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Performance issue क्यों होता है? Real

reason जानिए | First Night Tips

बहुत लोगों की कंप्लेन होती है मुझे कि मां मैं हल्दी खा रही हूं बट मुझे ओवुलेशन नहीं हो रहा। हेल्दी खा रहे हो लेकिन कब खा रहे हो? कितना खा रहे हो? किस कॉम्बिनेशन में खा रहे हो? डाइट एंड न्यूट्रिशन की यही छोटी-छोटी बातें सीक्रेट आपको फर्टिलिटी को डिक्लाइन भी कर देती हैं और इंप्रूव भी कर देती हैं। तो आज मैं कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बात करूंगी जिसको आप

हेल्दी कंसीडर करते होंगे। [नाक से की जाने वाली आवाज़] लेकिन हो सकता है कि आपके तरीके किसी भी रीज़न से वो फर्टिलिटी को डाउन कर रही है। कंसीव करने में ही प्रॉब्लम क्रिएट कर रही है। सो सात ऐसे फूड है जिसको मैंने एनलिस्ट किया है, कैटेगराइज किया है, स्टडी की है जिस पर कि यह आपके ओवुलेशन को खराब कर रहे हैं। साइंटिफिक पैकिंग है सबके पीछे। आइए इनको जानते हैं और खासतौर से आपको इसे

अवॉइड करना होगा। जस्ट आफ्टर पीरियड्स इनको टोटली खाना बंद करना होगा या इनके तरीके अच्छे करने होंगे। [संगीत] डिअ व्यूअर्स वेलकम टू प्रणास फर्टिलिटी केयर। आप लोगों के लिए हमने फर्टिलिटी गाइड डिजाइन की है। पिन कमेंट में जो है वो इसका लिंक दिया है। फर्टिलिटी गाइड जो है ट्रैकर जो है वो एक स्ट्रक्चरर्ड साइंस है आपकी बॉडी को समझने का। और जब आप बेबी प्लानिंग करते हो तो अपनी बॉडी को जान ही नहीं पाते हो क्योंकि मेरी बॉडी में फौल्ट है कहां?

डॉक्टर पे डॉक्टर बदलते हैं बहुत लोग। लेकिन खुद की जांच नहीं करते। तो अपनी बॉडी को समझने के लिए एक महीने का कम से कम टाइम दीजिए और मैं कहती हूं तीन से छ महीने ट्रैकिंग करते-करते आप में सुधार आ जाएगा। आपको रेमेडीज समझ में आ जाएंगी। आपका डाइट बदल जाएगा। आप खुद इंप्रूव हो जाओगे। तो 16 पॉइंट ट्रैकिंग सिस्टम है। उसमें 30 डे का स्ट्रक्चर साइंस है। उसको लीजिए एंड अपना बॉडी को ट्रैक करना शुरू कीजिए। फर्टिलिटी इंप्रूव होती जाएगी डे बाय डे। आज

के वीडियो में हम जानेंगे सेवन डिजास्टर वाले फूड जो कि ओवुलेशन को आपके खराब कर रहे हैं। गलती से कहीं आप भी ना उसे लेते हों तो वीडियो देखिए और उनको समझदारी से यूज कीजिए। तो इन सात फूड को जानने से पहले एक जादू भरी बात सुनाना चाहूंगी आपको बताना चाहूंगी कि आपको ओवुलेशन ठीक करने के लिए तीन चीजों को समझना है। नंबर वन है आपकी बॉडी में इन्फ्लेमेशन ना हो। नंबर टू है इंसुलिन

स्पाइक ना हो। और नंबर थ्री हॉर्मोंस की सिग्नलिंग बेटर हो। सिग्नलिंग किस पर डिपेंड करती है? इसके [संगीत] लिए आपको मेरे वीडियोस रेगुलर देखने पड़ेंगे। क्योंकि मैं साइंस को थोड़ा-थोड़ा समझाती रहती हूं। जिस चीज से भी ये रिलेट करती है हर वीडियो के अंदर। तो इन डेप्थ नॉलेज के लिए पांच सात मिनट तो आप निकाल सकते हैं। डेली अपडेट्स रहते हैं चैनल पर। नंबर वन सिर्फ दो-प दिन की बात नहीं है। पूरे महीने आपको रिफाइंड शुगर सफेद वाली जो शक्कर है ना जिसको आप कहते हो कि अरे क्या हो गया यार? एक कप चाय तो पी सकते हैं।

एक कप चाय तो मैम ने भी वीडियो में अलऊ किया हुआ है। तो एक कप चाय तो आप पी सकते हो लेकिन वो जो एक कप चाय में जो आप एक डेढ़ या दो चम्मच शुगर डालते हो यह आपके ओवुलेशन को डिस्ट्रप्ट करता है। और क्या करते हो? आप सुबह उठते ही पीते हो या नाश्ते के साथ पीते हो या फिर शाम को पीते हो। यह गड़बड़ मचा रहा है। क्या करना है? देखिए चाय इंडियन की एक हैबिट एक इमोशन भी है। तो चाय फर्टिलिटी में जब नुकसानदायक बन जाता है तब हमें क्या करना है कि

उसको गंदी आदत को छोड़ना है और इसके लिए बेस्ट है सबसे बेस्ट है। साइंटिफिकली प्रूवन है अदरक की चाय। जब आपको यह चाय पीने का मन करे तब आप अदरक को बॉईल करके और वो पी दीजिए। थोड़ी हनी मिला सकते हो। बिकॉज़ यह कॉम्बो जो होता है ना फर्टिलिटी बूस्टर मैं बहुत लोगों को देती हूं डाइजेस्टिव इशज़ के लिए एंड अदर इशूज़ के लिए। तो कभी हनी डाला, कभी नहीं डाला। लेकिन जिंजर टी यह दूध वाली चाय को छुड़ा

देगी। रिफाइंड शुगर से भी आप बच जाओगे। सफेद शक्कर किसी भी चीज में नहीं। सपोज घर में आपने पनीर की कोई मिठाई बनाई एंड उसमें डाल दिया शुगर। अब वो पनीर की मिठाई भी मतलब की नहीं रही। तो आपको वाइट शुगर से बचना है। आइसक्रीम बनाना है तो खजूर डाल दीजिए। मिठास के लिए अंजीर डाल दीजिए। कोई भी चीज बना रही है। नेचुरल चीज थोड़ा डाल दीजिए क्योंकि फाइबर भी तो है। उस शुगर के

रिलीज को तो स्लो कर देगा वो। अगर प्लेन शुगर आप लोगे तो वो आपके ओवुलेशन को बिगाड़ रहा है। फिर आप एक्सक्यूज मत देना कि मैंने केवल एक चाय पीती हूं। बस बाकी पूरे दिन में कुछ नहीं लेती हूं। बस वो एक चाय ही जहर का काम कर रही है। कई लोग कहते हैं हम तो ज्यादा जंक नहीं खाते हैं। बस चाय के साथ दो बिस्किट लेते हैं। आप जो भी बिस्किट खा रहे हो मठरी

खा रहे हो मैदे से बनी हुई है। अब चाहे आपने घर में ही क्यों ना बनाई हो। मैदा अगर आपने यूज़ किया है किसी चीज में क्योंकि देखिए आजकल केक पेस्ट्री जो है सब मैदे की है। मठरी मैदे की है। बिस्किट मैदे का है। ब्रेड मैदे का है। चाहे ब्राउन ब्रेड ही क्यों ना उसको बोला गया हो। तो मैदे जब आप लेंगे इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है और ये इंसुलिन का स्तर बिगाड़ता है और हमने शुरू में ही तीन चीजें समझी थी उसमें से अगर इंसुलिन बिगड़ गया तो ओवुलेशन खत्म वो साइकिल आपकी

बेकार सो मैदे को घर में लाना मना है नहीं लाना है फर्टिलिटी बूस्ट करनी है तो मोमोज वगैरह कुछ नहीं यूज करने है आटे के बनाइए घर में तीसरी चीज है प्रोसेस्ड फूड प्रोसेस्ड फूड में बहुत सारे लोग एक्सक्यूज देते हैं ना जो बाहर खाते कभी कबभार खा लेते हैं। ओके? लेकिन आपकी बॉडी की सिचुएशन आपको देखनी पड़ेगी। आप कभी कबभार खा रहे हो। आपकी बॉडी ऑलरेडी कोमा में चल रही है। और आप कभी कबभार खा ले रहे हो तो उसको आपने और ज्यादा शॉक दे दिया। तो अगर

फर्टिलिटी बूस्ट करनी है तो हेल्दी पे आना पड़ेगा। और यकीन मानिए अगर आप सही तरीके से हेल्दी खाना खा रहे हैं ना तो स्वाद उसमें कम नहीं होगा। बल्कि आपको एक अंदर से प्लेजर और सेटिस्फेक्शन भी होगा। आप स्प्राउट चाट बना सकते हैं। चिकपी चाट बना सकते हैं। बेसन की पपड़ी बना लीजिए एयर फ्राई करके या ओवन में तैयार कर लीजिए। बेसन की पपड़ी तो क्रंची स्नैक्स

बन जाएगा। मखाने रोस्ट करके खा सकते हैं। सारे हेल्दी ऑप्शंस है बजाय कि पिज़्ज़ा, मोमोज़ एंड बर्गर एंड फ्रेंच फ्र्राइ एंड जो भी प्रोसेस्ड फूड मार्केट से आता है उसके। प्रोसेस्ड फूड का जो ट्रांस फैट है वो आपके एग की क्वालिटी को टोटल खराब कर देता है। बचिए उससे। देखिए आप बहुत ज्यादा अगर डेरी प्रोडक्ट्स यूज करते हैं तो एक चीज आप देखना प्रोसेस्ड एक्सेसिवली जो प्रोसेस्ड डेयरी प्रोडक्ट्स होते हैं उनको आपको अवॉइड

करना है क्योंकि [संगीत] वो आपके हॉर्मोन सिग्नलिंग को खराब कर रहे हैं या अगर डेयरी प्रोडक्ट्स आप यूज़ कर रहे हो तो उसकी पोरिटी समझनी होगी। आजकल जो डेरी से जो सप्लाई आती हैं, पैकेजिंग आती है, बॉटल्स भी आती है, जो भी आता है, हाईली प्रोसेस्ड होती है। अब आप डेरी की छांच पीना और घर की छांच पीना। दोनों एक साथ रख के एक-एक सिप दोनों का लेके देखना आपको पता चल जाएगा रियल क्या है उसमें। तो ऐसी चीजों को समझिए। एक्सेसिव डेयरी प्रोडक्ट्स यूज़ मत कीजिए। डेयरी यूज़ कीजिए। करना जरूरी है

फर्टिलिटी के लिए। क्वालिटी के लिए डेरी इंपॉर्टेंट होता है। पनीर, दूध, दही, छांच, चीज अच्छा है लेकिन उसकी शुद्धता की गारंटी हो। नहीं तो कम यूज़ कीजिए। बाकी दूसरे सोर्सेस ले लीजिए प्रोटीन, कैल्शियम के। कई बार हमें लगता है हम काम करते-करते थक गए। एंड एक कप कॉफी हो जाएगी ना। तो आगे बाकी काम निपटा पाऊंगी। ऐसा अगर आप सोचते हैं तो यह जानना कि जब आपने कॉफी पी जब आपने चाय पी वो आपके

हॉर्मोंस का जो फ्लो चल रहा था एक रिदमम में थे हॉर्मोंस उसको डिसरप्ट कर दिया उसने डिस्टरबेंस क्रिएट कर दी तो एक्सेसिव कैफीन और इवन फर्टिलिटी जर्नी में मैंने देखा है कि थोड़ा भी कैफीन जो होता है ना थोड़ा बट रेगुलर इंटरवल्स पे वो बहुत सारे नेगेटिव इंपैक्ट देता है। नंबर वन स्टिमुलेट कर देता है बॉडी को। आपका ब्लड प्रेशर भी अप होता है। थायराइड वालों को तो पीना ही नहीं चाहिए। इसके अलावा डाइजेस्टिव इशूज़ देता है। आयरन अब्सॉर्प्शन कम कर देता है। हार्मोनल सिग्नलिंग को डिस्टरबेंस क्रिएट करता है। क्योंकि बॉडी का

मेटाबॉलिज्म एकदम से वो किक मारता है। तो कैफीन से बचिए आप। है ना? चाय कॉफी से आप बचिए। हेल्दी ड्रिंक्स वार्म या कूल आप ऑप्ट कर सकते हो। और जैसे ही कैफीन आप लेते हो ना जैसे ही कैफीन में ड्रॉप आता है स्ट्रेस हॉर्मोंस बनने लग जाते हैं। तो एक साइकिल बन जाती है। आपको स्ट्रेस कम करने के लिए कैफीन लेने का मन करता है। तब आप अच्छा फील कर पाते हो। तो साइंस को समझिए कि आप अच्छा क्यों फील कर रहे हो। यह एक खड्डा है जिसमें आप गिर रहे हैं। गिर रहे हैं

गिर रहे हैं। तो स्ट्रेस हार्मोन नहीं बढ़ाएं। हम अक्सर क्लाइंट्स को मना करते हैं कि देखिए फ्राइड नहीं खाइए। समोसा कचौड़ी मत खाइए। भाई वो तो घर में पकौड़ियां तलने लग जाते हैं। तो मेरा यह कहना है कि पूरी पकड़ी घर में वो ऑक्सीडाइज्ड सेम ऑयल में अगर आप तल रहे हो या फिर बहुत ज्यादा ऑयली फूड कंज्यूम कर रहे हो। जैसे कई घरों में जलन होता है कि बड़ी बढ़िया दिखने वाली ऊपर तेल तैरना चाहिए सब्जी के तो सब्जी को डिलीशियस माना जाता है। पराठे ही खाने हैं। पराठे में अंदर भी तेल, ऊपर भी तेल, पूरी से भी ज्यादा तेल

पराठे के अंदर। तो ऐसे करके अगर आप बहुत ज्यादा ऑयली एंड फ्राइड चीजें यूज कर रहे हैं। वीक में एक बार भी यूज कर रहे हैं तो भी फर्टिलिटी जर्नी में हार्मफुल है। तो ऑयली चीजों की बजाय आप स्टीमिंग को प्रेफर कीजिए। जैसे स्प्राउट खाना है आपको। एक एग्जांपल देती हूं। स्प्राउट को स्टीम कर लीजिए। जाली आती है कढ़ाई में। उस जाली को रख दीजिए। थोड़ा पानी डाल के कढ़ाई में। उसमें स्प्राउट डाल के स्टीम कर दीजिए। फिर उसकी चाट बना लीजिए। ऑइल का कहीं रोल नहीं है। उसके अंदर प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी चीजें हैं। चाट है,

चटपटा लगेगा, क्रंची लगेगा। आप खूब अच्छा एंजॉय कर सकते हैं। तो हो गया हेल्दी। तो ऑइल को भी एलिमिनेट करना होगा। थोड़ी मात्रा में हेल्दी कुकिंग ऑयल यूज़ करने हैं। जिसके लिए मैं अपडेट्स आपको देती रहती हूं। तो अभी तक जितने फूड मैंने आपको बताए हैं, यह हॉर्मोन सिग्नलिंग को बिगाड़ते हैं। उनमें रुकावट पैदा कर देते हैं। डिस्टर्ब कर देते हैं। हॉर्मोन के रिदमम को इनफ्लामेशन बढ़ा देते हैं और बहुत तेजी से बढ़ाते हैं। आप एक रात बढ़िया से दो-तीन पेस्ट्री खाना। अगर आपको भरोसा ना हो कि यह बातें सच है। और अगली

सुबह वेट देखना और सुबह उठकर शीशे में अपना चेहरा देखना। पफीनेस आ जाता है। हाई शुगर से वाटर रिटेंशन होता है उससे। तो ओवुलेशन क्या? इंप्लांटेशन क्या? पीरियड क्या हर चीज डिस्टर्ब होती है इन चीजों से। तो बचिए। थोड़ा सा संयमित रूटीन पर आ जाइए। होप इट हेल्प्स यू |

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