Welcome Gues हमारे Star Daily Website में, जहां हम बात करते हैं जिंदगी से जुड़ी असली बातों की, प्यार, रिश्ते और कम्युनिकेशन यानी बातचीत की कला पर। आज का टॉपिक बहुत ज्यादा डिमांड में है। लड़की से बात कैसे करें और उसे इंप्रेस कैसे करें? अक्सर लड़कों को यह समझ नहीं आता कि किसी अनजान लड़की से बातचीत की शुरुआत कैसे करें? क्या कहें, कैसे इंप्रेस करें और कैसे एक पॉजिटिव छाप छोड़ें? अगर आप भी यही सोचते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए है। चलिए शुरू करते हैं। आसान और सच्ची बातें बिना झूठ और दिखावे के। किसी भी लड़की से बात करने से पहले आपकी सोच
सही होनी चाहिए। आपका इरादा साफ होना चाहिए। ना कि फ्लर्ट करने का, ना टाइम पास का बल्कि एक अच्छा इंसान बनकर उसे जानने का। जब आप किसी लड़की को एक इंसान की तरह समझते हैं ना कि सिर्फ एक टारगेट तब आप बिना डर या झिंझक के बात कर पाते हैं। पहले खुद से पूछिए क्या मैं वाकई उसे जानना चाहता हूं या सिर्फ उसे इंप्रेस करना चाहता हूं। अगर जवाब साफ है तो आगे बढ़िए। किसी अनजान लड़की से बात शुरू करना थोड़ा मुश्किल लग सकता है। लेकिन कुछ सिंपल
और नेचुरल तरीकों से आप आसानी से शुरू कर सकते हैं। एन कॉमन टॉपिक खोजिए। कॉलेज या क्लास का कोई विषय, कोई जगह, किताब, मूवी, सोशल मीडिया पर, उसकी कोई पोस्ट उदाहरण। तुमने जो मूवी स्टोरी शेयर की थी, वह मुझे भी पसंद है। क्या तुमने उसका सीक्वल देखा?सीधा हाय बोलना भी चलता है। हाय, मेरा नाम राहुल है। क्या हम बात कर सकते हैं? मुझे तुमसे कुछ सीखने का मन है।
इसमें ईमानदारी और विनम्रता होनी चाहिए। थ्री कॉम्प्लीमेंट देना लेकिन ज्यादा नहीं। तुम्हारा बात करने का तरीका बहुत अच्छा है या तुम्हारा आर्ट वर्क देखा काफी क्रिएटिव है। याद रखें झूठा या ओवर कॉम्प्लीमेंट कभी मत कीजिए। बातचीत शुरू करने के बाद उसे बनाए रखना और लड़की को सहज महसूस कराना सबसे जरूरी है। सुनना सीखिए बी अ गुड लिसनर। जब वो कुछ बोले बीच में मत काटिए। ध्यान से सुनिए। रिएक्ट कीजिए। टू इंटरेस्टिंग। लेकिन
सिंपल सवाल पूछिए। तुम्हारा फ्री टाइम कैसे बीतता है?तुम्हें सबसे ज्यादा क्या मोटिवेट करता है? अगर तुम एक हफ्ते छुट्टी पर जा सको तो कहां जाओगे? इससे उसे लगेगा कि आप सिर्फ दिखावे में नहीं बल्कि दिलचस्पी ले रहे हैं। ह्यूमर का इस्तेमाल करें। थोड़ा सा हंसाना, थोड़ा सा हंसना बातचीत को फ्रेश बनाता है। लेकिन मजाक की एक सीमा होनी चाहिए। किसी की शक्ल, कपड़ों या निजी चीजों का मजाक ना उड़ाएं। चौथा चरण लड़की को कैसे इंप्रेस करें? अब बात आती है इंप्रेस
करने की। तो ध्यान रहे इंप्रेस करना मतलब दिखावा नहीं बल्कि खुद को सच्चे तरीके से प्रेजेंट करना है। कॉन्फिडेंस जरूरी है। ओवर कॉन्फिडेंस नहीं। सीधा और खुलकर बात करें। नजरें चुराएं नहीं लेकिन घरे भी नहीं। कॉन्फिडेंस आता है जब आप अपने बारे में क्लियर होते हैं। तो अपने शौक और टैलेंट शेयर करें। लड़कियों को ऐसे लड़के पसंद आते हैं जिनका कोई पैशन हो। जैसे म्यूजिक, पेंटिंग, क्रिकेट, पढ़ाई या कोई स्किल। बिना घमंड के कैजुअली शेयर कीजिए कि आप क्या पसंद करते हैं। रिस्पेक्ट दें। शब्दों और व्यवहार में।
उसकी राय को महत्व दें। उसकी बात को टालें। नहीं डिसीजन लेने में बराबरी दें। लड़कियां उन लड़कों से इंप्रेस होती हैं जो इज्जत देना जानते हैं। पांचवा चरण बातचीत में यह गलतियां कभी ना करें। ज्यादा बार मैसेज करना, कॉल करना, बहुत जल्दी आई लव यू। कह देना, उसके कपड़ों या शरीर पर फोकस करना, जलन दिखाना या उस पर हक जताना, अपनी ही तारीफें करते रहना। यह सब बातें आपको नीडी, इमैच्योर और अजीब बना सकती हैं। छठा चरण अगर वह बात में रुचि ना ले तो हो
सकता है लड़की बात करने में ज्यादा दिलचस्पी ना दिखाएं। ऐसे में आप उसे स्पेस दें, बार-बार कोशिश ना करें। नो का मतलब नो समझें। किसी की मर्जी का सम्मान करना सबसे बड़ा इंप्रेशन होता है। सातवां चरण लड़की से दोस्ती गहरी कैसे करें? जब आप धीरे-धीरे दोस्त बनते जाते हैं तो आपके रिश्ते में गहराई आने लगती है। इसके लिए लगातार लेकिन सीमित बातचीत करें। उसे समझें, जज ना करें। जरूरत के समय उसकी मदद करें। जब वह उदास हो, उसका मन हल्का करें। उसे उसकी खूबियां बताएं। गहराई एक दिन में नहीं आती। उसे कमाना पड़ता है। आठवां चरण अगर आपको फीलिंग्स आ जाए तो अगर आप उसे पसंद करने लगते हैं तो जल्दबाजी ना करें। पहले
उसे थोड़ा और जाने। फिर एक दिन ईमानदारी से कहिए मैं तुम्हें पसंद करता हूं। लेकिन मैं चाहता हूं कि तुम सहज महसूस करो। अगर तुम्हें मेरी बात गलत लगे तो कोई बात नहीं। मैं दोस्त रहकर भी खुश हूं। ऐसा कहने से वह आपकी मैच्योरिटी और फीलिंग्स दोनों को
समझेगी। तो दोस्तों, लड़की से बात करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। जरूरत है सच्चाई की इज्जत की और सही नियत की। जब आप किसी लड़की से बिना फालतू इरादों के दिल से और समझदारी से बात करते हैं तो वह आपके
व्यवहार से जरूर इंप्रेस होती है। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी तो जरूर शेयर करें
स्वागत है आपको हमारे इस बेहद दिलचस्प कहानी में, जिसका है लड़की को जोश कब आता है? पुरुष एक बार जरूर देखें।
आज हम बात करेंगे उन खास पलों की, जब किसी भी महिला के मन में शारीरिक और मानसिक जोश अपने चरम पर होता है। क्यों आता है यह जोश? कौन सी बातें इसे और बढ़ा देती हैं? कौन सी गलती पुरुष कर देते हैं जिससे लड़की का मूड खराब हो जाता है? वीडियो पूरा जरूर देखें। आपको ऐसे सीक्रेट्स पता चलेंगे जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे। तो चलिए शुरू करते हैं। सबसे पहले हमें समझना होगा कि एक लड़की या महिला के अंदर जोश या उत्साह केवल फिजिकल इच्छा से जुड़ा नहीं होता। उसके पीछे उसकी भावनाएं, मूड,
परिस्थितियां और उसके पार्टनर का व्यवहार बहुत बड़ा रोल निभाता है। महिला का शरीर पुरुष के मुकाबले बहुत ज्यादा सेंसिटिव होता है। उसे माहौल, खुशबू, बातें, स्पर्श सब कुछ महसूस होता है। जब माहौल सही होता है, लड़की अपने पार्टनर के साथ कनेक्ट फील करती है, तब उसमें नेचुरली एक जोश जागता है। वैसे तो हर लड़की अलग होती है। लेकिन आमतौर पर देखा गया है कि 20 से 25 साल की उम्र में। इस उम्र में लड़कियां नई-नई चीजें एक्सप्लोर करना चाहती हैं। उनमें जिज्ञासा बहुत रहती है। अगर पार्टनर उन्हें इमोशनली सिक्योर
फील कराए तो वह जल्दी कनेक्ट हो जाती है। 25 से 35 साल की उम्र में इस समय पर लड़की या महिला रिश्ते में स्थिरता चाहती है। अगर उसे पार्टनर का प्यार, इज्जत और पूरा ध्यान मिलता है तो वह शारीरिक तौर पर भी खुलकर एंजॉय करती है। 35 साल के बाद इस उम्र में अगर शादीशुदा लाइफ अच्छी चल रही हो, तो महिला में आत्मविश्वास और अनुभव दोनों होते हैं। उसका जोश बहुत हद तक उसके पार्टनर के रोमांटिक रवये पर निर्भर करता है। अब जानते हैं वह खास मौके जब लड़की के अंदर जोश अपने आप बढ़ जाता है।
एक, प्यार भरी बातें सुनकर महिलाओं को रोमांटिक बातें बहुत पसंद आती हैं। जब आप उन्हें खूबसूरत, सेक्सीी या स्पेशल फील कराते हैं, तो वह नेचुरली फील करने लगती हैं कि आप उन्हें चाहते हैं। दो, लंबे समय बाद मिलना। अगर आप किसी रिलेशन में दूर रहते हैं और लंबे समय बाद मिलते हैं तो उस एक्साइटमेंट में भी लड़की का जोश बहुत हाई होता है। थ्री माहौल का बड़ा रोल, साफ सुथरा कमरा, हल्की खुशबू, धीमी लाइट, रोमांटिक गाना। यह सब लड़की के दिमाग में रोमांस के सेंसर को ऑन कर देते हैं। फोर, प्राइवेट टाइम। जब कोई डिस्टर्ब ना करे जब आप दोनों को पूरा वक्त मिले तब लड़की खुलकर अपने इमोशंस शेयर करती है और
जोश भी बढ़ता है। पांच मूड बनाने वाला स्पर्श सीधा शारीरिक संबंध बनाने की बजाय पहले हल्की छेड़खानी रोमांटिक बातें गले लगाना। यह सब धीरे-धीरे महिला को जोश दिलाते हैं। अब बात करते हैं उन गलतियों की जो कई पुरुष कर बैठते हैं। जिससे लड़की का जोश तो छोड़िए पूरा मूड ही खराब हो जाता है। एक जल्दबाजी। कई बार पुरुष बिना मूड बनाए सीधे आगे बढ़ना चाहते हैं। महिला को समय चाहिए होता है। आप फॉर प्ले पर ध्यान दें। एक साफ सफाई का ध्यान ना रखना। गंदे कपड़े, पसीने की बदबू। यह सब लड़की के मन में नकारात्मकता ला देता है। साफ सुथरे रहें, अच्छी खुशबू वाला परफ्यूम लगाएं। थ्री, पार्टनर की फीलिंग्स को नजरअंदाज करना। कभी भी अपनी मर्जी ना चलाएं। लड़की से पूछें, उसकी भी पसंद का ख्याल रखें। चार,
माहौल में डिस्टरबेंस, फोन की घंटी, बाहर का शोर यह सब मूड बिगाड़ सकते हैं। थोड़ी देर के लिए फोन साइलेंट कर दें। कमरे का दरवाजा बंद कर दें। एक आत्मविश्वास रखें। महिलाएं कॉन्फिडेंट पुरुष को पसंद करती हैं। अगर आप नर्वस दिखेंगे तो उसका असर के मूड पर भी पड़ेगा। दो तारीफ करें। उसकी ड्रेस, बाल, खुशबू जो भी अच्छा लगे उसे बोलें। छोटी-छोटी बातें लड़की को स्पेशल फील कराती हैं। तीन हल्के रोमांटिक मैसेज। दिनभर काम के बीच अगर आप उसे रोमांटिक मैसेज भेजें, तो वह आपके बारे में सोचती रहेगी। चार,
नई जगह पर टाइम स्पेंड करें। कभी-कभी घर से बाहर लॉन्ग ड्राइव, होटल या रोमांटिक ट्रिप प्लान करें। नया माहौल नया रोमांस लाता है। फाइव, धीरे-धीरे बढ़ें। जितना धीरे आप रोमांस करेंगे, उतना ज्यादा लड़की आपको रिस्पांस देगी। गहरी बातें। फिजिकल रिलेशन के साथ-साथ इमोशनल बॉन्ड भी जरूरी है। उसे दिल की बात शेयर करें। उसके सीक्रेट जाने। उसे अपना सीक्रेट बताएं। सपोर्ट देना। कभी अगर लड़की दुखी हो, परेशान हो तो उसे प्यार से गले लगाएं। उसकी बात सुने। उसके बाद वह आपके और करीब आती है। फ्लर्टिंग थोड़ी शरारत भरी फ्लर्टिंग भी मूड को मजेदार बना देती है।
लेकिन हद से ज्यादा ना करें। शादी के कुछ सालों बाद कई कपल्स की लाइफ बोरिंग हो जाती है। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपकी बीवी हमेशा आपके साथ वही जोश बनाए रखें तो कभी-कभी उसे गिफ्ट दें। सरप्राइज करें, डिनर डेट पर ले जाएं। बच्चों को कभी-कभी रिश्तेदारों के यहां भेजकर खुद प्राइवेट टाइम निकालें। नई-नई पोजीशंस ट्राई करें। कभी-कभी रोमांटिक फिल्म साथ देखें। याद रखिए लड़की का दिल जीते बिना आप उसका जोश नहीं जगा सकते। आपका प्यार, इज्जत
और केयर ही उसकी असली जरूरत है। लड़की के लिए सेफ और सिक्योर फीलिंग सबसे बड़ी चीज है। आपका स्पर्श तभी खास लगेगा जब उसके दिल में आपके लिए इमोशन होंगे। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इस कहानी को शेयर जरूर कीजिए ताकि ज्यादा लोग इसे समझ सकें। अगर आप चाहते हैं कि मैं ऐसे और रोमांटिक और हेल्दी रिलेशनशिप पर स्टोरी बनाऊं तो कमेंट में जरूर बताएं।
स्वागत है आपको हमारे इस Star Daily Website पर जहां हम बात करते हैं हेल्थ, एजुकेशन और सेक्स एजुकेशन से जुड़े ऐसे विषयों पर, जिनके बारे में अक्सर लोग खुलकर बात नहीं कर पाते। आज का टॉपिक थोड़ा संवेदनशील है, लेकिन बहुत जरूरी भी है। आखिर किस उम्र में लड़की को शारीरिक संबंध बनाने का मन होता है? बहुत से लड़के और लड़कियां दोनों इस सवाल के जवाब में गलतफहमियों का शिकार होते हैं। कई लोग सोचते हैं कि यह कोई गंदी बात है जबकि यह एक
नेचुरल चीज है। आज हम इसी को आसान भाषा में विस्तार से समझेंगे। सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि लड़की के शरीर में बदलाव कब शुरू होते हैं। लड़कियों में प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था की शुरुआत आमतौर पर 10 से 14 साल के बीच होती है। कुछ लड़कियों में यह जल्दी यानी 9 साल से भी शुरू हो सकता है और कुछ में थोड़ा देर से भी। इस उम्र में कुछ बड़े बदलाव होते हैं। ब्रेस्ट डेवलप होना शुरू होते हैं। पीरियड्स आना शुरू होता है। शरीर में हेयर ग्रोथ जैसे बगल और प्राइवेट पार्ट के आसपास शरीर का आकार
बदलता है। हिप्स चौड़े होने लगते हैं। यह सब बदलाव इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन नाम के हार्मोन की वजह से होते हैं। यह हार्मोन ही लड़की के शरीर में सेक्स ड्राइव यानी शारीरिक इच्छा को भी धीरे-धीरे जागृत करते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लड़की को तुरंत ही शारीरिक संबंध बनाने का मन करने लगे। इस उम्र में वह बस अपने शरीर को समझ रही होती है। अब बात करते हैं असली सवाल की। लड़की को पहली बार शारीरिक इच्छा कब महसूस होती है? हर लड़की अलग होती है। ज्यादातर रिसर्च के अनुसार 13 – 16 साल के बीच लड़की को पहली बार अट्रैक्शन यानी किसी लड़के की तरफ
आकर्षण महसूस होता है। 15 और 18 साल के बीच हार्मोनल पीक होता है। यानी सेक्स ड्राइव का लेवल बढ़ने लगता है। बहुत सी लड़कियां अपने फ्रेंड सर्कल, फिल्मों या इंटरनेट से भी इस बारे में जानती हैं। वे कभी-कभी मास्टरबेशन यानी स्वयं सुख भी ट्राई करती हैं जो कि एकदम नॉर्मल है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह तुरंत सेक्स करना चाहती हैं। कई बार यह सब चीजें सिर्फ फेंटसी होती हैं। असली में संबंध बनाने से डर भी लगता है क्योंकि वह इमोशनली तैयार नहीं होती। कई साइकोलॉजिस्ट कहते हैं कि लड़कियों के लिए शारीरिक इच्छा के साथ-साथ भावनात्मक कनेक्शन ज्यादा जरूरी होता है। लड़के कई बार सिर्फ फिजिकल जरूरत देखते हैं। लेकिन लड़की के लिए ट्रस्ट, प्यार और इमोशनल सेफ्टी जरूरी होती है। अब थोड़ा साइंस भी समझ लेते हैं। लड़की के शरीर में दो मुख्य सेक्स हार्मोन होते हैं। एक एस्ट्रोजन, यह ब्रेस्ट डेवलपमेंट, पीरियड्स और फीमेल बॉडी शेप के लिए जिम्मेदार होता है। दो प्रोगेस्टेरोन। यह पीरियड्स और प्रेगनेंसी में बड़ी भूमिका निभाता है। ओवुलेशन यानी जब एग निकलता है उस समय लड़की की सेक्स ड्राइव बढ़ सकती है क्योंकि शरीर उस वक्त गर्भधारण के लिए तैयार होता है। यही कारण है कि कुछ महिलाएं पीरियड्स के कुछ दिन पहले या बीच में ज्यादा डिजायर महसूस कर सकती हैं। साथ ही डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन जैसे हैप्पी हार्मोन भी इसमें रोल निभाते हैं। कभी-कभी इमोशनल अटैचमेंट बढ़ जाने पर लड़की को इंटिमेसी यानी शारीरिक नजदीकी का मन ज्यादा करता है। हमारे समाज में लड़कियों की इच्छाओं को लेकर बहुत सारी गलत बातें फैली हुई हैं। कुछ लोग कहते हैं कि लड़की को सेक्स का मन नहीं होता यह झूठ है। हर इंसान को नेचुरली होता है। कुछ लोग कहते हैं कि शादी के बाद ही लड़की को इच्छा होती है। यह भी जरूरी नहीं। शादी सिर्फ एक सोशल परमिशन है। लेकिन शरीर के नेचुरल बदलावों से इसका कोई सीधा लेना देना नहीं। कुछ लोग इसे गंदी नजर से देखते हैं। जबकि यह एकदम सामान्य और हेल्दी चीज है। जरूरत है सही एजुकेशन की ताकि लड़कियां भी अपनी इच्छाओं को समझ सकें और गलत लोगों से बच सकें। यह बहुत जरूरी पॉइंट है। ज्यादातर लड़कियां चाहती हैं उनकी इच्छाओं का सम्मान हो। कोई जबरदस्ती ना करें। प्यार और ट्रस्ट वाला रिलेशन हो। सेक्स सिर्फ फिजिकल ना होकर इमोशनल भी हो। इसलिए अगर आप किसी लड़की से प्यार करते हैं तो उसकी भावनाओं को समझें। उससे खुलकर बात करें। उस पर प्रेशर ना बनाएं। अगर वह तैयार नहीं है तो कभी भी जबरदस्ती ना करें। कंसेंट यानी सहमति सबसे जरूरी है। कानूनी रूप से भारत में 18 साल से कम उम्र में शारीरिक संबंध बनाना अवैध है। क्यों? क्योंकि इस उम्र तक शरीर और दिमाग दोनों पूरी तरह मैच्योर नहीं होते। वैज्ञानिक रूप से भी देखा जाए तो 18 से 21 साल के बीच लड़की शारीरिक और मानसिक रूप से मैच्योर होती है। पहले वह कई बार कंफ्यूज रहती हैं। वह अपनी भावनाओं को पहचान नहीं पाती। इसलिए अगर कोई लड़का या लड़की रिलेशन में है तो जिम्मेदारी से सोें। दोनों बालिग हो। 18 प्लस कंसेंट यानी सहमति हो। कोई दबाव या लालच ना हो। प्रोटेक्शन का सही इस्तेमाल हो। ताकि कोई प्रेगनेंसी या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज ना हो। अक्सर मां-बाप इस विषय पर बात करने से डरते हैं। लेकिन अगर पेरेंट्स अपनी बेटियों से खुलकर बात करेंगे तो वह गलतफहमियों का शिकार नहीं होंगी। अपनी बेटियों को प्यूबर्टी, पीरियड्स और सेफ सेक्स के बारे में सही एजुकेशन दें। उन्हें बताएं कि उनके शरीर में बदलाव क्यों हो रहे हैं। अगर कोई लड़का उन्हें परेशान कर रहा है तो खुलकर बताएं। उम्मीद है दोस्तों, आपको
यह स्टोरी पसंद आई होगी। अगर आपको ऐसे ही एजुकेशनल कंटेंट चाहिए तो इस कहानी को , शेयर करें और कमेंट में बताएं कि आपको अगला टॉपिक किस पर चाहिए। याद रखिए सेक्स एजुकेशन कोई गंदी चीज नहीं है। यह आपके जीवन के लिए जरूरी जानकारी है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। मिलते हैं बाद में। धन्यवाद।
दोस्तो आज हम एक बहुत दिलचस्प और जरूरी टॉपिक पर बात करेंगे। क्या आपको पता है कि अगर किसी औरत को सेक्स करने का मन हो, तो वह सीधे कभी बोलती नहीं है। लेकिन वह अपने हावभाव और इशारों से सब कुछ बता देती है। पर ज्यादातर पुरुष इन इशारों को समझ ही नहीं पाते। तो आज हम आपको बताएंगे कि औरत के दिल का हाल आप कैसे समझ सकते हैं। अगर आप शादीशुदा हैं या आपकी कोई पार्टनर है तो यह वीडियो आपके लिए बहुत काम का है। इसे आखिरी तक जरूर देखिए क्योंकि हम आपको वह सभी बातें बताएंगे जो हर आदमी को जरूर पता होनी चाहिए।
सबसे पहले समझिए औरतें अपने दिल की बात सीधे क्यों नहीं कह पाती? क्योंकि हमारे समाज में औरतों को बचपन से शर्म और संकोच सिखाया जाता है। वह सोचती हैं कि अगर वह खुद कहेंगी तो कहीं आदमी उन्हें गलत ना समझे। इसलिए वह अपने हावभाव से सब कुछ कह देती हैं। अब बात करते हैं कि वह इशारे क्या होते हैं। पहला अचानक ज्यादा प्यार जताना। अगर आपकी पार्टनर अचानक आपको बहुत प्यार से देखे, बातें करें, गले लगे तो समझिए उसका मूड रोमांटिक है।
दूसरा शरारती बातें करना। अगर वह आपसे फ्लर्टी बातें करती है, पुरानी रोमांटिक बातें याद दिलाती है तो वह चाहती है कि आप उसके करीब आए। तीसरा शारीरिक टच। वो बार-बार आपका हाथ पकड़ती है, आपके सीने पर हाथ रखती है, बालों में हाथ फराती है। यह सब साफ संकेत हैं। चौथा सजना संवरणा। अगर वह रात को नहाकर अच्छे कपड़े पहनती है, परफ्यूम लगाती है, सेक्सीी नाइटटी पहनती है तो वह इशारों में कह रही है कि उसका मूड बना है। कई बार उसकी आंखें बहुत कुछ कह देती हैं। वो आपको देखकर शर्माती है, मुस्कुराती है तो समझ लीजिए कुछ खास चल रहा है। छठा रोमांटिक माहौल बनाना, अचानक से रोमांटिक गाना चलाना, रोमांटिक मूवी लगाना यह सब भी संकेत हैं। सातवां बिस्तर पर करीब आना रात को वह आपके करीब
आकर लेटती है। आपको बाहों में भर लेती है। मतलब वह चाहती है कि आप उसके और करीब आए। आठवां अपने एक्सप्रेशन से बताना, बालों से खेलना, होठों को हल्का काटना यह सब भी उसके इशारे होते हैं। अब सवाल यह कि जब आप यह इशारे देख लें तो आपको क्या करना चाहिए? प्यार से रिसोंड करें। उसे स्पेस दें। माहौल रोमांटिक बनाएं। म्यूजिक, लाइट, परफ्यूम धीरे-धीरे उसके करीब जाए। जबरदस्ती बिल्कुल ना करें। अगर कभी वह मना कर दे तो बुरा ना माने। हो सकता है वह थकी हो या किसी वजह से मूड बदल गया हो। प्यार से उसे समझिए। दोस्तों, याद रखिए प्यार और विश्वास से ही रिश्ता मजबूत होता है। औरतें भी चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी भावनाओं को समझे। अगर आप
उसके इशारों को पढ़ना सीख गए तो आपका रिश्ता और भी खूबसूरत होगा। तो दोस्तों, उम्मीद है कि आपको आज की जानकारी पसंद आई होगी। अगर हां, तो इस कहानी को अपने दोस्तों और भाइयों के साथ शेयर करें ताकि वह भी अपनी पार्टनर को अच्छी तरह समझ सकें। और हां, ऐसी ही सच्ची और काम की बातें हम आपके लिए लाते रहते हैं। मिलते हैं अगले स्टोरी में। तब तक के लिए प्यार बांटी खुश रहिए। धन्यवाद।
एक राजा को झूठी कहानियां सुनने का शौक था वह बिना कहानियां सुने दरबार का काम शुरू नहीं करता धीरे-धीरे दरबारियों और प्रजा के पास कहानियां खत्म हो गई लेकिन राजा की जिद कम नहीं हुई राजा ने घोषणा की कि जो उसे तीन झूठी कहानियां सुनाएगा उसे इनाम मिलेगा इनाम के लालच में लोग कहानियां लेकर आने लगे लेकिन राजा सारी कहानियां पहले ही सुन चुका था नई कहानियां सुनते ही वह पहचान लेता फिर राजा ने एक और घोषणा की कि जो उसे तीन झूठी कहानियां सुनाएगा उसे आधा राज्य और अपनी बेटी चंद्रप्रभा का हाथ में लेगा राजा ने यह घोषणा तो कर दी लेकिन उसे डर था कि अगर कोई सच में तीन झूठी कहानियां सुना देगा तो उसे वादा निभाना पड़ेगा इस डर से राजा ने दरबारियों को आदेश दिया कि जैसे ही तीसरी कहानी सुनाई जाए सभी कहें यह सच्ची है इसके बाद राजा उस व्यक्ति को राजद्रोह के आरोप में जेल भेज देता इससे लोग डर गए कोई कहानियां सुनाने को तैयार नहीं था अब राजा बेचैन हो गया उसने अपने खास दरबारी को आदेश दिया कि वह व्यवस्था करे अगर दो दिन तक कोई कहानी नहीं सुनाई गई तो दरबारी को 100 कोड़े मारे जाएंगे राजा के दरबारी को आदेश में मिला था कि किसी तरह तीन झूठी कहानियां सुनाने वाला व्यक्ति ढूंढे लेकिन दरबारी जानता था कि राजा की चाल थी कि तीसरी कहानी को सच्चा बताकर वह सुनाने वाले को जेल में डाल देता था अपने राज्य में कोशिश करने के बाद जब उसे कोई नहीं मिला तो वह दूसरे राज्य में भी गया वहां भी राजा की चाल के बारे में सुनकर कोई तैयार नहीं हुआ थक हार कर दरबारी एक पेड़ के नीचे बैठ गया तभी एक लकड़हारा वहां आया और उससे पूछा कि आप उदास क्यों बैठे हैं दरबारी ने कहा कि उसका दुख जानने से क्या होगा लेकिन लकड़हारे ने मदद का भरोसा दिया दरबार ने राजा की समस्या बताई कि वह झूठी कहानियां सुनने का शौकीन है लेकिन तीसरी कहानी को सच्चा बताकर सुनाने वाले को जेल में डाल देता है लकड़हारे ने मुस्कुराते हुए कहा बस इतनी सी बात आप चिंता मत कीजिए कल मैं राजा को तीन झूठी कहानियां सुनाने आऊंगा दरबारी ने कहा तुम युवा हो अपना जीवन क्यों खतरे में डाल रहे हो लकड़े ने कहा आप निश्चिंत रहें दरबारी उसकी बात मानकर दरबार लौट आया और राजा को खबर दी अगले दिन राजा उस व्यक्ति का बेसब्री से इंतजार करने लगा नियत समय पर युवक आया और राजा से कहा महाराज मैं आपको तीन झूठी कहानियां सुनाने आया हूं राजा ने कहा तुम्हें नियम मालूम ही होंगे अगर तुम तीन झूठी कहानियां सुना दोगे तो मेरी बेटी से विवाह और आधा राज्य तुम्हें मिलेगा लेकिन अगर कोई कहानी सच्ची निकली तो तुम्हें राष्ट्रद्रोह के आरोप में जेल या 1000 कोड़े मारने की सजा मिलेगी युवक ने कहा मुझे सजा मंजूर है लेकिन पहले मेरी कहानियां सुन लीजिए राजा ने अनुमति दी और युवक ने अपनी पहली कहानी सुनानी शुरू की महाराज मैं एक किसान हूं एक दिन जब मैं खेत में हल जोत रहा था मेरी मां खाना लेकर आई खाने में आम थे मैंने आम खाए और गुठलियों बैलों की पीठ पर रख दी तभी बारिश होने लगी और उन गुठलियों से बड़े-बड़े बरगद के पेड़ उगाए पेड़ इतने विशाल थे कि उनकी छाया में मैं बिना भीगे पूरा खेत जोतता रहा सारी सभा ठहाके लगाने लगी दरबारियों ने कहा आम की गुठलियों से बरगद और वो भी बैलों की पीठ पर यह तो पूरी तरह झूठ है राजा ने मुस्कुराते हुए कहा अगली कहानी सुनाओ उस युवक ने राजा से पूछा महाराज क्या आप मानते हैं कि मेरी पहली कहानी झूठी थी राजा ने कहा हां मैं मानता हूं अब दूसरी कहानी सुनाओ युवक ने कहानी शुरू की महाराज एक बार हमारे गांव में बारिश नहीं हो रही थी मेरी मां ने कहा कि कुछ करो मैंने एक डंडा उठाया और बादलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया बादल मुझसे डर कर भागने लगे लेकिन मैंने उन्हें पकड़कर इतना पीटा कि वे रोने लगे उनके आंसू बारिश बनकर हमारे गांव में बरसने लगे वह बारिश इतनी तेज थी कि पूरा गांव डूब गया लेकिन मेरा कुत्ता बिल्ली खिलौने और मेरा घर सब सूखे रहे मैं अपनी एक अंगुली से सबको बचाकर रखे हुआ था मेरी अंगुली के नीचे मेरा घर और आसपास के चार पड़ोसियों के घर भी थे दरबारियों ने ठाके लगाते हुए कहा बादलों को पीटकर बारिश और एक अंगुली के नीचे पूरा घर ये तो पूरी तरह झूठ है राजा भी हंसते हुए बो बोला हां यह कहानी झूठी है अब तीसरी सुनाओ युवक ने मुस्कुरा कर कहा महाराज तीसरी कहानी मैं कल सुनाऊंगा राजा ने लड़के के जाने के बाद दरबारियों को आदेश दिया कल वह चाहे कैसी भी कहानी सुनाए तुम सबको कहना है कि यह कहानी सच्ची है उधर रात को दरबारी को चिंता होने लगी वह लड़के के पास गया और बोला बेटा तुम अभी यहां से भाग जाओ राजा ने आदेश दिया है कि तुम जो भी तीसरी कहानी सुनाओ ग उसे सच्ची बता दिया जाएगा इसके बाद तुम्हें राजद्रोह के आरोप में जेल भेज दिया जाएगा या तुम्हें 1000 कोड़े मारने की सजा दी जाएगी लड़के ने शांत रहते हुए कहा आप चिंता मत करें कल देखना या तो राजा अपनी झूठी कहानियां सुनने की आदत छोड़ देगा या फिर मैं यहां नहीं रहूंगा दरबारी ने समझाने की कोशिश की बेटा मैं जानता हूं तुम बुद्धिमान हो लेकिन राजा के दरबारी नीच और चालाक लोग हैं वे राजा के आदेश के अनुसार ही काम करेंगे अपनी जान बचाने के लिए भाग जाओ लड़के ने दृढ़ता से कहा आप मुझ पर भरोसा करें कल मैं ना केवल सुरक्षित रहूंगा बल्कि राजा को उसकी आदत भी छुड़वा दूंगा अगली सुबह दरबारियों ने राजा के इशारे का इंतजार किया राजा ने मुस्कुराते हुए लड़के से कहा अब अपनी तीसरी कहानी सुनाओ लड़के ने कहा महाराज जैसा कि आप जानते हैं आपके दादाजी और मेरे दादाजी बहुत अच्छे मित्र थे इतना सुनते ही सभी दरबारी बोल उठे हां यह सच है हमने सुना है कि वे बहुत अच्छे मित्र थे लड़के ने हाथ जोड़कर निवेदन किया महाराज कृपया मुझे पहले कहानी पूरी करने दें इसके बाद निर्णय लें कि यह सच्ची है या झूठी राजा ने दरबारियों को शांत कराया और लड़के से कहा ठीक है अपनी कहानी पूरी करो लड़का बोला महाराज एक बार आपके राज्य में अकाल पड़ा था तब आपके दादाजी ने मेरे दादाजी से मदद मांगी मेरे दादाजी ने 10000 बैल गाड़ियां सोने की मोहरों से भर कर भेजी थी जिससे अकाल का सामना किया गया लेकिन आपके दादाजी ने वादा किया था कि वे इस रकम का ब्याज के साथ लौट आएंगे लेकिन लौट आए नहीं मेरे दादाजी ने मरते समय मेरे पिताजी से कहा था और मेरे पिताजी ने मरते समय मुझसे कहा कि अब वह रकम 15500 बैल गाड़ियां सोने की हो चुकी है महाराज कृपया वह रकम मुझे लौटा दें इतना सुनते ही राजा सोच में पड़ गया इधर सभी दरबारी चिल्ला रहे थे यह कहानी सच्ची है यह कहानी सच्ची है राजा ने लड़के की तीसरी कहानी सुनकर सोचा अगर यह कहानी सच्ची है तो मुझे इसे 15500 बैल गाड़ियां सोने की देनी होंगी लेकिन मेरे पूरे राज्य में इतना सोना भी नहीं है यहां तक कि अगर मैं प्रजा से सब कुछ इकट्ठा करूं तब भी संभव नहीं होगा इसलिए मुझे यह कहानी झूठी माननी ही पड़ेगी उधर दरबारी चिल्ला रहे थे यह कहानी सच्ची है राजा गुस्से में अपनी गद्दी से खड़ा हुआ और बोला चुप हो जाओ यह कहानी झूठी है मैं खुद कहता हूं यह झूठी है दरबार में सन्नाटा छा गया दरबारियों को समझ नहीं आया कि राजा ने ऐसा क्यों कहा राजा ने कहा आज मुझे समझ में आ गया है कि सनक और जिद गलत होती है मैंने अपनी सनक में अपना आधा राज्य और समय बर्बाद किया फिर राजा ने लड़के से कहा युवक तुम्हारी बुद्धिमानी और चतुराई ने मुझे प्रभावित किया है मैं अपनी बेटी चंद्रप्रभा का विवाह तुमसे करूंगा लड़के ने मुस्कुरा कर कहा महाराज मैं मनोहर गढ़ का राजकुमार मनोहर सिंह हूं मैं आपकी सनक दूर करने और चंद्र प्रभा को देखने आया था वह सच में सुंदर और गुणी है राजा ने कहा आज मैंने सीखा कि राजा वही है जो प्रजा हित में सोचता है अब मैं हमेशा प्रजा की भलाई के लिए काम करूंगा
देव शर्मा नाम के ब्राह्मण के घर एक पुत्र का जन्म हुआ उसी दिन उनके घर में रहने वाली नेवली ने भी एक नेवले को जन्म दिया देव शर्मा की पत्नी दयालु स्वभाव की थी इसलिए उसने नेवले के बच्चे को भी अपने पुत्र के समान प्यार और स्नेह से पाला नेवला और बच्चा हमेशा साथ खेलते और दोनों में गहरी मित्रता थी किंतु देव शर्मा की पत्नी के मन में एक शंका हमेशा
बनी रहती थी कि नेवला पशु होने के कारण मूर्खता वश कभी उसके पुत्र को नुकसान ना पहुंचा दे वह अक्सर इसे लेकर चिंतित रहती थी एक दिन मण की पत्नी ने अपने पुत्र को वृक्ष की छाया में सुलाया और पास के जलाशय में पानी भरने के लिए जा रही थी जाते समय उसने अपने पति देव शर्मा से कहा स्वामी आप यही ठहर कर बच्चे की देखभाल करें और विशेष रूप से नेवले से सावधान रह पत्नी के जाने के बाद देव शर्मा ने सोचा कि नेवला और बच्चे के बीच गहरी मित्रता है इसलिए नेवला बच्चे को
कोई हानि नहीं पहुंचाएगा यह सोचकर वह अपने पुत्र और नेवले को वृक्ष के नीचे छोड़कर भिक्षा के लिए निकल पड़ा दैव योग से उसी समय एक काला नाग पास के बिल से बाहर निकला ने नेले ने नाग को देखा और डर गया कि कहीं यह उसके मित्र को दस ना ले नेवले ने अपनी सारी ताकत और हिम्मत लगाकर सांप पर हमला कर दिया दोनों के बीच जोरदार लड़ाई हुई आखिर में नेवले ने सांप को मार
डाला लेकिन इस लड़ाई में उसका मुंह और पंजे खून से भर गए कुछ समय बाद ब्राह्मण की पत्नी जल लेकर वापस लौटी उसने दूर से देखा कि नेवला दौड़ता हुआ उसकी ओर आ रहा है और उसके मुंह पर खून लगा हुआ है ब्राह्मण पत्नी का मन उन्हीं पुरानी आशंकाओं से भर गया कि कहीं इसने उसके पुत्र की हत्या ना कर दी हो यह विचार ार आते ही उसने क्रोध से हाथ में लिए घड़े को नेवले पर फेंक दिया छोटा सा नेवला जल से भारी घड़े की चोट खाकर वहीं मर गया जल्दी-जल्दी अपने पुत्र के पास
पहुंचकर उसने देखा कि बच्चा बड़ी शांति से सो रहा है पास ही एक मरा हुआ नाग पड़ा था यह देख ब्राह्मण की पत्नी को सारी सच्चाई समझ में आ गई वह पछतावे से रोने लगी और अपने मूर्खता पूर्ण कार्य के लिए नेवले के शव के पास बैठकर विलाप करने लगी उसने कहा मैंने अपने ही रक्षक को मार डाला मेरी जल्दबाजी और शंका ने एक निर्दोष की जान ले ली निष्कर्ष बिना सोचे समझे किए गए निर्णय जीवन में दुख और पश्चाताप ही लाते हैं
बिहार सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। राज्य में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अब हर महीने 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। इस कदम से राज्य के लगभग 1.86 करोड़ उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा।
खास बात यह है कि करीब 1.67 करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी मासिक औसत खपत 125 यूनिट या उससे कम है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं का बिजली बिल अब पूरी तरह से शून्य हो जाएगा।
प्री-पेड और पोस्ट-पेड उपभोक्ताओं के लिए कैसे काम करेगी यह योजना:
60 लाख से अधिक स्मार्ट प्री-पेड मीटर धारकों के लिए, जब भी वे अपना मीटर रिचार्ज करेंगे, पहले 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं कटेगा। रिचार्ज की गई राशि तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक खपत 125 यूनिट से अधिक न हो। मुफ्त यूनिट्स खत्म होने के बाद ही निर्धारित दरों के अनुसार दैनिक कटौती शुरू होगी।
पोस्ट-पेड उपभोक्ताओं को भी यही लाभ मिलेगा। उनके मासिक बिल में जुलाई महीने की खपत पर पहली 125 यूनिट की सब्सिडी अपने आप समायोजित हो जाएगी।
एक उदाहरण से समझते हैं: यदि कोई उपभोक्ता महीने में 200 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो उसमें पहली 125 यूनिट मुफ्त होगी और शेष 75 यूनिट पर ही बिल लगेगा।
मौजूदा टैरिफ दरें लागू रहेंगी:
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई नई दर नहीं जोड़ी गई है, यानी पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। 125 यूनिट से अधिक खपत पर मौजूदा टैरिफ दरें इस प्रकार हैं:
* 100 यूनिट तक: ₹4.12 प्रति यूनिट
* 100 यूनिट के ऊपर: ₹5.52 प्रति यूनिट
योजना का क्रियान्वयन और सूचना:
यह योजना जुलाई महीने की खपत से ही लागू हो चुकी है। यानी, 1 अगस्त को आने वाले बिजली बिल में जुलाई माह की खपत पर 125 यूनिट की सब्सिडी एडजस्ट कर दी जाएगी।
इस योजना की जानकारी उपभोक्ताओं को SMS के जरिए दी जा रही है। ये संदेश सीधे मुख्यमंत्री की ओर से भेजे जा रहे हैं, ताकि सभी लाभार्थियों तक इसकी सूचना समय पर पहुंच सके।
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि, “यह सुविधा सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लागू है। इसका उद्देश्य आमजन को बिजली बिल में राहत देना है।”
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