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  • 12 बार रिजेक्शन के बाद JK Rowling बनी BILLIONAIRE – Hindi Motivational

    यह कहानी एक ऐसी औरत की है जिसे पति से झगड़ा होने पर तलाक लेना पड़ा। एक बच्चे की जिम्मेदारी उसके सर पर थी और उसकी जेब खाली थी। किताब लिखी लेकिन कोई उसे पब्लिश करने को तैयार ना हुआ। दर-दर

    भटकती रही। कई बार आत्महत्या का ख्याल आया लेकिन उसने हार नहीं मानी। जब उसकी लिखी किताब रिलीज हुई तो सफलता ने उसके कदम चूमे। आइए जानते हैं कहानी जहाना की। यह कहानी है इंग्लैंड में जन्मी एक लड़की ज्वाना की। जोना को बचपन से ही लिखने पढ़ने का शौक था। वह बचपन में अपनी बहन को कहानियां लिखकर सुनाया करती थी।

    जोना जब 15 साल की थी तब एक दिन उसकी आंटी ने उसे जेसिका मिडफोर्ड की एक किताब लाकर दी। जिस किताब का नाम था हॉल्स एंड रिबल्स। उस बुक को पढ़ने के बाद जहाना जैसे पागल हो गई और उन्होंने लेखन को ही अपना भविष्य मान लिया। 1982 में जहाना ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एंट्रेंस के लिए एग्जाम दिया। जोाना का सपना था कि वह ऑक्सफोर्ड में पढ़े लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर

    था। वहां उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया। जोना के लिए यह एक बड़ा झटका था जिसके बाद मजबूरन उन्हें एक्स्ट्रा यूनिवर्सिटी में पढ़ना पड़ा। यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कंप्लीट होने के बाद उन्होंने किसी कंपनी में सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। फिर आगे जाकर वो मैनचेस्टर में रहकर काम करने लगी। एक दिन जब वह मैनचेस्टर से लंदन आने के लिए ट्रेन में सफर कर रही थी तो उनके मन में जादूगरी के स्कूल में पढ़ने वाले एक यंग बॉय की कहानी आई जिसे उन्होंने अपने मन में पूरी तरह से पढ़ लिया था और जैसे ही वह लंदन अपने कैंपस पहुंची तो उन्होंने उसी वक्त लिखना शुरू कर दिया। जोना को

    लगा कि शायद यह कहानी उनकी जिंदगी बदल देगी। लेकिन वो इस बात से अनजान थी कि बुरे हालात उनका इंतजार कर रहे हैं। लंदन आने के कुछ ही दिनों बाद उनकी मां की मृत्यु हो गई। जोाना की मां उसकी सबसे करीबी थी। जोना इस सदमे से कई महीनों तक नहीं निकल पाई और इस घटना का असर जोाना के लेखन पर भी पड़ा। जोना बहुत दुखी सी रहने लगी लेकिन उन्होंने अपने गम को भुलाने के लिए भी लिखने का ही सहारा लिया और अपना पूरा समय लिखने में बिताने लगी। कुछ समय बाद वह जॉब की तलाश में पुर्तगाल चली गई। जहां पर उनकी मुलाकात जॉर्ज से हुई। उन दोनों के विचार आपस में काफी मिलते जुलते थे और

    इसीलिए उन्होंने 1992 में शादी कर ली। लेकिन किस्मत ने उनके लिए अभी और गम लिख रखे थे। एक साल बाद यानी 1993 में उनकी बेटी पैदा हुई जिसका नाम उन्होंने जेसिका रखा और उसी साल घरेलू हिंसा से परेशान होकर ज्वाना ने तलाक ले लिया। इसके बाद ज्वाना अपनी बच्ची के साथ स्कॉटलैंड रहने चली गई। यह समय जवाना के लिए सबसे मुश्किल था। उनकी शादी नाकामयाब हो चुकी थी। एक बच्चे की जिम्मेदारी भी उन्हीं के ऊपर थी और उनके पास कोई काम नहीं था। इसलिए वह डिप्रेशन में रहने लगी। कई बार उन्हें आत्महत्या का ख्याल आता। हालांकि इन सभी परेशानियों को झेलते हुए भी उन्होंने कभी लिखना बंद नहीं

    किया और आखिरकार 1995 में उन्होंने अपनी फर्स्ट बुक पूरी की। किताब पूरी होने के बाद जुआना को लगा कि शायद अब उनकी जिंदगी बदल जाएगी। लेकिन यहां भी उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी और एक के बाद एक लगातार कई पब्लिशिंग हाउसेस ने उनकी किताब को पब्लिश करने से मना कर दिया। जोना की उम्मीद अब टूटती नजर आ रही थी। एक साल तक भटकने के बाद लंदन के एक एडिटर ने आखिरकार उस किताब को पब्लिश करने के लिए हामी भरी। लेकिन उस एडिटर

    को लगता था कि यह बुक नाकामयाब होगी। इसलिए उन्होंने जहाना को जॉब की सलाह दी। 2 साल इंतजार करने के बाद 1997 में जहााना की किताब को पब्लिश किया गया और उसके बाद तो मानो सब कुछ उल्टा हो गया। इस बुक को लोगों ने इतना पसंद किया कि 5 महीने के अंदर इस बुक को ब्रिटिश बुक ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया गया। वो बुक थी मशहूर हैरीपॉटर सीरीज की फर्स्ट बुक हैरीपॉटर एंड द फिलॉसफर स्टोन। इस बुक का सीक्वल 2 जुलाई 1998 को रिलीज़ किया गया और फिर एक के बाद एक यह किताब आगे बढ़ती चली

    गई। हैरीपॉटर के चौथे नवेल को इतनी सफलता मिली कि इसने उस समय के हर रिकॉर्ड को तोड़ दिया। 380 कॉपियां यूके में एक ही दिन में बिक गई। 2001 में जहाना ने दूसरी शादी की और फिर 2 साल बाद उनका बेटा डेविड पैदा हुआ। उसी साल हैरीपॉटर की पांचवी नवेल पब्लिश की गई और फिर उसके अगले साल रोलिंग किताबें लिखकर अरबपति बनने वाली पहली लेखक बन गई। 2007 में रिलीज हुए हैरीपॉटर के अंतिम हिस्से को इतनी सफलता मिली कि इसे बेस्ट सेलिंग बुक ऑफ द वर्ल्ड टाइम बना दिया गया। यूके और यूएस में

    रिलीज होने के एक ही दिन में इसकी 11 मिलियन से ज्यादा कॉपियां बिक गई। दोस्तों जवाना का नाम जेके रोलिंग है जिसने ऐसे हालातों में रहकर हैरीपॉटर जैसी नवेल को जन्म दिया। इतनी मुश्किलों से लड़कर आज यह मुकाम हासिल किया। आज रोलिंग दुनिया की सबसे अमीर राइटर्स में से एक और हैरीपॉटर को 20वीं सदी की सबसे मशहूर नवेल माना जाता है। इस बुक सीरीज ने दुनिया में किताब को मिलने वाला लगभग हर अवार्ड जीता है। जिंदगी में ऐसा कई बार होता है जब हमें लगता है कि अब हमें हार मान लेनी चाहिए। लेकिन

    उसी वक्त अगर हम अपने मन को समझाकर कोशिश करना ना छोड़ें तो हम इतिहास लिख सकते हैं। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी है तो आपको यह दूसरी कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।