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Category: Education

  • Aero plain crash hone ke baad jankari koun deta hai.

    अगर कोई फ्लाइट हवा में उड़ रहा है और वह क्रैश हो गया यानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया तो 90% विमान दुर्घटना में कोई जिंदा ही नहीं बचता है। तो भैया कोई जिंदा ही नहीं बचा। तो कोई बताने वाला ही नहीं है कि भाई गलती किसकी थी। और अगर हमको यह पता नहीं चलेगा कि किस गलती से यह विमान गिरा तो हो सकता है कि अगली बार फिर हम

    वो गलती को दोहरा दें। तो इससे बचने के लिए एक इसमें मशीन लगाई गई। उस मशीन का नाम है ब्लैक बॉक्स। और यह ब्लैक बॉक्स जो होता है यह ऑरेंज कलर का दिखता है। देखिए ध्यान से। यह है ब्लैक बॉक्स। इसी में हर एक चीज

    की रिकॉर्डिंग लगी रहती है ब्लैक बॉक्स के अंदर। ब्लैक बॉक्स जो होता है वो किस कलर का हो गया भैया? ऑरेंज कलर का रहता कहां है? पीछे। तो कॉकपिट में कौन-कौन सी वॉइस चल रही थी? यानी रेडियो पर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से क्या बात कर रहा था? उसके माइक्रोफोन में कौन-कौन सी

    आवाजें आ रही थी? वो सबको रिकॉर्ड कर लेगा। जिस तरह से कोई आदमी कैसे मरा है? इसको जानने के लिए हम पोस्टमार्टम करते हैं। तो आप समझ जाइए कि यह जहाजों का क्या है? पोस्टमार्टम। कितना भीषण दुर्घटना क्यों ना हो ब्लैक बॉक्स को इतना मजबूत बनाया जाता है कि ना

    यह जले ना कुचाए ना थुराए कुछ नहीं हो सकता है। तो यह कहने के लिए ब्लैक बॉक्स है। लेकिन यह होता किस कलर का है? ऑरेंज कलर का होता है।

    आप अपना कीमति बात कमेंट में जरूर बताएं 🙏

  • Ahmedabad Plane Crash : रोनी सूरत थी Boeing CEO Hawley की, Senator Hawley ने लगाई क्लास हुआ इस्तीफा🚫

    Ahmadabad aero plain crash kaise hua.eska jimwar koun hai😭

    अहमदाबाद में जो प्लेन क्रैश हुआ है, वह भले ही Air इंडिया का प्लेन AI 787 है, लेकिन उसको बनाने वाली कंपनी Boe है जो एक अमेरिकन कंपनी है। यह प्लेन Being का ड्रीमलाइनर सीरीज का प्लेन था जो हादसे का शिकार हुआ और जिसमें अब तक कुल 241 लोग मारे गए हैं। लेकिन, यह कोई पहला मौका नहीं है जब अपने हादसे या अपने खराब प्लेन की वजह से बोइंग कंपनी पर सवाल उठे हैं। बोइंग पर सवाल उठते रहे हैं और ऐसे ही गंभीर सवाल एक बार अमेरिका में तब के मिसरी के सेनेटर जोश हावले ने बोइंग के तत्कालीन सीईओ डेल कैलहॉन से पूछे थे। सवाल इतने सख्त थे कि बस डेल कैलहान का

    रोना ही बाकी रह गया था। 18 जून 2004 को हुई इस पूछताछ की शुरुआत में जोश हावले बोइंग कंपनी के तत्कालीन सीईओ डेल कैलहॉन से उनकी सैलरी के बारे में बात करते हैं और यह भी बताते हैं कि इस साल उनकी सैलरी में बोइंग कंपनी ने कितना इजाफा किया है। देखिए वो सवाल जवाब व्हाट इज इट यू गेट पे? प्रॉक्सी डॉक्यूमेंट्स बिग नंबर सर हेल्प 32.8 मिलियन 45% इसके बाद का लहजा सख्त हो जाता है और वो वो कहते हैं कि क्या सच में क्योंकि आपके खिलाफ आपराधिक जांच चल रही है जिसमें आपने अलास्का एयरलाइंस की 787 फ्लाइट्स का गलत तरीके से निरीक्षण किया। आपके खिलाफ फ़ेडरल

    एिएशन इन्वेस्टिगेशन धोखा देने के आरोप में आपराधिक षड्यंत्र की जांच कर रही है और आपके कार्यकाल में मुझे पारदर्शिता दिखती ही नहीं है। इन्वेस्टिगेशन फॉर फाल्स 787 इंस्पेक्शन रिकॉर्ड्स अंडर क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन फॉर दस्का एयरलाइंस फ्लाइट यू आर इन्वेस्टिगेटेड क्रिमिनल टू द एफएस लाइक लॉट ट्रांसपेरेंसी टू मी अबाउट सेफ्टी कंपोनेंट यू नो हैव यू सीन द रिपोर्ट्स दैट द सब्रेज टू मेक डोर पीस द स्काई द एफ वेंट द फैसिलिटी दे वन डोर सील बी लुब्रिकेटेड विन लिक्विड डिश सोप चीज क्लथ एंडर होटल रूम की कार्ड लाइक सेफ्टी

    रिलेशनशिप परिकुलर सप्लायर हैज़ बीन वेल डॉक्यूमेंटेड बाय द एफएली एंड आई एम इंटेंप सीईओ डेल कैलहन के इस बयान के बाद तो सीनेटर ह्थे से ही उखड़ गए थे और फिर ऐसी क्लास लगाई थी कि डेल कैलहन को वो को बातचीत ता उम्र याद रहेगी एफए आल्सो सेइंग स्टिल हैज़ नॉट इंप्लीमेंटेड रेमेंडेड स्टेप्स बैक 2019-20 आफ्टर द मैक्स स्टिल हैव नॉट टेकन अप्रोप्रियट सेफ्टी प्रोसीजर्स देन सेफ्टी 33 मिलियन कंपनसेशन पैकेज्ली क्वालिटी क्वालिटी पार्ट ऑफ योर कंपनसेशन पैकेज सेंटर आई आई मीट वि एफए रेगुलरली दे डोंट होल्ड एनीथिंग बैक एंड नॉट अवेयर

    ऑफ़ एनीथिंग दैट हैज़ बीन साइडेड रेस्पेक्ट टू दोज़ एक्सीडेंट्स वी हैव टेकन एक्शन। इसके बाद भी दोनों के बीच की बातचीत बेहद तल्ख रही। सेनेटर बार-बार बोइंग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे। अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे। आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे। वहीं बोइंग के सीईओ बार-बार खुद के बचाव में दलील देते रहे। पूरी बातचीत इस नोट पर खत्म हुई कि डेल कैलहॉन का बोइंग सीईओ के पद पर बने रहना एक मजाक है। और इसके बाद 7 अगस्त 2024 डेल कैलहॉन का बतौर बोइंग सीईओ आखिरी दिन बन गया।

    लेकिन सवाल है कि क्या भारत में भी ऐसा ही होगा? क्या भारत में भी कोई ऐसा है जो पूछेगा कि 241 लोग कैसे मरे? कोई पूछेगा Tata एयरलाइंस से या फिर बोइंग से या फिर सरकार के किसी नुमाइंदे से कि आखिर उन 241 लोगों का दोष क्या था?

    इसका जवाब आपके पास हो तो हमें जरूर बताइएगा। Thank you ❤️

  • Air india plain crass in Ahmedabad Black Box

    Air India Plane Crash in Ahmedabad – Kya Hota Hai Black Box 🚫 12_06_2025 ✅ 1 : 40 pm 🙏

    देखिए जब कोई व्यक्ति की मौत हो जाती है तो मौत का कारण पता करने के लिए पोस्टमार्टम किया जाता है। उसी तरह हेलीकॉप्टर या हवाई जहाज में अक्सर यह देखा गया है कि बहुत कम लोग सर्वाइवर होकर बच पाते हैं। तो एक ही रास्ता है उसको उसके अंदर बताने के लिए क्योंकि कोई जिंदा ही नहीं बचा। तो उसमें एक मशीन लगी होती है जिसे ब्लैक बॉक्स कहते हैं। एक्चुअली ये ऑरेंज कलर का होता है। इसलिए ऑरेंज बनाया जाता है ताकि अगर ये विमान दुर्घटना के बाद इसे ढूंढना आसान हो जाए ऑरेंज कलर के होने के वजह से। ब्लैक बॉक्स जो होता है उसमें दो चीज होते हैं। एक होता है

    कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। कॉकपिट उसे बोलते हैं जहां पायलट बैठता है। जहाज का वह हिस्सा जहां पायलट की केबिन होती है उसे कॉकपिट कहते हैं। तो कॉकपिट में कौन सी बाती हुई है? उसे कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर सीवीआर फाइल करता है। और जहाज में कितना फ्यूल एयर प्रेशर ये सब था। ये फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर करता है। तो इन दोनों को जब मिला देते हैं तो वो बनता है हमारा कॉक ब्लैक बॉक्स। अब इसमें जो पहला होता है कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। तो ये देखिए ये जहाज का केबिन है जहां पे कॉकपिट में जहाज बैठते हैं। ये कॉकपिट है उसका। यहां पायलट बैठते हैं।

    ये आपस में क्या बात कर रहे हैं। कभी-कभी इमरजेंसी होने पर ये पैसेंजर्स को भी बताते हैं कि ऐसी इमरजेंसी आ रही है। ये एटीसी से संपर्क करते हैं एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से कि क्या प्रॉब्लम आ रहा है। तो अगर इससे भी पता चल जाता है कि लास्ट मोमेंट पर क्या बातें हुई थी। आपस में ये लोग क्या बात कर रहे थे? एटीसी को क्या बोले थे? पैसेंजर को कौन सा वार्निंग दिए थे? इससे बहुत सहूलियत हो जाती है। साथ में यह लोग डिस्ट्रेस सिग्नल भी देते हैं। देखिए जहाज का जब एक इंजन फेल हो जाता है तो यह लोग वार्निंग के तौर पे पैन पैन पैन सिग्नल देते हैं।

    तीन बार बोलेंगे पैन पैन पैन मतलब आधी इमरजेंसी है। एक इंजन पे भी जहाज आराम से लैंड कर सकता है। लेकिन यदि दोनों इंजन खराब हो जाता है तो इसमें मेड मेडे का सिग्नल दिया जाता है। मेड मे मतलब एक्सट्रीम इमरजेंसी है। यह हेलीकॉप्टर और मतलब विमान दोनों के लिए होता है। अह दूसरा होता है इसका ब्लैक बॉक्स का दूसरा अंग होता है फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर। फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर में 80 से ज्यादा आंकड़ों को रिकॉर्ड किया जाता है कि ये रोटर ब्लेड कितनी तेजी से घूम रहा था? बाहर हवाएं कितनी तेजी से चल रही थी? कितनी हाइट पर था?

    फ्यूल कितना था? दाहिनी ओर कितना झुका था? बाई ओर कितना झुका था? पीछे का रोटर ब्लेड कितना तेजी से लड़ रहा था? टेंपरेचर कितना था? हवाएं किस दिशा से आ रही थी? कितने प्रेशर थे? फ्यूल काम कर रहा था कि नहीं? कोई दुश्मन का रडार तो नहीं आया था। कोई मिसाइल से अटैक तो नहीं हुआ। जितनी चीजें होती हैं 80 से ज्यादा चीजों को यही बताता है कि यह पीछे से कितना डिग्री उठा हुआ था। आगे से कितना डिग्री था। ऐसे 80 से ज्यादा आंकड़े जो रिकॉर्ड रहते हैं वो फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर में रहते हैं। तो जो कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट फ्लाइट

    डाटा रिकॉर्डर को एक साथ सुनकर हम इस नतीजे पर पहुंच सकते हैं कि आखिर लास्ट मोमेंट पे क्या था। अब एक ही रास्ता बताया ब्लैक बॉक्स। अब ये ब्लैक बॉक्स में ही हर चीज होती है। इसलिए ब्लैक बॉक्स को बहुत ही सुरक्षित बनाया जाता है। इसे सॉलिड स्टील से बनाया जाता है। इतना मजबूत होता है कि अगर कोई हेलीकॉप्टर या जहाज 750 कि.मी./ घंटा की रफ्तार से भी टकराता है तो इसे कुछ नहीं हो सकता है। इसे आप गर्म भट्टी में 200 अक्सर आग लग जाते हैं। तो इसको ध्यान में रखते हुए इसे 260 डिग्री सेल्सियस तापमान सहने वाला भी बनाया जाता है।

    ये उसमें भी गलता नहीं है। अगर यह पानी में गिर गया तो पानी में भी ये 30 दिन तक बिना बैटरी के सिग्नल छोड़ते रहेगा। बीन छोड़ते रहेगा जिससे कि इसे ढूंढने में आसानी हो सके इस ब्लैक बॉक्स को। इस ब्लैक बॉक्स को प्रेशर सहने के लिए भी बनाया जाता है कि हो सकता है कि ब्लैक बॉक्स नीचे गिरे उसके ऊपर पूरे जहाज का लोड आ जाए तो यह ढाई टन का वजन अपने ऊपर रोक सकता है। इसे अगर कहीं स्क्रैच आए कटने पीटने से भी इसे कुछ नहीं हो सकता है। इसे काटा भी नहीं जा सकता है। अतः यह ब्लैक बॉक्स बहुत ही सुरक्षित बनाए जाते हैं।

  • दुनिया का सबसे खतरनाक शायरी …

    मुस्कुराते तो हम है, आपको खुश रखने के लिए
    वरना तकलीफ तो इतना है कि
    ठीक से रोया भी नहीं जाता ।

    ऐसे ही Motivate के लिए

    Please
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  • सफलता की राह ….🌄

    चुप चाप मेहनत करते रहो.

    उड़ान तय करेंगी,

    कि आसमान किसका है

    Motivate के लिए follow

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  • दुनिया भर में 4 काम बहुत मुश्किल है : ?

    1. चींटी को लिपस्टिक लगाना.

    2. हाथी को गोद में बिठाना.

    3. मच्छर को कपड़े पहनाना.

    4. पत्नी को समझाना

    ऐसा ही funny jokes के लिए follow कीजिए..!

    Comments

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    Key Features
    Viscose Rayon Fabric
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    एक बार खरीदिए 10 साल पहनिए
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    General.
    Fabric : Viscose Rayon
    Type : Kurta and Sharara Set
    Sales Package : 1 KURTI WITH 1 SHARARA
    Style Code : Green block 105
    Secondary color : Red

                      SUPPORT COMMENTS
  • Education System ✅ What is the difference between India and America 😱 Know the whole history in one way, read below to understand.

    AMERICA 🇺🇲

    वहाँ के स्कूल साल की शुरुवात में बच्चों को किताब देते हैं और साल के अंत में उनसे जमा करा लेते हैं ताकि दूसरे बच्चों को भी उन किताबों से पढ़ने का मौका मिल सके,

    INDIA 🇮🇳

    लेकिन हमारे Bharat देश सें बच्चों को महंगी महंगी नयी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है और फिर इन किताबों को रद्दी के भाव बेचा जाता है, हर साल करोड़ों रूपये, लाखों पेड़ों की कटाई करके ये किताबें बनाई जाती हैं जिनका फायदा सिर्फ स्कूल वालों और दलालों को होता है आइये मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाये।

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