जमीन छुपाने के लिए गगन होता हैं दिल छुपाने के लिए बदन होता हैं शायद मरने के बाद भी छुपाये जाते हैं गम इसलिए हर लाश के ऊपर कफ़न होता हैं…!!!


होंठ पर पसीना नहीं आता है, यह एक आम धारणा है जो हमारे शरीर की शारीरिक संरचना और कार्यों के बारे में जानने से संबंधित है। हमारे शरीर में पसीना आने की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण कार्य है जो हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है।
पसीना आने की प्रक्रिया:
पसीना आने की प्रक्रिया हमारे शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है। जब हमारा शरीर गर्म होता है, तो हमारे मस्तिष्क को संकेत मिलता है कि शरीर का तापमान बढ़ रहा है। इस संकेत के जवाब में, हमारे मस्तिष्क ने पसीना आने की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए संकेत भेजे।
पसीना आने के लिए जिम्मेदार ग्रंथियां:
पसीना आने के लिए जिम्मेदार ग्रंथियां हमारे शरीर में व्यापक रूप से वितरित होती हैं। ये ग्रंथियां विशेष रूप से हमारे हाथों की हथेलियों, पैरों के तलवों, और हमारे चेहरे पर अधिक संख्या में पाई जाती हैं।
होंठ पर पसीना क्यों नहीं आता है?
होंठ पर पसीना नहीं आने का कारण यह है कि होंठों पर पसीने की ग्रंथियां नहीं होती हैं। होंठों की त्वचा अन्य भागों की तुलना में अलग होती है और इसमें पसीने की ग्रंथियों की अनुपस्थिति होती है। इसके अलावा, होंठों की त्वचा बहुत पतली होती है और इसमें रक्त वाहिकाओं की संख्या अधिक होती है, जो होंठों को लाल रंग देती है।
होंठों की देखभाल:
होंठों की देखभाल करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे हमारे चेहरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। होंठों को नम और स्वस्थ रखने के लिए, हमें नियमित रूप से लिप बाम या लिप मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, हमें अपने होंठों को चाटने से बचना चाहिए क्योंकि इससे होंठों की त्वचा और अधिक शुष्क हो सकती है।
निष्कर्ष:
होंठ पर पसीना नहीं आने का कारण यह है कि होंठों पर पसीने की ग्रंथियां नहीं होती हैं। होंठों की त्वचा अन्य भागों की तुलना में अलग होती है और इसमें पसीने की ग्रंथियों की अनुपस्थिति होती है। होंठों की देखभाल करना बहुत महत्वपूर्ण है और हमें नियमित रूप से लिप बाम या लिप मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए।
होंठों के बारे में कुछ रोचक तथ्य:
होंठों की समस्याएं:
होंठों की देखभाल के लिए सुझाव:
निष्कर्ष:
होंठों की देखभाल करना बहुत महत्वपूर्ण है और हमें नियमित रूप से लिप बाम या लिप मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए। होंठों की समस्याओं से बचने के लिए हमें धूप से बचना चाहिए।


शुभमन गिल का भारतीय टेस्ट टीम के 37वें कप्तान के रूप में चयन होना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इतनी कम उम्र में इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं होता। उन्होंने अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। गिल ने अपने खेल से लगातार चयनकर्ताओं और दर्शकों का दिल जीता है, और अब कप्तानी की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
शुभमन गिल का क्रिकेट सफर बहुत प्रेरणादायक रहा है। पंजाब के एक छोटे से शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नाम कमाना और अब भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी संभालना, यह उनकी लगन और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी बल्लेबाजी की तकनीक और संयम ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाया।
गिल की कप्तानी में भारतीय टीम को नई दिशा और ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। वे युवा हैं, उत्साही हैं और खेल के प्रति उनका नजरिया बहुत सकारात्मक है। उनके नेतृत्व में टीम में नई रणनीतियां और नवाचार देखने को मिल सकते हैं। साथी खिलाड़ियों के साथ उनका तालमेल भी बेहतरीन है, जिससे टीम का मनोबल ऊंचा रहेगा।
इतनी कम उम्र में कप्तानी संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन शुभमन गिल ने हमेशा चुनौतियों का डटकर सामना किया है। वे मैदान पर शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, जिससे दबाव की स्थिति में भी वे सही निर्णय ले पाते हैं। उनकी यह खूबी कप्तान के रूप में बहुत काम आएगी।
शुभमन गिल का चयन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इससे यह संदेश जाता है कि अगर आप में प्रतिभा और मेहनत करने का जज्बा है, तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। गिल ने दिखा दिया है कि विश्वास, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है।
गिल की कप्तानी में टीम इंडिया के प्रदर्शन में नयापन देखने को मिलेगा। वे खुद एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं और अब कप्तान के रूप में टीम की रणनीति, खिलाड़ियों का चयन और मैदान पर निर्णय लेने की क्षमता भी दिखाएंगे। गिल का शांत और संतुलित स्वभाव टीम को मुश्किल परिस्थितियों में भी मजबूत बनाए रखेगा।
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को शुभमन गिल से बहुत उम्मीदें हैं। वे न केवल एक अच्छे खिलाड़ी हैं, बल्कि एक अच्छे नेता भी साबित हो सकते हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय टेस्ट टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता है। गिल का समर्पण और जुनून टीम के बाकी खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगा।
अंत में, शुभमन गिल को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। वे भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दें, टीम को गौरव दिलाएं और अपने खेल और नेतृत्व से देश का नाम रोशन करें। पूरी उम्मीद है कि गिल की कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम और भी मजबूत और सफल बनेगी।

बिहार में चुनाव से पहले CM नीतीश का बड़ा फैसला, मासिक पेंशन बढ़ाकर की 1,100 रुपये
मासिक पेंशन बढ़ाने की घोषणा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, अब सभी बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को हर महीने 400 रुपये की जगह 1100 रुपये पेंशन मिलेगी.
21 जून , 2025 13:00 pm

बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है.
आगे पढ़ें :
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पेंशन बढ़ाने की घोषणा की है. बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की पेंशन 400 से 1100 रुपये की गई हैं
यह नई पेंशन राशि 10 जुलाई से लागू होगी.
पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को दी जाने वाली मासिक पेंशन बढ़ाने का ऐलान किया है. बिहार सीएम ने शनिवार को मासिक पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये करने की घोषणा की है. ये फैसला 10 जुलाई से लागू हो जाएगा. इस फैसले से राज्य की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1,09,69,255 लाभार्थी को लाभ मिलेगा.

मासिक पेंशन बढ़ाने की घोषणा करते हुए राज्य के सीएम ने कहा, “मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत अब सभी बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को हर महीने 400 रुपये की जगह 1100 रुपये पेंशन मिलेगी. जुलाई महीने से सभी लाभार्थियों को बढ़ी हुई दर पर पेंशन मिलेगी. यह सुनिश्चित
किया जाएगा कि यह राशि महीने की 10 तारीख को सभी लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाए. इससे 1 करोड़ 9 लाख 69 हजार 255 लाभार्थियों को बहुत मदद मिलेगी.” उन्होंने कहा, “बुजुर्ग समाज का एक अनमोल हिस्सा हैं और उनके लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार इस दिशा में प्रयास जारी रखेगी.
बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है. इस दौरान राजनीतिक दलों की बैठक भी शुरू हो गई हैं. जिसमें चुनाव जीतने की रणनीति पर अभी से काम किया जा रहा है. वहीं हाल ही में आम आदमी पार्टी की ओर से बिहार विधानसभा चुनावों में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा भी की गई है. आने वाले दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेता बिहार के कई शहरों में पदयात्रा भी निका लेगी ………2025
अबकी बार बिहार का CM कौन होना चाहिए कमेंट में जरूर बताइएगा …?….cm…..2025