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  1. Is website per dard bhari kahani se bhi relative script post kiye jaenge thank you ❤️🙏
  • एक राजा की तीन झूठी कहानियां 😂 The Hindi Best Real Kahani in emotional crime story

    एक राजा को झूठी कहानियां सुनने का शौक था वह बिना कहानियां सुने दरबार का काम शुरू नहीं करता धीरे-धीरे दरबारियों और प्रजा के पास कहानियां खत्म हो गई लेकिन राजा की जिद कम नहीं हुई राजा ने घोषणा की कि जो उसे तीन झूठी कहानियां सुनाएगा उसे इनाम मिलेगा इनाम के लालच में लोग कहानियां लेकर आने लगे लेकिन राजा सारी कहानियां पहले ही सुन चुका था नई कहानियां सुनते ही वह पहचान लेता फिर राजा ने एक और घोषणा की कि जो उसे तीन झूठी कहानियां सुनाएगा उसे आधा राज्य और अपनी बेटी चंद्रप्रभा का हाथ में लेगा राजा ने यह घोषणा तो कर दी लेकिन उसे डर था कि अगर कोई सच में तीन झूठी कहानियां सुना देगा तो उसे वादा निभाना पड़ेगा इस डर से राजा ने दरबारियों को आदेश दिया कि जैसे ही तीसरी कहानी सुनाई जाए सभी कहें यह सच्ची है इसके बाद राजा उस व्यक्ति को राजद्रोह के आरोप में जेल भेज देता इससे लोग डर गए कोई कहानियां सुनाने को तैयार नहीं था अब राजा बेचैन हो गया उसने अपने खास दरबारी को आदेश दिया कि वह व्यवस्था करे अगर दो दिन तक कोई कहानी नहीं सुनाई गई तो दरबारी को 100 कोड़े मारे जाएंगे राजा के दरबारी को आदेश में मिला था कि किसी तरह तीन झूठी कहानियां सुनाने वाला व्यक्ति ढूंढे लेकिन दरबारी जानता था कि राजा की चाल थी कि तीसरी कहानी को सच्चा बताकर वह सुनाने वाले को जेल में डाल देता था अपने राज्य में कोशिश करने के बाद जब उसे कोई नहीं मिला तो वह दूसरे राज्य में भी गया वहां भी राजा की चाल के बारे में सुनकर कोई तैयार नहीं हुआ थक हार कर दरबारी एक पेड़ के नीचे बैठ गया तभी एक लकड़हारा वहां आया और उससे पूछा कि आप उदास क्यों बैठे हैं दरबारी ने कहा कि उसका दुख जानने से क्या होगा लेकिन लकड़हारे ने मदद का भरोसा दिया दरबार ने राजा की समस्या बताई कि वह झूठी कहानियां सुनने का शौकीन है लेकिन तीसरी कहानी को सच्चा बताकर सुनाने वाले को जेल में डाल देता है लकड़हारे ने मुस्कुराते हुए कहा बस इतनी सी बात आप चिंता मत कीजिए कल मैं राजा को तीन झूठी कहानियां सुनाने आऊंगा दरबारी ने कहा तुम युवा हो अपना जीवन क्यों खतरे में डाल रहे हो लकड़े ने कहा आप निश्चिंत रहें दरबारी उसकी बात मानकर दरबार लौट आया और राजा को खबर दी अगले दिन राजा उस व्यक्ति का बेसब्री से इंतजार करने लगा नियत समय पर युवक आया और राजा से कहा महाराज मैं आपको तीन झूठी कहानियां सुनाने आया हूं राजा ने कहा तुम्हें नियम मालूम ही होंगे अगर तुम तीन झूठी कहानियां सुना दोगे तो मेरी बेटी से विवाह और आधा राज्य तुम्हें मिलेगा लेकिन अगर कोई कहानी सच्ची निकली तो तुम्हें राष्ट्रद्रोह के आरोप में जेल या 1000 कोड़े मारने की सजा मिलेगी युवक ने कहा मुझे सजा मंजूर है लेकिन पहले मेरी कहानियां सुन लीजिए राजा ने अनुमति दी और युवक ने अपनी पहली कहानी सुनानी शुरू की महाराज मैं एक किसान हूं एक दिन जब मैं खेत में हल जोत रहा था मेरी मां खाना लेकर आई खाने में आम थे मैंने आम खाए और गुठलियों बैलों की पीठ पर रख दी तभी बारिश होने लगी और उन गुठलियों से बड़े-बड़े बरगद के पेड़ उगाए पेड़ इतने विशाल थे कि उनकी छाया में मैं बिना भीगे पूरा खेत जोतता रहा सारी सभा ठहाके लगाने लगी दरबारियों ने कहा आम की गुठलियों से बरगद और वो भी बैलों की पीठ पर यह तो पूरी तरह झूठ है राजा ने मुस्कुराते हुए कहा अगली कहानी सुनाओ उस युवक ने राजा से पूछा महाराज क्या आप मानते हैं कि मेरी पहली कहानी झूठी थी राजा ने कहा हां मैं मानता हूं अब दूसरी कहानी सुनाओ युवक ने कहानी शुरू की महाराज एक बार हमारे गांव में बारिश नहीं हो रही थी मेरी मां ने कहा कि कुछ करो मैंने एक डंडा उठाया और बादलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया बादल मुझसे डर कर भागने लगे लेकिन मैंने उन्हें पकड़कर इतना पीटा कि वे रोने लगे उनके आंसू बारिश बनकर हमारे गांव में बरसने लगे वह बारिश इतनी तेज थी कि पूरा गांव डूब गया लेकिन मेरा कुत्ता बिल्ली खिलौने और मेरा घर सब सूखे रहे मैं अपनी एक अंगुली से सबको बचाकर रखे हुआ था मेरी अंगुली के नीचे मेरा घर और आसपास के चार पड़ोसियों के घर भी थे दरबारियों ने ठाके लगाते हुए कहा बादलों को पीटकर बारिश और एक अंगुली के नीचे पूरा घर ये तो पूरी तरह झूठ है राजा भी हंसते हुए बो बोला हां यह कहानी झूठी है अब तीसरी सुनाओ युवक ने मुस्कुरा कर कहा महाराज तीसरी कहानी मैं कल सुनाऊंगा राजा ने लड़के के जाने के बाद दरबारियों को आदेश दिया कल वह चाहे कैसी भी कहानी सुनाए तुम सबको कहना है कि यह कहानी सच्ची है उधर रात को दरबारी को चिंता होने लगी वह लड़के के पास गया और बोला बेटा तुम अभी यहां से भाग जाओ राजा ने आदेश दिया है कि तुम जो भी तीसरी कहानी सुनाओ ग उसे सच्ची बता दिया जाएगा इसके बाद तुम्हें राजद्रोह के आरोप में जेल भेज दिया जाएगा या तुम्हें 1000 कोड़े मारने की सजा दी जाएगी लड़के ने शांत रहते हुए कहा आप चिंता मत करें कल देखना या तो राजा अपनी झूठी कहानियां सुनने की आदत छोड़ देगा या फिर मैं यहां नहीं रहूंगा दरबारी ने समझाने की कोशिश की बेटा मैं जानता हूं तुम बुद्धिमान हो लेकिन राजा के दरबारी नीच और चालाक लोग हैं वे राजा के आदेश के अनुसार ही काम करेंगे अपनी जान बचाने के लिए भाग जाओ लड़के ने दृढ़ता से कहा आप मुझ पर भरोसा करें कल मैं ना केवल सुरक्षित रहूंगा बल्कि राजा को उसकी आदत भी छुड़वा दूंगा अगली सुबह दरबारियों ने राजा के इशारे का इंतजार किया राजा ने मुस्कुराते हुए लड़के से कहा अब अपनी तीसरी कहानी सुनाओ लड़के ने कहा महाराज जैसा कि आप जानते हैं आपके दादाजी और मेरे दादाजी बहुत अच्छे मित्र थे इतना सुनते ही सभी दरबारी बोल उठे हां यह सच है हमने सुना है कि वे बहुत अच्छे मित्र थे लड़के ने हाथ जोड़कर निवेदन किया महाराज कृपया मुझे पहले कहानी पूरी करने दें इसके बाद निर्णय लें कि यह सच्ची है या झूठी राजा ने दरबारियों को शांत कराया और लड़के से कहा ठीक है अपनी कहानी पूरी करो लड़का बोला महाराज एक बार आपके राज्य में अकाल पड़ा था तब आपके दादाजी ने मेरे दादाजी से मदद मांगी मेरे दादाजी ने 10000 बैल गाड़ियां सोने की मोहरों से भर कर भेजी थी जिससे अकाल का सामना किया गया लेकिन आपके दादाजी ने वादा किया था कि वे इस रकम का ब्याज के साथ लौट आएंगे लेकिन लौट आए नहीं मेरे दादाजी ने मरते समय मेरे पिताजी से कहा था और मेरे पिताजी ने मरते समय मुझसे कहा कि अब वह रकम 15500 बैल गाड़ियां सोने की हो चुकी है महाराज कृपया वह रकम मुझे लौटा दें इतना सुनते ही राजा सोच में पड़ गया इधर सभी दरबारी चिल्ला रहे थे यह कहानी सच्ची है यह कहानी सच्ची है राजा ने लड़के की तीसरी कहानी सुनकर सोचा अगर यह कहानी सच्ची है तो मुझे इसे 15500 बैल गाड़ियां सोने की देनी होंगी लेकिन मेरे पूरे राज्य में इतना सोना भी नहीं है यहां तक कि अगर मैं प्रजा से सब कुछ इकट्ठा करूं तब भी संभव नहीं होगा इसलिए मुझे यह कहानी झूठी माननी ही पड़ेगी उधर दरबारी चिल्ला रहे थे यह कहानी सच्ची है राजा गुस्से में अपनी गद्दी से खड़ा हुआ और बोला चुप हो जाओ यह कहानी झूठी है मैं खुद कहता हूं यह झूठी है दरबार में सन्नाटा छा गया दरबारियों को समझ नहीं आया कि राजा ने ऐसा क्यों कहा राजा ने कहा आज मुझे समझ में आ गया है कि सनक और जिद गलत होती है मैंने अपनी सनक में अपना आधा राज्य और समय बर्बाद किया फिर राजा ने लड़के से कहा युवक तुम्हारी बुद्धिमानी और चतुराई ने मुझे प्रभावित किया है मैं अपनी बेटी चंद्रप्रभा का विवाह तुमसे करूंगा लड़के ने मुस्कुरा कर कहा महाराज मैं मनोहर गढ़ का राजकुमार मनोहर सिंह हूं मैं आपकी सनक दूर करने और चंद्र प्रभा को देखने आया था वह सच में सुंदर और गुणी है राजा ने कहा आज मैंने सीखा कि राजा वही है जो प्रजा हित में सोचता है अब मैं हमेशा प्रजा की भलाई के लिए काम करूंगा

  • यह औरत नेवला को क्यों जन्म दिया 😱 The Real Crime in Hindi Story

    देव शर्मा नाम के ब्राह्मण के घर एक पुत्र का जन्म हुआ उसी दिन उनके घर में रहने वाली नेवली ने भी एक नेवले को जन्म दिया देव शर्मा की पत्नी दयालु स्वभाव की थी इसलिए उसने नेवले के बच्चे को भी अपने पुत्र के समान प्यार और स्नेह से पाला नेवला और बच्चा हमेशा साथ खेलते और दोनों में गहरी मित्रता थी किंतु देव शर्मा की पत्नी के मन में एक शंका हमेशा

    बनी रहती थी कि नेवला पशु होने के कारण मूर्खता वश कभी उसके पुत्र को नुकसान ना पहुंचा दे वह अक्सर इसे लेकर चिंतित रहती थी एक दिन मण की पत्नी ने अपने पुत्र को वृक्ष की छाया में सुलाया और पास के जलाशय में पानी भरने के लिए जा रही थी जाते समय उसने अपने पति देव शर्मा से कहा स्वामी आप यही ठहर कर बच्चे की देखभाल करें और विशेष रूप से नेवले से सावधान रह पत्नी के जाने के बाद देव शर्मा ने सोचा कि नेवला और बच्चे के बीच गहरी मित्रता है इसलिए नेवला बच्चे को

    कोई हानि नहीं पहुंचाएगा यह सोचकर वह अपने पुत्र और नेवले को वृक्ष के नीचे छोड़कर भिक्षा के लिए निकल पड़ा दैव योग से उसी समय एक काला नाग पास के बिल से बाहर निकला ने नेले ने नाग को देखा और डर गया कि कहीं यह उसके मित्र को दस ना ले नेवले ने अपनी सारी ताकत और हिम्मत लगाकर सांप पर हमला कर दिया दोनों के बीच जोरदार लड़ाई हुई आखिर में नेवले ने सांप को मार

    डाला लेकिन इस लड़ाई में उसका मुंह और पंजे खून से भर गए कुछ समय बाद ब्राह्मण की पत्नी जल लेकर वापस लौटी उसने दूर से देखा कि नेवला दौड़ता हुआ उसकी ओर आ रहा है और उसके मुंह पर खून लगा हुआ है ब्राह्मण पत्नी का मन उन्हीं पुरानी आशंकाओं से भर गया कि कहीं इसने उसके पुत्र की हत्या ना कर दी हो यह विचार ार आते ही उसने क्रोध से हाथ में लिए घड़े को नेवले पर फेंक दिया छोटा सा नेवला जल से भारी घड़े की चोट खाकर वहीं मर गया जल्दी-जल्दी अपने पुत्र के पास

    पहुंचकर उसने देखा कि बच्चा बड़ी शांति से सो रहा है पास ही एक मरा हुआ नाग पड़ा था यह देख ब्राह्मण की पत्नी को सारी सच्चाई समझ में आ गई वह पछतावे से रोने लगी और अपने मूर्खता पूर्ण कार्य के लिए नेवले के शव के पास बैठकर विलाप करने लगी उसने कहा मैंने अपने ही रक्षक को मार डाला मेरी जल्दबाजी और शंका ने एक निर्दोष की जान ले ली निष्कर्ष बिना सोचे समझे किए गए निर्णय जीवन में दुख और पश्चाताप ही लाते हैं

    Thanks 🙏

  • लड़की को लगी ब्लू फिल्म की लत कूते से बनाया संबंध love me

    16 साल की लड़की को ब्लू फिल्म देखने की लत लग जाती है और इस लत के चलते वह अपने ही घर के कुत्ते के साथ संबंध बनाने लगती है दोस्तों आइए बताते हैं आपको पूरी कहानी अगर आप इस कहानी को देख रहे हैं तो पूरी देखिएगा क्योंकि इस प्रकार की घटनाएं किसी के भी साथ हो सकती है आपके आस पड़ोस में दाएं बाएं इधर-उधर कहीं भी इस प्रकार की घटनाक्रम घटित हो सकता है इसलिए इस प्रकार की घटनाओं को आपको ध्यान में रखना

    चाहिए जिससे कि आने वाले समय में यदि कोई ऐसी घटना होने को हो तो आप उसको पहले से पहले रोक सके चाहे वो आपके खुद के घर में हो चाहे हमारे घर में हो या किसी और के घर में हो या पड़ोसी पड़ोसी के हो चलिए दोस्तों पूरी कहानी आपको सुनाते हैं घटना है जम्मू कश्मीर की जम्मूकश्मीर में रहने वाला एक कुशल परिवार पिता का एक बहुत अच्छा व्यापार था माता भी एक सरकारी सर्विसमैन थी और एक ही लड़की थी जिसका नाम था मीना मीना पढ़ने में बड़ी होशियार थी और अपने क्लास में टॉप आया करती थी लेकिन दोस्तों कहते हैं ना कि हवा लगने में देर नहीं लगती यह उम्र ही ऐसी होती है जिसमें आने के बाद अगर कोई

    दूसरा व्यक्ति अगर कुछ समझा दे तो वो बात जल्दी समझ में आ जाती है अपने माता-पिता की समझ में नहीं आती है तो दोस्तों होता क्या है कॉलेज में एक लड़की जिसका नाम माया था वो एक दिन रीना से कहती है कि तुम अपने फोन पर कुछ देखती नहीं हो क्या क्या तुम अपने फोन में कुछ उस टाइप की पिक्चर्स नहीं देखती वो लड़की कहती है नहीं मुझे इस टाइप का कोई शौक नहीं है मैं इस टाइप का शौक नहीं रखती लेकिन वो जो उसकी फ्रेंड होती है वो कहती है कि कि जब तुम एक बार इस तरह की पिक्चर देख लोगी तो तुम्हारा दिल खुद उसको ही करने को करेगा तुम्हें ऐसा लगेगा

    कि दुनिया में इसके अलावा सब कुछ बेकार है तुम एक बार मेरे कहने से इसको ट्राई करके देखो वो लड़की कहती है कि मैं इस तरह की नहीं हूं और मुझे ये सब पसंद नहीं है लेकिन उसकी जो सहली थी वो बड़ा बिगड़े हुए टाइप की थी तो वो कहती है कि चलो एक बार तो ट्राई करो जीवन में कुछ भी काम एक बार ट्राई करना चाहिए दोस्तों मैं यहां पर ये कहना चाहता हूं कि ऐसे लोगों से ऐसे बच्चों से अपने बच्चों को हमेशा बचा के रखें क्योंकि क्या पता इस टाइप का बच्चा आपके बच्चे को कब बिगाड़ दे चाहे वो आपका भाई बहन हो चाहे वो हमारा भाई बहन हो ऐसे बच्चों से अपने

    बच्चों को हमेशा बचा कर रखें फिर वो कहती है कि एक बार देखो मन करेगा तुम्हारा हमेशा के लिए अब वो कहती है चल ठीक है दे दे किस तरह से देखनी है मुझे बता दे वो लड़की उसके फोन में एक वेबसाइट का लिंक भेज देती है और लिंक भेजने के बाद में वो लड़की घर जाके अपने माता-पिता के साथ खाना पीना खाती है खाना खाने के बाद उसे याद आता है कि उसकी फ्रेंड ने उसे एक लिंक दिया था जो वीडियो उसको देखनी है अब वो अपने घर में आ जाती है खाना पना खाके आराम से बिस्तर पर लगा के लेटी होती है फिर वो वीडियो खोलती है और देखती है तो उसे बड़ा अजीब सा लगता है बड़ा घिनौना जैसा लगता है अगले दिन स्कूल जाती है अपनी फ्रेंड से कहती है ये तूने मुझे किस प्रकार

    की पिक्चरें दे दी बड़ी ही गंदगी उसमें फैला रखी थी इस टाइप की पिक्चर मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी मुझे देखकर बड़ा घिन स लगी अच्छा नहीं लगा उसकी सहेली कहती है अरे पागल तू अब जवान हो चुकी है तुझे इन सब चीजों से घिल लग रही है तुझे बुरा लग रहा है तो इसको रोज देख धीरे-धीरे देखना तुझे इतना आनंद आएगा इसमें इतना मजा आएगा तुझे लगेगा कि दुनिया ही यही है वह कहती है चलो ठीक है एक बार और ट्राई करती हूं अब वो घर पर अकेली रहती थी तो उसके पास सिर्फ एक कुत्ता था वो घर में अपने रहती थी एक कुत्ता एक मोबाइल माता-पिता पर चले जाते थे तो इसलिए अकेली रह जाती थी तो वो अब वो लगातार अपने घर पे वही पिक्चरें देखती रहती थी दोस्तों अब धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा था और अब

    इसी क्रिया क्रम को इसी चीज को होते-होते एक महीना गुजर चुका था और जब एक महीना गुजरने को आया दोस्तों तो उसके मन में अजीब अजीब तरह की उत्तेजना जागृत होने लगी और अब वो इस चीज को करने के लिए बहुत ज्यादा उतावली होने लगी उसको अब ये लग रहा था कि अब जैसे इन पिक्चर्स में हो रहा है वैसे मैं भी असलियत में करूं अब घर में कोई और तो था नहीं सिर्फ एक कुत्ता था तो वह अपने कुत्ते को ही पकड़ लेती है अपने पास लिटाल लेती है और टालने के बाद उसके साथ निर्वस्त्र हो जाती है और काफी कोशिश करती है लेकिन कुत्ता तो कुत्ता है वो ठीक से कुछ कर नहीं पाता तो उसकी जो उत्तेजना थी जो उसकी भावनाएं थी वो अधूरी रह जाती है वो अगले दिन अपने स्कूल जाती है और अपनी उसी सहेली से कहती है कि यार मेरा अब यह पिक्चर देखने के बाद वही सब करने का मन करता है अब कोई व्यवस्था करो जिससे कि मेरा कुछ हो सके वो लड़की कहती है तुम एक काम करो तुम एक

    अपना बॉयफ्रेंड बना लो और मैं तुम्हें एक लड़के का नंबर देती हूं तुम उससे बात कर लो लड़का हट्टा कट्टा तंदुरुस्त लड़का है उसकी उम्र लगभग 25 26 साल है और वह तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी करेगा बहुत अच्छा लड़का है अब जो है वो उसको नंबर दे देती है मीना घर पर अपने आ जाती है घर आने के बाद अपने फोन से फोन लगाती है और उधर से वो लड़का बोलता है हेलो मैं विमल बात कर रहा हूं वह कहती है ठीक है मैं आपका नाम जानती हूं और मैं आपको अच्छी तरह से जानती हूं लड़का कहता है कि आप मुझे कैसे जानती हैं आपको मेरे बारे में कैसे पता व कहती है कि मैं आपके बारे में सब कुछ जानती हूं लड़के को थोड़ा घुमा है धीरे-धीरे लड़का पूछने लगता है कि आपको मेरा नंबर किसने दिया तो व कहती है कि आपका नंबर मुझे एक मेरी फ्रेंड ने दिया है और मैं आपसे फ्रेंडशिप करना चाहती हूं यह सुनकर वह लड़का तुरंत राजी हो जाता है क्योंकि आप तो जानते ही हैं लड़के अगर कोई लड़की किसी लड़के के पास फोन करे तो लड़का तुरंत राजी हो जाता है अब वो राजी हो गया दोनों

    लोगों बातें होने लगी कॉल प बात होती थी पूरे पूरे दिन ये लोग कॉलिंग प बात करते रहते थे लगातार कॉल चलती रहती थी क्योंकि घर प कोई रहता नहीं था मम्मी पापा काम पे लड़का भी पूरे दिन लगातार लगा रहता था अब कॉल पर बात करते करते धीरे धीरे ये लोग ीडियो कॉल पे आ गए वीडियो कॉल पे तो फिर इन लोगों ने एक नया ही खेल शुरू कर दिया जो कि आजकल सभी प्रेमी प्रेमिका प्रेम के नाम पर जो कर रहे हैं कपड़े उतार कर न्यूट वीडियो कॉलिंग शुरू हो जाती है दोस्तों अब इन लोगों के बीच में न्यूड वीडियो कॉल एक दूसरे को देखना निर्वस्त्र इस प्रकार के वीडियो कॉल्स और अब इन लोगों के बीच कोई पर्दा नहीं रहा था अब कमी रह गई थी सिर्फ मिलने की और वो जगह तलाशने की जिस जगह पर ये मिल सके विमल ने एक दिन कह दिया कि यार फोन पर बात करते करते वीडियो कॉल करते करते बहुत ज्यादा टाइम हो गया अब किसी दिन हम लोग मिल लेते हैं मीना भी कहने लगी मैं भी यही सोच रही थी क्यों ना किसी ना दिन मिल लिया जाए अब होता क्या है एक दिन मीना के

    मम्मी पापा तो घर पर रहते ही नहीं थे एक दिन वो उसे फोन करती है और कहती है कि तुम मेरे घर पर ही आ जाओ विमल तुरंत उसके घर पहुंच जाता है क्योंकि नजदीक में ही रहता था विमल घर पहुंचता है जब वो घर के अंदर जाता है तो मीना उसको चाय नाश्ता बिस्कुट और नाश्ता वगैरह उसका कराती है थोड़ी देर यही सब होने के बाद में विमल और मीना कमरे में चले जाते हैं मीना उसको निर्वस्त्र करके और उसके साथ संबंध स्थापित करने लगता है अब जबक पहली बार था तो मीना को इस बड़ा दिक्कत हो रही थी बहुत परेशानी हो रही थी लेकिन वो 25 26 साल का लड़का उसको कहां छोड़ने वाला था मीना मना कर रही थी लेकिन वो जो है अपने मन की हसरत पूरी करता रहा जब तक कि उसका मन नहीं भर गया उसको एकदम 16 साल की नई जवान लड़की मिल गई तो इस प्रकार व लड़का कहां छोड़ने वाला था अब दोनों के बीच संबंध स्थापित हो जाते हैं और संबंध स्थापित होने के बाद में विमल अपने घर आ जाता है मीना अपने घर में आराम से रहती है फर्स्ट टाइम था तो उसको भी उसमें अच्छा लगा पसंद आया यह सब अब यह

    तो एक बार हुआ था लेकिन अब ये रोजाना का शुरू हो गया अब यह सिलसिला रोजाना का शुरू हो चुका था दोस्तों उधर माता-पिता जॉब पर जाते और यह लड़की अपने घर पर अपने बॉयफ्रेंड को बुला लेती थी वो आता था पूरे पूरे दिन रुका रहता था जब मम्मी पापा के जाने का समय होता था तभी घर से जाता था अब अगर घर पर कोई व्यक्ति आएगा तो अड़ोस पड़ोस के लोग तो देखते ही है पड़ोस के लोगों ने देख लिया और यह बात मीना के पिता महेंद्र को बताई महेंद्र ने जब अपनी बेटी से पूछा कि बेटा यह सब क्या हो रहा है मोहल्ले वाले इस तरह की बातें कह रहे हैं क्या तुम इस प्रकार किसी लड़के को को बुलाती हो या कोई लड़का इस तरह से घर पर आता है तो मीना कहने लगती है नहीं नहीं पिताजी यह सब लोग झूठ बोल रहे हैं ये लोग हमारी तरक्की और हम लोग कुशल है इसीलिए ये लोग हम लोगों से चिड़ते हैं इसलिए मेरे बारे में अफवाह उड़ा रहे हैं ऐसा कुछ भी नहीं है हमारे घर पर कोई भी लड़का नहीं आता है और मैं अपने घर पर अकेली रहती हूं और मेरे साथ में अपना ये डॉगी रहता है मेरे पास समय बिताने के लिए एक ही डॉगी और मेरा

    मोबाइल ही काफी है मुझे किसी और की कोई जरूरत नहीं नहीं है अब यह बात मीना की मम्मी को ही पता लगती है मीना की मम्मी तो इस चीज को मान जाती है लेकिन मीना के पिताजी के मन में यह बात बैठ जाती है वो समझ जाते हैं कि कहीं ना कहीं कुछ जरूर होगा तभी ये मोहल्ले वाले सब लोग इस बात को कह रहे हैं अगले दिन मीना के पिताजी काम पर निकलते हैं मीना की मम्मी भी काम पर निकलती है मीना की मम्मी तो अपने काम पर चली जाती है लेकिन मीना के पिताजी अपने काम पर नहीं जाते हैं वो पड़ोस में ही रहने वाले अपने एक दोस्त के घर पे जाकर उसके घर में जाकर बैठ जाते हैं और उस समय का इंतजार करने लगते हैं जब वो लड़का उनके घर पर आएगा अब मीना को तो लगा मम्मी पापा गए वो तुरंत उसको फोन करती है और अपने घर बुला लेती है मीना के पिताजी भी पीछे-पीछे पहुंचते हैं कमरे का दरवाजा खोलते हैं

    और दरवाजा खोलकर एंट्री करते हैं तो यह दोनों लोग संबंध बनाने की तैयारी ही कर रहे थे तब इनको पकड़ लिया जाता है जब पिताजी रंगे हाथ पकड़ लेते हैं तो मीना झेप जाती है और विमल तो वहां से रफूचक्कर हो जाता है मीना को उसके पिताजी बहुत डांटते हैं और समझाते हैं कि बेटा इस तरह की हरकतें अच्छी नहीं है मीना माफी मांगने लगती है अपने पिता के पैरों में गिर जाती है और कहती है पिताजी आज जो गलती हुई वो आज के बाद दोबारा कभी नहीं होगी अब पिता तो पिता होते हैं पिता का दिल बहुत बड़ा होता है पिता इस चीज को मान जाते हैं और कहते हैं चलो बेटा कोई बात नहीं लेकिन अब तुम आज के बाद इस प्रकार की कोई भी हरकत मत करना इससे हमारे परिवार पर बहुत गंदा असर जाएगा लोग सोचेंगे कि एक लड़की को भी ठीक से पाल ना सके मीना कहती है पिताजी आज के बाद आपको कोई बात सुनने को नहीं मिलेगी लेकिन कहते हैं ना दोस्तों जिसको इस प्रकार का चस्का लग चुका हो उसको अब कुछ भी रास नहीं आएगा मीना भी कुछ दिन तो शांत रहती है फिर उसके कुछ दिन बाद फिर विमल को फोन करती है और अपने घर बुलाने

    को कहती है विमल कहता है कि तुम्हारे पिताजी आ गए तो वो कहती है कि पिताजी दिन में काम प रहते हैं दिन में ममी भी काम प रहती है और हो सकता है मम्मी पापा दिन में छापा मार दे और हम पकड़े जाए तो अब एक काम करते हैं तुम अब रात में आ जाया करो मैं रात में अपने माता-पिता को नशे की दवाई दे दिया करूंगी वो तुम मुझे एक मेडिकल सेला करर दो अब होता क्या है वो जो लड़का विमल था वो मेडिकल प जाता है और नशीली दवाइयां लाकर मीना को दे देता है मीना रात में अपने पिता को और माता को वो दवा खाने में मिलाकर खिला देती थी और दोनों लोग वो सो जाते थे उसके बाद य विमल को बुलाकर उसके साथ पूरी पूरी रात शारीरिक संबंध स्थापित करती थी एक दिन अचानक से मीना के पिता की आंख खुल गई और उन्होंने विमल और मीना को रंगे हाथ निर्वस्त्र संबंध बनाते हुए पकड़ लिया अब यह देखकर एक पिता को कितना बुरा लगा होगा यह चीज आप खुद भी समझ सकते हैं दोस्तों विमल को उन्होंने बहुत डांटा और समझाया कि तुम देखो मेरी बेटी का साथ छोड़ दो इस तरह की हरकत बहुत गलत है मीना भी कहने लगी

    कि पिताजी अब ये आखिरी बार है अब मैं आज के बाद ऐसा कुछ नहीं करूंगी पिता भी कहते हैं बेटी की गलती है लड़के से ज्यादा कुछ कह नहीं सकते तो वह विमल को जाने देते हैं और मीना को भी माफ कर देते हैं और अब मीना कुछ दिन तक सही रहती है लेकिन एक नई उमर हाथ में मोबाइल और इस तरह की पिक्चर देखना तो उत्तेजना पर कंट्रोल कर पाना फिर भी उसके बस की बात नहीं थी अब मीना कहती है कि विमल देखो हम लोगों का मिलना पॉसिबल नहीं रहा है अब तुम जब भी मेरे घर पर आओगे तो तुम एक धारदार हथियार लेकर आना जिससे कि मैं अपने माता-पिता को रास्ते से हटा सकूं क्योंकि यदि यह दोनों रहेंगे तो हम दोनों का मिलना पॉसिबल नहीं है विमल लड़की की बातों में आकर जब उसके घर पे जाता है तो एक धारदार हथियार लेकर जाता है

    धारदार हथियार लेकर जाने के बाद मीना उससे कहती है कि जाओ मैंने अपने माता-पिता को नशे की दवा खिला रखी है तुम जाकर उन पर हमला कर दो और उनको हमारे रास्ते से हटा दो विमल भी नया नया भूत जाता है और उन दोनों को धारदार हथियार से प्रहार करके तब तक प्रहार करता है जब तक कि व दम नहीं तोड़ देते और उसके बाद वो दोनों घर में माता-पिता की लाश पड़ी हुई है और व दोनों संबंध स्थापित करते हैं और सुबह के जब चार बज जाते हैं तब मीना विमल को तो अपने घर से निकाल देती है और शोर मचाने लगती है कि अरे देखो देखो किसी ने मेरे माता पिता को मार दिया और रोने लगती है बहुत बुरी तरह से चीक चीख कर रोने लगती है रोने का ड्रामा करती है अब अड़ोस पड़ोस के लोग आ जाते हैं वो देखते हैं पूरा दृश्य तो सब लोगों की आंखें फटी की फटी रह जाती है फिर जब पड़ोसी होते हैं वो मीना से पूछते हैं कि मीना जब यह सब हुआ तब तुम क्या कर रही थी मीना कहती है कि मैं जब मीना कहती है जब मैं क इधर आई तो एक व्यक्ति मेरे माता-पिता पर हमला कर रहा था लगातार हमला कर रहा था मैं ये देखकर डर गई और मैं दूसरे कमरे में

    जाकर छुप गई अगर मैं वहां उसके सामने रहती तो सकता था वो मुझे भी मार देता इसलिए मैं कमरे में जाकर छुप गई और फिर मैंने शोर मचाना शुरू कर दिया और जैसे ही वो निकला तो मैंने शोर मचाना शुरू कर दिया अब माता-पिता की मृत्यु हुई थी रात के 12 बजे के लगभग और मीना जो बात बता रही थी वो सुबह 4:00 बजे के लगभग पड़ोसियों को मीना पर शक तो था ही एक पड़ोसी ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया और पुलिस आ जाती है पुलिस पूछती है कि मीना बताओ जिस समय तुम्हारे माता-पिता की मृत्यु ई तब क्या हो रहा था क्या कर रही थी मीना ने फिर से वही कहानी बताई पुलिस को उस समय तो यकीन सा हुआ और नहीं हुआ पुलिस तो पुलिस होती जब पुलिस यह सब पूछ रही थी जो मीना का जो कुत्ता था वो लगातार मीना पर भौक रहा था पुलिस को कहीं ना कहीं शक तो हो ही चुका था कि इसमें कहीं ना कहीं मीना इवॉल्व जरूर है लेकिन अकेली लड़की रह गई थी तो उस समय उसे गिरफ्तार नहीं किया गया कुछ जब दो जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें समय मृत्यु का था 12:00 बजे लेकिन ला ने जो समय बताया था वो 400 बजे के आसपास पुलिस मीना को उठाकर लाती है और उससे पूछती है सक्ति से पूछती है और कहती है कि यह

    बताओ तुम्हें यह सब करने की क्या जरूरत थी मीना कहती है मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है मैं इस तरह अपने माता-पिता के हत्या नहीं कर सकती मीना कहती है मैंने कुछ भी नहीं किया है मैं इस तरह से अपने माता-पिता की हत्या नहीं कर सकती आप लोगों को गलतफहमी हुई है काफी शक्ती करने के बाद जब मीना टूट नहीं रही थी तो पुलिस को भी लगता है क्या पता कुछ हम लोगों से भी गलती हो रही हो लेकिन फिर मीना की कॉल डिटेल निकाली जाती है तो उसमें सबसे ज्यादा बात होने वाला नंबर विमल का पाया जाता है अब इन दोनों की कॉल डिटेल निकाली जाती है कॉल डिटेल मैच करने के बाद में जब लोकेशन मैच करी जाती है तो उस रात विमल और मीना घर पर ही थे इस बात से पुलिस तुरंत हरकत में आ जाती है और इन दोनों को उठाकर सीधे थाने लाया जाता है थाने में लाकर जब शक्ति से इ लोगों से पूछा जाता है तो दोनों लोग पुलिस के सामने ज्यादा टिक नहीं पाते हैं और अपना जुर्म कर लेते हैं दोस्तों इस कहानी को सुनाने का मतलब दोस्तों माता-पिता को अपने बच्चों पर ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चे अपने फोन में क्या देख रहे हैं क्या कर रहे हैं और क्या सर्च कर रहे हैं फोन चला रहे हैं तो बाकी फोन में फोन ही चला रहे हैं या कुछ ऐसी वैसी गंदी चीज तो नहीं देख रहे हैं यदि गेम खेल रहे हैं तो गेम ही खेल

    रहे हैं कहीं वो किसी और वेबसाइट पर तो नहीं जा रहे हैं बीच-बीच में फोन चेक करते रहना चाहिए सर्च हिस्ट्री चेक करते रहना चाहिए कि बच्चों ने क्या क्या देखा है क्या-क्या सर्च किया है और उनके मन में किस प्रकार के ख्याल चल रहे हैं किस प्रकार के भाव चल रहे हैं इन चीजों को बीच-बीच में जांच रहना चाहिए दोस्तों किसी भी बच्चे को बिगड़ने में जरा देर नहीं लगती क्योंकि उम्र का जो तकाजा होता है ये कच्ची उम्र जो होती है इस उम्र में किसी भी बच्चे को बिगड़ने में देर नहीं लगती है दोस्तों आप ये कहानी कौन से शहर से देख रहे थे अपने शहर का नाम कमेंट में जरूर लिखिए आपको कहानी कैसी लगी यस या नो में कमेंट दीजिएगा दोस्तों हम आपको नई कहानी में मिलते हैं इसी प्रकार की तब तक के लिए नमस्कार इस कहानी का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है किसी के दिल को ठेस पहुंचाना नहीं है

    किसी भी प्रकार की अनैतिकता या अश्लीलता को बढ़ावा देना नहीं है यह कहानी केवल शिक्षा के उद्देश्य से समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एक सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से और आपका मनोरंजन करने के लिए सुनाई गई है इस कहानी में दिखाए गए सभी पात्र उनके नाम बदल दिए गए हैं मित्रों मिलते मित्रों मिलते हैं आपसे किसी और नई कहानी में तब तक के लिए Thankyou ❤️

  • जीजा जी ने मुझे निचे सुता कर सुहागरात मनाया Love you too baby

    Love jija ji and sali ji

    मेरा नाम खुशी है और मैं 19 साल की हूं मेरी दीदी की शादी 3 साल पहले गुजरात में हुई थी मैं दिखने में अपनी बहन से कुछ ज्यादा ही सुंदर हूं एक दिन की बात है दीदी का कॉल मम्मी के पास आया मैं प्रेग्नेंट हूं अब मुझसे काम नहीं हो पा रहा है और यह भी परेशान हो रहे हैं मम्मी आप खुशी को गुजरात भेज दो मम्मी मान गई और उन्होंने मुझे ट्रेन से

    गुजरात के लिए रवाना कर दिया गुजरात स्टेशन पर जीजा जी मुझे लेने आ गए मेरे जीजा जी बहुत ही हैंडसम है जो भी लड़की एक बार उन्हें देख ले तो नजर नहीं हटा पाती जीजा जी मुझे घर ले गए उस दिन हम तीनों ने खूब बातें की मैंने दीदी के घर का सारा काम संभाल लिया इससे दीदी और जीजा जी बहुत खुश थे उस दिन बात करते-करते बहुत रात हो गई थी दीदी का सिर्फ एक कमरे का फ्लैट था तो जीजा

    जी बोले तुम दोनों बहने रूम में सो जाओ मैं बाहर सोफे पर सो जाऊंगा सुबह दीदी जल्दी उठकर नीचे टहलने चली गई और मैं अकेले सो रही थी इतने में जीजा जी अंदर आए और बिना कुछ बोले ब्लैंकेट में घुस गए वे नींद में ही बोल रहे थे सोनम सर्दी ज्यादा है जीजा जी ने दीदी समझकर मुझे बाहों में भर लिया और अपना एक पैर मेरे ऊपर रखकर सो गए थोड़ी देर में उनकी बाहों में दबी बेड पर लेटी रही सच बताऊं

    तो उस दिन पहली बार मैंने किसी मर्द को टच किया था क्या बता यार वह एहसास कुछ अलग था फिर मुझे जीजा जी का ख्याल आया तो मैं हल्के से नीचे को खिसक कर बेड से उतर गई और बाहर सोफे पर आकर लेट गई कुछ देर बाद दीदी आ गई और मुझे जगाने लगी उन्होंने जीजा जी को चाय बना कर दी और जीजा जी फ्रेश होकर कुछ देर बाद ऑफिस के लिए निकल गए उनके जाने के बाद दीदी और मैं मिलकर घर का काम करने लगे कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा जीजा जी

    रोज कमरे में आते और मुझ से लिपट कर सो जाते मैं भी जीजा जी के स्पर्श का सुख लेकर उनसे अलग हो जाती थी फिर एक दिन जीजा जी मुझे बाहर घुमाने ले गए बाइक चलाते समय जीजा जी जैसे ही ब्रेक मारते मेरे उनकी पीठ से टच हो जाते पहले पहल तो मुझे थोड़ा अजीब सा लगा पर बाद में मुझे भी मजा आने लगा दो घंटा बाद हम दोनों वापस आ गए अब दीदी का नौवा महीना चल रहा था वे अपने हाथ से नहा नहीं पा रही थी तो एक दिन मैं उन्हें ला रही थी उनको

    नहला करर मैं बस बाहर आ रही थी कि मेरा अचानक से पैर स्लीप हो गया दीदी ने जीजा जी को आवाज दी और बोली जरा जल्दी आकर देखो खुशी गिर गई है जीजा जी भाग कर आए और उन्होंने मुझे उठा लिया वे अपनी गोद में ही मुझे अपने कमरे में ले गए दीदी जब तक बाथरूम में ही थी मेरी कमर में बहुत जोर से चोट लगी थी जीजा जी बोले मैं सोनम को भेजता हूं वह तुम्हें दर्द की क्रीम लगा देगी दीदी अभी भी

    बाथरूम में ही थी मैं मैंने जीजा जी से कहा जीजा जी दर्द बहुत है आप ही थोड़ी सी क्रीम लगा दीजिए जीजा जी ने मेरी कमर पर क्रीम लगाना शुरू किया उस समय जो भी मेरी हालत देख लेता तो उसका वही पानी निकल जाता जीजा जी ने भी शायद अपना संयम तोड़ दिया था वह मुझे खा जाने वाली नजरों से घड़ रहे थे मैं समझ गई कि जीजा जी का भी मन है मैंने कहा जीजा जी यह दर्द तो ठीक हो जाएगा पर एक बहुत पुराना दर्द है उसे आप ही ठीक कर सकते हो प्लीज उसे भी दूर कर दो तो मानो कि आप कुछ है जीजा जी हंस कर

    बोले बताओ कहां दर्द है अभी ठीक कर देता हूं मैंने अपना हाथ नीचे ले जाते हुए कहा यहां मेरा इतना कहते ही जीजा जी ने एक स्माइल पास की और मुझे चूमने लगे मैंने भी उन्हें नहीं रोका इससे पहले कि हम कुछ और करते इतने में दीदी के कमरे में आने की आवाज आई मैंने अपने कपड़े ठीक कर लिए और जीजा जी भी चले गए बस फिर क्या था हम दोनों मौके की तलाश में थे दूसरे ही दिन हमें मौका मिल गया दीदी को पड़ोस के घर जाना था तो मैं उनको उधर छोड़कर आई

    उस दिन संडे था तो जीजा जी भी घर पर ही थे दीदी ने कहा जब मुझे आना होगा मैं तुझे फोन करके बुला लूंगी मैं दीदी को उधर छोड़कर वापस आ गई सबसे पहले तो मैंने दरवाजा अच्छे से लॉक किया फिर जीजा जी को आवाज दी अरे मेरे प्यारे जीजा जी आइए अब आप अपनी साली को भी जरा टाइम दे दीजिए जीजा जी बोले सोनम कहां है मैं बोली मैंने उनको पड़ोसी के घर में छोड़ दिया है अब अपने पास शाम

    तक का समय है बस फिर क्या था जीजा जी मुझे अपने कमरे में ले गए और उसके बाद हम दोनों जन्नत का मजा लेने लगे उसके बाद जब तक मैं दीदी के घर रही तब तक जीजा जी से अपनी सेवा करवाती रही दोस्तों उम्मीद है आप लोगों को हमारी यह प्यारी सी काल्पनिक कहानी पसंद आई होगी तो Comment जरुर कीजिएगा धन्यवाद

  • भाई मुझे सोया हुआ देखकर उसने अपना केला मेरे मुँह में डाल दिया । Story sad | Motivational Stories | Hindi Stories love

    भाई प्लीज अपना बाहर निकालो मैं तुम्हारी बहन हूं मैं तुमको कितना शरीफ समझती थी लेकिन भाई ने मेरी एक ना सुनी और जो जो उनके मन में था वह सब उस दिन भाई ने मेरे साथ किया आखिर यह सब कैसे हुआ वह सब वह बताऊंगी

    इस कहानी में मेरा नाम सोनम है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूं मेरी उम्र 20 साल है लोग कहते हैं कि मैं दिखने में काफी सुंदर हूं और शायद इसीलिए मोहल्ले के लड़के अक्सर मुझे लेकर बातें करते हैं लेकिन हमेशा इशारों में मेरा परिवार में मैं मेरा छोटा भाई और मम्मी हैं मेरी मम्मी स्कूल टीचर है मैं और मेरा भाई दोनों कॉलेज जाते हैं यह तीन महीने पहले की बात है उसी दिन सोमवार था मैं घर में अकेली थी और कुछ करने का मन नहीं हो रहा था मैं मोबाइल देखने लगी शायद कुछ दिल बहल जाए तभी मम्मी का फोन आया उन्होंने कहा आज मुझे आने में देर हो सकती है मैंने कहा ठीक है मम्मी

    आप आराम से आओ उसके बाद मैं बिस्तर पर लेट गई और कब नींद आ गई पता ही नहीं चला अचानक से मेरी नींद खुली तो मुझे लगा जैसे कोई मेरे पास बैठा हुआ है मुझे महसूस हुआ कि कोई धीरे-धीरे अपनी उंगली से मुझे छू रहा है पहले तो मुझे समझ ही नहीं आया कि यह क्या हो रहा है लेकिन जैसे ही मैं हल्के से अपनी आंखें खोली मैं एकदम से चौक गई मेरा छोटा भाई जिसे मैं हमेशा मासूम और शरीफ समझती थी वही मेरे पास बैठा था मुझे यकीन नहीं हो रहा था

    कि वह यह सब कर सकता है मेरा दिल बहुत तेज धड़कने लगा था अब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं कुछ भी कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाई मैं सोच रही थी कि वह ऐसा क्यों कर रहा है क्या उसने कभी ऐसा कुछ सोचा भी था मेरे बारे में या फिर यह सिर्फ एक गलती थी उसी पल मेरे मन में बहुत सारे ख्याल आ रहे थे क्या मैं उसे माफ कर सकती हूं क्या यह एक ऐसी घटना है जिसे मैं अनदेखा कर सकती हूं लेकिन साथ ही मुझे ना जाने क्यों उस में गुस्सा नहीं आ रहा था बल्कि उल्टा मुझे भी शायद अच्छा ही लग रहा था मेरी समझ में ही कुछ कमी थी या फिर मैं उस परल कुछ और

    सोच रही थी कुछ समय बीता और मैं अभी भी सोने का नाटक कर रही थी तभी अचानक महसूस हुआ कि भाई मुझे हल्के से जगाने की कोशिश कर रहा है उसकी उंगलियां मेरे कंधे पर हल्के से छू रही थी लेकिन मैंने अपनी आंखें नहीं खोली मैं जानती थी कि मैं पूरी तरह से जाग रही हूं लेकिन वह शायद सोच रहा था कि मैं नींद में हूं धीरे-धीरे उसकी हरकतें पहले से ज्यादा होने लगी पहले जहां वह बस हल्का स्पर्श कर रहा था अब उसकी हिम्मत और बढ़ने लगी थी मैं समझ नहीं पा रही थी कि वह क्या कर रहा रहा है और क्या करना चाहता है लेकिन मैं चुपचाप देख रही थी मेरे मन में कई सवाल उठ रहे थे यह मासूम भाई अचानक इतना बदल कैसे गया उसने ऐसा क्यों किया मैं समझ नहीं पा रही थी कि वह मुझे नींद में क्या खिलाने की कोशिश कर रहा था मेरे होंठ बंद थे लेकिन फिर भी उसने कोशिश की कि मैं खा लूं मैं सोते हुए जानबूझकर अपने होठ थोड़े से खोल दिए मैंने ऐसा महसूस कराया जैसे मैं नींद में हूं और मेरे होठ अपने आप ही खुल गए हैं उस पल में मेरे अंदर एक अजीब सी घबराहट थी

    लेकिन मैंने उसे जाहिर नहीं होने दिया तभी अचानक घर के फोन की घंटी बजने लगी उस आवाज से माहौल पूरी तरह बदल गया भाई तुरंत डर गया और घबराकर दूर चला गया वह इतनी तेज से उठा कि मैं समझ गई उसके दिमाग में भी डर था कि कहीं मैं जग ना जाऊं उसने फोन उठाया तो देखा वह मम्मी की कॉल थी वह पूछ रही थी कि तुम लोगों ने खाना खाया मैं मन ही मन सोची इनको भी इसी समय कॉल करना था लेकिन वह जल्दी से कॉल खत्म किया अब मेरा ध्यान फिर से भाई की तरफ था लेकिन फिर देखी तो वह कमरे से गायब हो चुका था मैं थोड़ी देर तक सोचती रही कि अब क्या

    करना चाहिए मेरा मन अब बेचैन हो गया था यह वही भाई था जिसे मैं हमेशा मासूम और समझदार मानती थी वह अचानक इतना कैसे बदल गया क्या मैं उससे इस बारे में बात करूं या इसे अनदेखा कर दूं बहुत देर तक मैं अपने विचारों में उलझी रही मैंने सोचा कि अगर मैं इस पर कुछ नहीं करती तो शायद यह घटना फिर से हो सकती है लेकिन अगर मैं उसे कुछ कहती हूं तो हमारे बीच का रिश्ता हमेशा के लिए बदल जाएगा फिर मुझसे और रहा नहीं गया मेरे मन में उथल-पुथल मची हुई थी और मैं भाई से बिना बात किए खुद को रोक नहीं पा रही थी मैं उसके कमरे की तरफ गई भाई का कमरा अलग था जहां वह अक्सर पढ़ाई करता है मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं उससे क्या कहूंगी किस तरह इस पूरे वाक्य का सामना करूंगी जब मैं भाई के कमरे के पास पहुंची तो दरवाजा आधा खुला हुआ था था मैंने धीरे से अंदर झांका

    फिर मैंने जो देखा उसने मेरी आंखें पूरी तरह से चौड़ी कर दी भाई बिस्तर पर लेटा हुआ था और वह अपने हाथों से कुछ ऐसा कर रहा था जिसे देखकर मैं पूरी तरह से हैरान रह गई मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी मेरा मासूम और सीधा साधा भाई जिसे मैं अब तक सिर्फ एक बच्चे की तरह देखती थी वह ऐसा कर सकता है मैंने कभी सोचा भी नहीं था करीब 10 मिनट तक मैं बस दरवाजे पर खड़ी देखती रही मेरे दिमाग में कई सवाल उठ रहे थे आखिर उसे क्या हो गया है क्या वह सच में ऐसा कर रहा है या फिर मैं किसी भ्रम में हूं मैं खुद को शांत करने की कोशिश की लेकिन मेरी आंखें उसी पर टिकी हुई थी मुझे पता था कि मुझे कुछ करना चाहिए या कुछ कहना चाहिए लेकिन मेरे

    अंदर से आवाज नहीं निकल रही थी मैं जिस भाई को अब तक मासूम समझती थी वह मेरे सामने बिल्कुल अलग रूप में था उसे इस हालत में देखकर मुझे एहसास हुआ कि शायद उसने बचपन से कुछ ऐसा देखा या महसूस किया है जिसके बारे में मैंने कभी सोचा ही नहीं मेरे मन में उसके प्रति नफरत नहीं आई बल्कि मैं उलझन में थी मैं समझ नहीं पा रही थी कि यह मेरी कोई गलत फहमी है या फिर कुछ और

    मैंने धीरे-धीरे दरवाज से हटने का फैसला किया मुझे नहीं पता था कि अगर मैं उसे इस हालत में टोकू गी तो बीच क्या होगा मैं मन ही मन सोचने लगी कि उसने मेरे साथ कुछ गलत कर दिया तो उतने में उसने मुझे देख लिया और फिर वही हुआ जिसका मुझे डर था
    तो दोस्तो आप समझ गए की मेरे साथ क्या हुआ।

  • दो लड़की के साथ शादी करने से फायदा और नुकसान Real Love

    रवि की दो पत्नियां थी मीना और रेखा मीना खूबसूरत थी उसका रूप गांव में चर्चा का विषय था वहीं रेखा साधारण दिखने वाली मगर बेहद समझदार और सहनशील थी रवि का झुकाव हमेशा मीना की तरफ रहता क्योंकि उसकी खूबसूरती उसे मोह लेती थी मीना को अपनी सुंदरता पर घमंड था वह रवि का प्यार पाने के लिए झूठी बातें करती और उसे रेखा से दूर

    रहने को कहती रेखा ने कभी शिकायत नहीं की वह चुपचाप घर और रवि का ख्याल रखती एक दिन रवि बीमार पड़ गया मीना ने बहाना बनाकर रवि की सेवा करने से मना कर दिया जबकि रेखा दिन रात उसके पास बैठकर उसकी देखभाल करती रही धीरे-धीरे रवि ठीक हो गया उसने महसूस किया कि

    मीना की सुंदरता केवल बाहरी थी जबकि रेखा का प्यार और दया उसकी असली ताकत थी रवि ने मीना से कहा तुम्हारी खूबसूरती केवल आंखों को भाती है लेकिन रेखा का प्यार मेरे दिल को सुकून देता है निष्कर्ष सच्ची सुंदरता शरीर में नहीं मन के भीतर होती है ऐसे ही और भी Story पढ़ने के लिए
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  • खूबसूरत लड़की की शादी, एक भिखारी से हुआ Love

    एक मां की तीन जवान बेटियां थी जो बेहद खूबसूरत और आकर्षक थी। उनकी सुंदरता को देखकर हर कोई मोहित हो जाता था। गांव के सभी युवक उन लड़कियों पर मोहित थे लेकिन उनकी सुंदरता ही उनका सबसे बड़ा श्राप बन गई थी। तीनों बहनों के बीच रोज झगड़ा होता था कि कौन सबसे सुंदर है? इस रोज-रोज के झगड़े से परेशान होकर उनकी मां ने एक योजना बनाई। उन्होंने एक गरीब लड़के को बुलाया और अपनी

    तीनों बेटियों से कहा, “तुम में से कौन इस अनाथ लड़के से शादी करना चाहेगी?” पहली बेटी बोली, “इस बदसूरत भिखारी से कौन शादी करेगा?” दूसरी बेटी बोली, मां, क्या तुम पागल हो गई हो? मैं तो किसी अमीर लड़के से शादी करूंगी।” तीसरी बेटी बोली मां अगर तुम्हें लगता है कि यही सही है तो मैं इस लड़के से शादी करने को तैयार हूं। अगले दिन तीसरी बेटी की शादी उस लड़के से कर दी गई। शादी के बाद मां ने अपनी बेटी से कहा,

    बेटी यह लड़का कोई भिखारी नहीं है। यह राजा का बेटा है। यह सुनकर दोनों बड़ी बहने चौंक गई। तीसरी बेटी ने आश्चर्य से पूछा, मां, यह भिखारी क्यों बना हुआ था। मां ने कहा, यह नाटक मैंने इसीलिए करवाया क्योंकि इसने मुझसे कहा था कि मैं अपनी रानी उसी को बनाऊंगा जिसके दिल में सच्चाई और सरलता होगी। अगर आप भी मां से प्यार करते हैं,

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  • एक महिला पुलिस ने कैदी का आखिरी ख्वाहिश कैसे पूरा किया || This is Real Story a Prisoner Love

    एक पुलिस महिला होती है जिसका नाम संतोषी होती है। उसे पुलिस का जॉब करते एक साल भी नहीं हुआ होता है। वह अपने थाने का एक बड़े पुलिस अधिकारी होती है। वह बड़े निडर और साहसी पुलिस महिला होती है। उनके क्षेत्र में जितने भी गलत काम करते थे, उन लोगों को ढूंढकर थाने में डाल देती थी। एक दिन पुलिस महिला को सूचना मिलती है कि एक गांव में किसी ने अपने मां को ही जैसा ही पुलिस महिला को सूचना मिलती है, वह तुरंत

    उस स्थान में पहुंच जाती है। वहां पर देखती है तो एक मां जमीन में लेटी हुई है और उसके सामने एक लड़का जिसका उम्र करीब 21 साल था, वह खड़ा होकर अपने मां की तरफ देख रहा था और उनके हाथों में एक बड़ी सी लाठी था। पुलिस महिला उस लड़के से कहता है, अपने हाथ से लाठी को फेंक दो और हमारे साथ थाना चलो। वह लड़का अपने हाथ से लाठी फेंक देता है और पुलिस महिला उसे गिरफ्तार करके थाना ले जाती है। पुलिस महिला को 24 घंटे के अंदर में वकालत में पहुंचना था। पुलिस महिला उस लड़के को कुछ घंटे के लिए थाने में रखती है। पुलिस महिला उस लड़के

    से उस समय कुछ नहीं कहती है। कुछ घंटा बीतने के बाद उस लड़के को वकालत में दाखिला किया जाता है। वहां पर लड़के का नाम पूछते हैं। लड़का अपना नाम अमित बताता है। अमित से अपनी गलती के बारे में पूछने लगते हैं। मगर अमित कुछ भी जवाब नहीं दे रहा होता है। तभी उन्हें फांसी की सजा सुना देते हैं। इस बात को सुनकर अमित घबराते नहीं है। अमित के पास कुछ महीने का समय होता है। पुलिस महिला अमित को लेकर के थाना चली जाती है। उसे एक रूम में बंद कर देते हैं। एक दिन एक महिला थाना आती है और पुलिस महिला से कहती है किसी ने हमारे घर

    में आकर के सब कुछ चोरी कर लिया। पुलिस महिला औरत की बात को सुनकर के अपने पुलिस दोस्तों से कहती है, जाओ और इसके घर में कोई सबूत इकट्ठा करो। जब सबूत मिल जाए तो मुझे कॉल करके बता देना। कुछ देर में ही उस औरत के साथ चले जाते हैं। थाने में केवल पुलिस महिला और वह कैदी केवल थे। पुलिस महिला टहलते हुए उस लड़के के पास चली जाती है। लड़के से पूछता है, तुम्हें इस बात से दुख नहीं हो रहा कि तुम्हें फांसी की सजा सुनाई गई है। पुलिस महिला फिर से कहती है, तुम बोलते क्यों नहीं हो? तुमने अपना कबूल भी ठीक से नहीं बताया।

    लेकिन यह गलती तो तुम्हारा ही है। इस तरह की गलती से कोई भी तुम्हें बचा नहीं सकता। वह लड़का पुलिस महिला की बात को सुनकर मुस्कुराने लगता है। तभी महिला डांटते हुए कहती है, तुम्हें हंसी आ रहा है। तुम्हें इतना भी दुख नहीं हो रहा कि तुम्हारे मां तुम्हारे चलते इस दुनिया में नहीं है। दोस्तों, जब पुलिस महिला उसे लड़के से बात कर रही थी, उसी समय कॉल आ जाता है। पुलिस महिला कुछ ही देर में उस औरत के घर पहुंच जाती है। वहां पहुंचने के बाद पता चलता है कि औरत के बेटे ही अलमारी से पैसा निकाल कर ले लिया था। इस मामला को वहीं पर सॉल्व

    करके आ जाते हैं। पुलिस महिला को ऊपर से ऑर्डर आती है। यदि उस लड़के का कोई अंतिम इच्छा है तो उस लड़के से पूछकर बता दो। पुलिस महिला उस लड़के के लिए चाय लेकर जाती है। लड़के को चाय देते हुए कहती है तुम्हारे पास केवल 2 महीने बाकी है। यदि तुम्हारा कोई आखिरी ख्वाहिश है तो बता दो ताकि हम तुम्हारा ख्वाहिश पूरा कर सकें। वह लड़का बड़े आत्मविश्वास के साथ कहने लगता है, मेरा आखिरी ख्वाहिश यही है कि मैं एक कुंवारी लड़की के साथ हर रात बिताना चाहता हूं। ऐसी बात को सुनकर पुलिस महिला गुस्सा हो जाती है। मगर धीरज रखते

    हुए कहने लगती है, तुम्हारा ख्वाहिश बहुत ही बड़ा है और यह सही नहीं है। फिर से वह लड़का कहता है, मेरा यही आखिरी ख्वाहिश है। महिला पुलिस फिर से कहती है, ऐसा करना गलत होगा। अगर तुम्हारा कोई और ख्वाहिश है तो बताओ। दोस्तों, फिर भी से वह लड़का वही बात करते रहता है। पुलिस महिला कहती है, कोई भी लड़की करना नहीं चाहेगी। तभी वह लड़का हंसते हुए कहने लगता है, आप भी तो एक लड़की ही हैं। देखकर पता चलता है कि आपका शादी भी नहीं हुआ होगा। आप मेरा आखिरी ख्वाहिश पूरा क्यों नहीं कर देते? जब ऐसी बात को पुलिस महिला सुनती है

    तो एकदम से घबरा जाती है। पुलिस महिला नहीं चाहती थी कि किसी दूसरी लड़की को इस काम में लाए। पुलिस महिला लड़के को रात में मिलेंगे बोल करके वहां से चली जाती है। जैसा ही रात होता है महिला पुलिस का ड्रेस को बदलकर लड़के के पास पहुंच जाती है। पुलिस महिला लड़के के पास साड़ी पहनकर गई होती है। लड़का देखकर खुश हो जाता है। कुछ ही देर के उराते हुए कहता है, जब आपने मेरा आखिरी ख्वाहिश के लिए पूछा, आप मुझे अच्छे लगने लगे क्योंकि आपके जैसा पुलिस अधिकारी नहीं देखा था। जैसे मैंने कहा वैसा ही आपने किया। तभी पुलिस महिला कहती

    हैं, मैंने इसलिए ऐसा किया क्योंकि हर किसी का आखिरी ख्वाहिश पूरा किया जाता है। तभी लड़का कहता है, यदि मेरे जैसे ही हर कैदी अपना आखिरी ख्वाहिश मांगे तो क्या आप पूरा कर देंगे? महिला इस बात को सुनकर थोड़ा सोचने में पड़ जाती है। तभी महिला लड़के के गलती के बारे में पूछने लगती है। तुम्हारे मां के साथ क्या हुआ? क्या वह सब तुमने ही किया? तभी लड़का कहता है, भला मैं अपने मां के साथ ही ऐसा कैसे कर सकता हूं? मैंने तो अपने मां को बचाने के लिए एक लाठी उठाया था, लेकिन उतना तक में देर हो चुका था। तभी वह पुलिस महिला डिटेल के

    साथ में लड़के से पूछने लगती है। लड़के के बात को सुनकर पुलिस महिला उस लड़के की मदद करती है। वह फिर से अमित को वकालत लेकर जाती है। वहां पर अमित जो कुछ भी हुआ था, उसके बारे में सब कुछ बता देता है। अमित से कहते हैं, तुम उस दिन क्यों नहीं बताया? अमित कहता है मैं उस दिन घबराया हुआ था। अमित को फांसी होने वाला था। मगर सही समय में पुलिस महिला अमित की मदद करती है। कुछ महीने के बाद उस मुजरिम को पकड़ कर वहीं सजा दिया जाता है। पुलिस महिला और अमित कुछ दिनों में ही शादी कर लेते हैं। जबकि पुलिस महिला अमित से 3 साल बड़ी थी।

    फिर भी से अमित से शादी कर लेता है। मेरे प्यारे दोस्तों, यह घटना यहीं पर समाप्त होती है। यदि आपको हमारे स्टोरी पसंद आया हो तो like comment में बताए .

  • किसी ने बहुत अच्छी बात कही है hindi story khatarnakh love

    मैं तुम्हें इसलिए सलाह नहीं दे रहा हूँ कि मैं ज़्यादा समझदार हूँ.. बल्कि इसलिए दे रहा हूँ कि मैंने ज़िंदगी में ग़लतियाँ तुमसे ज़्यादा की हैं

  • Motivational stories Hindi quotes love

    “पैसों से मिली खुशी कुछ समय के लिए साथ रहती है.. लेकिन अपनों से मिली खुशी जीवन भर साथ रहती है”