
भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गई हैं। इस बार मामला राष्ट्रगान और महात्मा गांधी से जुड़े एक बयान को लेकर सामने आया है, जिस पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, संसद में मनरेगा से जुड़े एक नए प्रस्ताव को लेकर चल रही बहस के दौरान जब कंगना रनौत से
प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने “रघुपति राघव राजाराम” के माध्यम से देश को एकजुट किया था। उनके अनुसार, इस भजन के जरिए गांधी जी ने समाज को संगठित करने का प्रयास किया और इसी संदर्भ में उन्होंने सरकार के फैसले का समर्थन किया।
कंगना रनौत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्ष का कहना है कि
“रघुपति राघव राजाराम” एक प्रसिद्ध भजन है, लेकिन इसे देश का राष्ट्रगान बताना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कंगना रनौत पर सवाल उठाए।
कांग्रेस की मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि देश को आज “नया राष्ट्रगान” भी पता चल गया।
वहीं कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने भी कंगना के बयान को साझा करते हुए उस पर आपत्ति जताई।
इसके अलावा कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी इस बयान को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे जानकारी की कमी बताया, तो कुछ ने इसे अनावश्यक विवाद करार दिया। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर कंगना रनौत के पुराने बयानों का भी जिक्र किया गया, जिन पर पहले भी विवाद हो चुका है।
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब संसद में मनरेगा से जुड़े संशोधनों और उसके नाम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बहस चल रही है। विपक्ष का कहना है कि योजना के नाम और स्वरूप में बदलाव की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है, जबकि सरकार का पक्ष इससे अलग बताया जा रहा है। फिलहाल, कंगना रनौत की ओर से इस पूरे विवाद पर
कोई नई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। उनके बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं जारी हैं। अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में इस बयान पर भाजपा या खुद कंगना रनौत की तरफ से कोई स्पष्टीकरण आता है या नहीं।
