किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े 9 करोड़ से अधिक किसानों को 20वीं किस्त का इंतजार है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है जो हर 4 महीने में 2000 रुपये की किस्त के रूप में दी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को वाराणसी दौरे पर 20वीं किस्त जारी कर सकते हैं।
पीएम किसान की 20वीं किस्त के 2000 रुपये कब आएंगे
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। देशभर के 9 करोड़ से ज्यादा किसान इस समय प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं, जिसकी 20वीं किस्त का अब किसानों को बेसब्री से इंतजार है। दरअसल, इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जो हर 4 महीने में 2000 रुपये की किस्त के रूप में दी जाती है।
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें आपको बता दें कि आखिरी किस्त 24 फरवरी 2025 को जारी की गई थी, तब से 4 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और ऐसे में कई किसानों के मन में सवाल है कि अगली किस्त कब आएगी, तो आज हम आपको इस बारे में अपडेट देंगे। साथ ही किस्त कब आएगी इसकी संभावित तारीख क्या हो सकती है, इसके बारे में भी आपको बताएंगे…
पीएम किसान की 20वीं किस्त कब आएगी? कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को वाराणसी दौरे पर रहेंगे। उम्मीद है कि वहीं से पीएम किसान की 20वीं किस्त जारी हो सकती है। पिछले साल भी पीएम मोदी ने खरीफ सीजन में वाराणसी से ही 17वीं किस्त का ऐलान किया था। इसलिए अब उम्मीद है कि इस बार भी 2 अगस्त के आसपास किसानों के खाते में 2000 रुपये की किस्त भेजी जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई डेट अनाउंस नहीं की गई है।
ये जरूरी काम निपटा लें वरना रुक सकता है पैसा सबसे पहले तो e-KYC जरूर करवाएं। बिना e-KYC के आपकी किस्त ट्रांसफर नहीं होगी। बैंक अकाउंट को आधार से लिंक भी करवा लें नहीं तो ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है। इसके साथ ही DBT यानी Direct Benefit Transfer ऑप्शन को भी ऑन रखें तभी पैसा सीधे अकाउंट में आएगा। वहीं बैंक डिटेल्स जैसे नाम, अकाउंट नंबर और IFSC कोड में कोई गलती न हो इसे भी अच्छे से देख लें।
पीएम किसान लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम भी पहले ही चेक कर लें। इस लिस्ट में अगर आपका नाम नहीं है तो आपको किस्त नहीं मिलेगी। यह भी पढ़ें- PM Kisan Yojana: किसान योजना की 20वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, अभी करना होगा इतना इंतजार, जानें कब आएंगे 2-2 हजार
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16 साल की लड़की को ब्लू फिल्म देखने की लत लग जाती है और इस लत के चलते वह अपने ही घर के कुत्ते के साथ संबंध बनाने लगती है दोस्तों आइए बताते हैं आपको पूरी कहानी अगर आप इस कहानी को देख रहे हैं तो पूरी देखिएगा क्योंकि इस प्रकार की घटनाएं किसी के भी साथ हो सकती है आपके आस पड़ोस में दाएं बाएं इधर-उधर कहीं भी इस प्रकार की घटनाक्रम घटित हो सकता है इसलिए इस प्रकार की घटनाओं को आपको ध्यान में रखना
चाहिए जिससे कि आने वाले समय में यदि कोई ऐसी घटना होने को हो तो आप उसको पहले से पहले रोक सके चाहे वो आपके खुद के घर में हो चाहे हमारे घर में हो या किसी और के घर में हो या पड़ोसी पड़ोसी के हो चलिए दोस्तों पूरी कहानी आपको सुनाते हैं घटना है जम्मू कश्मीर की जम्मूकश्मीर में रहने वाला एक कुशल परिवार पिता का एक बहुत अच्छा व्यापार था माता भी एक सरकारी सर्विसमैन थी और एक ही लड़की थी जिसका नाम था मीना मीना पढ़ने में बड़ी होशियार थी और अपने क्लास में टॉप आया करती थी लेकिन दोस्तों कहते हैं ना कि हवा लगने में देर नहीं लगती यह उम्र ही ऐसी होती है जिसमें आने के बाद अगर कोई
दूसरा व्यक्ति अगर कुछ समझा दे तो वो बात जल्दी समझ में आ जाती है अपने माता-पिता की समझ में नहीं आती है तो दोस्तों होता क्या है कॉलेज में एक लड़की जिसका नाम माया था वो एक दिन रीना से कहती है कि तुम अपने फोन पर कुछ देखती नहीं हो क्या क्या तुम अपने फोन में कुछ उस टाइप की पिक्चर्स नहीं देखती वो लड़की कहती है नहीं मुझे इस टाइप का कोई शौक नहीं है मैं इस टाइप का शौक नहीं रखती लेकिन वो जो उसकी फ्रेंड होती है वो कहती है कि कि जब तुम एक बार इस तरह की पिक्चर देख लोगी तो तुम्हारा दिल खुद उसको ही करने को करेगा तुम्हें ऐसा लगेगा
कि दुनिया में इसके अलावा सब कुछ बेकार है तुम एक बार मेरे कहने से इसको ट्राई करके देखो वो लड़की कहती है कि मैं इस तरह की नहीं हूं और मुझे ये सब पसंद नहीं है लेकिन उसकी जो सहली थी वो बड़ा बिगड़े हुए टाइप की थी तो वो कहती है कि चलो एक बार तो ट्राई करो जीवन में कुछ भी काम एक बार ट्राई करना चाहिए दोस्तों मैं यहां पर ये कहना चाहता हूं कि ऐसे लोगों से ऐसे बच्चों से अपने बच्चों को हमेशा बचा के रखें क्योंकि क्या पता इस टाइप का बच्चा आपके बच्चे को कब बिगाड़ दे चाहे वो आपका भाई बहन हो चाहे वो हमारा भाई बहन हो ऐसे बच्चों से अपने
बच्चों को हमेशा बचा कर रखें फिर वो कहती है कि एक बार देखो मन करेगा तुम्हारा हमेशा के लिए अब वो कहती है चल ठीक है दे दे किस तरह से देखनी है मुझे बता दे वो लड़की उसके फोन में एक वेबसाइट का लिंक भेज देती है और लिंक भेजने के बाद में वो लड़की घर जाके अपने माता-पिता के साथ खाना पीना खाती है खाना खाने के बाद उसे याद आता है कि उसकी फ्रेंड ने उसे एक लिंक दिया था जो वीडियो उसको देखनी है अब वो अपने घर में आ जाती है खाना पना खाके आराम से बिस्तर पर लगा के लेटी होती है फिर वो वीडियो खोलती है और देखती है तो उसे बड़ा अजीब सा लगता है बड़ा घिनौना जैसा लगता है अगले दिन स्कूल जाती है अपनी फ्रेंड से कहती है ये तूने मुझे किस प्रकार
की पिक्चरें दे दी बड़ी ही गंदगी उसमें फैला रखी थी इस टाइप की पिक्चर मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी मुझे देखकर बड़ा घिन स लगी अच्छा नहीं लगा उसकी सहेली कहती है अरे पागल तू अब जवान हो चुकी है तुझे इन सब चीजों से घिल लग रही है तुझे बुरा लग रहा है तो इसको रोज देख धीरे-धीरे देखना तुझे इतना आनंद आएगा इसमें इतना मजा आएगा तुझे लगेगा कि दुनिया ही यही है वह कहती है चलो ठीक है एक बार और ट्राई करती हूं अब वो घर पर अकेली रहती थी तो उसके पास सिर्फ एक कुत्ता था वो घर में अपने रहती थी एक कुत्ता एक मोबाइल माता-पिता पर चले जाते थे तो इसलिए अकेली रह जाती थी तो वो अब वो लगातार अपने घर पे वही पिक्चरें देखती रहती थी दोस्तों अब धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा था और अब
इसी क्रिया क्रम को इसी चीज को होते-होते एक महीना गुजर चुका था और जब एक महीना गुजरने को आया दोस्तों तो उसके मन में अजीब अजीब तरह की उत्तेजना जागृत होने लगी और अब वो इस चीज को करने के लिए बहुत ज्यादा उतावली होने लगी उसको अब ये लग रहा था कि अब जैसे इन पिक्चर्स में हो रहा है वैसे मैं भी असलियत में करूं अब घर में कोई और तो था नहीं सिर्फ एक कुत्ता था तो वह अपने कुत्ते को ही पकड़ लेती है अपने पास लिटाल लेती है और टालने के बाद उसके साथ निर्वस्त्र हो जाती है और काफी कोशिश करती है लेकिन कुत्ता तो कुत्ता है वो ठीक से कुछ कर नहीं पाता तो उसकी जो उत्तेजना थी जो उसकी भावनाएं थी वो अधूरी रह जाती है वो अगले दिन अपने स्कूल जाती है और अपनी उसी सहेली से कहती है कि यार मेरा अब यह पिक्चर देखने के बाद वही सब करने का मन करता है अब कोई व्यवस्था करो जिससे कि मेरा कुछ हो सके वो लड़की कहती है तुम एक काम करो तुम एक
अपना बॉयफ्रेंड बना लो और मैं तुम्हें एक लड़के का नंबर देती हूं तुम उससे बात कर लो लड़का हट्टा कट्टा तंदुरुस्त लड़का है उसकी उम्र लगभग 25 26 साल है और वह तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी करेगा बहुत अच्छा लड़का है अब जो है वो उसको नंबर दे देती है मीना घर पर अपने आ जाती है घर आने के बाद अपने फोन से फोन लगाती है और उधर से वो लड़का बोलता है हेलो मैं विमल बात कर रहा हूं वह कहती है ठीक है मैं आपका नाम जानती हूं और मैं आपको अच्छी तरह से जानती हूं लड़का कहता है कि आप मुझे कैसे जानती हैं आपको मेरे बारे में कैसे पता व कहती है कि मैं आपके बारे में सब कुछ जानती हूं लड़के को थोड़ा घुमा है धीरे-धीरे लड़का पूछने लगता है कि आपको मेरा नंबर किसने दिया तो व कहती है कि आपका नंबर मुझे एक मेरी फ्रेंड ने दिया है और मैं आपसे फ्रेंडशिप करना चाहती हूं यह सुनकर वह लड़का तुरंत राजी हो जाता है क्योंकि आप तो जानते ही हैं लड़के अगर कोई लड़की किसी लड़के के पास फोन करे तो लड़का तुरंत राजी हो जाता है अब वो राजी हो गया दोनों
लोगों बातें होने लगी कॉल प बात होती थी पूरे पूरे दिन ये लोग कॉलिंग प बात करते रहते थे लगातार कॉल चलती रहती थी क्योंकि घर प कोई रहता नहीं था मम्मी पापा काम पे लड़का भी पूरे दिन लगातार लगा रहता था अब कॉल पर बात करते करते धीरे धीरे ये लोग ीडियो कॉल पे आ गए वीडियो कॉल पे तो फिर इन लोगों ने एक नया ही खेल शुरू कर दिया जो कि आजकल सभी प्रेमी प्रेमिका प्रेम के नाम पर जो कर रहे हैं कपड़े उतार कर न्यूट वीडियो कॉलिंग शुरू हो जाती है दोस्तों अब इन लोगों के बीच में न्यूड वीडियो कॉल एक दूसरे को देखना निर्वस्त्र इस प्रकार के वीडियो कॉल्स और अब इन लोगों के बीच कोई पर्दा नहीं रहा था अब कमी रह गई थी सिर्फ मिलने की और वो जगह तलाशने की जिस जगह पर ये मिल सके विमल ने एक दिन कह दिया कि यार फोन पर बात करते करते वीडियो कॉल करते करते बहुत ज्यादा टाइम हो गया अब किसी दिन हम लोग मिल लेते हैं मीना भी कहने लगी मैं भी यही सोच रही थी क्यों ना किसी ना दिन मिल लिया जाए अब होता क्या है एक दिन मीना के
मम्मी पापा तो घर पर रहते ही नहीं थे एक दिन वो उसे फोन करती है और कहती है कि तुम मेरे घर पर ही आ जाओ विमल तुरंत उसके घर पहुंच जाता है क्योंकि नजदीक में ही रहता था विमल घर पहुंचता है जब वो घर के अंदर जाता है तो मीना उसको चाय नाश्ता बिस्कुट और नाश्ता वगैरह उसका कराती है थोड़ी देर यही सब होने के बाद में विमल और मीना कमरे में चले जाते हैं मीना उसको निर्वस्त्र करके और उसके साथ संबंध स्थापित करने लगता है अब जबक पहली बार था तो मीना को इस बड़ा दिक्कत हो रही थी बहुत परेशानी हो रही थी लेकिन वो 25 26 साल का लड़का उसको कहां छोड़ने वाला था मीना मना कर रही थी लेकिन वो जो है अपने मन की हसरत पूरी करता रहा जब तक कि उसका मन नहीं भर गया उसको एकदम 16 साल की नई जवान लड़की मिल गई तो इस प्रकार व लड़का कहां छोड़ने वाला था अब दोनों के बीच संबंध स्थापित हो जाते हैं और संबंध स्थापित होने के बाद में विमल अपने घर आ जाता है मीना अपने घर में आराम से रहती है फर्स्ट टाइम था तो उसको भी उसमें अच्छा लगा पसंद आया यह सब अब यह
तो एक बार हुआ था लेकिन अब ये रोजाना का शुरू हो गया अब यह सिलसिला रोजाना का शुरू हो चुका था दोस्तों उधर माता-पिता जॉब पर जाते और यह लड़की अपने घर पर अपने बॉयफ्रेंड को बुला लेती थी वो आता था पूरे पूरे दिन रुका रहता था जब मम्मी पापा के जाने का समय होता था तभी घर से जाता था अब अगर घर पर कोई व्यक्ति आएगा तो अड़ोस पड़ोस के लोग तो देखते ही है पड़ोस के लोगों ने देख लिया और यह बात मीना के पिता महेंद्र को बताई महेंद्र ने जब अपनी बेटी से पूछा कि बेटा यह सब क्या हो रहा है मोहल्ले वाले इस तरह की बातें कह रहे हैं क्या तुम इस प्रकार किसी लड़के को को बुलाती हो या कोई लड़का इस तरह से घर पर आता है तो मीना कहने लगती है नहीं नहीं पिताजी यह सब लोग झूठ बोल रहे हैं ये लोग हमारी तरक्की और हम लोग कुशल है इसीलिए ये लोग हम लोगों से चिड़ते हैं इसलिए मेरे बारे में अफवाह उड़ा रहे हैं ऐसा कुछ भी नहीं है हमारे घर पर कोई भी लड़का नहीं आता है और मैं अपने घर पर अकेली रहती हूं और मेरे साथ में अपना ये डॉगी रहता है मेरे पास समय बिताने के लिए एक ही डॉगी और मेरा
मोबाइल ही काफी है मुझे किसी और की कोई जरूरत नहीं नहीं है अब यह बात मीना की मम्मी को ही पता लगती है मीना की मम्मी तो इस चीज को मान जाती है लेकिन मीना के पिताजी के मन में यह बात बैठ जाती है वो समझ जाते हैं कि कहीं ना कहीं कुछ जरूर होगा तभी ये मोहल्ले वाले सब लोग इस बात को कह रहे हैं अगले दिन मीना के पिताजी काम पर निकलते हैं मीना की मम्मी भी काम पर निकलती है मीना की मम्मी तो अपने काम पर चली जाती है लेकिन मीना के पिताजी अपने काम पर नहीं जाते हैं वो पड़ोस में ही रहने वाले अपने एक दोस्त के घर पे जाकर उसके घर में जाकर बैठ जाते हैं और उस समय का इंतजार करने लगते हैं जब वो लड़का उनके घर पर आएगा अब मीना को तो लगा मम्मी पापा गए वो तुरंत उसको फोन करती है और अपने घर बुला लेती है मीना के पिताजी भी पीछे-पीछे पहुंचते हैं कमरे का दरवाजा खोलते हैं
और दरवाजा खोलकर एंट्री करते हैं तो यह दोनों लोग संबंध बनाने की तैयारी ही कर रहे थे तब इनको पकड़ लिया जाता है जब पिताजी रंगे हाथ पकड़ लेते हैं तो मीना झेप जाती है और विमल तो वहां से रफूचक्कर हो जाता है मीना को उसके पिताजी बहुत डांटते हैं और समझाते हैं कि बेटा इस तरह की हरकतें अच्छी नहीं है मीना माफी मांगने लगती है अपने पिता के पैरों में गिर जाती है और कहती है पिताजी आज जो गलती हुई वो आज के बाद दोबारा कभी नहीं होगी अब पिता तो पिता होते हैं पिता का दिल बहुत बड़ा होता है पिता इस चीज को मान जाते हैं और कहते हैं चलो बेटा कोई बात नहीं लेकिन अब तुम आज के बाद इस प्रकार की कोई भी हरकत मत करना इससे हमारे परिवार पर बहुत गंदा असर जाएगा लोग सोचेंगे कि एक लड़की को भी ठीक से पाल ना सके मीना कहती है पिताजी आज के बाद आपको कोई बात सुनने को नहीं मिलेगी लेकिन कहते हैं ना दोस्तों जिसको इस प्रकार का चस्का लग चुका हो उसको अब कुछ भी रास नहीं आएगा मीना भी कुछ दिन तो शांत रहती है फिर उसके कुछ दिन बाद फिर विमल को फोन करती है और अपने घर बुलाने
को कहती है विमल कहता है कि तुम्हारे पिताजी आ गए तो वो कहती है कि पिताजी दिन में काम प रहते हैं दिन में ममी भी काम प रहती है और हो सकता है मम्मी पापा दिन में छापा मार दे और हम पकड़े जाए तो अब एक काम करते हैं तुम अब रात में आ जाया करो मैं रात में अपने माता-पिता को नशे की दवाई दे दिया करूंगी वो तुम मुझे एक मेडिकल सेला करर दो अब होता क्या है वो जो लड़का विमल था वो मेडिकल प जाता है और नशीली दवाइयां लाकर मीना को दे देता है मीना रात में अपने पिता को और माता को वो दवा खाने में मिलाकर खिला देती थी और दोनों लोग वो सो जाते थे उसके बाद य विमल को बुलाकर उसके साथ पूरी पूरी रात शारीरिक संबंध स्थापित करती थी एक दिन अचानक से मीना के पिता की आंख खुल गई और उन्होंने विमल और मीना को रंगे हाथ निर्वस्त्र संबंध बनाते हुए पकड़ लिया अब यह देखकर एक पिता को कितना बुरा लगा होगा यह चीज आप खुद भी समझ सकते हैं दोस्तों विमल को उन्होंने बहुत डांटा और समझाया कि तुम देखो मेरी बेटी का साथ छोड़ दो इस तरह की हरकत बहुत गलत है मीना भी कहने लगी
कि पिताजी अब ये आखिरी बार है अब मैं आज के बाद ऐसा कुछ नहीं करूंगी पिता भी कहते हैं बेटी की गलती है लड़के से ज्यादा कुछ कह नहीं सकते तो वह विमल को जाने देते हैं और मीना को भी माफ कर देते हैं और अब मीना कुछ दिन तक सही रहती है लेकिन एक नई उमर हाथ में मोबाइल और इस तरह की पिक्चर देखना तो उत्तेजना पर कंट्रोल कर पाना फिर भी उसके बस की बात नहीं थी अब मीना कहती है कि विमल देखो हम लोगों का मिलना पॉसिबल नहीं रहा है अब तुम जब भी मेरे घर पर आओगे तो तुम एक धारदार हथियार लेकर आना जिससे कि मैं अपने माता-पिता को रास्ते से हटा सकूं क्योंकि यदि यह दोनों रहेंगे तो हम दोनों का मिलना पॉसिबल नहीं है विमल लड़की की बातों में आकर जब उसके घर पे जाता है तो एक धारदार हथियार लेकर जाता है
धारदार हथियार लेकर जाने के बाद मीना उससे कहती है कि जाओ मैंने अपने माता-पिता को नशे की दवा खिला रखी है तुम जाकर उन पर हमला कर दो और उनको हमारे रास्ते से हटा दो विमल भी नया नया भूत जाता है और उन दोनों को धारदार हथियार से प्रहार करके तब तक प्रहार करता है जब तक कि व दम नहीं तोड़ देते और उसके बाद वो दोनों घर में माता-पिता की लाश पड़ी हुई है और व दोनों संबंध स्थापित करते हैं और सुबह के जब चार बज जाते हैं तब मीना विमल को तो अपने घर से निकाल देती है और शोर मचाने लगती है कि अरे देखो देखो किसी ने मेरे माता पिता को मार दिया और रोने लगती है बहुत बुरी तरह से चीक चीख कर रोने लगती है रोने का ड्रामा करती है अब अड़ोस पड़ोस के लोग आ जाते हैं वो देखते हैं पूरा दृश्य तो सब लोगों की आंखें फटी की फटी रह जाती है फिर जब पड़ोसी होते हैं वो मीना से पूछते हैं कि मीना जब यह सब हुआ तब तुम क्या कर रही थी मीना कहती है कि मैं जब मीना कहती है जब मैं क इधर आई तो एक व्यक्ति मेरे माता-पिता पर हमला कर रहा था लगातार हमला कर रहा था मैं ये देखकर डर गई और मैं दूसरे कमरे में
जाकर छुप गई अगर मैं वहां उसके सामने रहती तो सकता था वो मुझे भी मार देता इसलिए मैं कमरे में जाकर छुप गई और फिर मैंने शोर मचाना शुरू कर दिया और जैसे ही वो निकला तो मैंने शोर मचाना शुरू कर दिया अब माता-पिता की मृत्यु हुई थी रात के 12 बजे के लगभग और मीना जो बात बता रही थी वो सुबह 4:00 बजे के लगभग पड़ोसियों को मीना पर शक तो था ही एक पड़ोसी ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया और पुलिस आ जाती है पुलिस पूछती है कि मीना बताओ जिस समय तुम्हारे माता-पिता की मृत्यु ई तब क्या हो रहा था क्या कर रही थी मीना ने फिर से वही कहानी बताई पुलिस को उस समय तो यकीन सा हुआ और नहीं हुआ पुलिस तो पुलिस होती जब पुलिस यह सब पूछ रही थी जो मीना का जो कुत्ता था वो लगातार मीना पर भौक रहा था पुलिस को कहीं ना कहीं शक तो हो ही चुका था कि इसमें कहीं ना कहीं मीना इवॉल्व जरूर है लेकिन अकेली लड़की रह गई थी तो उस समय उसे गिरफ्तार नहीं किया गया कुछ जब दो जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें समय मृत्यु का था 12:00 बजे लेकिन ला ने जो समय बताया था वो 400 बजे के आसपास पुलिस मीना को उठाकर लाती है और उससे पूछती है सक्ति से पूछती है और कहती है कि यह
बताओ तुम्हें यह सब करने की क्या जरूरत थी मीना कहती है मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है मैं इस तरह अपने माता-पिता के हत्या नहीं कर सकती मीना कहती है मैंने कुछ भी नहीं किया है मैं इस तरह से अपने माता-पिता की हत्या नहीं कर सकती आप लोगों को गलतफहमी हुई है काफी शक्ती करने के बाद जब मीना टूट नहीं रही थी तो पुलिस को भी लगता है क्या पता कुछ हम लोगों से भी गलती हो रही हो लेकिन फिर मीना की कॉल डिटेल निकाली जाती है तो उसमें सबसे ज्यादा बात होने वाला नंबर विमल का पाया जाता है अब इन दोनों की कॉल डिटेल निकाली जाती है कॉल डिटेल मैच करने के बाद में जब लोकेशन मैच करी जाती है तो उस रात विमल और मीना घर पर ही थे इस बात से पुलिस तुरंत हरकत में आ जाती है और इन दोनों को उठाकर सीधे थाने लाया जाता है थाने में लाकर जब शक्ति से इ लोगों से पूछा जाता है तो दोनों लोग पुलिस के सामने ज्यादा टिक नहीं पाते हैं और अपना जुर्म कर लेते हैं दोस्तों इस कहानी को सुनाने का मतलब दोस्तों माता-पिता को अपने बच्चों पर ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चे अपने फोन में क्या देख रहे हैं क्या कर रहे हैं और क्या सर्च कर रहे हैं फोन चला रहे हैं तो बाकी फोन में फोन ही चला रहे हैं या कुछ ऐसी वैसी गंदी चीज तो नहीं देख रहे हैं यदि गेम खेल रहे हैं तो गेम ही खेल
रहे हैं कहीं वो किसी और वेबसाइट पर तो नहीं जा रहे हैं बीच-बीच में फोन चेक करते रहना चाहिए सर्च हिस्ट्री चेक करते रहना चाहिए कि बच्चों ने क्या क्या देखा है क्या-क्या सर्च किया है और उनके मन में किस प्रकार के ख्याल चल रहे हैं किस प्रकार के भाव चल रहे हैं इन चीजों को बीच-बीच में जांच रहना चाहिए दोस्तों किसी भी बच्चे को बिगड़ने में जरा देर नहीं लगती क्योंकि उम्र का जो तकाजा होता है ये कच्ची उम्र जो होती है इस उम्र में किसी भी बच्चे को बिगड़ने में देर नहीं लगती है दोस्तों आप ये कहानी कौन से शहर से देख रहे थे अपने शहर का नाम कमेंट में जरूर लिखिए आपको कहानी कैसी लगी यस या नो में कमेंट दीजिएगा दोस्तों हम आपको नई कहानी में मिलते हैं इसी प्रकार की तब तक के लिए नमस्कार इस कहानी का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है किसी के दिल को ठेस पहुंचाना नहीं है
किसी भी प्रकार की अनैतिकता या अश्लीलता को बढ़ावा देना नहीं है यह कहानी केवल शिक्षा के उद्देश्य से समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एक सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से और आपका मनोरंजन करने के लिए सुनाई गई है इस कहानी में दिखाए गए सभी पात्र उनके नाम बदल दिए गए हैं मित्रों मिलते मित्रों मिलते हैं आपसे किसी और नई कहानी में तब तक के लिए Thankyou ❤️
मेरा नाम खुशी है और मैं 19 साल की हूं मेरी दीदी की शादी 3 साल पहले गुजरात में हुई थी मैं दिखने में अपनी बहन से कुछ ज्यादा ही सुंदर हूं एक दिन की बात है दीदी का कॉल मम्मी के पास आया मैं प्रेग्नेंट हूं अब मुझसे काम नहीं हो पा रहा है और यह भी परेशान हो रहे हैं मम्मी आप खुशी को गुजरात भेज दो मम्मी मान गई और उन्होंने मुझे ट्रेन से
गुजरात के लिए रवाना कर दिया गुजरात स्टेशन पर जीजा जी मुझे लेने आ गए मेरे जीजा जी बहुत ही हैंडसम है जो भी लड़की एक बार उन्हें देख ले तो नजर नहीं हटा पाती जीजा जी मुझे घर ले गए उस दिन हम तीनों ने खूब बातें की मैंने दीदी के घर का सारा काम संभाल लिया इससे दीदी और जीजा जी बहुत खुश थे उस दिन बात करते-करते बहुत रात हो गई थी दीदी का सिर्फ एक कमरे का फ्लैट था तो जीजा
जी बोले तुम दोनों बहने रूम में सो जाओ मैं बाहर सोफे पर सो जाऊंगा सुबह दीदी जल्दी उठकर नीचे टहलने चली गई और मैं अकेले सो रही थी इतने में जीजा जी अंदर आए और बिना कुछ बोले ब्लैंकेट में घुस गए वे नींद में ही बोल रहे थे सोनम सर्दी ज्यादा है जीजा जी ने दीदी समझकर मुझे बाहों में भर लिया और अपना एक पैर मेरे ऊपर रखकर सो गए थोड़ी देर में उनकी बाहों में दबी बेड पर लेटी रही सच बताऊं
तो उस दिन पहली बार मैंने किसी मर्द को टच किया था क्या बता यार वह एहसास कुछ अलग था फिर मुझे जीजा जी का ख्याल आया तो मैं हल्के से नीचे को खिसक कर बेड से उतर गई और बाहर सोफे पर आकर लेट गई कुछ देर बाद दीदी आ गई और मुझे जगाने लगी उन्होंने जीजा जी को चाय बना कर दी और जीजा जी फ्रेश होकर कुछ देर बाद ऑफिस के लिए निकल गए उनके जाने के बाद दीदी और मैं मिलकर घर का काम करने लगे कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा जीजा जी
रोज कमरे में आते और मुझ से लिपट कर सो जाते मैं भी जीजा जी के स्पर्श का सुख लेकर उनसे अलग हो जाती थी फिर एक दिन जीजा जी मुझे बाहर घुमाने ले गए बाइक चलाते समय जीजा जी जैसे ही ब्रेक मारते मेरे उनकी पीठ से टच हो जाते पहले पहल तो मुझे थोड़ा अजीब सा लगा पर बाद में मुझे भी मजा आने लगा दो घंटा बाद हम दोनों वापस आ गए अब दीदी का नौवा महीना चल रहा था वे अपने हाथ से नहा नहीं पा रही थी तो एक दिन मैं उन्हें ला रही थी उनको
नहला करर मैं बस बाहर आ रही थी कि मेरा अचानक से पैर स्लीप हो गया दीदी ने जीजा जी को आवाज दी और बोली जरा जल्दी आकर देखो खुशी गिर गई है जीजा जी भाग कर आए और उन्होंने मुझे उठा लिया वे अपनी गोद में ही मुझे अपने कमरे में ले गए दीदी जब तक बाथरूम में ही थी मेरी कमर में बहुत जोर से चोट लगी थी जीजा जी बोले मैं सोनम को भेजता हूं वह तुम्हें दर्द की क्रीम लगा देगी दीदी अभी भी
बाथरूम में ही थी मैं मैंने जीजा जी से कहा जीजा जी दर्द बहुत है आप ही थोड़ी सी क्रीम लगा दीजिए जीजा जी ने मेरी कमर पर क्रीम लगाना शुरू किया उस समय जो भी मेरी हालत देख लेता तो उसका वही पानी निकल जाता जीजा जी ने भी शायद अपना संयम तोड़ दिया था वह मुझे खा जाने वाली नजरों से घड़ रहे थे मैं समझ गई कि जीजा जी का भी मन है मैंने कहा जीजा जी यह दर्द तो ठीक हो जाएगा पर एक बहुत पुराना दर्द है उसे आप ही ठीक कर सकते हो प्लीज उसे भी दूर कर दो तो मानो कि आप कुछ है जीजा जी हंस कर
बोले बताओ कहां दर्द है अभी ठीक कर देता हूं मैंने अपना हाथ नीचे ले जाते हुए कहा यहां मेरा इतना कहते ही जीजा जी ने एक स्माइल पास की और मुझे चूमने लगे मैंने भी उन्हें नहीं रोका इससे पहले कि हम कुछ और करते इतने में दीदी के कमरे में आने की आवाज आई मैंने अपने कपड़े ठीक कर लिए और जीजा जी भी चले गए बस फिर क्या था हम दोनों मौके की तलाश में थे दूसरे ही दिन हमें मौका मिल गया दीदी को पड़ोस के घर जाना था तो मैं उनको उधर छोड़कर आई
उस दिन संडे था तो जीजा जी भी घर पर ही थे दीदी ने कहा जब मुझे आना होगा मैं तुझे फोन करके बुला लूंगी मैं दीदी को उधर छोड़कर वापस आ गई सबसे पहले तो मैंने दरवाजा अच्छे से लॉक किया फिर जीजा जी को आवाज दी अरे मेरे प्यारे जीजा जी आइए अब आप अपनी साली को भी जरा टाइम दे दीजिए जीजा जी बोले सोनम कहां है मैं बोली मैंने उनको पड़ोसी के घर में छोड़ दिया है अब अपने पास शाम
तक का समय है बस फिर क्या था जीजा जी मुझे अपने कमरे में ले गए और उसके बाद हम दोनों जन्नत का मजा लेने लगे उसके बाद जब तक मैं दीदी के घर रही तब तक जीजा जी से अपनी सेवा करवाती रही दोस्तों उम्मीद है आप लोगों को हमारी यह प्यारी सी काल्पनिक कहानी पसंद आई होगी तो Comment जरुर कीजिएगा धन्यवाद
भाई प्लीज अपना बाहर निकालो मैं तुम्हारी बहन हूं मैं तुमको कितना शरीफ समझती थी लेकिन भाई ने मेरी एक ना सुनी और जो जो उनके मन में था वह सब उस दिन भाई ने मेरे साथ किया आखिर यह सब कैसे हुआ वह सब वह बताऊंगी
इस कहानी में मेरा नाम सोनम है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूं मेरी उम्र 20 साल है लोग कहते हैं कि मैं दिखने में काफी सुंदर हूं और शायद इसीलिए मोहल्ले के लड़के अक्सर मुझे लेकर बातें करते हैं लेकिन हमेशा इशारों में मेरा परिवार में मैं मेरा छोटा भाई और मम्मी हैं मेरी मम्मी स्कूल टीचर है मैं और मेरा भाई दोनों कॉलेज जाते हैं यह तीन महीने पहले की बात है उसी दिन सोमवार था मैं घर में अकेली थी और कुछ करने का मन नहीं हो रहा था मैं मोबाइल देखने लगी शायद कुछ दिल बहल जाए तभी मम्मी का फोन आया उन्होंने कहा आज मुझे आने में देर हो सकती है मैंने कहा ठीक है मम्मी
आप आराम से आओ उसके बाद मैं बिस्तर पर लेट गई और कब नींद आ गई पता ही नहीं चला अचानक से मेरी नींद खुली तो मुझे लगा जैसे कोई मेरे पास बैठा हुआ है मुझे महसूस हुआ कि कोई धीरे-धीरे अपनी उंगली से मुझे छू रहा है पहले तो मुझे समझ ही नहीं आया कि यह क्या हो रहा है लेकिन जैसे ही मैं हल्के से अपनी आंखें खोली मैं एकदम से चौक गई मेरा छोटा भाई जिसे मैं हमेशा मासूम और शरीफ समझती थी वही मेरे पास बैठा था मुझे यकीन नहीं हो रहा था
कि वह यह सब कर सकता है मेरा दिल बहुत तेज धड़कने लगा था अब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं कुछ भी कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाई मैं सोच रही थी कि वह ऐसा क्यों कर रहा है क्या उसने कभी ऐसा कुछ सोचा भी था मेरे बारे में या फिर यह सिर्फ एक गलती थी उसी पल मेरे मन में बहुत सारे ख्याल आ रहे थे क्या मैं उसे माफ कर सकती हूं क्या यह एक ऐसी घटना है जिसे मैं अनदेखा कर सकती हूं लेकिन साथ ही मुझे ना जाने क्यों उस में गुस्सा नहीं आ रहा था बल्कि उल्टा मुझे भी शायद अच्छा ही लग रहा था मेरी समझ में ही कुछ कमी थी या फिर मैं उस परल कुछ और
सोच रही थी कुछ समय बीता और मैं अभी भी सोने का नाटक कर रही थी तभी अचानक महसूस हुआ कि भाई मुझे हल्के से जगाने की कोशिश कर रहा है उसकी उंगलियां मेरे कंधे पर हल्के से छू रही थी लेकिन मैंने अपनी आंखें नहीं खोली मैं जानती थी कि मैं पूरी तरह से जाग रही हूं लेकिन वह शायद सोच रहा था कि मैं नींद में हूं धीरे-धीरे उसकी हरकतें पहले से ज्यादा होने लगी पहले जहां वह बस हल्का स्पर्श कर रहा था अब उसकी हिम्मत और बढ़ने लगी थी मैं समझ नहीं पा रही थी कि वह क्या कर रहा रहा है और क्या करना चाहता है लेकिन मैं चुपचाप देख रही थी मेरे मन में कई सवाल उठ रहे थे यह मासूम भाई अचानक इतना बदल कैसे गया उसने ऐसा क्यों किया मैं समझ नहीं पा रही थी कि वह मुझे नींद में क्या खिलाने की कोशिश कर रहा था मेरे होंठ बंद थे लेकिन फिर भी उसने कोशिश की कि मैं खा लूं मैं सोते हुए जानबूझकर अपने होठ थोड़े से खोल दिए मैंने ऐसा महसूस कराया जैसे मैं नींद में हूं और मेरे होठ अपने आप ही खुल गए हैं उस पल में मेरे अंदर एक अजीब सी घबराहट थी
लेकिन मैंने उसे जाहिर नहीं होने दिया तभी अचानक घर के फोन की घंटी बजने लगी उस आवाज से माहौल पूरी तरह बदल गया भाई तुरंत डर गया और घबराकर दूर चला गया वह इतनी तेज से उठा कि मैं समझ गई उसके दिमाग में भी डर था कि कहीं मैं जग ना जाऊं उसने फोन उठाया तो देखा वह मम्मी की कॉल थी वह पूछ रही थी कि तुम लोगों ने खाना खाया मैं मन ही मन सोची इनको भी इसी समय कॉल करना था लेकिन वह जल्दी से कॉल खत्म किया अब मेरा ध्यान फिर से भाई की तरफ था लेकिन फिर देखी तो वह कमरे से गायब हो चुका था मैं थोड़ी देर तक सोचती रही कि अब क्या
करना चाहिए मेरा मन अब बेचैन हो गया था यह वही भाई था जिसे मैं हमेशा मासूम और समझदार मानती थी वह अचानक इतना कैसे बदल गया क्या मैं उससे इस बारे में बात करूं या इसे अनदेखा कर दूं बहुत देर तक मैं अपने विचारों में उलझी रही मैंने सोचा कि अगर मैं इस पर कुछ नहीं करती तो शायद यह घटना फिर से हो सकती है लेकिन अगर मैं उसे कुछ कहती हूं तो हमारे बीच का रिश्ता हमेशा के लिए बदल जाएगा फिर मुझसे और रहा नहीं गया मेरे मन में उथल-पुथल मची हुई थी और मैं भाई से बिना बात किए खुद को रोक नहीं पा रही थी मैं उसके कमरे की तरफ गई भाई का कमरा अलग था जहां वह अक्सर पढ़ाई करता है मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं उससे क्या कहूंगी किस तरह इस पूरे वाक्य का सामना करूंगी जब मैं भाई के कमरे के पास पहुंची तो दरवाजा आधा खुला हुआ था था मैंने धीरे से अंदर झांका
फिर मैंने जो देखा उसने मेरी आंखें पूरी तरह से चौड़ी कर दी भाई बिस्तर पर लेटा हुआ था और वह अपने हाथों से कुछ ऐसा कर रहा था जिसे देखकर मैं पूरी तरह से हैरान रह गई मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी मेरा मासूम और सीधा साधा भाई जिसे मैं अब तक सिर्फ एक बच्चे की तरह देखती थी वह ऐसा कर सकता है मैंने कभी सोचा भी नहीं था करीब 10 मिनट तक मैं बस दरवाजे पर खड़ी देखती रही मेरे दिमाग में कई सवाल उठ रहे थे आखिर उसे क्या हो गया है क्या वह सच में ऐसा कर रहा है या फिर मैं किसी भ्रम में हूं मैं खुद को शांत करने की कोशिश की लेकिन मेरी आंखें उसी पर टिकी हुई थी मुझे पता था कि मुझे कुछ करना चाहिए या कुछ कहना चाहिए लेकिन मेरे
अंदर से आवाज नहीं निकल रही थी मैं जिस भाई को अब तक मासूम समझती थी वह मेरे सामने बिल्कुल अलग रूप में था उसे इस हालत में देखकर मुझे एहसास हुआ कि शायद उसने बचपन से कुछ ऐसा देखा या महसूस किया है जिसके बारे में मैंने कभी सोचा ही नहीं मेरे मन में उसके प्रति नफरत नहीं आई बल्कि मैं उलझन में थी मैं समझ नहीं पा रही थी कि यह मेरी कोई गलत फहमी है या फिर कुछ और
मैंने धीरे-धीरे दरवाज से हटने का फैसला किया मुझे नहीं पता था कि अगर मैं उसे इस हालत में टोकू गी तो बीच क्या होगा मैं मन ही मन सोचने लगी कि उसने मेरे साथ कुछ गलत कर दिया तो उतने में उसने मुझे देख लिया और फिर वही हुआ जिसका मुझे डर था तो दोस्तो आप समझ गए की मेरे साथ क्या हुआ।
Bihar Voter Ganna Form Kaise Download Kare 2025 : बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के लिए हर मतदाता को गणना फॉर्म भरना अनिवार्य है। अगर आप समय पर Bihar Voter Ganna Form नहीं भरते हैं तो आपका नाम मतदाता सूची से हट सकता है जिससे आपका वोट देने का अधिकार प्रभावित होगा।। इसलिए Voter Ganna Form जरूरी है क्योंकि यह आपके मताधिकार को सुरक्षित रखता है। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र मतदाता वोट दे सकें।
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के तहत मतदाता को गणना फॉर्म भरना है। इस प्रक्रिया में कई लोग गलतियां कर रहे हैं, जिससे बचने के लिए सही जानकारी जरूरी है। इस लेख में हम आपको Bihar Voter Ganna Form Kaise Download Kare 2025 की पूरी प्रक्रिया, प्री-फिल फॉर्म डाउनलोड करने का तरीका, और इसे जमा करने की जानकारी देंगे।
गणना फॉर्म आवेदन का तरीका ऑनलाइन, ऑफलाइन, मोबाइल ऐप अंतिम तिथि 26 जुलाई 2025 ड्राफ्ट सूची प्रकाशन 1 अगस्त 2025
Bihar Voter Ganna Form 2025 Bihar Voter Ganna Form Kaise Download Kare 2025 का सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फॉर्म आपका नाम मतदाता सूची में बनाए रखने के लिए जरूरी है। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता वोट देने से वंचित न रहे। गणना फॉर्म न भरने पर आपका नाम हट सकता है, जिससे आपका मताधिकार प्रभावित होगा।
Bihar Voter Ganna Form 2025 : पात्रता मानदंड Bihar Voter Ganna Form Download Karene के लिए आपको ये शर्तें पूरी करनी होंगी: बिहार का स्थायी निवासी होना। 1 जनवरी 2025 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करना। वोटर आईडी कार्ड या EPIC नंबर होना। Bihar Voter Ganna Form Download : दस्तावेजों आवश्यकता फॉर्म के साथ दस्तावेज आपकी जन्म तिथि पर निर्भर करते हैं:
जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिक सर्टिफिकेट, निवास प्रमाण पत्र आपका और माता-पिता में से एक का जन्म तिथि/स्थान प्रमाण पत्र। यदि आपका या माता-पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में है, तो उसका स्क्रीनशॉट दे सकते हैं। Bihar Voter Ganna फॉर्म भरने की प्रक्रिया पासपोर्ट साइज की तस्वीर चिपकाएं। सही जन्म तिथि लिखें। अगर उपलब्ध हो, तो डालें। माता, पिता या जीवनसाथी का नाम और EPIC नंबर (अगर हो) दर्ज करें। फॉर्म पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाएं। Bihar Voter Ganna ऑनलाइन वोटर सर्विस पोर्टल पर अपलोड करें। ऑफलाइन अपने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को दें। मोबाइल ऐप निर्वाचन आयोग के ऐप से सबमिट करें। Bihar Voter Ganna Form Kaise Download Kare 2025 Bihar Voter Ganna Form Kaise Download Kare 2025 की प्रक्रिया को नीचे चरण-दर-चरण समझाया गया है: सबसे पहले voters.eci.gov.in पर जाएं।
जुलाई का महीना किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आ सकता है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त जल्द ही किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. खबरों के मुताबिक, 18 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री मोदी बिहार के मोतीहारी में एक कार्यक्रम के दौरान किस्त जारी कर सकते हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि बाकी है. योजना के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में मिलती है.
सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20वीं किस्त जल्द जारी करने वाली है
जुलाई का महीना शुरू हो चुका है और देशभर के करोड़ों किसानों की नजरें पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त पर टिकी हैं. अच्छी खबर ये है कि मोदी सरकार जल्द ही किसानों के खातों में 2000 रुपये की अगली किस्त ट्रांसफर करने वाली है. ये योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो हर साल 6000 रुपये की आर्थिक मदद तीन किस्तों में देती है. खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जुलाई को बिहार के मोतीहारी दौरे पर इस किस्त को जारी कर सकते हैं. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
20वीं किस्त का इंतजार खत्म होने को तैयार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 19 किस्तें किसानों के खातों में पहुंच चुकी हैं. पिछली किस्त फरवरी 2025 में जारी हुई थी और आमतौर पर हर चार महीने में नई किस्त आती है. इस हिसाब से 20वीं किस्त जून में आने की उम्मीद थी, लेकिन इस बार थोड़ी देरी हो गई. अब खबर है कि जुलाई में ये किस्त किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पहुंच सकती है. सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी 18 जुलाई को मोतीहारी में एक कार्यक्रम के दौरान इस किस्त को रिलीज कर सकते हैं. पिछले साल भी पीएम ने बिहार दौरे पर ही एक किस्त जारी की थी, जिससे इस बार भी ये संभावना मजबूत हो रही है.
कैसे चेक करें लाभार्थी लिस्ट में आपका नाम? अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं, तो ये सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है. इसके लिए आप आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाएं. होमपेज पर स्क्रॉल करके Farmers Corner सेक्शन में जाएं और Beneficiary List पर क्लिक करें. अब अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का नाम डालें. इसके बाद Get Report पर क्लिक करें, जिससे आपके गांव की लाभार्थी सूची खुल जाएगी.
अगर आपका नाम इस लिस्ट में नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं. आप अपने जिले की जिला स्तरीय शिकायत निवारण निगरानी समिति से संपर्क कर सकते हैं. ये समितियां खासतौर पर लाभार्थी सूची में नाम न होने या गलत एंट्री की समस्याओं को हल करने के लिए बनाई गई हैं.
अगर नाम लिस्ट में नहीं है, तो क्या करें? कई बार आधार में नाम का बेमेल होना, बैंक डिटेल्स में गड़बड़ी या e-KYC पूरा न होने की वजह से किसानों को किस्त नहीं मिल पाती. अगर आपका नाम लाभार्थी सूची में नहीं है, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: नया रजिस्ट्रेशन: अगर आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो पीएम किसान पोर्टल पर New Farmer Registration ऑप्शन चुनें. आधार नंबर और जमीन के दस्तावेजों के साथ फॉर्म भरें. इसके बाद आपका डेटा वेरिफिकेशन के लिए राज्य नोडल अधिकारी को भेजा जाएगा. आधार डिटेल्स ठीक करें: अगर आधार में नाम या अन्य डिटेल्स में गड़बड़ी है, तो Edit Aadhaar Details टूल का इस्तेमाल करें. इससे आप रियल-टाइम में अपनी डिटेल्स को अपडेट कर सकते हैं. लाभार्थी स्टेटस चेक करें: अपने आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर या मोबाइल नंबर डालकर आप चेक कर सकते हैं कि आप अगली किस्त के लिए पात्र हैं या नहीं.
e-KYC और बैंक डिटेल्स अपडेट करना जरूरी किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी e-KYC पूरी कर लें और बैंक डिटेल्स, मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ी जानकारी अपडेट रखें. सरकार ने साफ कहा है कि बिना e-KYC के किसी को भी किस्त का पैसा नहीं मिलेगा. e-KYC के लिए आप पीएम किसान पोर्टल पर OTP-बेस्ड प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही, सुनिश्चित करें कि आपका आधार आपके बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक है. अगर कोई समस्या आती है, तो आप पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800-115-5261 पर संपर्क कर सकते हैं.
रवि की दो पत्नियां थी मीना और रेखा मीना खूबसूरत थी उसका रूप गांव में चर्चा का विषय था वहीं रेखा साधारण दिखने वाली मगर बेहद समझदार और सहनशील थी रवि का झुकाव हमेशा मीना की तरफ रहता क्योंकि उसकी खूबसूरती उसे मोह लेती थी मीना को अपनी सुंदरता पर घमंड था वह रवि का प्यार पाने के लिए झूठी बातें करती और उसे रेखा से दूर
रहने को कहती रेखा ने कभी शिकायत नहीं की वह चुपचाप घर और रवि का ख्याल रखती एक दिन रवि बीमार पड़ गया मीना ने बहाना बनाकर रवि की सेवा करने से मना कर दिया जबकि रेखा दिन रात उसके पास बैठकर उसकी देखभाल करती रही धीरे-धीरे रवि ठीक हो गया उसने महसूस किया कि
मीना की सुंदरता केवल बाहरी थी जबकि रेखा का प्यार और दया उसकी असली ताकत थी रवि ने मीना से कहा तुम्हारी खूबसूरती केवल आंखों को भाती है लेकिन रेखा का प्यार मेरे दिल को सुकून देता है निष्कर्ष सच्ची सुंदरता शरीर में नहीं मन के भीतर होती है ऐसे ही और भी Story पढ़ने के लिए like comment share ❤️
एक मां की तीन जवान बेटियां थी जो बेहद खूबसूरत और आकर्षक थी। उनकी सुंदरता को देखकर हर कोई मोहित हो जाता था। गांव के सभी युवक उन लड़कियों पर मोहित थे लेकिन उनकी सुंदरता ही उनका सबसे बड़ा श्राप बन गई थी। तीनों बहनों के बीच रोज झगड़ा होता था कि कौन सबसे सुंदर है? इस रोज-रोज के झगड़े से परेशान होकर उनकी मां ने एक योजना बनाई। उन्होंने एक गरीब लड़के को बुलाया और अपनी
तीनों बेटियों से कहा, “तुम में से कौन इस अनाथ लड़के से शादी करना चाहेगी?” पहली बेटी बोली, “इस बदसूरत भिखारी से कौन शादी करेगा?” दूसरी बेटी बोली, मां, क्या तुम पागल हो गई हो? मैं तो किसी अमीर लड़के से शादी करूंगी।” तीसरी बेटी बोली मां अगर तुम्हें लगता है कि यही सही है तो मैं इस लड़के से शादी करने को तैयार हूं। अगले दिन तीसरी बेटी की शादी उस लड़के से कर दी गई। शादी के बाद मां ने अपनी बेटी से कहा,
बेटी यह लड़का कोई भिखारी नहीं है। यह राजा का बेटा है। यह सुनकर दोनों बड़ी बहने चौंक गई। तीसरी बेटी ने आश्चर्य से पूछा, मां, यह भिखारी क्यों बना हुआ था। मां ने कहा, यह नाटक मैंने इसीलिए करवाया क्योंकि इसने मुझसे कहा था कि मैं अपनी रानी उसी को बनाऊंगा जिसके दिल में सच्चाई और सरलता होगी। अगर आप भी मां से प्यार करते हैं,
एक पुलिस महिला होती है जिसका नाम संतोषी होती है। उसे पुलिस का जॉब करते एक साल भी नहीं हुआ होता है। वह अपने थाने का एक बड़े पुलिस अधिकारी होती है। वह बड़े निडर और साहसी पुलिस महिला होती है। उनके क्षेत्र में जितने भी गलत काम करते थे, उन लोगों को ढूंढकर थाने में डाल देती थी। एक दिन पुलिस महिला को सूचना मिलती है कि एक गांव में किसी ने अपने मां को ही जैसा ही पुलिस महिला को सूचना मिलती है, वह तुरंत
उस स्थान में पहुंच जाती है। वहां पर देखती है तो एक मां जमीन में लेटी हुई है और उसके सामने एक लड़का जिसका उम्र करीब 21 साल था, वह खड़ा होकर अपने मां की तरफ देख रहा था और उनके हाथों में एक बड़ी सी लाठी था। पुलिस महिला उस लड़के से कहता है, अपने हाथ से लाठी को फेंक दो और हमारे साथ थाना चलो। वह लड़का अपने हाथ से लाठी फेंक देता है और पुलिस महिला उसे गिरफ्तार करके थाना ले जाती है। पुलिस महिला को 24 घंटे के अंदर में वकालत में पहुंचना था। पुलिस महिला उस लड़के को कुछ घंटे के लिए थाने में रखती है। पुलिस महिला उस लड़के
से उस समय कुछ नहीं कहती है। कुछ घंटा बीतने के बाद उस लड़के को वकालत में दाखिला किया जाता है। वहां पर लड़के का नाम पूछते हैं। लड़का अपना नाम अमित बताता है। अमित से अपनी गलती के बारे में पूछने लगते हैं। मगर अमित कुछ भी जवाब नहीं दे रहा होता है। तभी उन्हें फांसी की सजा सुना देते हैं। इस बात को सुनकर अमित घबराते नहीं है। अमित के पास कुछ महीने का समय होता है। पुलिस महिला अमित को लेकर के थाना चली जाती है। उसे एक रूम में बंद कर देते हैं। एक दिन एक महिला थाना आती है और पुलिस महिला से कहती है किसी ने हमारे घर
में आकर के सब कुछ चोरी कर लिया। पुलिस महिला औरत की बात को सुनकर के अपने पुलिस दोस्तों से कहती है, जाओ और इसके घर में कोई सबूत इकट्ठा करो। जब सबूत मिल जाए तो मुझे कॉल करके बता देना। कुछ देर में ही उस औरत के साथ चले जाते हैं। थाने में केवल पुलिस महिला और वह कैदी केवल थे। पुलिस महिला टहलते हुए उस लड़के के पास चली जाती है। लड़के से पूछता है, तुम्हें इस बात से दुख नहीं हो रहा कि तुम्हें फांसी की सजा सुनाई गई है। पुलिस महिला फिर से कहती है, तुम बोलते क्यों नहीं हो? तुमने अपना कबूल भी ठीक से नहीं बताया।
लेकिन यह गलती तो तुम्हारा ही है। इस तरह की गलती से कोई भी तुम्हें बचा नहीं सकता। वह लड़का पुलिस महिला की बात को सुनकर मुस्कुराने लगता है। तभी महिला डांटते हुए कहती है, तुम्हें हंसी आ रहा है। तुम्हें इतना भी दुख नहीं हो रहा कि तुम्हारे मां तुम्हारे चलते इस दुनिया में नहीं है। दोस्तों, जब पुलिस महिला उसे लड़के से बात कर रही थी, उसी समय कॉल आ जाता है। पुलिस महिला कुछ ही देर में उस औरत के घर पहुंच जाती है। वहां पहुंचने के बाद पता चलता है कि औरत के बेटे ही अलमारी से पैसा निकाल कर ले लिया था। इस मामला को वहीं पर सॉल्व
करके आ जाते हैं। पुलिस महिला को ऊपर से ऑर्डर आती है। यदि उस लड़के का कोई अंतिम इच्छा है तो उस लड़के से पूछकर बता दो। पुलिस महिला उस लड़के के लिए चाय लेकर जाती है। लड़के को चाय देते हुए कहती है तुम्हारे पास केवल 2 महीने बाकी है। यदि तुम्हारा कोई आखिरी ख्वाहिश है तो बता दो ताकि हम तुम्हारा ख्वाहिश पूरा कर सकें। वह लड़का बड़े आत्मविश्वास के साथ कहने लगता है, मेरा आखिरी ख्वाहिश यही है कि मैं एक कुंवारी लड़की के साथ हर रात बिताना चाहता हूं। ऐसी बात को सुनकर पुलिस महिला गुस्सा हो जाती है। मगर धीरज रखते
हुए कहने लगती है, तुम्हारा ख्वाहिश बहुत ही बड़ा है और यह सही नहीं है। फिर से वह लड़का कहता है, मेरा यही आखिरी ख्वाहिश है। महिला पुलिस फिर से कहती है, ऐसा करना गलत होगा। अगर तुम्हारा कोई और ख्वाहिश है तो बताओ। दोस्तों, फिर भी से वह लड़का वही बात करते रहता है। पुलिस महिला कहती है, कोई भी लड़की करना नहीं चाहेगी। तभी वह लड़का हंसते हुए कहने लगता है, आप भी तो एक लड़की ही हैं। देखकर पता चलता है कि आपका शादी भी नहीं हुआ होगा। आप मेरा आखिरी ख्वाहिश पूरा क्यों नहीं कर देते? जब ऐसी बात को पुलिस महिला सुनती है
तो एकदम से घबरा जाती है। पुलिस महिला नहीं चाहती थी कि किसी दूसरी लड़की को इस काम में लाए। पुलिस महिला लड़के को रात में मिलेंगे बोल करके वहां से चली जाती है। जैसा ही रात होता है महिला पुलिस का ड्रेस को बदलकर लड़के के पास पहुंच जाती है। पुलिस महिला लड़के के पास साड़ी पहनकर गई होती है। लड़का देखकर खुश हो जाता है। कुछ ही देर के उराते हुए कहता है, जब आपने मेरा आखिरी ख्वाहिश के लिए पूछा, आप मुझे अच्छे लगने लगे क्योंकि आपके जैसा पुलिस अधिकारी नहीं देखा था। जैसे मैंने कहा वैसा ही आपने किया। तभी पुलिस महिला कहती
हैं, मैंने इसलिए ऐसा किया क्योंकि हर किसी का आखिरी ख्वाहिश पूरा किया जाता है। तभी लड़का कहता है, यदि मेरे जैसे ही हर कैदी अपना आखिरी ख्वाहिश मांगे तो क्या आप पूरा कर देंगे? महिला इस बात को सुनकर थोड़ा सोचने में पड़ जाती है। तभी महिला लड़के के गलती के बारे में पूछने लगती है। तुम्हारे मां के साथ क्या हुआ? क्या वह सब तुमने ही किया? तभी लड़का कहता है, भला मैं अपने मां के साथ ही ऐसा कैसे कर सकता हूं? मैंने तो अपने मां को बचाने के लिए एक लाठी उठाया था, लेकिन उतना तक में देर हो चुका था। तभी वह पुलिस महिला डिटेल के
साथ में लड़के से पूछने लगती है। लड़के के बात को सुनकर पुलिस महिला उस लड़के की मदद करती है। वह फिर से अमित को वकालत लेकर जाती है। वहां पर अमित जो कुछ भी हुआ था, उसके बारे में सब कुछ बता देता है। अमित से कहते हैं, तुम उस दिन क्यों नहीं बताया? अमित कहता है मैं उस दिन घबराया हुआ था। अमित को फांसी होने वाला था। मगर सही समय में पुलिस महिला अमित की मदद करती है। कुछ महीने के बाद उस मुजरिम को पकड़ कर वहीं सजा दिया जाता है। पुलिस महिला और अमित कुछ दिनों में ही शादी कर लेते हैं। जबकि पुलिस महिला अमित से 3 साल बड़ी थी।
फिर भी से अमित से शादी कर लेता है। मेरे प्यारे दोस्तों, यह घटना यहीं पर समाप्त होती है। यदि आपको हमारे स्टोरी पसंद आया हो तो like comment में बताए .
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