
दोस्तों, संसद सत्र के बीच विपक्ष की बड़ी जीत हुई है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी लगातार सरकार के जिस फैसले के खिलाफ सवाल खड़े कर रहे थे, वह फैसला सरकार को वापस लेना पड़ गया है। मोदी सरकार ने अपना एक फैसला वापस ले लिया है और विपक्ष के प्रदर्शन की वजह से ऐसा हुआ है। दोस्तों, कुछ दिनों
पहले ही हमने आपको खबर बताई थी कि सरकार अब आपकी जासूसी करेगी। सरकार जासूसी करने के लिए एक संचार साथी ऐप लाती है। कहती है अपनी जो कंपनियां हैं निर्माता कंपनियां यानी कि जो फोंस बनाती हैं उन कंपनियों को कहा जाता है कि आप इस ऐप को सभी फोंस में मैंडेटरी करिए। यानी कि यह ऐप सभी
फोंस में होनी चाहिए। इसे ना आप डिसेबल कर पाएंगे और ना ही आप इस ऐप को अपने फोन से डिलीट कर पाएंगे। यह जो एक निर्देश है वह दिया जाता है कंपनियों को और इसके बाद प्रियंका गांधी और विपक्ष समेत जितने भी लोग हैं लगातार इस पर प्रदर्शन कर रहे थे। लगातार इस पर विरोध जता रहे थे कि सरकार इसको जासूसी की तरह इस्तेमाल करना चाहती है। सरकार
लोगों की जासूसी करना चाहती है। उनके प्राइवेट चैट्स को पढ़ना चाहती है। उन्हें देखना चाहती है कि आखिर वो क्या करते हैं, क्या नहीं करते हैं। यानी कि एक-एक व्यक्ति की जासूसी करेगी सरकार इस ऐप के जरिए। लगातार इसको लेकर विरोध हो रहा था। प्रियंका गांधी ने क्या कहा था आप वो भी सुनिए। इट्स स्नूपिंग एप। सो इट इज़ अ स्नूपिंग एप। आई मीन क्लियरली इट्स
रेडिक्युलस। नाउ वेयर एल्स डू दे वांट टू यू नो आई मीन सिटीजंस हैव देयर राइट टू प्राइिवसी इवन ऑल ऑफ़ यू मस्ट वी हैव अ राइट टू प्राइिवसी टू सेंड योर ओन मैसेजेस टू फॅमिली फ्रेंड्स विदाउट द गवर्नमेंट लुकिंग एट एव्रीथिंग इट्स इट्स इट्स इट्स नॉट जस्ट वन थिंग इट्स नॉट जस्ट स्नूपिंग ऑन द टेलीफोन्स इट्स इट्स ओवरऑल दे आर टर्निंग दिस कंट्री इंटू अ डिक्टेटरशिप
इन एव्री फॉर्म यू आस्क मी एव्री डे व्हाई पार्लियामेंट इज़ नॉट फंक्शनिंग इट्स नॉट फंक्शनिंग बिकॉज़ दे आर रिफ्यूजिंग टू टॉक अबाउट एनीथिंग। सो इट्स वेरी ईजी टू ब्लेम द अपोजिशन बट द फैक्ट इज़ दे आर नॉट अलाउंग एनी डिस्कशन ऑन एनीथिंग एंड दैट इज़ नॉट डेमोक्रेसी। द अ हेल्थी डेमोक्रेसी डिमांड्स डिस्कशन एंड एवरीबडी हैज़ डिफरेंट व्यूज। यू हियर देम। और जिस
तरीके का विरोध सवाल विपक्ष ने खड़े किए। इस सवाल की वजह से सरकार को अपने फैसले पर यूटर्न लेना पड़ गया। इसके कुछ वक्त बाद ही मोदी सरकार के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सामने आते हैं और कहते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं है। हम ऐसा नहीं कर रहे हैं। यह तो ऐप लोगों पर डिपेंड करता है उन्हें रखनी है या फिर नहीं रखनी है। हालांकि उन्होंने यह बात अपने मौखिक रूप
से कही थी। इसका कहीं आदेश निर्देश नहीं दिया गया था। इस वजह से कहा जा रहा था कि मामले को शांत करने के लिए उन्होंने यह बात बोली है। लेकिन अब एक प्रेस रिलीज करते हुए यह बात कह दी गई है कि इस मैंडेटरी जो बात कही गई थी संचार साथी को करने की उसे हटा दिया गया है। यानी कि अब कंपनी इन्हें मैंडेटरी नहीं करेंगी। लोगों पर डिपेंड करता है। उन्होंने उन्हें ये ऐप डाउनलोड करना है तो करें। नहीं करना है तो मत करें। दोस्तों जब ये ऐप लाया गया था 2023 के
आसपास ये ऐप आया था और इसके जरिए सरकार का ऐसा दावा है कि उन्होंने कई सारे फोंस लोगों के जो चोरी हो गए थे वो पकड़ लिए और बहुत सारे साइबर फ्रॉड को रोक दिया। अब उसके जैसे ही जो डाउनलोड्स है वो बढ़ने लगे थे तो इसके बाद सरकार ने कहा कि हम इसे मैंडेटरी कर देंगे। लेकिन मैंडेटरी करने की जरूरत नहीं थी। सभी लोग यह सवाल पूछ रहे थे कि आप मैंडेटरी क्यों करना चाहते हैं? आप क्यों चाहते हैं कि आपकी एक ऐप किसी फोन में हो और यहां तक कि जो
कंपनियां हैं वो भी लगातार इसके खिलाफ हो गई थी और कह रही थी Google और Apple जैसी कंपनियां इसके पूरी तरह से विरोध में थी कि हम ऐसा नहीं करेंगे। किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को हम अपने फोन में मैंडेटरी नहीं कर सकते हैं। जो उनकी कंपनीज की ऐप होती है। सिर्फ वही होती हैं। बाकी एप्स नहीं होती है।
लेकिन सरकार की तरफ से कहा गया आप ऐसी ऐप डालिए जिससे कि आप ना व्यक्ति डिसेबल कर पाए ना ही डिलीट कर पाए। और इसी वजह से जो कंपनियां हैं वो भी विरोध कर रही थी और साथ ही साथ विपक्ष के अलावा जो आम लोग हैं वो भी इसको लेकर सवाल खड़े कर रहे थे कि आप क्या करना चाहते हैं? आप क्यों इसको इस ऐप को मैंडेटरी करके और सबसे बड़ी बात यह कि जो जो अलाउमेंट ये ऐप चाहती थी यानी कि जिसज चीज को आप आप जब भी किसी ऐप को
डाउनलोड करते हैं तो आप जो ऐप है वो परमिशन मांगती है आपसे और ये ऐप आपसे फोन का डाटा का परमिशन मांग रही थी। आपके कैमरे का परमिशन मांग रही थी। आपके जो गैलरी है उस तक का परमिशन मांग रही थी और इसी वजह से लगातार सवाल उठ रहे थे कि आखिर इतनी सारी परमिशंस की जरूरत क्यों है इस ऐप को? सरकारी ऐप है। इस वजह से लगातार सवाल उठ रहे थे कि आप क्या करना चाहते हैं? और इसी
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