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Dhruv Rathee के खिलाफ मानहानि का केस करने वाले BJP नेता पर कोर्ट ने जुर्माना क्यों लगाया?

Youtuber ध्रुवराटी के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने वाले बीजेपी नेता पर ही कोर्ट ने 5000 का जुर्माना लगा दिया है। बारेन बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेता सुरेश नखुआ के वकील ने इस केस में एक और अड्जर्नमेंट मांगा था। जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट जज प्रीतम सिंह ने उन पर 5000 का जुर्माना लगा दिया। अब यह पूरा मामला क्या है? मानहानि का मुकदमा दर्ज करने

वाले यह नेता कौन है? बताते हैं। पिछले साल ध्रुव राठी और एल्विश यादव के बीच की टसल तो आपको याद होगी ही। यह कहानी भी वहीं से शुरू होती है। 1 जून 2024 को एल्विश यादव ने एक्सपोजिंग ध्रुव राठी एंड हिज एंटी इंडिया प्रोपगेंडा टाइटल से YouTube पर एक वीडियो अपलोड किया। 7 जुलाई को एल्विश के आरोपों का जवाब भी ध्रुव राठी ने एक वीडियो से ही दिया। आरोप है कि इस वीडियो में ध्रुव राठी ने एक

बीजेपी नेता को कथित तौर पर हिंसक और गालीज ट्रोल कहा था। यह नेता थे बीजेपी की मुंबई यूनिट में पार्टी के प्रवक्ता सुरेश नखवा। सुरेश नखवा ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया कि 7 जुलाई 2024 को यूबर ध्रुव राठी ने अपने YouTube चैनल पर माय रिप्लाई टू गोदी यूर्स टाइटल से एक वीडियो अपलोड किया। वीडियो में 6 मिनट 13

सेकंड पर ध्रुव राठी ने उन्हें हिंसक और गालीबाज ट्रोल्स का हिस्सा बताया। लेकिन यह आरोप बिना किसी तर्क या कारण के हैं और इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने दलील दी कि राठी के लगाए गए आरोपों की वजह से उन्हें बहुत ज्यादा बुराई और मजाक का सामना करना पड़ा। इसका जवाब ध्रुव राठी ने Twitter के माध्यम से दिया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखा, एक अब्यूसिव बीजेपी अंकल ने मुझ पर ₹20

लाख का मुकदमा किया है क्योंकि मैंने उन्हें अब्यूसिव कहा था। क्यों इतनी बेइज्जती कराने का शौक है इनको? अब इन अंकल की पूरी अब्यूसिव हिस्ट्री दोबारा पब्लिक होगी। यह सब चलता रहा और इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंच गया और यहीं से शुरू हुआ नखुआ की गलतियों का सिलसिला। सितंबर 2024 में मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नकुआ के फाइल किए गए एफिडेविट में एक कमी बताई थी और उनसे इस कमी

को ठीक करने के बाद एक नया एफिडेविट फाइल करने को कहा था। इसके बाद नखुआ ने एक बदला हुआ एफिडेविट फाइल किया था। हालांकि राठी के वकील ने इस बदले हुए एफिडेविट में भी गलतियां बता दी। इसके चलते कोर्ट ने नकुआ के एफिडेविट को सर्टिफाई करने वाली नोटरी को तलब किया। बारिन बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक नोटरी आज तक पेश नहीं हुआ है क्योंकि

उसकी हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। 4 दिसंबर की सुनवाई में नकवा की ओर से एक नए वकील एडवोकेट जगदीश त्रिवेदी पेश हुए। एडवोकेट त्रिवेदी ने कोर्ट से केस को आगे बढ़ाने की रिक्वेस्ट की ताकि उनका वकालतनामा रिकॉर्ड में लाया जा सके। ध्रुव राठी की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सात्विक वर्मा और एडवोकेट नकुल गांधी ने इसका विरोध किया। उन्होंने नकुआ के अब तक के बर्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा, यह करीब 2 साल से चल रहा है। कोर्ट एक-दो गलतियों को नजरअंदाज

कर सकता है। लेकिन यह सातवीं गलती है। अब आज यह आदमी बिना वकालत के कौन पेश हो रहा है? पिछली बार भी यहां कोई नहीं था। कोर्ट के प्रोसेस को हल्के में लिया गया है। वकालतनामा फाइल करने में एक महीना भी नहीं लगता। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च 2026 को होगी। इस खबर में फिलहाल इतना ही। इस खबर से जुड़ी जो भी अपडेट्स होंगी हम आप तक यूं ही पहुंचाते रहेंगे।

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