लाख तक रुपया भी दिया जाए उनके रोजगार को देखते हुए। ठीक है ना? तो दोस्तों हम आपको पहले यह बता देना चाहते हैं कि एक बार अपना लिस्ट में नाम चेक करिए। लिस्ट में नाम चेक करना जरूरी होता है क्योंकि यदि लिस्ट में नाम नहीं है आपका तो आपको आगे का ₹ लाख तक रुपया नहीं मिल सकता है। लिस्ट में नाम आपको चेक करना है। तो पहले हम आपको बता देते हैं लिस्ट में नाम कैसे चेक करेंगे।
उसके बाद से यह जो राशि आपको मिलने वाली है वह मैं आपको बताऊंगा इसके बारे में। ठीक है? देखिए सबसे पहले आप अपने मोबाइल में ना Google या Chrome ब्राउज़र खोल लीजिएगा। आपके मोबाइल में दोस्तों Google या Chrome ब्राउज़र होगा ना Google या Chrome ब्राउज़र जैसे कि आप स्क्रीन पे आइएगा ना तो देखिएगा आपके मोबाइल में Google या Chrome ब्राउज़र ऐसे दिखेगा। दिखेगा ना तो आपको इसको ओपन कर लेना है। और ये जो सर्च वाला ऑप्शन है उसमें आना है। सर्च में लिखना है स्टडी P एस टी यू डी वाई स्टडी P आप लोग
लिखिएगा। कॉपी पर आप लोग लिख लीजिए। यही लिखकर सर्च करिएगा। जैसे दोस्तों ये लिखा सर्च करिएगा ना तो स्टडी प्लस तो ऐसा पेज खुलेगा यहां पर देखिएगा हिंदी में लिखा होगा स्टडी प्लस इसी पर क्लिक कर देना है जैसे क्लिक करिएगा ना तो ये वाला पेज ओपन हो जाएगा दूसरा और थोड़ा सा नीचे आइएगा ना तो दोस्तों देखिए जीविका लिस्ट में नाम चेक करें
जीविका लिस्ट जारी अपना नाम देखें इस पर भी क्लिक करके देख सकते हो और नीचे आइएगा तो एक एडमिट कार्ड का ऑप्शन आएगा उसके नीचे आइएगा तो यहां पर भी दोस्तों आपको बताया गया जीविका दीदियों के लिए बड़ी खुशखबरी ₹2 लाख मिलना शुरू कैसे मिलेगा मिलेगा आओ बताते हैं। तो इस लिंक पर आप लोग क्लिक करिएगा। क्लिक करने के बाद दोस्तों आप लोग नीचे आ जाइएगा। नीचे आ जाइएगा। ठीक है? और जो भी जीविका दीदी है ना अगर आप जीविका से संबंधित सारा जानकारी आप लोग जानना चाहते हैं और किन-किन महिलाओं को कैसे-कैसे पैसा मिलेगा, कितना रुपया मिलेगा, किसको सारी जानकारी हम आपको
WhatsApp ग्रुप में बताते रहते हैं। तो WhatsApp ग्रुप को आप लोग ज्वाइन कर लीजिएगा। ठीक है? अब नीचे आइए। यहां पर दोस्तों आपको लिंक दिया होगा महिला रोजगार योजना न्यू लिस्ट 2025 चेक। आपको इस लिंक पर क्लिक करना है। जैसे ही इस पर क्लिक करिएगा ना तो यहां पर यह वाला पेज ओपन हो जाएगा। यहां से अपने स्टेट को सेलेक्ट करिएगा। फिर मतलब कि अपने राज्य सेलेक्ट कर लीजिएगा। बिहार अपने जिला का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। अपने ब्लॉक का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा और अपने
पंचायत का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। उसके बाद से विलेज का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। ठीक है ना? विलेज का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। उसके बाद से आपके स्क्रीन पर नाम लिस्ट में दिख जाएगा। जैसे कि दोस्तों हम कोई भी यहां पर नाम सेलेक्ट कर लेते हैं। बिहार सेलेक्ट कर लेते हैं। ठीक है? और कोई डिस्ट्रिक्ट सेलेक्ट कर लेते हैं। कोई ब्लॉक सेलेक्ट कर लेते हैं और बाय द वे कोई यहां पर पंचायत हम सेलेक्ट कर लेते हैं। और किसी गांव का हम नाम सेलेक्ट कर लेते हैं। और जैसे सर्च पर क्लिक करेंगे ना तो देखिए यहां पर सभी महिलाओं का नाम दिखेगा। देखिए स्टेट का नाम
दिखेगा, डिस्ट्रिक्ट का नाम दिखेगा, ब्लॉक का नाम दिखेगा, पंचायत का नाम दिखेगा, विलेज का नाम दिखेगा, समूह का नाम दिखेगा, मेंबर का नाम दिखेगा, हस्बैंड का नाम दिखेगा। ठीक है ना? फादर हस्बैंड का नाम दिखेगा, जेंडर दिखेगा, एज दिखेगा। ठीक है? उसके बाद से दोस्तों बगल में उन लोगों का कैटेगरी दिखेगा। एससी, एसटी, ओबीसी ये सब कुछ वहां पर दिखेगा। ठीक है ना? तो यहां से आप लोग चेक कर लीजिएगा। बाकी दोस्तों इस जानकारी को आइए हम आपको पढ़कर बताते हैं अच्छे तरीके से।
देखिए इन्होंने क्या कहा है। रोजगार की जरूरत के अनुसार महिलाओं को राशि मिलेगी। स श्रवण जी का कहना है। यानी कि जो श्रवण जी हैं जीविका के अध्यक्ष हैं इनका कहना है कि महिलाओं को रोजगार के हिसाब से जितना पैसा की जरूरत पड़ेगा उतना दिया जाएगा। है ना? ₹ लाख तक रुपए मैक्सिमम राशि रखी गई है। देखिए यहां पर क्या बोला गया है। पटना हिंदुस्तान ब्यूरो ग्रामीण विकास मंत्री ग्रामीण विकास जो मंत्री श्रवण
कुमार हैं उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को उनकी जरूरत के अनुसार राशि दी जाएगी। महिलाओं ने जो भी रोजगार शुरू किया है उसका अवकलन कर अधिकतम ₹2 लाख तक रुपया राशि दी जाएगी। यानी कि इनका कहना है कि जो महिलाएं हैं ₹10,000 लेकर कोई भी रोजगार शुरू किए जैसे कि एक लड़का मेरे पास कॉल किया था। वो बोल रहा था कि सर ₹2 लाख तक रुपया कब मिलेगा? हमारी मम्मी ने रोजगार शुरू कर दिया है। भैंस खरीदी है हमारी मम्मी ने। मतलब कि ₹10,000
सरकार का लेकर और और कुछ अपने लक्ष से मिलाकर भैंस खरीदी है। अब धीरे-धीरे वो मतलब ना पशुपालन बना लेगी। भैंस का या फिर गौ का पालन बना लेगी। बहुत बड़ा उनका बिजनेस हो जाएगा। तब सरकार उसको देखेगी और उसके हिसाब से पैसा ज्यादा देगी। आपको पता ही है कि भैंस का दाम आज आप लोग को पता ही होगा लगभग ₹1 लाख तक रुपया फन जाता है तो इसमें पैसा ज्यादा लगता है ना तो यह भी एक बड़ा बिजनेस हुआ है ना तो ऐसा दोस्तों बिजनेस जितना तगड़ा बिजनेस होगा जितना बड़ा बिजनेस होगा उसके हिसाब से उतना ही आपको ज्यादा पैसा मिलेगा ठीक है ना रोजगार शुरू करने के लिए अब तक ₹1 करोड़ 51
लाख महिलाओं को ₹10 ₹100 दिए गए हैं दोस्तों ठीक है ना मतलब कि इनका साफ-साफ कहना है कि ₹10 जिनको मिल चुका है यदि आप रोजगार को नहीं शुरू करते हैं तो आपको ₹ लाख तक रुपया का लाभ नहीं मिलेगा। आप रोजगार शुरू करिए। फ्री में थोड़ी ना आपको कोई पैसा देगा। आप रोजगार शुरू करिए। ठीक है ना? मंत्री सोमवार को पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्हें छठी बार इस विभाग की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा है कि राज्य में जीविका समूहों की संख्या 11 लाख 400 हो गई है। महिला सशक्तिकरण में बिहार ने देश भर में मॉडल
स्थापित किया है। महिलाओं के लिए विकास महिलाओं के विकास के लिए राज्य सरकार आगे भी निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने उन्होंने यह भी बताया है कि राज्य से श्रमिकों का श्रमिकों का पलायन पलायन पूरी तरह बंद करने के लिए मनरेगा को और प्रभावी बनाया जाएगा। अधिक से अधिक से अधिक श्रमिकों को काम दिया जाएगा। अब इस ये सही बात है। यदि कोई महिला रोजगार करती है और उस रोजगार को करने में दो-तीन आदमी की जरूरत अगर पड़ती है तो दो-तीन आदमी उसमें काम करेंगे। अब वही महिला उन दो-तीन आदमी को पगार देगी तो ऐसे बेरोजगारी कम कमी होगी जो बाहर लोग जाते होंगे कमाने वो नहीं जा पाएंगे अच्छा
मान लेते हैं कि कोई महिला है उनका पति कोई महिला है महिला वो पढ़ी लिखी नहीं है और उनका पति जो है वो बाहर में काम करते हैं कहीं फैक्ट्री में बाहर काम करते हैं और यदि वह महिला जीविका से जुड़ी हुई है 10 हजार उनको रुपया मिल गया अगर वह महिला किराना का दुकान कर ली या फिर सब्जी का दुकान कर ली या फिर गौपालन का दुकान कर ली बकरी पालन खोल ली तो उसमें वह अकेली नहीं कर पाएगी। उस बिजनेस को बड़ा करेगी ना तो उसमें एक दो और लोगों की जरूरत पड़ेगा। तो हो सकता है कि उसका पति उसके साथ हाथ बटाएगा तो मतलब कि इससे मुनाफा ज्यादा होगा तो बाहर लोग कम जाएंगे। अब उसका पति अपने बीवी के साथ घर रहेगा। सभी परिवार खुश रहेंगे। है ना? बाहर मतलब कि नहीं जाना पड़ेगा किसी को जल्दी। ठीक है ना? तो ये बहुत अच्छा है दोस्तों। ठीक है ना? और भी
दोस्तों एक और अपडेट आया है जो महिला नई-नई जीविका से जुड़ी हुई है। ध्यान से देखना इस अपडेट को। शहरी क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों से 13 लाख महिलाओं ने किया आवेदन। यानी कि दोस्तों एक और अपडेट आया है जो शहर की महिलाएं हैं ना वो 13 लाख नईनई ऐसी महिलाएं हैं जो कि जीविका में जुड़ने के लिए आवेदन की है। तो सरकार ने साफ तौर पर बोल दिया है कि 13 लाख महिलाओं ने आवेदन किया। यह सभी आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। जिनका जल्द ही सत्यापन शुरू होगा। सत्यापन पूरी होने के बाद जीविका समूह में इन्हें इन महिलाओं को शामिल किया जाएगा और इसके बाद उक्त योजना के अंतर्गत ₹10 ₹100 इनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे। यानी कि जो महिला शहर की हैं उनमें से
13 लाख महिला है ना जो नई-नई जीविका में जुड़ी हुई है। जब पता चला कि सरकार ₹10,000 दे रही है ना तो नई-नई जीविका से जुड़ गई है। अब जब नई-नई जीविका से जुड़ी है तो उनको भी दोस्तों पैसा मिलेगा और वो साफ तौर पर बता दिए कि अब जो नेक्स्ट आपका किस्त आने वाला है उसमें उन लोगों का पेमेंट आएगा। तो जो भी अब नया नया मतलब कि नया-नया जुड़ी है ना अब उन लोगों का भी पेमेंट आना शुरू हो चुका है।
दोस्तों, दिल्ली से 4300 कि.मी. दूर इथियोपिया में 12,000 साल बाद ज्वालामुखी फटा है। लेकिन इसकी राख दिल्ली तक पहुंची है। 23 नवंबर 2025 को इथियोपिया के अफार इलाके में हाईलीग गुबी ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ। यानी कि वोल्केनिक करप्शन हुआ। यह ज्वालामुखी इतने सालों से सोया हुआ था, लेकिन अब इसने आसमान में 14 कि.मी.
ऊंची राख की चादर बिछा दी है। कई तस्वीरें भी सामने आ रही हैं। वो भी हम आपको दिखाते चलेंगे। लेकिन इसके अचानक फटने की वजह क्या है? नुकसान क्या हुआ है? इस पर भी बात करेंगे। दोस्तों हाईली वो भी एक शील्ड ज्वालामुखी है जो कि इथियोपिया के अफार इलाके में है। अफार क्षेत्र को पृथ्वी का नर्क भी कहा जाता है क्योंकि यहां पर जो टेंपरेचर है वो 50° सेल्सियस तक पहुंच जाता है। यह पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट वैली का हिस्सा है। यहां पर पृथ्वी की जो टेक्टॉनिक
प्लेट्स हैं वो लगातार अलग होती रहती हैं। 23 नवंबर 2025 को भारत के समय के मुताबिक दोपहर 2:00 बजे यह ज्वालामुखी फटता है। रात का गोबार समुद्र तल से 14 कि.मी. ऊपर चला जाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले 12,000 साल में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है एक्टिव होने का। सैटेलाइट डाटा से पता चला है कि इसमें सल्फर डाइऑक्साइड यानी कि SO2 गैस की भारी मात्रा है। इसके 4300 कि.मी. दूर तक ट्रैवल करने की भी बड़ी वजह है। राख इतनी दूर पहुंचने की मेन वजह यह है कि यह वायुमंडलीय हवाओं की जेट स्ट्रीम की वजह से इतनी दूर तक पहुंचा है। आसान भाषा में बताएं तो जब ज्वालामुखी विस्फोट होता है तो उससे
राख बारीक कणों जैसे कि कांच और चट्टान के टुकड़े के रूप में निकलती है। ये 14 कि.मी. जितनी ऊंची हो जाती है जो कि स्ट्रेटोस्फीयर यानी कि जो ऊपरी वायुमंडल है उसमें पहुंच जाती है। यहां पर जेटस्ट्रीम नाम की हवाएं चलती हैं। 100 से 130 कि.मी. की प्रति घंटे की रफ्तार होती है इन हवाओं की और जो कि पश्चिम से पूर्व की ओर बहती रहती हैं और इसी वजह से यह इतनी दूर तक ट्रैवल भी कर पाया है। 23 नवंबर को रात लाल सागर पार करके यमन ओमान पहुंची। फिर अरब
प्रायद्वीप से पाकिस्तान होते हुए राजस्थान में घुसी। 24 नवंबर की रात 11:00 तक यह दिल्ली पर छा गई। सेटेलाइट मैप जैसे कि टुलूज़ वैग से पता चला है कि यह 15,000 से 45,000 फीट ऊंचाई पर बह रही है। अगर हवाएं ना होती तो राख बस 50 से 100 कि.मी. दूर जाकर गिरती। लेकिन हवाओं की वजह से यह इतना लंबा ट्रैवल करके आई है। ज्वालामुखी फटने से पहले एता अलय के नीचे 50 कि.मी. लंबी मैग्मा की दीवार जिसे मैग्मा डैम भी कहा जाता है, वह टूट गया था।
इससे घंटों पहले 4.7 रिक्टर स्टेल का भूकंप भी आया था। पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट में सुपर प्लूम यानी कि गर्म मैग्मा का विशाल गुबार का दबाव बढ़ रहा था जो कि प्लेटों के अलग होने से पैदा होता है। यह रिफ्ट वैली अफ्रीकी महाद्वीप को दो भागों में बांटने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है। स्थानीय प्रभाव की अगर बात करें तो राख पास के गांव अफेद्रा पर गिरी है। कोई मौत नहीं हुई है। लेकिन चरवाहों को चिंता है कि राख से चारागाह खराब हो जाएंगे और पशु बीमार पड़ जाएंगे। राखलाल सागर
पार करके यवन और ओमान की ओर बढ़ी। फिर पूर्व की ओर पाकिस्तान, उत्तरी भारत और फिर चाइना तक पहुंची है। भारत में कई उड़ाने रद्द हुई हैं। जैसे कि एयर इंडिया की मुंबई हैदराबाद और इंडिगो की कन्नूर अबू धाबी फ्लाइट रद्द कर दी गई। डीजीसीए ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि राख इंजन को नुकसान पहुंचा सकती है। आसमान में फैले राख की वजह से हवाई जहाजों को भी दिक्कत हो रही है। राख की वजह से दिल्ली जयपुर जैसे इलाकों में उड़ानों पर नजर रखी जा रही थी। वैज्ञानिकों ने हजारों साल बाद ज्वालामुखी
फटने की घटना को इस इलाके के इतिहास की सबसे असाधारण घटनाओं में से एक बताया है। ऐसी घटना जो सामान्य नहीं है। गल्फ न्यूज़ के मुताबिक विस्फोट के साथ बड़ी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड भी निकली है जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि अगर ज्वालामुखी अचानक ज्यादा SO2 छोड़ रहा है तो यह बताता है कि अंदर दबाव बढ़ रहा है। मैग्मा हिल रहा है और आगे और भी विस्फोट हो सकते हैं। यानी कि यह कोई पहला या आखिरी विस्फोट नहीं होगा। आने वाले वक्त में हो
सकता है कि यह यह जो ज्वालामुखी है एक बार फिर से फटे। रिस्चर्स अब हेलीगुबी को आने वाले वक्त में रिसर्च के लिए एक बहुत ही प्रॉमिनेंट जगह मान रहे हैं। वो यह समझने की कोशिश करेंगे कि हजारों साल शांत रहने के बाद यह ज्वालामुखी अब क्यों एक्टिव हुआ है। इस तरह के अध्ययन टेक्टोनिक रिफ्ट वाले इलाकों में स्थित शील्ड ज्वालामुखियों के व्यवहार के बारे में नए संकेत दे सकते हैं। यानी कि नए इनके बारे में पता चलेगा कि आखिर यह किस तरीके से फटते हैं। वैज्ञानिक जब ऐसे दुर्लभ विस्फोटों का अध्ययन करते हैं तो उन्हें यह समझने में मदद मिलती है उन ज्वालामुखियों का व्यवहार कैसा
होता है जो कि टेक्टॉनिक रिफ्ट यानी कि जहां पर धरती की प्लेटें अलग-अलग होती हैं वहां पर जब कोई ज्वालामुखी फड़ता है तो उसका जो रिएक्शन है वो कैसा होता है इसी के बारे में जानने की पूरी कोशिश की जाएगी। कई लोगों को दिल्ली की भी चिंता थी लेकिन फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। दिल्ली का एक्यूआई पहले से ही काफी खराब है। स्मोग है लेकिन यह राख स्ट्रेटोस्फीयर में है और जहां पर हवा साफ रहती है। आईएमडी के जो निदेशक हैं एम मोह पात्रा
उन्होंने कहा है कि नीचे यह नहीं उतरेगी। इसीलिए पीएम 2.5 या फिर पीएम 10 पर ज्यादा प्रभाव नहीं है। हां, आसमान धुंधला जरूर दिख सकता है। विज़िबिलिटी कम हो सकती है। सल्फर डाइऑक्साइड गैस बादल बनाकर बारिश ला सकती है जो कि प्रदूषण को धो दे। लंबे समय में SO2 एसिड रेन पैदा कर सकता है। लेकिन यहां पर मात्रा काफी कम है। कुल मिलाकर
स्थानीय प्रदूषण, कार्य और फैक्ट्रियों से ज्यादा खतरा यह ज्वालामुखी भी दिल्ली वालों के लिए पैदा अभी नहीं कर पाया है। इसीलिए चिंता की कोई बात नहीं है। फिलहाल के लिए मेरे साथ इस खबर में इतना ही। आप देखते रहिए स्टार डेली।
Realme लेकर आया है अपना नया Ultra Power, Ultra Speed वाला स्मार्टफोन… Ye hai – Realme Ultra! Ek aisa phone jo design me stylish… aur performance me bilkul zabardast!
1. Design & Display
Iska Ultra Premium Design dekh kar hi dil aa jata hai… Ultra slim body, glossy finishing aur haath me pakadte hi flagship wali feeling!
Aur saamne milti hai 6.7-inch ki Super AMOLED Ultra Display 120Hz refresh rate ke saath… Scrolling ho ya gaming — sab kuch butter smooth!
2. Performance
Realme Ultra me laga hai Ultra Speed Processor, jisse aap heavy gaming, multitasking, editing — sab kuch bina lag ke kar sakte hain. Aur RAM expansion technology ke saath phone aur bhi fast ho jata hai.
🔋 3. Battery & Charging
Battery ki tension? Bhool jao! Isme milti hai 6500mAh ki Ultra Battery Aur saath me Super Fast Charging, jo phone ko kuch hi minutes me 0 se 100 tak pohcha deti hai!
4. Camera Features
Realme Ultra ka camera bhi naam ke jaise… Ultra! 50MP Triple AI Camera ke saath aapko milti hain sharp photos, night mode, portrait shots aur 4K video recording. Selfie camera bhi bilkul crystal clear!
🎮5. Gaming & Special Features
Gaming lovers ke liye phone me milta hai Ultra Gaming Mode, jo frame rates ko stable rakhta hai, aur heating ko control karta hai. Saath hi milta hai in-display fingerprint, dual speakers, 5G support… sab kuch ultra!
✅ Closing
Toh dosto ye tha Realme Ultra Mobile ka full review. Agar aap power, camera, battery aur premium design sab kuch ek hi phone me chahte ho— toh Realme Ultra ek perfect choice ban sakta hai!
Chats achha laga ho to Share & Comment zaroor karein!
दोस्तों, अगर बात हो पावर, स्टाइल और रोड पर रॉयल एंट्री की… तो सिर्फ एक ही नाम दिमाग में आता है – Furchunar Car! एक ऐसी कार जो सिर्फ चलती नहीं… सड़कों पर राज करती है।
Exterior Shots
इसके दमदार फ्रंट ग्रिल, शार्प LED हेडलाइट्स, और शानदार बॉडी डिजाइन इस कार को बनाते हैं हर किसी की पहली पसंद। चाहे शहर की सड़क हो या पहाड़ की चढ़ाई… Furchunar हर जगह एक जैसा लाजवाब परफॉर्मेंस देती है।
Interior Shots
अब बात करते हैं इसके लग्जरी इंटीरियर की। अंदर बैठते ही मिलता है एक प्रीमियम फील – ✨ Soft-touch dashboard ✨ Leather seats ✨ Big touchscreen display ✨ और शानदार comfort… लंबी यात्रा हो या छोटा सफर… सफर कभी थकाएगा नहीं।
Engine & Power Shots
Furchunar का दमदार इंजन देता है बेस्ट-इन-क्लास पावर और टॉर्क। ऑफ-रोड, हाईवे, या खराब रास्ते – जहाँ बाकी गाड़ियाँ रुक जाती हैं… वहीं से Furchunar आगे बढ़ती है!
Safety Features Shots
सुरक्षा में भी यह किसी से कम नहीं— ✔️ Multiple Airbags ✔️ ABS + EBD ✔️ Hill Assist ✔️ Vehicle Stability Control ✔️ Rear Camera हर यात्रा को बनाती है 100% सुरक्षित।
Ending Shots – Driving Clips
तो दोस्तों, अगर आप भी चाहते हैं एक रॉयल लुक, दमदार पावर और लग्जरी का जबरदस्त कॉम्बिनेशन… तो Furchunar आपके लिए है परफेक्ट चॉइस! ये सिर्फ एक कार नहीं… ये है आपकी स्टाइल और स्टेटस की पहचान। धन्यवाद 💐
ट्रंप जिनपिंग के बीच लंबी बातचीत ब्रेक करिए। यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप शी की ने बातचीत की है। यूक्रेन युद्ध खत्म करवाने की लगातार कोशिश। अब आपको रूस यूक्रेन युद्ध का ताजा कूटनीतिक अपडेट दे देते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रूस यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए 28
पॉइंट का शांति समझौता वाला प्रस्ताव ला चुके हैं। अब जवाब में यूरोप ने 28 पॉइंट का ही शांति समझौता पेश किया है। वैसे इन दोनों ही शांति समझौतों में बड़ा विरोधाभास और यह विरोधाभास बताता है कि रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों और अमेरिका में ही अब ठंड सी गई है। इसे कुछ उदाहरण से समझाते हैं।
जैसे कि ट्रंप के प्रस्ताव में यह लिखा है कि यूक्रेन को शांति के लिए डोनेस क्लहस खेसोन और जेपुरजिया को छेड़ना छोड़ना होगा। जबकि यूरोप के शांति प्रस्ताव में लिखा है कि रूस को यूक्रेन की 1 इंच भी जमीन नहीं दी जाएगी। ट्रंप के प्रस्ताव में लिखा है कि यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियार प्रणाली छोड़ने होगी। जबकि यूरोप के शांति प्रस्ताव में लिखा है कि यूक्रेन की सैन्य क्षमता पर
पाबंदी भी मंजूर नहीं है। ट्रंप के प्रस्ताव में लिखा है कि यूक्रेन कभी नाटो का सदस्य नहीं बनेगा। नाटो का विस्तार नहीं होगा। जबकि यूरोप के शांति प्रस्ताव में लिखा है कि नेटो के विस्तार को रोकने की शर्त मंजूर नहीं है। ट्रंप के प्रस्ताव में लिखा है कि यूक्रेन को सेना भी बहुत कम करनी होगी। जबकि यूरोप के शांति प्रस्ताव में
साफ लिखा है कि पहले सीज फायर पर बात होगी। बाद में इन सब बातों पर गौर किया जाएगा। यानी जंग रुकेगी नहीं। अब और भड़केगी। नया खेमा बन सकता है जिसमें पुतिन और ट्रंप यूरोप के खिलाफ ही हाथ मिला सकते
नमस्कार दोस्तों, जिन जीविका दीदियों के खाते में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का ₹10,000 पैसा आ चुका है, उन जीविका दीदियों के लिए एक बहुत ही बुरी खबर है। इस बुरी खबर के बारे में हम आपको बताने वाले हैं। यह बुरी खबर दोस्तों सरकार की ओर से नहीं भेजी गई है। बल्कि समाज में कुछ ऐसे लोग हैं
जिनको इस योजना का लाभ महिलाओं महिलाएं ले रही है ना तो उनको देखा नहीं जा रहा है। तरह-तरह के फेक न्यूज़ बनाकर महिलाओं को गुमराह कर रहे हैं। महिलाओं को डरा रहे हैं और समाज में झूठी अफवाएं फैला रहे हैं। तो इस सब से आपको दूर रहना है। मैं आपको हमेशा बताता हूं कि हम अपने Blog पर
जीविका से संबंधित हर चीज का अपडेट एकदम सही-सही डालेंगे और सही न्यूज़ डालेंगे। जिसका पैसा नहीं आएगा उसका पैसा मंगाने की कोशिश करेंगे। जिसको जहां भी प्रॉब्लम होगा उस प्रॉब्लम को हम लोग सशन करते हैं ना कि किसी को डराते हैं। तो आप लोगों को चिंता नहीं करना है।
हम आपका अगर ₹10,000 आ चुका है तो ₹2 लाख तक रुपया मंगवाने में हेल्प करेंगे और ₹10,000 नहीं आया है तो वो पैसा मंगवाने में हेल्प करेंगे क्योंकि अगला किस्त 28 नवंबर को आने वाला है। उस दिन आप सभी का पेमेंट आ जाएगा। ठीक है? देखिए मतलब ना समाज में कैसे लोग ना ये मतलब ना ये
मतलब ऐसे लिख लिखकर आर्टिकल झूठी खबर फैला रहे हैं। हम Facebook पर दोस्तों हम देखते हैं ना बहुत लोग Facebook पर ना ऐसे झूठी अफवाह फैला रहे हैं और इसी को लोग लाइक कर रहे हैं। लाइक वही लोग करते हैं जो लोग ना इसके सपोर्ट करते हैं और महिलाओं को देखना नहीं चाहते हैं कि महिलाओं को ₹10000 मिल रहा है रोजगार करने के लिए आत्मनिर्भर बनने के लिए वही लोग ऐसे काम करते हैं। तो एकदम
फेक न्यूज़ है। इसके बारे में आप लोग को सोचना नहीं है। ठीक है ना? सरकार इसके बारे में कोई नोटिस नहीं दिया है। जबकि पीएम, सीएम सब कोई बोल ही दिया है कि आपको ये पैसा लौटाने लौटाना नहीं है। तो लोग बोल रहे हैं कि बैंक वाले ने नोटिस जारी कर दिया। पैसा लौटाना पड़ेगा तो ये होगा ये होगा कुछ नहीं होगा। देखिए कैसे कोई कोई ऐसे मतलब ना मतलब ना घिनौना करने वाले जो नहीं लोग होते हैं गंदगी समाज में फैलाते
हैं उन लोगों का सोच क्या है और कैसे महिलाओं को भड़का रहे हैं जरा सा एक बार इसको पढ़ लीजिए देखिए बिहार में जिन लोगों को ₹10000 मिले थे उन लोगों को बंधन बैंक ने नोटिस जारी किया है कि कि वे अपनी पहली किस्त जल्दी जमा कराए नहीं तो पेनल्टी भुगतनी पड़ेगी। पेनल्टी का मतलब होता है कि जो पैसा आपके खाते में आया है यदि उस खा उस उस पैसा को आप अगर बैंक को नहीं जमा करोगे तो आपको शुद्ध ब्याज के तहत आप बैंक वाला जबरदस्ती आपसे वसूली करेगा। इसका मतलब हुआ पेनल्टी का जबकि पूरा का
पूरा दोस्तों झूठ है। देखिए यह राशि बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दी गई थी। जिसमें 75 लाख से अधिक महिलाओं को ₹10,000 की आर्थिक सहायता मिली मिली थी। बैंक द्वारा नोटिस भेजा गया है कि यह यह राशि ईएमआई किस्त के रूप में जमा करनी होगी और यदि यदि किस्त समय पर नहीं भरी गई तो पेनल्टी वसूलने के लिए कारवाई संभव है। कुछ खबरों में यह भी बताया गया है कि किस्त ना भरने पर सिविल स्कोर डाउन हो सकता है और भविष्य में लोन लेने में
कठिनाई हो सकती है। यह कदम बैंक की सामान्य नीति के अनुसार है। जहां लोन या किसी राशि की ईएमआई समय पर ना भरने पर बैंक पेनल्टी चार्ज वसूलते हैं। हालांकि आरबीआई ने पेनल्टी के प्रति कुछ नई गाइडलाइंस भी जारी की है जिसमें पेनल्टी को ब्याज के रूप में जोड़ने पर रोक लगाई गई है। संक्षेप में जिन्होंने
बिहार के बिहार में ₹100 की रुपए लोन के रूप में लिए हैं उनकी पहली किस्त जल्द जमा करानी होगी। नहीं तो पेनाल्टी या अन्य कारवाई हो सकती है। यह सचेत रहने की बात है। लेट पेमेंट या डिफॉल्ट से वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यदि ऐसा कुछ होता तो आपके हर दोस्तों कर्मचारी हर अधिकारी के
पीएमसीएम हर कोई अपने ऑफिशियल Twitter पर Facebook पर Instagram पर YouTube पर हर जगह डालता और वो नोटिस बनकर आता है। ऐसे बनकर थोड़ी ना आता है। Facebook पर लोग डाल देते हैं। ऊपर फोटो लगा देते हैं और बीचों में यह लिख देते हैं। फोटो में बना देते हैं कि सभी महिलाओं को पैसा वापस करना होगा। वापस करना होगा और इसमें ये लिख देते हैं और लोग पढ़ते हैं तो टेंशन हो जाता है।
इधर उधर उस फोटो को वीडियो को शेयर करने लगते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है दोस्तों। है ना? ये एकदम पूरा का पूरा फर्जी है दोस्तों। पूरा का पूरा फर्जी है। आपको पता ही होगा कोई भी योजना जारी होता है। कोई भी पैसा अगर आपके अकाउंट में आता है तो सरकार खुद पहले बताती है कि कल हम पैसा जारी करेंगे। आज पैसा जारी करेंगे। 28 नवंबर को पैसा आने
वाला है तो क्या सरकार ने उसके लिए डेट नहीं निकाला है? निकाला है ना? तो क्या यह पेनाल्टी आपको वापस देना होगा? इसके लिए सरकार ने कोई डेट निकाला है? सरकार ने कोई इसके बारे में आपको सूचना दिया है? नहीं दिया है ना? तो फिर ये उन्हीं लोगों का सोच है जिनको सरकार बनी है तो उन लोगों से देखा नहीं जाता है। या फिर आप लोगों के प्रति उन लोगों के प्रति कुछ अलग ही मतलब ना व्यवहार चल रहा होगा। कुछ अलग ही उन लोगों का सोच होगा कि आप लोग क्यों आगे बढ़ रहे हैं। आप लोग घर में रोटी-वोटी बेलिए, बर्तन
समझिए। आगे मत करिए। इन लोगों का यही सोच होगा और कोई सोच नहीं होगा। ठीक है? बस मैं आप लोगों का सपोर्ट करना चाहता हूं। आप लोग आत्मनिर्भर बनिए। आप लोग भी तो दिखाओ कि समाज में महिलाएं क्या कर सकती है। मर्द जैसा वो भी काम कर सकती है। वो भी अपने घर का खर्चा चला सकती है। बाल बच्चों को पढ़ा सकती है। वो भी कुछ कर सकती है। आपको मैंने एग्जांपल दिया था ना जमुई या फिर अरबल जिला की अररिया जिला की कोई महिला है
जिन्होंने मद का बिजनेस करके 2022-23 से ही 4 करोड़ का पैसा कमा लिए हैं। 4 करोड़ कमा लिए हैं। दोस्तों बहुत लोग हैं ऐसे बहुत महिलाएं हैं जो इसी से जुड़कर बहुत कुछ कर लिए हैं। इतना पैसा वह महिलाएं कमा ली है ना कि मर्द को कमाने के लिए चार जन्म लग जाएगा। है ना? तो आप लोग इसके बारे में बिल्कुल मत सोचना। यह सब अफवाह है। ठीक है? हम आपको बिल्कुल रियल जानकारी देंगे। हमारे साथ आप लोग बने रहिएगा। ठीक है?
ऐसा लड़का जिसने 12 साल की उम्र में पिता को खो दिया। इतनी सी उम्र में पूरे घर का बोझ उसके कंधों पर आ गया। कैसे उसने इतनी गरीबी से करोड़ों का साम्राज्य बनाया। तो चलिए जानते हैं अमन की कहानी। छोटे से गांव से लेकर करोड़ों की सफलता तक की यात्रा। बिहार के छोटे से गांव में अमन नाम का लड़का रहता था। उसके पिता एक साधारण किसान थे जो दिन रात
मेहनत करते हुए भी अच्छे पैसे नहीं कमा पा रहे थे। अमन की मां दूसरों के घर में काम करके कुछ रुपए कमाती थी। घर में तीन बच्चे थे और अमन सबसे बड़ा था। अमन की उम्र बस 11 साल की थी जब एक दिन उसके पिता खेत से घर लौटे और अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। गांव में अच्छा इलाज नहीं था और उसी रात अमन के पिता का निधन हो गया। घर में मातम का
माहौल था। अमन की मां ने रोते हुए कहा, “अमन, तू ही अब घर का सहारा है। बेटा।” अमन की आंखों में आंसू थे लेकिन उसके दिल में एक अजीब सी आग जल रही थी। उसने अपनी मां से कहा मां मैं पढ़ाई नहीं करूंगा। अब मुझे कोई अच्छा सा काम करना है। पर अमन की मां ने मना कर दिया। नहीं बेटा पढ़ाई मत छोड़ना। मैं दिन रात काम करूंगी और घर संभाल लूंगी। लेकिन अमन जानता था कि सिर्फ मां की मेहनत से घर नहीं
चल सकता। वो अक्सर यह सोचा करता अगर मैं कुछ अच्छा कर पाऊं तो शायद मां की तकलीफें कम हो जाए। एक दिन उसने गांव के किसी व्यक्ति से सुना कि दिल्ली में काम आसानी से मिल जाता है। बस उसी पल उसने फैसला कर लिया। उसने गांव के एक आदमी से कुछ रुपए उधार लिए। छोटे से बैग में दो जोड़े कपड़े डाले और ट्रेन पकड़ ली। जब वो अपने घर से निकला तो मां की आंखों में आंसू थे। मां बार-बार बस एक ही बात कह रही थी। जल्दी लौट आना बेटा। और अमन ने
मुस्कुराते हुए कहा, “मां जब लौटूंगा ना, तो सारी मुश्किलें खत्म हो जाएंगी।” दिल्ली पहुंचकर अमन के सपनों से ज्यादा परेशानियां उसका इंतजार कर रही थी। ना कोई ठिकाना, ना जान पहचान। रात को उसे स्टेशन पर ही सोना पड़ा। जब सुबह उठा, तो जेब में केवल ₹10 बचे थे। भूख लगी थी लेकिन उसने अपने आप से कहा, “अगर अगर यह ₹10 भी खर्च कर दिए, तो कल क्या करूंगा?” वो स्टेशन के पास घूमने लगा। तभी उसने देखा कि लोग हर जगह चाय पी रहे हैं। अमन सोचने लगा अगर यहां इतनी भीड़ है तो क्यों ना मैं भी चाय
बेचने का काम शुरू करूं। उसने आसपास के चाय वालों से पूछा। भैया अच्छी चाय कैसे बनाते हैं? दुकानदार ने हंसकर कहा, “अबे बच्चे, यह कोई मजाक नहीं है।” अमन बोला, “भैया, जरूरत है। सीखना चाहता हूं।” उस दिन अमन ने ₹10 में चीनी, थोड़ी चाय पत्ती और हल्का दूध खरीदा। उसने किसी से टूटा हुआ बर्तन मांगा और उसी में पहली बार चाय बनाई। पहली बार चाय बनाते समय अमन का हाथ जल गया। दूसरी बार उसकी चाय में नमक पड़ गया। लेकिन तीसरी बार अच्छी चाय बनी। मीठी चाय बनी। उसने किसी चाय वाले से पुरानी केतली मांगी और स्टेशन पर निकल पड़ा। गरम चाय, गरम
चाय। पहले ग्राहक ने चाय पी और अमन को ₹3 दिए। अमन की आंखों में ऐसी चमक आई जैसे उसने करोड़ों रुपए कमा लिए हो। शुरुआत के दिन आसान नहीं थे। कभी दूध कम पड़ जाता, कभी चाय जल जाती। कभी अमन पूरे दिन में सिर्फ ₹30 ही कमा पाता था। रात को स्टेशन पर ही सोना पड़ता था। एक दिन बरसात में भीगते हुए उसने अपने आप से कहा, शायद मैंने गलती कर दी। उसने घर फोन किया। मां ने पूछा तू कैसा है अमन? अमन ने झूठी मुस्कान के साथ कहा, बहुत अच्छा हूं मां तू फिक्र मत करना। लेकिन फोन रखने के बाद उसकी आंखों में आंसू थे। उस रात अमन ने अपने आप से वादा किया मैं हार नहीं मानूंगा। जो भी हो मैं
सफल बनकर दिखाऊंगा। धीरे-धीरे लोग अमन को पहचानने लगे। स्टेशन के यात्री कहते अरे वो मुस्कुराने वाला चाय वाला आ गया। अमन हमेशा हर ग्राहक से मुस्कुरा कर बोलता धन्यवाद सर। फिर आइएगा। लोगों को उसका व्यवहार अच्छा लगता। कुछ महीनों बाद एक ऑफिस के कर्मचारी ने उससे कहा, “अरे भाई, रोज हमारे ऑफिस में आकर चाय दे दिया कर। हम रोज तुझे पैसे दे देंगे।” यह अमन के लिए एक अच्छा मौका था। अब उसकी रोज की कमाई ₹200 ₹300 तक आ गई थी। उसने छोटा सा कमरा किराए पर लिया और चाय
बेचने के लिए स्टॉल भी खरीदा। लेकिन अमन इस चीज से अनजान था कि एक बहुत बड़ा मौका उसका इंतजार कर रहा है। एक दिन बड़ी कंपनी का ड्राइवर अमन के यहां चाय पीने आया। उसने अमन की चाय पी और उससे बोला साहब कह रहे हैं कि तुम बहुत अच्छी चाय बनाते हो। वो तुमसे मिलना चाहते हैं। अमन कुछ घबराया लेकिन वो हिम्मत जुटाकर मिलने चला गया। साहब ने पूछा अरे बेटा तुम कहां से हो? अमन ने सब कुछ ईमानदारी से बता दिया। साहब बोले वाह तुम बहुत हिम्मत वाले लड़के हो बेटा। मैं तुम्हारी मदद करना
चाहता हूं। मैं बड़ी कंपनी चलाता हूं। तुम मेरी कंपनी में आकर अपनी चाय बेचो। रोज तुम्हें 200 आदमियों के लिए दो टाइम चाय बनानी है। अमन को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। 200 लोगों के लिए रोज दो वक्त चाय बनाना। अमन के लिए यह किसी सपने की तरह था। अमन ने हां कह दी। उसने दो लड़के रखे, बड़े बर्तन खरीदे और पूरी मेहनत से काम शुरू किया। धीरे-धीरे उसके पास और भी कंपनियों के ऑर्डर आने लगे। अब अमन अपने आप को एक बिजनेसमैन की तरह देखने लगा। उसने अपने काम का नाम रखा अमन टी सर्विस।
2 साल बाद अमन ने एक बड़ी दुकान खोली। अब उसके साथ 10 लोग काम करते थे। वो सिर्फ चाय नहीं बल्कि नाश्ता भी बेचने लगा। एक दिन अमन को नया आईडिया आया। क्यों ना मैं अपनी चाय को पैकेट में बेचना शुरू करूं। उसने मार्केट रिसर्च की और पाया कि लोग अपने घर के लिए अच्छी क्वालिटी की चाय ढूंढते हैं। अमन ने एक मशीन खरीदी और अपनी चाय को नाम दिया अमन स्पेशल टी। धीरे-धीरे उसकी पैकेट वाली चाय लोगों के बीच मशहूर हो गई। एक दिन बड़े मॉल के मैनेजर ने अमन से बात की और उससे कहा, “हें हर महीने
5,000 पैकेट चाहिए।” अमन को यकीन नहीं हुआ। उसने तुरंत छोटी सी फैक्ट्री का इंतजाम किया और 50 लोगों को नौकरी दी। अब उसकी हर महीने की कमाई 10 लाख तक पहुंच गई थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। लेकिन उसी वक्त अमन की मां की तबीयत अचानक खराब हो गई। डॉक्टर्स ने कहा ऑपरेशन करना पड़ेगा और ₹1 लाख लगेंगे। अमन के पास इतने पैसे नहीं थे। सारे पैसे उसने बिजनेस में लगा दिए थे। उसने अपनी कुछ मशीनें बेची और मां का इलाज कराया। जब मां का ऑपरेशन हो गया तो अमन ने उन्हें दिल्ली बुला लिया। जब अमन की मां ने उसकी फैक्ट्री देखी तो उनकी
आंखों से आंसू बह निकले। आज अमन 28 साल का है और उसकी कंपनी अमन टी कॉरपोरेशन का हर साल का टर्नओवर 20 करोड़ है। तीन फैक्ट्रियों में 300 से अधिक वर्कर्स हैं। अब अमन की चाय 12 राज्यों में बिकती है और उसने ऑनलाइन बिजनेस भी शुरू कर दिया है। लेकिन आज भी जब वो अपनी फैक्ट्री में जाता है तो सबसे पहले खुद चाय बनाता है और यह कहता है कि यह चाय मुझे याद दिलाती है कि मैं कहां से आया था। पिछले साल अमन जब अपने गांव लौटा तो गांव वालों को यकीन नहीं हुआ कि यह वही लड़का है जो
कभी हमसे कुछ रुपए उधार लेकर गया था। दोस्तों जब आप अगली बार चाय पिए तो अमन की कहानी जरूर याद कीजिएगा क्योंकि जब एक गरीब लड़का ₹10 से शुरुआत करके करोड़ों तक पहुंच सकता है तो आप भी अपने सपने पूरे कर सकते हैं। हर बड़ी सफलता की शुरुआत सिर्फ एक ही कदम से होती है। बस आपको जरूरत है हिम्मत की, खुद पर विश्वास की और अटूट मेहनत की। और हां अगर आपको यह कहानी पसंद आई है तो आपको यह दूसरी कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।
नमस्कार दोस्तो! आज मैं लेकर आया हूँ एक ऐसी कार, जिसे देखते ही आपके मुँह से सिर्फ एक ही शब्द निकलेगा — “रॉयल!” चलिए जानते हैं इस Royal Car की पूरी कहानी।
🚗 DESIGN –
दोस्तो, Royal Car की डिजाइन की बात ही अलग है। लंबा बॉडी स्ट्रक्चर, शार्प हेडलाइट्स और दमदार ग्रिल— इसे सड़कों पर चलाते ही आपका रुतबा खुद-ब-खुद बढ़ जाता है। इसके प्रीमियम मेटल फिनिश और ग्लॉसी टच इसे सच में एक रॉयल फील देते हैं।
ENGINE & PERFORMANCE –
अब बात करते हैं इसकी ताकत की— Royal Car में दिया गया है एक पावरफुल इंजन, जो हाईवे पर भी आपको एकदम स्मूथ और स्टेबल ड्राइविंग एक्सपीरियंस देता है। चाहे पहाड़ हों या खराब सड़क, यह कार हर जगह अपनी पकड़ बनाए रखती है।
INTERIOR –
अब चलते हैं अंदर की तरफ— Royal Car का इंटरियर बिल्कुल लग्ज़री क्लास का है। आरामदायक सीटें, बड़ा टच डिस्प्ले, और प्रीमियम फिनिश वाला डैशबोर्ड— सब कुछ आपको VIP जैसा एहसास दिलाता है। लंबी यात्रा में भी थकान महसूस नहीं होती।
FEATURES –
फीचर्स की बात करें तो इसमें मिलता है— • स्मार्ट डिस्प्ले • क्लाइमेट कंट्रोल • प्रीमियम साउंड सिस्टम • पावरफुल हेडलाइट्स • सेफ्टी के लिए एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम यह सब मिलकर इसे बनाते हैं एक फुल कम्फर्ट + फुल कंट्रोल कार।
🛡️SAFETY –
सेफ्टी में भी कोई कमी नहीं— Royal Car में दिए गए हैं मल्टीपल एयरबैग, एबीएस, और मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर, जो आपको और आपके परिवार को हर स्थिति में सुरक्षित रखता है।
💰VERDICT –
अगर आप ऐसी कार चाहते हैं जो दिखने में रॉयल हो, चलाने में पावरफुल हो, और आराम में अपने क्लास की बादशाह हो— तो दोस्त, Royal Car आपके लिए ही बनी है।
OUTRO –
अगर आपको हमारी यह Royal Car की पसंद आई हो तो शेयर जरूर करे, और कमेंट में बताइए— आप कौन-सी कार का रिव्यू अगली बार देखना चाहेंगे।
नमस्कार दोस्तो! आज हम बात करेंगे नए Oppo K13 5G के बारे में—एक ऐसा स्मार्टफोन जो स्टाइल और पावर को एक साथ लेकर आता है। चलिए, जानते हैं इसकी पूरी डिटेल!
DESIGN & DISPLAY
visuals) सबसे पहले बात करते हैं इसके डिज़ाइन की। Oppo K13 5G एक स्लिम और प्रीमियम लुक के साथ आता है। फोन में है एक 6.5 इंच का FHD+ डिस्प्ले, जो देता है आपको स्मूद स्क्रॉलिंग और बेहतरीन कलर क्वालिटी।
PERFORMANCE
परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें दिया गया है एक 5G सपोर्टेड पावरफुल प्रोसेसर, जो मल्टीटास्किंग, गेमिंग और रोज़मर्रा के काम को बनाता है बिलकुल आसान। साथ ही हैं 6GB / 8GB RAM और तेज़ UFS स्टोरेज, जो फोन को और भी स्पीड देता है।
CAMERA
अब चलते हैं कैमरा सेक्शन की ओर— Oppo K13 5G में आपको मिलता है डुअल/ट्रिपल कैमरा सेटअप, जिससे फ़ोटो और वीडियो आते हैं काफ़ी शार्प और क्लियर। फ्रंट कैमरा भी देता है बेहतरीन सेल्फ़ी परफॉर्मेंस, जिससे सोशल मीडिया कंटेंट और भी शानदार बनता है।
🔋BATTERY & CHARGING
(Charging animation) बैटरी की बात करें तो इसमें है 7300mAh की पावरफुल बैटरी, जो आसानी से पूरा दिन निकाल सकती है। साथ ही मिलता है फास्ट चार्जिंग सपोर्ट, जिससे फोन जल्दी चार्ज होकर फिर से तैयार!
PRICE & VERDICT
अगर आप एक स्टाइलिश, तेज़ और 5G सपोर्ट वाला बजट फोन ढूंढ रहे हैं, तो Oppo K13 5G एक बढ़िया ऑप्शन हो सकता है। यह फोन खासकर उन लोगों के लिए है जो कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस तीनों में बैलेंस चाहते हैं।
OUTRO
तो दोस्तो, ये थी Oppo K13 5G की पूरी जानकारी। अगर आपको यह सुझाव अच्छी लगी हो, तो शेयर करना न भूलें।— धन्यवाद! 🙏📱
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