
अगर आप युद्ध चाहते हैं तो रूस तुम्हें ऐसी हार देगा कि शांति समझौता कराने के लिए भी कोई नहीं बचेगा। यूरोपीय शक्तियों की हार इतनी पक्की और मुकम्मल होगी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन के इन शब्दों को चेतावनी समझिए या धमकी। मॉस्को में इन्वेस्टमेंट फोरम के दौरान पुतिन ने साफ कर दिया कि कोई भी रूस को हल्के में लेने की कोशिश बिल्कुल ना करें। और अगर
नाटो देश मिलकर कुछ ऐसा करने की सोच भी रहे हैं तो एक बार फिर से जरूर सोच लें। हैरानी की बात यह है कि भारत दौरे से ठीक पहले पुतिन ने यूरोप के नेताओं को यह धमकी दी। पुतिन ने साफ शब्दों में बोल दिया कि अगर यूरोप युद्ध चाहता है तो रूस इसके लिए तैयार है और ना सिर्फ तैयार है बल्कि रूस यूरोप को ऐसी हार देगा कि कोई समझौता कराने वाला भी नहीं होगा। बता
दें कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन 4 दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। इससे पहले मॉस्को में यूक्रेन युद्ध पर कूटनीति की तेज कोशिशें चल रही हैं। पुतिन ने यह बात तब कही जब अमेरिकी राष्ट्रपति के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेड कोरी कुशनर यूक्रेन युद्ध पर बात करने के लिए मॉस्को में है। पुतिन ने मॉस्को के
इन्वेस्टमेंट फोरम में जब यह बात कही तो विटक और कुशनर रूस यूक्रेन पीस प्लान की डिटेल्स पर बात करने के लिए मॉस्को के दूसरे हिस्से में उनका इंतजार कर रहे थे। हालांकि पुतिन ने यह भी कहा कि उन्हें लड़ाई की कोई इच्छा नहीं। लेकिन अगर यूरोप अचानक हमारे साथ युद्ध करना चाहता है तो फिर हम तुरंत तैयार हैं।
पुतिन ने कहा कि युद्ध की ओर यूरोप का कोई भी कदम ऐसी स्थिति पैदा कर सकता है जिससे फिर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। इसी दौरान पुतिन ने पत्रकारों से भी कह दिया कि उनके पास शांति का कोई एजेंडा नहीं। वो युद्ध के पक्ष में है। पुतिन का आरोप है कि यूरोप शांति प्रस्ताव में बदलाव कर रहा है। इसमें ऐसी मांगे शामिल हैं जो रूस को किसी भी कीमत पर मंजूर
नहीं और इसी वजह से पूरी शांति प्रक्रिया को रोक दिया गया। पुतिन यह भी कहते हैं और इसके बाद में रूस को दोषी ठहरा दिया गया। हालांकि पुतिन ने साफ किया है कि रूस का यूरोप पर हमला करने का कोई प्लान नहीं जो चिंता यूरोपीय देशों को अक्सर सताती है। लेकिन अगर यूरोप अचानक हमारे साथ युद्ध करता है तो इसमें कोई शक नहीं कि हम एकदम तैयार हैं। बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद से यह संघर्ष यूरोप का सबसे बड़ा युद्ध का मैदान
बन चुका है। रर्स के मुताबिक अब तक दोनों देशों के 12 लाख से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं। हालांकि ना तो रूस और ना ही यूक्रेन अपने हताहत सैनिकों की आधिकारिक संख्या बता रहा है। यूरोप और यूक्रेन कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि अगर पुतिन यूक्रेन में जीत गए तो वो किसी नाटो देश पर हमला भी कर सकते हैं। हालांकि पुतिन ने इस दावे को बकवास बताया था।
लेकिन इस बीच अब पुतिन ने यूरोपीय देशों को सख्त लहजे में धमकी दे दी है कि अगर गलती से भी उन्होंने रूस पर तुरंत या अचानक हमला करने की कोशिश की तो इसका अंजाम बेहद घातक होगा।
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