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  1. Is website per dard bhari kahani se bhi relative script post kiye jaenge thank you ❤️🙏
  • क्या दोस्तो आपने कभी सोचा है कि औरत को सबसे ज्यादा मजा कब आता है? Love

    क्या महिलाओं को भी वैसे ही आनंद की अनुभूति होती है जैसे पुरुषों को? क्या उनके लिए भी सेक्स, रोमांस और इमोशंस उतने ही गहरे होते हैं? आज की इस वीडियो में हम इसी पर विस्तार से बात करेंगे। एकदम सरल भाषा में वैज्ञानिक और भावनात्मक दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए। तो चलिए शुरू करते हैं। महिलाएं

    शारीरिक रूप से तो संवेदनशील होती ही हैं, लेकिन उनकी भावनात्मक दुनिया और भी गहरी होती है। औरत के लिए मजा सिर्फ शरीर से नहीं मन से भी जुड़ा होता है। जब कोई उसे समझता है, उसकी इज्जत करता है, तो वह खुद को खास महसूस करती है। जब वह प्यार महसूस करती है, तभी वह पूरी तरह से खुल पाती है। उसके लिए मानसिक संतुलन और भावनात्मक सुरक्षा सबसे जरूरी होती है।

    महिलाओं को सेक्स या शारीरिक संबंध का आनंद तब आता है जब वह मानसिक रूप से उस रिश्ते में सहज महसूस करती हैं। बहुत सी लड़कियों के लिए पहली बार का अनुभव बहुत खास होता है। लेकिन जरूरी नहीं कि वह हमेशा सुखद ही हो। अगर साथी ने समझदारी, धैर्य और प्यार से उसे संभाला हो, तो यह अनुभव उसके लिए जीवन भर की याद बन सकता है। लेकिन अगर जबरदस्ती हो या उसे

    मानसिक रूप से तैयार ना किया गया हो तो यह एक डरावना अनुभव बन सकता है। महिलाओं के लिए पहली बार का आनंद मानसिक स्थिति और रिश्ते की गहराई पर निर्भर करता है। अब सवाल आता है आखिर औरत को सबसे ज्यादा मजा कब आता है? जब उसे प्यार महसूस होता है जब वह खुद को अपने पार्टनर के साथ सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती है। फोर प्ले के दौरान महिलाएं शारीरिक क्रिया से पहले की रोमांटिक बातों, स्पर्श और आलिंगन से

    ज्यादा जुड़ती हैं। फोर प्ले उन्हें उत्तेजित करता है और यही समय उनके लिए सबसे मजेदार हो सकता है। जब पार्टनर उसके मूड का ध्यान रखता है। सिर्फ अपनी खुशी का नहीं बल्कि महिला की खुशी का भी ख्याल रखना एक समझदार पुरुष की निशानी है। ऑर्गेज्म के समय अगर महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से सही तरीके से उत्तेजित किया जाए, तो वह चरम सुख यानी ऑर्गेज़्म तक पहुंच सकती है। यही वह समय होता है जब औरत को सबसे

    गहरा मजा आता है। महिलाओं में इच्छा धीरे-धीरे जागती है। अगर उसका पार्टनर उसे समय दे, प्यार दे और उसकी तारीफ करे, तो उसकी भावनाएं सक्रिय होती हैं। अच्छी बातों, रोमांटिक माहौल और आत्मीयता से महिला उत्तेजित होती हैं। कुछ महिलाओं को साड़ी या सुंदर कपड़ों में खुद को देखकर भी अच्छा महसूस होता है। यानी महिलाओं की इच्छा सिर्फ फिजिकल टच से नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक जुड़ाव से भी उत्पन्न होती है। अब यह भी जानना जरूरी है कि औरत को

    कब मजा नहीं आता। जब वह मानसिक रूप से तनाव में होती है। जब उसकी मर्जी के बिना कुछ किया जाता है। जब उसे सिर्फ उपयोग की वस्तु समझा जाता है। जब पार्टनर उसकी फीलिंग्स का सम्मान नहीं करता। जब जल्दीबाजी होती है और महिला को तैयार होने का समय नहीं दिया जाता। ऐसे में वह मजा नहीं बल्कि दर्द और मानसिक पीड़ा महसूस करती है। महिलाओं के शरीर के कई हिस्से संवेदनशील होते हैं। होंठ, गर्दन, कान, ब्रेस्ट, जांघों के बीच का क्षेत्र, प्राइवेट पार्ट्स, पीठ के निचले हिस्से इन हिस्सों को प्यार और कोमलता से छूने पर महिलाएं उत्तेजित महसूस करती हैं और उन्हें आनंद की अनुभूति होती है।

    महिलाओं को शारीरिक संबंध से ज्यादा भावनात्मक लगाव की जरूरत होती है। वह चाहती हैं कि कोई उन्हें समझे, उनकी बात सुने, उन्हें इज्जत दे और उन्हें स्पेशल फील करवाए। जब यह सब चीजें मिलती हैं, तभी वह खुद को उस व्यक्ति के साथ पूरी तरह से खुला और सुरक्षित महसूस करती हैं और तभी वह असली मजा ले पाती हैं। वैज्ञानिक रिसर्च से भी पता चला है कि महिलाओं को उत्तेजना तक पहुंचने में पुरुषों से ज्यादा समय लगता है। एक औसत पुरुष 3 से 5 मिनट में चरम सुख तक पहुंच जाता है। जबकि महिला को 15 से 20 मिनट लग सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि पुरुष धैर्य

    और समझदारी से काम लें। जब एक औरत को खुद पर भरोसा होता है तब उसे मजा लेना और भी आसान हो जाता है। अगर वह अपने शरीर को लेकर सहज है, अगर वह अपने पार्टनर के साथ खुलकर बात कर सकती है, अगर वह जानती है कि उसे क्या अच्छा लगता है, तो उसका अनुभव और भी खास हो जाता है। यह बहुत बड़ी गलतफहमी है कि महिलाएं सेक्स का

    मजा नहीं चाहती। वो भी चाहती हैं, लेकिन एक सही समय, सही साथी और सही माहौल में। उनकी इच्छाएं भी गहरी होती हैं। बस वह उन्हें खुलकर कह नहीं पाती। हमारा समाज लंबे समय तक महिलाओं की इच्छाओं और आनंद की बातों को दबाता रहा है। औरत अगर अपनी इच्छाओं की बात करती है तो उसे बेशर्म या

    बदचलन कहा जाता है। जबकि पुरुषों को उसी चीज के लिए मर्द माना जाता है। यह दोहरा मापदंड ही सबसे बड़ी वजह है कि

    महिलाएं खुलकर अपनी फीलिंग्स नहीं बता पाती। कई महिलाएं अपनी शादी के सालों बाद भी यह नहीं कह पाती कि उन्हें क्या पसंद है। वह सिर्फ अपने पति को खुश करने में लगी रहती हैं। खुद को कभी महत्व नहीं देती। लेकिन अब वक्त बदल रहा है। महिलाएं पढ़ लिख रही हैं। आत्मनिर्भर हो रही हैं और अपने शरीर व इच्छाओं को भी समझ रही हैं। कई बार

    महिलाएं खुद भी नहीं जानती कि उन्हें क्या अच्छा लगता है। क्योंकि उन्होंने कभी उस पर ध्यान ही नहीं दिया। लेकिन अगर पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत हो जैसे कि क्या तुम्हें यह अच्छा लगता है? तुम्हें किस समय ज्यादा अच्छा लगता है? क्या मैं कुछ बदलूं तो महिला ना सिर्फ मानसिक रूप से खुलती है बल्कि

    उसका अनुभव भी बेहतर होता है। यह संवाद ही रिश्ते में एक नया रंग भरता है। जब महिला खुलकर अपनी पसंद नापसंद बताती है तो उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और मजा भी कई गुना बढ़ जाता है। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो शेयर जरूर करें।

  • लड़की अपने अन्दर घुसवाने के लिए त्यार कब होता है

    आज हम ऐसे विषय पर बात करेंगे, जो बहुत सारे कपल्स के लिए बहुत खास होता है। वह है महिला की योनि को चाटना या ओरल सेक्स। बहुत से लोग इस बारे में खुलकर बात नहीं कर पाते लेकिन सच्चाई यह है कि बहुत सी महिलाएं और पुरुष इसे पसंद भी करते हैं और यह उनके सेक्स लाइफ को और बेहतर बना सकता है। तो चलिए जानते हैं कि लड़की को

    योनि चूसवाना अच्छा क्यों लगता है। पुरुष ऐसा क्यों करते हैं? इसके क्या फायदे हैं? और क्या बातें ध्यान में रखनी चाहिए। लड़की को योनि चूसवाना अच्छा क्यों लगता है? एक सबसे पहले समझिए कि महिला की योनि के अंदर और बाहर बहुत सारी नर्व्स होती हैं। क्लिटोरिस यानी भक्षिष्णिका सबसे ज्यादा सेंसिटिव हिस्सा होता है। जब पुरुष प्यार से योनि को चाटते हैं तो वहां की नर्व्स एक्टिव होती हैं और महिला

    को गुदगुदी के साथ-साथ बहुत ज्यादा सुख मिलता है। दो योनि को चाटना सिर्फ सेक्स क्रिया नहीं यह महिला के लिए इमोशनल कनेक्शन भी बनाता है। जब कोई पुरुष बिना जल्दी किए धीरे-धीरे योनि को चाटता है, तो महिला को महसूस होता है कि पार्टनर उसे पूरा प्यार दे रहा है। उसका विश्वास बढ़ता है और वह ज्यादा खुलकर अपने पार्टनर के साथ सेक्स का आनंद ले पाती है। तीन कई बार महिलाएं इंटरकोर्स यानी पेनिट्रेशन से ऑर्गेनिज्म नहीं पा पाती। ऐसे में ओरल सेक्स यानी योनि चाटना

    उनको जल्दी ऑर्गेनिज्म तक पहुंचा सकता है। क्लिटोरिस को सीधा और हल्का-हल्का छूना बहुत प्रभावी तरीका होता है। पुरुष क्यों लड़की की योनि चूसते हैं? एक बहुत से पुरुषों के लिए योनि को चाटना अपने पार्टनर को खुश करने का तरीका है। उन्हें इससे यह एहसास होता है कि वह अपनी महिला को पूरी तरह से संतुष्ट कर रहे हैं। दो कई पुरुषों को योनि की खुशबू और उसका स्वाद पसंद आता है। यह नेचुरल चीज है और यह एक गहरा इंटिमेट मोमेंट बन जाता है। तीन ओरल सेक्स कपल्स के बीच प्यार बढ़ाता है। यह सिर्फ फिजिकल नहीं इमोशनल भी होता है। पुरुष को यह एहसास

    होता है कि उसकी महिला पूरी तरह संतुष्ट है तो उसके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होती है। फायदे क्या हैं? महिला को जल्दी ऑर्गेज मिल सकता है। कपल्स के बीच विश्वास और प्यार बढ़ता है। शरीर का तनाव कम होता है। मूड अच्छा होता है। दोनों पार्टनर एक दूसरे के शरीर को और अच्छे से समझ पाते हैं। क्या सावधानियां रखनी चाहिए? एक साफ सफाई बहुत जरूरी है। सेक्स से पहले दोनों को अच्छे से नहाना या प्राइवेट पार्ट्स धो लेना चाहिए। दो अगर किसी को ओरल सेक्स से इनफेक्शन का डर हो तो हमेशा साफ और हेल्दी रखें। अगर महिला को कोई इंफेक्शन है तो उस समय

    ओरल सेक्स नहीं करना चाहिए। तीन दांतों का इस्तेमाल बहुत संभलकर करना चाहिए। ज्यादा काटना या खरोचना दर्द दे सकता है। चार महिलाएं भी अपनी योनि की सफाई का खास ख्याल रखें। जरूरत से ज्यादा खुशबूदार प्रोडक्ट्स यूज ना करें क्योंकि नेचुरल खुशबू ही सही होती है। योनि चाटने का सही तरीका क्या होता है? एक जल्दबाजी ना करें। धीरे-धीरे शुरू करें। पहले किस फिर लैंगिक अंगों तक जाएं। दो क्लिटोरिस को हल्के से छुएं। धीरे-धीरे चांटें। बहुत जोर ना लगाएं क्योंकि वह हिस्सा बहुत सेंसिटिव होता है। तीन बीच-बीच में जीभ से

    अलग-अलग पैटर्न बनाएं। जैसे सर्कुलर मूवमेंट, ऊपर नीचे या हल्के-हल्के चूसना। चार पार्टनर से पूछते रहें कि उसे क्या पसंद आ रहा है। हर लड़की की पसंद अलग होती है। इसलिए कम्युनिकेशन जरूरी है। कुछ जरूरी बातें कपल्स को ध्यान रखनी चाहिए। जबरदस्ती ना करें। अगर महिला को पसंद ना हो तो क्या करें? नहीं तो उसे मजबूर ना करें। सेक्स में विश्वास और सहमति बहुत जरूरी है। आपस में बात करते रहें। इससे कोई गलतफहमी नहीं होगी। अगर महिला को दर्द हो तो तुरंत रुक जाएं। फोर प्ले को लंबा करें। सीधे योनि चाटने पर ना आए। पहले किस गले लगाना सहलाना जरूरी

    है। लोगों के आम सवाल और उनके जवाब एक। क्या योनि चाटने से कोई बीमारी फैल सकती है?अगर पार्टनर को एसटीडी या किसी इंफेक्शन की प्रॉब्लम है तो हां, बीमारी फैल सकती है। इसीलिए साफ सफाई और हेल्थ चेकअप जरूरी है। दो क्या सभी महिलाएं योनि चूसवाना पसंद करती हैं? हर महिला की पसंद अलग होती है। कुछ महिलाओं को बहुत अच्छा लगता है तो कुछ को अच्छा नहीं भी लग सकता। इसलिए उनकी सहमति जरूरी है। तीन क्या पुरुष को इससे नुकसान होता है? अगर साफ सफाई और हेल्थ प्रॉपर है तो कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन अगर कोई

    इनफेक्शन है तो सावधान रहें। चार क्या इससे रिलेशन मजबूत होता है? हां, ओरल सेक्स से कपल्स के बीच इंटिमेसी बढ़ती है और रिलेशन मजबूत होता है। सेक्स में आपसी समझ सबसे जरूरी याद रखें। सेक्स कोई जबरदस्ती या सिर्फ शारीरिक क्रिया नहीं है। यह आपसी प्यार, विश्वास और खुशी का तरीका है।

    इसलिए हमेशा अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। उनकी सहमति लें और उन्हें खुशी दें। दोस्तों, उम्मीद है आपको इस कहानी से बहुत सारी जानकारी मिली होगी। अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो हमें कमेंट में जरूर बताए फिर मिलेंगे एक नई जानकारी के साथ। धन्यवाद।

  • औरत अपना दूध किसी मर्द को कब पिलाता है

    Welcome Gues हमारे Star Daily Website में, जहां हम बात करते हैं जिंदगी से जुड़ी असली बातों की, प्यार, रिश्ते और कम्युनिकेशन यानी बातचीत की कला पर। आज का टॉपिक बहुत ज्यादा डिमांड में है। लड़की से बात कैसे करें और उसे इंप्रेस कैसे करें? अक्सर लड़कों को यह समझ नहीं आता कि किसी अनजान लड़की से बातचीत की शुरुआत कैसे करें? क्या कहें, कैसे इंप्रेस करें और कैसे एक पॉजिटिव छाप छोड़ें? अगर आप भी यही सोचते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए है। चलिए शुरू करते हैं। आसान और सच्ची बातें बिना झूठ और दिखावे के। किसी भी लड़की से बात करने से पहले आपकी सोच

    सही होनी चाहिए। आपका इरादा साफ होना चाहिए। ना कि फ्लर्ट करने का, ना टाइम पास का बल्कि एक अच्छा इंसान बनकर उसे जानने का। जब आप किसी लड़की को एक इंसान की तरह समझते हैं ना कि सिर्फ एक टारगेट तब आप बिना डर या झिंझक के बात कर पाते हैं। पहले खुद से पूछिए क्या मैं वाकई उसे जानना चाहता हूं या सिर्फ उसे इंप्रेस करना चाहता हूं। अगर जवाब साफ है तो आगे बढ़िए। किसी अनजान लड़की से बात शुरू करना थोड़ा मुश्किल लग सकता है। लेकिन कुछ सिंपल

    और नेचुरल तरीकों से आप आसानी से शुरू कर सकते हैं। एन कॉमन टॉपिक खोजिए। कॉलेज या क्लास का कोई विषय, कोई जगह, किताब, मूवी, सोशल मीडिया पर, उसकी कोई पोस्ट उदाहरण। तुमने जो मूवी स्टोरी शेयर की थी, वह मुझे भी पसंद है। क्या तुमने उसका सीक्वल देखा?सीधा हाय बोलना भी चलता है। हाय, मेरा नाम राहुल है। क्या हम बात कर सकते हैं? मुझे तुमसे कुछ सीखने का मन है।

    इसमें ईमानदारी और विनम्रता होनी चाहिए। थ्री कॉम्प्लीमेंट देना लेकिन ज्यादा नहीं। तुम्हारा बात करने का तरीका बहुत अच्छा है या तुम्हारा आर्ट वर्क देखा काफी क्रिएटिव है। याद रखें झूठा या ओवर कॉम्प्लीमेंट कभी मत कीजिए। बातचीत शुरू करने के बाद उसे बनाए रखना और लड़की को सहज महसूस कराना सबसे जरूरी है। सुनना सीखिए बी अ गुड लिसनर। जब वो कुछ बोले बीच में मत काटिए। ध्यान से सुनिए। रिएक्ट कीजिए। टू इंटरेस्टिंग। लेकिन

    सिंपल सवाल पूछिए। तुम्हारा फ्री टाइम कैसे बीतता है?तुम्हें सबसे ज्यादा क्या मोटिवेट करता है? अगर तुम एक हफ्ते छुट्टी पर जा सको तो कहां जाओगे? इससे उसे लगेगा कि आप सिर्फ दिखावे में नहीं बल्कि दिलचस्पी ले रहे हैं। ह्यूमर का इस्तेमाल करें। थोड़ा सा हंसाना, थोड़ा सा हंसना बातचीत को फ्रेश बनाता है। लेकिन मजाक की एक सीमा होनी चाहिए। किसी की शक्ल, कपड़ों या निजी चीजों का मजाक ना उड़ाएं। चौथा चरण लड़की को कैसे इंप्रेस करें? अब बात आती है इंप्रेस

    करने की। तो ध्यान रहे इंप्रेस करना मतलब दिखावा नहीं बल्कि खुद को सच्चे तरीके से प्रेजेंट करना है। कॉन्फिडेंस जरूरी है। ओवर कॉन्फिडेंस नहीं। सीधा और खुलकर बात करें। नजरें चुराएं नहीं लेकिन घरे भी नहीं। कॉन्फिडेंस आता है जब आप अपने बारे में क्लियर होते हैं। तो अपने शौक और टैलेंट शेयर करें। लड़कियों को ऐसे लड़के पसंद आते हैं जिनका कोई पैशन हो। जैसे म्यूजिक, पेंटिंग, क्रिकेट, पढ़ाई या कोई स्किल। बिना घमंड के कैजुअली शेयर कीजिए कि आप क्या पसंद करते हैं। रिस्पेक्ट दें। शब्दों और व्यवहार में।

    उसकी राय को महत्व दें। उसकी बात को टालें। नहीं डिसीजन लेने में बराबरी दें। लड़कियां उन लड़कों से इंप्रेस होती हैं जो इज्जत देना जानते हैं। पांचवा चरण बातचीत में यह गलतियां कभी ना करें। ज्यादा बार मैसेज करना, कॉल करना, बहुत जल्दी आई लव यू। कह देना, उसके कपड़ों या शरीर पर फोकस करना, जलन दिखाना या उस पर हक जताना, अपनी ही तारीफें करते रहना। यह सब बातें आपको नीडी, इमैच्योर और अजीब बना सकती हैं। छठा चरण अगर वह बात में रुचि ना ले तो हो

    सकता है लड़की बात करने में ज्यादा दिलचस्पी ना दिखाएं। ऐसे में आप उसे स्पेस दें, बार-बार कोशिश ना करें। नो का मतलब नो समझें। किसी की मर्जी का सम्मान करना सबसे बड़ा इंप्रेशन होता है। सातवां चरण लड़की से दोस्ती गहरी कैसे करें? जब आप धीरे-धीरे दोस्त बनते जाते हैं तो आपके रिश्ते में गहराई आने लगती है। इसके लिए लगातार लेकिन सीमित बातचीत करें। उसे समझें, जज ना करें। जरूरत के समय उसकी मदद करें। जब वह उदास हो, उसका मन हल्का करें। उसे उसकी खूबियां बताएं। गहराई एक दिन में नहीं आती। उसे कमाना पड़ता है। आठवां चरण अगर आपको फीलिंग्स आ जाए तो अगर आप उसे पसंद करने लगते हैं तो जल्दबाजी ना करें। पहले

    उसे थोड़ा और जाने। फिर एक दिन ईमानदारी से कहिए मैं तुम्हें पसंद करता हूं। लेकिन मैं चाहता हूं कि तुम सहज महसूस करो। अगर तुम्हें मेरी बात गलत लगे तो कोई बात नहीं। मैं दोस्त रहकर भी खुश हूं। ऐसा कहने से वह आपकी मैच्योरिटी और फीलिंग्स दोनों को

    समझेगी। तो दोस्तों, लड़की से बात करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। जरूरत है सच्चाई की इज्जत की और सही नियत की। जब आप किसी लड़की से बिना फालतू इरादों के दिल से और समझदारी से बात करते हैं तो वह आपके

    व्यवहार से जरूर इंप्रेस होती है। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी तो जरूर शेयर करें

  • बच्चे दूर रहे, स्त्री को जोश कब आता है देने के लिए 🙏Mast Lovely Story Hindi quotes

    नमस्कार दोस्तों आज हम एक ऐसे टॉपिक पर

    बात करने वाले हैं जो आमतौर पर लोग खुल के

    नहीं करते लेकिन समझना बहुत जरूरी है

    टॉपिक है वुमेन को सेक्स कब चाहिए होता है

    यह सवाल कई लोगों के दिमाग में होता है

    लेकिन सही जवाब कम ही मिलता है तो चलिए

    बात करते हैं साइंस इमोशंस और रियल लाइफ

    के पर्सपेक्टिव से बिना किसी शर्म के

    लेकिन पूरी इज्जत के साथ जैसे हर इंसान

    अलग होता है उसी तरह हर औरत की जरूरत

    इमोशंस और सेक्सुअल डिजायर भी अलग होती है

    किसी को ज्यादा डिजायर होता है किसी को कम

    किसी को रोज चाहिए होता है किसी को हफ्तों

    में एक बार यह सब नॉर्मल है हर किसी का

    अपना एक्सपीरियंस होता है औरत के सेक्सुअल

    डिजायर में हॉर्मोंस का बड़ा रोल होता है

    जैसे इस्ट्रोजन प्रोजेस्ट्रॉन

    टेस्टोस्टरोन हां थोड़ा टेस्टोस्टरॉन औरथोन

    में भी होता है इन हॉर्मोंस के लेवल हर

    महीने चेंज होते हैं इसलिए मूड और डिजायर

    भी बदलती रहती है ज्यादा डिजायर कब होता

    है ज्यादा डिजायर ओवुलेशन के टाइम आता है

    यानी जब औरत का शरीर प्रेगनेंसी के लिए

    तैयार हो रहा होता है यह टाइम होता है

    यूजुअली पीरियड के डैश से 4 दिन बाद इस

    वक्त हॉर्मोनल पीक होती है और कई औरतें इस

    टाइम ज्यादा फिजिकली कनेक्टेड फील करती

    हैं कई बार लोग सोचते हैं कि सिर्फ फिजिकल

    कांटेक्ट ही सब कुछ है लेकिन औरत के लिए

    इमोशनल बॉन्ड भी बहुत इंपॉर्टेंट होता है

    अगर उसका पार्टनर उसके साथ इमोशनली

    कनेक्टेड है प्यार रिस्पेक्ट और समझदारी

    दिखाता है तो वह ज्यादा ओपन फील करती है

    यह होता है मेंटल फोर प्ले जो सिर्फ

    फिजिकल से ज्यादा पावरफुल होता है जब औरत

    टेंशन में होती है काम का प्रेशर घर का

    लोड या इमोशनल स्ट्रेस तो उसका मूड

    ऑटोमेटिकली लो हो जाता है ऐसे में

    सेक्सुअल डिजायर भी कम हो जाती है इसका

    मतलब यह नहीं कि उसमें कोई प्रॉब्लम है यह

    नेचुरल रिस्पांस है जब एनवायरमेंट

    रिलैक्स्ड और सपोर्टिव होता है तब डिजायर

    वापस आ सकती है जिस रिलेशनशिप में ट्रस्ट

    रिस्पेक्ट और अंडरस्टैंडिंग हो वहां

    सेक्सुअल लाइफ भी हेल्थी होती है लेकिन

    जहां झगड़ा इनसिक्योरिटी या डिसरिस्पेक्ट

    हो वहां सेक्स की इच्छा कम हो जाती है औरत

    के लिए सेफ फील करना बहुत जरूरी होता है

    अगर किसी औरत को हेल्थ प्रॉब्लम्स हैं

    जैसे थायरॉइड डायबिटीज हार्मोनल इमंबैलेंस

    या मेनोपॉज तो इसका असर सेक्सुअल डिजायर

    पर पड़ता है इसलिए फिजिकल हेल्थ का ध्यान

    रखना भी जरूरी है फिल्मों और मीडिया में

    दिखाया जाता है कि सेक्स का मतलब सिर्फ

    फिजिकल सेटिस्फेक्शन है लेकिन असली जिंदगी

    में इंटिमेसी इमोशनल और मेंटल कनेक्शन से

    शुरू होती है कई लोग सोचते हैं कि

    लड़कियों को सेक्स पसंद नहीं होता जबकि यह

    बिल्कुल गलत है लड़कियों को भी सेक्स उतना

    ही पसंद हो सकता है जितना किसी लड़के को

    बस उनका अप्रोच और टाइम अलग हो सकता है

    कुछ कॉमन साइन होती हैं लेकिन ध्यान रहे

    हर किसी के लिए यह अलग हो सकता है ज्यादा

    टच और क्लोज होने की कोशिश रोमांटिक बातें

    फ्लर्टिंग अपने पार्टनर के साथ अलोन टाइम

    स्पेंड करना चाहना फिजिकल कांटेक्ट में

    कंफर्ट फील करना लेकिन सबसे जरूरी बात कभी

    भी कंसेंट के बिना कुछ नहीं होना चाहिए

    आजकल काई औरतीन अपनी जरूरत और कंफर्ट के

    बारे में ओपनली बात करने लगी हैं यह एक

    हेल्थी चेंज है अगर आप एक मेले पार्टनर

    हैं तो अपनी पार्टनर के इमोशंस और मूड को

    समझने की कोशिश करें बिना प्रेशर डाले और

    अगर आप एक फीमेल व्यूअर हैं तो अपने बॉडी

    और माइंड को समझना सीखें अपनी नीड्स को

    एक्सप्रेस करना नॉर्मल और हेल्थी है आखिर

    में सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट बात करना सीखिए

    जो चीज खुल के डिस्कस की जाए उसमें

    प्रॉब्लम कम होती है जब आप अपनी पार्टनर

    से प्यार से बिना जज किए बात करते हो तो

    वह खुद को ओपन करने में कंफर्टेबल फील

    करती हैं सेक्स सिर्फ एक फिजिकल एक्ट नहीं

    यह एक इमोशनल और साइकोलॉजिकल कनेक्शन भी

    है तो आज हम लोगों ने यह सीखा कि हर औरत

    अलग होती है इसलिए सेक्सुअल डिजायर का

    टाइम भी अलग होता है हॉर्मोंस इमोशंस

    एनवायरमेंट और रिलेशनशिप क्वालिटी सब

    मिलकर डिजायर को अफेक्ट करते हैं जब औरत

    मेंटली इमोशनली और फिजिकली कंफर्टेबल होती

    है तब वह ज्यादा इंटरेस्टेड फील करती है

    कम्युनिकेशन और रिस्पेक्ट सबसे जरूरी है

    उम्मीद है दोस्तों आपको यह कहानी समझने

    लायक और रिस्पेक्टफुल लगा होगा अगर आप

    चाहते हैं कि सोसाइटी में लोग इस टॉपिक को

    समझें और बिना शराम के बात करें तो इसे शेयर करें और कमेंट जरूर करें

  • लड़की को जोश कब आता है Real Reletive my family love

    स्वागत है आपको हमारे इस बेहद दिलचस्प कहानी में, जिसका है लड़की को जोश कब आता है? पुरुष एक बार जरूर देखें।

    आज हम बात करेंगे उन खास पलों की, जब किसी भी महिला के मन में शारीरिक और मानसिक जोश अपने चरम पर होता है। क्यों आता है यह जोश? कौन सी बातें इसे और बढ़ा देती हैं? कौन सी गलती पुरुष कर देते हैं जिससे लड़की का मूड खराब हो जाता है? वीडियो पूरा जरूर देखें। आपको ऐसे सीक्रेट्स पता चलेंगे जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे। तो चलिए शुरू करते हैं। सबसे पहले हमें समझना होगा कि एक लड़की या महिला के अंदर जोश या उत्साह केवल फिजिकल इच्छा से जुड़ा नहीं होता। उसके पीछे उसकी भावनाएं, मूड,

    परिस्थितियां और उसके पार्टनर का व्यवहार बहुत बड़ा रोल निभाता है। महिला का शरीर पुरुष के मुकाबले बहुत ज्यादा सेंसिटिव होता है। उसे माहौल, खुशबू, बातें, स्पर्श सब कुछ महसूस होता है। जब माहौल सही होता है, लड़की अपने पार्टनर के साथ कनेक्ट फील करती है, तब उसमें नेचुरली एक जोश जागता है। वैसे तो हर लड़की अलग होती है। लेकिन आमतौर पर देखा गया है कि 20 से 25 साल की उम्र में। इस उम्र में लड़कियां नई-नई चीजें एक्सप्लोर करना चाहती हैं। उनमें जिज्ञासा बहुत रहती है। अगर पार्टनर उन्हें इमोशनली सिक्योर

    फील कराए तो वह जल्दी कनेक्ट हो जाती है। 25 से 35 साल की उम्र में इस समय पर लड़की या महिला रिश्ते में स्थिरता चाहती है। अगर उसे पार्टनर का प्यार, इज्जत और पूरा ध्यान मिलता है तो वह शारीरिक तौर पर भी खुलकर एंजॉय करती है। 35 साल के बाद इस उम्र में अगर शादीशुदा लाइफ अच्छी चल रही हो, तो महिला में आत्मविश्वास और अनुभव दोनों होते हैं। उसका जोश बहुत हद तक उसके पार्टनर के रोमांटिक रवये पर निर्भर करता है। अब जानते हैं वह खास मौके जब लड़की के अंदर जोश अपने आप बढ़ जाता है।

    एक, प्यार भरी बातें सुनकर महिलाओं को रोमांटिक बातें बहुत पसंद आती हैं। जब आप उन्हें खूबसूरत, सेक्सीी या स्पेशल फील कराते हैं, तो वह नेचुरली फील करने लगती हैं कि आप उन्हें चाहते हैं। दो, लंबे समय बाद मिलना। अगर आप किसी रिलेशन में दूर रहते हैं और लंबे समय बाद मिलते हैं तो उस एक्साइटमेंट में भी लड़की का जोश बहुत हाई होता है। थ्री माहौल का बड़ा रोल, साफ सुथरा कमरा, हल्की खुशबू, धीमी लाइट, रोमांटिक गाना। यह सब लड़की के दिमाग में रोमांस के सेंसर को ऑन कर देते हैं। फोर, प्राइवेट टाइम। जब कोई डिस्टर्ब ना करे जब आप दोनों को पूरा वक्त मिले तब लड़की खुलकर अपने इमोशंस शेयर करती है और

    जोश भी बढ़ता है। पांच मूड बनाने वाला स्पर्श सीधा शारीरिक संबंध बनाने की बजाय पहले हल्की छेड़खानी रोमांटिक बातें गले लगाना। यह सब धीरे-धीरे महिला को जोश दिलाते हैं। अब बात करते हैं उन गलतियों की जो कई पुरुष कर बैठते हैं। जिससे लड़की का जोश तो छोड़िए पूरा मूड ही खराब हो जाता है। एक जल्दबाजी। कई बार पुरुष बिना मूड बनाए सीधे आगे बढ़ना चाहते हैं। महिला को समय चाहिए होता है। आप फॉर प्ले पर ध्यान दें। एक साफ सफाई का ध्यान ना रखना। गंदे कपड़े, पसीने की बदबू। यह सब लड़की के मन में नकारात्मकता ला देता है। साफ सुथरे रहें, अच्छी खुशबू वाला परफ्यूम लगाएं। थ्री, पार्टनर की फीलिंग्स को नजरअंदाज करना। कभी भी अपनी मर्जी ना चलाएं। लड़की से पूछें, उसकी भी पसंद का ख्याल रखें। चार,

    माहौल में डिस्टरबेंस, फोन की घंटी, बाहर का शोर यह सब मूड बिगाड़ सकते हैं। थोड़ी देर के लिए फोन साइलेंट कर दें। कमरे का दरवाजा बंद कर दें। एक आत्मविश्वास रखें। महिलाएं कॉन्फिडेंट पुरुष को पसंद करती हैं। अगर आप नर्वस दिखेंगे तो उसका असर के मूड पर भी पड़ेगा। दो तारीफ करें। उसकी ड्रेस, बाल, खुशबू जो भी अच्छा लगे उसे बोलें। छोटी-छोटी बातें लड़की को स्पेशल फील कराती हैं। तीन हल्के रोमांटिक मैसेज। दिनभर काम के बीच अगर आप उसे रोमांटिक मैसेज भेजें, तो वह आपके बारे में सोचती रहेगी। चार,

    नई जगह पर टाइम स्पेंड करें। कभी-कभी घर से बाहर लॉन्ग ड्राइव, होटल या रोमांटिक ट्रिप प्लान करें। नया माहौल नया रोमांस लाता है। फाइव, धीरे-धीरे बढ़ें। जितना धीरे आप रोमांस करेंगे, उतना ज्यादा लड़की आपको रिस्पांस देगी। गहरी बातें। फिजिकल रिलेशन के साथ-साथ इमोशनल बॉन्ड भी जरूरी है। उसे दिल की बात शेयर करें। उसके सीक्रेट जाने। उसे अपना सीक्रेट बताएं। सपोर्ट देना। कभी अगर लड़की दुखी हो, परेशान हो तो उसे प्यार से गले लगाएं। उसकी बात सुने। उसके बाद वह आपके और करीब आती है। फ्लर्टिंग थोड़ी शरारत भरी फ्लर्टिंग भी मूड को मजेदार बना देती है।

    लेकिन हद से ज्यादा ना करें। शादी के कुछ सालों बाद कई कपल्स की लाइफ बोरिंग हो जाती है। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपकी बीवी हमेशा आपके साथ वही जोश बनाए रखें तो कभी-कभी उसे गिफ्ट दें। सरप्राइज करें, डिनर डेट पर ले जाएं। बच्चों को कभी-कभी रिश्तेदारों के यहां भेजकर खुद प्राइवेट टाइम निकालें। नई-नई पोजीशंस ट्राई करें। कभी-कभी रोमांटिक फिल्म साथ देखें। याद रखिए लड़की का दिल जीते बिना आप उसका जोश नहीं जगा सकते। आपका प्यार, इज्जत

    और केयर ही उसकी असली जरूरत है। लड़की के लिए सेफ और सिक्योर फीलिंग सबसे बड़ी चीज है। आपका स्पर्श तभी खास लगेगा जब उसके दिल में आपके लिए इमोशन होंगे। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इस कहानी को शेयर जरूर कीजिए ताकि ज्यादा लोग इसे समझ सकें। अगर आप चाहते हैं कि मैं ऐसे और रोमांटिक और हेल्दी रिलेशनशिप पर स्टोरी बनाऊं तो कमेंट में जरूर बताएं।

  • कुंआर लड़की देने के लिए तैयार कब होता है 🫀 Love Male and Female Real Story

    स्वागत है आपको हमारे इस Star Daily Website पर जहां हम बात करते हैं हेल्थ, एजुकेशन और सेक्स एजुकेशन से जुड़े ऐसे विषयों पर, जिनके बारे में अक्सर लोग खुलकर बात नहीं कर पाते। आज का टॉपिक थोड़ा संवेदनशील है, लेकिन बहुत जरूरी भी है। आखिर किस उम्र में लड़की को शारीरिक संबंध बनाने का मन होता है? बहुत से लड़के और लड़कियां दोनों इस सवाल के जवाब में गलतफहमियों का शिकार होते हैं। कई लोग सोचते हैं कि यह कोई गंदी बात है जबकि यह एक

    नेचुरल चीज है। आज हम इसी को आसान भाषा में विस्तार से समझेंगे। सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि लड़की के शरीर में बदलाव कब शुरू होते हैं। लड़कियों में प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था की शुरुआत आमतौर पर 10 से 14 साल के बीच होती है। कुछ लड़कियों में यह जल्दी यानी 9 साल से भी शुरू हो सकता है और कुछ में थोड़ा देर से भी। इस उम्र में कुछ बड़े बदलाव होते हैं। ब्रेस्ट डेवलप होना शुरू होते हैं। पीरियड्स आना शुरू होता है। शरीर में हेयर ग्रोथ जैसे बगल और प्राइवेट पार्ट के आसपास शरीर का आकार

    बदलता है। हिप्स चौड़े होने लगते हैं। यह सब बदलाव इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन नाम के हार्मोन की वजह से होते हैं। यह हार्मोन ही लड़की के शरीर में सेक्स ड्राइव यानी शारीरिक इच्छा को भी धीरे-धीरे जागृत करते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लड़की को तुरंत ही शारीरिक संबंध बनाने का मन करने लगे। इस उम्र में वह बस अपने शरीर को समझ रही होती है। अब बात करते हैं असली सवाल की। लड़की को पहली बार शारीरिक इच्छा कब महसूस होती है? हर लड़की अलग होती है। ज्यादातर रिसर्च के अनुसार 13 – 16 साल के बीच लड़की को पहली बार अट्रैक्शन यानी किसी लड़के की तरफ

    आकर्षण महसूस होता है। 15 और 18 साल के बीच हार्मोनल पीक होता है। यानी सेक्स ड्राइव का लेवल बढ़ने लगता है। बहुत सी लड़कियां अपने फ्रेंड सर्कल, फिल्मों या इंटरनेट से भी इस बारे में जानती हैं। वे कभी-कभी मास्टरबेशन यानी स्वयं सुख भी ट्राई करती हैं जो कि एकदम नॉर्मल है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह तुरंत सेक्स करना चाहती हैं। कई बार यह सब चीजें सिर्फ फेंटसी होती हैं। असली में संबंध बनाने से डर भी लगता है क्योंकि वह इमोशनली तैयार नहीं होती। कई साइकोलॉजिस्ट कहते हैं कि लड़कियों के लिए शारीरिक इच्छा के साथ-साथ भावनात्मक कनेक्शन ज्यादा जरूरी होता है। लड़के कई बार सिर्फ फिजिकल जरूरत देखते हैं। लेकिन लड़की के लिए ट्रस्ट, प्यार और इमोशनल सेफ्टी जरूरी होती है। अब थोड़ा साइंस भी समझ लेते हैं। लड़की के शरीर में दो मुख्य सेक्स हार्मोन होते हैं। एक एस्ट्रोजन, यह ब्रेस्ट डेवलपमेंट, पीरियड्स और फीमेल बॉडी शेप के लिए जिम्मेदार होता है। दो प्रोगेस्टेरोन। यह पीरियड्स और प्रेगनेंसी में बड़ी भूमिका निभाता है। ओवुलेशन यानी जब एग निकलता है उस समय लड़की की सेक्स ड्राइव बढ़ सकती है क्योंकि शरीर उस वक्त गर्भधारण के लिए तैयार होता है। यही कारण है कि कुछ महिलाएं पीरियड्स के कुछ दिन पहले या बीच में ज्यादा डिजायर महसूस कर सकती हैं। साथ ही डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन जैसे हैप्पी हार्मोन भी इसमें रोल निभाते हैं। कभी-कभी इमोशनल अटैचमेंट बढ़ जाने पर लड़की को इंटिमेसी यानी शारीरिक नजदीकी का मन ज्यादा करता है। हमारे समाज में लड़कियों की इच्छाओं को लेकर बहुत सारी गलत बातें फैली हुई हैं। कुछ लोग कहते हैं कि लड़की को सेक्स का मन नहीं होता यह झूठ है। हर इंसान को नेचुरली होता है। कुछ लोग कहते हैं कि शादी के बाद ही लड़की को इच्छा होती है। यह भी जरूरी नहीं। शादी सिर्फ एक सोशल परमिशन है। लेकिन शरीर के नेचुरल बदलावों से इसका कोई सीधा लेना देना नहीं। कुछ लोग इसे गंदी नजर से देखते हैं। जबकि यह एकदम सामान्य और हेल्दी चीज है। जरूरत है सही एजुकेशन की ताकि लड़कियां भी अपनी इच्छाओं को समझ सकें और गलत लोगों से बच सकें। यह बहुत जरूरी पॉइंट है। ज्यादातर लड़कियां चाहती हैं उनकी इच्छाओं का सम्मान हो। कोई जबरदस्ती ना करें। प्यार और ट्रस्ट वाला रिलेशन हो। सेक्स सिर्फ फिजिकल ना होकर इमोशनल भी हो। इसलिए अगर आप किसी लड़की से प्यार करते हैं तो उसकी भावनाओं को समझें। उससे खुलकर बात करें। उस पर प्रेशर ना बनाएं। अगर वह तैयार नहीं है तो कभी भी जबरदस्ती ना करें। कंसेंट यानी सहमति सबसे जरूरी है। कानूनी रूप से भारत में 18 साल से कम उम्र में शारीरिक संबंध बनाना अवैध है। क्यों? क्योंकि इस उम्र तक शरीर और दिमाग दोनों पूरी तरह मैच्योर नहीं होते। वैज्ञानिक रूप से भी देखा जाए तो 18 से 21 साल के बीच लड़की शारीरिक और मानसिक रूप से मैच्योर होती है। पहले वह कई बार कंफ्यूज रहती हैं। वह अपनी भावनाओं को पहचान नहीं पाती। इसलिए अगर कोई लड़का या लड़की रिलेशन में है तो जिम्मेदारी से सोें। दोनों बालिग हो। 18 प्लस कंसेंट यानी सहमति हो। कोई दबाव या लालच ना हो। प्रोटेक्शन का सही इस्तेमाल हो। ताकि कोई प्रेगनेंसी या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज ना हो। अक्सर मां-बाप इस विषय पर बात करने से डरते हैं। लेकिन अगर पेरेंट्स अपनी बेटियों से खुलकर बात करेंगे तो वह गलतफहमियों का शिकार नहीं होंगी। अपनी बेटियों को प्यूबर्टी, पीरियड्स और सेफ सेक्स के बारे में सही एजुकेशन दें। उन्हें बताएं कि उनके शरीर में बदलाव क्यों हो रहे हैं। अगर कोई लड़का उन्हें परेशान कर रहा है तो खुलकर बताएं। उम्मीद है दोस्तों, आपको

    यह स्टोरी पसंद आई होगी। अगर आपको ऐसे ही एजुकेशनल कंटेंट चाहिए तो इस कहानी को , शेयर करें और कमेंट में बताएं कि आपको अगला टॉपिक किस पर चाहिए। याद रखिए सेक्स एजुकेशन कोई गंदी चीज नहीं है। यह आपके जीवन के लिए जरूरी जानकारी है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। मिलते हैं बाद में। धन्यवाद।

  • औरत को देने का मन कब करता है, Real Story Crime in Hindi Love Kahani

    दोस्तो आज हम एक बहुत दिलचस्प और जरूरी टॉपिक पर बात करेंगे। क्या आपको पता है कि अगर किसी औरत को सेक्स करने का मन हो, तो वह सीधे कभी बोलती नहीं है। लेकिन वह अपने हावभाव और इशारों से सब कुछ बता देती है। पर ज्यादातर पुरुष इन इशारों को समझ ही नहीं पाते। तो आज हम आपको बताएंगे कि औरत के दिल का हाल आप कैसे समझ सकते हैं। अगर आप शादीशुदा हैं या आपकी कोई पार्टनर है तो यह वीडियो आपके लिए बहुत काम का है। इसे आखिरी तक जरूर देखिए क्योंकि हम आपको वह सभी बातें बताएंगे जो हर आदमी को जरूर पता होनी चाहिए।

    सबसे पहले समझिए औरतें अपने दिल की बात सीधे क्यों नहीं कह पाती? क्योंकि हमारे समाज में औरतों को बचपन से शर्म और संकोच सिखाया जाता है। वह सोचती हैं कि अगर वह खुद कहेंगी तो कहीं आदमी उन्हें गलत ना समझे। इसलिए वह अपने हावभाव से सब कुछ कह देती हैं। अब बात करते हैं कि वह इशारे क्या होते हैं। पहला अचानक ज्यादा प्यार जताना। अगर आपकी पार्टनर अचानक आपको बहुत प्यार से देखे, बातें करें, गले लगे तो समझिए उसका मूड रोमांटिक है।

    दूसरा शरारती बातें करना। अगर वह आपसे फ्लर्टी बातें करती है, पुरानी रोमांटिक बातें याद दिलाती है तो वह चाहती है कि आप उसके करीब आए। तीसरा शारीरिक टच। वो बार-बार आपका हाथ पकड़ती है, आपके सीने पर हाथ रखती है, बालों में हाथ फराती है। यह सब साफ संकेत हैं। चौथा सजना संवरणा। अगर वह रात को नहाकर अच्छे कपड़े पहनती है, परफ्यूम लगाती है, सेक्सीी नाइटटी पहनती है तो वह इशारों में कह रही है कि उसका मूड बना है। कई बार उसकी आंखें बहुत कुछ कह देती हैं। वो आपको देखकर शर्माती है, मुस्कुराती है तो समझ लीजिए कुछ खास चल रहा है। छठा रोमांटिक माहौल बनाना, अचानक से रोमांटिक गाना चलाना, रोमांटिक मूवी लगाना यह सब भी संकेत हैं। सातवां बिस्तर पर करीब आना रात को वह आपके करीब

    आकर लेटती है। आपको बाहों में भर लेती है। मतलब वह चाहती है कि आप उसके और करीब आए। आठवां अपने एक्सप्रेशन से बताना, बालों से खेलना, होठों को हल्का काटना यह सब भी उसके इशारे होते हैं। अब सवाल यह कि जब आप यह इशारे देख लें तो आपको क्या करना चाहिए? प्यार से रिसोंड करें। उसे स्पेस दें। माहौल रोमांटिक बनाएं। म्यूजिक, लाइट, परफ्यूम धीरे-धीरे उसके करीब जाए। जबरदस्ती बिल्कुल ना करें। अगर कभी वह मना कर दे तो बुरा ना माने। हो सकता है वह थकी हो या किसी वजह से मूड बदल गया हो। प्यार से उसे समझिए। दोस्तों, याद रखिए प्यार और विश्वास से ही रिश्ता मजबूत होता है। औरतें भी चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी भावनाओं को समझे। अगर आप

    उसके इशारों को पढ़ना सीख गए तो आपका रिश्ता और भी खूबसूरत होगा। तो दोस्तों, उम्मीद है कि आपको आज की जानकारी पसंद आई होगी। अगर हां, तो इस कहानी को अपने दोस्तों और भाइयों के साथ शेयर करें ताकि वह भी अपनी पार्टनर को अच्छी तरह समझ सकें। और हां, ऐसी ही सच्ची और काम की बातें हम आपके लिए लाते रहते हैं। मिलते हैं अगले स्टोरी में। तब तक के लिए प्यार बांटी खुश रहिए। धन्यवाद।

  • सात भाई ने एक बहन को क्यो मार डाला 😭 The real crime stories in hindi love

    क्यों खाया सात भाइयों ने अपनी बहन के

    शरीर का मांस गांव में सात भाई और उनकी एक

    बहन रहते थे उनके माता-पिता का निधन बचपन

    में ही हो गया था लेकिन भाइयों और बहन ने

    जिम्मेदारियों को समझते हुए एक दूसरे का

    सहारा बनना सीख लिया था भाई प्रतिदिन जंगल

    में शिकार के लिए जाते थे जबकि बहन घर पर

    रहकर भोजन बनाती थी एक दिन जब बहन हरी

    सब्जी काट रही थी तो गलती से उसकी उंगली

    तेज चाकू से कट गई खून बहने लगा और उसने

    सोचा कि अगर भाइयों को इसका पता चला तो वह

    बहुत चिंतित होंगे उसने खून रोकने की बहुत

    कोशिश की लेकिन जब वह सफल नहीं हुई तो

    अनजाने में वह खून उसी सब्जी में मिल गया

    जो वह पका रही थी शाम को जब भाई शिकार से

    लौटे और भोजन किया तो उन्हें साग का स्वाद

    असाधारण रूप से लजीज लगा वे बहन की खूब

    तारीफ करने लगे और बोले कि उन्होंने ऐसा

    स्वादिष्ट साग पहले कभी नहीं खाया अगले

    दिन भी वे जंगल में शिकार के दौरान उसी

    साग की चर्चा करते रहे रात को जब वे घर

    लौटे तो उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने

    बहन से पूछ लिया कि उसने भोजन में ऐसा

    क्या डाला था जिससे स्वाद इतना बेहतरीन हो

    गया जब बड़े भाई ने बहन से उस असाधारण रूप

    से स्वादिष्ट साग के बारे में पूछा तो

    पहले वह टालती रही लेकिन फिर झिझकते हुए

    बताया कि सब्जी काटते समय उसकी उंगली चाकू

    से कट गई थी और उसका खून साग में मिल गया

    था यह सुनते ही बड़े भाई के मन में एक

    भयानक विचार आया वह तुरंत अपने बाकी छह

    भाइयों के पास गया और बोला “अगर इसकी कुछ

    बूंदे ही खाने को इतना स्वादिष्ट बना सकती

    हैं तो सोचो इसका मांस कितना लजीज होगा “

    उसके इस विचार से बाकी भाई भी सहमत हो गए

    उन्होंने एक खतरनाक योजना बनाई वे बहन को

    शादी का लालच देकर जंगल ले जाएंगे और फिर

    उसकी हत्या करके उसका मांस पका कर खाएंगे

    लेकिन सबसे छोटा भाई यह सब सुनकर बेचैन हो

    उठा वह अपनी बहन को बचाना चाहता था लेकिन

    अकेले छह भाइयों के सामने उसकी कोई नहीं

    सुनने वाला था वह असमंजस में था कि क्या

    करें अगले दिन बड़े भाई ने मुस्कुराते हुए

    बहन से कहा “मने तुम्हारे लिए एक अच्छा वर

    ढूंढा है चलो तुम्हें उससे मिलवाने ले

    चलते हैं ” यह सुनकर बहन बहुत खुश हो गई

    शादी की बात से उत्साहित होकर वह तुरंत

    तैयार हो गई और अपने भाइयों के साथ जंगल

    की ओर चल पड़ी रास्ते में लंबा सफर तय

    करने के बाद बहन थक गई उसने भाइयों से

    पूछा भैया मेरा ससुराल अभी और कितना दूर

    है बड़े भाई ने मुस्कुरा कर जवाब दिया बस

    थोड़ी दूर और फिर पहुंच जाएंगे आखिरकार वे

    एक ऊंचे टीले पर पहुंच गए वहां पहुंचते ही

    भाइयों ने अचानक बहन को पकड़ लिया और एक

    खंभे से बांध दिया अब बहन को समझ आ गया कि

    वे उसकी हत्या करने वाले हैं डर और बेबसी

    से उसकी आंखों से आंसू बहने लगे वह रोते

    हुए भगवान को पुकारने लगी बड़ा भाई सबसे

    पहले धनुष उठाकर तीर चलाने को तैयार हुआ

    लेकिन तभी बहन बोली मारो मारो भैया छाती

    पर निशाना साधो तुम्हारा तीर जंगल में चला

    जाए यह सुनकर बड़े भाई ने तीर छोड़ा लेकिन

    निशाना चूक गया फिर दूसरे भाई ने प्रयास

    किया लेकिन उसका तीर भी गलत दिशा में निकल

    गया इसी तरह एक-एक कर छह भाइयों ने तीर

    चलाए पर हर बार निशाना चूकते रहे तीर

    चलाने की बारी छोटे भाई की थी वह अपनी बहन

    को मारना नहीं चाहता था लेकिन उसके छह

    भाइयों ने उसे धमकाया अगर तेरा निशाना

    चूका तो तुझे भी मार देंगे बहन अपने छोटे

    भाई की बेबसी को समझ गई वह नहीं चाहती थी

    कि उसकी वजह से उसके सबसे प्रिय भाई की

    जान भी खतरे में पड़ जाए इसलिए उसने भारी

    मन से कहा मारो भैया छाती पर निशाना लगाना

    ताकि तीर सीधे मेरे हृदय में उतर जाए छोटे

    भाई की आंखों में आंसू भरा कांपते हाथों

    से उसने धनुष उठाया और तीर छोड़ दिया इस

    बार निशाना नहीं चुका तीर सीधा बहन की

    छाती में जा वह दर्द से करा उठी और कुछ ही

    पलों में प्राण त्याग दिए छह भाइयों ने

    मिलकर अपनी ही बहन के शरीर के टुकड़े किए

    और उसका मांस पकाने लगे लेकिन छोटा भाई इस

    घिनौने कृत्य में शामिल नहीं होना चाहता

    था वह अपनी बहन का मांस नहीं खा सकता था

    इसलिए उसने चुपके से कढ़ाई में कुछ

    मछलियां और केकड़े डाल दिए जब खाना परोसा

    गया तो उसने बहन के मांस को गुप्त रूप से

    एक गड्ढे में दबा दिया कुछ वर्षों बाद

    जहां बहन का मांस दफनाया गया था वहां एक

    बांस का पौधा उगाया समय के साथ वह पौधा

    बढ़ते-बढ़ते घने बांसों के झुंड में बदल

    गया कई साल बीत गए एक दिन एक महात्मा उस

    रास्ते से गुजरे उनकी नजर उस बांस के

    झुरमुट पर पड़ी और उन्होंने महसूस किया कि

    यह कोई साधारण बांस नहीं था इसमें एक

    अनोखी दिव्य ऊर्जा महसूस हो रही थी जो

    बाकी बांसों से अलग थी महात्मा ने सोचा

    क्यों ना इस बांस से एक बांसुरी बना ली

    जाए मैं इसे बजाकर गांव-गांव जाकर भिक्षा

    मांग सकूंगा यह सोचकर उन्होंने बांस की एक

    टहनी काटी और उससे एक सुंदर बांसुरी बना

    ली फिर भिक्षा मांगने के लिए एक गांव की

    ओर निकल पड़े नसीब का खेल देखिए महात्मा

    उसी गांव में पहुंच गए जहां सातों भाई

    रहते थे इस समय तक छह भाइयों की शादी हो

    चुकी थी जबकि सातवां भाई कुंवारा था जब वे

    सबसे बड़े भाई के घर के दरवाजे पर पहुंचे

    तो बांसुरी बजाते हुए भिक्षा मांगने लगे

    जैसे ही बांसुरी बजी उसमें से एक

    अजीबोगरीब आवाज निकलने लगी यही है सबसे

    बड़ा गुनहगार इसी ने बहन का किया शिकार

    बड़े भाई के घर मत बजाओ इसने प्रेम ममता

    सब ठुकराया यह सुनते ही बड़े भाई के

    रोंगटे खड़े हो गए बांसुरी से आती इस अजीब

    आवाज को सुनकर महात्मा चौंक गए लेकिन सबसे

    ज्यादा हैरानी बड़े भाई को हुई क्योंकि वह

    तुरंत पहचान गया कि यह आवाज उसकी उस बहन

    की है जिसे उन्होंने सातों भाइयों ने

    मिलकर जंगल में मार डाला था बड़े भाई को

    डर था कि कहीं उसकी सच्चाई सबके सामने

    उजागर ना हो जाए उसने महात्मा से कहा आप

    आगे बढ़ जाइए यहां भिक्षा मांगना व्यर्थ

    है इसके बाद जब जब महात्मा दूसरे भाइयों

    के घर भिक्षा मांगने गए बांसुरी से वही

    सच्चाई भरी आवाज निकलती जो उनके मन में डर

    भर देती भाइयों को डर सताने लगा कि उनकी

    घिनौनी करतूत कहीं सबके सामने ना आ जाए इस

    भय से उन्होंने महात्मा को गांव से भगा

    दिया लेकिन जब महात्मा सबसे छोटे भाई के

    घर पहुंचे और बांसुरी बजाई तो उसमें से

    मधुर स्वर गूंज उठा बजाओ रे बांसुरी सबसे

    छोटे भाई के घर जिसने मन की बात छुपाई

    युगों से रखा सहेज कर इस मधुर धुन को

    सुनते ही छोटा भाई भावुक हो उठा उसके दिल

    में एक अजीब सी हलचल हुई मानो कोई भूली

    बिसरी यादें जाग उठी हो उसने महात्मा से

    निवेदन किया महात्मा जी कृपया यह बांसुरी

    मुझे दे दीजिए मुझे लगता है कि इसमें मेरी

    कोई पुरानी यादें समाई हैं महात्मा ने

    उसकी भावनाओं को समझते हुए बांसुरी उसे

    सौंप दी छोटा भाई बांसुरी को घर ले आया और

    उसे एक साफ स्थान पर रखकर धूप दीप जलाकर

    उसकी पूजा की वह उस बांसुरी को श्रद्धा से

    देखने लगा मानो वह अपने खोए हुए अतीत को

    उसमें तलाश रहा हो कुछ दिनों के बाद उसे

    अपने घर में एक अजीब आहट महसूस हुई मानो

    कोई उसके साथ उस घर में रह रहा हो जब वह

    घर पर नहीं होता तो उसके घर की सफाई हो

    जाती वस्त्र सही ढंग से तह लगाए रहते और

    दीपक भी प्रज्वलित रहता यह देखकर वह चकित

    रह गया आखिरकार उसने यह जानने का निश्चय

    किया कि यह रहस्यमई काम कौन करता है एक

    दिन वह चुपचाप घर के एक कोने में छिप गया

    इस बारे में पता लगाने के लिए तभी उसकी

    आंखों के सामने चौंकाने वाला दृश्य आया

    बांसुरी से उसकी बहन की आत्मा बाहर निकलती

    घर की सफाई करती कपड़े को तह लगाती दीपक

    जलाती और फिर वापस बांसुरी में समा जाती

    यह देखकर छोटा भाई स्तब्ध रह गया अगले दिन

    उसने अपनी बड़ी भाभी से इस रहस्य को साझा

    किया बड़े भाई ने अपनी भाभी को बताया भाभी

    जब मैं घर पर नहीं होता तो बांसुरी से

    मेरी छोटी बहन की आत्मा निकलती है वह सारा

    कामकाज करती है और फिर वापस उसी बांसुरी

    में समा जाती है यह सुनकर भाभी भी हैरान

    रह गई उन्होंने गंभीरता से कहा जब अगली

    बार तुम्हारी बहन की आत्मा बांसुरी से

    बाहर आए तो तुरंत बांसुरी को अग्नि में

    डाल देना और उस पर गंगाजल का छिड़काव करना

    लेकिन ध्यान रहे कि तुम्हारे भाइयों को इस

    बारे में जरा भी भनक ना लगे और यह सब

    बातें सबसे बड़ा भाई बाहर खड़े होकर सुन

    रहा था वह तुरंत अपने बाकी पांच भाइयों के

    पास गया और उन्हें सब बातें बता दी सभी

    भाई डर गए कि जो नीच हरकत उन्होंने कई

    वर्षों पहले की थी वह कहीं सभी गांव वालों

    के सामने ना आ जाए सभी ने मिलकर एक

    षड्यंत्र रचा और चालाकी से जब छोटा भाई

    बांसुरी को जलाने के लिए जंगल में लकड़ी

    लेने जा रहा था तभी उसे वहां कैद कर लिया

    और उसके घर जाकर बांसुरी चुरा ली और सभी

    भाइयों ने बांसुरी को तोड़कर नदी में

    फेंकने का सोचा तभी वहां वहीं संत प्रकट

    हो गए जिन्होंने छोटे भाई को बांसुरी दी

    थी भाइयों और संत के बीच कहासनी इतनी बढ़

    गई कि उन्होंने संत को पानी में फेंक दिया

    इसी बीच मौका पाते ही छोटे भाई ने बांसुरी

    चुरा ली और भागते हुए अपनी भाभी के पास

    गया और वहां पहुंचते ही आग जलाकर बांसुरी

    को आग में रख दिया और ऊपर से गंगाजल का

    छिड़काव कर दिया जैसे ही बांसुरी में

    गंगाजल पड़ा उसमें से एक तेज रोशनी बाहर

    आने लगी और देखते ही देखते उसकी बहन की

    आत्मा पूरी तरीके से बांसुरी के बाहर आ गई

    और जीवित हो गई अपनी बहन को इतने सालों

    बाद जीवित देखना छोटे भाई के लिए कोई

    चमत्कार से कम ना था उसने रोते हुए अपनी

    बहन को गले लगा लिया बहन के पुनर्जीवित

    होने की खबर पूरे गांव में जंगल की आग की

    तरह फैल गई लोग इस चमत्कार को सुनकर

    स्तब्ध रह गए कि एक मृत लड़की कैसे फिर से

    जीवित हो सकती है जब गांव के लोग इकट्ठा

    हुए तो छोटे भाई ने खुद सभी के सामने आकर

    पूरी सच्चाई बयां की उसने भारी मन से कहा

    मेरे छह भाइयों ने अपनी स्वाद की लालसा

    में आकर मेरी मासूम बहन की बेरहमी से

    हत्या कर दी थी उन्होंने उसे जंगल में ले

    जाकर पहले धोखे से बंधक बनाया और फिर उस

    पर वार करने की योजना बनाई जब उनका निशाना

    चूकने लगा तो उन्होंने मुझे मजबूर किया कि

    मैं अपनी ही बहन पर तीर चलाऊं चाहकर भी

    मैं उनकी बातों का विरोध नहीं कर सका और

    आखिरकार अपनी बहन के सीने में तीर मार

    दिया इतना ही नहीं मेरे भाइयों ने उसके शव

    को टुकड़ों में काटा और उसका मांस पकाकर

    खा लिया मैं इस अपराध में शामिल नहीं था

    लेकिन मजबूरी में मैं भी उस भयावह घटना का

    गवाह बना जैसे ही छोटे भाई ने गांव वालों

    को पूरी सच्चाई बताई उनके रोंगटे खड़े हो

    गए उनके दिलों में आक्रोश की ज्वाला फूट

    पड़ी उन्होंने कहा ऐसे लोगों को जीने का

    कोई अधिकार नहीं जिन्होंने अपनी बहन के

    साथ ऐसा अत्याचार किया इधर जब छव भाई मौज

    मस्ती कर अपने घर वापस लौट रहे थे तब

    उन्हें गांव का वातावरण कुछ बदला हुआ लगा

    सभी लोग उन्हें घृणा और आक्रोश भरी नजरों

    से देख रहे थे पहले तो उन्हें मामला कुछ

    समझ नहीं आया लेकिन जैसे ही उन्होंने अपने

    छोटे भाई को अपनी बहन के साथ गांव के

    बाजार में देखा वह आश्चर्यचकित हो गए और

    डर के मारे कांपने लगे और उन्हें मामला

    समझते देर ना लगी उन्हें पता चल गया कि

    छोटे भाई ने गांव वालों को पूरी घटना बता

    दी है और वह सब अब मिलकर उन्हें बीच

    चौराहे में पेड़ के साथ बांधकर जलाकर खाक

    कर देंगे सभी भाइयों ने सोचा कि वह जंगल

    की ओर भागकर अपनी जान बचाएंगे और बचा हुआ

    जीवन जंगल में ही बिताएंगे इतना सोच वह घर

    पहुंच अपना सारा सामान बांधने लग गए लेकिन

    उनके घर के बाहर खड़ा एक गांव वाला सब देख

    रहा था वह जल्दी से बाकी लोगों के पास गया

    और सब कुछ बता दिया सभी लोग मशाल लाठी

    रस्सी आदि लेकर भाइयों के घर गए और उनके

    घर को घेर कर सभी भाइयों को बंदी बनाकर

    घसीटते हुए गांव के चौक में ले जाकर एक

    पेड़ के साथ बांध दिया इसके बाद सभी गांव

    वालों ने सोचा कि अब इन्हें जलाकर खाक कर

    दिया जाए परंतु उसी समय छोटा भाई और उसकी

    बहन वहां आ पहुंचे और गांव वालों को ऐसा

    करने से मना कर दिया उन्होंने कहा ऐसा

    करने से इनमें और हम सब में क्या फर्क रह

    जाएगा आप सब इन्हें गांव से निकाल दीजिए

    और जंगल में रहने के लिए छोड़ दीजिए और

    कोई भी इन्हें संपर्क ना करें यही इनकी

    सजा रहे इतना कहने पर गांव वालों ने छहों

    भाइयों को जंगल में छोड़ दिया छहों भाई

    जंगल में रात दिन भटकते रहे घूमते-घूमते

    एक दिन वह उसी बांस के पेड़ के पास पहुंचे

    जहां उनकी बहन का मांस दफनाया गया था वह

    उसी पेड़ के पास रहने लग गए उन्होंने उसी

    बांस के पेड़ से रहने के लिए तंबू बनाया

    और जब भी बारिश होती तब उस बांस में पानी

    ईखा हो जाता जो छहों भाइयों के काम आता

    कुछ समय बाद सभी भाई एक-एक कर एक लालाज

    बीमारी का शिकार हुए और चल बसे इधर छोटा

    भाई अपनी बहन के लिए अत्यंत खुश था

    क्योंकि इतने वर्ष बाद अपनी बहन को जीवित

    देखना उसके लिए कोई चमत्कार से कम ना था

    उसने एक नए जीवन की शुरुआत की और अपनी बहन

    के साथ एक सुखी जीवन व्यतीत करने लगा और

    अपने बीते हुए कल को दोनों ने भुला दिया

    ऐसी रोमांचक और दिलचस्प कहानियां हमारे

    Website पर आती रहती हैं

  • औरत को मजा कब आता है Unmarried not 🚭 open Love story hindi

    आज हम इस कहानी में जानेंगे कि महिलाओं को

    कब सबसे ज्यादा संबंध बनाने की इच्छा होती

    है और कैसे एक पति को अपनी पत्नी के दिल

    और दिमाग को समझना चाहिए। यह जानकारी पूरी

    तरह एजुकेशनल है और आपके रिश्ते को बेहतर

    बनाने में मदद करेगी। सबसे पहले यह बात

    अच्छे से समझ लीजिए। महिलाएं भी इंसान ही

    होती हैं। उनके शरीर में भी वही हार्मोंस

    होते हैं जो पुरुषों में होते हैं। बस

    फर्क इतना है कि महिलाएं अपनी बातों को

    खुलकर नहीं कहती। वह सोचती हैं लोग क्या

    कहेंगे कहीं बुरा ना मान जाए इस वजह से

    उनकी इच्छाएं दब जाती हैं। लेकिन अंदर से

    उनका दिल और दिमाग भी वैसे ही काम करता

    है। उन्हें भी प्यार, स्पर्श और अपनापन

    चाहिए होता है। तो अगर आप यह सोचते हैं कि

    महिलाओं को मन नहीं करता तो यह एक बहुत

    बड़ी गलतफहमी है। महिलाओं में हर महीने

    पीरियड्स का चक्कर चलता है। इसमें एक वक्त

    ऐसा आता है जिसे हम कहते हैं ओवुलेशन

    टाइम। यह वही समय होता है जब महिला के

    शरीर में गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा

    होती है। वैज्ञानिक कहते हैं कि ओवुलेशन

    के आसपास ही महिलाओं में इच्छा ज्यादा हो

    सकती है। इसका कारण है हार्मोनल बदलाव,

    मूड का अच्छा रहना, शरीर में ज्यादा ऊर्जा

    महसूस होना। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा

    कि कुछ महिलाओं को पीरियड साइकिल के मिड

    में ज्यादा रोमांटिक महसूस होता है। लेकिन

    सिर्फ हार्मोन ही सब कुछ नहीं करते।

    महिलाओं के लिए प्यार, अपनापन और भरोसा

    सबसे जरूरी है। अगर आप अपनी पार्टनर को

    दिल से प्यार करते हैं, उनकी बातें सुनते

    हैं, उनका ख्याल रखते हैं, तो वह खुद ब

    खुद आपके करीब आना चाहती हैं। महिलाएं जब

    भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस करती हैं,

    तब उनके लिए संबंध बनाना और भी खास हो

    जाता है। ऐसे में पुरुषों को भी समझदारी

    दिखानी चाहिए। कभी भी महिला को जबरदस्ती

    मजबूर मत करो। उसके मन का ध्यान रखो। बहुत

    लोग पूछते हैं, किस उम्र में महिलाओं की

    इच्छा सबसे ज्यादा होती है? देखिए इसका

    सीधा जवाब है यह हर महिला के शरीर और सोच

    पर निर्भर करता है। वैज्ञानिक रिसर्च

    बताती है कि 20 से 40 साल के बीच महिलाओं

    की इच्छा सबसे ज्यादा रहती है। खासकर शादी

    के कुछ साल बाद जब रिश्ते में समझदारी आ

    जाती है और आत्मविश्वास बढ़ जाता है। कई

    बार बच्चे बड़े हो जाते हैं तो

    जिम्मेदारियां थोड़ी कम हो जाती हैं। ऐसे

    में महिलाएं अपनी इच्छाओं को खुलकर महसूस

    कर पाती हैं। महिलाओं के लिए माहौल बहुत

    मायने रखता है। पुरुषों की तरह महिलाएं

    तुरंत मूड में नहीं आती। उनके लिए माहौल

    बनाना पड़ता है। जैसे साफ सुथरा कमरा,

    हल्की लाइट या कैंडल लाइट, रोमांटिक गाने,

    खुशबूदार, परफ्यूम प्यार भरी बातें। इन सब

    चीजों से महिला का मूड बनता है और वह आपके

    करीब आना चाहती हैं। महिलाएं सीधा बोलेंगी

    नहीं। चलो संबंध बनाते हैं। वह इशारों में

    बताती हैं। कई बार वह आपसे ज्यादा नजदीक

    बैठती हैं। आपका हाथ पकड़ती हैं। आंखों

    में देखकर मुस्कुराती हैं। आपको छूकर

    बातें करती हैं। यह उनके मन का इशारा होता

    है कि वह भी आपके साथ समय बिताना चाहती

    हैं। ऐसे में पुरुष को ध्यान से समझना

    चाहिए और प्यार से आगे बढ़ना चाहिए।

    महिलाएं दिन भर घर, बच्चे और काम में लगी

    रहती हैं। उन्हें सिर दर्द, थकावट या

    स्ट्रेस हो सकता है। इस वजह से उनका मूड

    बिगड़ सकता है। अगर पत्नी परेशान है तो

    उसका मन भी नहीं करेगा। ऐसे में पति को

    चाहिए कि वह उनकी मदद करें, बातें शेयर

    करें, कोई टेंशन ना दें। इससे महिला

    रिलैक्स महसूस करेगी और आपका रिश्ता भी

    मजबूत रहेगा। पत्नी की इज्जत करें। उसकी

    मर्जी सबसे जरूरी है। जबरदस्ती बिल्कुल मत

    करें। रोमांटिक बातें करें। तारीफ करें।

    महिलाएं तारीफ सुनना पसंद करती हैं। गंदे

    कपड़े और बदबू से बचें। महिलाएं साफ सफाई

    पर ध्यान देती हैं। कुछ लोग मानते हैं कि

    महिलाएं कभी पहल नहीं करती। यह गलत है। जब

    सही माहौल और भरोसा होता है तो महिलाएं भी

    चाहत जाहिर करती हैं। कुछ लोग सोचते हैं

    कि उम्र के साथ इच्छा खत्म हो जाती है। यह

    भी जरूरी नहीं। जब तक शरीर और मन से

    स्वस्थ हैं तब तक महिला को भी नजदीकी की

    जरूरत होती है। कभी-कभी महिलाओं को लगे कि

    उनमें इच्छा कम हो रही है तो डरने की बात

    नहीं है। पहले डॉक्टर से सलाह लें।

    हार्मोन टेस्ट कराएं। योग, मेडिटेशन और

    हेल्दी खाना खाएं। रिलेशन में खुलकर बात

    करें। अक्सर बातें छुपाने से समस्या बढ़

    जाती है। याद रखिए शारीरिक संबंध सिर्फ

    शरीर का खेल नहीं है। यह दिल और दिमाग से

    भी जुड़ा होता है। महिलाओं को भरोसा,

    सम्मान और प्यार चाहिए। अगर यह सब होगा तो

    रिश्ता मजबूत रहेगा और दोनों खुश रहेंगे।

    रोमांटिक डेट प्लान करें। कभी फूल दें,

    कभी सरप्राइज गिफ्ट दें। बच्चों से अलग

    कुछ टाइम निकालें। पार्टनर को सुने और

    समझें। हमेशा पॉजिटिव बातें करें। इन सब

    बातों से प्यार बढ़ता है और नजदीकी भी। तो

    दोस्तों, आज आपने जाना कि औरत को कब सबसे

    ज्यादा संबंध बनाने का मन होता है। अब यह

    बात आपके दिमाग में साफ हो गई होगी कि

    महिलाओं में भी उतनी ही इच्छा होती है

    जितनी पुरुषों में। बस फर्क इतना है कि वह

    अपने मन को खुलकर कह नहीं पाती। आप अगर

    अपनी पत्नी या पार्टनर को समझोगे, सपोर्ट

    करोगे और प्यार दोगे तो वह भी खुलकर अपनी

    बातें कहेंगी। अगर आपको यह जानकारी पसंद

    आई हो तो इस कहानी को अपने

    दोस्तों और फैमिली में शेयर करें ताकि

    गलतफहमियां दूर हो। और हां अगर

    कोई सवाल हो तो कमेंट में जरूर बताना। मैं

    हर सवाल का जवाब दूंगा। रिश्ते में प्यार,

    भरोसा और इज्जत हमेशा बनाए रखिए।

    धन्यवाद