दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल… लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस खूबसूरत इमारत के पीछे कई ऐसे राज छिपे हैं, जिन्हें इतिहास की किताबें साफ़-साफ़ नहीं बतातीं? आज के इस वीडियो में जानिए—ताजमहल का सबसे बड़ा राज।
ताजमहल क्या है?
ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित है। इसे मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। कहा जाता है कि यह प्रेम की सबसे बड़ी निशानी है।
लेकिन सवाल उठते हैं…
अगर ताजमहल सिर्फ़ एक मकबरा है, तो फिर इसमें मौजूद 👉 बंद कमरे 👉 हिंदू प्रतीक जैसे डिज़ाइन 👉 और पुराने दस्तावेज़ किस ओर इशारा करते हैं?
📜 ताजमहल का छुपा हुआ इतिहास
कुछ इतिहासकारों और शोधकर्ताओं का दावा है कि ताजमहल पहले एक प्राचीन शिव मंदिर था, जिसे ‘तेजो महालय’ कहा जाता था। उनका कहना है कि बाद में इसे मकबरे में बदला गया।
🔐 बंद कमरों का रहस्य
ताजमहल के अंदर आज भी करीब 22 से ज्यादा कमरे बंद हैं। सरकार और ASI का कहना है कि ये कमरे सुरक्षा कारणों से बंद हैं, लेकिन लोगों का मानना है कि इन कमरों में कुछ ऐसा है, जो इतिहास को बदल सकता है।
🕉️ डिज़ाइन और प्रतीक
ताजमहल में दिखने वाले कई पैटर्न 👉 कमल की आकृति 👉 कलश जैसा गुंबद 👉 और ज्यामितीय संरचना कुछ लोगों को हिंदू वास्तुकला से मिलती-जुलती लगती है।
⚖️ कोर्ट और विवाद
इस विषय को लेकर कई बार अदालत में याचिकाएँ भी दाखिल की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया। ताजमहल आज भी आधिकारिक तौर पर एक मकबरा ही माना जाता है।
🤔 सच क्या है?
तो क्या ताजमहल सिर्फ प्रेम की निशानी है? या इसके पीछे कोई बड़ा रहस्य छिपा है? सच क्या है—यह आज भी एक बहस का विषय बना हुआ है।
Conclusion
ताजमहल जितना खूबसूरत है, उतना ही रहस्यमय भी। हो सकता है आने वाले समय में इसके सभी राज सामने आ जाएँ।
द्रोपती, अग्नि से जन्मी, असाधारण सौंदर्य और बुद्धि की प्रतीक थीं। उनका स्वयंवर, जहाँ अर्जुन ने मत्स्यभेदन कर उन्हें जीता, एक ऐतिहासिक घटना थी। परंतु, कुंती के वचन के कारण, वे पांचों पांडवों की पत्नी बनीं, जो एक अद्वितीय और जटिल संबंध था।
संघर्ष और शिक्षा
भरी सभा में उनका चीरहरण, धर्म और न्याय पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगा गया। इस अपमान ने ही महाभारत के युद्ध की नींव रखी, जहाँ उन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया। द्रोपती केवल एक रानी नहीं थीं, वे नारी शक्ति, स्वाभिमान और धर्म की रक्षा की प्रतीक हैं।
विरासत
उनकी कहानी हमें सिखाती है कि अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना कितना महत्वपूर्ण है। उनका जीवन हमें धैर्य, दृढ़ता और न्याय के प्रति अटूट निष्ठा का पाठ पढ़ाता है।
दोस्तों, पुतिन के भारत दौरे के तुरंत बाद डॉन्ड ट्रंप ने फिर से भारत को टेरिफ की धमकी दे दी है। भारत और रूस के संबंधों की चर्चा पूरी दुनिया में हुई। लेकिन इसी बीच डॉन्ड ट्रंप थोड़े बेचैन नजर आ रहे हैं और फिर से भारत पर टेरिफ लगाने की बात कही है। अब वो भारत से आने वाले चावल पर भी एक्स्ट्रा टेरिफ लगाने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि दूसरे देशों से आने वाला
सस्ता सामान अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉन्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह भारत से आने वाले चावल पर एक्स्ट्रा टेरिफ लगाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका में चावल की डंपिंग नहीं करनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वाइट हाउस में अमेरिकी किसानों के लिए मदद
करने का ऐलान करने गए थे। 12 अरब डॉलर की मदद करने की बात वह कह रहे थे। लेकिन इसी दौरान कहते हैं कि भारत से सस्ता चावल आने की वजह से अमेरिका के चावल उत्पादक परेशान हैं और उनके दाम गिर रहे हैं। यह बात उन्हें अमेरिका की बड़ी चावल कंपनी कैनडी राइस मिल्स की मालकिन और सीईओ मेरल कैनडी ने बताई थी जो कि उनके बगल में भी उस वक्त बैठी हुई थी। जिसके बाद ट्रंप ने साफ कहा कि वह भारतीय
चावल पर और ज्यादा टेरेफ लगाने का प्लान बना रहे हैं ताकि अमेरिकी किसानों को बचाया जा सके। डॉन्ड ट्रंप को एक लिस्ट दी गई जिसमें भारत, थाईलैंड और चीन जैसे देशों पर अमेरिका में सस्ता चावल डंप करने का आरोप लगा था। लिस्ट देखकर ट्रंप ने नाराजगी जताई और अपने वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से पूछा, भारत के बारे में बताओ भारत ऐसा क्यों कर रहा है? क्या चावल पर कोई टेरिफ छूट है? ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिकी
किसानों को बचाने के लिए अब भारतीय चावल पर और सख्त टेरिफ लग सकता है। इसके जवाब में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट कहते हैं नहीं सर हम अभी भारत के साथ ट्रेड डील पर काम कर रहे हैं इसलिए लेकिन ट्रंप ने बीच में ही टोक दिया और कहा फिर भी वह डंपिंग नहीं कर सकते। मैंने और लोगों से भी सुना है लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। ट्रंप ने साफ कहा कि भारतीय चावल की इस डंपिंग का वह खुद ख्याल रखेंगे। यानी कि अब
भारत से आने वाले चावल पर और ज्यादा टेरिफ लग सकता है। डोनल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले खाद पर भी टेरेफ लगाने की बात कही ताकि अमेरिका में खुद का चावल का प्रोडक्शन बढ़े। एक तरफ अमेरिका और भारत के बीच होने वाली ट्रेड डील को लेकर सभी बेताब थे और अब ट्रंप ने फिर से एक्स्ट्रा टेरिफ लगाने की बात कह दी है। इस साल अगस्त में राष्ट्रपति डॉन्ड ट्रंप ने भारत से आने वाली ज्यादातर चीजों पर 50% टैक्स लगा दिया था और इसके साथ-साथ में 25% की
पेनल्टी भी लगाई थी रूस से तेल खरीदने की वजह से क्योंकि अमेरिका का मानना था कि भारत ने व्यापार में बाधाएं डाली है और रूस से तेल खरीदा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हफ्ते अमेरिका की एक टीम जल्द भारत आएगी और कोई बड़ा समझौता होने की उम्मीद है। भारत मुख्य तौर पर दो तरह के चावल एक्सपोर्ट करता है। बासमती और गैर बासमती। 2023 में पश्चिम अफ्रीकी देश गैर बासमती चावल के सबसे बड़े खरीदार थे। जबकि बासमती चावल के सबसे बड़े
खरीदार मिडिल ईस्ट के देश जैसे कि सऊदी अरब, ईरान और इराक थे। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के मुताबिक वित्तीय साल 204-25 में भारत से अमेरिका कुल 2.5 लाख मेट्रिक टन बासमती चावल का एक्सपोर्ट हुआ है। गैर बासमती चावल का निर्यात 0.6 लाख मेट्रिक टन का था। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 350 मिलियन है। यानी कि करीब 3150 करोड़। भारत अमेरिका को बहुत ज्यादा चावल एक्सपोर्ट नहीं करता है। इसलिए यह फैसला भारत की पूरी चावल इंडस्ट्री पर असर नहीं डालेगा। लेकिन जिन
लोगों का व्यापार सीधे अमेरिका से जुड़ा है उन्हें परेशानी जरूर होगी। भारत को फिर नए देशों की तलाश करनी पड़ जाएगी जहां वह अपना चावल भेज सके। अब ट्रंप के ताजा बयान के बाद भारत से करीब 3150 करोड़ का चावल एक्सपोर्ट व्यापार धीमा पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भारत से अमेरिका बासमती चावल के एक्सपोर्ट्स का व्यापार सालाना 20% की रफ्तार से ग्रो कर रहा था। जो कि अगस्त में लगाए गए रेसिप्रोकल टेरिफ की वजह से पहले ही धीमा पड़ चुका था। और
अब ये नए टेरेफ जिसकी बात ट्रम्प ने कही है अगर वह भी लग जाते हैं तो जाहिर सी बात है कि इससे एक बड़ा नुकसान भी हो सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या ट्रंप टैरे लगाएंगे या फिर यह उनकी धमकी है। फिलहाल के लिए मेरे साथ इस खबर में इतना ही।
नमस्कार दोस्तों जिन महिलाओं का जीविका का अभी तक ₹10000 नहीं आया है हम आप सभी को बता दें अब आपका पैसा आ जाएगा क्योंकि बिहार सरकार ने जिन महिलाओं के खाते में अभी तक पैसा नहीं भेजी है उनका एक नया लिस्ट जारी की है। इसमें उन महिलाओं का नाम दिया गया है जिन महिलाओं का अभी तक
पेमेंट नहीं भेजा गया है। तो अब उन महिलाओं के खाते में पैसा भेजा जाएगा। लेकिन आपको सबसे पहले यह जांच करना है कि आपका इसमें नाम है कि नहीं। आपका इसमें नाम जुड़ा है कि नहीं। यदि आपका जीविका का ₹10,000 नहीं आया है तो आपको पहले नाम चेक करना होगा। अगर आप नाम नहीं चेक करते हैं तो कैसे पता चलेगा कि आपका नाम जुड़ा है कि नहीं
जुड़ा है? आपका नाम लिस्ट में है कि नहीं है। यदि लिस्ट में नाम होगा तो लिस्ट के ही थ्रू आप लोगों का पैसा दिया जा रहा है दोस्तों। क्योंकि सरकार ने बहुत महिलाओं के अकाउंट में ₹10,000 भेज दिए हैं। लेकिन अभी बहुत ऐसी महिलाएं हैं जिनका केवाईसी कारण ऑलरेडी पेंडिंग में पैसा फंसा हुआ है। तो जिनका पैसा अभी तक फंसा हुआ है उन्हीं का दोस्तों एक अलग से लिस्ट जारी
किया गया है। इस लिस्ट में आप लोग चेक करिए कि किनका-किन का नाम है, किनका-किनका नाम जुड़ा है, किनका-किनका नहीं है। उसके थ्रू आपके अकाउंट में फिर पैसा भेजा जाएगा और उसके बाद से फिर दोस्तों जो भी महिलाएं बचेगी उनका अलग तरीके से फिर से ना पैसा भेजने की कोशिश किया जाएगा। सारे महिलाओं का पैसा भेजा जाएगा। चिंता ना करिएगा।
पहले जो लिस्ट आया है ना इसमें नाम चेक करिए। यदि आप सभी को नाम चेक करने नहीं आता होगा। बहुत महिलाएं हमारी इस स्टोरी को देखती हैं। बहुत बुजुर्ग लोग भी देखते हैं। आप सभी को मेरा नमस्ते। प्रणाम कर चुके हैं। तो हम आपको बता दें आपके घर में कोई लड़का होगा लड़की जो समझदार होगा तो उसको बता दीजिएगा। ऐसे चेक कर लेगा। मैं बता देता हूं कैसे चेक करना है। ठीक है ना? आप लोग अपनेप मोबाइल में
Google या क्रrome ब्राउज़र ओपन कर लीजिएगा। जैसे कि अभी हम अपने मोबाइल में Google या Chrome ब्राउज़र ओपन कर लिए हैं। कहिएगा सभी लोग अपने-अपने मोबाइल में Google या Chrome ब्राउज़र ओपन करेंगे और सर्चेंगे तो लिखेंगे स्टडी प्लस स्टडी प्लस। सभी लोग Google या Chrome में आकर स्टडी प्लस सर्च करिएगा। जैसे ये लिखा सर्च करिएगा आपके सामने कुछ इस टाइप का पेज खुल
जाएगा। इसको बड़ा सा करिएगा ना तो यहां पर स्टडी प्लस ऑफिशियल.com का ऑफिशियल आपको साइट मिल जाएगा। देख लीजिएगा। यहां पर आपको ऑफिशियल वेबसाइट मिल जाएगा। इसी पर आपको दोस्तों क्लिक कर देना है। इस पर क्लिक कर दीजिए। जैसे इस पर क्लिक करिएगा तो अगला पेज आपका खुल जाएगा। अभी दोस्तों खुल जाएगा। देखिए यहां पर खुल गया। तो दोस्तों खुलने के बाद दोस्तों आप जरा सा
नीचे आइएगा तो बिहार जीविका समूह 2025 जीविका में ना आपका नाम है या नहीं लिस्ट में नाम होगा तो ही ₹2100 तक आपको मिल सकता है। इस पर क्लिक करिएगा। ऐड को बंद कर दीजिएगा। उसके बाद से दोस्तों नीचे आ जाइएगा। देखिए नीतीश कुमार ने क्या ट्वीट किया है। आप लोग यह भी पढ़ लीजिएगा। उसके बाद से नीचे आइएगा। महिला रोजगार योजना न्यू लिस्ट जारी। इस पर क्लिक करिएगा। इस पर क्लिक
करिएगा। तो यही वाला है लेकिन इसमें लिस्ट नया है। ये इसमें नया अपडेट किया गया। देखो लिस्ट चेक करने का अलग मतलब लिंक नहीं होता है। एक ही होता है और इसी से आप चेक कर पाएंगे। इसी में सबका अपडेट होता रहता है। तो यहां से डिस्ट्रिक्ट सेलेक्ट कर लेना। आप कौन से डिस्ट्रिक्ट से हैं? बिहार से हैं तो बिहार सेलेक्ट कर लेना। सॉरी स्टेट सेलेक्ट कर लेना कि बिहार से हैं तो बिहार सेलेक्ट कर लेना। और डिस्ट्रिक्ट कौन सा आपका? आप बिहार में किस जिला से हैं वो जिला
सेलेक्ट कर लेना। मैं सिवान से हूं तो सिवान सेलेक्ट कर लेता हूं। ब्लॉक मेरा सिवानी पड़ता है तो सिवान सेलेक्ट कर लेता हूं। ग्राम पंचायत मेरा मकरियार पड़ता है। मकरियार सेलेक्ट कर लेता हूं। विलेज मेरा मकरियार पड़ता है तो मकरहार सेलेक्ट कर लेता हूं। फिर सबमिट पर मैं क्लिक करूंगा तो यहां पर दोस्तों ऑलरेडी नाम दिखा देगा। देखिए यहां पर स्टेट का नाम दिखाएगा। डिस्ट्रिक्ट का नाम, ब्लॉक का नाम, पंचायत का नाम,
विलेज का नाम और आपके समूह का नाम, जीविका जो ग्रुप होगा उसका नाम दिखाएगा, मेंबर का नाम दिखाएगा और जो भी औरत होगी, जो भी महिला जो भी लड़की जुड़ी होगी उनके फादर या हस्बैंड का नाम दिखेगा। जेंडर दिखेगा, एज दिखेगा, कैटेगरी दिखेगा, सारा चीज दोस्तों इसमें ऑलरेडी दिख जाएगा। ठीक है? तो ऐसे आप लोग चेक कर लीजिए एक बार। फिर हमें कमेंट करके बताइएगा कि आपका नाम इसमें है या नहीं है।
Youtuber ध्रुवराटी के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने वाले बीजेपी नेता पर ही कोर्ट ने 5000 का जुर्माना लगा दिया है। बारेन बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेता सुरेश नखुआ के वकील ने इस केस में एक और अड्जर्नमेंट मांगा था। जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट जज प्रीतम सिंह ने उन पर 5000 का जुर्माना लगा दिया। अब यह पूरा मामला क्या है? मानहानि का मुकदमा दर्ज करने
वाले यह नेता कौन है? बताते हैं। पिछले साल ध्रुव राठी और एल्विश यादव के बीच की टसल तो आपको याद होगी ही। यह कहानी भी वहीं से शुरू होती है। 1 जून 2024 को एल्विश यादव ने एक्सपोजिंग ध्रुव राठी एंड हिज एंटी इंडिया प्रोपगेंडा टाइटल से YouTube पर एक वीडियो अपलोड किया। 7 जुलाई को एल्विश के आरोपों का जवाब भी ध्रुव राठी ने एक वीडियो से ही दिया। आरोप है कि इस वीडियो में ध्रुव राठी ने एक
बीजेपी नेता को कथित तौर पर हिंसक और गालीज ट्रोल कहा था। यह नेता थे बीजेपी की मुंबई यूनिट में पार्टी के प्रवक्ता सुरेश नखवा। सुरेश नखवा ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया कि 7 जुलाई 2024 को यूबर ध्रुव राठी ने अपने YouTube चैनल पर माय रिप्लाई टू गोदी यूर्स टाइटल से एक वीडियो अपलोड किया। वीडियो में 6 मिनट 13
सेकंड पर ध्रुव राठी ने उन्हें हिंसक और गालीबाज ट्रोल्स का हिस्सा बताया। लेकिन यह आरोप बिना किसी तर्क या कारण के हैं और इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने दलील दी कि राठी के लगाए गए आरोपों की वजह से उन्हें बहुत ज्यादा बुराई और मजाक का सामना करना पड़ा। इसका जवाब ध्रुव राठी ने Twitter के माध्यम से दिया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखा, एक अब्यूसिव बीजेपी अंकल ने मुझ पर ₹20
लाख का मुकदमा किया है क्योंकि मैंने उन्हें अब्यूसिव कहा था। क्यों इतनी बेइज्जती कराने का शौक है इनको? अब इन अंकल की पूरी अब्यूसिव हिस्ट्री दोबारा पब्लिक होगी। यह सब चलता रहा और इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंच गया और यहीं से शुरू हुआ नखुआ की गलतियों का सिलसिला। सितंबर 2024 में मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नकुआ के फाइल किए गए एफिडेविट में एक कमी बताई थी और उनसे इस कमी
को ठीक करने के बाद एक नया एफिडेविट फाइल करने को कहा था। इसके बाद नखुआ ने एक बदला हुआ एफिडेविट फाइल किया था। हालांकि राठी के वकील ने इस बदले हुए एफिडेविट में भी गलतियां बता दी। इसके चलते कोर्ट ने नकुआ के एफिडेविट को सर्टिफाई करने वाली नोटरी को तलब किया। बारिन बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक नोटरी आज तक पेश नहीं हुआ है क्योंकि
उसकी हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। 4 दिसंबर की सुनवाई में नकवा की ओर से एक नए वकील एडवोकेट जगदीश त्रिवेदी पेश हुए। एडवोकेट त्रिवेदी ने कोर्ट से केस को आगे बढ़ाने की रिक्वेस्ट की ताकि उनका वकालतनामा रिकॉर्ड में लाया जा सके। ध्रुव राठी की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सात्विक वर्मा और एडवोकेट नकुल गांधी ने इसका विरोध किया। उन्होंने नकुआ के अब तक के बर्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा, यह करीब 2 साल से चल रहा है। कोर्ट एक-दो गलतियों को नजरअंदाज
कर सकता है। लेकिन यह सातवीं गलती है। अब आज यह आदमी बिना वकालत के कौन पेश हो रहा है? पिछली बार भी यहां कोई नहीं था। कोर्ट के प्रोसेस को हल्के में लिया गया है। वकालतनामा फाइल करने में एक महीना भी नहीं लगता। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च 2026 को होगी। इस खबर में फिलहाल इतना ही। इस खबर से जुड़ी जो भी अपडेट्स होंगी हम आप तक यूं ही पहुंचाते रहेंगे।
CM नीतीश कुमार का ऐलान जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई। अब इसके बाद हम लोगों ने 2000 इसमें 24 में भी किया कि शहरी क्षेत्रों में भी नहीं होता है वो भी हो। अब शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है। आप जान लीजिए कि इसमें लगभग 4 लाख और 34,000 जीविका दीदियों दीदियां हैं और इनका गठन लगातार और भी
बहुत तेजी से काम हो रहा है शहरी क्षेत्र में भी। तो यह सब काम हो रहा तो वर्तमान में महिलाओं के रोजगार के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की गई है। जिसके तहत हर घर की एक महिला को ₹100 के दर से अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को एक राशि दी जा चुकी है। सिर से शेष महिलाओं को राशि दे दी जाएगी। अब जिन महिलाओं का रोजगार अच्छा चलेगा उन्हें ₹ लाख तक की सहायता दी जाएगी। यह सब काम करना जा रहा है। सरकार ने शुरू से ही
सभी तबकों का विकास किया है। चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो, सभी के लिए काम किया गया। मुस्लिम समुदाय के लिए भी हमने काफी काम किया। मदरसों को सरकारी मान्यता दी गई है। उनके शिक्षकों को अन्य सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया गया। अब सभी वृद्ध जनों, दिव्यांग जनों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन की राशि ₹400 से
अभी बढ़ा करके हम लोगों ने कर दिया है। ₹1100 कर दिया गया। जिससे 1 करोड़ 14 लाख लोगों को फायदा हो रहा है। विकास कार्यों में जो कमी रह गई उसे पूरा करने के लिए वर्ष 2024 के दिसंबर एवं 2025 के सरकारी जनवरी फरवरी माह में हम जो गए थे मैंने प्रति प्रगति यात्रा के दौरान सभी जिलों में जाकर विकास
कार्यों को देखा और जो कमी रही उसे पूरा करने के लिए पूरे बिहार के लिए 430 नई योजनाओं की स्वीकृति दी गई है और हर जिले में जो कुछ भी है उसके लिए काम किया जा रहा। सभी जिलों में इन योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इन सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करा दिया करा लिया गया जाएगा।
अब इसके अलावे बिहार के विकास में अब केंद्र सरकार ने भी कितना बड़ा सहयोग किया। बिहार के विकास में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 में 24 के बजट में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गई है केंद्र सरकार के द्वारा जुलाई 20 24 में और फिर फरवरी 2025 के बजट में बिहार में मखाना बोर्ड एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए
वित्तीय सहायता आदि की घोषणा की गई है। और फिर वर्ष 2018 में देश के कुछ राज्यों में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन हुआ था। अब इस वर्ष खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में हुआ है जो गौरव की बात है। इन सब के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हम नमन करते हैं। सब करिए ना नमन। एक बार हाथ उठा के बढ़ाइए। सब सब काम किए। सब काम किए। सब कुछ कर रहे हैं। आप लोग काहे नहीं
करते? आप लोग भी कहिए सबके लिए काम कर रहे हैं वो सब तरह से तो इसीलिए हम आपको कह रहे हैं तो इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का नमन करते हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी कई बार बिहार आए हैं तथा उनके द्वारा विकास कार्यों का शिलान्यास शुभारंभ किया गया है। बहुत बार हम आते हैं पटना और चारों तरफ देखते हैं और सबके लिए फायदा करते हैं। तो ये सब काम हो रहा है। इन सभी योजनाओं पर अब
तेजी से काम हो रहा है। तो मतलब जो बिहार के माध्यम से और केंद्र के माध्यम से इतना हो रहा है कि अब जान लीजिए कि इस बार जो हम लोग आए हैं। अब आप समझ लीजिए कि बहुत आगे बढ़ेगा। बहुत विकसित होगा आगे। इस बात को जान लीजिए। हमने आपके सुनो ना भाई सुनो ना पहले था बतवा मेरा सुन बैठे मत बोलिए कर रहे हो प्लीज बैठे मत बोलिए हमने आपको हमने आपको पहले की पहले ही बताया है कि हमारी सरकार ने पिछले 20 वर्षों में विकास के अनेक काम किए हैं। इस क्षेत्र में काम हुआ है। चाहे शिक्षा हो,
स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कुर्सी हो, महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत काम हुआ है। समाज के हर तबके के लिए सरकार ने काम किया है। इस बार बिहार के लोगों ने भारी बहुमत से एनडीए, नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस को जिताया है। अब विकास की गति को और तेज किया जाएगा। केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। आने वाले 5 वर्षों में विकास के अनेक काम किए जाएंगे। हर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा। इसी बार के बारे में जान लीजिए और तेजी से जो है औद्योगिक विकास किया जाएगा।
महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। और शिक्षा एवं स्वास्थ्य को और आगे बढ़ाया जाएगा। कृषि रोड मैप के काम को तेजी से किया जाएगा। खेल एवं पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विकास किया जाएगा। और सातवां है गांव के साथ-साथ शहरों का भी तेजी से विकास किया जाएगा। अब हमारा राज्य लगातार विकास कर रहा है। इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अब अगले 5 वर्षों में और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा। जो इस बार का काम है जान लीजिए बहुत आगे बढ़ेगा और
बिहार के विकास में केंद्र का भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है जो आपको हम बता दिए केंद्र सरकार भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है तो बिहार और विकसित होगा और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान होगा तो मैं अनुरोध करता हूं कि माननीय राज्यपाल महोदय के अभिभाषण के लिए उनके प्रति धन्यवाद का प्रस्ताव सदन सर्वसम्मति से पारित करें। यही हम कह रहे हैं। बहुत चीज उनको जो दिया था वो भी कर दिए हैं और
यह सब आपको बता दिए हैं कि बहुत सारा काम हो रहा है और तेजी से काम हो रहा है। इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद। आप लोग काहे नहीं कर रहे हैं? काहे नहीं कर रहे हैं? ये सब लोग कर रहे हैं? अरे भाई अरे सबके लिए फायदा है। अरे भाई अब हम तो दो बार थोड़ा-थोड़ा आपको रखे हुए थे तो कितना हम कमा किए थे। आप तो सब मेरा बतवा मान लेते थे। अब बाद में गड़बड़ किए तो हम तो छोड़ दिए। हम कभी नहीं जाएंगे। अब तो हमारा वही रहेंगे।
दोस्तों रुपया डॉलर के आगे भीख मांग रहा है। अब $1 ₹90 के बराबर हो गया है। रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनता जा रहा है। लेकिन सरकारी इकोसिस्टम आपको यह बताकर खुश करता है कि कोई बात नहीं। अरे पाकिस्तान भूखो मर रहा है। दोस्तों, अमेरिका का ₹1 हमारे ₹90 के बराबर हो गया है। यानी कि जो चीज अमेरिका के लोग ₹1 में खरीद लेंगे, वह हमें खरीदने के लिए ₹90 की जरूरत होगी।
इंटरनेशनलली आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए यह बेहद शर्म का विषय है। कभी नरेंद्र मोदी को यह शर्मनाक लगता था। नरेंद्र मोदी की बेचैनी गिरते रुपए के लिए देखने को मिलती थी। लेकिन आज की तारीख में प्रधानमंत्री को कोई फर्क नहीं पड़ता है। मोदी का यह पुराना बयान सुनिए जरा और समझिए कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार नहीं थी तब
प्रधानमंत्री रुपए की मजबूती के लिए कितने बेचैन हुआ करते थे। ऐसे नहीं होता मित्रों। मैं शासन में बैठा हूं। मुझे मालूम है इस प्रकार से रुपया इतनी तेजी से गिर नहीं सकता। अरे नेपाल का रुपया नहीं गिरता है। बांग्लादेश की करेंसी नहीं गिरती है। पाकिस्तान की करेंसी नहीं गिरती। श्रीलंका की करेंसी नहीं गिरती। क्या कारण है? हिंदुस्तान का रुपैया पतला होता जा रहा है। ये जवाब देना पड़ेगा आपको। देश आपसे जवाब मांग रहा है।
रुपए को लकवा मार गया है। प्रधानमंत्री पिछले 11 साल से सत्ता में हैं। लेकिन अब प्रधानमंत्री के मुंह से रुपए का राह नहीं निकलता है। अरे रुपया जाए चूल्हे भाड़ में। ऐसा लगता है कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री है ही नहीं। प्रधानमंत्री और उनकी प्रचार मशीनरी पूरे देश में ये भ्रम फैलाती है कि उनका पूरी दुनिया में डंका बज रहा है। भारत तो विश्व गुरु बन चुका है। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। आपको बड़ी आसान भाषा में समझाती हूं कि डंका बजना होता क्या है? देखिए दोस्तों आपका आपके नाते रिश्तेदारों में भौकाल कब बनता है? जब आप
मजबूत होते हैं। अब वो मजबूती कैसे आती है? कैसे दिखती है कि आप मजबूत हैं? आपकी मजबूती पैसों से दिखाई देती है। अच्छा घर होता है, अच्छी गाड़ी होती है। रिश्तेदारों की मदद के लिए आपके पास पैसा होता है। तो बाकी के जो रिश्तेदार होते हैं, वह भी आपका लोड लेने लग जाते हैं। रुपया और डॉलर का कोई मुकाबला ही नहीं है। आपकी गरीबी रुपए की कीमत से ही दिखाई देती है और आप कहते हैं कि दुनिया में आपका डंका बज रहा है और सबसे बड़ी बेशर्मी की बात यह है दोस्तों कि रुपए की सेहत ठीक कैसे की जाए इसका कोई
प्लान भी आपके पास नहीं है। वित्त मंत्री मैडम तो ऐसी है जो प्याज महंगा होने पर कह देती हैं कि वह प्याज खाती ही नहीं है। भाई रुपए की इस दुर्दशा पर वह कह सकती हैं कि वह रुपया खर्च करती ही नहीं है। वो तो Google Pay से पेमेंट करती हैं। दोस्तों देश में बादलों में रडार छिपाने से रुपया मजबूत होता। आधी झूठी आधी सच्ची आधी अध कचरी बातें करने से रुपया मजबूत होता। तो प्रधानमंत्री के बस की बात लगती। लेकिन जो प्रधानमंत्री खुद को अनपढ़ बताते हैं वो कैसे रुपया को मजबूत कर पाएंगे? देश को प्रधानमंत्री से
आर्थिक स्तर पर कोई उम्मीद नहीं है। अब कोई कंपनी भी नहीं बची है जिसे बेच के भाई रुपयों को मजबूत किया जा सके। आप प्रज्ञा का पन्ना देख रहे हैं तो यहां पर आपको कम समय में डिटेल एनालिसिस मिलता है और इसीलिए आप प्रज्ञा का पन्ना देखने के लिए आते हैं। आप अपना समय हमको देते हैं। तो अब सवाल ये उठता है दोस्तों कि भारतीय रुपया आखिर गिर क्यों रहा है? उसके कारणों को भी समझ लिया जाए। क्या रुपया नरेंद्र मोदी के हाकने की आदतों से गिर रहा है या कारण
कुछ और है? तो चलिए उसी पर बात कर लेते हैं। दोस्तों रुपया गिरने का कारण यह है कि विदेशी निवेशक जिन्होंने भारतीय बाजारों में पैसा लगा रखा है उनको भारतीय बाजारों पर यकीन नहीं रहा। अब वो इसीलिए अपना पैसा भारतीय बाजारों से निकालकर भाग रहे हैं। भारत से पैसा निकालकर वो दूसरी मार्केट में डाल रहे हैं जिससे डॉलर की मांग बढ़ रही है। दोस्तों केवल इसी साल अक्टूबर 2025 में 1.14 लाख करोड़ और नवंबर में 45,974 करोड़ का नेट आउट फ्ल्लो हुआ है। इसका
कारण अमेरिका, कनाडा जैसे देशों से भारत की कबाड़ा हो चुकी विदेश नीति बताई जा रही है। इकोनॉमिक्स की भाषा में अगर समझें तो अमेरिका भारत व्यापार संबंधों में अनिश्चितता और वैश्विक जोखिम की भावना ने निवेशकों का विश्वास कम कर दिया है। भारत का व्यापार घाटा बढ़ा है। अमेरिकी सरकार ने अगस्त 2025 से भारत से आयातित वस्तुओं पर 50% का टेरिफ लगाया जिसने भारतीय निर्यात को कम कर दिया। इससे व्यापार घाटा बढ़ा और मुद्रा बाजार में अनिश्चितता
पैदा हो गई। लेकिन भारत की सरकार चलाने वालों को इससे कोई लेना देना नहीं है। भारत की सरकार चलाने वालों को देश चलाने से ज्यादा पार्टी चलाने की चिंता है। पिछले दिनों जब भारत ने अपना अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर बताया तो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने भारत की जीडीपी और नेशनल अकाउंट्स यानी आंकड़ों को सी रेटिंग देकर भारतीय
आंकड़ों की गुणवत्ता पर ही सवाल उठा दिए। 26 नवंबर को जारी एक रिपोर्ट में आईएमएफ ने भारत को सी ग्रेड दिया। हैरानी यह भी है दोस्तों कि 8.2% की विकास दर का आंकड़ा आने के बाद भी शेयर बाजार में वह गर्मजशी नहीं दिखाई दी जिसकी उम्मीद की जा रही थी। 2025 से 26 में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 6.19% गिर चुका है। जबकि पिछले 1 महीने में ही यह गिरावट 1.35% की रही है। हाल के दिनों में रुपए में डॉलर के मुकाबले सबसे तेज गिरावट आई है। इस
लिहाज से रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बन गया है। रुपया का कमजोर होना दर्शा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की साख कमजोर हो रही है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के सिर से बिहार की जीत की खुमारी उतर ही नहीं रही है। देखिए इस वीडियो में मेरे साथ फिलहाल इतना ही। मुझे दीजिए इजाजत। लेकिन प्रधानमंत्री को सुनते जाइए। शीतकालीन सत्र से पहले वह देश को संबोधित कर रहे
थे और विपक्ष को बिहार हार के बाद वह चिढ़ा रहे थे। उनको देश की आर्थिक स्थिति, देश की आर्थिक चुनौतियों से कोई फर्क नहीं पड़ता। उनको बिहार जीत से फर्क पड़ता है। कुछ लोग कहते हैं कि देश की गिरती आर्थिक साख से नहीं उनको दो लोगों की आर्थिक मजबूती की चिंता रहती है। केवल एक बार चिंतन करना चाहिए कि पिछले 10 साल से ये जो खेल खेल रहे हैं देश स्वीकार नहीं कर रही है इन पद्धतियों को। तो अब थोड़ा बदले अपनी रणनीति बदले। मैं टिप्स देने के लिए
तैयार हूं। उनको कैसे परफॉर्म करना चाहिए? लेकिन कम से कम सांसदों के हकों पर तरा मत लगाइए। सांसदों को अभिव्यक्ति का अवसर दीजिए। अपनी निराशा और अपने पराजय में सांसदों को बलि मत बनाइए। मैं आशा करता हूं कि इन जिम्मेवारियों के साथ हम सब चले
यह एक जटिल प्रश्न है जिस पर अलग-अलग मत हैं। कई परंपराओं में, विशेषकर इस्कॉन जैसी, भगवान श्री कृष्ण को पूर्ण परमात्मा माना जाता है, जबकि अन्य परंपराओं में यह माना जाता है कि पूर्ण परमात्मा कोई और हैं और श्री कृष्ण विष्णु के अवतार हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार, श्री कृष्ण को पूर्ण अवतार माना जाता है, जिसका अर्थ है कि वे ईश्वर के पूर्ण रूप हैं, लेकिन यह भी कहा जाता है कि ईश्वर की शक्ति कहीं भी पूर्णतः प्रकट नहीं होती।
श्री कृष्ण को पूर्ण परमात्मा मानने वाले विचार
भगवद गीता का संदर्भ: कुछ लोग गीता में श्री कृष्ण के कथनों को उद्धृत करते हैं कि वह “मैं ही परमात्मा हूँ”।
भगवद पुराण का संदर्भ: कुछ लोग “कृष्णस्तु भगवान् स्वयम्” (कृष्णास् तु भगवान् स्वयं) उक्ति का उपयोग करते हैं, जिसका अर्थ है कि कृष्ण स्वयं भगवान हैं।
इस्कॉन जैसी संस्थाएँ: ये संस्थाएँ श्री कृष्ण को सर्वोच्च भगवान मानती हैं।
श्री कृष्ण को पूर्ण परमात्मा न मानने वाले विचार
विष्णु के अवतार: कई मान्यताओं के अनुसार, श्री कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं।
अपूर्णता का तर्क: कुछ लोग तर्क देते हैं कि चूँकि उनका जन्म हुआ था, वे पूर्ण परमात्मा नहीं हो सकते क्योंकि वे जन्म और मृत्यु के चक्र में बंधे थे।
अन्य देवता: कुछ मतों के अनुसार, पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब हैं और श्री कृष्ण विष्णु के अवतार हैं।
विरोधाभास को समझने का एक तरीका
प्रकटीकरण और लीला: कुछ लोग मानते हैं कि परमात्मा जन्म नहीं लेते, बल्कि प्रकट होते हैं। श्री कृष्ण का जन्म एक दैवीय लीला (खेल) था, जो उनकी शक्ति को दर्शाता है, न कि उनकी वास्तविक सीमाओं को।
मानवता का अनुभव: यह भी माना जाता है कि परमात्मा मानव रूप में आकर मानवता का अनुभव करते हैं और हमें जीवन का सही मार्ग सिखाते हैं।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह एक गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक विषय है, और अलग-अलग मत और दृष्टिकोण हो सकते हैं।
कास्ट वादी का परिचय:
लोगो का कहना है कि उनका जन्म एक यदुवंशी परिवार में हुआ था यह बात उनकी बुआ और स्वयं ने भी कहा था, और लोगो ने उन्हें कई अन गिनत नाम से भी पुकारते थे,
लेकिन मैं आपको जातिवाद के नाम पर परिचय देना नहीं चाहता हूं क्योंकि भगवान का कोई जाती नहीं होता है वह अटल है, दुख में सुख में जहां श्री कृष्ण भगवान का मन से नाम लो वहां श्री कृष्ण है।
राजा सुरसेन याची मुलगी ही राजा कुंतीभोज यांना दत्तक म्हणून स्फूर्त केलेली होती म्हणून त्या राजा नी त्यांच्या मुलीचे नाव कुंतीअसे ठेवण्यात आले कुंती ला सहा मुले होते माहितीपूर्ण टाकावी
कुन्ती ला एकूण सहा पुत्र होते तुम्ही फक्त चार दाखवले 1 कर्ण, 2 युधिष्ठिर, 3भीमसेना, 4 अर्जुन, 5 सहदेव, 6 नकुल,
भगवान श्री कृष्ण यदुवंशी क्षत्रिय राजपूत है। उनका जन्म देवकी और वासुदेव यानी की क्षत्रिय राजपूत परिवार में हुआ था। कई कारण सर उनका लालन पोषण नंद बाबा और यशोदा माता के वहां हुआ था। नंद बाबा और यशोदा माता दोनों अहीर समाज के थे भगवान श्री कृष्ण का जन्म यादव राजपूत कुल में यदुवंश में हुआ था और यदुवंशी जो है वह चंद्रवंशी के अंदर आता है। और
अहीरों को बहुत सारी किताबों में और बहुत पुराने ग्रंथ में भी शुद्ध बताया गया है तो शुद्ध का मतलब आपको भी पता है और मुझे भी पता है और भागवत गीता में भी स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है के नंद बाबा और यशोदा ग्वाले थे, अहीर थे, अभीर थे और देवकी और वासुदेव क्षत्रिय थे उसमें मेंशन किया हुआ है और यह जो खुद को यदुवंशी बताते हैं अहीर पर यदुवंशी केवल और केवल
क्षत्रिय राजपूत है। अगर तुमको यदुवंशी लिखना ही हो तो बोलो कि राजपूत हमारे बाप है। हम राजपूत के बेटे हैं। राजपूत कल भी तुम्हारे बाप थे। राजपूत आज भी तुम्हारे बाप है। राजपूत परसों भी तुम्हारे बाप रहेंगे। मैं एक राजपूत हूं। हमें कभी भी किसी भी समाज का
विरोध नहीं किया है। आज तक ना आगे भी करेंगे। पर जो है उसके कुछ इधर उधर इतिहास में तो चुप नहीं रहेंगे ब्रध्यतां यादव राजपुत्रश्य ! बाहु राजनय कृतः बध्यतां यदुकुल राजपुत्रा ! क्रंदता मितेतरम … यदुवंशी क्षत्रिय राजपुत्र जाडेजा चूड़ासमा भाटी जादौन आदि वंशज है फिलहाल
भारत में वास्तिक वंशावली के साथ ।
तो तुम लोग भी अपने नाम के पीछे यादव लगाया करो
वासुदेवाय नम: वासुदेवाय नम: 🌎🇮🇳
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