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Tag: दूसरों से जलना छोड़ों – Story of An Ant – Hindi Motivational Story

  • दूसरों से जलना छोड़ों – Story of An Ant – Hindi Motivational Story

    हरेभरे जंगल में चिंटू नाम की एक छोटी सी मेहनती चींटी अपने परिवार के साथ रहती थी। चिंटू बचपन से ही समझदार थी और हर काम में आगे रहती थी। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी हुई उसके मन में एक अजीब सी जलन पैदा हो

    गई। जब वह मोर को नाचते देखती तो कहती देखो उसकी सुंदरता। सब उसकी तरफ देखते हैं। मेरी तरफ कोई क्यों नहीं देखता? तितली को उड़ते हुए देखती तो सोचती काश मैं भी पंखों से उड़ सकती। मुझे तो जमीन पर ही रेंगते रहना पड़ता है। यहां तक कि वो गिलहरी से भी जलने लगी थी। जो पलक झपकते ही एक पेड़ से दूसरे पर छलांग लगा लेती। धीरे-धीरे चिंटू

    का ध्यान अपने काम से हटने लगा। जहां पहले वो सबसे पहले खाना इकट्ठा करती थी। अब पीछे रह जाती थी। उसके साथी उससे पूछते तू इतनी उदास क्यों रहती है? लेकिन चिंटू बस मुस्कुरा कर चुप हो जाती। एक दिन जंगल में तेज आंधी और मूसलधार बारिश आई। पेड़ टूट गए। नाले उफान पर आ गए और कई जानवरों के घर उजड़ गए। तितली के पंख भीग कर भारी हो गए थे। वह उड़ नहीं पा रही थी।

    गिलहरी का पेड़ गिर गया था और वो कांपती हुई जमीन पर बैठी थी। मोर की रंगीन पूंछ गीली हो चुकी थी और वो अपने पंख भी नहीं फैला पा रहा था। जंगल में हाहाकार मच गया। लेकिन चींटियों की कॉलोनी पूरी तरह सुरक्षित थी। उन्होंने गहरी जमीन में सुरंगे बनाकर अपना घर मजबूत बना रखा था। चिंटू ने जब यह हाल देखा तो उसके भीतर कुछ टूट गया। वो सोचने लगी मैं जिनसे जलती रही। आज वो सब

    मुसीबत में है। क्या मैं कुछ कर सकती हूं? फिर उसने एक निर्णय लिया। चिंटू ने तुरंत अपनी कॉलोनी की सभी चींटियों को इकट्ठा किया और बोली, हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए। अगर हम मिलकर कोशिश करें तो सबको बचा सकते हैं। सैकड़ों चींटियां पंक्तिबद्ध होकर निकल पड़ी। कुछ तितली को पीठ पर उठाकर सुरक्षित जगह तक ले गई। कुछ गिलहरी के लिए पत्तों का बिस्तर बनाने लगी और कुछ मोर के पंखों से पानी साफ करने लगी। जंगल के जानवर यह देखकर हैरान थे कि इतनी छोटी जीव भी इतने

    बड़े दिल की मालिक हो सकती है। जब बारिश थमी और सूरज निकला तो तितली, मोर और गिलहरी सब ने चिंटू का धन्यवाद किया। मोर ने कहा, तेरी जैसी सुंदरता मैंने आज तक नहीं देखी। गिलहरी बोली आज मुझे समझ में आया कि असली ताकत दिखावे में नहीं सेवा में होती है। और तितली मुस्कुरा कर बोली तू ना उड़ सकती है ना चमकती है लेकिन तूने हमें बचाया है। तू सबसे ऊपर है। उस दिन चिंटू ने पहली

    बार खुद पर गर्व महसूस किया। उसने जाना कि वो जितनी दिखती है उससे कहीं ज्यादा कीमती है। अब वह दूसरों से जलना छोड़ चुकी थी। वो जान चुकी थी कि हर जीव की अपनी भूमिका होती है और अगर हम अपनी ताकत को पहचाने तो हम दूसरों की जिंदगी बदल सकते हैं। दूसरों से जलन करना हमें कमजोर बनाता है। लेकिन जब हम अपने भीतर की खूबियों को

    समझते हैं और उनका इस्तेमाल दूसरों की मदद में करते हैं। तभी हम सच्चे अर्थों में खास बनते हैं। छोटा होना कमजोरी नहीं है। जो बड़ा दिल रखता है, वही असली बड़ा होता है।