Story of a Tea Seller

ऐसा लड़का जिसने 12 साल की उम्र में पिता को खो दिया। इतनी सी उम्र में पूरे घर का बोझ उसके कंधों पर आ गया। कैसे उसने इतनी गरीबी से करोड़ों का साम्राज्य बनाया। तो चलिए जानते हैं अमन की कहानी। छोटे से गांव से लेकर करोड़ों की सफलता तक की यात्रा। बिहार के छोटे से गांव में अमन नाम का लड़का रहता था। उसके पिता एक साधारण किसान थे जो दिन रात
मेहनत करते हुए भी अच्छे पैसे नहीं कमा पा रहे थे। अमन की मां दूसरों के घर में काम करके कुछ रुपए कमाती थी। घर में तीन बच्चे थे और अमन सबसे बड़ा था। अमन की उम्र बस 11 साल की थी जब एक दिन उसके पिता खेत से घर लौटे और अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। गांव में अच्छा इलाज नहीं था और उसी रात अमन के पिता का निधन हो गया। घर में मातम का
माहौल था। अमन की मां ने रोते हुए कहा, “अमन, तू ही अब घर का सहारा है। बेटा।” अमन की आंखों में आंसू थे लेकिन उसके दिल में एक अजीब सी आग जल रही थी। उसने अपनी मां से कहा मां मैं पढ़ाई नहीं करूंगा। अब मुझे कोई अच्छा सा काम करना है। पर अमन की मां ने मना कर दिया। नहीं बेटा पढ़ाई मत छोड़ना। मैं दिन रात काम करूंगी और घर संभाल लूंगी। लेकिन अमन जानता था कि सिर्फ मां की मेहनत से घर नहीं
चल सकता। वो अक्सर यह सोचा करता अगर मैं कुछ अच्छा कर पाऊं तो शायद मां की तकलीफें कम हो जाए। एक दिन उसने गांव के किसी व्यक्ति से सुना कि दिल्ली में काम आसानी से मिल जाता है। बस उसी पल उसने फैसला कर लिया। उसने गांव के एक आदमी से कुछ रुपए उधार लिए। छोटे से बैग में दो जोड़े कपड़े डाले और ट्रेन पकड़ ली। जब वो अपने घर से निकला तो मां की आंखों में आंसू थे। मां बार-बार बस एक ही बात कह रही थी। जल्दी लौट आना बेटा। और अमन ने
मुस्कुराते हुए कहा, “मां जब लौटूंगा ना, तो सारी मुश्किलें खत्म हो जाएंगी।” दिल्ली पहुंचकर अमन के सपनों से ज्यादा परेशानियां उसका इंतजार कर रही थी। ना कोई ठिकाना, ना जान पहचान। रात को उसे स्टेशन पर ही सोना पड़ा। जब सुबह उठा, तो जेब में केवल ₹10 बचे थे। भूख लगी थी लेकिन उसने अपने आप से कहा, “अगर अगर यह ₹10 भी खर्च कर दिए, तो कल क्या करूंगा?” वो स्टेशन के पास घूमने लगा। तभी उसने देखा कि लोग हर जगह चाय पी रहे हैं। अमन सोचने लगा अगर यहां इतनी भीड़ है तो क्यों ना मैं भी चाय
बेचने का काम शुरू करूं। उसने आसपास के चाय वालों से पूछा। भैया अच्छी चाय कैसे बनाते हैं? दुकानदार ने हंसकर कहा, “अबे बच्चे, यह कोई मजाक नहीं है।” अमन बोला, “भैया, जरूरत है। सीखना चाहता हूं।” उस दिन अमन ने ₹10 में चीनी, थोड़ी चाय पत्ती और हल्का दूध खरीदा। उसने किसी से टूटा हुआ बर्तन मांगा और उसी में पहली बार चाय बनाई। पहली बार चाय बनाते समय अमन का हाथ जल गया। दूसरी बार उसकी चाय में नमक पड़ गया। लेकिन तीसरी बार अच्छी चाय बनी। मीठी चाय बनी। उसने किसी चाय वाले से पुरानी केतली मांगी और स्टेशन पर निकल पड़ा। गरम चाय, गरम
चाय। पहले ग्राहक ने चाय पी और अमन को ₹3 दिए। अमन की आंखों में ऐसी चमक आई जैसे उसने करोड़ों रुपए कमा लिए हो। शुरुआत के दिन आसान नहीं थे। कभी दूध कम पड़ जाता, कभी चाय जल जाती। कभी अमन पूरे दिन में सिर्फ ₹30 ही कमा पाता था। रात को स्टेशन पर ही सोना पड़ता था। एक दिन बरसात में भीगते हुए उसने अपने आप से कहा, शायद मैंने गलती कर दी। उसने घर फोन किया। मां ने पूछा तू कैसा है अमन? अमन ने झूठी मुस्कान के साथ कहा, बहुत अच्छा हूं मां तू फिक्र मत करना। लेकिन फोन रखने के बाद उसकी आंखों में आंसू थे। उस रात अमन ने अपने आप से वादा किया मैं हार नहीं मानूंगा। जो भी हो मैं
सफल बनकर दिखाऊंगा। धीरे-धीरे लोग अमन को पहचानने लगे। स्टेशन के यात्री कहते अरे वो मुस्कुराने वाला चाय वाला आ गया। अमन हमेशा हर ग्राहक से मुस्कुरा कर बोलता धन्यवाद सर। फिर आइएगा। लोगों को उसका व्यवहार अच्छा लगता। कुछ महीनों बाद एक ऑफिस के कर्मचारी ने उससे कहा, “अरे भाई, रोज हमारे ऑफिस में आकर चाय दे दिया कर। हम रोज तुझे पैसे दे देंगे।” यह अमन के लिए एक अच्छा मौका था। अब उसकी रोज की कमाई ₹200 ₹300 तक आ गई थी। उसने छोटा सा कमरा किराए पर लिया और चाय
बेचने के लिए स्टॉल भी खरीदा। लेकिन अमन इस चीज से अनजान था कि एक बहुत बड़ा मौका उसका इंतजार कर रहा है। एक दिन बड़ी कंपनी का ड्राइवर अमन के यहां चाय पीने आया। उसने अमन की चाय पी और उससे बोला साहब कह रहे हैं कि तुम बहुत अच्छी चाय बनाते हो। वो तुमसे मिलना चाहते हैं। अमन कुछ घबराया लेकिन वो हिम्मत जुटाकर मिलने चला गया। साहब ने पूछा अरे बेटा तुम कहां से हो? अमन ने सब कुछ ईमानदारी से बता दिया। साहब बोले वाह तुम बहुत हिम्मत वाले लड़के हो बेटा। मैं तुम्हारी मदद करना
चाहता हूं। मैं बड़ी कंपनी चलाता हूं। तुम मेरी कंपनी में आकर अपनी चाय बेचो। रोज तुम्हें 200 आदमियों के लिए दो टाइम चाय बनानी है। अमन को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। 200 लोगों के लिए रोज दो वक्त चाय बनाना। अमन के लिए यह किसी सपने की तरह था। अमन ने हां कह दी। उसने दो लड़के रखे, बड़े बर्तन खरीदे और पूरी मेहनत से काम शुरू किया। धीरे-धीरे उसके पास और भी कंपनियों के ऑर्डर आने लगे। अब अमन अपने आप को एक बिजनेसमैन की तरह देखने लगा। उसने अपने काम का नाम रखा अमन टी सर्विस।
2 साल बाद अमन ने एक बड़ी दुकान खोली। अब उसके साथ 10 लोग काम करते थे। वो सिर्फ चाय नहीं बल्कि नाश्ता भी बेचने लगा। एक दिन अमन को नया आईडिया आया। क्यों ना मैं अपनी चाय को पैकेट में बेचना शुरू करूं। उसने मार्केट रिसर्च की और पाया कि लोग अपने घर के लिए अच्छी क्वालिटी की चाय ढूंढते हैं। अमन ने एक मशीन खरीदी और अपनी चाय को नाम दिया अमन स्पेशल टी। धीरे-धीरे उसकी पैकेट वाली चाय लोगों के बीच मशहूर हो गई। एक दिन बड़े मॉल के मैनेजर ने अमन से बात की और उससे कहा, “हें हर महीने
5,000 पैकेट चाहिए।” अमन को यकीन नहीं हुआ। उसने तुरंत छोटी सी फैक्ट्री का इंतजाम किया और 50 लोगों को नौकरी दी। अब उसकी हर महीने की कमाई 10 लाख तक पहुंच गई थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। लेकिन उसी वक्त अमन की मां की तबीयत अचानक खराब हो गई। डॉक्टर्स ने कहा ऑपरेशन करना पड़ेगा और ₹1 लाख लगेंगे। अमन के पास इतने पैसे नहीं थे। सारे पैसे उसने बिजनेस में लगा दिए थे। उसने अपनी कुछ मशीनें बेची और मां का इलाज कराया। जब मां का ऑपरेशन हो गया तो अमन ने उन्हें दिल्ली बुला लिया। जब अमन की मां ने उसकी फैक्ट्री देखी तो उनकी
आंखों से आंसू बह निकले। आज अमन 28 साल का है और उसकी कंपनी अमन टी कॉरपोरेशन का हर साल का टर्नओवर 20 करोड़ है। तीन फैक्ट्रियों में 300 से अधिक वर्कर्स हैं। अब अमन की चाय 12 राज्यों में बिकती है और उसने ऑनलाइन बिजनेस भी शुरू कर दिया है। लेकिन आज भी जब वो अपनी फैक्ट्री में जाता है तो सबसे पहले खुद चाय बनाता है और यह कहता है कि यह चाय मुझे याद दिलाती है कि मैं कहां से आया था। पिछले साल अमन जब अपने गांव लौटा तो गांव वालों को यकीन नहीं हुआ कि यह वही लड़का है जो
कभी हमसे कुछ रुपए उधार लेकर गया था। दोस्तों जब आप अगली बार चाय पिए तो अमन की कहानी जरूर याद कीजिएगा क्योंकि जब एक गरीब लड़का ₹10 से शुरुआत करके करोड़ों तक पहुंच सकता है तो आप भी अपने सपने पूरे कर सकते हैं। हर बड़ी सफलता की शुरुआत सिर्फ एक ही कदम से होती है। बस आपको जरूरत है हिम्मत की, खुद पर विश्वास की और अटूट मेहनत की। और हां अगर आपको यह कहानी पसंद आई है तो आपको यह दूसरी कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।
