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Tag: श्री कृष्ण भगवान के वंशज | Krishna ji ke vanshaj ka naam satyug Krishna ji yaduvanshi

  • श्री कृष्ण भगवान के वंशज | Krishna ji ke vanshaj ka naam satyug Krishna ji yaduvanshi

    राजा सुरसेन याची मुलगी ही राजा कुंतीभोज यांना दत्तक म्हणून स्फूर्त केलेली होती म्हणून त्या राजा नी त्यांच्या मुलीचे नाव कुंतीअसे ठेवण्यात आले कुंती ला सहा मुले होते माहितीपूर्ण टाकावी

    कुन्ती ला एकूण सहा पुत्र होते तुम्ही फक्त चार दाखवले 1 कर्ण, 2 युधिष्ठिर, 3भीमसेना, 4 अर्जुन, 5 सहदेव, 6 नकुल,

    भगवान श्री कृष्ण यदुवंशी क्षत्रिय राजपूत है। उनका जन्म देवकी और वासुदेव यानी की क्षत्रिय राजपूत परिवार में हुआ था। कई कारण सर उनका लालन पोषण नंद बाबा और यशोदा माता के वहां हुआ था। नंद बाबा और यशोदा माता दोनों अहीर समाज के थे भगवान श्री कृष्ण का जन्म यादव राजपूत कुल में यदुवंश में हुआ था और यदुवंशी जो है वह चंद्रवंशी के अंदर आता है। और

    अहीरों को बहुत सारी किताबों में और बहुत पुराने ग्रंथ में भी शुद्ध बताया गया है तो शुद्ध का मतलब आपको भी पता है और मुझे भी पता है और भागवत गीता में भी स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है के नंद बाबा और यशोदा ग्वाले थे, अहीर थे, अभीर थे और देवकी और वासुदेव क्षत्रिय थे उसमें मेंशन किया हुआ है और यह जो खुद को यदुवंशी बताते हैं अहीर पर यदुवंशी केवल और केवल

    क्षत्रिय राजपूत है। अगर तुमको यदुवंशी लिखना ही हो तो बोलो कि राजपूत हमारे बाप है। हम राजपूत के बेटे हैं। राजपूत कल भी तुम्हारे बाप थे। राजपूत आज भी तुम्हारे बाप है। राजपूत परसों भी तुम्हारे बाप रहेंगे। मैं एक राजपूत हूं। हमें कभी भी किसी भी समाज का

    विरोध नहीं किया है। आज तक ना आगे भी करेंगे। पर जो है उसके कुछ इधर उधर इतिहास में तो चुप नहीं रहेंगे ब्रध्यतां यादव राजपुत्रश्य ! बाहु राजनय कृतः बध्यतां यदुकुल राजपुत्रा ! क्रंदता मितेतरम … यदुवंशी क्षत्रिय राजपुत्र जाडेजा चूड़ासमा भाटी जादौन आदि वंशज है फिलहाल

    भारत में वास्तिक वंशावली के साथ ।

    तो तुम लोग भी अपने नाम के पीछे यादव लगाया करो

    वासुदेवाय नम: वासुदेवाय नम: 🌎🇮🇳