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Tag: Powerful Motivational Story – खुद को कम मत समझो 👇

  • Powerful Motivational Story – खुद को कम मत समझो 👇

    बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गांव में एक साधारण आदमी रहता था। उसका काम था पहाड़ पर जाकर दिनभर पत्थर तोड़ना। यह काम कठिन था, थकाऊ था। लेकिन उस आदमी को अपनी जिंदगी से कोई शिकायत नहीं थी। वह सुबह काम पर जाता, दिनभर मेहनत करता और शाम को थोड़े बहुत पैसे लेकर लौट आता। उसी पैसे से अपने परिवार का

    गुजारा चलता था। रात को अपने घर आकर वो अपने परिवार के साथ कुछ वक्त बिताता और फिर आराम से सो जाता। यही उसकी रोजमर्रा की जिंदगी थी। लेकिन एक दिन काम खत्म करके घर लौटते समय उसके मन में एक विचार आया क्या यही जिंदगी है? सुबह से शाम तक पत्थर तोड़ो और उसके बदले में इतने कम पैसे मिले कि मुश्किल से गुजारा हो पाए। काश मेरे पास कोई ऐसी शक्ति होती कि मैं जो चाहूं वो बन पाता। वो गहरी सोच में डूबा हुआ घर पहुंचा। खाना उसके आगे रखा गया लेकिन उसका ध्यान

    अपने विचार में ही डूबा हुआ था। धीरे-धीरे वह सोने लगा और नींद में चला गया। तभी उसे एक अजीब सपना आया। वो देखता है कि रोज की तरह वो अपने काम से घर लौट रहा है और रास्ते में उसे एक बहुत ही आलीशान मकान दिखा। घर इतना शानदार था कि देखकर उसके मन में ख्याल आया काश यह घर मेरा होता। काश मैं इसका मालिक होता। और जैसे ही उसने यह सोचा पल भर में वही घर उसका हो गया। वह उस घर के अंदर था। उसे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। सचमुच जो उसने चाहा वो उसे मिल गया। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई।

    अचानक उसने एक शोर सुना। दरवाजे पर जाकर देखा तो उसे एक बहुत बड़ी रैली दिखाई दी। लोग जोर-जोर से नारे लगा रहे थे। बीच में एक नेता खड़ा था और लोग उसके नाम के जयकारे कर रहे थे। वो सोचने लगा मैं इस आलीशान घर का मालिक हूं। लेकिन असली ताकत तो उस नेता के पास है। अगर मैं वह नेता बन जाऊं तो हजारों लोग मुझे देखने के लिए तरसेंगे। बस इतना सोचना था कि वो नेता बन गया। चारों ओर लोगों की भीड़, नारे सब उसके लिए कर रहे थे। वो खुशी से पागल हो गया। लेकिन यह

    खुशी भी ज्यादा देर तक नहीं टिकी। तभी धूप बढ़ने लगी। कड़ी गर्मी और रोशनी से उसका सिर चकराने लगा। पसीने से लथपथ होकर वह बैठ गया और उसे एहसास हुआ इस नेता से भी कोई ताकतवर है और वह है सूरज। असली ताकत तो उसी की है। उसके मन में विचार आया काश मैं सूरज बन जाऊं और पलक झपकते ही वह सूरज बन गया। पूरा संसार अब उसकी रोशनी से जगमगा उठा। उसे लगा कि अब इस दुनिया में उससे ताकतवर कोई नहीं है। लेकिन यह खुशी भी ज्यादा देर तक नहीं रही। कुछ ही देर बाद

    आसमान में बादल खिराए। सूरज की रोशनी पूरी तरह ढक गई। उसने महसूस किया कि बादल तो उससे भी ताकतवर है और सोचने लगा काश मैं बादल बन जाऊं। और इतना सोचते ही वो बादल बन गया और आसमान में उड़ने लगा। उसे लगने लगा कि अब कोई उसकी बराबरी नहीं कर सकता। वो जहां चाहे वहां बरस सकता था और सुनामी ला सकता था। लेकिन अचानक तेज हवाएं चलने लगी और उस बादल को इधर-उधर उड़ाने लगी। उसके मन में ख्याल आया हवा तो बहुत शक्तिशाली है। काश मैं हवा बन जाऊं। और यह बोलते ही वो हवा बन गया। अब वह चाहे तो धीरे-धीरे उड़े या चाहे आंधी बनकर सब कुछ बहा ले जाए। उसे लगा अब सचमुच दुनिया में

    ताकतवर मैं ही हूं। लेकिन तभी उसके सामने एक पत्थर का पहाड़ आया। उसने पूरी ताकत लगाई। आंधी बनकर भी उड़ा लेकिन उसे 1 इंच भी नहीं हिला पाया। उसने हैरानी के साथ सोचा तो इस दुनिया में हवा से भी ज्यादा शक्तिशाली कोई है तो वह है यह पहाड़। काश मैं यह पहाड़ बन जाऊं। और इतना सोचते ही वो मजबूत पहाड़ बन गया। उसे लगने लगा कि अब कोई भी ताकत उसे हिला नहीं सकती। लेकिन अचानक उसे दर्द होने लगा जैसे कोई आदमी उसे चोट पहुंचा रहा हो। उसने देखा कि एक आदमी हथौड़ी लेकर पत्थर तोड़ रहा था। उसे झटका लगा। यह कैसे हो सकता है? पहाड़ जैसे मजबूत को भी

    कोई तोड़ सकता है। आखिर इतनी ताकत किसके पास है? उसके मन में ख्याल आया काश मैं वही इंसान बन जाऊं जो इस पत्थर को तोड़ रहा है। लेकिन इस बार उसकी इच्छा पूरी नहीं हुई। वो दर्द से तड़पता रहा। तभी उसका सपना टूटा। वो घबरा कर उठा और उसने आईने में अपने आप को देखा। तब उसे समझ में आया। सपने में मैं वह इंसान इसलिए नहीं बन पाया क्योंकि असलियत में मैं वह इंसान ही हूं जो पहाड़ को तोड़ सकता है। मैं वही हूं जिसकी मेहनत से हर कुछ संभव है। उस दिन उसे यह सच्चाई समझ आई। कभी भी अपने आप को कम मत

    समझो। तुम्हारे अंदर ही सबसे बड़ी ताकत है। अगर तुम अपने आप को कम आंकते हो तो दुनिया तुम्हें और भी कम समझेगी। लेकिन अगर तुम अपनी असली ताकत को पहचान लोगे तो तुम्हें कोई रोक नहीं सकता। सबसे बड़ी शक्ति तुम्हारे अंदर ही है। दोस्तों, अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी है, तो आपको यह कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।