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Tag: आराम चाहिए या सपना | Motivational for UPSC Aspirants 👇 यूपीएससी की तैयारी करने वाले हर विद्यार्थी के सामने यह सवाल

  • आराम चाहिए या सपना | Motivational for UPSC Aspirants 👇

    यूपीएससी की तैयारी करने वाले हर विद्यार्थी के सामने यह सवाल

    यूपीएससी की तैयारी करने वाले हर विद्यार्थी के सामने यह सवाल हर दिन खड़ा होता है।

    क्या मैं थोड़ी देर और आराम करूं या अपने सपने को याद करके पढ़ाई शुरू करूं? यही पल आपके भविष्य का फैसला करता है। आराम आसान है। बिस्तर पर लेटना आसान है। दोस्तों के साथ घंटों बातें करना आसान है। सोशल मीडिया पर स्क्रोल करना आसान है। यह सब आपको तात्कालिक खुशी देता है। लेकिन यही

    आराम धीरे-धीरे आपके सपने को निगल जाता है। क्योंकि आराम आपको वहीं रोक देता है जहां आप हैं। यूपीएसएससी सिर्फ एक परीक्षा नहीं है। यह आपके धैर्य, अनुशासन और समर्पण को जानने का जरिया है। यह परीक्षा केवल किताबों से नहीं बल्कि आपके आत्मनियंत्रण और त्याग से पास होती है। हर बार जब आप कहते हैं चलो थोड़ी देर आराम कर लूं तब आपको याद रखना चाहिए कि

    हजारों प्रतियोगी इस समय पढ़ रहे हैं और वही कल आपसे आगे निकलेंगे। सपना कठिन है क्योंकि सपने को पूरा करने के लिए आपको हर दिन अपनी सीमा से आगे बढ़ना पड़ता है। कभी नींद छोड़नी पड़ती है। कभी पार्टियों को ना कहना पड़ता है। कभी दोस्तों से दूरी बनानी पड़ती है। लेकिन यह कठिनाई ही आपके भविष्य को महान बनाती है। सपना आपको वहां ले जाता है। जहां आप हमेशा से जाना चाहते थे। फर्क आपके ज्ञान में नहीं पड़ता। क्योंकि यूपीएससी की तैयारी करने वाले

    अधिकतर छात्रों के पास किताबें वही होती हैं, नोट्स वही होते हैं, कोचिंग वही होती है। फर्क सिर्फ एक चीज में पड़ता है आपके निर्णय में। आपका हर छोटा निर्णय तय करता है कि आप किस ओर बढ़ रहे हैं। आराम की ओर या अपने सपने की ओर। आज का एक घंटा आराम आपको तसल्ली देगा। लेकिन कल वही घंटा आपको पछतावे में डुबो देगा। आज की मेहनत आपको थकाएगी। लेकिन कल वही मेहनत

    आपको आईएएस, आईपीएस या आईएफएस की कुर्सी पर बैठाएगी। दुनिया आपको आज नहीं पहचानती। लेकिन आपकी लगन कल पूरी दुनिया को आपको सलाम करने पर मजबूर कर देगी। जब आप थक जाएं तो अपना सपना याद करें। खुद से पूछें मैंने यह सफर क्यों शुरू किया था? भविष्य की तस्वीर देखिए। खुद को उस पद पर कल्पना कीजिए जिसके लिए मेहनत कर रहे हैं। छोटे कदम उठाइए। पूरे दिन का नहीं तो कम से कम अगले 30 मिनट का संकल्प लें और पढ़ना शुरू करें। तुलना आराम से नहीं

    लक्ष्य से करें। हमेशा खुद से पूछें क्या आराम मेरे लक्ष्य से बड़ा है? विजेता वही है जो हर बार आराम को ठुकराकर अपने सपने को चुनता है। क्योंकि आराम आपको आज सुकून देगा। लेकिन सपना आपको जीवन भर सम्मान देगा। यूपीएसएससी सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं है। यह एक जिम्मेदारी है। यह सेवा है। यह राष्ट्र निर्माण का सपना है। जब भी आपका मन कहे कि बस अब और नहीं हो रहा तब याद रखिए आपकी हार सिर्फ आपकी हार नहीं है। यह उन लोगों की भी हार है जो आपको देखकर उम्मीद लगाते हैं। आपकी जीत सिर्फ आपकी

    जीत नहीं होगी। यह पूरे समाज की जीत होगी। अंत में आपको हर दिन खुद से एक सवाल पूछना है। क्या मैं आराम चुनूंगा या सपना?क्योंकि यही सवाल आपके आने वाले जीवन का उत्तर तय करेगा। तो दोस्तों जब भी मन कहे आराम कर लो तब अपने आप से कहिए मुझे आराम नहीं चाहिए। मुझे अपना सपना चाहिए। अगर आप भी अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं तो अभी से मेहनत शुरू कीजिए।

    क्योंकि यूपीएसएससी कोई मंजिल नहीं है। यह तो सिर्फ शुरुआत है उस महान जीवन की जो आप जीने वाले हैं।