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Tag: गजब का तरीका है यह जितना चाहो उतनी देर।

  • गजब का तरीका है यह जितना चाहो उतनी देर।

    फीमेल तो चार से पांच बार भी या फिर 10 से 20 बार भी उस संतुष्टि के लेवल तक जा सकती है। अगर आप प्रॉपर तरीके से उस लेवल तक पहुंचाना चाहते हैं और दोनों ही एक दूसरे के साथ बहुत अच्छे से करते हैं तो। ठीक है? एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं तो।

    लेकिन जो मेल्स है ना उनका एक बार में ही क्योंकि ऐसा होता है कि उसके बाद वह नहीं कर पाते। अगर वह एक बार उस सेटिस्फेक्शन के लेवल तक पहुंच गए तो वह दोबारा रेडी होने के लिए ही उनको समय लगेगा। एक से 2 घंटा भी लग सकता है। किसी में 6 घंटे भी लग सकते हैं। किसी में 12 घंटे भी लग सकते हैं जो कि बहुत ही

    लंबा समय है। लेकिन फीमेल करते-करते ही वह बार-बार भी उस लेवल तक पहुंच सकती है। एक से चार बार तो मिनिमम है। वह जा सकती है। उससे भी ज्यादा जा सकती है। क्या आपको यह बात पता थी? लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आप लंबे समय तक रहे। इसलिए उसको रिटेन करना जरूरी है। जो लिक्विड है उसको रोकना जरूरी है। उसको स्टॉप करना जरूरी है। तो

    उसकी ही एक टेक्निक है जिसको बोलते हैं इचिंग। जी हां टीज़िंग भी बोलते हैं। तो बहुत सारे नामों से जाना जाता है कि जब आपको वो लेवल मिलने वाला होता है। उससे पहले ही आप उसको कंट्रोल कर लें। यही वो टेक्निक होती है। चाहे आप किसी फीमेल के साथ कर रहे हैं। किसी भी तरीके से आप परफॉर्म कर रहे हैं अपने उस पार्ट से और आप चाहते हैं कि कंट्रोल करें। वो जो

    लिक्विड है बॉडी से बाहर ना निकले। तो उसकी ही कुछ टेक्निक्स होती हैं। तो सबसे पहले हम जानेंगे कि इसके क्या फायदे होते हैं और इसको कैसे किया जाता है? क्या टेक्निक होती है इसके बारे में ताकि आप लंबे समय तक बने रहें। ठीक है? तो पहला फायदा तो यही है कि आपका जो टाइमिंग है वह बहुत अच्छा हो जाता है

    अगर आप यह टेक्निक सीख जाते हैं तो उससे पहले हम समझते हैं एक पॉइंट को जिसको हम बोलते हैं पी एंड आर मतलब क्या है कि पॉइंट ऑफ नो रिटर्न उसके बाद आप रिटर्न नहीं हो सकते उससे पहले ही आपको कंट्रोल करना पड़ेगा अपने उस लिक्विड को ठीक है तो ये आपको देखना है कि जब आप बार-बार प्रैक्टिस करते हैं तो आपको पता चलेगा कि अगर इतना मैंने कंट्रोल

    कर लिया है इसके आगे अगर में गया तो फिर लिक्विड निकल ही जाएगा बॉडी से बाहर। उससे पहले अगर मैंने अपने को कंट्रोल कर लिया तो नहीं निकलेगा। ठीक है? वही वो पॉइंट होता है। तो वो आपको डिफाइन करना है कि कब आता है। ठीक है? आप कितना कंट्रोल कर पाते हैं और किसके बाद आप कंट्रोल बिल्कुल नहीं कर पाते हैं। तो वो आपको देखना होगा। वह आपको प्रैक्टिस से ही पता चलेगा कि आपका पीएआर कब आता है।

    ओके? अब हम जानते हैं कि इसके फायदे क्या है? तो फायदे देखिए एक तो आपका टाइम बढ़ जाता है। दूसरा आपके पार्टनर के साथ आपकी जो एक बॉन्डिंग है वो बहुत अच्छी हो जाती है। क्योंकि फीमेल जब तक पूरी तरीके से हैप्पी नहीं होती है तब तक आप अपना जो सेटिस्फेक्शन है वह ढूंढ ही नहीं पाते हैं। ठीक है? और आपको हमेशा ही कॉन्फिडेंस आता नहीं है। लो

    कॉन्फिडेंट आप फील करते हैं। नेक्स्ट क्या है कि आप और भी बहुत सारे पॉइंट्स को ढूंढ सकते हैं जो प्रिज़र्व पॉइंट हैं अगर आप थोड़े समय के साथ बने रहते हैं अपने पार्टनर के साथ। ओके? तो बहुत सारे इसके फायदे हैं। एक आप पीई को कंट्रोल कर सकते हैं। बहुत सारे लोगों को छूते ही किसी भी फीमेल को या फिर इसके बारे में सोचते ही जो लिक्विड है बॉडी से बाहर

    निकल जाता है। तो उसको भी आप कंट्रोल कर पाएंगे। अगर आपने अपना पी एंड आर को ढूंढ लिया। ओके? तो बहुत सारे फायदे हैं। अब देखो नेक्स्ट क्या है कि इसको कैसे हम समझें? किस तरीके से आप इसको धीरे-धीरे करके ढूंढ सकते हैं। मतलब कैसे आप उसको पहचान सकते हैं। क्या टेक्निक्स आप यूज़ करें? तो सबसे पहली टेक्निक तो यही है कि जब भी आपका ऐसा हो कि अभी इसके बाद अगर आप थोड़ा सा भी और करते हैं तो आपका तुरंत बॉडी से बाहर आ

    जाएगा। तो आप क्या करें? तुरंत उस पार्ट को बाहर निकाल लीजिए। बिल्कुल भी टच नहीं होना चाहिए फीमेल की बॉडी से और आप क्या करेंगे? अपना ध्यान भटका लेंगे। एक बार के लिए बिल्कुल आप उससे कट हो जाइए। जी हां, बहुत मुश्किल है। लेकिन आपको ऐसा ही करना पड़ेगा। एक बार के लिए आप बिल्कुल रुक जाइएगा। अपने पार्ट को बाहर निकाल लीजिए।

    एंड उसके बाद आप थोड़ा सा अपने उस पार्ट के ऊपर फोकस करेंगे कि क्या करेंगे कि आप बिल्कुल गहरी सांस लेंगे। ठीक है? ताकि मैक्सिमम ऑक्सीजन आप अपनी बॉडी के अंदर ले सकें। एंड आपका जो पार्ट है मान लीजिए ये आपका हेड वाला हिस्सा है। यह आपका बेस वाला है। नीचे का हिस्सा है। तो बीच में एक आपको थोड़ी सी जगह दिखाई देती है। एक बैंड के जैसा दिखाई देता है। तो वहां पे आप क्या करेंगे? उसको स्क्वीज़

    करेंगे। जब आप उस हिस्से को स्क्वीज़ करते हैं तो एक बार के लिए आपका जो पार्ट है वह समझिए कि थोड़ा सा डीएक्टिवेट हो जाता है। उसके बाद आप कंट्रोल कर पाएंगे। एक तो यह टेक्निक होती है। एक क्या है कि थंब का भी इस्तेमाल किया जाता है। जो हेड है उसके ऊपर आप थंब का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। थोड़ा सा

    उसको दबा सकते हैं। ओके? जब भी आप करते हैं तो थोड़ा-थोड़ा सा रुकिए। फिर से कीजिए। फिर से रुकिए। इस तरीके से अगर आप करते हैं तो भी आपका यह जो पॉइंट है यह आने से पहले ही आप रुक जाएंगे और ऐसा करके आप करते हैं तो आपका बिल्कुल टाइमिंग बढ़ता है और आपके फीमेल पार्टनर कभी भी आपसे शिकायत नहीं करती है। ठीक है? इसके थ्रू आप जितना लंबा

    टिकना चाहें उतना टिक सकते हैं। यह आपकी आर्ट के ऊपर डिपेंड है कि आप किस तरीके से अपने पीएआर पॉइंट को ढूंढते हैं और समझते हैं। ओके? तो चलिए मिलते हैं नेक्स्ट पार्ट में। थैंक्स फॉर वाचिंग। अगर कहानी आपको अच्छा लगा तो, शेयर करना और कॉमेंट भी गुड बाय।